Tag: Simhastha 2028 preparation

  • सिंहस्थ 2028 से पहले बड़ी तैयारी: गढ़कालिका मंदिर में बढ़ेंगी श्रद्धालु सुविधाएं

    सिंहस्थ 2028 से पहले बड़ी तैयारी: गढ़कालिका मंदिर में बढ़ेंगी श्रद्धालु सुविधाएं


    नई दिल्ली । धार्मिक नगरी उज्जैन में स्थित ऐतिहासिक गढ़कालिका मंदिर के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए 15.50 करोड़ रुपए की विस्तृत परियोजना तैयार की गई है। इस योजना का उद्देश्य सिंहस्थ 2028 से पहले मंदिर परिसर को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना और बढ़ती श्रद्धालु भीड़ को बेहतर तरीके से संभालना है। उज्जैन स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत इस कार्य के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही चयनित एजेंसी को काम सौंपा जाएगा।

    गढ़कालिका मंदिर को उज्जैन की उत्तरी सीमा का रक्षक और एक प्रमुख शक्तिपीठ माना जाता है। यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। नई परियोजना के तहत मंदिर परिसर की क्षमता को मौजूदा 3 से 5 हजार श्रद्धालुओं से बढ़ाकर 10 से 12 हजार श्रद्धालुओं तक किया जाएगा। वहीं सिंहस्थ 2028 के दौरान लगभग 50 हजार लोगों की भीड़ को संभालने की व्यवस्था की जाएगी।

    आधुनिक सुविधाओं से सजेगा मंदिर परिसर
    परियोजना के अंतर्गत मंदिर के शिखर और संरचना की मजबूती पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पुराने चूना प्लास्टर का नवीनीकरण किया जाएगा और मंदिर के अग्रभाग को आकर्षक स्वरूप दिया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए छायादार प्रतीक्षालय, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय और आधुनिक कतार प्रबंधन प्रणाली विकसित की जाएगी।

    प्रवेश-निकास और पार्किंग व्यवस्था में सुधार
    मंदिर परिसर में भीड़ नियंत्रण के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार बनाए जाएंगे, जिससे दर्शन व्यवस्था अधिक सुचारु हो सके। इसके साथ ही लगभग 50 वाहनों की पार्किंग सुविधा विकसित की जाएगी। दिव्यांगजनों के लिए रैंप और विशेष पत्थर मार्ग भी बनाए जाएंगे ताकि सभी श्रद्धालुओं को आसानी से दर्शन का लाभ मिल सके।

    रोशनी और सौंदर्यीकरण पर भी जोर
    मंदिर परिसर को रात के समय आकर्षक बनाने के लिए “वॉर्म एम्बर” थीम आधारित लाइटिंग की जाएगी, जिससे गढ़कालिका मंदिर की धार्मिक और सांस्कृतिक भव्यता और अधिक निखरेगी।

    एक साल में पूरा होगा प्रोजेक्ट
    उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह के अनुसार, चयनित एजेंसी को एक वर्ष के भीतर परियोजना पूरा करने का लक्ष्य दिया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस विकास कार्य के बाद गढ़कालिका मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का बड़ा केंद्र बनेगा, बल्कि उज्जैन के पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। `

  • रेल सुरक्षा और सिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज डीजीपी मकवाणा ने बुलाई हाई लेवल बैठक

    रेल सुरक्षा और सिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज डीजीपी मकवाणा ने बुलाई हाई लेवल बैठक


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक में रेलवे सुरक्षा और आगामी सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर व्यापक रणनीति बनाई गई बैठक की अध्यक्षता पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने की जिसमें राज्य और केंद्र की कई प्रमुख सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी शामिल हुए

    इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश से होकर गुजरने वाले विस्तृत रेलवे नेटवर्क की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और बड़े आयोजनों के मद्देनजर समय रहते तैयारी सुनिश्चित करना था मध्य प्रदेश देश के महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर का केंद्र है ऐसे में यहां की सुरक्षा व्यवस्था का मजबूत होना बेहद जरूरी माना जा रहा है

    पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि रेलवे सुरक्षा से जुड़े हर पहलू पर पहले से तैयारी की जाए और लगातार निगरानी रखी जाए उन्होंने कहा कि यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा सुविधा देना सर्वोच्च प्राथमिकता है इसके लिए संबंधित सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करना होगा

    बैठक में विशेष रूप से सिंहस्थ 2028 जैसे विशाल धार्मिक आयोजन को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक सुरक्षा रणनीति तैयार करने पर जोर दिया गया सिंहस्थ के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आवागमन को देखते हुए रेल यातायात प्रबंधन भीड़ नियंत्रण अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन और स्टेशन प्रबंधन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई

    इसके साथ ही रेलवे परिसरों में कानून व्यवस्था बनाए रखने ट्रैक को अवरोधमुक्त रखने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने महिला और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा बढ़ाने और अपराधों की रोकथाम जैसे मुद्दों पर भी मंथन किया गया अधिकारियों ने संवेदनशील स्टेशनों पर विशेष सुरक्षा प्रबंधन और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर भी विचार रखा

    बैठक में राज्य पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ साथ रेलवे और खुफिया एजेंसियों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए जिनमें रेलवे के विभिन्न जोन और सुरक्षा बलों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े इस दौरान बहु एजेंसी समन्वय को और प्रभावी बनाने पर सहमति बनी ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके

    इस तरह की बैठक को राज्य और केंद्र के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है खासतौर पर ऐसे समय में जब बड़े धार्मिक आयोजनों और बढ़ते रेल यातायात के चलते सुरक्षा चुनौतियां भी बढ़ रही हैं

    कुल मिलाकर यह बैठक रेलवे सुरक्षा को सुदृढ़ करने और सिंहस्थ 2028 जैसे बड़े आयोजन को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने की दिशा में एक ठोस पहल के रूप में देखी जा रही है आने वाले समय में इन योजनाओं के क्रियान्वयन पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी

  • उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण पर बवाल: पाटीदार ब्रिज पर चक्का जाम, 24 मीटर रोड के खिलाफ रहवासी सड़कों पर

    उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण पर बवाल: पाटीदार ब्रिज पर चक्का जाम, 24 मीटर रोड के खिलाफ रहवासी सड़कों पर


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के Ujjain में एमआर-4 रोड चौड़ीकरण को लेकर रहवासियों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे सैकड़ों स्थानीय लोगों ने Patidar Bridge, Ujjain पर चक्का जाम कर दिया, जिससे सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे सड़क चौड़ीकरण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इसे 24 मीटर के बजाय 18 मीटर तक ही सीमित रखा जाए।
    दरअसल प्रशासन आगामी Simhastha Kumbh Mela 2028 को देखते हुए शहर की प्रमुख सड़कों को चौड़ा करने की योजना पर काम कर रहा है। इसी योजना के तहत एमआर-4 मार्ग को Rankeshwar Dham से Gadi Adda, Ujjain तक 24 मीटर चौड़ा करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रशासन का कहना है कि सिंहस्थ के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए यह चौड़ीकरण जरूरी है।

    हालांकि इस योजना से स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ गया है।

    प्रशासनिक अनुमान के अनुसार इस सड़क के चौड़ीकरण से करीब 190 मकान और दुकानों पर असर पड़ सकता है। यही वजह है कि प्रभावित क्षेत्रों के रहवासी लगातार इसका विरोध कर रहे हैं। दारू गोदाम, अमर नगर और प्रीति नगर इलाके के सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और पाटीदार ब्रिज पर प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

    स्थानीय रहवासी योगेश साहू का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन 24 मीटर चौड़ी सड़क बनने से कई घर आंशिक रूप से टूट जाएंगे और उनमें रहना मुश्किल हो जाएगा। उनका कहना है कि अगर सड़क को 18 मीटर तक चौड़ा किया जाए तो विकास भी होगा और लोगों के मकान भी सुरक्षित रह सकेंगे।

    इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन विरोध प्रदर्शन हुआ है। इससे पहले गुरुवार को करीब 400 से ज्यादा लोग अपने क्षेत्रीय विधायक Anil Jain Kalukheda के आगर रोड स्थित कार्यालय पहुंच गए थे और सड़क चौड़ीकरण योजना पर नाराजगी जताई थी। उस समय स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब विधायक वहां से जाने लगे और आक्रोशित लोगों ने उनकी गाड़ी रोक ली। इसके बाद लोगों ने उन्हें भाजपा कार्यालय तक ले जाकर अपनी बात रखी।

    बताया जा रहा है कि इस दौरान कई महिलाएं रोते हुए कार्यालय के अंदर पहुंच गईं और जोरदार नारेबाजी की।

    करीब एक घंटे तक वहां हंगामे जैसी स्थिति बनी रही।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने इस मुद्दे को लेकर प्रशासन से लेकर राज्य सरकार तक कई बार आवेदन दिए हैं। उनका दावा है कि कलेक्टर से लेकर मुख्यमंत्री तक को ज्ञापन सौंपा जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला है। इसी कारण मजबूर होकर उन्हें सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ रहा है।

    अब देखना होगा कि प्रशासन और रहवासियों के बीच इस विवाद का समाधान कैसे निकलता है, क्योंकि एक ओर सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के लिए सड़क चौड़ीकरण जरूरी बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सैकड़ों परिवार अपने घर और कारोबार बचाने की मांग कर रहे हैं।