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  • दिव्यांगों की आवाज बने राहुल शाह, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन; शिक्षा, रोजगार और सुविधाओं की उठाई मांग

    दिव्यांगों की आवाज बने राहुल शाह, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन; शिक्षा, रोजगार और सुविधाओं की उठाई मांग


    नई दिल्ली ।सिंगरौली जिले के मूकबधिर एवं अन्य दिव्यांगजनों ने अपनी समस्याओं और लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर नवागत कलेक्टर गौरव बैनल से मुलाकात की। दिव्यांगजनों के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और विशेष सुविधाओं से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से आग्रह किया कि दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने के लिए प्रभावी एवं जमीनी स्तर पर कदम उठाए जाएं।

    बैठक के दौरान दिव्यांग समुदाय का नेतृत्व कर रहे राहुल शाह ने कलेक्टर को अपनी जिम्मेदारियों और कार्यों से अवगत कराया। उन्होंने अपने दस्तावेज और प्रमाण पत्र प्रस्तुत करते हुए बताया कि उन्हें दिव्यांग व्यक्तियों से जुड़े मामलों में सहयोग और मार्गदर्शन के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा अधिकृत किया गया है। राहुल शाह ने कहा कि उनका उद्देश्य देशभर के मूकबधिर और दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा करना तथा उनकी समस्याओं को संबंधित संस्थाओं और न्यायिक मंचों तक पहुंचाना है। इसी उद्देश्य के तहत वे सिंगरौली के मूकबधिर समुदाय की आवाज बनकर कलेक्ट्रेट पहुंचे हैं।

    प्रतिनिधिमंडल की सबसे प्रमुख मांग जिले में बंद पड़े मूकबधिर बच्चों के विशेष विद्यालय को दोबारा शुरू करने की रही। राहुल शाह ने बताया कि पूर्व में संचालित यह विद्यालय कई कारणों से बंद हो गया था, जिससे जिले के दिव्यांग बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि विद्यालय के पुनः संचालन से सैकड़ों बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य का अवसर मिल सकेगा।

    इसके अलावा दिव्यांगजनों ने जिले में संचालित औद्योगिक कंपनियों के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी फंड के माध्यम से कौशल विकास और स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की मांग भी रखी। उनका कहना था कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम दिव्यांग युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    बैठक में मौजूद अन्य दिव्यांगजनों ने रोजगार के अवसर बढ़ाने, विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने, बेरा टेस्ट की सुलभ सुविधा उपलब्ध कराने, साइन लैंग्वेज विशेषज्ञों की नियुक्ति करने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के सीधे दिव्यांगजनों तक पहुंचाने की मांग की। साथ ही खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए मंच उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया गया ताकि दिव्यांग प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।

    कलेक्टर गौरव बैनल ने प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों और सुझावों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित अधिकारियों को इन पर आवश्यक परीक्षण और कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने दिव्यांगजनों की समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का भरोसा दिलाया।

    कलेक्टर की ओर से मिले आश्वासन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन जल्द ही विशेष विद्यालय के पुनः संचालन, रोजगार सृजन और अन्य सुविधाओं की दिशा में ठोस कदम उठाएगा। इससे जिले के दिव्यांगजनों को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक भागीदारी के नए अवसर प्राप्त हो सकेंगे।

  • सिंगरौली बैंक डकैती का बड़ा खुलासा: बिहार से दो आरोपी गिरफ्तार, अंतरराज्यीय गिरोह का नेटवर्क उजागर

    सिंगरौली बैंक डकैती का बड़ा खुलासा: बिहार से दो आरोपी गिरफ्तार, अंतरराज्यीय गिरोह का नेटवर्क उजागर


    नई दिल्ली। सिंगरौली जिले के वैढ़न स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा में 17 अप्रैल को हुई सनसनीखेज डकैती मामले में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। वैढ़न थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बिहार से दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चंदन उर्फ चईया यादव (21) और गुलशन (19) के रूप में हुई है, जो बिहार के नालंदा जिले के नगरनौसा थाना क्षेत्र के खीरूबिगहा गांव के निवासी बताए जा रहे हैं।

    पुलिस रिमांड पर पूछताछ, गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश
    दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर सात दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस उनसे लगातार पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और डकैती की पूरी साजिश का खुलासा किया जा सके।
    अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ से कई अहम सुराग मिल सकते हैं, जो पूरे नेटवर्क को उजागर करने में मदद करेंगे।

     जेल में बंद मास्टरमाइंड ने रची थी पूरी साजिश
    पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हाई-प्रोफाइल डकैती का मास्टरमाइंड सुबोध सिंह है, जो फिलहाल पटना की बेऊर जेल में बंद है। बताया जा रहा है कि उसने ओडिशा की कुचिंडा जेल में बंद अपने सहयोगी पीयूष जायसवाल के जरिए इस वारदात की योजना बनाई और उसे अंजाम तक पहुंचाया।
    गिरफ्तार आरोपी लूटे गए माल को ठिकाने लगाने और नेटवर्क को सपोर्ट करने में भूमिका निभा रहे थे।

     पहले से कई आरोपी गिरफ्तार, अंतरराज्यीय गैंग का खुलासा
    इस मामले में पहले ही फंटूस, कमलेश, पंकज, राजेश और छोटू सहित कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच में यह साफ हो गया है कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोह है, जो कई राज्यों में सक्रिय था। पुलिस अब गिरोह के वित्तीय नेटवर्क और फरार आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

    लूटे गए माल की बरामदगी पर अभी भी सस्पेंस
    पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री ने बताया कि दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। हालांकि, डकैती में लूटे गए सोने और नकदी की बरामदगी को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    बैंक में हुई थी करोड़ों की डकैती, पूरे क्षेत्र में मचा था हड़कंप
    गौरतलब है कि 17 अप्रैल को दिनदहाड़े बैंक ऑफ महाराष्ट्र में हथियारबंद बदमाशों ने फायरिंग कर करीब 9-10 किलो सोना और लगभग 20 लाख रुपये नकद लूट लिए थे। इस वारदात की कुल कीमत करीब 15 करोड़ रुपये आंकी गई थी, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया था।

  • सिंगरौली ने रचा इतिहास खनिज राजस्व में 4681 करोड़ की रिकॉर्ड वसूली

    सिंगरौली ने रचा इतिहास खनिज राजस्व में 4681 करोड़ की रिकॉर्ड वसूली


    सिंगरौली । मध्यप्रदेश का सिंगरौली जिला एक बार फिर अपनी पहचान को मजबूत करते हुए सुर्खियों में आ गया है इस बार वजह है खनिज राजस्व वसूली में बनाया गया ऐतिहासिक रिकॉर्ड वित्तीय वर्ष 2025 26 में जिले ने 4681.05 करोड़ रुपये की शानदार वसूली कर न केवल अपने तय लक्ष्य का 96.86 प्रतिशत हासिल किया बल्कि पूरे प्रदेश में पहला स्थान भी कायम रखा है

    सिंगरौली को देश के प्रमुख खनन क्षेत्रों में गिना जाता है यहां कोयला और अन्य खनिज संसाधनों की प्रचुरता है यही कारण है कि जिले की अर्थव्यवस्था में खनन का अहम योगदान रहता है इस बार प्रशासन ने योजनाबद्ध रणनीति और कड़ी निगरानी के साथ राजस्व वसूली को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है

    केवल खनिज राजस्व ही नहीं बल्कि कर वसूली के क्षेत्र में भी जिले ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है प्रशासन ने निर्धारित लक्ष्य का 97.61 प्रतिशत हासिल करते हुए 946.80 करोड़ रुपये की वसूली की है यह आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि जिले में वित्तीय प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था बेहद मजबूत हुई है

    इस उपलब्धि के पीछे प्रशासन की सख्ती और पारदर्शी कार्यप्रणाली को मुख्य कारण माना जा रहा है खासतौर पर अवैध खनन के खिलाफ अपनाई गई जीरो टॉलरेंस नीति ने बड़ा असर दिखाया है पूरे साल में 289 मामलों में कार्रवाई करते हुए 2.20 करोड़ रुपये की वसूली की गई है इससे न केवल अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगा है बल्कि सरकारी राजस्व में भी वृद्धि हुई है

    जिला प्रशासन का कहना है कि यह सफलता किसी एक विभाग की नहीं बल्कि सामूहिक प्रयासों का परिणाम है खनिज विभाग अधिकारियों और मैदानी अमले की लगातार निगरानी और समन्वय के कारण यह संभव हो सका है साथ ही तकनीक के उपयोग और पारदर्शी व्यवस्था ने भी इस प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया है

    सिंगरौली का यह प्रदर्शन पूरे प्रदेश के लिए एक उदाहरण बन गया है यह दिखाता है कि यदि सही रणनीति और कड़ाई से नियमों का पालन किया जाए तो राजस्व वसूली में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है आने वाले समय में भी प्रशासन इस गति को बनाए रखने और नए कीर्तिमान स्थापित करने की दिशा में काम करता रहेगा

    इस उपलब्धि ने न केवल जिले की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है बल्कि प्रदेश स्तर पर उसकी पहचान को भी और सशक्त किया है सिंगरौली का यह मॉडल अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है जहां खनन और राजस्व प्रबंधन को लेकर सुधार की आवश्यकता है