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  • 15 लाख कैश और सोने के साथ दबोचा गया लुटेरा सिंगरौली बैंक कांड में पुलिस को बड़ी सफलता

    15 लाख कैश और सोने के साथ दबोचा गया लुटेरा सिंगरौली बैंक कांड में पुलिस को बड़ी सफलता


    सिंगरौली । मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में हुई सनसनीखेज बैंक डकैती के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है 17 अप्रैल को दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया था लेकिन अब जांच में अहम प्रगति सामने आई है पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है जिसके पास से भारी मात्रा में नकदी और सोना बरामद हुआ है

    यह डकैती बैंक ऑफ महाराष्ट्र की बैढ़न शाखा में हुई थी जहां पांच हथियारबंद बदमाशों ने बेहद सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया था गिरफ्त में आए आरोपी की पहचान कमलेश कुमार के रूप में हुई है जो बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला बताया जा रहा है

    आवेदक को रेलवे सुरक्षा बल ने बिहार के रोहतास जिले स्थित डेहरी-ऑन-सोन रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया। वह पटना सिंगरौली एक्सप्रेस ट्रेन से अपने गांव लौट आया। कोशिश कर रहा था तलाशी के दौरान उसके पास से 15 लाख 72 हजार रुपये नकद और 61 ग्राम सोना बरामद किया गया जिसकी कुल कीमत करीब 25 लाख रुपये आंकी जा रही है पूछताछ में आरोपी ने डकैती में शामिल होने की बात कबूल कर ली है पुलिस के अनुसार वारदात के बाद वह अपने हिस्से का माल लेकर फरार हो गया था और अब पकड़ा गया है

    घटना के दिन दोपहर में पांच बदमाश हथियारों से लैस होकर बैंक में घुसे थे उनके पास पिस्टल और देशी कट्टे थे उन्होंने महज 15 से 20 मिनट के भीतर पूरी डकैती को अंजाम दे दिया बैंक में घुसते ही उन्होंने कर्मचारियों और ग्राहकों को बंधक बना लिया और सभी के मोबाइल फोन छीनकर एक जगह रखवा दिए विरोध करने या आवाज उठाने पर हवाई फायरिंग कर दहशत फैलाई गई

    बदमाशों ने बैंक मैनेजर को धमकाकर लॉकर की चाबियां निकलवाईं और गोल्ड लोन से जुड़े पांच लॉकर खोलकर करीब ढाई किलो सोने के आभूषण लूट लिए इसके अलावा कैश काउंटर से भी बड़ी रकम लेकर फरार हो गए वारदात के बाद आरोपी दो बाइकों पर सवार होकर मौके से भाग निकले
    घटनास्थल से एक देशी कट्टा बरामद हुआ है जबकि बैंक के सीसीटीवी कैमरों में तीन आरोपियों के चेहरे साफ नजर आए हैं जिससे जांच को गति मिली है

    मामले की गंभीरता को देखते हुए कैलाश मकवाना ने खुद मोर्चा संभाला है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है पुलिस ने सीमावर्ती इलाकों में सघन चेकिंग शुरू कर दी है और विशेष टीमों का गठन कर लगातार दबिश दी जा रही है अब तक इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि तीन अभी भी फरार हैं पुलिस को उम्मीद है कि गिरफ्तार आरोपी से मिले सुरागों के आधार पर बाकी आरोपियों को भी जल्द पकड़ लिया जाएगा

    प्रारंभिक जांच में यह साफ हुआ है कि यह डकैती पूरी तरह से योजनाबद्ध थी आरोपियों को बैंक की संरचना और लॉकर सिस्टम की पहले से जानकारी थी फिलहाल पुलिस पूरे गिरोह तक पहुंचने और लूट का बाकी सामान बरामद करने में जुटी हुई है

  • बीजेपी पार्षद पर हमला करने का आरोपः बिजली कर्मचारियों से मारपीट, गाड़ी में तोड़फोड़ से हड़कंप

    बीजेपी पार्षद पर हमला करने का आरोपः बिजली कर्मचारियों से मारपीट, गाड़ी में तोड़फोड़ से हड़कंप


    सिंगरौली । मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में एक बार फिर जनप्रतिनिधि की दबंगई का मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोतवाली थाना क्षेत्र के कचनी मोड़ पर हुई इस घटना ने बिजली विभाग के कर्मचारियों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। आरोप है कि बीजेपी पार्षद संतोष शाह ने अपने साथियों के साथ मिलकर बिजली विभाग की मेंटेनेंस टीम पर हमला करवा दिया, जिसमें न केवल कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई बल्कि विभागीय वाहन को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया।

    बताया जा रहा है कि बिजली विभाग की टीम नियमित मेंटेनेंस कार्य के लिए क्षेत्र में पहुंची थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले बैठा। आरोप है कि पार्षद के इशारे पर मौजूद लोगों ने टीम को घेर लिया और उनके साथ अभद्रता करते हुए मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान विभाग की गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए और मौके पर अफरा तफरी का माहौल बन गया।

    घटना के बाद किसी तरह कर्मचारी वहां से अपनी जान बचाकर निकले और सीधे कोतवाली थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे थे, लेकिन उनके साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया वह बेहद निंदनीय और अस्वीकार्य है। उन्होंने इस पूरे मामले में तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    इस घटना के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों में भारी रोष है। कर्मचारियों ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे काम बंद आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इससे न केवल सिंगरौली जिले की बिजली व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, बल्कि आम जनता को भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि ही कानून को हाथ में लेंगे तो आम कर्मचारियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।

    यह घटना न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकारी कामकाज में लगे कर्मचारियों को कई बार किस तरह के दबाव और जोखिम का सामना करना पड़ता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करता है, ताकि कर्मचारियों में विश्वास बहाल हो सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।