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  • इस राखी पुराने गिफ्ट से हटकर बहन की पसंद के अनुसार चुनें स्मार्टवॉच, ज्वेलरी, सेल्फ केयर और पर्सनलाइज्ड तोहफे

    इस राखी पुराने गिफ्ट से हटकर बहन की पसंद के अनुसार चुनें स्मार्टवॉच, ज्वेलरी, सेल्फ केयर और पर्सनलाइज्ड तोहफे


    नई दिल्ली । 
    रक्षाबंधन भाई और बहन के रिश्ते को खास तरीके से मनाने वाला त्योहार है। इस दिन बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है और भाई उसकी खुशी के लिए उपहार देता है। हर साल एक जैसे कपड़े, चॉकलेट या सामान्य गिफ्ट देने के बजाय इस बार बहन की पसंद, जरूरत और जीवनशैली को ध्यान में रखकर कुछ अलग चुना जा सकता है। ऐसा तोहफा ज्यादा खास होता है, जिसका इस्तेमाल वह रोजमर्रा की जिंदगी में भी कर सके।

    अगर आपकी बहन तकनीक और फिटनेस में दिलचस्पी रखती है, तो स्मार्टवॉच अच्छा विकल्प हो सकती है। बाजार में अलग-अलग फीचर और बजट के अनुसार कई विकल्प मिलते हैं। गिफ्ट खरीदते समय उसकी जरूरत और पसंद को प्राथमिकता देना बेहतर रहेगा।

    स्टाइल पसंद करने वाली बहन के लिए हैंडबैग उपयोगी और आकर्षक तोहफा हो सकता है। ऑफिस, कॉलेज या रोजाना इस्तेमाल के लिए बैग चुनते समय उसके पसंदीदा रंग, आकार और डिजाइन का ध्यान रखा जा सकता है। ऐसा बैग उसके काम भी आएगा और उसकी पसंद से भी मेल खाएगा।

    स्किन केयर में रुचि रखने वाली बहन को उसकी जरूरत के अनुसार स्किन केयर किट दी जा सकती है। इसमें उसके नियमित इस्तेमाल वाले उत्पाद शामिल किए जा सकते हैं। किसी भी प्रोडक्ट का चुनाव करते समय उसकी पसंद और त्वचा से जुड़ी जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी है।

    परफ्यूम भी रक्षाबंधन पर दिया जाने वाला क्लासिक गिफ्ट है। अगर आपको बहन की पसंदीदा खुशबू या सुगंध की श्रेणी मालूम है, तो उसके लिए सही परफ्यूम चुनना आसान हो सकता है। पसंद की खुशबू वाला उपहार व्यक्तिगत एहसास भी देता है।

    ज्वेलरी का छोटा और सलीकेदार पीस भी बहन के लिए यादगार तोहफा बन सकता है। ईयररिंग्स, ब्रेसलेट, पेंडेंट या अन्य हल्की ज्वेलरी उसकी पसंद के अनुसार चुनी जा सकती है। रोजाना पहनने वाली डिजाइन चुनने से गिफ्ट का इस्तेमाल भी अधिक हो सकता है।

    अगर बहन संगीत सुनती है या रोजाना यात्रा करती है, तो वायरलेस ईयरबड्स उसके लिए उपयोगी विकल्प हो सकते हैं। इस तरह का गिफ्ट मनोरंजन के साथ रोजमर्रा की जरूरत को भी पूरा करता है। खरीदते समय उसके फोन और इस्तेमाल की आदतों के अनुरूप विकल्प चुनना बेहतर रहेगा।

    किताब पढ़ने की शौकीन बहन के लिए उसकी पसंद के लेखक या विषय से जुड़ी किताब दी जा सकती है। इसके साथ अपने हाथ से लिखा छोटा संदेश जोड़ने से यह सामान्य गिफ्ट के बजाय व्यक्तिगत यादगार बन सकता है।

    पर्सनलाइज्ड गिफ्ट भी भाई बहन के रिश्ते के लिए खास विकल्प है। फोटो फ्रेम, कस्टम मग, नाम वाली एक्सेसरी या पुरानी यादों से तैयार किया गया छोटा बॉक्स भावनात्मक महत्व रख सकता है।

    सेल्फ केयर पसंद करने वाली बहन के लिए एक छोटा गिफ्ट बॉक्स तैयार किया जा सकता है। इसमें सुगंधित मोमबत्ती, आई मास्क और आराम से जुड़े सामान्य सामान शामिल किए जा सकते हैं। वहीं अगर आप कोई वस्तु नहीं देना चाहते तो उसके साथ पसंदीदा जगह पर डिनर, फिल्म, कैफे या शॉपिंग का प्लान भी बना सकते हैं।

    रक्षाबंधन पर गिफ्ट की कीमत से ज्यादा उसकी भावना और उपयोगिता मायने रखती है। बहन की पसंद को समझकर चुना गया छोटा सा उपहार भी रिश्ते में अपनापन बढ़ा सकता है। इसलिए इस बार केवल महंगा गिफ्ट चुनने के बजाय ऐसा तोहफा दें, जो उसकी जरूरत और व्यक्तित्व दोनों से जुड़ा हो।

  • संगीत सेरेमनी में कृति सेनन और नूपुर सेनन का धमाकेदार डांस, दोनों बहनों के ग्लैमरस लुक ने लूटी महफिल

    संगीत सेरेमनी में कृति सेनन और नूपुर सेनन का धमाकेदार डांस, दोनों बहनों के ग्लैमरस लुक ने लूटी महफिल

    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन की बहन नूपुर सेनन 11 जनवरी को उदयपुर में सिंगर स्टेबिन बेन के साथ सात फेरे लेने जा रही हैं। शादी से पहले तीन दिन तक चलने वाले इस निजी समारोह की शुरुआत 9 जनवरी को संगीत सेरेमनी के साथ हुई। इस खास मौके पर परिवार और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में संगीत का रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें कृति और नूपुर सेनन ने अपने डांस और स्टाइल से समां बांध दिया।

    ‘सजना जी वारी वारी’ पर बहनों का धमाकेदार डांस

    संगीत समारोह का सबसे खास पल तब आया जब नूपुर सेनन अपनी ब्राइड्समेड्स और बहन कृति सेनन के साथ मशहूर गाने ‘सजना जी वारी वारी’ पर थिरकती नजर आईं। दोनों बहनों की केमिस्ट्री, एनर्जी और एक्सप्रेशंस ने दर्शकों को खूब एंटरटेन किया। सोशल मीडिया पर इस डांस का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और फैंस दोनों बहनों की तारीफ करते नहीं थक रहे।

    कृति सेनन का हाई-फैशन ग्लैमरस अवतार

    संगीत समारोह में कृति सेनन का लुक चर्चा का विषय बन गया। उन्होंने पिंक और ब्लू शेड्स वाला एम्ब्रॉयडर्ड लहंगा पहना, जिसमें स्पेगेटी स्ट्रैप्स वाला कुर्ती-स्टाइल ब्लाउज, वी-नेकलाइन और साइड स्लिट्स थे। लहंगे के हेम पर शीशे और कढ़ाई वाले शेल टैसल्स ने आउटफिट को और खास बना दिया। फ्लेयर्ड और प्लीटेड स्कर्ट में शिमरी शीशे की डिटेलिंग ने कृति के ग्लैम को नई ऊंचाई दी।

    हेयरस्टाइल और ज्वेलरी ने बढ़ाया चार्म

    कृति ने हाफ-टाई हेयरस्टाइल अपनाया, जिसमें ढीली लटें चेहरे को खूबसूरती से फ्रेम कर रही थीं। बन पर शीशे और शेल से सजी ज्वेलरी ने उनके लुक को यूनिक टच दिया। कुंदन चोकर, झुमके, गुलाबी चूड़ियां और चंकी ब्रेसलेट के साथ उनका मेकअप-स्मोकी आईज, ग्लॉसी पिंक लिप्स और रूज-टिन्टेड गाल- उन्हें परफेक्ट पार्टी लुक दे रहा था।

    नूपुर सेनन बनीं संगीत की स्टार

    दुल्हन बनने जा रहीं नूपुर सेनन भी किसी से कम नहीं दिखीं। उन्होंने रंग-बिरंगे पैनल डिजाइन वाला लहंगा पहना, जिसमें गोल्ड एम्ब्रॉयडर्ड ब्लाउज और शीशे-सिक्विन की खूबसूरत कढ़ाई थी। उनके लुक की खासियत ब्लाउज की डिटेलिंग रही, जिसमें टैसल एम्ब्रॉयडरी और शीशे वाली चेन हाथों और पीठ से होती हुई हेयरस्टाइल से जुड़ी नजर आई।

    दुल्हन के अंदाज ने लूटी तारीफें

    नूपुर ने चोकर नेकलेस, मांग टीका, चूड़ियां और बालों से जुड़े झुमकों के साथ अपने लुक को पूरा किया। ड्यूई ग्लैम मेकअप और गुंथे हुए बालों में वह एकदम ब्राइडल वाइब्स देती दिखीं। संगीत समारोह में दोनों बहनों का यह स्टाइलिश और एनर्जेटिक अंदाज शादी के जश्न को और खास बना गया, जिसकी तस्वीरें और वीडियो अब सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं।

  • हिटलर से बच निकली थी एनी फ्रैंक की बहन, 96 साल की उम्र में निधन

    हिटलर से बच निकली थी एनी फ्रैंक की बहन, 96 साल की उम्र में निधन

    पोलैंड। दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान हिटलर ने यहूदियों का जिस तरह से नरसंहार किया और उन्हें यातनाएं दीं, उसकी कहानी जाकर भी रूह कांप उठती है। दूसरे विश्वयुद्ध की प्रसिद्ध घटनाओं में से एक है जिसे ‘एनी फ्रैंक का धोखा’ नाम से जाना जाता है। एनी फ्रैंक होलोकॉस्ट में सबसे चर्चित पीड़ित थीं। उनके एक करीबी ने ही फ्रैंक को परिवार सहित धोखा देकर पकड़वा दिया था। उन्होंने एक डायरी लिखी जिसको बाद में ‘द डायरी ऑफ ए यंग गर्ल’ के नाम से प्रकाशित किया गया । मात्र 15 साल की उम्र में ही एनी की मौत हो गई। उनकी एक सौतेली बहन इवा स्क्लॉस की 96 साल की उम्र में सोमवार को मौत हो गई है। इवा स्क्लॉस भी लंबे समय तक हिटलर के बनाए ऑस्त्विच यातना शिविर में रहीं। हालांकि रूस के हमले के बाद वह बच गईं।

    मौत का दरवाजा
    जानकारी के मुताबिक दूसरे विश्व युद्ध के दौरान पोलैंड में नाजियों के यातना शिविरों में करीब 10 लाख लोगों की मौत हो गई थी जिनमें से ज्यादातर यहूदी ही थे। ऑस्त्विच के यातना शिविर को ‘मौत का दरवाजा कहा जाता है। कहा जाता है कि नाजी लोग जब बंदियों को यातना शिविर में ले जाते थे तो उनके बाल तक काट लेते थे ताकि वे किसी भी तरीके से कपड़े ना बना सकें।

    एनी फ्रैंक की सौतेली बहन इवा लंदन में एनी फ्रैंक ट्रस्ट चलाती थीं। ब्रिटेन के महाराज किंग चार्ल्स थर्ड ने इस ट्रस्ट को बनाने में मदद की थी। हिटलर के यातना शिविर से बचने के बाद इवा ने ठान लिया था कि बाकी बचा हुआ जीवन वह लोगों की मदद करने और ऐसा काम करने में बिताएंगी जिससे नफरत कम हो और प्रेम को बल मिले।

    इवा का जन्म 1929 में विएना में हुआ था। ऑस्ट्रिया पर नाजियों के कब्जे के बाद वे भागकर ऐम्सटर्डम चले गए। वहीं इवा की दोस्ती एी से हुई थी। फ्रैंक की तरह इवा का परिवार भी दो साल तक यातना शिविर में रहा। 1945 में जब रूस की सेना ने शिविर से बंदियों को छुड़वाया तो इवा और उनकी मां की जान बच गई। उनके परिवार के बाकी लोग यातना शिविर में मारे गए थे। इवा के पिता भी ऑस्त्विच में ही मारे गए थे। 1953 में इवा की मां फ्रिजी ने एनी फ्रैंक के पिता से शादी कर ली। एनी फ्रैंक की मौत बेलसन बेलसन कैंप में पहले ही हो चुकी थी।

    इवा ने लगभग एक दशक तक यातना शिविर के बारे में किसी से बात ही नहीं की। वह युद्ध की उस विभीषिका से बाहर ही नहीं आ पा रही थीं। ऐसे में वह ज्यादातर चुप ही रहती थीं। 1986 में एनी फ्रैंक एग्जिबिशन शुरू होने के बाद उन्होंने फैसला किया कि वह नई पीढञी को नाजियों के अत्याचार के बारे में बताएँगी। इसके बाद उन्होंने यातना शिविर के बारे में बताना शुरू किया। इवा ने पूरा जीवन लोगों की सेवा में लगा दिया।