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  • केतन हत्याकांड में अब परिवार की भूमिका पर उठे सवाल पिता बोले चार्जशीट पढ़ने के बाद ही बताऊंगा पूरी बात

    केतन हत्याकांड में अब परिवार की भूमिका पर उठे सवाल पिता बोले चार्जशीट पढ़ने के बाद ही बताऊंगा पूरी बात


    नई दिल्ली। पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में अब उनकी मंगेतर सिया गोयल के परिवार के कुछ सदस्यों की कथित भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने सिया के परिवार के कई लोगों के मामले में शामिल होने का शक जताया है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि उन्होंने अभी पुलिस की ओर से दाखिल आरोपपत्र को नहीं पढ़ा है इसलिए वह आरोपपत्र की पूरी सामग्री देखने के बाद ही इस संबंध में विस्तार से अपनी बात रखेंगे। पुणे ग्रामीण पुलिस ने इस मामले में सिया गोयल उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी और चेतन के दोस्त रितेश हांगे के खिलाफ पांच हजार से अधिक पन्नों का आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया है।

    मामला 18 जून की उस घटना से जुड़ा है जिसमें केतन अग्रवाल की लोहागढ़ किले से नीचे धकेले जाने के बाद मौत हो गई थी। पुलिस ने जांच के दौरान सिया गोयल चेतन चौधरी और रितेश हांगे को गिरफ्तार किया था। अब आरोपपत्र दाखिल होने के बाद केतन के परिवार की ओर से मामले में कई सवाल उठाए जा रहे हैं। केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने कहा है कि उन्हें सिया के परिवार के कुछ सदस्यों की कथित भूमिका पर भी संदेह है। उनके मुताबिक सिया के पिता मां भाई चाचा और चाची की भूमिका को लेकर उनके मन में सवाल हैं। हालांकि उन्होंने इन बातों को फिलहाल आरोपपत्र की जानकारी के आधार पर अंतिम रूप से नहीं कहा है।

    विशाल अग्रवाल ने आरोपपत्र की प्रति हासिल करने के लिए अदालत का रुख किया है। उनका कहना है कि जब तक वह पांच हजार से अधिक पन्नों वाले इस दस्तावेज को पढ़ नहीं लेते तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। वह आरोपपत्र में पुलिस ने किन लोगों के खिलाफ क्या तथ्य और सबूत रखे हैं यह जानने के बाद ही आगे टिप्पणी करना चाहते हैं। उन्होंने मामले की जांच को सही दिशा में आगे बढ़ने की बात भी कही है लेकिन परिवार के अन्य सदस्यों की कथित भूमिका को लेकर उनका शक अभी बना हुआ है।

    इस मामले में सिया गोयल और चेतन चौधरी की कथित गुप्त शादी की खबर को लेकर भी केतन के पिता ने सवाल उठाया है। उनका कहना है कि यदि दोनों की शादी पहले ही हो चुकी थी तो फिर सिया के परिवार की ओर से उनके बेटे के साथ उसकी शादी कराने की कोशिश क्यों की गई। इसी सवाल के आधार पर वह मामले की परिस्थितियों को लेकर और जानकारी सामने आने की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि कथित गुप्त शादी से जुड़े दावे और परिवार के सदस्यों की कथित भूमिका को लेकर अंतिम स्थिति आरोपपत्र और न्यायिक प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगी।

    केतन के पिता ने इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालत में कराने की मांग रखी थी। उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को इस मामले में विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने की मांग भी की है। उनका कहना है कि इन मांगों पर उन्हें अभी तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है और वह सरकार से जरूरी अधिसूचना जारी करने का अनुरोध दोहरा रहे हैं।

    विशाल अग्रवाल ने अपने बेटे की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों को मौत की सजा दिए जाने की मांग भी दोहराई है। फिलहाल मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल हो चुका है और आगे की न्यायिक प्रक्रिया में आरोपपत्र में दर्ज तथ्यों और सबूतों की जांच होगी। ऐसे में सिया के परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका को लेकर लगाए गए संदेह की वास्तविक स्थिति भी अदालत में सामने आने वाले तथ्यों से ही स्पष्ट होगी।

  • केतन हत्याकांड: खाटू श्याम में सिया-चेतन ने की थी गुपचुप शादी? फूलों की माला वाली तस्वीर से बढ़ा शक

    केतन हत्याकांड: खाटू श्याम में सिया-चेतन ने की थी गुपचुप शादी? फूलों की माला वाली तस्वीर से बढ़ा शक


    पुणे। केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच आगे बढ़ने के साथ सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी के रिश्ते को लेकर नए सवाल सामने आ रहे हैं। पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या दोनों ने दिसंबर 2025 में राजस्थान के प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर में परिवार से छिपकर शादी की थी। जांच के दौरान पुलिस को दोनों की एक तस्वीर मिली है, जिसमें सिया और चेतन फूलों की माला पहने नजर आ रहे हैं। हालांकि, मंदिर में उनकी शादी का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड या CCTV फुटेज पुलिस को अब तक नहीं मिला है।

    मोबाइल बातचीत से मिला राजस्थान कनेक्शन

    पुणे ग्रामीण पुलिस के अनुसार, सिया और चेतन के मोबाइल फोन की बातचीत का विश्लेषण करने के दौरान कथित शादी का सुराग मिला। पुलिस अधिकारियों ने 7 जुलाई को बताया था कि दोनों के बीच हुई बातचीत से संकेत मिले हैं कि उन्होंने परिवार की जानकारी के बिना शादी की हो सकती है।

    इस सुराग की पुष्टि के लिए पुलिस टीम जुलाई में राजस्थान पहुंची। जांचकर्ताओं ने खाटू श्याम मंदिर में दोनों की कथित शादी से जुड़े दस्तावेज और CCTV फुटेज खंगाले, लेकिन ऐसा कोई आधिकारिक रिकॉर्ड या वीडियो नहीं मिला, जिससे शादी की पुष्टि हो सके।

    हालांकि, जांच के दौरान पुलिस को सिया और चेतन की एक तस्वीर जरूर मिली। इसमें दोनों के गले में फूलों की मालाएं दिखाई दे रही हैं। पुलिस ने इस तस्वीर को जांच में महत्वपूर्ण माना है। खबरों के मुताबिक, इसे चार्जशीट के साथ अदालत के समक्ष भी पेश किया गया है। तस्वीर से दोनों की कथित शादी का शक जरूर गहरा हुआ है, लेकिन अकेले तस्वीर के आधार पर शादी की आधिकारिक पुष्टि नहीं होती।

    अक्टूबर 2025 से करीब आए, दिसंबर में राजस्थान गए

    पुलिस जांच के मुताबिक, सिया और चेतन अक्टूबर 2025 से एक-दूसरे के करीब आए थे। बताया गया है कि दोनों के परिवार इस रिश्ते के पक्ष में नहीं थे। दिसंबर 2025 में दोनों कुछ दोस्तों के साथ राजस्थान गए थे।

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों ने पहले पुणे से फ्लाइट के जरिए राजस्थान जाने की योजना बनाई थी, लेकिन फ्लाइट कैंसिल होने के बाद उन्होंने ट्रेन से सफर किया। राजस्थान से वापसी भी ट्रेन से ही हुई थी।

    जांच एजेंसियों को इस यात्रा से जुड़े कुछ सबूत भी मिले हैं। इसी अवधि में सिया के परिवार की ओर से उसके लिए शादी की तलाश चल रही थी। बाद में उसका रिश्ता केतन अग्रवाल के साथ तय हुआ।

    19 फरवरी को हुई थी सगाई

    सिया और केतन अग्रवाल की सगाई 19 फरवरी 2026 को हुई थी। दोनों की शादी नवंबर में राजस्थान के उदयपुर में प्रस्तावित थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि सिया और चेतन के बीच इस दौरान संपर्क बना हुआ था।

    जांच एजेंसियों का आरोप है कि इसी रिश्ते के चलते सिया और चेतन ने कथित तौर पर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची। पुलिस अब दोनों के रिश्ते, राजस्थान यात्रा और खाटू श्याम मंदिर से जुड़ी तस्वीर समेत अन्य सबूतों को आपस में जोड़कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां तलाश रही है।

    माला वाली तस्वीर ने बढ़ाया सवाल

    फिलहाल जांच में सबसे अहम सवाल यही है कि सिया और चेतन की फूलों की माला पहने तस्वीर किस मौके की है। क्या दोनों ने वास्तव में खाटू श्याम मंदिर में शादी की थी या तस्वीर किसी दूसरे अवसर की है, इसका स्पष्ट जवाब अभी सामने नहीं आया है।

    मंदिर से शादी का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड और CCTV फुटेज नहीं मिलने के कारण पुलिस के पास फिलहाल इस कथित शादी की पुष्टि करने वाला निर्णायक दस्तावेज नहीं है। ऐसे में तस्वीर और मोबाइल बातचीत जांच के अहम हिस्से जरूर हैं, लेकिन दोनों की शादी हुई थी या नहीं, यह अभी जांच का विषय बना हुआ है।