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  • केतन हत्याकांड में जांच तेज, दूसरा मोबाइल बरामद गवाहों के बयान से बढ़ीं सिया और चेतन की मुश्किलें

    केतन हत्याकांड में जांच तेज, दूसरा मोबाइल बरामद गवाहों के बयान से बढ़ीं सिया और चेतन की मुश्किलें


    नई दिल्ली। पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। पुलिस का दावा है कि अब उसके पास ऐसे अहम सबूत मौजूद हैं जो इस मामले को और मजबूत बना रहे हैं। जांच के दौरान दूसरा मोबाइल फोन बरामद किया गया है जबकि कुछ महत्वपूर्ण गवाह भी सामने आए हैं। इन नए साक्ष्यों के बाद पुलिस का कहना है कि यह साबित करने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं कि केतन अग्रवाल की मौत हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी। मामले में मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं।

    पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि जांच कई स्तरों पर आगे बढ़ रही है। बरामद किए गए दूसरे मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि दोनों आरोपियों के बीच हुई बातचीत और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा सके। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि केतन अग्रवाल ने सिया गोयल को कितनी आर्थिक मदद दी थी और दोनों के बीच पैसों का लेनदेन किस स्तर तक हुआ था। इस संबंध में कई लोगों से पूछताछ की जा रही है और डिजिटल रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।

    इसी बीच पुणे की अदालत ने दोनों आरोपियों सिया गोयल और चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद दोनों को अदालत में पेश किया गया था। अभियोजन पक्ष ने तीन दिन की अतिरिक्त पुलिस रिमांड की मांग करते हुए दलील दी कि आरोपियों के मोबाइल फोन से कोड भाषा में हुई बातचीत मिली है जिसका पूरा अर्थ समझने और साजिश के अन्य पहलुओं का खुलासा करने के लिए आगे पूछताछ जरूरी है। हालांकि अदालत ने यह मांग खारिज करते हुए दोनों को 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

    पुलिस का आरोप है कि 18 जून को पुणे जिले के लोहागढ़ किले में केतन अग्रवाल को खाई में धक्का देकर उसकी हत्या की गई थी। शुरुआत में इस घटना को दुर्घटना बताया गया था लेकिन जांच के दौरान मिले परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और आरोपियों के बदलते बयानों ने हत्या की आशंका को मजबूत कर दिया। इसी आधार पर पुलिस ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है।

    जांच एजेंसियों ने लोहागढ़ किले और आसपास के सभी महत्वपूर्ण स्थानों का दोबारा निरीक्षण किया। घटनास्थल का विस्तृत पंचनामा तैयार किया गया और मुख्य आरोपी सिया गोयल को भी उन स्थानों पर ले जाकर घटनाक्रम की पुष्टि करने का प्रयास किया गया। पुलिस ने घटना वाले दिन पहने गए सिया के कपड़ों को भी जब्त कर लिया है जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। इसके अलावा उन स्थानों की भी जांच की गई जहां सिया और चेतन के एक साथ जाने की जानकारी सामने आई है। जांच अधिकारियों को संदेह है कि दोनों ने हत्या की योजना पहले से बनाई थी और संभव है कि अलग अलग स्थानों पर उसका पूर्वाभ्यास भी किया गया हो।

    पुलिस ने सिया गोयल के लोनावला स्थित घर की भी तलाशी ली है जहां से कुछ अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। जांच एजेंसियां दोनों आरोपियों का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की तैयारी भी कर रही हैं क्योंकि पूछताछ के दौरान उनके बयानों में कई विरोधाभास सामने आए हैं। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह परीक्षण कराया जाएगा। पुलिस का कहना है कि गवाहों के बयान डिजिटल साक्ष्य फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तकनीकी प्रमाणों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां तेजी से जुड़ रही हैं और जांच अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है।

  • केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया कानूनी विवाद, एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव ने सिया के भाई को भेजा 10 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस

    केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया कानूनी विवाद, एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव ने सिया के भाई को भेजा 10 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस

    नई दिल्ली । पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में अब एक नया कानूनी विवाद सामने आया है। मामले की मुख्य आरोपी सिया गोयल की ओर से अदालत में दिए गए बयान और उसके बाद सामने आए आरोप-प्रत्यारोप ने पूरे प्रकरण को नया मोड़ दे दिया है। इस बीच एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव ने सिया गोयल के भाई साहिल गोयल को 10 करोड़ रुपये के मानहानि दावे का कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को झूठा, भ्रामक और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला बताया गया है।

    इससे पहले अदालत में सुनवाई के दौरान सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी को 3 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। इसी दौरान अदालत में यह मुद्दा भी उठा कि सिया गोयल की ओर से पैरवी कौन कर रहा है। सुनवाई के दौरान सिया गोयल ने अदालत को बताया कि उनकी ओर से अधिवक्ता विपुल दुशिंग पैरवी कर रहे हैं, जबकि आशुतोष श्रीवास्तव उनके वकील नहीं हैं।

    विवाद की शुरुआत तब हुई जब साहिल गोयल ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उन्होंने आशुतोष श्रीवास्तव को कभी अपना वकील नियुक्त नहीं किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस विषय पर आपत्ति जताने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। साहिल ने कहा कि परिवार की ओर से विपुल दुशिंग को अधिवक्ता नियुक्त किया गया है और इस संबंध में अदालत में हलफनामा भी प्रस्तुत किया जा चुका है।

    इन आरोपों के बाद एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव ने साहिल गोयल को कानूनी नोटिस जारी किया। नोटिस में कहा गया है कि सार्वजनिक रूप से लगाए गए आरोपों से उनकी पेशेवर प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहुंची है। नोटिस के माध्यम से आरोपों को तत्काल वापस लेने, सार्वजनिक माफी मांगने और भविष्य में इस प्रकार के बयान न देने का लिखित आश्वासन देने की मांग की गई है। साथ ही 10 करोड़ रुपये के हर्जाने का दावा भी किया गया है।

    हालांकि, यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि नोटिस में दर्ज सभी आरोप एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव की ओर से किए गए दावे हैं। दूसरी ओर, इस कानूनी नोटिस पर साहिल गोयल की ओर से अब तक कोई आधिकारिक सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में आगे की कानूनी प्रक्रिया और संभावित जवाब पर सभी की नजर बनी हुई है।

    एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव ने अपने पक्ष में कहा कि उनकी कानूनी टीम ने सीधे सिया गोयल से संपर्क किया था और उनकी सहमति से वकालतनामा पर हस्ताक्षर कराए गए थे। उनका दावा है कि सिया गोयल बालिग हैं और अपने कानूनी निर्णय स्वयं लेने के लिए सक्षम हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने साहिल गोयल से नहीं बल्कि सीधे सिया गोयल से बातचीत की थी और उनके पक्ष में विधिवत वकालतनामा उपलब्ध है, जिसमें उनके हस्ताक्षर मौजूद हैं।

    दूसरी ओर, अदालत में दिए गए सिया गोयल के बयान और परिवार की ओर से पेश किए गए दावों ने इस विवाद को और जटिल बना दिया है। अब यह मामला केवल हत्याकांड की जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि कानूनी प्रतिनिधित्व और कथित मानहानि के आरोप भी न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बनते दिखाई दे रहे हैं।

    आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि साहिल गोयल इस कानूनी नोटिस का क्या जवाब देते हैं और अदालत के समक्ष दोनों पक्ष अपने-अपने दावों के समर्थन में कौन से दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत करते हैं। फिलहाल, मामले से जुड़े सभी आरोप और प्रत्यारोप संबंधित पक्षों के दावे हैं, जिनकी सत्यता का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

  • केतन अग्रवाल हत्याकांड में कानूनी लड़ाई तेज, आरोपी सिया के वकील ने कोर्ट से जताई उम्मीद, परिवार ने दूसरे वकील से किया किनारा

    केतन अग्रवाल हत्याकांड में कानूनी लड़ाई तेज, आरोपी सिया के वकील ने कोर्ट से जताई उम्मीद, परिवार ने दूसरे वकील से किया किनारा

    नई दिल्ली। केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच लगातार आगे बढ़ रही है और अब मामले का कानूनी पक्ष भी स्पष्ट होने लगा है। आरोपी सिया गोयल की ओर से अदालत में पेश होने वाले अधिवक्ता ने कहा है कि मामला अभी शुरुआती चरण में है और जांच की दिशा को देखते हुए अदालत में कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष मजबूती से रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल पुलिस रिमांड से जुड़े मुद्दों पर अदालत में आवश्यक दलीलें प्रस्तुत की जाएंगी।

    मामले में उस समय नया मोड़ आया जब सिया गोयल के परिवार की ओर से एक अन्य अधिवक्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई। सिया के भाई साहिल ने कहा कि जिस वकील के नाम की चर्चा की जा रही है, उन्हें परिवार ने नियुक्त नहीं किया है। उन्होंने कहा कि परिवार की ओर से अधिकृत कानूनी प्रतिनिधित्व अलग अधिवक्ता कर रहे हैं और दूसरे व्यक्ति के दावों से उनका कोई संबंध नहीं है।

    इस बीच सिया गोयल के भाई और उनके अधिवक्ता को पुलिस स्टेशन पहुंचते हुए भी देखा गया, जहां जांच से जुड़े आवश्यक दस्तावेजों और कानूनी प्रक्रिया को लेकर अधिकारियों के साथ बातचीत हुई। पुलिस पूरे मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों की जांच कर रही है तथा आगे की कार्रवाई अदालत के निर्देशों के अनुसार की जाएगी।

    जांच के दौरान दर्ज एफआईआर से भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। शिकायत के अनुसार, घटना से पहले के दिनों में सिया गोयल का व्यवहार बदला हुआ बताया गया है। परिवार का दावा है कि केतन अग्रवाल ने अपने परिजनों से बातचीत के दौरान बताया था कि दोनों के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर अक्सर विवाद होने लगे थे और व्यवहार में असामान्य परिवर्तन दिखाई दे रहा था।

    एफआईआर के अनुसार, घटना से एक दिन पहले सिया गोयल ने अपने जन्मदिन का हवाला देते हुए केतन अग्रवाल को यात्रा के लिए राजी किया था। अगले दिन दोनों निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार लोहागढ़ किले की ओर रवाना हुए। आरोप है कि वहीं पर कथित रूप से एक सुनियोजित साजिश के तहत केतन अग्रवाल को ऊंची चट्टान से धक्का दिया गया, जिससे उनकी मौत हो गई।

    दस्तावेजों के मुताबिक, घटना के बाद सिया गोयल ने केतन अग्रवाल के परिवार को फोन कर उनके खाई में गिरने की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस ने तुरंत बचाव अभियान चलाया और घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस अब घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल फोन की लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी सबूतों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और अदालत में प्रस्तुत होने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच एजेंसियां हर तथ्य का गहन परीक्षण कर रही हैं और आने वाले दिनों में इस प्रकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना है।

  • सगाई के बाद मौत की साजिश! पुलिस जांच में मंगेतर और कथित प्रेमी की भूमिका पर बड़े दावे, पूछताछ में जुड़े कई अहम सुराग

    सगाई के बाद मौत की साजिश! पुलिस जांच में मंगेतर और कथित प्रेमी की भूमिका पर बड़े दावे, पूछताछ में जुड़े कई अहम सुराग

    नई दिल्ली । पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिस जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। जांच एजेंसियों का दावा है कि लोहागढ़ किले पर हुई घटना महज एक दुर्घटना नहीं थी, बल्कि पहले से बनाई गई कथित साजिश का हिस्सा थी। पुलिस के अनुसार, मृतक की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर पूरी योजना तैयार की थी। पूछताछ, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, 18 जून को दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर पहले से तय योजना के अनुसार घटनास्थल पर पहुंचकर वारदात को अंजाम दिया। जांच में सामने आया है कि एक निर्धारित स्थान पर पहुंचने के बाद सिया ने कथित रूप से अपने साथी को संकेत दिया, जिसके बाद चेतन ने पीछे से केतन को खाई की ओर धक्का दे दिया। पुलिस का कहना है कि पूरी घटना इतनी तेजी से हुई कि पीड़ित को किसी खतरे का अंदेशा तक नहीं हो सका। घटना के बाद इसे सामान्य हादसा दर्शाने का भी कथित प्रयास किया गया।

    जांच के दौरान शुरुआती पूछताछ में दोनों आरोपी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे। पुलिस के अनुसार, दोनों के बयान कई मामलों में अलग-अलग थे, लेकिन लगातार पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के मिलान के बाद घटनाक्रम की कई अहम कड़ियां सामने आईं। अधिकारियों का दावा है कि पूछताछ के दौरान दोनों ने अपनी-अपनी भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी, जिसके आधार पर पुलिस पूरे घटनाक्रम को क्रमवार जोड़ने का प्रयास कर रही है। हालांकि इन दावों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

    जांच एजेंसियों के अनुसार, प्रारंभिक पड़ताल में यह संकेत भी मिले हैं कि इससे पहले भी मृतक को नुकसान पहुंचाने की कथित कोशिश की गई थी, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी। पुलिस अब इस पहलू की भी गहन जांच कर रही है कि कथित साजिश की योजना कब तैयार हुई, इसकी शुरुआत कैसे हुई और इसमें किन परिस्थितियों ने भूमिका निभाई। इसके लिए डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

    जानकारी के अनुसार, केतन अग्रवाल और सिया गोयल की सगाई इसी वर्ष फरवरी में हुई थी, जबकि नवंबर में उदयपुर में दोनों का विवाह प्रस्तावित था। दोनों परिवार शादी की तैयारियों में व्यस्त थे। ऐसे समय में सामने आए घटनाक्रम ने दोनों परिवारों को गहरा सदमा पहुंचाया है। मृतक के परिजनों के साथ-साथ युवती का परिवार भी इस पूरे मामले से स्तब्ध बताया जा रहा है।

    मामले के बीच सिया गोयल के पिता ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि यदि उनकी बेटी जांच और न्यायिक प्रक्रिया में दोषी साबित होती है तो उसे कानून के अनुसार कठोरतम सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केतन उनके लिए बेटे के समान था और उसकी मौत दोनों परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अपनी बेटी के किसी अन्य संबंध या वैवाहिक विवाद की कोई जानकारी नहीं थी और परिवार पूरी निष्ठा से शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था।

    फिलहाल पुलिस सभी उपलब्ध साक्ष्यों, आरोपियों के बयानों और घटनास्थल से जुटाए गए प्रमाणों का विस्तृत मिलान कर रही है। जांच पूरी होने के बाद आरोपपत्र अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके आधार पर मामले की आगे की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। मामले में अंतिम निष्कर्ष अदालत के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।