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  • ग्लोइंग स्किन का आसान फॉर्मूला: रोज की इन आदतों से त्वचा रहेगी साफ और हेल्दी गलत स्किन केयर से बचना भी जरूरी

    ग्लोइंग स्किन का आसान फॉर्मूला: रोज की इन आदतों से त्वचा रहेगी साफ और हेल्दी गलत स्किन केयर से बचना भी जरूरी


    नई दिल्ली। स्किन केयर आज के समय में सिर्फ खूबसूरती से जुड़ा विषय नहीं है बल्कि स्वस्थ त्वचा के लिए सही देखभाल करना भी जरूरी माना जाता है। धूल मिट्टी प्रदूषण धूप बदलता मौसम तनाव और अनियमित दिनचर्या का असर त्वचा पर दिखाई दे सकता है। कई बार चेहरे पर रूखापन मुंहासे अतिरिक्त तेल या बेजानपन जैसी समस्याएं नजर आने लगती हैं। ऐसे में महंगे प्रोडक्ट्स की लंबी लिस्ट अपनाने के बजाय अपनी त्वचा की जरूरत को समझना और एक आसान नियमित स्किन केयर रूटीन बनाना ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकता है।

    त्वचा की देखभाल की शुरुआत चेहरे की सफाई से होती है। दिनभर त्वचा पर धूल प्रदूषण और पसीना जमा हो सकता है इसलिए चेहरे को साफ रखना जरूरी है। हालांकि बहुत ज्यादा बार चेहरा धोने या कठोर क्लींजर इस्तेमाल करने से त्वचा की प्राकृतिक नमी प्रभावित हो सकती है। अपनी त्वचा के प्रकार के अनुसार हल्का क्लींजर चुनना बेहतर विकल्प हो सकता है। तैलीय त्वचा वाले लोगों को अतिरिक्त तेल पर ध्यान देना चाहिए जबकि रूखी त्वचा वालों के लिए नमी बनाए रखना ज्यादा जरूरी होता है।

    मॉइस्चराइजर भी स्किन केयर रूटीन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। त्वचा तैलीय हो या रूखी उसे नमी की जरूरत होती है। सही मॉइस्चराइजर त्वचा को मुलायम बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसके अलावा दिन के समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना भी बेहद महत्वपूर्ण है। धूप में मौजूद पराबैंगनी किरणों से त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है और लंबे समय में समय से पहले उम्र बढ़ने के संकेत दिखाई दे सकते हैं। इसलिए बाहर निकलने से पहले उपयुक्त सनस्क्रीन लगाना और जरूरत के अनुसार दोबारा लगाना फायदेमंद हो सकता है।

    स्किन केयर केवल बाहर से लगाए जाने वाले प्रोडक्ट्स तक सीमित नहीं है। शरीर को पर्याप्त पानी देना संतुलित भोजन लेना और पर्याप्त नींद लेना भी त्वचा के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। फलों सब्जियों और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन को रोज की डाइट में शामिल करना शरीर के साथ त्वचा के लिए भी बेहतर हो सकता है। वहीं लगातार तनाव और नींद की कमी का असर त्वचा की स्थिति पर भी पड़ सकता है इसलिए आराम और नियमित दिनचर्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

    एक आम गलती यह भी होती है कि लोग किसी दूसरे व्यक्ति की स्किन केयर रूटीन को बिना अपनी त्वचा समझे अपनाने लगते हैं। हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है और जो प्रोडक्ट किसी एक व्यक्ति को सूट करता है जरूरी नहीं कि वह दूसरे के लिए भी सही हो। नए प्रोडक्ट को सीधे पूरे चेहरे पर लगाने के बजाय पहले छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना बेहतर रहता है। किसी प्रोडक्ट के इस्तेमाल के बाद जलन खुजली या लालिमा जैसी समस्या हो तो उसका इस्तेमाल रोक देना चाहिए।

    इसके अलावा मुंहासों को बार बार दबाना चेहरे को जरूरत से ज्यादा स्क्रब करना और बिना सलाह के कई तरह के एक्टिव प्रोडक्ट एक साथ इस्तेमाल करना त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है। यदि त्वचा पर लगातार गंभीर मुंहासे दाने लालिमा खुजली या कोई अन्य समस्या बनी रहती है तो घरेलू उपायों के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। कुल मिलाकर हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए महंगे प्रोडक्ट्स से ज्यादा जरूरी नियमितता सही उत्पादों का चयन संतुलित खानपान धूप से बचाव और त्वचा की जरूरत को समझना है।

  • मानसून में त्वचा क्यों हो जाती है चिपचिपी और बेजान, इन जरूरी टिप्स से रखें स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग

    मानसून में त्वचा क्यों हो जाती है चिपचिपी और बेजान, इन जरूरी टिप्स से रखें स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग


    नई दिल्ली। मानसून का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है लेकिन इस दौरान वातावरण में नमी बढ़ जाने के कारण त्वचा से जुड़ी कई परेशानियां भी बढ़ सकती हैं। बारिश के मौसम में ज्यादा नमी और पसीने की वजह से त्वचा चिपचिपी महसूस हो सकती है। इसके साथ ही धूल मिट्टी और प्रदूषण त्वचा पर आसानी से जमा हो जाते हैं जिससे रोमछिद्र बंद होने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में अगर त्वचा की सही तरीके से देखभाल न की जाए तो मुंहासे ब्लैकहेड्स खुजली और फंगल इंफेक्शन जैसी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। इसलिए मानसून में स्किन केयर रूटीन को थोड़ा बदलना जरूरी माना जाता है।

    बारिश के मौसम में चेहरे को साफ रखना सबसे जरूरी है। दिन में दो बार किसी हल्के फेस क्लींजर से चेहरा साफ किया जा सकता है। बहुत ज्यादा तेज साबुन या कठोर स्क्रब का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे त्वचा की प्राकृतिक नमी प्रभावित हो सकती है। अगर त्वचा बहुत तैलीय है तो ऑयली स्किन के लिए उपयुक्त हल्का क्लींजर इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं रूखी या संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को ऐसा उत्पाद चुनना चाहिए जो त्वचा को जरूरत से ज्यादा ड्राई न करे।

    मानसून में लोग अक्सर यह सोचकर मॉइस्चराइजर लगाना छोड़ देते हैं कि वातावरण में पहले से ही नमी है। लेकिन त्वचा को मॉइस्चराइज रखना फिर भी जरूरी है। इस मौसम में हल्का और नॉन कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे त्वचा में नमी बनी रहने में मदद मिलती है और भारीपन या अत्यधिक चिपचिपाहट भी महसूस नहीं होती।

    बारिश के मौसम में धूप कम नजर आने के बावजूद सनस्क्रीन को स्किन केयर रूटीन से बाहर नहीं करना चाहिए। बादलों के बीच भी पराबैंगनी किरणों का संपर्क त्वचा तक हो सकता है। इसलिए बाहर निकलते समय अपनी त्वचा के अनुसार ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है। लंबे समय तक बाहर रहने पर इसे दोबारा लगाने की जरूरत पड़ सकती है।

    मानसून में पसीना और नमी अधिक होने के कारण चेहरे को बार बार छूने की आदत से भी बचना चाहिए। हाथों पर मौजूद गंदगी और बैक्टीरिया चेहरे तक पहुंच सकते हैं और मुंहासों की समस्या बढ़ा सकते हैं। मेकअप करने वाले लोगों को भी रात में सोने से पहले मेकअप अच्छी तरह साफ करना चाहिए। गीले कपड़े पहनने या लंबे समय तक नम जूते मोजे इस्तेमाल करने से त्वचा पर फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है इसलिए शरीर को साफ और सूखा रखना जरूरी है।

    स्किन की सेहत केवल बाहरी देखभाल से तय नहीं होती। मानसून में पर्याप्त पानी पीना संतुलित आहार लेना और पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है। मौसमी फल सब्जियां और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन त्वचा के लिए फायदेमंद हो सकता है। बहुत ज्यादा तला भुना या अत्यधिक मीठा भोजन करने के बजाय संतुलित डाइट पर ध्यान देना बेहतर है।

    अगर त्वचा पर लगातार खुजली लाल चकत्ते सूजन दर्दनाक मुंहासे या किसी तरह का संक्रमण दिखाई दे तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है। हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी दूसरे व्यक्ति के स्किन केयर प्रोडक्ट को बिना सोचे समझे इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। मानसून में थोड़ी सी सावधानी और नियमित देखभाल से त्वचा को स्वस्थ साफ और तरोताजा बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

  • महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स छोड़ें! रोजमेरी से पाएं साफ और निखरी त्वचा जानें इस्तेमाल का सही तरीका

    महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स छोड़ें! रोजमेरी से पाएं साफ और निखरी त्वचा जानें इस्तेमाल का सही तरीका


    नई दिल्ली। रोजमेरी का इस्तेमाल आमतौर पर खाने का स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए किया जाता है लेकिन इसका उपयोग स्किन केयर में भी किया जाता है। रोजमेरी में मौजूद प्राकृतिक पौधों के यौगिकों के कारण इसे त्वचा के लिए उपयोगी माना जाता है। आजकल रोजमेरी ऑयल और रोजमेरी आधारित स्किन केयर प्रोडक्ट्स काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। हालांकि इसे चेहरे पर सीधे लगाने से पहले सही तरीका जानना जरूरी है क्योंकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है और किसी भी प्राकृतिक चीज से संवेदनशील त्वचा पर जलन हो सकती है।

    रोजमेरी को स्किन केयर में शामिल करने का एक तरीका रोजमेरी ऑयल का इस्तेमाल है। लेकिन जरूरी बात यह है कि एसेंशियल ऑयल को सीधे चेहरे पर नहीं लगाना चाहिए। इसे किसी उपयुक्त कैरियर ऑयल में मिलाकर बेहद कम मात्रा में इस्तेमाल किया जाता है। अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है तो किसी विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा। रोजमेरी आधारित तैयार स्किन केयर प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना भी सीधे एसेंशियल ऑयल लगाने की तुलना में आसान विकल्प हो सकता है।

    रोजमेरी में एंटीऑक्सीडेंट गुणों वाले पौधों के यौगिक पाए जाते हैं। यही वजह है कि इसे त्वचा को पर्यावरणीय तनाव से बचाने और स्किन को स्वस्थ रखने वाले रूटीन का हिस्सा माना जाता है। कुछ लोगों को रोजमेरी आधारित उत्पाद इस्तेमाल करने के बाद त्वचा अधिक फ्रेश और साफ महसूस हो सकती है। हालांकि किसी एक घरेलू उपाय से त्वचा की हर समस्या दूर होने का दावा करना सही नहीं है।

    अगर चेहरे पर बहुत ज्यादा ऑयल आता है तो रोजमेरी आधारित हल्के स्किन केयर प्रोडक्ट को रूटीन में शामिल किया जा सकता है। लेकिन इसे इस्तेमाल करने से पहले यह देखना जरूरी है कि प्रोडक्ट आपकी त्वचा के लिए उपयुक्त है या नहीं। तैलीय त्वचा के लिए भी बहुत ज्यादा तेल आधारित चीजों का इस्तेमाल करने से रोमछिद्र बंद होने या परेशानी बढ़ने का खतरा हो सकता है।

    रोजमेरी का इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना सबसे जरूरी सावधानियों में शामिल है। इसके लिए प्रोडक्ट की थोड़ी मात्रा त्वचा के छोटे हिस्से पर लगाकर देखें और तुरंत जलन खुजली लालिमा या असहजता महसूस हो तो इसका इस्तेमाल बंद कर दें। चेहरे पर पहले से किसी तरह की एलर्जी या जलन है तो ऐसे समय में नए स्किन केयर प्रोडक्ट को आजमाने से बचना बेहतर है।

    स्किन केयर में रोजमेरी को शामिल करने के साथ बेसिक रूटीन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। चेहरे को नियमित रूप से साफ रखना मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करना और दिन में सनस्क्रीन लगाना त्वचा की देखभाल के लिए ज्यादा जरूरी कदम हैं। रोजमेरी किसी भी स्थिति में इन बुनियादी चीजों का विकल्प नहीं है।

    यह भी ध्यान रखना चाहिए कि रोजमेरी को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जाते हैं। हर दावा वैज्ञानिक रूप से साबित हो यह जरूरी नहीं है। इसलिए चेहरे पर रोजमेरी का इस्तेमाल सीमित मात्रा में और सावधानी के साथ करना चाहिए। अगर त्वचा पर लगातार मुंहासे दाग लालिमा या दूसरी समस्या बनी रहती है तो घरेलू नुस्खों के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना ज्यादा बेहतर होगा।

    कुल मिलाकर रोजमेरी स्किन केयर रूटीन में एक अतिरिक्त विकल्प हो सकती है लेकिन इसे चमत्कारी उपाय समझना सही नहीं है। सही प्रोडक्ट चुनकर पैच टेस्ट करने और अपनी त्वचा की जरूरत को ध्यान में रखकर इसका इस्तेमाल किया जाए तो इसे सामान्य स्किन केयर रूटीन का हिस्सा बनाया जा सकता है।

  • स्किन केयर रूटीन में शामिल करें एलोवेरा जेल! जानें चेहरे पर लगाने का सही तरीका और जरूरी सावधानियां

    स्किन केयर रूटीन में शामिल करें एलोवेरा जेल! जानें चेहरे पर लगाने का सही तरीका और जरूरी सावधानियां


    नई दिल्ली । स्किन केयर की बात आती है तो एलोवेरा को लंबे समय से त्वचा के लिए उपयोगी माना जाता है। एलोवेरा जेल अपनी ठंडी और soothing प्रकृति के कारण त्वचा को शांत महसूस कराने में मदद कर सकता है। खासतौर पर गर्मी और धूप के कारण त्वचा में होने वाली जलन या रूखेपन के समय एलोवेरा का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी घरेलू उपाय को चेहरे पर इस्तेमाल करने से पहले सावधानी रखना जरूरी है।

    चेहरे की देखभाल के लिए सबसे पहले साफ और ताजा एलोवेरा जेल लिया जा सकता है। यदि पौधे से जेल निकाल रहे हैं तो पत्ते को अच्छी तरह धोकर उसमें मौजूद पीले रंग का लेटेक्स अलग कर दें। इसके बाद पारदर्शी जेल को निकालकर चेहरे पर हल्के हाथों से लगाया जा सकता है। इसे कुछ देर त्वचा पर रहने देने के बाद साफ पानी से चेहरा धो लें। पहली बार इस्तेमाल करने वालों को पूरे चेहरे पर लगाने के बजाय त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना बेहतर माना जाता है।

    एलोवेरा जेल त्वचा को नमी देने में मदद कर सकता है। जिन लोगों की त्वचा रूखी रहती है वे अपने स्किन केयर रूटीन में एलोवेरा को शामिल कर सकते हैं। इसे अकेले इस्तेमाल करने के अलावा अपनी त्वचा के अनुसार किसी उपयुक्त moisturizer के साथ भी रूटीन में शामिल किया जा सकता है। हालांकि एलोवेरा को किसी भी सामग्री के साथ मिलाकर लगाने से पहले यह समझना जरूरी है कि वह आपकी त्वचा के लिए सुरक्षित है या नहीं।

    धूप में ज्यादा समय बिताने के बाद त्वचा गर्म और संवेदनशील महसूस हो सकती है। ऐसे समय एलोवेरा जेल त्वचा को ठंडक देने वाला एहसास दे सकता है। लेकिन अगर त्वचा पर गंभीर जलन छाले या तेज दर्द हो तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए और त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।

    ऑयली स्किन वाले लोग भी एलोवेरा का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि एलोवेरा को मुंहासों का निश्चित इलाज नहीं माना जाना चाहिए। अगर चेहरे पर लगातार पिंपल्स निकल रहे हैं तो समस्या के कारण को समझना जरूरी है। बिना सलाह के नींबू बेकिंग सोडा या अन्य तेज सामग्री के साथ एलोवेरा मिलाकर लगाने से बचना चाहिए क्योंकि इससे त्वचा में जलन या irritation बढ़ सकती है।

    एलोवेरा इस्तेमाल करते समय एक और जरूरी बात इसकी शुद्धता है। बाजार में मिलने वाले हर एलोवेरा जेल की गुणवत्ता एक जैसी नहीं होती। इसलिए उत्पाद खरीदते समय उसके ingredients और इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी जरूर पढ़ें। खुशबू या अन्य additives वाले उत्पाद संवेदनशील त्वचा पर परेशानी पैदा कर सकते हैं।

    स्किन केयर में एलोवेरा को किसी जादुई उपाय की तरह देखने के बजाय एक सामान्य soothing और moisturizing ingredient के रूप में इस्तेमाल करना बेहतर है। त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त पानी पीना संतुलित आहार लेना अच्छी नींद लेना और रोजाना उपयुक्त sunscreen का इस्तेमाल करना भी जरूरी है। अगर एलोवेरा लगाने के बाद लालिमा खुजली या जलन महसूस हो तो तुरंत इस्तेमाल बंद कर दें।

  • चेहरे की खूबसूरती के लिए नीम का ऐसे करें इस्तेमाल: दाग-धब्बे और पिंपल्स से राहत पाने में मिल सकती है मदद

    चेहरे की खूबसूरती के लिए नीम का ऐसे करें इस्तेमाल: दाग-धब्बे और पिंपल्स से राहत पाने में मिल सकती है मदद


    नई दिल्ली । नीम को भारतीय घरों में लंबे समय से त्वचा और बालों की देखभाल के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। नीम की पत्तियों में प्राकृतिक रूप से कई ऐसे गुण पाए जाते हैं जिन्हें त्वचा के लिए फायदेमंद माना जाता है। खासतौर पर ऑयली स्किन और मुंहासों की समस्या से परेशान लोगों के बीच नीम का इस्तेमाल काफी लोकप्रिय है। हालांकि त्वचा पर किसी भी प्राकृतिक चीज का इस्तेमाल करने से पहले यह समझना जरूरी है कि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है और किसी भी घरेलू उपाय का असर सभी पर एक जैसा नहीं होता।

    अगर आपकी त्वचा बहुत ऑयली है और चेहरे पर बार बार पिंपल्स निकलते हैं तो नीम का इस्तेमाल त्वचा की सफाई के लिए किया जा सकता है। नीम की कुछ साफ पत्तियों को पानी में उबालकर उस पानी को ठंडा करने के बाद चेहरे को धोने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे त्वचा की सफाई में मदद मिल सकती है। नीम में पाए जाने वाले कुछ प्राकृतिक यौगिकों में एंटीमाइक्रोबियल गुण बताए जाते हैं जो त्वचा पर मौजूद कुछ सूक्ष्मजीवों के खिलाफ काम कर सकते हैं। यही वजह है कि पारंपरिक रूप से नीम को मुंहासे और त्वचा संबंधी परेशानियों के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है।

    नीम की पत्तियों का पेस्ट भी त्वचा की देखभाल के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए ताजी और साफ नीम की पत्तियों को पीसकर हल्का पेस्ट बनाया जा सकता है। इसे चेहरे पर लगाने से पहले हाथ की त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना बेहतर होता है। अगर जलन लालिमा खुजली या किसी तरह की एलर्जी दिखाई दे तो इसे चेहरे पर नहीं लगाना चाहिए। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि प्राकृतिक चीजें भी कुछ लोगों की त्वचा पर प्रतिक्रिया पैदा कर सकती हैं।

    मुंहासों के अलावा नीम को अत्यधिक तैलीय त्वचा के लिए भी उपयोगी माना जाता है। कई बार त्वचा में अतिरिक्त तेल जमा होने के कारण चेहरे पर चिपचिपाहट और बंद रोमछिद्रों की समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में त्वचा की नियमित सफाई के साथ हल्के और त्वचा के अनुकूल उत्पादों का इस्तेमाल ज्यादा जरूरी है। नीम को इसका विकल्प नहीं माना जाना चाहिए बल्कि जरूरत के अनुसार अतिरिक्त देखभाल के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।

    अगर चेहरे पर दाग धब्बे या पुराने मुंहासों के निशान हैं तो केवल नीम लगाने से इनके पूरी तरह खत्म होने की गारंटी नहीं है। ऐसे मामलों में सनस्क्रीन का इस्तेमाल त्वचा की देखभाल का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पर्याप्त पानी पीना संतुलित आहार लेना और त्वचा को बार बार छूने से बचना भी जरूरी है। पिंपल्स को दबाने या फोड़ने से बचना चाहिए क्योंकि इससे सूजन और दाग बढ़ सकते हैं।

    नीम का इस्तेमाल करते समय यह भी ध्यान रखना चाहिए कि नीम का गाढ़ा पेस्ट या तेल हर किसी की त्वचा के लिए उपयुक्त नहीं होता। चेहरे पर नीम का तेल सीधे लगाने से कुछ लोगों को जलन या एलर्जी हो सकती है। अगर मुंहासे बहुत ज्यादा हैं दर्दनाक हैं बार बार हो रहे हैं या त्वचा पर लगातार लालिमा और खुजली बनी हुई है तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

    कुल मिलाकर नीम त्वचा की देखभाल में एक पारंपरिक और उपयोगी प्राकृतिक विकल्प हो सकता है। खासकर त्वचा की सफाई और ऑयली स्किन से जुड़ी समस्याओं में इसका इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन बेहतर परिणाम के लिए इसे सावधानी से इस्तेमाल करना जरूरी है। साफ सफाई मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन के साथ संतुलित स्किन केयर रूटीन अपनाना त्वचा को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में ज्यादा मददगार हो सकता है।

  • चेहरे की ड्राईनेस और बेजान त्वचा से परेशान हैं तो दही आएगा काम स्किन केयर में ऐसे करें इस्तेमाल

    चेहरे की ड्राईनेस और बेजान त्वचा से परेशान हैं तो दही आएगा काम स्किन केयर में ऐसे करें इस्तेमाल


    नई दिल्ली । खूबसूरत और निखरी त्वचा के लिए जरूरी नहीं कि हर बार महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स का ही सहारा लिया जाए। घर में मौजूद कुछ सामान्य चीजों का सही तरीके से इस्तेमाल भी त्वचा की देखभाल में मदद कर सकता है। इन्हीं चीजों में दही का नाम भी शामिल है। दही में लैक्टिक एसिड पाया जाता है जो त्वचा की ऊपरी सतह पर मौजूद मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद कर सकता है। इसके अलावा दही त्वचा को मुलायम बनाए रखने और रूखेपन को कम करने में भी सहायक हो सकता है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए चेहरे पर दही लगाने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है।

    अगर आपकी त्वचा सामान्य या रूखी है तो सादे और ताजे दही का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले चेहरे को हल्के फेस वॉश से साफ करें और फिर एक पतली परत में दही चेहरे पर लगाएं। इसे करीब दस से पंद्रह मिनट तक लगा रहने दें और इसके बाद सामान्य या हल्के गुनगुने पानी से चेहरा धो लें। चेहरे को धोने के बाद त्वचा पर हल्का मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं। इस तरह दही को स्किन केयर रूटीन में शामिल करने से त्वचा को मुलायम महसूस कराने में मदद मिल सकती है।
    अगर आपकी त्वचा सामान्य या रूखी है तो सादे और ताजे दही का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले चेहरे को हल्के फेस वॉश से साफ करें और फिर एक पतली परत में दही चेहरे पर लगाएं। इसे करीब दस से पंद्रह मिनट तक लगा रहने दें और इसके बाद सामान्य या हल्के गुनगुने पानी से चेहरा धो लें। चेहरे को धोने के बाद त्वचा पर हल्का मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं। इस तरह दही को स्किन केयर रूटीन में शामिल करने से त्वचा को मुलायम महसूस कराने में मदद मिल सकती है।

    दही को कई लोग बेसन के साथ मिलाकर भी चेहरे पर लगाते हैं। इसके लिए एक चम्मच सादा दही और थोड़ी मात्रा में बेसन लेकर पेस्ट बनाया जा सकता है। इसे चेहरे पर लगाकर कुछ देर के लिए छोड़ दें और सूखने के बाद बिना ज्यादा रगड़े पानी से धो लें। अगर त्वचा संवेदनशील है तो स्क्रब की तरह जोर से रगड़ने से बचना चाहिए। ज्यादा रगड़ने से त्वचा में जलन या लालिमा हो सकती है।

    ऑयली स्किन वाले लोगों को दही का इस्तेमाल करते समय भी सावधानी रखनी चाहिए। चेहरे पर बहुत ज्यादा मात्रा में दही लगाने या लंबे समय तक लगाए रखने से बचें। वहीं मुंहासों वाली त्वचा पर किसी भी घरेलू नुस्खे को आजमाने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर होता है। अगर दही लगाने के बाद जलन खुजली लालिमा या सूजन जैसी समस्या दिखाई दे तो तुरंत चेहरा धो लें और इसका इस्तेमाल बंद कर दें।

    दही को नींबू जैसी चीजों के साथ मिलाकर लगाने से भी बचना चाहिए। नींबू का रस कुछ लोगों की त्वचा में जलन और संवेदनशीलता बढ़ा सकता है। खासकर अगर त्वचा पहले से संवेदनशील है तो ऐसे प्रयोग नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसी तरह चेहरे पर कोई भी घरेलू मिश्रण रोजाना लगाने की जरूरत नहीं होती। त्वचा की जरूरत के अनुसार सीमित इस्तेमाल करना बेहतर है।

    स्किन केयर में दही को किसी जादुई उपचार की तरह नहीं देखना चाहिए। संतुलित खानपान पर्याप्त पानी अच्छी नींद चेहरे की नियमित सफाई और धूप से बचाव भी त्वचा को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अगर त्वचा पर लगातार मुंहासे दाने खुजली अत्यधिक रूखापन या अन्य समस्या बनी रहती है तो घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। इस तरह सही सावधानी के साथ दही को अपनी स्किन केयर दिनचर्या का एक आसान हिस्सा बनाया जा सकता है।

  • महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स छोड़िए एवोकाडो से पाएं निखरी और मुलायम त्वचा जानें इस्तेमाल का सही तरीका

    महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स छोड़िए एवोकाडो से पाएं निखरी और मुलायम त्वचा जानें इस्तेमाल का सही तरीका


    नई दिल्ली। आजकल त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने के लिए लोग तरह तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं लेकिन कई बार साधारण और प्राकृतिक चीजें भी स्किन केयर रूटीन में उपयोगी साबित हो सकती हैं। एवोकाडो ऐसा ही एक फल है जो अपने पोषक तत्वों के कारण डाइट के साथ साथ त्वचा की देखभाल के लिए भी लोकप्रिय है। इसमें हेल्दी फैट्स विटामिन ई विटामिन सी और कई एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो त्वचा को मॉइस्चराइज रखने और रूखेपन को कम करने में मदद कर सकते हैं।

    अगर आपकी त्वचा रूखी और बेजान नजर आती है तो एवोकाडो से बना फेस मास्क एक आसान घरेलू विकल्प हो सकता है। इसके लिए पके हुए एवोकाडो को अच्छी तरह मैश करके उसका मुलायम पेस्ट तैयार करें। इसे साफ चेहरे पर हल्के हाथों से लगाएं और करीब 10 से 15 मिनट के बाद सामान्य पानी से चेहरा धो लें। इसके बाद त्वचा पर हल्का मॉइस्चराइजर लगाया जा सकता है। एवोकाडो में मौजूद फैट्स त्वचा को नमी देने में मदद कर सकते हैं जिससे चेहरा अधिक मुलायम महसूस हो सकता है।

    एवोकाडो में मौजूद विटामिन ई को त्वचा के लिए उपयोगी एंटीऑक्सीडेंट माना जाता है। यह त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकता है। वहीं विटामिन सी त्वचा की सामान्य कोलेजन निर्माण प्रक्रिया में भूमिका निभाता है। यही वजह है कि संतुलित डाइट में एवोकाडो को शामिल करना त्वचा की सेहत के लिए भी फायदेमंद हो सकता है।

    एवोकाडो का इस्तेमाल केवल फेस मास्क के तौर पर ही नहीं बल्कि स्किन केयर रूटीन में मॉइस्चराइजिंग सामग्री के रूप में भी किया जाता है। कुछ लोग एवोकाडो पल्प को एलोवेरा जेल के साथ मिलाकर फेस पैक बनाते हैं। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी घरेलू नुस्खे को पूरे चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर रहता है। अगर त्वचा पर जलन खुजली या लालिमा दिखाई दे तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर देना चाहिए।

    अगर आपकी त्वचा बहुत ऑयली या मुहांसों वाली है तो एवोकाडो आधारित हेवी मास्क का इस्तेमाल सावधानी से करें। किसी भी प्राकृतिक सामग्री का मतलब यह नहीं है कि वह हर व्यक्ति की त्वचा के लिए सुरक्षित या उपयुक्त होगी। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को नए उत्पाद या घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर हो सकता है।

    स्किन केयर के साथ खानपान का भी त्वचा की सेहत पर असर पड़ता है। एवोकाडो को डाइट में शामिल करने से शरीर को हेल्दी फैट्स फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व मिल सकते हैं। इसे सलाद स्मूदी या टोस्ट के साथ लिया जा सकता है। हालांकि किसी एक फल को त्वचा की सभी समस्याओं का समाधान नहीं माना जा सकता। पर्याप्त पानी संतुलित आहार अच्छी नींद और नियमित स्किन केयर भी उतने ही जरूरी हैं।

    इस तरह एवोकाडो को अपनी स्किन केयर और डाइट का हिस्सा बनाकर त्वचा को नमी और पोषण देने में मदद मिल सकती है। लेकिन बेहतर परिणाम के लिए अपनी त्वचा के प्रकार को समझना और किसी भी नए घरेलू प्रयोग को सावधानी से शुरू करना जरूरी है।

  • डार्क सर्कल हटाने के लिए अपनाएं सही स्किन केयर रूटीन जानिए किन आदतों से मिलेगा तेजी से फायदा

    डार्क सर्कल हटाने के लिए अपनाएं सही स्किन केयर रूटीन जानिए किन आदतों से मिलेगा तेजी से फायदा


    नई दिल्ली। आंखों के नीचे डार्क सर्कल आज के समय की सबसे आम ब्यूटी समस्याओं में से एक बन चुके हैं। लंबे समय तक मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल कम नींद तनाव गलत खानपान पानी की कमी और बढ़ती उम्र इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं। कई लोग इन्हें छिपाने के लिए मेकअप का सहारा लेते हैं लेकिन यदि सही स्किन केयर और स्वस्थ जीवनशैली अपनाई जाए तो इनकी समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

    डार्क सर्कल कम करने का सबसे पहला नियम है पर्याप्त नींद लेना। हर दिन सात से आठ घंटे की अच्छी नींद शरीर और त्वचा दोनों के लिए जरूरी मानी जाती है। जब शरीर को पूरा आराम मिलता है तो आंखों के आसपास की त्वचा भी स्वस्थ रहती है और काले घेरे धीरे धीरे कम होने लगते हैं। लगातार देर रात तक जागने की आदत डार्क सर्कल को और गहरा बना सकती है।

    शरीर में पानी की कमी भी डार्क सर्कल की एक बड़ी वजह हो सकती है। इसलिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। पानी त्वचा को हाइड्रेट रखता है और चेहरे की ताजगी बनाए रखने में मदद करता है। इसके साथ ही मौसमी फल हरी सब्जियां और विटामिन सी आयरन तथा एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर भोजन को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। संतुलित आहार त्वचा को अंदर से पोषण देता है।

    घरेलू उपायों में ठंडी ग्रीन टी बैग्स का इस्तेमाल काफी लोकप्रिय है। इस्तेमाल के बाद ठंडे किए गए टी बैग्स को दस से पंद्रह मिनट तक आंखों पर रखने से सूजन कम हो सकती है और आंखों को ठंडक मिलती है। खीरे के पतले टुकड़े या आलू का रस भी कई लोग आंखों के आसपास लगाते हैं। इनमें मौजूद प्राकृतिक तत्व त्वचा को ताजगी देने में मदद कर सकते हैं।

    एलोवेरा जेल भी आंखों के आसपास की नाजुक त्वचा के लिए लाभकारी माना जाता है। रात में सोने से पहले थोड़ी मात्रा में एलोवेरा जेल लगाकर हल्के हाथों से मालिश करने से त्वचा को नमी मिलती है। बादाम के तेल से हल्की मसाज भी रक्त संचार को बेहतर बनाने में सहायक मानी जाती है। हालांकि किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले त्वचा पर पैच टेस्ट करना जरूरी है।

    आंखों के आसपास की त्वचा बहुत पतली और संवेदनशील होती है इसलिए उसे जोर से रगड़ने से बचना चाहिए। मेकअप हटाने के लिए हमेशा हल्के और त्वचा के अनुकूल प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें। बाहर निकलते समय सनस्क्रीन और धूप का चश्मा पहनना भी जरूरी है क्योंकि तेज धूप त्वचा में पिगमेंटेशन बढ़ा सकती है जिससे डार्क सर्कल अधिक गहरे दिखाई दे सकते हैं।

    अगर लंबे समय तक डार्क सर्कल बने रहें या इनके साथ सूजन दर्द या अन्य परेशानी भी हो तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है। कई बार यह समस्या केवल थकान नहीं बल्कि एनीमिया एलर्जी हार्मोनल बदलाव या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकती है। ऐसे मामलों में केवल घरेलू उपाय पर्याप्त नहीं होते।

    डार्क सर्कल रातोंरात खत्म नहीं होते लेकिन नियमित स्किन केयर संतुलित आहार पर्याप्त नींद तनाव से दूरी और सही घरेलू उपाय अपनाकर आंखों के नीचे की त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाया जा सकता है। धैर्य और नियमित देखभाल ही इस समस्या से राहत पाने का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।

  • महंगे प्रोडक्ट नहीं रोज की सही स्किन केयर दिलाएगी नैचुरल ग्लो जानिए त्वचा को स्वस्थ रखने के जरूरी नियम

    महंगे प्रोडक्ट नहीं रोज की सही स्किन केयर दिलाएगी नैचुरल ग्लो जानिए त्वचा को स्वस्थ रखने के जरूरी नियम


    नई दिल्ली। खूबसूरत और स्वस्थ त्वचा केवल महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स से नहीं बल्कि सही और नियमित स्किन केयर रूटीन से मिलती है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में धूल मिट्टी प्रदूषण तेज धूप और तनाव का सबसे ज्यादा असर हमारी त्वचा पर दिखाई देता है। यदि रोजाना कुछ आसान आदतों को अपनाया जाए तो त्वचा लंबे समय तक साफ चमकदार और जवां बनी रह सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित स्किन केयर केवल सुंदरता ही नहीं बल्कि त्वचा के स्वास्थ्य के लिए भी बेहद जरूरी है।

    दिन की शुरुआत चेहरे की अच्छी सफाई से करें। सुबह उठने के बाद अपने स्किन टाइप के अनुसार हल्के फेसवॉश से चेहरा धोएं ताकि रातभर जमा अतिरिक्त तेल और गंदगी साफ हो जाए। इसके बाद त्वचा पर हल्का मॉइस्चराइजर लगाएं जिससे त्वचा में नमी बनी रहे। यदि आप घर से बाहर निकल रहे हैं तो सनस्क्रीन लगाना बिल्कुल न भूलें। तेज धूप की अल्ट्रावायलेट किरणें समय से पहले झुर्रियां दाग धब्बे और टैनिंग का कारण बन सकती हैं।

    दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी स्वस्थ त्वचा के लिए जरूरी है। शरीर में पानी की कमी होने पर त्वचा बेजान और रूखी दिखाई देने लगती है। रोजाना पर्याप्त पानी पीने से शरीर के विषैले तत्व बाहर निकलते हैं और त्वचा प्राकृतिक रूप से चमकदार बनी रहती है। इसके साथ ही मौसमी फल हरी सब्जियां सूखे मेवे और विटामिन सी से भरपूर आहार त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं।

    रात की स्किन केयर भी उतनी ही जरूरी होती है। सोने से पहले चेहरा अच्छी तरह साफ करें ताकि दिनभर की धूल मिट्टी मेकअप और प्रदूषण त्वचा से हट जाए। इसके बाद नाइट क्रीम या हल्का मॉइस्चराइजर लगाएं जिससे त्वचा रातभर रिपेयर हो सके। यदि त्वचा पर मुंहासे या पिगमेंटेशन जैसी समस्या है तो त्वचा विशेषज्ञ की सलाह से ही कोई उपचार अपनाएं।

    सप्ताह में एक या दो बार चेहरे को हल्के स्क्रब से एक्सफोलिएट करना भी फायदेमंद माना जाता है। इससे त्वचा की मृत कोशिकाएं हटती हैं और नई कोशिकाओं का निर्माण बेहतर होता है। हालांकि जरूरत से ज्यादा स्क्रब करने से त्वचा को नुकसान भी हो सकता है इसलिए संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

    तनाव और नींद की कमी भी त्वचा की चमक को प्रभावित करती है। रोजाना सात से आठ घंटे की अच्छी नींद लेने से त्वचा को आराम मिलता है और चेहरे पर प्राकृतिक निखार दिखाई देता है। योग ध्यान और हल्की एक्सरसाइज करने से रक्त संचार बेहतर होता है जिससे त्वचा स्वस्थ रहती है।

    धूम्रपान और अत्यधिक जंक फूड का सेवन त्वचा को समय से पहले बूढ़ा बना सकता है। इसलिए संतुलित जीवनशैली अपनाना भी स्किन केयर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। याद रखें कि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी नए प्रोडक्ट का उपयोग करने से पहले उसकी गुणवत्ता और अपनी त्वचा की जरूरत को समझना जरूरी है।

    यदि रोजाना कुछ मिनट अपनी त्वचा की देखभाल के लिए निकाले जाएं तो बिना महंगे उपचार के भी लंबे समय तक स्वस्थ मुलायम और चमकदार त्वचा पाई जा सकती है। नियमित स्किन केयर और संतुलित खानपान ही प्राकृतिक सुंदरता का सबसे बड़ा राज माना जाता है।

  • स्किन केयर में नींबू का सही उपयोग देगा प्राकृतिक निखार जानिए किन बातों का रखना चाहिए विशेष ध्यान

    स्किन केयर में नींबू का सही उपयोग देगा प्राकृतिक निखार जानिए किन बातों का रखना चाहिए विशेष ध्यान


    नई दिल्ली । स्किन केयर की दुनिया में नींबू का नाम लंबे समय से प्राकृतिक घरेलू उपायों में शामिल रहा है। विटामिन सी और साइट्रिक एसिड से भरपूर नींबू को कई लोग त्वचा की चमक बढ़ाने और अतिरिक्त तेल को कम करने के लिए उपयोग करते हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि नींबू हर व्यक्ति की त्वचा पर एक जैसा असर नहीं करता इसलिए इसका इस्तेमाल सोच समझकर और सावधानी के साथ करना चाहिए। सही तरीके से उपयोग करने पर यह त्वचा की देखभाल में सहायक हो सकता है जबकि गलत इस्तेमाल त्वचा में जलन और संवेदनशीलता बढ़ा सकता है।

    नींबू में मौजूद विटामिन सी त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकता है। यह कोलेजन बनने की प्रक्रिया में भी भूमिका निभाता है जिससे त्वचा अधिक स्वस्थ और ताजगी भरी दिखाई दे सकती है। कई लोग इसे त्वचा की रंगत को समान दिखाने और हल्के दाग धब्बों को कम करने के लिए घरेलू नुस्खों में शामिल करते हैं लेकिन इसके प्रभाव व्यक्ति की त्वचा और समस्या के अनुसार अलग अलग हो सकते हैं।

    यदि आपकी त्वचा सामान्य या तैलीय है तो नींबू का उपयोग हमेशा किसी अन्य प्राकृतिक सामग्री जैसे शहद दही एलोवेरा जेल या गुलाब जल के साथ मिलाकर करना बेहतर माना जाता है। सीधे नींबू का रस चेहरे पर लगाने से त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा परत प्रभावित हो सकती है और जलन या लालपन की समस्या पैदा हो सकती है। इसलिए किसी भी घरेलू फेस पैक में इसकी मात्रा सीमित रखना उचित माना जाता है।

    नींबू का उपयोग करने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना एक अच्छी आदत है। यदि कुछ घंटों तक किसी तरह की खुजली जलन या एलर्जी महसूस न हो तभी इसका सीमित उपयोग करना चाहिए। जिन लोगों की त्वचा बहुत अधिक संवेदनशील या पहले से किसी त्वचा रोग से प्रभावित है उन्हें बिना विशेषज्ञ सलाह के नींबू का प्रयोग करने से बचना चाहिए।

    एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि नींबू लगाने के तुरंत बाद धूप में नहीं निकलना चाहिए। नींबू में मौजूद कुछ प्राकृतिक तत्व त्वचा को सूर्य की किरणों के प्रति अधिक संवेदनशील बना सकते हैं जिससे जलन या दाग बनने का खतरा बढ़ सकता है। यदि दिन के समय इसका उपयोग किया जाए तो बाद में चेहरा अच्छी तरह धोकर सनस्क्रीन लगाना जरूरी माना जाता है।

    त्वचा की देखभाल केवल किसी एक घरेलू उपाय पर निर्भर नहीं करती। पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन करना अच्छी नींद लेना नियमित रूप से चेहरा साफ रखना और धूप से बचाव करना भी स्वस्थ त्वचा के लिए उतना ही आवश्यक है। यदि मुंहासे पिगमेंटेशन या अन्य त्वचा संबंधी समस्याएं लंबे समय तक बनी रहें तो घरेलू उपायों के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना अधिक उचित रहता है।

    नींबू एक प्राकृतिक सामग्री है लेकिन प्राकृतिक होने का अर्थ यह नहीं कि वह हर व्यक्ति के लिए पूरी तरह सुरक्षित या उपयुक्त हो। इसलिए इसका उपयोग हमेशा संयम और सावधानी के साथ करना चाहिए। सही जानकारी और संतुलित स्किन केयर रूटीन अपनाकर ही त्वचा को लंबे समय तक स्वस्थ चमकदार और सुंदर बनाए रखा जा सकता है।