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  • चेहरे की देखभाल में नींबू कितना फायदेमंद, जलन और रूखेपन से बचने के लिए जानें सही तरीका और जरूरी स्किन केयर टिप्स

    चेहरे की देखभाल में नींबू कितना फायदेमंद, जलन और रूखेपन से बचने के लिए जानें सही तरीका और जरूरी स्किन केयर टिप्स


    नई दिल्ली। चेहरे की चमक और त्वचा की देखभाल के लिए लोग अक्सर घरेलू उपायों का सहारा लेते हैं। नींबू भी ऐसा ही एक घरेलू विकल्प है जिसमें विटामिन सी और साइट्रिक एसिड पाया जाता है। इसी वजह से इसे त्वचा की सफाई और ऑयली स्किन की देखभाल से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि नींबू को सीधे चेहरे पर लगाना हर किसी की त्वचा के लिए सही नहीं होता। इसमें मौजूद अम्लीय तत्व संवेदनशील त्वचा पर जलन लालिमा और रूखापन पैदा कर सकते हैं। इसलिए नींबू का इस्तेमाल करते समय सावधानी रखना जरूरी है।

    अगर आपकी त्वचा बहुत संवेदनशील नहीं है तो नींबू का इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर माना जाता है। इसके लिए तैयार मिश्रण की थोड़ी मात्रा हाथ या बांह के छोटे हिस्से पर लगाकर देखें। अगर जलन खुजली या लालिमा दिखाई दे तो चेहरे पर इसका इस्तेमाल न करें। चेहरे पर नींबू का रस सीधे लगाने से विशेष रूप से बचना चाहिए क्योंकि इससे त्वचा की प्राकृतिक नमी प्रभावित हो सकती है।

    नींबू को त्वचा की देखभाल में इस्तेमाल करने का एक तरीका इसे किसी मॉइस्चराइजिंग सामग्री के साथ मिलाना है। उदाहरण के लिए दही या एलोवेरा जेल के साथ बहुत थोड़ी मात्रा में नींबू का इस्तेमाल करने की घरेलू परंपरा है। लेकिन संवेदनशील या पहले से irritated त्वचा पर ऐसे प्रयोग भी परेशानी बढ़ा सकते हैं। इसलिए त्वचा के प्रकार को समझना सबसे जरूरी है। किसी भी घरेलू नुस्खे को रोजाना लगाने के बजाय सीमित मात्रा में और सावधानी से इस्तेमाल करना चाहिए।

    नींबू के इस्तेमाल के बाद धूप से बचाव भी बेहद जरूरी है। नींबू या दूसरे citrus पदार्थ त्वचा को सूर्य की रोशनी के प्रति अधिक संवेदनशील बना सकते हैं। इसलिए चेहरे पर नींबू आधारित मिश्रण लगाने के बाद धूप में निकलने से बचना चाहिए। दिन के समय बाहर जाते हुए पर्याप्त SPF वाला sunscreen इस्तेमाल करना त्वचा की सुरक्षा के लिए ज्यादा भरोसेमंद उपाय है। नींबू को धूप से झुलसी त्वचा पर लगाने की कोशिश भी नहीं करनी चाहिए।

    अगर चेहरे पर मुंहासे दाग धब्बे या pigmentation की समस्या है तो केवल नींबू पर निर्भर रहना सही तरीका नहीं है। लगातार बनी रहने वाली त्वचा संबंधी समस्या के लिए त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है। घरेलू नुस्खों से हर व्यक्ति को एक जैसा परिणाम मिले यह जरूरी नहीं है। खासकर जिन लोगों की त्वचा पहले से संवेदनशील है उन्हें बिना सलाह के acidic ingredients चेहरे पर लगाने से बचना चाहिए।

    स्किन केयर के लिए नींबू से ज्यादा जरूरी नियमित और सरल routine है। चेहरे को हल्के cleanser से साफ करना पर्याप्त मात्रा में moisturizer लगाना और दिन में sunscreen का इस्तेमाल करना त्वचा की देखभाल का बेहतर आधार बन सकता है। पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन लेना और नींद पूरी करना भी त्वचा की सामान्य सेहत के लिए उपयोगी है। नींबू का सेवन भोजन और पेय के रूप में विटामिन सी का स्रोत हो सकता है लेकिन इसे त्वचा पर लगाने को लेकर सावधानी जरूरी है।

    इसलिए अगर आप नींबू से स्किन केयर करना चाहते हैं तो सीधे नींबू का रस चेहरे पर लगाने के बजाय पहले अपनी त्वचा की संवेदनशीलता समझें। पैच टेस्ट करें और जलन होने पर तुरंत इस्तेमाल बंद कर दें। सुंदर और स्वस्थ त्वचा के लिए किसी भी घरेलू उपाय से ज्यादा जरूरी सुरक्षित और नियमित स्किन केयर routine है।

  • स्किन केयर के लिए महंगे प्रोडक्ट नहीं ये आसान आदतें अपनाएं त्वचा लंबे समय तक रहेगी साफ निखरी और स्वस्थ

    स्किन केयर के लिए महंगे प्रोडक्ट नहीं ये आसान आदतें अपनाएं त्वचा लंबे समय तक रहेगी साफ निखरी और स्वस्थ


    नई दिल्ली। आज के समय में हर कोई साफ निखरी और स्वस्थ त्वचा चाहता है लेकिन इसके लिए केवल महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना ही जरूरी नहीं है। त्वचा की सही देखभाल के लिए रोजमर्रा की कुछ आसान आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना ज्यादा जरूरी है। धूल मिट्टी प्रदूषण धूप तनाव नींद की कमी और खानपान का सीधा असर हमारी त्वचा पर दिखाई दे सकता है। ऐसे में अगर स्किन केयर रूटीन को सही तरीके से अपनाया जाए तो त्वचा को लंबे समय तक स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

    स्किन केयर की शुरुआत चेहरे की सफाई से करनी चाहिए। दिनभर बाहर रहने के दौरान त्वचा पर धूल पसीना और गंदगी जमा हो जाती है। इसलिए त्वचा के प्रकार के अनुसार किसी हल्के क्लींजर से चेहरा साफ करना उपयोगी हो सकता है। हालांकि बहुत ज्यादा बार चेहरा धोने से त्वचा की प्राकृतिक नमी कम हो सकती है इसलिए जरूरत से ज्यादा सफाई करने से बचना चाहिए। चेहरे को साफ करने के बाद त्वचा को मॉइस्चराइज करना भी जरूरी है। तैलीय त्वचा वाले लोगों को हल्का और नॉन कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर पसंद आ सकता है जबकि रूखी त्वचा के लिए थोड़ा ज्यादा हाइड्रेटिंग मॉइस्चराइजर उपयोगी हो सकता है।

    धूप से त्वचा की सुरक्षा भी स्किन केयर का अहम हिस्सा है। लंबे समय तक तेज धूप में रहने से त्वचा पर टैनिंग और समय से पहले उम्र बढ़ने के संकेत दिखाई दे सकते हैं। इसलिए बाहर निकलते समय ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिए और जरूरत के अनुसार इसे दोबारा लगाया जा सकता है। इसके साथ छाता टोपी और धूप से बचाने वाले कपड़ों का इस्तेमाल भी मददगार हो सकता है।

    त्वचा की खूबसूरती केवल बाहर से की जाने वाली देखभाल पर निर्भर नहीं करती। पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन लेना और अच्छी नींद लेना भी जरूरी है। भोजन में फल सब्जियां दालें साबुत अनाज और पर्याप्त प्रोटीन शामिल करने से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। बहुत ज्यादा तला भुना और अत्यधिक मीठा भोजन नियमित रूप से लेने की आदत को कम करना बेहतर हो सकता है।

    इसके अलावा चेहरे को बार बार छूने और बिना जरूरत पिंपल दबाने से बचना चाहिए। मेकअप इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए रात में सोने से पहले मेकअप अच्छी तरह साफ करना जरूरी है। तकिए के कवर तौलिया और मेकअप ब्रश जैसी चीजों की नियमित सफाई भी स्वच्छता बनाए रखने में मदद करती है।

    अगर त्वचा पर लगातार मुंहासे खुजली लालिमा जलन दाग या किसी तरह का असामान्य बदलाव दिखाई दे रहा है तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। सही स्किन केयर का मतलब बहुत सारे प्रोडक्ट इस्तेमाल करना नहीं बल्कि अपनी त्वचा की जरूरत समझकर नियमित और संतुलित देखभाल करना है। छोटी छोटी अच्छी आदतें लंबे समय में त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती हैं।

  • Skin Care Tips: चावल का पानी चेहरे पर लगाने से मिल सकती है त्वचा को ताजगी जानिए Rice Water के इस्तेमाल का आसान तरीका

    Skin Care Tips: चावल का पानी चेहरे पर लगाने से मिल सकती है त्वचा को ताजगी जानिए Rice Water के इस्तेमाल का आसान तरीका


    नई दिल्ली। चावल का पानी यानी Rice Water लंबे समय से घरेलू सौंदर्य देखभाल का हिस्सा रहा है। कई लोग इसे त्वचा को साफ और तरोताजा रखने के लिए इस्तेमाल करते हैं। चावल को भिगोने या उबालने के बाद बचने वाले पानी में स्टार्च और कुछ अन्य यौगिक मौजूद होते हैं जिन्हें पारंपरिक रूप से त्वचा की देखभाल से जोड़ा जाता है। हालांकि चावल के पानी को किसी त्वचा रोग का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। सामान्य स्किन केयर रूटीन में इसे शामिल करने से पहले अपनी त्वचा के प्रकार और संवेदनशीलता को समझना जरूरी है।

    Rice Water तैयार करने का सबसे आसान तरीका चावल को पानी में भिगोना है। इसके लिए थोड़ी मात्रा में चावल लेकर उसे साफ पानी से धो लें और फिर पर्याप्त पानी में कुछ समय के लिए भिगोकर रखें। इसके बाद पानी को छानकर साफ बोतल में रखा जा सकता है। इसे चेहरे पर इस्तेमाल करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि पानी साफ हो और लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखा हुआ न हो। ताजा तैयार किया गया पानी इस्तेमाल करना अधिक उचित है क्योंकि घरेलू तरीके से तैयार किए गए मिश्रण में दूषित होने की संभावना हो सकती है।

    चेहरे पर Rice Water इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले त्वचा को हल्के फेस वॉश से साफ करें। इसके बाद कॉटन पैड या साफ हाथों की मदद से थोड़ी मात्रा में चावल का पानी चेहरे पर लगाया जा सकता है। इसे कुछ समय त्वचा पर रहने देने के बाद सामान्य पानी से चेहरा धो सकते हैं। यदि त्वचा पर किसी तरह की जलन या असहजता महसूस हो तो तुरंत इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए। इसके बाद त्वचा की जरूरत के अनुसार मॉइस्चराइजर लगाया जा सकता है।

    Rice Water को लेकर सोशल मीडिया पर त्वचा की रंगत निखारने और दाग धब्बे कम करने जैसे कई दावे किए जाते हैं लेकिन इन दावों के लिए मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं। इसलिए इसे तुरंत गोरा करने या पिगमेंटेशन पूरी तरह खत्म करने वाले उपाय के रूप में देखना सही नहीं होगा। त्वचा की देखभाल के लिए रोजाना सनस्क्रीन लगाना पर्याप्त मॉइस्चराइजिंग करना और त्वचा को साफ रखना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

    अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है तो चेहरे पर Rice Water लगाने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर रहेगा। हाथ या कान के पीछे थोड़ी मात्रा लगाकर देखें और कुछ समय तक त्वचा की प्रतिक्रिया पर ध्यान दें। लालिमा खुजली जलन या सूजन दिखाई दे तो इसका इस्तेमाल न करें। सक्रिय मुहांसे घाव या किसी त्वचा संक्रमण की स्थिति में घरेलू नुस्खे आजमाने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

    Rice Water को स्किन केयर रूटीन में शामिल करते समय स्वच्छता का भी ध्यान रखना चाहिए। इसे लंबे समय तक स्टोर करके रखने से बचें और गंध या रंग में बदलाव आने पर इस्तेमाल न करें। किसी भी घरेलू नुस्खे की तरह इसका असर हर व्यक्ति की त्वचा पर अलग हो सकता है। नियमित और संतुलित स्किन केयर के साथ पर्याप्त नींद पानी का सेवन पौष्टिक भोजन और धूप से बचाव भी त्वचा को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    इस तरह Rice Water को त्वचा की सामान्य देखभाल के लिए एक आसान घरेलू विकल्प के तौर पर आजमाया जा सकता है लेकिन इसे किसी चमत्कारी ब्यूटी ट्रीटमेंट की तरह नहीं देखना चाहिए। सही तरीके से इस्तेमाल और सावधानी के साथ यह आपकी स्किन केयर रूटीन का एक छोटा हिस्सा बन सकता है।

  • त्वचा की नमी बनाए रखने में मददगार है ग्लिसरीन, ऐसे करें इस्तेमाल और पाएं सॉफ्ट स्किन

    त्वचा की नमी बनाए रखने में मददगार है ग्लिसरीन, ऐसे करें इस्तेमाल और पाएं सॉफ्ट स्किन


    नई दिल्ली। आजकल त्वचा को मुलायम और हाइड्रेटेड रखने के लिए लोग तरह तरह के स्किन केयर प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करते हैं। लेकिन कई बार साधारण और आसानी से मिलने वाली चीजें भी त्वचा की नमी बनाए रखने में मदद कर सकती हैं। ग्लिसरीन भी ऐसा ही एक लोकप्रिय मॉइस्चराइजिंग घटक है जिसका इस्तेमाल कई क्रीम और मॉइस्चराइजर में किया जाता है। त्वचा विशेषज्ञों की सलाह में भी ग्लिसरीन को ऐसे घटकों में शामिल किया जाता है जो रूखी त्वचा को नमी देने में मदद कर सकते हैं।

    ग्लिसरीन को ह्यूमेक्टेंट माना जाता है। इसका मतलब है कि यह त्वचा की सतह पर नमी बनाए रखने में मदद करता है। खासकर जिन लोगों की त्वचा रूखी रहती है उनके लिए ग्लिसरीन युक्त मॉइस्चराइजर उपयोगी हो सकता है। हालांकि चेहरे पर सीधे ग्लिसरीन लगाने से पहले यह समझना जरूरी है कि इसे किस तरह और किस चीज के साथ इस्तेमाल किया जाए। हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी नए प्रोडक्ट को इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर रहता है।

    अगर आप ग्लिसरीन को स्किन केयर रूटीन में शामिल करना चाहते हैं तो सबसे पहले चेहरे को किसी माइल्ड क्लींजर से साफ करें। त्वचा को जोर से रगड़ने से बचें क्योंकि इससे जलन और रूखापन बढ़ सकता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी भी चेहरे की सफाई के लिए हल्के क्लींजर और गुनगुने पानी का इस्तेमाल करने की सलाह देती है।

    चेहरा साफ करने के बाद त्वचा को पूरी तरह सुखाने के बजाय हल्का नम रहने दें। इसके बाद ग्लिसरीन वाले मॉइस्चराइजर या उपयुक्त स्किन केयर प्रोडक्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है। नम त्वचा पर मॉइस्चराइजर लगाने से नमी को बनाए रखने में मदद मिल सकती है। त्वचा विशेषज्ञ भी नहाने या चेहरा धोने के बाद नम त्वचा पर मॉइस्चराइजर लगाने की सलाह देते हैं।

    ग्लिसरीन का इस्तेमाल खास तौर पर रूखी त्वचा में फायदेमंद हो सकता है। इससे त्वचा में नमी बनी रहने में मदद मिलती है और रूखापन कम महसूस हो सकता है। नियमित मॉइस्चराइजिंग से त्वचा अधिक मुलायम महसूस हो सकती है। हालांकि ग्लिसरीन को चेहरे पर लगाने से यह दावा नहीं किया जा सकता कि इससे रंग बदल जाएगा या किसी तरह की त्वचा संबंधी समस्या पूरी तरह ठीक हो जाएगी।

    स्किन केयर में एक और जरूरी बात यह है कि जरूरत से ज्यादा प्रोडक्ट इस्तेमाल न किए जाएं। कई अलग अलग एक्टिव प्रोडक्ट एक साथ लगाने से संवेदनशील त्वचा में जलन हो सकती है। त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार स्किन केयर प्रोडक्ट लगाने का क्रम भी महत्वपूर्ण होता है। सामान्य तौर पर चेहरा साफ करने के बाद ट्रीटमेंट प्रोडक्ट और फिर मॉइस्चराइजर या सनस्क्रीन लगाया जाता है।

    दिन के समय स्किन केयर करते हुए सनस्क्रीन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। धूप से त्वचा को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का इस्तेमाल जरूरी माना जाता है। केवल ग्लिसरीन लगाने से धूप से त्वचा की सुरक्षा नहीं होती इसलिए मॉइस्चराइजिंग के साथ सन प्रोटेक्शन भी स्किन केयर रूटीन का हिस्सा होना चाहिए।

    अगर ग्लिसरीन या किसी नए स्किन केयर प्रोडक्ट को लगाने के बाद जलन लालिमा खुजली या असहजता महसूस हो तो उसका इस्तेमाल रोक देना चाहिए। लगातार समस्या रहने पर त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। खासकर बहुत संवेदनशील त्वचा या पहले से किसी त्वचा रोग से परेशान लोगों को घरेलू प्रयोग करने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।

    इस तरह ग्लिसरीन को स्किन केयर रूटीन में शामिल करने का सबसे आसान तरीका इसे किसी उपयुक्त मॉइस्चराइजर या ग्लिसरीन युक्त प्रोडक्ट के रूप में इस्तेमाल करना है। सही तरीके से इस्तेमाल करने पर यह त्वचा की नमी बनाए रखने में मदद कर सकता है और रूखी त्वचा को मुलायम महसूस कराने में उपयोगी हो सकता है।

  • स्किन केयर में सिरके का इस्तेमाल करने से पहले जान लें ये जरूरी बातें वरना त्वचा को हो सकता है नुकसान

    स्किन केयर में सिरके का इस्तेमाल करने से पहले जान लें ये जरूरी बातें वरना त्वचा को हो सकता है नुकसान


    नई दिल्ली । स्किन केयर के लिए लोग तरह तरह के घरेलू नुस्खे आजमाते हैं। इन्हीं में सिरका भी शामिल है जिसका इस्तेमाल कुछ लोग त्वचा की सफाई और अतिरिक्त तेल को कम करने के लिए करते हैं। खासतौर पर एप्पल साइडर विनेगर को लेकर इंटरनेट पर कई तरह के दावे किए जाते हैं। हालांकि सिरका एक अम्लीय पदार्थ है इसलिए इसे चेहरे पर सीधे लगाना त्वचा के लिए परेशानी पैदा कर सकता है। स्किन केयर में इसका इस्तेमाल करने से पहले इसके संभावित फायदे और सावधानियों को समझना जरूरी है।

    सिरके में एसिटिक एसिड मौजूद होता है। इसी अम्लीय प्रकृति की वजह से यह त्वचा के पीएच को प्रभावित कर सकता है। कुछ लोगों का मानना है कि पतला किया हुआ सिरका त्वचा से अतिरिक्त तेल और गंदगी हटाने में मदद कर सकता है। लेकिन हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है और जिस चीज से किसी व्यक्ति को फायदा महसूस हो वही दूसरे व्यक्ति की त्वचा में जलन पैदा कर सकती है। खासतौर पर संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को घरेलू प्रयोग करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

    अगर कोई व्यक्ति सिरके को स्किन केयर में शामिल करना चाहता है तो सबसे जरूरी बात इसे बिना पतला किए चेहरे पर न लगाना है। शुद्ध सिरका त्वचा में जलन लालिमा खुजली या सूखापन पैदा कर सकता है। आंखों के आसपास की त्वचा पर इसे बिल्कुल नहीं लगाना चाहिए। इसके अलावा खुले घाव कट या पहले से irritated त्वचा पर सिरका लगाने से समस्या बढ़ सकती है।

    घरेलू स्किन केयर में किसी भी नए पदार्थ का इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर माना जाता है। इसके लिए बहुत थोड़ी मात्रा को त्वचा के किसी छोटे हिस्से पर लगाकर प्रतिक्रिया देखी जा सकती है। अगर जलन खुजली लालिमा या सूजन जैसी समस्या दिखाई दे तो इसका इस्तेमाल रोक देना चाहिए। चेहरे की त्वचा पर प्रयोग करने से पहले यह सावधानी विशेष रूप से जरूरी है।

    मुंहासों को लेकर भी सिरके के इस्तेमाल की चर्चा होती है। कुछ लोग मानते हैं कि इसकी अम्लीय प्रकृति बैक्टीरिया और अतिरिक्त तेल को प्रभावित कर सकती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मुंहासों के इलाज के लिए सिरका एक प्रमाणित विकल्प है। मुंहासे लगातार बने रहते हैं या त्वचा पर दर्दनाक दाने और निशान हो रहे हैं तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना ज्यादा सुरक्षित तरीका है।

    सिरके का इस्तेमाल करने के बाद त्वचा में सूखापन महसूस हो सकता है। ऐसे में हल्का और त्वचा के अनुकूल मॉइस्चराइजर इस्तेमाल करना जरूरी हो सकता है। दिन में बाहर निकलते समय सनस्क्रीन लगाना भी स्किन केयर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने के चक्कर में त्वचा की मूल देखभाल को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

    एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि बाजार में मिलने वाले अलग अलग प्रकार के सिरके एक जैसे नहीं होते। खाने के लिए इस्तेमाल होने वाला सिरका और किसी विशेष कॉस्मेटिक उद्देश्य के लिए तैयार उत्पाद अलग हो सकते हैं। इसलिए इंटरनेट पर बताए गए किसी भी नुस्खे को बिना समझे चेहरे पर इस्तेमाल करना सही नहीं है।

    कुल मिलाकर सिरका स्किन केयर का कोई जादुई उपाय नहीं है। कुछ लोगों को पतला किए गए सिरके से त्वचा पर अलग अनुभव हो सकता है लेकिन गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर जलन और त्वचा की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। इसलिए चेहरे पर सिरका लगाने से पहले त्वचा के प्रकार को समझना जरूरी है। संवेदनशील त्वचा वाले लोग या पहले से किसी त्वचा संबंधी समस्या से परेशान व्यक्ति घरेलू प्रयोग करने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लें। स्वस्थ त्वचा के लिए नियमित सफाई मॉइस्चराइजिंग और सनस्क्रीन जैसी बुनियादी देखभाल ज्यादा महत्वपूर्ण है।

  • Skin Care Routine: महंगे प्रोडक्ट्स ही नहीं ये छोटी आदतें भी बनाती हैं त्वचा को खूबसूरत जानिए सही तरीका

    Skin Care Routine: महंगे प्रोडक्ट्स ही नहीं ये छोटी आदतें भी बनाती हैं त्वचा को खूबसूरत जानिए सही तरीका


    नई दिल्ली।
     आजकल हर कोई साफ निखरी और स्वस्थ त्वचा चाहता है। इसके लिए लोग महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स से लेकर घरेलू नुस्खों तक कई तरीके अपनाते हैं। लेकिन त्वचा की अच्छी देखभाल केवल किसी एक क्रीम या फेस पैक पर निर्भर नहीं करती। नियमित स्किन केयर रूटीन और रोजमर्रा की कुछ अच्छी आदतें त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। अपनी त्वचा के प्रकार को समझकर सही उत्पादों का चुनाव करना भी उतना ही जरूरी है।

    स्किन केयर की शुरुआत चेहरे की सफाई से की जा सकती है। दिनभर चेहरे पर धूल मिट्टी पसीना और अतिरिक्त तेल जमा हो सकता है। इसलिए त्वचा के प्रकार के अनुसार हल्के क्लींजर से चेहरा साफ करना जरूरी है। बहुत ज्यादा तेज या कठोर क्लींजर का इस्तेमाल करने से त्वचा रूखी और संवेदनशील हो सकती है। खासकर संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को ऐसे उत्पाद चुनने चाहिए जो उनकी त्वचा को परेशान न करें।

    चेहरा साफ करने के बाद मॉइस्चराइजर लगाना भी जरूरी है। बहुत से लोग सोचते हैं कि ऑयली स्किन को मॉइस्चराइजर की जरूरत नहीं होती लेकिन त्वचा को नमी की आवश्यकता होती है। ऑयली त्वचा के लिए हल्का और नॉन कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर चुना जा सकता है जबकि रूखी त्वचा के लिए थोड़ा अधिक हाइड्रेटिंग मॉइस्चराइजर उपयोगी हो सकता है। सही मॉइस्चराइजर त्वचा की नमी बनाए रखने में मदद करता है।

    स्किन केयर रूटीन में सनस्क्रीन को विशेष महत्व दिया जाता है। धूप में मौजूद UV किरणें त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं और लंबे समय में समय से पहले त्वचा पर उम्र के निशान दिखाई देने का एक कारण बन सकती हैं। इसलिए दिन के समय बाहर निकलने से पहले पर्याप्त मात्रा में ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाना उपयोगी माना जाता है। लंबे समय तक धूप में रहने पर इसे दोबारा लगाने की जरूरत पड़ सकती है।

    स्वस्थ त्वचा के लिए केवल बाहरी देखभाल ही पर्याप्त नहीं है। खानपान और जीवनशैली का भी ध्यान रखना चाहिए। पर्याप्त पानी पीना संतुलित आहार लेना और पर्याप्त नींद लेना शरीर के साथ त्वचा के लिए भी जरूरी है। फल सब्जियां प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित भोजन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया जा सकता है। तनाव को कम रखने और नियमित शारीरिक गतिविधि करने से भी समग्र स्वास्थ्य को फायदा मिलता है।

    चेहरे पर बार बार हाथ लगाने या पिंपल्स को दबाने की आदत से बचना चाहिए। ऐसा करने से त्वचा में जलन बढ़ सकती है और दाग पड़ने का खतरा हो सकता है। मेकअप करने वाले लोगों को सोने से पहले मेकअप अच्छी तरह हटाना चाहिए। साथ ही तकिए के कवर तौलिया और मेकअप ब्रश जैसी चीजों की नियमित सफाई पर भी ध्यान देना चाहिए।

    हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी दूसरे व्यक्ति पर काम करने वाला प्रोडक्ट जरूरी नहीं कि आपकी त्वचा के लिए भी सही हो। नया स्किन केयर प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना उपयोगी हो सकता है। अगर त्वचा पर लगातार खुजली लालिमा मुंहासे सूजन या अन्य परेशानी बनी रहती है तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। नियमितता और सही देखभाल के साथ त्वचा को स्वस्थ और बेहतर बनाए रखने की कोशिश की जा सकती है।

  • त्वचा की छोटी छोटी गलतियां पड़ सकती हैं भारी इन आसान उपायों से रखें स्किन का खास ख्याल

    त्वचा की छोटी छोटी गलतियां पड़ सकती हैं भारी इन आसान उपायों से रखें स्किन का खास ख्याल


    नई दिल्ली। खूबसूरत और स्वस्थ त्वचा हर किसी की चाहत होती है लेकिन बदलता मौसम धूल मिट्टी प्रदूषण तनाव और गलत खानपान का असर त्वचा पर आसानी से दिखाई देने लगता है। कई बार लोग चेहरे पर निखार लाने के लिए महंगे प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते हैं लेकिन रोजमर्रा की कुछ सामान्य आदतों में सुधार करके भी त्वचा की बेहतर देखभाल की जा सकती है। त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए सबसे जरूरी है कि उसकी सफाई नमी और सुरक्षा का नियमित रूप से ध्यान रखा जाए।

    दिनभर बाहर रहने के दौरान धूल मिट्टी और प्रदूषण त्वचा पर जमा हो सकते हैं। इसलिए चेहरे को अपनी त्वचा के प्रकार के अनुसार किसी हल्के क्लींजर से साफ करना जरूरी माना जाता है। बहुत ज्यादा बार चेहरा धोने या तेज साबुन का इस्तेमाल करने से त्वचा की प्राकृतिक नमी कम हो सकती है। ऐसे में त्वचा को साफ रखने के साथ उसकी नमी बनाए रखना भी जरूरी है।

    मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल त्वचा की देखभाल का अहम हिस्सा माना जाता है। तैलीय त्वचा वाले लोगों को हल्का और नॉन कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर पसंद आ सकता है जबकि रूखी त्वचा के लिए थोड़ा अधिक मॉइस्चराइजिंग विकल्प उपयोगी हो सकता है। त्वचा को नियमित रूप से मॉइस्चराइज करने से रूखापन और खिंचाव कम महसूस हो सकता है।

    धूप से त्वचा की सुरक्षा करना भी बेहद जरूरी है। लंबे समय तक तेज धूप में रहने से त्वचा पर टैनिंग और समय से पहले उम्र बढ़ने के संकेत दिखाई दे सकते हैं। इसलिए बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना अच्छी आदत मानी जाती है। धूप में ज्यादा समय बिताना हो तो टोपी या छाते जैसी चीजों से भी त्वचा को बचाया जा सकता है।

    त्वचा की सेहत का संबंध खानपान और जीवनशैली से भी माना जाता है। पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन लेना और फल तथा सब्जियों को आहार में शामिल करना शरीर के साथ त्वचा के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। बहुत ज्यादा तला भुना भोजन और अनियमित दिनचर्या से बचना बेहतर माना जाता है। पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है क्योंकि लगातार नींद की कमी से चेहरा थका हुआ दिखाई दे सकता है।

    चेहरे को बार बार हाथ लगाने और बिना साफ किए मेकअप के साथ सोने से भी बचना चाहिए। मेकअप करने के बाद रात में त्वचा को अच्छी तरह साफ करना जरूरी है। इसके अलावा तकिए के कवर और चेहरे के संपर्क में आने वाली चीजों की सफाई का भी ध्यान रखना चाहिए।

    घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करते समय भी सावधानी जरूरी है। हर प्राकृतिक चीज हर व्यक्ति की त्वचा के लिए सुरक्षित हो यह जरूरी नहीं है। किसी नए प्रोडक्ट या घरेलू सामग्री को चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर होता है। यदि त्वचा पर लगातार खुजली जलन लालिमा मुंहासे या कोई अन्य समस्या बनी रहती है तो विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।

    कुल मिलाकर त्वचा की देखभाल के लिए महंगे प्रोडक्ट से ज्यादा जरूरी नियमितता है। साफ सफाई मॉइस्चराइजिंग धूप से सुरक्षा संतुलित खानपान पर्याप्त नींद और सही दिनचर्या को अपनी आदत में शामिल करके त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने की कोशिश की जा सकती है।

  • महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स छोड़िए मुल्तानी मिट्टी से घर पर करें चेहरे की देखभाल जानिए सही इस्तेमाल का आसान तरीका

    महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स छोड़िए मुल्तानी मिट्टी से घर पर करें चेहरे की देखभाल जानिए सही इस्तेमाल का आसान तरीका

    नई दिल्ली । चेहरे की थकान पिंपल्स और अतिरिक्त तेल से हैं परेशान तो काम आएगी मुल्तानी मिट्टी इन तरीकों से करें इस्तेमाआज के समय में चेहरे की चमक और त्वचा की सेहत बनाए रखने के लिए लोग कई तरह के महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं लेकिन घर में मौजूद कुछ प्राकृतिक चीजें भी त्वचा की देखभाल में मददगार हो सकती हैं। इन्हीं में से एक है मुल्तानी मिट्टी। इसे लंबे समय से त्वचा की सफाई और अतिरिक्त तेल को कम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। खासतौर पर ऑयली स्किन वाले लोगों के लिए मुल्तानी मिट्टी एक आसान घरेलू विकल्प मानी जाती है। हालांकि इसका इस्तेमाल त्वचा के प्रकार को ध्यान में रखकर करना जरूरी है।

    मुल्तानी मिट्टी त्वचा से अतिरिक्त तेल और गंदगी हटाने में मदद कर सकती है। चेहरे पर दिनभर धूल प्रदूषण और पसीने की वजह से जमा होने वाली गंदगी त्वचा को बेजान दिखा सकती है। ऐसे में मुल्तानी मिट्टी का फेस पैक चेहरे की सतह को साफ करने में मदद कर सकता है। इसे लगाने के बाद त्वचा कुछ समय के लिए ज्यादा साफ और फ्रेश महसूस हो सकती है।

    मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल करने के लिए सबसे आसान तरीका है इसे गुलाब जल के साथ मिलाकर फेस पैक तैयार करना। एक कटोरी में मुल्तानी मिट्टी लेकर उसमें जरूरत के अनुसार गुलाब जल डालें और अच्छी तरह मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को चेहरे पर पतली परत में लगाएं और पूरी तरह सूखने से पहले सामान्य पानी से धो लें। इसके बाद त्वचा पर हल्का मॉइस्चराइजर लगाना बेहतर रहता है।

    अगर आपकी त्वचा बहुत ज्यादा ऑयली है तो मुल्तानी मिट्टी में थोड़ा एलोवेरा जेल मिलाया जा सकता है। इससे फेस पैक त्वचा पर लगाने में आसान हो जाता है। वहीं रूखी या संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए क्योंकि यह त्वचा से तेल सोखती है और बार बार इस्तेमाल करने पर ड्राईनेस या खिंचाव बढ़ सकता है। ऐसे लोगों के लिए इसे दूध या किसी सौम्य मॉइस्चराइजिंग सामग्री के साथ मिलाने का विकल्प रखा जा सकता है लेकिन किसी भी नए मिश्रण को पूरे चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है।

    मुल्तानी मिट्टी चेहरे की गंदगी और अतिरिक्त तेल को हटाने में मदद कर सकती है लेकिन इसे हर दिन इस्तेमाल करना जरूरी नहीं है। जरूरत से ज्यादा फेस पैक लगाने से त्वचा की प्राकृतिक नमी प्रभावित हो सकती है। सामान्य तौर पर सप्ताह में एक बार से शुरुआत करना बेहतर माना जा सकता है और त्वचा की प्रतिक्रिया के अनुसार इस्तेमाल की आवृत्ति तय की जा सकती है।

    यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि मुल्तानी मिट्टी किसी त्वचा रोग का इलाज नहीं है। अगर चेहरे पर लगातार मुंहासे लालिमा जलन खुजली या किसी तरह की एलर्जी की समस्या है तो घरेलू उपायों के बजाय त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है। किसी भी प्राकृतिक सामग्री को सुरक्षित समझकर बिना जांच के इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। सही तरीके और अपनी त्वचा के प्रकार को ध्यान में रखकर मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल किया जाए तो यह सामान्य स्किन केयर रूटीन का एक सरल हिस्सा बन सकती है।

  • स्किन केयर में एलोवेरा का कमाल: ग्लो बढ़ाने और त्वचा को हाइड्रेट रखने के आसान घरेलू तरीके जानिए

    स्किन केयर में एलोवेरा का कमाल: ग्लो बढ़ाने और त्वचा को हाइड्रेट रखने के आसान घरेलू तरीके जानिए


    नई दिल्ली। आज के समय में धूल मिट्टी प्रदूषण तेज धूप और बदलती दिनचर्या का असर सबसे पहले हमारी त्वचा पर नजर आता है। लंबे समय तक धूप में रहने या पर्याप्त देखभाल नहीं करने से चेहरा रूखा बेजान और थका हुआ दिखाई दे सकता है। ऐसे में एलोवेरा त्वचा की सामान्य देखभाल के लिए एक आसान घरेलू विकल्प हो सकता है। एलोवेरा जेल में पानी की मात्रा अधिक होती है और इसे त्वचा पर लगाने से नमी और ठंडक का एहसास मिल सकता है। यही वजह है कि कई लोग इसे अपने स्किन केयर रूटीन का हिस्सा बनाते हैं। हालांकि एलोवेरा को किसी जादुई इलाज की तरह इस्तेमाल करने के बजाय त्वचा की सामान्य देखभाल के एक विकल्प के रूप में देखना बेहतर है।

    चेहरे पर एलोवेरा लगाने के लिए सबसे पहले त्वचा को अच्छी तरह साफ करना जरूरी है। इसके बाद एलोवेरा जेल की थोड़ी मात्रा लेकर चेहरे पर हल्के हाथों से लगाएं और कुछ देर के लिए छोड़ दें। अगर त्वचा इसे आसानी से स्वीकार करती है तो बाद में चेहरे को सामान्य पानी से धोया जा सकता है। इसके बाद हल्का मॉइस्चराइजर लगाने से त्वचा की नमी बनाए रखने में मदद मिल सकती है। एलोवेरा लगाने पर त्वचा को मुलायम और फ्रेश महसूस किया जा सकता है। खासकर रूखी त्वचा वाले लोगों को इसका हाइड्रेटिंग एहसास पसंद आ सकता है।

    एलोवेरा का इस्तेमाल करते समय यह समझना भी जरूरी है कि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है। किसी एक व्यक्ति को एलोवेरा लगाने से अच्छा अनुभव हो सकता है जबकि दूसरे व्यक्ति की त्वचा पर जलन या लालिमा हो सकती है। इसलिए पहली बार इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना समझदारी है। हाथ या बांह के छोटे हिस्से पर थोड़ी मात्रा लगाकर कुछ समय देखें। अगर खुजली जलन लालिमा या सूजन जैसी परेशानी दिखाई दे तो चेहरे पर इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। आंखों के आसपास भी इसे लगाने से बचना बेहतर है।

    सोशल मीडिया पर एलोवेरा के साथ नींबू बेकिंग सोडा या कई दूसरी चीजें मिलाकर लगाने के घरेलू नुस्खे खूब बताए जाते हैं। लेकिन त्वचा पर बिना सोचे समझे ऐसे प्रयोग करना नुकसानदायक हो सकता है। खासकर संवेदनशील त्वचा पर तेज या परेशान करने वाली सामग्री जलन बढ़ा सकती है। इसलिए एलोवेरा का इस्तेमाल सरल तरीके से करना बेहतर है। अगर बाजार से एलोवेरा जेल खरीद रहे हैं तो पैकेट पर दी गई सामग्री जरूर पढ़ें और ऐसे उत्पाद का चुनाव करें जिसमें आपकी त्वचा के लिए अनावश्यक परेशान करने वाले तत्व कम हों।

    एलोवेरा के साथ रोजाना की स्किन केयर में कुछ और आदतों को शामिल करना भी जरूरी है। चेहरा साफ रखना पर्याप्त पानी पीना संतुलित खानपान लेना और धूप में निकलते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना त्वचा की देखभाल के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। केवल एलोवेरा लगाने से त्वचा की हर समस्या खत्म नहीं हो सकती। अगर चेहरे पर लगातार लालिमा खुजली सूजन या किसी तरह की गंभीर समस्या बनी रहती है तो घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होगा।

    कुल मिलाकर एलोवेरा त्वचा की सामान्य देखभाल में एक सरल और सुविधाजनक विकल्प हो सकता है। इसका सही और सावधानीपूर्वक इस्तेमाल त्वचा को नमी और ताजगी का एहसास देने में मदद कर सकता है। लेकिन बेहतर त्वचा के लिए नियमित स्किन केयर स्वस्थ खानपान पर्याप्त नींद और धूप से बचाव को भी अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना जरूरी है।

  • चेहरे की थकान और रूखेपन का आसान इलाज है खीरा, ग्लोइंग स्किन के लिए ऐसे बनाएं घरेलू नुस्खा

    चेहरे की थकान और रूखेपन का आसान इलाज है खीरा, ग्लोइंग स्किन के लिए ऐसे बनाएं घरेलू नुस्खा


    नई दिल्ली । खीरा गर्मियों में शरीर को ठंडक देने वाली सब्जियों में गिना जाता है लेकिन इसका इस्तेमाल केवल खाने तक सीमित नहीं है। त्वचा की देखभाल के लिए भी खीरे का इस्तेमाल लंबे समय से घरेलू उपाय के तौर पर किया जाता रहा है। खीरे में पानी की मात्रा अधिक होती है और इसमें कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। यही वजह है कि इसे त्वचा को तरोताजा रखने वाली प्राकृतिक चीजों में शामिल किया जाता है। खासतौर पर धूप और गर्मी के कारण चेहरा थका हुआ और बेजान नजर आने लगे तो खीरे का इस्तेमाल त्वचा को ठंडक देने में मदद कर सकता है।

    खीरे का सबसे आसान इस्तेमाल इसका रस चेहरे पर लगाना है। इसके लिए खीरे को अच्छी तरह धोकर उसका रस निकाला जा सकता है। कॉटन की मदद से इसे चेहरे पर हल्के हाथों से लगाया जा सकता है। कुछ देर बाद चेहरे को सामान्य पानी से धो लें। इससे त्वचा को ताजगी महसूस हो सकती है। हालांकि संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को किसी भी घरेलू चीज को पूरे चेहरे पर लगाने से पहले थोड़ी मात्रा में पैच टेस्ट जरूर करना चाहिए।

    खीरे के टुकड़ों को सीधे चेहरे पर लगाने का तरीका भी काफी आसान है। ठंडे खीरे के पतले टुकड़े आंखों के आसपास कुछ देर रखने से थकी हुई आंखों और आसपास की त्वचा को ठंडक मिल सकती है। लंबे समय तक स्क्रीन देखने या पर्याप्त आराम न मिलने के कारण आंखों के आसपास थकान दिखाई दे तो यह तरीका कुछ लोगों को आरामदायक लग सकता है। हालांकि आंखों में खीरे का रस जाने से बचना चाहिए।

    खीरे का फेस पैक भी घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है। खीरे को पीसकर उसमें एलोवेरा जेल मिलाकर चेहरे पर लगाया जा सकता है। यह मिश्रण त्वचा को ठंडक और नमी देने में मदद कर सकता है। अगर त्वचा बहुत संवेदनशील है तो नींबू या दूसरे तेज पदार्थ मिलाने से बचना बेहतर है क्योंकि इससे जलन या संवेदनशीलता बढ़ सकती है।

    रूखी त्वचा वाले लोग खीरे के साथ ऐसा प्राकृतिक मॉइस्चराइजिंग मिश्रण इस्तेमाल कर सकते हैं जो त्वचा को अतिरिक्त नमी देने में मदद करे। वहीं तैलीय त्वचा में भी खीरे का इस्तेमाल चेहरे को ताजा महसूस कराने के लिए किया जा सकता है। लेकिन यह समझना जरूरी है कि खीरा किसी गंभीर त्वचा समस्या जैसे मुहांसे संक्रमण या एलर्जी का इलाज नहीं है।

    त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए केवल बाहरी उपायों पर निर्भर रहना भी सही नहीं है। पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन लेना अच्छी नींद लेना और धूप में निकलते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना भी जरूरी है। चेहरे को साफ रखना और बार बार हाथ लगाने से बचना भी त्वचा की देखभाल का अहम हिस्सा है।

    अगर खीरा लगाने के बाद चेहरे पर लालिमा जलन खुजली या सूजन दिखाई दे तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर देना चाहिए। लगातार बनी रहने वाली त्वचा संबंधी समस्या में त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है। कुल मिलाकर खीरा त्वचा की नियमित देखभाल में एक आसान और कम खर्च वाला घरेलू विकल्प हो सकता है जो त्वचा को ताजगी और ठंडक का एहसास देने में मदद कर सकता है।