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  • क्या ज्यादा आम खाने से चेहरे पर निकलते हैं पिंपल्स? गर्मियों की सबसे चर्चित बहस पर डॉक्टरों ने बताई त्वचा की असली कहानी

    क्या ज्यादा आम खाने से चेहरे पर निकलते हैं पिंपल्स? गर्मियों की सबसे चर्चित बहस पर डॉक्टरों ने बताई त्वचा की असली कहानी

    नई दिल्ली। गर्मियों का मौसम आते ही आम की मिठास लोगों के बीच उत्साह बढ़ा देती है, लेकिन इसके साथ एक पुरानी बहस भी फिर चर्चा में आ जाती है। अक्सर यह माना जाता है कि ज्यादा आम खाने से चेहरे पर पिंपल्स निकलने लगते हैं। कई लोग त्वचा खराब होने के डर से आम खाने से दूरी तक बना लेते हैं। खासतौर पर युवाओं के बीच यह धारणा काफी आम हो चुकी है कि आम और मुंहासों का सीधा संबंध होता है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय इस सोच से अलग दिखाई देती है। उनका मानना है कि आम को सीधे तौर पर पिंपल्स की वजह मानना पूरी तरह सही नहीं माना जा सकता।

    विशेषज्ञों के अनुसार त्वचा पर मुंहासे निकलने के पीछे कई शारीरिक और जीवनशैली से जुड़े कारण जिम्मेदार होते हैं। हार्मोनल बदलाव, ऑयली स्किन, तनाव, अनियमित दिनचर्या, कम नींद, गलत खानपान और पर्याप्त पानी की कमी जैसे कई कारण त्वचा की समस्याओं को बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा आनुवंशिक कारण भी त्वचा पर असर डालते हैं। ऐसे में केवल आम को दोष देना एक अधूरी समझ मानी जा सकती है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि आम अपने आप में पोषण से भरपूर फल है। इसमें शरीर और त्वचा के लिए जरूरी कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो त्वचा की सेहत को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। इसमें मौजूद विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक माने जाते हैं। इसलिए सामान्य परिस्थितियों में सीमित मात्रा में आम का सेवन नुकसान की बजाय लाभ देने वाला माना जाता है।

    हालांकि समस्या तब बढ़ सकती है जब लोग आम को अत्यधिक मात्रा में खाना शुरू कर देते हैं या उसे असंतुलित खानपान के साथ शामिल करते हैं। गर्मियों में कई लोग आम के साथ अत्यधिक मीठे, क्रीमी या तले हुए खाद्य पदार्थों का सेवन भी करते हैं। ऐसे खाद्य संयोजन शरीर में सूजन से जुड़ी समस्याओं को बढ़ा सकते हैं, जिसका प्रभाव त्वचा पर दिखाई दे सकता है। यही वजह है कि कई बार लोग वास्तविक कारणों को नजरअंदाज कर आम को जिम्मेदार मान लेते हैं।

    गर्मी के मौसम में त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ने के पीछे मौसम भी बड़ी भूमिका निभाता है। अधिक पसीना आना, त्वचा पर धूल-मिट्टी जमा होना, चेहरे को बार-बार छूना और साफ-सफाई की कमी त्वचा के रोमछिद्रों को प्रभावित कर सकती है। इसके कारण चेहरे पर दाने और मुंहासों की समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में लोग मौसम और दिनचर्या के प्रभाव को समझने के बजाय सीधे आम को कारण मान लेते हैं।

    विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि कुछ लोगों में आम से जुड़ी एलर्जी जैसी स्थिति देखने को मिल सकती है। कई बार चेहरे के आसपास लाल दाने, खुजली या छोटे चकत्ते दिखाई देते हैं जिन्हें लोग पिंपल समझ लेते हैं। जबकि कई मामलों में यह त्वचा की एलर्जिक प्रतिक्रिया हो सकती है। इसलिए त्वचा पर होने वाले हर बदलाव को एक्ने मान लेना भी सही नहीं माना जाता।

    विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित मात्रा में आम का सेवन, पर्याप्त पानी, अच्छी नींद और सही स्किन केयर आदतें अपनाने से त्वचा को स्वस्थ रखा जा सकता है। इसलिए आम को पूरी तरह दोष देने के बजाय जीवनशैली और शरीर की वास्तविक जरूरतों को समझना अधिक जरूरी माना जा रहा है।

  • दही: ब्लड प्रेशर कम करने और इम्यूनिटी बढ़ाने वाला सुपरफूड, जानें 12 हेल्थ बेनिफिट्स और सावधानियां

    दही: ब्लड प्रेशर कम करने और इम्यूनिटी बढ़ाने वाला सुपरफूड, जानें 12 हेल्थ बेनिफिट्स और सावधानियां


    नई दिल्ली । दही सेहत का खजाना है। इसमें प्रोटीन गुड फैट शुगर और प्रोबायोटिक्स की भरपूर मात्रा होती है जो न सिर्फ स्वादिष्ट है बल्कि गट हेल्थ इम्यूनिटी और मेटाबॉलिज्म को भी रीसेट करता है। इतना ही नहीं यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में भी मददगार है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित स्टडी बताती है कि नियमित दही खाने से हाई ब्लड प्रेशर का रिस्क 16–20% तक कम हो सकता है। हफ्ते में पांच या उससे अधिक बार संतुलित डाइट के साथ दही खाने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है।

    डॉ. संचयन रॉय सीनियर कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल दिल्ली के अनुसार दही में मौजूद जिंक सेलेनियम और विटामिन D संक्रमण पैदा करने वाले वायरस और बैक्टीरिया के खिलाफ सुरक्षा कवच का काम करते हैं। इससे इम्यूनिटी मजबूत होती है और शरीर में इंफ्लेमेशन कम होता है। नियमित सेवन से सर्दी-जुकाम से लेकर गंभीर बीमारियों का रिस्क घटता है।

    हार्ट हेल्थ के लिए भी दही बेहद फायदेमंद है। इसमें पोटेशियम और मैग्नीशियम मौजूद हैं जो शरीर से एक्स्ट्रा सोडियम को बाहर निकालकर ब्लड प्रेशर को संतुलित रखते हैं। प्रोबायोटिक्स बैड कोलेस्ट्रॉल LDLको कम करने और इंफ्लेमेशन घटाने में मदद करते हैं। इन गुणों के कारण दही हार्ट डिजीज का रिस्क कम कर सकता है।

    ब्लड प्रेशर कंट्रोल में दही कैसे मदद करता है? इसमें मौजूद बायोएक्टिव पेप्टाइड्स ब्लड प्रेशर बढ़ाने वाले एंजाइम्स की एक्टिविटी को कम करते हैं और ब्लड वेसल्स को रिलैक्स करते हैं। इससे ब्लड फ्लो बेहतर होता है और दबाव संतुलित रहता है। विशेष रूप से मिड एज महिलाओं और अधिक BMI वाले लोगों के लिए दही ज्यादा फायदेमंद साबित होता है।

    दही के नियमित सेवन से पाचन तंत्र भी मजबूत होता है। प्रोबायोटिक्स गट माइक्रोबायोम का संतुलन बनाए रखते हैं बैड बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकते हैं और IBS कब्ज या ब्लोटिंग जैसी समस्याओं में राहत देते हैं। स्वस्थ गट माइक्रोबायोम मूड और ब्रेन फंक्शनिंग को भी प्रभावित करता है।

    दही खाने का सही समय दोपहर का माना जाता है क्योंकि इस समय पाचन क्षमता सबसे मजबूत होती है। खाली पेट दही खाने से पेट में एसिड बढ़ सकता है इसलिए इसे हमेशा मेन कोर्स के साथ साइड डिश के रूप में लें। मीठा या फ्लेवर्ड दही एक्स्ट्रा शुगर और प्रिजर्वेटिव्स के कारण नुकसानदेह हो सकता है।

    साथ ही दही स्किन और बालों के लिए भी लाभकारी है। इसमें मौजूद लैक्टिक एसिड और प्रोटीन स्किन की रंगत सुधारते हैं मॉइश्चर बनाए रखते हैं और बालों की जड़ें मजबूत करते हैं।हालांकि कुछ लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। आर्थराइटिस अस्थमा किडनी डिजीज लैक्टोज इनटॉलेरेंस या गंभीर एसिडिटी वाले लोगों को दही सेवन डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए।

    दही खाने से ब्लड प्रेशर कम होता है इम्यूनिटी मजबूत होती है और यह शरीर को कई तरह की लाइफस्टाइल डिजीज से बचाने में मदद करता है। इसे अपनी डाइट में शामिल करना एक छोटी लेकिन असरदार हेल्थ हैबिट है।

  • पपीता खाने के 7 अद्भुत फायदे: जानें सुबह के नाश्ते में क्यों शामिल करें पपीता

    पपीता खाने के 7 अद्भुत फायदे: जानें सुबह के नाश्ते में क्यों शामिल करें पपीता


    नई दिल्ली । पपीता एक पोषक तत्वों से भरपूर फल है जो न केवल शरीर को मजबूती प्रदान करता है, बल्कि कई बीमारियों से भी बचाव करता है। विशेष रूप से सुबह नाश्ते में पपीता खाने से शरीर को जबरदस्त फायदे हो सकते हैं। अगर आप अपनी सेहत का ख्याल रखना चाहते हैं, तो पपीता को नाश्ते में शामिल करना एक बेहतरीन आदत साबित हो सकता है। आइए जानते हैं नाश्ते में पपीता खाने के सात अद्भुत फायदे।

    पाचन तंत्र को दुरुस्त रखें

    पपीते में पाया जाने वाला एंजाइम पपेन पाचन को बेहतर बनाता है। यह कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है। सुबह नाश्ते में पपीता खाने से पेट साफ और हल्का महसूस होता है।

    इम्यूनिटी को बढ़ावा

    पपीता विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। नियमित रूप से पपीता खाने से सर्दी-खांसी और वायरल संक्रमण का खतरा कम होता है।

    वजन घटाने में सहायक

    अगर आप वजन घटाने की योजना बना रहे हैं, तो पपीता आपके लिए आदर्श है। इसमें कम कैलोरी और ज्यादा फाइबर होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और ओवरईटिंग से बचाव होता है।

    दिल को स्वस्थ रखे

    पपीता खराब कोलेस्ट्रॉल LDL को कम करता है। इसमें पोटैशियम, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो दिल के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं और हार्ट डिजीज का खतरा कम करते हैं।

    त्वचा को बनाए चमकदार

    पपीता आपकी त्वचा के लिए एक प्राकृतिक ब्यूटी ट्रीटमेंट है। इसमें मौजूद विटामिन A, C और E त्वचा को जवां और चमकदार बनाए रखते हैं, साथ ही यह दाग-धब्बों को भी दूर करने में मदद करता है।

    आंखों की रोशनी में सुधार

    पपीते में बीटा-कैरोटीन और विटामिन A होते हैं, जो आंखों की रोशनी के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। यह उम्र के साथ होने वाली आंखों की समस्याओं को भी रोकता है।

    डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद

    पपीता मीठा होने के बावजूद इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे यह ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में मदद करता है। सही मात्रा में सेवन करने से डायबिटीज के मरीजों के लिए यह फायदेमंद हो सकता है।

    पपीता खाने का तरीका

    सुबह नाश्ते में ताजा पपीता खाएं। आप चाहें तो इसके ऊपर कुछ बूंदें नींबू की डाल सकते हैं लेकिन नमक या चीनी मिलाने से बचें। पीता सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है खासकर जब इसे सुबह नाश्ते में शामिल किया जाए। यह न केवल पाचन और इम्यूनिटी को मजबूत करता है, बल्कि दिल और त्वचा की सेहत के लिए भी लाभकारी है। रोजाना इस फल को अपनी डाइट में शामिल करें और इससे होने वाले फायदों का अनुभव करें।