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  • नींबू और शहद से चेहरे की देखभाल करते हैं तो पहले जान लें ये बातें वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

    नींबू और शहद से चेहरे की देखभाल करते हैं तो पहले जान लें ये बातें वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान


    नई दिल्ली। चेहरे की खूबसूरती और ग्लो के लिए लोग महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स के साथ घरेलू नुस्खों का भी सहारा लेते हैं। नींबू और शहद ऐसा ही एक घरेलू कॉम्बिनेशन है जिसका इस्तेमाल लंबे समय से त्वचा की देखभाल के लिए किया जाता रहा है। शहद को त्वचा के लिए मॉइस्चराइजिंग गुणों वाला घरेलू घटक माना जाता है जबकि नींबू में विटामिन सी और साइट्रिक एसिड पाया जाता है। यही वजह है कि कई लोग इसे चेहरे पर लगाने से त्वचा में निखार आने की उम्मीद करते हैं। हालांकि यहां सबसे जरूरी बात यह है कि नींबू का रस सीधे चेहरे पर लगाना हर व्यक्ति के लिए सही नहीं होता।

    अगर आप नींबू और शहद को स्किन केयर में शामिल करना चाहते हैं तो सबसे पहले अपनी त्वचा की संवेदनशीलता को समझना जरूरी है। संवेदनशील या पहले से irritated skin पर नींबू जलन लालिमा खुजली या चुभन बढ़ा सकता है। नींबू जैसे citrus fruits का रस त्वचा पर लगने के बाद धूप के संपर्क में आने पर कुछ लोगों में phototoxic reaction भी हो सकता है। इस स्थिति में त्वचा पर लाल चकत्ते जलन सूजन या बाद में गहरे निशान दिखाई दे सकते हैं।

    इसीलिए नींबू को सीधे चेहरे पर रगड़ने या लंबे समय तक लगाकर रखने से बचना बेहतर है। अगर किसी घरेलू मिश्रण का इस्तेमाल करना ही चाहते हैं तो पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना जरूरी है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी भी नए स्किन केयर प्रोडक्ट को इस्तेमाल करने से पहले छोटे हिस्से पर टेस्ट करने की सलाह देती है ताकि संभावित irritation का पता लगाया जा सके।

    शहद को लेकर भी यह समझना जरूरी है कि प्राकृतिक होने का मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति की त्वचा पर यह एक जैसा काम करेगा। किसी भी घरेलू मिश्रण को चेहरे पर लगाने से पहले उसकी थोड़ी मात्रा का परीक्षण किया जा सकता है। अगर जलन खुजली लालिमा या सूजन महसूस हो तो इसे तुरंत धो देना चाहिए और दोबारा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

    अगर आपका मकसद चेहरे को साफ और healthy रखना है तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय एक सरल स्किन केयर रूटीन ज्यादा उपयोगी हो सकता है। चेहरे को mild cleanser से साफ करना मॉइस्चराइजर लगाना और दिन में sunscreen का इस्तेमाल करना त्वचा की सामान्य देखभाल का हिस्सा हो सकता है। खासकर अगर नींबू या कोई citrus ingredient त्वचा के संपर्क में आ गया है तो धूप से बचना और त्वचा को अच्छी तरह धोना जरूरी है।

    नींबू और शहद से तुरंत गोरा होने या दाग धब्बे पूरी तरह खत्म होने जैसे दावों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। त्वचा की रंगत और pigmentation कई कारणों से प्रभावित होती है और हर व्यक्ति की त्वचा अलग तरह से प्रतिक्रिया करती है। अगर चेहरे पर लगातार दाग धब्बे मुंहासे जलन या pigmentation की समस्या बनी हुई है तो घरेलू प्रयोगों के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है।

    इसलिए नींबू और शहद को स्किन केयर का चमत्कारी नुस्खा मानने के बजाय सावधानी के साथ देखना चाहिए। खासतौर पर नींबू को सीधे चेहरे पर लगाने से बचना बेहतर है क्योंकि फायदा पाने की कोशिश में त्वचा को irritation या धूप से होने वाली प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ सकता है। स्वस्थ त्वचा के लिए gentle products नियमित moisturization और पर्याप्त sun protection को प्राथमिकता देना ज्यादा सुरक्षित तरीका है।

  • महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स छोड़ें! हल्दी से ऐसे रखें त्वचा का ख्याल और पाएं नेचुरल ग्लो

    महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स छोड़ें! हल्दी से ऐसे रखें त्वचा का ख्याल और पाएं नेचुरल ग्लो


    नई दिल्ली। त्वचा की देखभाल के लिए लोग तरह तरह के महंगे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं लेकिन घर में मौजूद कुछ चीजें भी स्किन केयर में उपयोगी हो सकती हैं। हल्दी उन्हीं प्राकृतिक चीजों में शामिल है जिसका इस्तेमाल भारतीय घरों में लंबे समय से किया जाता रहा है। हल्दी में करक्यूमिन नामक यौगिक पाया जाता है जिसे एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए जाना जाता है। यही वजह है कि त्वचा की देखभाल के लिए हल्दी का इस्तेमाल पारंपरिक घरेलू उपाय के तौर पर किया जाता है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले सावधानी रखना जरूरी है।

    हल्दी का सबसे सामान्य इस्तेमाल चेहरे पर फेस पैक के रूप में किया जाता है। इसके लिए थोड़ी सी हल्दी में बेसन और दही या एलोवेरा जेल मिलाकर हल्का पेस्ट तैयार किया जा सकता है। इसे चेहरे पर बहुत मोटी परत लगाने के बजाय पतली परत में लगाया जा सकता है। कुछ देर बाद चेहरे को सामान्य पानी से धो लें। इससे त्वचा को साफ महसूस करने में मदद मिल सकती है और चेहरे पर मौजूद अतिरिक्त तेल भी कम महसूस हो सकता है। हालांकि हल्दी का रंग त्वचा पर कुछ समय के लिए पीला निशान छोड़ सकता है इसलिए इसकी मात्रा बहुत ज्यादा नहीं रखनी चाहिए।

    अगर त्वचा रूखी रहती है तो हल्दी को किसी मॉइस्चराइजिंग सामग्री के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। दही या एलोवेरा जेल के साथ इसका प्रयोग त्वचा को मुलायम महसूस कराने में मदद कर सकता है। वहीं तैलीय त्वचा वाले लोग बेसन के साथ हल्दी का हल्का पैक इस्तेमाल कर सकते हैं। यहां यह समझना जरूरी है कि हल्दी किसी त्वचा रोग या गंभीर समस्या का इलाज नहीं है। पिंपल्स दाग धब्बे या त्वचा की दूसरी परेशानियों में इसका असर हर व्यक्ति पर अलग हो सकता है।

    हल्दी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं। इसके एंटी इंफ्लेमेटरी गुण त्वचा पर होने वाली हल्की सूजन और लालिमा को शांत करने में भी सहायक हो सकते हैं। यही कारण है कि हल्दी को कई पारंपरिक ब्यूटी रूटीन का हिस्सा बनाया जाता है। लेकिन इसे लगाने से तुरंत त्वचा का रंग बदलने या दाग पूरी तरह खत्म होने जैसी उम्मीद नहीं रखनी चाहिए।

    हल्दी का इस्तेमाल करते समय सबसे जरूरी बात इसकी मात्रा है। बहुत अधिक हल्दी लगाने से त्वचा पर जलन खुजली या लालिमा हो सकती है। खासकर संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। पहली बार इस्तेमाल करने से पहले हाथ के छोटे हिस्से या त्वचा के किसी सीमित हिस्से पर पैच टेस्ट करना बेहतर होता है। अगर जलन या एलर्जी जैसी समस्या दिखाई दे तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर देना चाहिए।

    इसके साथ ही चेहरे पर नींबू या दूसरे तेज एसिडिक पदार्थों के साथ हल्दी मिलाकर लगाने से बचना चाहिए क्योंकि इससे कुछ लोगों की त्वचा में जलन और संवेदनशीलता बढ़ सकती है। त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। रोजाना पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन लेना अच्छी नींद लेना और धूप में निकलते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना भी जरूरी है।

    कुल मिलाकर हल्दी को त्वचा की देखभाल के लिए एक सरल घरेलू विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। सही मात्रा और अपनी त्वचा के अनुसार इसका उपयोग करना जरूरी है। अगर त्वचा पर लगातार पिंपल्स सूजन एलर्जी या दाग धब्बों की समस्या बनी हुई है तो घरेलू उपायों के बजाय त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना ज्यादा सुरक्षित और प्रभावी रहेगा।

  • चेहरे की डलनेस और टैनिंग से परेशान हैं तो पपीता आजमाएं, स्किन केयर में ऐसे करें इस्तेमाल

    चेहरे की डलनेस और टैनिंग से परेशान हैं तो पपीता आजमाएं, स्किन केयर में ऐसे करें इस्तेमाल


    नई दिल्ली ।
    पपीता सिर्फ स्वादिष्ट फल ही नहीं बल्कि स्किन केयर के लिए भी एक आसान घरेलू विकल्प माना जाता है। अगर चेहरा बेजान नजर आने लगा है त्वचा पर टैनिंग दिखाई दे रही है या स्किन की चमक कम हो गई है तो पपीते का इस्तेमाल किया जा सकता है। पपीते में पपेन नामक एंजाइम पाया जाता है जो त्वचा की सतह पर जमा मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद कर सकता है। इसके अलावा इसमें विटामिन ए और विटामिन सी जैसे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं जो त्वचा की देखभाल में उपयोगी माने जाते हैं। यही वजह है कि पपीते को कई घरेलू स्किन केयर उपायों में शामिल किया जाता है।

    पपीते को चेहरे पर लगाने का सबसे आसान तरीका इसका फेस पैक बनाना है। इसके लिए पके हुए पपीते का थोड़ा सा गूदा लेकर अच्छी तरह मैश कर लें। इसे साफ चेहरे पर हल्की परत के रूप में लगाएं और करीब 10 से 15 मिनट तक लगा रहने दें। इसके बाद सामान्य पानी से चेहरा धो लें। पपीते का यह इस्तेमाल त्वचा को मुलायम महसूस कराने और चेहरे की डलनेस कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को इसे पूरे चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करना चाहिए।

    अगर त्वचा बहुत ज्यादा रूखी रहती है तो पपीते में थोड़ा शहद मिलाकर फेस पैक तैयार किया जा सकता है। शहद त्वचा में नमी बनाए रखने में मदद करता है जबकि पपीते में मौजूद एंजाइम त्वचा की सतह से मृत कोशिकाओं को हटाने में सहायक हो सकते हैं। इस मिश्रण को चेहरे पर लगाने के बाद ज्यादा देर तक न रखें और कुछ समय बाद पानी से धो लें। वहीं तैलीय त्वचा वाले लोग पपीते के साथ थोड़ी मात्रा में दही का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे त्वचा को ठंडक और नमी मिल सकती है।

    पपीते का इस्तेमाल त्वचा को एक्सफोलिएट करने के लिए भी किया जाता है लेकिन इसे चेहरे पर जोर से रगड़ना सही नहीं है। खासकर अगर त्वचा पर मुंहासे हैं लालिमा है कट लगा है या जलन हो रही है तो पपीते का इस्तेमाल करने से बचना बेहतर है। प्राकृतिक चीज होने का मतलब यह नहीं है कि वह हर व्यक्ति की त्वचा के लिए सुरक्षित ही होगी। इसलिए पहली बार इस्तेमाल करने से पहले हाथ के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना जरूरी है।

    स्किन केयर में केवल फेस पैक लगाना ही पर्याप्त नहीं है। त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त पानी पीना संतुलित आहार लेना अच्छी नींद लेना और धूप से त्वचा को बचाना भी जरूरी है। दिन में बाहर निकलते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि लगातार धूप में रहने से टैनिंग और त्वचा संबंधी दूसरी परेशानियां बढ़ सकती हैं।

    यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि पपीते से तुरंत किसी चमत्कारी नतीजे की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। इसका असर व्यक्ति की त्वचा के प्रकार और इस्तेमाल के तरीके पर निर्भर कर सकता है। अगर त्वचा पर लगातार दाने खुजली लालिमा या जलन जैसी समस्या बनी हुई है तो घरेलू उपायों के बजाय त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है। कुल मिलाकर सही तरीके और सावधानी के साथ पपीता आपके सामान्य स्किन केयर रूटीन का एक आसान घरेलू हिस्सा बन सकता है।

  • मानसून में त्वचा क्यों हो जाती है चिपचिपी और बेजान, इन जरूरी टिप्स से रखें स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग

    मानसून में त्वचा क्यों हो जाती है चिपचिपी और बेजान, इन जरूरी टिप्स से रखें स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग


    नई दिल्ली। मानसून का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है लेकिन इस दौरान वातावरण में नमी बढ़ जाने के कारण त्वचा से जुड़ी कई परेशानियां भी बढ़ सकती हैं। बारिश के मौसम में ज्यादा नमी और पसीने की वजह से त्वचा चिपचिपी महसूस हो सकती है। इसके साथ ही धूल मिट्टी और प्रदूषण त्वचा पर आसानी से जमा हो जाते हैं जिससे रोमछिद्र बंद होने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में अगर त्वचा की सही तरीके से देखभाल न की जाए तो मुंहासे ब्लैकहेड्स खुजली और फंगल इंफेक्शन जैसी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। इसलिए मानसून में स्किन केयर रूटीन को थोड़ा बदलना जरूरी माना जाता है।

    बारिश के मौसम में चेहरे को साफ रखना सबसे जरूरी है। दिन में दो बार किसी हल्के फेस क्लींजर से चेहरा साफ किया जा सकता है। बहुत ज्यादा तेज साबुन या कठोर स्क्रब का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे त्वचा की प्राकृतिक नमी प्रभावित हो सकती है। अगर त्वचा बहुत तैलीय है तो ऑयली स्किन के लिए उपयुक्त हल्का क्लींजर इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं रूखी या संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को ऐसा उत्पाद चुनना चाहिए जो त्वचा को जरूरत से ज्यादा ड्राई न करे।

    मानसून में लोग अक्सर यह सोचकर मॉइस्चराइजर लगाना छोड़ देते हैं कि वातावरण में पहले से ही नमी है। लेकिन त्वचा को मॉइस्चराइज रखना फिर भी जरूरी है। इस मौसम में हल्का और नॉन कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे त्वचा में नमी बनी रहने में मदद मिलती है और भारीपन या अत्यधिक चिपचिपाहट भी महसूस नहीं होती।

    बारिश के मौसम में धूप कम नजर आने के बावजूद सनस्क्रीन को स्किन केयर रूटीन से बाहर नहीं करना चाहिए। बादलों के बीच भी पराबैंगनी किरणों का संपर्क त्वचा तक हो सकता है। इसलिए बाहर निकलते समय अपनी त्वचा के अनुसार ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है। लंबे समय तक बाहर रहने पर इसे दोबारा लगाने की जरूरत पड़ सकती है।

    मानसून में पसीना और नमी अधिक होने के कारण चेहरे को बार बार छूने की आदत से भी बचना चाहिए। हाथों पर मौजूद गंदगी और बैक्टीरिया चेहरे तक पहुंच सकते हैं और मुंहासों की समस्या बढ़ा सकते हैं। मेकअप करने वाले लोगों को भी रात में सोने से पहले मेकअप अच्छी तरह साफ करना चाहिए। गीले कपड़े पहनने या लंबे समय तक नम जूते मोजे इस्तेमाल करने से त्वचा पर फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है इसलिए शरीर को साफ और सूखा रखना जरूरी है।

    स्किन की सेहत केवल बाहरी देखभाल से तय नहीं होती। मानसून में पर्याप्त पानी पीना संतुलित आहार लेना और पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है। मौसमी फल सब्जियां और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन त्वचा के लिए फायदेमंद हो सकता है। बहुत ज्यादा तला भुना या अत्यधिक मीठा भोजन करने के बजाय संतुलित डाइट पर ध्यान देना बेहतर है।

    अगर त्वचा पर लगातार खुजली लाल चकत्ते सूजन दर्दनाक मुंहासे या किसी तरह का संक्रमण दिखाई दे तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है। हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी दूसरे व्यक्ति के स्किन केयर प्रोडक्ट को बिना सोचे समझे इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। मानसून में थोड़ी सी सावधानी और नियमित देखभाल से त्वचा को स्वस्थ साफ और तरोताजा बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

  • चेहरे की चमक खो गई है तो बदलें अपनी डेली रूटीन, त्वचा की देखभाल के ये तरीके आएंगे काम

    चेहरे की चमक खो गई है तो बदलें अपनी डेली रूटीन, त्वचा की देखभाल के ये तरीके आएंगे काम


    नई दिल्ली। खूबसूरत और स्वस्थ त्वचा हर किसी की चाहत होती है लेकिन बदलता मौसम धूल मिट्टी प्रदूषण तनाव और अनियमित दिनचर्या त्वचा की प्राकृतिक चमक को प्रभावित कर सकते हैं। कई बार लोग चेहरे पर चमक लाने के लिए तरह तरह के कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं लेकिन त्वचा की सही देखभाल के लिए महंगे उत्पादों से ज्यादा जरूरी एक अच्छी और नियमित स्किन केयर रूटीन है। अगर त्वचा को पर्याप्त नमी मिले और उसे धूप प्रदूषण तथा गंदगी से बचाया जाए तो लंबे समय तक त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

    स्किन केयर की शुरुआत चेहरे की सफाई से करनी चाहिए। दिनभर त्वचा पर धूल मिट्टी पसीना और प्रदूषण जमा हो सकता है। इसलिए सुबह और रात चेहरे को अपनी त्वचा के प्रकार के अनुसार उपयुक्त क्लींजर से साफ करना जरूरी है। बहुत ज्यादा बार चेहरा धोने से भी बचना चाहिए क्योंकि इससे त्वचा की प्राकृतिक नमी कम हो सकती है और रूखापन बढ़ सकता है। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को खासतौर पर तेज खुशबू या कठोर सामग्री वाले उत्पादों के इस्तेमाल से सावधानी बरतनी चाहिए।

    त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल भी बेहद जरूरी माना जाता है। तैलीय त्वचा वाले लोगों को हल्के और नॉन कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर का चुनाव करना चाहिए जबकि रूखी त्वचा के लिए थोड़ा अधिक हाइड्रेटिंग मॉइस्चराइजर उपयोगी हो सकता है। नियमित मॉइस्चराइजिंग त्वचा की नमी बनाए रखने में मदद करती है और त्वचा को मुलायम महसूस करा सकती है।

    धूप से त्वचा की सुरक्षा भी स्किन केयर का अहम हिस्सा है। सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों के लंबे समय तक संपर्क में रहने से त्वचा पर टैनिंग और समय से पहले उम्र बढ़ने के संकेत दिखाई दे सकते हैं। इसलिए बाहर निकलने से पहले ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है। लंबे समय तक धूप में रहने की स्थिति में सनस्क्रीन को दोबारा लगाने की जरूरत पड़ सकती है। इसके साथ छाता या टोपी जैसी चीजों की मदद से भी धूप से बचाव किया जा सकता है।

    त्वचा की खूबसूरती केवल बाहर से इस्तेमाल किए जाने वाले उत्पादों पर निर्भर नहीं करती। पर्याप्त पानी पीना पौष्टिक भोजन लेना और पर्याप्त नींद लेना भी त्वचा के लिए महत्वपूर्ण है। डाइट में मौसमी फल हरी सब्जियां साबुत अनाज दालें बीज और नट्स जैसी पौष्टिक चीजों को शामिल किया जा सकता है। बहुत ज्यादा तला हुआ भोजन और अत्यधिक मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना भी बेहतर विकल्प हो सकता है।


    त्वचा की खूबसूरती केवल बाहर से इस्तेमाल किए जाने वाले उत्पादों पर निर्भर नहीं करती। पर्याप्त पानी पीना पौष्टिक भोजन लेना और पर्याप्त नींद लेना भी त्वचा के लिए महत्वपूर्ण है। डाइट में मौसमी फल हरी सब्जियां साबुत अनाज दालें बीज और नट्स जैसी पौष्टिक चीजों को शामिल किया जा सकता है। बहुत ज्यादा तला हुआ भोजन और अत्यधिक मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना भी बेहतर विकल्प हो सकता है।

    तनाव और नींद की कमी का असर भी चेहरे पर दिखाई दे सकता है। इसलिए रोजाना पर्याप्त नींद लेने और तनाव को कम करने की कोशिश करनी चाहिए। नियमित व्यायाम भी शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। हालांकि किसी भी घरेलू नुस्खे या नए स्किन केयर प्रोडक्ट को चेहरे पर इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना समझदारी है।

    अगर त्वचा पर लगातार मुंहासे खुजली लालिमा दाने अत्यधिक रूखापन या किसी अन्य तरह की समस्या बनी रहती है तो खुद से उपचार करने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। सही त्वचा प्रकार की पहचान और जरूरत के अनुसार उत्पादों का इस्तेमाल ही बेहतर स्किन केयर की कुंजी है। नियमित सफाई मॉइस्चराइजिंग धूप से बचाव पौष्टिक आहार और अच्छी नींद को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर त्वचा को लंबे समय तक स्वस्थ और प्राकृतिक रूप से निखरा हुआ रखने में मदद मिल सकती है।
  • दाग धब्बों से लेकर ग्लोइंग स्किन तक रोज़मेरी बन सकती है आपकी ब्यूटी रूटीन की सबसे खास साथी

    दाग धब्बों से लेकर ग्लोइंग स्किन तक रोज़मेरी बन सकती है आपकी ब्यूटी रूटीन की सबसे खास साथी


    नई दिल्ली । स्वस्थ और चमकदार त्वचा पाने की चाहत हर किसी की होती है। इसके लिए लोग तरह तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते हैं लेकिन कई बार प्राकृतिक चीजें भी त्वचा की देखभाल में प्रभावी भूमिका निभा सकती हैं। ऐसी ही एक औषधीय जड़ी बूटी है रोज़मेरी जिसे लंबे समय से बालों और त्वचा की देखभाल में उपयोग किया जाता रहा है। इसमें पाए जाने वाले प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट और सूजन कम करने वाले गुण त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मददगार माने जाते हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार रोज़मेरी में ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं जो त्वचा को बाहरी प्रदूषण और फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में सहायता कर सकते हैं। फ्री रेडिकल्स त्वचा की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाकर समय से पहले झुर्रियां और बेजानपन पैदा कर सकते हैं। एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर रोज़मेरी त्वचा को लंबे समय तक तरोताजा बनाए रखने में सहायक मानी जाती है।

    जिन लोगों की त्वचा तैलीय होती है उनके लिए भी रोज़मेरी लाभदायक मानी जाती है। यह त्वचा पर बनने वाले अतिरिक्त तेल को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है जिससे रोमछिद्रों के बंद होने की संभावना कम होती है। इसके कारण मुंहासों और ब्लैकहेड्स की समस्या में भी राहत मिल सकती है। हालांकि किसी भी नए उत्पाद या घरेलू नुस्खे का उपयोग करने से पहले त्वचा के एक छोटे हिस्से पर परीक्षण करना बेहतर माना जाता है।

    रोज़मेरी में मौजूद प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल गुण त्वचा को साफ रखने में भी मदद कर सकते हैं। यही वजह है कि कई स्किन केयर प्रोडक्ट में रोज़मेरी एक्सट्रैक्ट का इस्तेमाल किया जाता है। नियमित और संतुलित उपयोग से त्वचा अधिक ताजगी भरी और साफ नजर आ सकती है। हालांकि गंभीर त्वचा रोग या संक्रमण की स्थिति में केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।

    रोज़मेरी का उपयोग कई तरीकों से किया जा सकता है। रोज़मेरी का पानी फेस मिस्ट के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा एलोवेरा जेल में कुछ बूंदें रोज़मेरी ऑयल की मिलाकर लगाने से त्वचा को नमी और ताजगी मिल सकती है। ध्यान रहे कि एसेंशियल ऑयल को कभी भी सीधे त्वचा पर नहीं लगाना चाहिए। इसे हमेशा किसी कैरियर ऑयल या एलोवेरा जेल के साथ मिलाकर ही इस्तेमाल करना चाहिए।

    स्वस्थ त्वचा केवल बाहरी देखभाल से नहीं बल्कि संतुलित आहार पर्याप्त पानी अच्छी नींद और तनाव मुक्त जीवनशैली से भी जुड़ी होती है। यदि रोज़मेरी के साथ पौष्टिक भोजन नियमित व्यायाम और सही स्किन केयर रूटीन अपनाया जाए तो त्वचा की प्राकृतिक चमक लंबे समय तक बरकरार रह सकती है। प्राकृतिक उपाय धीरे धीरे असर दिखाते हैं इसलिए धैर्य और नियमितता बनाए रखना भी जरूरी है।

    रोज़मेरी को अपनी स्किन केयर रूटीन का हिस्सा बनाने से पहले यदि आपकी त्वचा अत्यधिक संवेदनशील है या किसी प्रकार की एलर्जी की समस्या रहती है तो विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर रहेगा। सही तरीके से और सीमित मात्रा में इस्तेमाल किया गया रोज़मेरी त्वचा की देखभाल के लिए एक उपयोगी प्राकृतिक विकल्प साबित हो सकता है।

  • Summer Skincare Tips: एलोवेरा से पाएं ग्लोइंग स्किन, जानिए 5 आसान उपयोग

    Summer Skincare Tips: एलोवेरा से पाएं ग्लोइंग स्किन, जानिए 5 आसान उपयोग

    नई दिल्ली।  गर्मियों का मौसम आते ही त्वचा से जुड़ी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। तेज धूप, पसीना, धूल और प्रदूषण के कारण स्किन डल, बेजान और डिहाइड्रेटेड हो जाती है। ऐसे में स्किन को प्राकृतिक तरीके से सुरक्षित और हेल्दी बनाए रखने के लिए एलोवेरा को सबसे बेहतर उपाय माना जाता है। एलोवेरा अपने कूलिंग, हीलिंग और मॉइस्चराइजिंग गुणों के कारण स्किनकेयर रूटीन में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार एलोवेरा में मौजूद विटामिन A, C, E और एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं और उसे फ्रेश बनाए रखते हैं। अगर इसे सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यह गर्मियों में कई स्किन समस्याओं से राहत दिला सकता है।

    पहला तरीका: फेस मॉइस्चराइजर के रूप में
    नहाने के बाद या चेहरे को साफ करने के बाद एलोवेरा जेल को हल्के हाथों से चेहरे पर लगाने से स्किन हाइड्रेट रहती है और नेचुरल ग्लो आता है। यह ऑयली स्किन वालों के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है।

    दूसरा तरीका: सनबर्न रिलीफ जेल
    धूप में निकलने के बाद अगर त्वचा जलने लगे या रेडनेस आ जाए, तो एलोवेरा जेल लगाने से तुरंत ठंडक मिलती है। यह स्किन को शांत करता है और जलन को कम करने में मदद करता है।

    तीसरा तरीका: फेस मास्क के रूप में
    एलोवेरा को शहद या गुलाब जल के साथ मिलाकर फेस मास्क की तरह लगाया जा सकता है। यह स्किन को डीप क्लीन करता है और डेड स्किन सेल्स को हटाने में मदद करता है, जिससे चेहरा साफ और चमकदार दिखता है।

    चौथा तरीका: एक्ने और पिंपल ट्रीटमेंट
    एलोवेरा में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो पिंपल्स को कम करने में सहायक होते हैं। इसे सीधे पिंपल्स पर लगाने से सूजन और लालपन धीरे-धीरे कम हो सकता है।

    पांचवां तरीका: नाइट स्किन थेरेपी
    सोने से पहले एलोवेरा जेल लगाकर रातभर छोड़ देने से त्वचा को पूरी रात पोषण मिलता है। सुबह उठने पर स्किन फ्रेश, सॉफ्ट और ग्लोइंग नजर आती है।

    कुल मिलाकर, एलोवेरा गर्मियों में स्किनकेयर के लिए एक सस्ता, प्राकृतिक और बेहद प्रभावी उपाय है। नियमित रूप से इसका सही इस्तेमाल त्वचा को स्वस्थ, हाइड्रेटेड और चमकदार बनाए रखने में मदद कर सकता है।

  • मौसंबी के छिलके हैं कचरा नहीं खजाना, जानिए 4 आसान और असरदार उपयोग..

    मौसंबी के छिलके हैं कचरा नहीं खजाना, जानिए 4 आसान और असरदार उपयोग..

    नई दिल्ली ।मौसंबी का जूस पीकर अक्सर लोग इसके छिलकों को बेकार समझकर फेंक देते हैं, लेकिन वास्तव में ये छिलके कई तरह से बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं। मौसंबी एक पौष्टिक फल है, और इसके छिलकों में भी प्राकृतिक तेल, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो त्वचा, घर की सफाई और ताजगी बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। सही तरीके से इनका उपयोग करने पर ये छिलके रोजमर्रा की कई समस्याओं का आसान और सस्ता समाधान बन सकते हैं।

    मौसंबी के छिलकों का सबसे लोकप्रिय उपयोग त्वचा की देखभाल में किया जाता है। इनमें मौजूद प्राकृतिक गुण त्वचा को साफ करने और उसे निखार देने में सहायक हो सकते हैं। छिलकों को धूप में सुखाकर उनका पाउडर तैयार किया जा सकता है, जिसे गुलाब जल या दही के साथ मिलाकर फेस पैक की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। यह त्वचा को ताजगी देने के साथ-साथ दाग-धब्बों को हल्का करने में भी मदद कर सकता है। नियमित उपयोग से त्वचा में प्राकृतिक चमक बनी रहती है।

    इसके अलावा मौसंबी के छिलके घर की सफाई में भी काफी उपयोगी हैं। इनमें मौजूद प्राकृतिक ऑयल किचन की सतह, सिंक और अन्य जगहों पर जमी चिकनाई को हटाने में मदद करते हैं। छिलकों को रगड़कर इस्तेमाल करने से सतह साफ होने के साथ-साथ हल्की खुशबू भी फैलती है, जिससे घर अधिक स्वच्छ और ताजगी भरा महसूस होता है। यह एक प्राकृतिक क्लीनर के रूप में काम कर सकता है।

    मौसंबी के छिलकों का उपयोग घर में प्राकृतिक फ्रेशनर के रूप में भी किया जा सकता है। इन्हें सुखाकर अलमारी या कमरे के कोनों में रखने से नमी और बदबू को कम करने में मदद मिलती है। इससे वातावरण में ताजगी बनी रहती है और रासायनिक फ्रेशनर की जरूरत कम हो जाती है।

    इसके अलावा इन छिलकों का एक और उपयोग कीट नियंत्रण में भी देखा जाता है। इनकी तेज प्राकृतिक सुगंध कुछ हद तक मच्छरों और छोटे कीड़ों को दूर रखने में मदद कर सकती है, जिससे यह एक सरल और घरेलू उपाय बन जाता है।

    इस तरह मौसंबी के छिलके केवल कचरा नहीं बल्कि एक उपयोगी प्राकृतिक संसाधन हैं, जिन्हें अपनाकर हम न सिर्फ पैसे बचा सकते हैं बल्कि अपने घर को भी अधिक स्वच्छ, सुगंधित और स्वस्थ बना सकते हैं।

  • चेहरे पर नेचुरल ग्लो चाहते हैं? रोज़ डाइट में शामिल करें ये 5 फल, 15 दिनों में दिखेगा फर्क

    चेहरे पर नेचुरल ग्लो चाहते हैं? रोज़ डाइट में शामिल करें ये 5 फल, 15 दिनों में दिखेगा फर्क


    नई दिल्ली । स्वस्थ और चमकदार त्वचा के लिए सिर्फ महंगे स्किनकेयर प्रोडक्ट्स पर भरोसा करना पर्याप्त नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार कुछ फलों में मौजूद विटामिन एंटीऑक्सीडेंट और पोषक तत्व त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं और प्राकृतिक निखार लाते हैं। प्रदूषण तनाव और गलत खानपान अक्सर चेहरे पर दाग धब्बे और झुर्रियों का कारण बनते हैं। ऐसे में फलों का नियमित सेवन आपकी त्वचा को स्वस्थ जवान और ग्लोइंग बनाए रख सकता है।

    पपीता

    पपीता में पपेन नामक एंजाइम होता है जो मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाने में मदद करता है। यह त्वचा की रंगत को साफ करता है और हाइड्रेशन बनाए रखता है। विटामिन ए से भरपूर पपीता पाचन सुधारने के साथ साथ त्वचा को अंदर से पोषण भी देता है।

    संतरा

    संतरा विटामिन सी और सिट्रिक एसिड का बेहतरीन स्रोत है। यह कोलेजन उत्पादन को बढ़ाता है जिससे त्वचा का ढीलापन कम होता है और चेहरे पर प्राकृतिक निखार आता है। इसके नियमित सेवन से डार्क स्पॉट्स हल्के पड़ते हैं और त्वचा स्वस्थ दिखती है।

    अनार

    अनार को जवानी का फल कहा जाता है। यह शरीर में खून बढ़ाता है और चेहरे पर गुलाबी निखार लाता है। इसमें मौजूद पॉलीफेनोल्स सूरज की हानिकारक यूवी किरणों से त्वचा की सुरक्षा करते हैं और समय से पहले झुर्रियों को रोकते हैं।

    तरबूज
    तरबूज में लगभग 92% पानी होता है जो त्वचा की कोशिकाओं को अंदर से हाइड्रेटेड प्लंप और फ्रेश रखता है। इसमें मौजूद लाइकोपीन त्वचा को सूरज की जलन और लालिमा से बचाता है। गर्मियों में तरबूज का सेवन स्किन ग्लो के लिए बेहद फायदेमंद है।

    कीवी

    कीवी में विटामिन सी और ई की उच्च मात्रा होती है। यह त्वचा की मरम्मत में मदद करता है दाग धब्बों को कम करता है और आंखों के नीचे काले घेरे घटाता है। नियमित सेवन से त्वचा में कसावट और निखार आता है।

    कैसे और कब खाएं
    फलों का पूरा फायदा उठाने के लिए उन्हें सुबह खाली पेट या दोपहर के नाश्ते में खाना सबसे अच्छा है। जूस के बजाय साबुत फल खाएं ताकि फाइबर भी मिल सके। यदि आप लगातार 15 दिनों तक इन 5 फलों को अपनी डाइट में शामिल करते हैं तो चेहरे पर साफ और प्राकृतिक ग्लो महसूस किया जा सकता है।

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    नई दिल्ली। आज के समय में देखा जाता है कि महिलाएं अपने चेहरे को सुंदर और ग्लोइंग बनाने के लिए मार्केट से कई सारे प्रोडक्ट लाती हैं, जबकि उसका उतना अच्छा रिस्पांस उन्हें नहीं मिल पाता है। कई बार बार-बार धूप में जाना काम करना इसके साथ ही घर पर भी स्किन केयर को ज्यादा अच्छे से फॉलो ना कर पाने की वजह से आपके चेहरे काफी डैमेज हो जाते हैं कई प्रकार की स्किन प्रॉब्लम आपको होने लगती है। सबसे छुटकारा पाने के लिए आपके घर में ही एक खास स्क्रब तैयार करना चाहिए तो चलिए उसके बारे में बताते हैं।

    घर में ही बना सकती हैं होममेड स्क्रब
    अगर आप भी अपने फेस की खूबसूरती को बढ़ाना चाहती हैं, तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप घर में आसानी से डी टैन स्क्रब का इस्तेमाल कर सकती हैं। हालांकि इसको बनाने के लिए कुछ सामग्री की जरूरत पड़ेगी।

    बनाने के लिए उसकी सामग्री
    शहद
    चावल का आटा
    ग्लिसरीन
    नारियल तेल

    स्क्रब बनाने का तरीका
    इसको बनाने के लिए एक कटोरी में थोड़ा सा चावल का आटा लें।फिर इसमें थोड़ा सा शहद और ग्लिसरीन मिला लें।अब सभी को अच्छे से मिक्स कर लें और नारियल तेल मिक्स करें।इन सभी चीजों को तब तक फेंटे, जब तक यह गाढ़ा न हो जाए।अब इसको स्क्रब को मिक्स कर लें, और इसको एयर टाइट डिब्बे में भरकर रख दें।इस स्क्रब को आप रात में सोने से पहले फेस पर 30-40 मिनट के लिए लगाएं।अब कच्चा दूध हाथ में लेकर हल्के हाथों से फेस की मसाज करें।

    इन बातों का रखें ध्यान
    अगर आप इसको पहली बार इस्तेमाल कर रही हैं, तो पहले स्क्रब टेस्ट जरूर करें। इस स्क्रब को लगाने के बाद आपके चेहरे में कई प्रकार के बदलाव आए ना शुरू हो जाएंगे हफ्ते में दो-तीन बार अगर आप इस स्क्रब को लगती हैं तब धीरे-धीरे आपका चेहरा साफ होने लगेगा और काफी निखार आने लगेगा हालांकि इसके साथ-साथ आपको अपने खान-पान पर भी पूरा ध्यान रखना चाहिए ताकि आपका चेहरा हमेशा अच्छा और ताजगी भरा रहे ताकि आपको मार्केट के बड़े प्रोडक्ट की जरूरत ना पड़े।