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  • महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स को कहें अलविदा! घर का गुलाब जल देगा नेचुरल ग्लो और फ्रेशनेस

    महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स को कहें अलविदा! घर का गुलाब जल देगा नेचुरल ग्लो और फ्रेशनेस


    नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में प्रदूषण, तनाव और गलत खानपान का सीधा असर हमारी त्वचा पर दिखाई देने लगा है। चेहरे पर दाग-धब्बे, मुंहासे और डलनेस जैसी समस्याएं आम हो चुकी हैं। ऐसे में लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन कई बार उनसे भी मनचाहा रिजल्ट नहीं मिलता। इसी बीच एक बेहद आसान, प्राकृतिक और असरदार उपाय सामने आता है गुलाब जल।

    गुलाब जल को सदियों से स्किन केयर का सबसे सुरक्षित और प्रभावी उपाय माना जाता है। यह न सिर्फ त्वचा को ठंडक देता है, बल्कि उसे गहराई से साफ करके नैचुरल ग्लो भी प्रदान करता है। सबसे खास बात यह है कि इसे घर पर बहुत ही आसानी से बनाया जा सकता है।

    घर पर गुलाब जल बनाने के लिए ताजे गुलाब के फूलों की पंखुड़ियों को अच्छे से धोकर एक बर्तन में पानी के साथ धीमी आंच पर उबाला जाता है। जब पंखुड़ियों का रंग हल्का पड़ने लगे और पानी में गुलाब की खुशबू आ जाए, तो इसे ठंडा करके छान लिया जाता है। यही शुद्ध गुलाब जल होता है जिसे एक साफ बोतल में स्टोर किया जा सकता है।

    इस प्राकृतिक टोनर का रोजाना उपयोग करने से त्वचा की गहराई से सफाई होती है। यह खुले पोर्स को टाइट करने में मदद करता है और चेहरे की अतिरिक्त ऑयलिंग को नियंत्रित करता है। साथ ही, यह दाग-धब्बों को हल्का करने में भी कारगर साबित होता है। जिन लोगों की त्वचा संवेदनशील होती है, उनके लिए गुलाब जल किसी वरदान से कम नहीं है क्योंकि यह बिना किसी साइड इफेक्ट के काम करता है।

    गुलाब जल को कॉटन की मदद से चेहरे पर लगाया जा सकता है या फिर फेस पैक में मिलाकर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे नियमित रूप से उपयोग करने पर त्वचा में एक अलग ही निखार आने लगता है, जिसे देखकर लोग अक्सर इसका राज पूछते हैं।

    ब्यूटी एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि नेचुरल स्किन केयर प्रोडक्ट्स में गुलाब जल सबसे भरोसेमंद विकल्प है। यह न सिर्फ त्वचा को सुंदर बनाता है, बल्कि उसे लंबे समय तक स्वस्थ भी रखता है।

    अगर आप भी चेहरे के दाग-धब्बों और डल स्किन से परेशान हैं, तो महंगे प्रोडक्ट्स छोड़कर इस देसी नुस्खे को अपनाकर देख सकते हैं। कुछ ही दिनों में फर्क साफ नजर आने लगेगा और चेहरा पहले से ज्यादा फ्रेश और ग्लोइंग दिखेगा।

  • समर स्किन केयर रूटीन त्वचा को ठंडा और चमकदार रखने के सबसे आसान घरेलू तरीके

    समर स्किन केयर रूटीन त्वचा को ठंडा और चमकदार रखने के सबसे आसान घरेलू तरीके


    नई दिल्ली । गर्मियों में तेज धूप, पसीना और बढ़ती गर्मी त्वचा पर सबसे ज्यादा असर डालते हैं। इस मौसम में चेहरा अक्सर चिपचिपा, बेजान और थका हुआ दिखने लगता है। ऐसे में स्किन को ठंडक देना और उसका प्राकृतिक निखार बनाए रखना बेहद जरूरी हो जाता है। महंगे प्रोडक्ट्स की बजाय घरेलू और प्राकृतिक उपाय त्वचा को सुरक्षित और स्वस्थ रखने में अधिक प्रभावी साबित हो सकते हैं।

    त्वचा की देखभाल के लिए सबसे पहले आता है एलोवेरा, जिसे एक प्राकृतिक कूलिंग एजेंट माना जाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और हाइड्रेटिंग गुण सनबर्न और जलन को कम करने में मदद करते हैं। धूप से लौटने के बाद ताजा एलोवेरा जेल लगाने से त्वचा को तुरंत राहत मिलती है और रात में लगाने पर यह त्वचा को गहराई से मॉइश्चराइज करता है।

    गर्मियों में त्वचा को ठंडा और फ्रेश रखने के लिए खीरा और गुलाब जल का मिश्रण भी बेहद उपयोगी है। खीरे का रस त्वचा को हाइड्रेट करता है, जबकि गुलाब जल त्वचा के pH संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है। इस मिश्रण को स्प्रे बोतल में भरकर फेस मिस्ट की तरह इस्तेमाल करने से चेहरा पूरे दिन तरोताजा महसूस करता है।

    मुल्तानी मिट्टी और चंदन का फेस पैक भी गर्मियों में ऑयली स्किन के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। यह अतिरिक्त तेल को नियंत्रित करता है, रोमछिद्रों को साफ करता है और मुंहासों की समस्या को कम करने में मदद करता है। साथ ही यह त्वचा को ठंडक देकर टैनिंग को भी हल्का करता है।

    त्वचा की नमी बनाए रखने के लिए दही और शहद का मिश्रण एक बेहतरीन उपाय है। दही में मौजूद लैक्टिक एसिड डेड स्किन को हटाने में मदद करता है, जबकि शहद त्वचा को मुलायम और मॉइश्चराइज करता है। इसे हफ्ते में दो बार लगाने से त्वचा की रंगत में सुधार देखा जा सकता है।

    इसके साथ ही शरीर को अंदर से हाइड्रेट रखना भी बेहद जरूरी है। दिनभर पर्याप्त पानी पीना और तरबूज, खीरा और संतरा जैसे फलों को डाइट में शामिल करना त्वचा की सेहत के लिए बहुत लाभकारी है। सही आहार और पर्याप्त पानी शरीर के तापमान को नियंत्रित रखते हैं, जिसका सीधा असर चेहरे की चमक पर दिखाई देता है।

    कुल मिलाकर, इन सरल और प्राकृतिक उपायों को अपनाकर गर्मियों में त्वचा को न केवल सुरक्षित रखा जा सकता है, बल्कि बिना किसी खर्च के प्राकृतिक ग्लो भी पाया जा सकता है।

    गर्मियों में तेज धूप, पसीना और बढ़ती गर्मी त्वचा पर सबसे ज्यादा असर डालते हैं। इस मौसम में चेहरा अक्सर चिपचिपा, बेजान और थका हुआ दिखने लगता है। ऐसे में स्किन को ठंडक देना और उसका प्राकृतिक निखार बनाए रखना बेहद जरूरी हो जाता है। महंगे प्रोडक्ट्स की बजाय घरेलू और प्राकृतिक उपाय त्वचा को सुरक्षित और स्वस्थ रखने में अधिक प्रभावी साबित हो सकते हैं।

    त्वचा की देखभाल के लिए सबसे पहले आता है एलोवेरा, जिसे एक प्राकृतिक कूलिंग एजेंट माना जाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और हाइड्रेटिंग गुण सनबर्न और जलन को कम करने में मदद करते हैं। धूप से लौटने के बाद ताजा एलोवेरा जेल लगाने से त्वचा को तुरंत राहत मिलती है और रात में लगाने पर यह त्वचा को गहराई से मॉइश्चराइज करता है।

    गर्मियों में त्वचा को ठंडा और फ्रेश रखने के लिए खीरा और गुलाब जल का मिश्रण भी बेहद उपयोगी है। खीरे का रस त्वचा को हाइड्रेट करता है, जबकि गुलाब जल त्वचा के pH संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है। इस मिश्रण को स्प्रे बोतल में भरकर फेस मिस्ट की तरह इस्तेमाल करने से चेहरा पूरे दिन तरोताजा महसूस करता है।

    मुल्तानी मिट्टी और चंदन का फेस पैक भी गर्मियों में ऑयली स्किन के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। यह अतिरिक्त तेल को नियंत्रित करता है, रोमछिद्रों को साफ करता है और मुंहासों की समस्या को कम करने में मदद करता है। साथ ही यह त्वचा को ठंडक देकर टैनिंग को भी हल्का करता है।

    त्वचा की नमी बनाए रखने के लिए दही और शहद का मिश्रण एक बेहतरीन उपाय है। दही में मौजूद लैक्टिक एसिड डेड स्किन को हटाने में मदद करता है, जबकि शहद त्वचा को मुलायम और मॉइश्चराइज करता है। इसे हफ्ते में दो बार लगाने से त्वचा की रंगत में सुधार देखा जा सकता है।

    इसके साथ ही शरीर को अंदर से हाइड्रेट रखना भी बेहद जरूरी है। दिनभर पर्याप्त पानी पीना और तरबूज, खीरा और संतरा जैसे फलों को डाइट में शामिल करना त्वचा की सेहत के लिए बहुत लाभकारी है। सही आहार और पर्याप्त पानी शरीर के तापमान को नियंत्रित रखते हैं, जिसका सीधा असर चेहरे की चमक पर दिखाई देता है। कुल मिलाकर, इन सरल और प्राकृतिक उपायों को अपनाकर गर्मियों में त्वचा को न केवल सुरक्षित रखा जा सकता है, बल्कि बिना किसी खर्च के प्राकृतिक ग्लो भी पाया जा सकता है।

  • महंगे प्रोडक्ट्स को कहें अलविदा, घर पर तैयार करें असरदार Vitamin C सीरम

    महंगे प्रोडक्ट्स को कहें अलविदा, घर पर तैयार करें असरदार Vitamin C सीरम


    नई दिल्ली । आज के समय में बढ़ते प्रदूषण, धूल-मिट्टी और तनावपूर्ण जीवनशैली का सीधा असर हमारी त्वचा पर दिखाई देने लगा है। चेहरा बेजान, थका हुआ और डल नजर आने लगता है। ऐसे में लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स की बजाय अब नेचुरल और घरेलू उपायों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। इन्हीं में से एक है Vitamin C सीरम, जो त्वचा को प्राकृतिक रूप से निखारने में बेहद कारगर माना जाता है।

    Vitamin C एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाता है। यह त्वचा में कोलेजन के उत्पादन को बढ़ाता है, जिससे स्किन टाइट और युवा बनी रहती है। इसके नियमित उपयोग से दाग-धब्बे, पिग्मेंटेशन और सूरज की किरणों से होने वाला नुकसान कम होता है, जिससे चेहरे पर नेचुरल ग्लो आता है। बाजार में मिलने वाले Vitamin C सीरम अक्सर महंगे होते हैं और उनमें केमिकल्स भी मिलाए जाते हैं। ऐसे में आप घर पर बेहद आसान तरीके से कम खर्च में इसे तैयार कर सकते हैं।

    पहला तरीका संतरे के पाउडर से सीरम बनाने का है। इसके लिए एक चम्मच संतरे का पाउडर, दो बड़े चम्मच गुलाब जल, दो चम्मच एलोवेरा जेल और आधा कप उबला हुआ ठंडा पानी लें। संतरे का पाउडर बनाने के लिए संतरे के छिलकों को धूप में सुखाकर पीस लें। अब एक कटोरे में संतरे का पाउडर, गुलाब जल और एलोवेरा जेल मिलाएं और उसमें पानी डालकर अच्छी तरह घोल लें। इस मिश्रण को डार्क ग्लास की बोतल में भरकर फ्रिज में रखें ताकि इसकी गुणवत्ता बनी रहे।

    दूसरा आसान तरीका नींबू और एलोवेरा से सीरम बनाने का है। इसके लिए एक चम्मच एलोवेरा जेल, एक चम्मच गुलाब जल और आधा चम्मच ताजा नींबू का रस लें। सभी चीजों को मिलाकर एक साफ कांच की बोतल में भर लें। ध्यान रखें कि नींबू की मात्रा अधिक न हो, क्योंकि इससे त्वचा में जलन हो सकती है।

    इस सीरम का उपयोग करने का सही तरीका भी जानना जरूरी है। इसे हमेशा चेहरे को अच्छी तरह साफ करने के बाद ही लगाएं। 2 से 3 बूंदें लेकर हल्के हाथों से चेहरे और गर्दन पर मसाज करें। रात में सोने से पहले इसका इस्तेमाल सबसे अधिक लाभकारी होता है। यदि दिन में उपयोग करें तो इसके बाद मॉइश्चराइजर और सनस्क्रीन जरूर लगाएं, क्योंकि Vitamin C त्वचा को सूर्य के प्रति संवेदनशील बना सकता है।

    घर पर बने ये सीरम 7 से 10 दिनों तक फ्रिज में सुरक्षित रखे जा सकते हैं। हालांकि ये प्राकृतिक होते हैं, फिर भी पहली बार उपयोग करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें।

    इस तरह कम खर्च में घर पर तैयार किया गया Vitamin C सीरम न केवल आपकी त्वचा को स्वस्थ बनाएगा, बल्कि आपको पार्लर जैसा निखार भी देगा। नियमित उपयोग से आप खुद अपनी त्वचा में सकारात्मक बदलाव महसूस कर सकते हैं।

  • चेहरे की झुर्रियां करें कम और पाएं नैचुरल चमक जानिए 8 आसान घरेलू तरीके

    चेहरे की झुर्रियां करें कम और पाएं नैचुरल चमक जानिए 8 आसान घरेलू तरीके


    नई दिल्ली । आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बढ़ती उम्र का असर सबसे पहले चेहरे पर दिखाई देने लगता है। तनाव प्रदूषण और असंतुलित खानपान त्वचा की प्राकृतिक चमक को कम कर देते हैं। नतीजतन चेहरे पर झुर्रियां और महीन रेखाएं समय से पहले ही नजर आने लगती हैं। कई लोग इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं लेकिन उनमें मौजूद केमिकल्स कई बार त्वचा को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। ऐसे में घरेलू और प्राकृतिक उपाय एक सुरक्षित और असरदार विकल्प साबित हो सकते हैं।

    एलोवेरा त्वचा के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है। इसमें मौजूद तत्व त्वचा की लोच को बढ़ाने में मदद करते हैं। ताजे एलोवेरा जेल को चेहरे पर लगाकर कुछ समय के लिए छोड़ दें और फिर गुनगुने पानी से धो लें। यह त्वचा को गहराई से मॉइस्चराइज करता है और उसे मुलायम बनाता है।

    नारियल तेल भी त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद होता है। यह त्वचा के अंदर जाकर उसे पोषण देता है और कोलेजन के निर्माण को बढ़ावा देता है। रात में सोने से पहले हल्के हाथों से चेहरे की मालिश करने से त्वचा में कसाव आता है और झुर्रियां धीरे धीरे कम होने लगती हैं।

    अंडे की सफेदी त्वचा को तुरंत टाइट करने में मदद करती है। इसमें मौजूद प्रोटीन त्वचा को मजबूती देता है। इसे चेहरे पर लगाकर सूखने दें और फिर धो लें। यह उपाय त्वचा को तुरंत तरोताजा और जवां दिखाने में मदद करता है।

    नींबू और शहद का मिश्रण भी काफी असरदार माना जाता है। शहद त्वचा को नमी प्रदान करता है जबकि नींबू में मौजूद विटामिन सी त्वचा को साफ और चमकदार बनाता है। यह मिश्रण दाग धब्बों को हल्का करने के साथ झुर्रियों को कम करने में सहायक होता है।

    केले का फेस मास्क त्वचा को पोषण देने का एक आसान तरीका है। पके हुए केले में शहद मिलाकर लगाने से त्वचा को जरूरी विटामिन और मिनरल्स मिलते हैं। इससे त्वचा की कोशिकाएं पुनर्जीवित होती हैं और चेहरे पर प्राकृतिक चमक लौटती है।

    जैतून का तेल भी एंटी एजिंग गुणों से भरपूर होता है। इसमें मौजूद विटामिन त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं और उसे स्वस्थ बनाए रखते हैं। नियमित उपयोग से त्वचा में निखार आता है और झुर्रियां कम होती हैं।खीरे का रस त्वचा को ठंडक और ताजगी देता है। यह त्वचा को हाइड्रेट रखने के साथ रोमछिद्रों को कसने में मदद करता है। इसे नियमित रूप से लगाने से त्वचा साफ और फ्रेश दिखती है।

    इन सभी उपायों के साथ साथ शरीर को अंदर से स्वस्थ रखना भी बेहद जरूरी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और संतुलित आहार लेना त्वचा की खूबसूरती बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। अगर आप रोजाना इन आसान घरेलू उपायों को अपनाते हैं तो बिना किसी साइड इफेक्ट के आप लंबे समय तक जवान और दमकती त्वचा पा सकते हैं।

  • क्यों ड्रैगन फ्रूट बन रहा है हेल्थ प्रेमियों की पहली पसंद: जानें इसके सम्पूर्ण लाभ

    क्यों ड्रैगन फ्रूट बन रहा है हेल्थ प्रेमियों की पहली पसंद: जानें इसके सम्पूर्ण लाभ

    नई दिल्ली ।  आज के समय में लोग अपनी सेहत के प्रति जागरूक हो गए हैं। लोग स्वस्थ रहने के लिए फल, सब्जियां और हेल्दी डाइट का सेवन करना पसंद कर रहे हैं। ऐसे ही एक फल है ड्रैगन फ्रूट जिसे कुछ लोग पिटाया भी कहते हैं। इसका छिलका गुलाबी और अंदर का गूदा सफेद या हल्का गुलाबी होता है। इसके छोटे-छोटे काले बीज इसे और आकर्षक बनाते हैं। यह फल मुख्य रूप से थाईलैंड, वियतनाम, मलेशिया और भारत के कुछ हिस्सों में उगाया जाता है और गर्मियों में खाने के लिए उत्तम माना जाता है।

    ड्रैगन फ्रूट में प्रोटीन, फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम और विभिन्न विटामिन्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें पॉलीफेनोल्स, कैरोटीनॉयड और बीटासायनिन जैसे पौधे यौगिक होते हैं। विटामिन सी, बीटा-कैरोटीन, लाइकोपीन और बीटालेन जैसी एंटीऑक्सीडेंट्स की मौजूदगी इसे सेहत के लिए और प्रभावशाली बनाती है।

    ड्रैगन फ्रूट पाचन के लिए बेहद फायदेमंद है। इसमें उच्च मात्रा में फाइबर होता है जो कब्ज और अन्य पाचन समस्याओं को दूर करता है। फाइबर आंतों की गतिविधियों को नियमित करता है और पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखता है।

    इम्यूनिटी बढ़ाने में भी ड्रैगन फ्रूट की अहम भूमिका है। विटामिन-सी और अन्य एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं। इस कारण इसे अपनी डाइट में शामिल करना सेहत के लिए लाभकारी है।

    ड्रैगन फ्रूट ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसके फाइबर ब्लड फ्लो में शुगर के अवशोषण को धीमा कर देते हैं, जिससे शुगर लेवल संतुलित रहता है। डायबिटीज के मरीजों को इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।

    वजन घटाने वालों के लिए ड्रैगन फ्रूट एक बेहतरीन विकल्प है। इसमें कैलोरी कम और फाइबर अधिक होता है। फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और बार-बार भूख लगने से रोकता है।

    इसके अलावा ड्रैगन फ्रूट शरीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है। इसमें पानी की पर्याप्त मात्रा होती है, जिससे शरीर तरोताजा रहता है और वजन कम करने में भी सहायता मिलती है।

    दिल के स्वास्थ्य के लिए भी ड्रैगन फ्रूट फायदेमंद है। इसमें प्राकृतिक स्वस्थ वसा विशेष रूप से ओमेगा-3 और ओमेगा-9 फैटी एसिड पाए जाते हैं, जो हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं और दिल की बीमारियों के जोखिम को कम कर सकते हैं।

    त्वचा के लिए ड्रैगन फ्रूट का सेवन बेहद लाभकारी है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स, विशेषकर विटामिन सी, त्वचा को झुर्रियों और महीन रेखाओं से बचाते हैं। इसके नमी बनाए रखने वाले गुण त्वचा को मुलायम, चमकदार और स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं।

    इस तरह ड्रैगन फ्रूट न सिर्फ स्वाद में अनोखा और आकर्षक है, बल्कि यह शरीर और त्वचा के लिए संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करता है। इसे अपनी डाइट में शामिल करके आप पाचन सुधार, इम्यूनिटी बढ़ाने, ब्लड शुगर कंट्रोल और त्वचा की सुंदरता सभी का लाभ पा सकते हैं।

  • Moringa Oil Benefits : प्रदूषण और तेज धूप से खराब होती स्किन के लिए आयुर्वेदिक सुरक्षा कवच

    Moringa Oil Benefits : प्रदूषण और तेज धूप से खराब होती स्किन के लिए आयुर्वेदिक सुरक्षा कवच

    नई दिल्ली । बदलती जीवनशैली बढ़ता प्रदूषण तेज धूप मानसिक तनाव और असंतुलित खानपान का सबसे पहला असर चेहरे की त्वचा पर दिखाई देने लगता है। कम उम्र में झुर्रियां एज स्पॉट्स पिगमेंटेशन और रूखी बेजान त्वचा अब आम समस्या बनती जा रही है। ऐसे में लोग महंगे केमिकल युक्त उत्पादों की ओर रुख करते हैं लेकिन लंबे समय में ये त्वचा को और नुकसान पहुंचा सकते हैं। आयुर्वेद में प्राकृतिक तेलों को त्वचा की सेहत के लिए सबसे सुरक्षित और असरदार माना गया है जिनमें मोरिंगा तेल खास स्थान रखता है।

    मोरिंगा को आयुर्वेद में शोभांजन कहा गया है। इसके पत्ते फल छाल और बीज औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। मोरिंगा के सूखे बीजों से निकाला गया तेल त्वचा के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। आयुर्वेदिक मान्यताओं के अनुसार यह तेल त्वचा के दोषों को संतुलित करता है और भीतर से स्किन को स्वस्थ बनाता है।

    वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार मोरिंगा तेल में ओलिक एसिड विटामिन ए सी और ई फ्लेवोनॉयड्स और पॉलीफेनॉल जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये तत्व त्वचा को पोषण देने के साथ उसे समय से पहले बूढ़ा होने से बचाते हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से सुरक्षा प्रदान करते हैं।

    चेहरे पर पड़ने वाले काले धब्बे और एज स्पॉट्स मुख्य रूप से धूप प्रदूषण और कोलेजन की कमी के कारण होते हैं। मोरिंगा तेल इन समस्याओं पर सीधे काम करता है। विटामिन सी त्वचा में कोलेजन निर्माण को बढ़ावा देता है जिससे स्किन की कसावट बनी रहती है और दाग धब्बे धीरे धीरे हल्के होने लगते हैं। नियमित रूप से चेहरे पर हल्के हाथों से इसकी मालिश करने से यह त्वचा की गहराई तक पहुंचकर असर दिखाता है।

    आयुर्वेद में एज स्पॉट्स को पित्त दोष के असंतुलन से जोड़ा जाता है। मोरिंगा तेल में ठंडक देने वाले गुण होते हैं जो त्वचा की गर्मी को शांत करते हैं और पित्त दोष को संतुलित करने में सहायक होते हैं। इससे पिगमेंटेशन और सन डैमेज की समस्या में राहत मिलती है। नहाने के बाद या रात में सोने से पहले कुछ बूंदें चेहरे पर लगाने से त्वचा लंबे समय तक मुलायम और चमकदार बनी रहती है।

    मोरिंगा तेल केवल दाग धब्बों तक सीमित नहीं है। इसके एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी बैक्टीरियल गुण मुंहासों जलन एलर्जी और लालिमा में भी राहत देते हैं। यह त्वचा की प्राकृतिक नमी को बनाए रखता है जिससे रूखापन और खिंचाव कम होता है। फटे होंठ बेजान त्वचा और धूप से झुलसी स्किन के लिए भी इसे लाभकारी माना जाता है।

  • रात को सोने से पहले लगाएं ये 3 चीजें, सुबह दिखेगा साफ और चमकदार चेहरा..

    रात को सोने से पहले लगाएं ये 3 चीजें, सुबह दिखेगा साफ और चमकदार चेहरा..


    नई दिल्ली।मिट्टी प्रदूषण और भागदौड़ भरी जिंदगी स्किन की नेचुरल चमक छीन लेती है। ऐसे में लोग महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लोइंग स्किन के लिए हमेशा महंगे प्रोडक्ट्स जरूरी नहीं होते। आपकी किचन और ड्रेसिंग टेबल पर मौजूद कुछ नेचुरल चीजें भी कमाल का असर दिखा सकती हैं।एक्सपर्ट्स के मुताबिक रात का समय स्किन रिपेयर के लिए सबसे बेहतर होता है। दिनभर धूप और प्रदूषण से डैमेज हुई स्किन रात में खुद को रिपेयर करती है। अगर इस दौरान सही चीजें स्किन पर लगाई जाएं तो उनका असर ज्यादा जल्दी और बेहतर दिखाई देता है।

    रात को सोने से पहले क्यों जरूरी है स्किन केयर
    दिनभर स्किन बाहरी नुकसान झेलती है। रात के समय ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और स्किन सेल्स तेजी से रिपेयर होते हैं। यही वजह है कि नाइट स्किनकेयर रूटीन को सबसे अहम माना जाता है।

    रात को सोने से पहले लगाएं ये 3 चीजें

    1. एलोवेरा जेल
    एलोवेरा जेल स्किन को गहराई से हाइड्रेट करता है और दाग धब्बों को हल्का करने में मदद करता है। सोने से पहले चेहरे को साफ करके हल्की मात्रा में एलोवेरा जेल लगाएं और रातभर छोड़ दें। सुबह चेहरा फ्रेश और सॉफ्ट नजर आएगा।

    2. गुलाब जल
    गुलाब जल नेचुरल टोनर की तरह काम करता है। यह स्किन के पोर्स को टाइट करता है और चेहरे पर नेचुरल ग्लो लाता है। कॉटन की मदद से सोने से पहले चेहरे पर गुलाब जल लगाएं। यह स्किन को शांत करता है और रेडनेस भी कम करता है।

    3. नारियल तेल या बादाम तेल
    अगर आपकी स्किन ड्राई है तो सोने से पहले कुछ बूंदें नारियल तेल या बादाम तेल की मसाज करें। यह स्किन को पोषण देता है और रातभर नमी बनाए रखता है। सुबह स्किन सॉफ्ट और चमकदार दिखती है।

    बेहतर रिजल्ट के लिए रखें इन बातों का ध्यान
    सोने से पहले मेकअप जरूर हटाएं। हल्के फेसवॉश से चेहरा साफ करें और पर्याप्त नींद लें। पानी ज्यादा पिएं और जंक फूड से दूरी बनाएं।नियमित रूप से इन नेचुरल उपायों को अपनाने से कुछ ही दिनों में स्किन की रंगत में सुधार और नेचुरल ग्लो साफ नजर आने लगेगा।

  • नेल कटर की एक आदत बना सकती है आपको मरीज, रोज़मर्रा की लापरवाही से बढ़ता संक्रमण का खतरा

    नेल कटर की एक आदत बना सकती है आपको मरीज, रोज़मर्रा की लापरवाही से बढ़ता संक्रमण का खतरा


    नई दिल्ली। नाखूनों से जुड़ी छोटी चूक कैसे बन जाती है बड़ी स्वास्थ्य समस्या  घर हो ऑफिस या फिर ब्यूटी पार्लर-नेल कटर एक ऐसी रोज़मर्रा की चीज है जिसे लोग अक्सर बिना सोचे-समझे एक-दूसरे के साथ साझा कर लेते हैं। देखने में यह आदत बेहद मामूली लगती है लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यही लापरवाही नाखूनों और त्वचा से जुड़े गंभीर संक्रमण की वजह बन सकती है। कई बार लोग लंबे समय तक इलाज कराते रहते हैं जबकि समस्या की जड़ सिर्फ अस्वच्छ नेल कटर होती है।

    डॉक्टरों के अनुसार नाखून काटते समय त्वचा पर बहुत ही बारीक कट या खरोंच लग जाती है जो सामान्य आंखों से दिखाई नहीं देती। जब कोई संक्रमित या पहले से इस्तेमाल किया गया नेल कटर दोबारा उपयोग में लाया जाता है तो उस पर मौजूद बैक्टीरिया और फंगस सीधे इन सूक्ष्म घावों के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। यही कारण है कि नाखूनों के फंगल और बैक्टीरियल इंफेक्शन एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक तेजी से फैलते हैं।स्वच्छता से जुड़ी कई रिपोर्ट्स बताती हैं कि धातु से बने नेल कटर पर फंगस और बैक्टीरिया लंबे समय तक जीवित रह सकते हैं। खासतौर पर पैरों के नाखूनों में यह खतरा ज्यादा होता है क्योंकि जूते पहनने से वहां नमी बनी रहती है। यही नमी फंगस के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बनाती है। सैलून या पार्लर में बिना ठीक से स्टरलाइज़ किए गए औजार इस खतरे को और बढ़ा देते हैं।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि कुछ लोगों में यह जोखिम और भी ज्यादा होता है। कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग बुजुर्ग छोटे बच्चे डायबिटीज से पीड़ित मरीज और वे लोग जो लंबे समय तक बंद जूते पहनते हैं-इन सभी में नाखूनों का संक्रमण जल्दी पनप सकता है। इसके अलावा जो लोग बार-बार मैनीक्योर या पेडीक्योर कराते हैं उन्हें भी अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है।नाखूनों में संक्रमण के कुछ संकेतों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जैसे नाखूनों का रंग पीला या काला पड़ना उनका असामान्य रूप से मोटा होना बार-बार टूटना नाखूनों के आसपास जलन या सूजन और कभी-कभी बदबू आना। ये लक्षण बताते हैं कि नाखूनों के भीतर संक्रमण पनप रहा है जिसका समय पर इलाज जरूरी है।

    डॉक्टरों का साफ कहना है कि बचाव ही इसका सबसे बेहतर इलाज है। हर व्यक्ति को अपना अलग नेल कटर इस्तेमाल करना चाहिए और उसे नियमित रूप से साफ व सूखा रखना चाहिए। नाखून बहुत गहराई तक काटने से बचें और हाथ-पैर लंबे समय तक गीले न रखें। सैलून में सेवाएं लेते समय यह जरूर देखें कि औजार ठीक से साफ और स्टरलाइज़ किए गए हों।अगर घरेलू देखभाल के बावजूद नाखूनों की स्थिति बिगड़ती जाए दर्द बढ़े या संक्रमण फैलता महसूस हो तो बिना देरी किए त्वचा विशेषज्ञ से संपर्क करना जरूरी है। समय पर इलाज न मिलने पर यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है और उपचार लंबा चल सकता है।

  • करेला: कड़वा जरूर, लेकिन सेहत का खजाना; जानें किन बीमारियों में है रामबाण

    करेला: कड़वा जरूर, लेकिन सेहत का खजाना; जानें किन बीमारियों में है रामबाण


    नई दिल्ली: करेला का नाम सुनते ही अधिकतर लोग मुंह बना लेते हैं, लेकिन यही कड़वा करेला सेहत के लिहाज से किसी वरदान से कम नहीं है। आयुर्वेद में करेला को औषधि के रूप में माना गया है और इसे कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में लाभकारी बताया गया है। सिर्फ खाने से ही नहीं, बल्कि बाहरी रूप से लगाने पर भी करेला शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाता है।

    आयुर्वेद में करेले को करवेल्लक कहा जाता है। इसे ऐसा पौधा माना गया है जो दूषित रक्त को शुद्ध करने, बढ़ी हुई शर्करा को नियंत्रित करने और शरीर में मौजूद कीटाणुओं को नष्ट करने की क्षमता रखता है। करेला विटामिन A, B और C का अच्छा स्रोत है, जो इम्युनिटी को मजबूत करने के साथ-साथ त्वचा और आंखों की सेहत के लिए भी जरूरी माने जाते हैं।करेला अग्नि और अग्न्याशय तक प्रभाव डालता है, जिससे पाचन तंत्र बेहतर होता है। यह आंतों की गहराई से सफाई कर वहां मौजूद कीड़े, हानिकारक बैक्टीरिया और विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है। जिन लोगों को बार-बार पेट साफ न होने, गैस, अपच या भूख न लगने की समस्या रहती है उनके लिए करेले का जूस या सलाद बेहद फायदेमंद हो सकता है।

    अगर शरीर में लंबे समय से कब्ज की समस्या बनी रहे, तो इससे आंतों में कीड़े पनप सकते हैं और पोषक तत्व शरीर में ठीक से अवशोषित नहीं हो पाते। ऐसे में करेला शरीर का प्राकृतिक डिटॉक्स करता है और पाचन तंत्र को फिर से सक्रिय बनाता है। इसके कड़वे स्वाद को कम करने के लिए इसे काटकर नमक लगाकर कुछ घंटों के लिए छोड़ दिया जाए, तो इसका कड़वापन काफी हद तक कम हो जाता है।त्वचा संबंधी समस्याओं में भी करेला बेहद उपयोगी माना जाता है। चेहरे पर मुंहासे, एक्ने, खुजली या रूखापन अक्सर रक्त की अशुद्धि का संकेत होते हैं। रोजाना सीमित मात्रा में करेले के जूस का सेवन रक्त को शुद्ध करता है, जिससे त्वचा में निखार आता है और एक्ने की समस्या कम होती है। साथ ही यह शरीर की खुद को ठीक करने की क्षमता को भी बढ़ाता है।

    करेला स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए भी लाभकारी बताया गया है, क्योंकि यह दूध बनाने वाले हार्मोन के उत्पादन को बढ़ाने में मदद करता है। हालांकि, इस दौरान इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए। वहीं, अगर शरीर पर कोई घाव, फोड़ा या सूजन हो जाए, तो करेले का लेप लगाने से घाव जल्दी भरता है और संक्रमण का खतरा कम होता है।कुल मिलाकर करेला भले ही स्वाद में कड़वा हो, लेकिन इसके फायदे इतने ज्यादा हैं कि इसे अपनी डाइट में शामिल करना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है।

  • महंगे स्किनकेयर प्रोडक्ट्स के बावजूद निखार क्यों नहीं आता? जानें 7 गलतियां जो आपके ग्लो को छीन रही हैं

    महंगे स्किनकेयर प्रोडक्ट्स के बावजूद निखार क्यों नहीं आता? जानें 7 गलतियां जो आपके ग्लो को छीन रही हैं


    नई दिल्ली । हर महिला चाहती है कि उसकी स्किन खूबसूरत और जवां बनी रहेलेकिन कभी-कभी हम अनजाने में ऐसी गलतियाँ कर बैठते हैंजो हमारे स्किनकेयर रूटीन को नुकसान पहुंचाती हैं। ये छोटी सी दिखने वाली गलतियां हमारी त्वचा को समय से पहले बेजान और थकी-थकी बना देती हैं। आइएजानते हैं कि कौन सी वो 7 आम गलतियां हैंजो आपकी स्किन की चमक को खत्म कर रही हैं और इनसे कैसे बच सकते हैं।

    सनस्क्रीन का इस्तेमाल न करना

    बहुत सी महिलाएं सोचती हैं कि केवल धूप में बाहर जाने पर ही सनस्क्रीन लगानी चाहिए। जबकियूवी किरणें सिर्फ बाहर से ही नहींबल्कि घर के अंदर भी हमें नुकसान पहुंचा सकती हैं। घर या ऑफिस में भी दिनभर की यूवी एक्सपोजर से झुर्रियां और पिगमेंटेशन बढ़ सकते हैं।इसलिएसनस्क्रीन का नियमित इस्तेमाल बेहद जरूरी है। स्किन टाइप के हिसाब से प्रोडक्ट्स का चुनाव न करनकई बार महिलाएं अपनी स्किन टाइप को समझे बिना ही प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने लगती हैं। यह गलत चुनाव स्किन को और भी ज्यादा ड्राईऑयली या एक्ने-प्रोन बना सकता है। जब हम सही स्किनकेयर प्रोडक्ट्स का चुनाव करते हैंतो स्किन की हेल्थ बेहतर रहती है और एजिंग के निशान भी देर से नजर आते हैं।

    चेहरे को ज्यादा रगड़ना या हार्श क्लेंजर का इस्तेमाल करना

    चेहरे को सही तरीके से साफ करना जरूरी हैलेकिन इसे ज्यादा रगड़ने से हमारी स्किन की नेचुरल नमी छीन जाती है। इसके अलावाहार्श क्लींजर स्किन के लिए हानिकारक हो सकते हैंजिससे ड्राईनेस और फाइन लाइन्स जल्दी दिखने लगती हैं। हमेशा हलके और सॉफ्ट क्लींजर का ही इस्तेमाल करें।

    हाइड्रेशन की अनदेखी करना

    त्वचा को हाइड्रेटेड रखना सबसे जरूरी है। अगर आप पर्याप्त पानी नहीं पीतीं और मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल नहीं करतींतो स्किन डल और बेजान हो सकती है। हाइड्रेशन न होने से त्वचा में जल्दी झुर्रियां और फाइन लाइन्स दिखने लगती हैं। सही मात्रा में पानी पीना और अच्छा मॉइस्चराइज़र लगाना स्किन को हेल्दी बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
    स्लीप रूटीन को नजरअंदाज करना नींद का सही रूटीन न होना स्किन के लिए हानिकारक हो सकता है। नींद के दौरान स्किन खुद को रिपेयर करती हैऔर अगर आपको पर्याप्त नींद नहीं मिलती तो इससे डार्क सर्कल्सपफी आईज़ और एजिंग की समस्या हो सकती है। एक अच्छा स्लीप रूटीन स्किन के लिए बेहद फायदेमंद है।

    स्ट्रेस और अनहेल्दी डाइट

    स्ट्रेस और अनहेल्दी डाइट स्किन को नुकसान पहुंचाने में महत्वपूर्ण कारण हो सकते हैं। जरूरत से ज्यादा स्ट्रेस से कोलेजन का उत्पादन कम हो सकता हैजिससे स्किन की इलास्टिसिटी घटने लगती है। इसके अलावाजंक फूडमीठा और तैलीय खाद्य पदार्थ स्किन की हेल्थ को नुकसान पहुंचाते हैं। हेल्दी डाइट और मानसिक शांति रखना त्वचा के लिए फायदेमंद है।

    नाइट केयर रूटीन स्किप करना

    रात के समय स्किन को रिपेयर करने का सबसे अच्छा मौका मिलता है। लेकिन जब महिलाएं दिनभर की थकान के बाद बिना चेहरे को ठीक से साफ किए सो जाती हैंतो स्किन का नेचुरल रीजेनरेशन प्रोसेस प्रभावित होता है। नाइट क्रीम और सीरम का नियमित इस्तेमाल त्वचा के लिए बेहद लाभकारी है। इन सात सामान्य स्किनकेयर गलतियों से बचकर आप अपनी त्वचा को स्वस्थचमकदार और जवां रख सकती हैं। सही प्रोडक्ट्सहाइड्रेशनपर्याप्त नींद और हेल्दी लाइफस्टाइल स्किन को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। तोअगली बार जब आप स्किनकेयर रूटीन अपनाएंगीतो इन बातों का ध्यान रखें और अपनी त्वचा को पूरी तरह से पोषण दें!