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  • गुजरात में मिला बड़ा हाईवे कॉन्ट्रैक्ट, इंफ्रा कंपनी के शेयर में दिखी हलचल और निवेशकों में बढ़ा उत्साह

    गुजरात में मिला बड़ा हाईवे कॉन्ट्रैक्ट, इंफ्रा कंपनी के शेयर में दिखी हलचल और निवेशकों में बढ़ा उत्साह

    नई दिल्ली । इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की स्मॉल कैप कंपनी जीआर इन्फ्राप्रोजेक्ट्स एक बार फिर बड़े सरकारी प्रोजेक्ट के कारण चर्चा में आ गई है। कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक इकाई को गुजरात में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के लिए 1453 करोड़ रुपए का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इस खबर के सामने आते ही बाजार में कंपनी के शेयरों में हलचल दिखाई दी और अंतिम कारोबारी घंटों में स्टॉक ने गिरावट से उबरते हुए मजबूती दर्ज की।

    कंपनी की सहायक इकाई “नासरपोर मलोथा हाईवे प्राइवेट लिमिटेड” ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के साथ एक महत्वपूर्ण कंसेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता गुजरात में नेशनल हाईवे-56 के एक बड़े हिस्से को फोरलेन हाईवे में अपग्रेड करने के लिए किया गया है। यह परियोजना राज्य के सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

    जानकारी के अनुसार यह हाईवे परियोजना गुजरात के उमरपाड़ा तालुका स्थित नसारपोर गांव से लेकर व्यारा तालुका के मलोथा गांव तक लगभग 60.21 किलोमीटर लंबे हिस्से में विकसित की जाएगी। इस पूरे प्रोजेक्ट को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल यानी HAM मॉडल के तहत तैयार किया जाएगा। इस मॉडल में निर्माण लागत का एक हिस्सा सरकारी एजेंसी द्वारा वहन किया जाता है, जबकि शेष निवेश कंपनी करती है। इससे परियोजना की फंडिंग और संचालन में संतुलन बना रहता है।

    परियोजना की कुल अनुमानित लागत 1453.57 करोड़ रुपए तय की गई है, जिसमें जीएसटी शामिल नहीं है। कंपनी को यह प्रोजेक्ट निर्धारित नियुक्ति तिथि से 910 दिनों के भीतर पूरा करना होगा। माना जा रहा है कि यह डील कंपनी के ऑर्डर बुक को और मजबूत करेगी तथा आने वाले समय में राजस्व वृद्धि में भी अहम योगदान दे सकती है।

    इस बड़ी परियोजना की घोषणा के बाद शेयर बाजार में कंपनी के स्टॉक ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। कारोबारी सत्र के दौरान स्टॉक दबाव में दिखाई दे रहा था और करीब ढाई प्रतिशत तक कमजोर हो गया था, लेकिन अंतिम समय में खरीदारी बढ़ने से शेयर हरे निशान में बंद हुआ। बाजार बंद होने तक कंपनी का शेयर लगभग 940 रुपए के स्तर पर पहुंच गया। कंपनी का कुल मार्केट कैप 9000 करोड़ रुपए से अधिक बताया जा रहा है।

    हालांकि, पिछले कुछ समय से कंपनी के शेयरों पर दबाव बना हुआ था। वर्ष 2026 में अब तक स्टॉक में सीमित उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। वहीं, लंबी अवधि की बात करें तो पिछले तीन वर्षों में शेयर ने गिरावट का सामना किया है। ऐसे में यह नया प्रोजेक्ट निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

    जीआर इन्फ्राप्रोजेक्ट्स देश की प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में गिनी जाती है। कंपनी मुख्य रूप से सड़क, एक्सप्रेसवे, हाईवे और अन्य निर्माण परियोजनाओं के विकास में सक्रिय है। इसके अलावा कंपनी ब्रिज, रेलवे और अन्य इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स पर भी काम करती है। देशभर में कई बड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स पर काम करने के कारण कंपनी ने इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में मजबूत पहचान बनाई है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और सड़क निर्माण परियोजनाओं के कारण इस सेक्टर की कंपनियों के लिए आने वाले समय में नए अवसर बन सकते हैं। ऐसे में बड़े ऑर्डर मिलने से कंपनियों की वित्तीय स्थिति और बाजार में भरोसा दोनों मजबूत होते दिखाई दे सकते हैं।

  • शेयर बाजारों में गिरावट सेंसेक्स 250 अंक टूटा; निफ्टी भी गिरकर बंद हुआ

    शेयर बाजारों में गिरावट सेंसेक्स 250 अंक टूटा; निफ्टी भी गिरकर बंद हुआ


    नई दिल्ली । मंगलवार को शेयर बाजारों में गिरावट का रुख देखा गया। विदेशों से मिले मिश्रित संकेतों और घरेलू स्तर पर निवेशकों के बीच सतर्कता की भावना ने बाजार को दबाव में डाला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 250.48 अंक यानी 0.30 प्रतिशत गिरकर 83 627.69 अंक पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 57.95 अंक यानी 0.22 प्रतिशत गिरकर 25, 732.30 अंक पर रहा विदेशी बाजारों से मिले संकेतों में मिश्रित रुझान देखे गए जिससे घरेलू निवेशकों ने सतर्कता बरती। एशियाई और यूरोपीय बाजारों में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई जो भारतीय बाजारों पर असर डालने का कारण बनी। इसके अलावा घरेलू स्तर पर भी कुछ प्रमुख कंपनियों के तिमाही परिणामों को लेकर निवेशकों के बीच अनिश्चितता बनी रही जिससे बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा।
    इस गिरावट के बावजूद विश्लेषकों का मानना है कि यह कोई लंबी अवधि की मंदी नहीं है। वे मानते हैं कि आगामी दिनों में बाजार में पुनः सुधार की संभावना हो सकती है खासकर अगर वैश्विक आर्थिक परिस्थितियाँ बेहतर होती हैं। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी पोर्टफोलियो को सावधानीपूर्वक देखें और लंबी अवधि के लिए निवेश करें। वहीं कुछ विश्लेषकों का यह भी कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के बुनियादी पहलू मजबूत हैं और आने वाले समय में सकारात्मक रुझान दिख सकते हैं। सरकार के आर्थिक सुधारों और कॉरपोरेट क्षेत्र में संभावित वृद्धि को ध्यान में रखते हुए बाजार में भी सुधार की उम्मीद है। हालांकि फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा और निवेशकों को सतर्क रहना होगा।
    इसी के साथ मंगलवार को मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी हल्की गिरावट आई। मिडकैप इंडेक्स में 0.32 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.25 प्रतिशत की गिरावट आई। बैंकों और वित्तीय कंपनियों के शेयरों में भी दबाव देखा गया जबकि ऊर्जा और कच्चे तेल से संबंधित कंपनियों में कुछ राहत मिली। कुल मिलाकर मंगलवार का कारोबारी सत्र भारतीय शेयर बाजारों के लिए नकारात्मक रहा हालांकि आने वाले दिनों में कुछ सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है। निवेशकों के लिए सलाह है कि वे बाजार की मौजूदा स्थिति को समझते हुए अपने निवेश निर्णय लें और लघु अवधि के उतार-चढ़ाव से बचने के लिए धैर्य रखें।