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  • दूसरे दिन भी मजबूत रहा वेगोरमा पंजाबी अंगीठी आईपीओ का सब्सक्रिप्शन, ग्रे मार्केट प्रीमियम में आई बड़ी नरमी

    दूसरे दिन भी मजबूत रहा वेगोरमा पंजाबी अंगीठी आईपीओ का सब्सक्रिप्शन, ग्रे मार्केट प्रीमियम में आई बड़ी नरमी

    नई दिल्ली। फूड और क्लाउड किचन सेक्टर से जुड़ी कंपनी वेगोरामा पंजाबी अंगीठी का एसएमई आईपीओ निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। दूसरे दिन भी इस इश्यू को अच्छा रिस्पॉन्स मिलता दिखाई दिया, हालांकि ग्रे मार्केट प्रीमियम में आई गिरावट ने बाजार के रुख को लेकर नई चर्चाएं शुरू कर दी हैं। कंपनी उत्तर भारतीय और पंजाबी फूड सेगमेंट में अपनी मजबूत पहचान बना चुकी है और अब आईपीओ के जरिए जुटाई गई राशि के सहारे अपने कारोबार को और विस्तार देने की तैयारी में है।

    कंपनी का यह आईपीओ लगभग 38 करोड़ रुपये जुटाने के उद्देश्य से लाया गया है। इसमें फ्रेश इश्यू के साथ ऑफर फॉर सेल भी शामिल है। बाजार में शुरुआत से ही इस इश्यू को लेकर निवेशकों में उत्साह देखने को मिला और पहले ही दिन यह पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था। दूसरे दिन भी रिटेल और गैर-संस्थागत निवेशकों की ओर से मजबूत भागीदारी जारी रही, जिससे यह संकेत मिला कि छोटे और मध्यम स्तर के निवेशकों के बीच इस कंपनी को लेकर भरोसा बना हुआ है। हालांकि संस्थागत निवेशकों की भागीदारी अपेक्षाकृत धीमी दिखाई दी, जिस पर बाजार विशेषज्ञ लगातार नजर बनाए हुए हैं।

    कंपनी ने अपने शेयरों का प्राइस बैंड 73 से 77 रुपये प्रति शेयर तय किया है। रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश राशि अपेक्षाकृत अधिक रखी गई है, जिसके कारण यह इश्यू मुख्य रूप से उन निवेशकों को आकर्षित कर रहा है जो एसएमई प्लेटफॉर्म पर लंबी अवधि के अवसर तलाश रहे हैं। कंपनी की लिस्टिंग आगामी दिनों में बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर होने वाली है और उससे पहले ही एंकर निवेशकों से कंपनी को अच्छी पूंजी मिल चुकी है।

    हालांकि आईपीओ को मिल रहे अच्छे सब्सक्रिप्शन के बावजूद ग्रे मार्केट प्रीमियम में आई गिरावट ने निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ा दी है। शुरुआती दौर में जहां इस इश्यू का प्रीमियम काफी ऊंचा बताया जा रहा था, वहीं अब इसमें कमी देखी जा रही है। बाजार जानकारों का मानना है कि यह बदलाव निवेशकों की अल्पकालिक मुनाफावसूली की सोच और मौजूदा बाजार परिस्थितियों का संकेत हो सकता है। फिर भी मजबूत ब्रांड पहचान और विस्तार योजनाओं के कारण कंपनी को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

    वेगोरामा पंजाबी अंगीठी का बिजनेस मॉडल मुख्य रूप से क्लाउड किचन, डाइन-इन और ऑनलाइन फूड डिलीवरी पर आधारित है। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में कंपनी ने तेजी से अपनी मौजूदगी बढ़ाई है और शहरी ग्राहकों के बीच इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। कंपनी अब आईपीओ से मिलने वाली राशि का उपयोग नए आउटलेट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में करेगी, जिससे आने वाले समय में इसके विस्तार की संभावनाएं और बढ़ सकती हैं।

  • ₹50 करोड़ का Teamtech Formwork Solutions IPO खुला, प्राइस बैंड और निवेश नियमों को लेकर बाजार में हलचल

    ₹50 करोड़ का Teamtech Formwork Solutions IPO खुला, प्राइस बैंड और निवेश नियमों को लेकर बाजार में हलचल


    नई दिल्ली ।शेयर बाजार में निवेश के अवसरों के बीच एक और नया पब्लिक इश्यू निवेशकों के लिए खुल गया है, जिसमें निर्माण क्षेत्र से जुड़ी कंपनी Teamtech Formwork Solutions Limited का नाम प्रमुखता से सामने आया है। कंपनी ने अपना ₹50.15 करोड़ का SME आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खोल दिया है, जिसे बाजार में एक महत्वपूर्ण लघु और मध्यम उद्यम पेशकश के रूप में देखा जा रहा है। यह इश्यू 19 मई से 21 मई तक खुला रहेगा, जबकि इसके शेयरों की लिस्टिंग 26 मई को होने की संभावना है।

    इस आईपीओ का प्राइस बैंड ₹61 से ₹63 प्रति शेयर तय किया गया है। निवेशकों के लिए लॉट साइज 2000 शेयरों का रखा गया है, जिससे रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश राशि लगभग ₹2.52 लाख तक पहुंचती है। यह संरचना दर्शाती है कि यह इश्यू मुख्य रूप से गंभीर और मध्यम स्तर के निवेशकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, खासकर उन लोगों के लिए जो SME सेगमेंट में ग्रोथ संभावनाएं तलाश रहे हैं।

    अनलिस्टेड मार्केट में इस आईपीओ को लेकर फिलहाल ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP शून्य रुपये बताया जा रहा है, जिससे संकेत मिलता है कि बाजार में अभी इस इश्यू को लेकर कोई अतिरिक्त प्रीमियम मांग नहीं बन रही है। हालांकि SME आईपीओ में शुरुआती दिनों में उतार-चढ़ाव आम बात होती है और निवेशकों की रुचि सब्सक्रिप्शन के साथ बदल सकती है।

    कंपनी के व्यवसाय की बात करें तो Teamtech Formwork Solutions निर्माण उद्योग के लिए मॉड्यूलर T-फॉर्मवर्क और कस्टमाइज्ड फॉर्मवर्क सिस्टम का निर्माण करती है। यह एक B2B मॉडल पर काम करने वाली कंपनी है, जो न केवल उत्पादन करती है बल्कि अपने सिस्टम की रिफर्बिशमेंट और रेंटल सेवाएं भी प्रदान करती है। इसके उत्पादों का उपयोग बड़े कंक्रीट स्ट्रक्चर जैसे दीवारें, ब्रिज, टैंक, फाउंडेशन और सर्कुलर संरचनाओं के निर्माण में किया जाता है। कंपनी का मैन्युफैक्चरिंग यूनिट तेलंगाना में स्थित है, जहां इन-हाउस उत्पादन और मरम्मत सुविधाएं उपलब्ध हैं।

    वित्तीय प्रदर्शन के आंकड़े भी कंपनी की ग्रोथ स्टोरी को दर्शाते हैं। वित्त वर्ष 25 में जहां कंपनी की कुल आय लगभग ₹40 करोड़ थी, वहीं वित्त वर्ष 26 में यह बढ़कर ₹54.23 करोड़ तक पहुंच गई। इसी अवधि में कंपनी का शुद्ध लाभ भी ₹7.84 करोड़ से बढ़कर ₹11.59 करोड़ हो गया, जो स्थिर लाभ वृद्धि को दर्शाता है। इसके अलावा कंपनी की संपत्तियां, EBITDA और नेट वर्थ में भी सुधार देखा गया है, जो इसके संचालन विस्तार की ओर संकेत करता है।

    आईपीओ से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी अपने विस्तार और वित्तीय मजबूती के लिए करने की योजना में है। इसमें नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना, मशीनरी की खरीद, पुराने कर्ज का पुनर्भुगतान और वर्किंग कैपिटल की आवश्यकताओं को पूरा करना शामिल है। इस तरह यह फंडिंग कंपनी के उत्पादन क्षमता विस्तार और बैलेंस शीट सुधार दोनों में सहायक होगी।

    इस इश्यू के प्रबंधन की जिम्मेदारी एक प्रमुख निवेश सलाहकार फर्म को दी गई है, जबकि रजिस्ट्रार के रूप में एक तकनीकी वित्तीय सेवा प्रदाता काम कर रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि SME सेगमेंट में इस तरह के इश्यू लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न दे सकते हैं, लेकिन इनमें जोखिम भी तुलनात्मक रूप से अधिक रहता है। ऐसे में निवेशकों को कंपनी के फंडामेंटल्स और अपने जोखिम प्रोफाइल को ध्यान में रखकर ही निर्णय लेना चाहिए।

  • फार्मा सेक्टर में आईपीओ की हलचल तेज, गोल्डलाइन फार्मास्युटिकल का एसएमई मुद्दा 39% जीएमपी पर बना चर्चा का केंद्र

    फार्मा सेक्टर में आईपीओ की हलचल तेज, गोल्डलाइन फार्मास्युटिकल का एसएमई मुद्दा 39% जीएमपी पर बना चर्चा का केंद्र

    नई दिल्ली । फार्मा सेक्टर की उभरती हुई कंपनी Goldline Pharmaceutical ने अपने SME IPO के जरिए निवेश बाजार में एक बार फिर हलचल पैदा कर दी है। कंपनी का यह आईपीओ आज से निवेशकों के लिए खुल गया है, जिसे लेकर बाजार में पहले ही काफी उत्साह देखा जा रहा है। खास बात यह है कि कंपनी का ग्रे मार्केट प्रीमियम लगभग 39 प्रतिशत तक पहुंच चुका है, जो निवेशकों के मजबूत भरोसे और संभावित लिस्टिंग गेन की उम्मीद को दर्शाता है।

    Goldline Pharmaceutical का यह आईपीओ पूरी तरह से फ्रेश इश्यू है, जिसके तहत कंपनी 27 लाख नए शेयर जारी कर रही है। इस इश्यू के माध्यम से कंपनी कुल 11.61 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखती है। प्राइस बैंड 41 रुपये से 43 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है, जबकि निवेशकों को कम से कम एक लॉट के लिए आवेदन करना होगा, जिसमें 3,000 शेयर शामिल हैं। रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश राशि लगभग 2.58 लाख रुपये निर्धारित की गई है, जो इसे एक मध्यम स्तर के SME इश्यू की श्रेणी में लाता है।

    कंपनी का बिजनेस मॉडल पारंपरिक फार्मा कंपनियों से अलग है। Goldline Pharmaceutical सीधे दवाइयों का निर्माण नहीं करती, बल्कि एक एसेट-लाइट मॉडल पर काम करती है। इसके तहत कंपनी तीसरे पक्ष के मैन्युफैक्चरर्स से दवाइयां बनवाकर उन्हें अपने ब्रांड नाम से बाजार में बेचती है। इस रणनीति के कारण कंपनी को भारी इंफ्रास्ट्रक्चर और उत्पादन लागत से राहत मिलती है, जिससे वह कम लागत में तेजी से विस्तार कर सकती है।

    कंपनी का नेटवर्क भी लगातार मजबूत हो रहा है और यह कार्डियोलॉजी, ऑर्थोपेडिक, डायबिटीज केयर, पीडियाट्रिक्स और क्रिटिकल केयर जैसे प्रमुख मेडिकल सेगमेंट में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी है। वर्तमान में कंपनी 15 मैन्युफैक्चरर्स और 7 डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ मिलकर काम कर रही है। इसके उत्पाद महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, तमिलनाडु, राजस्थान और बिहार जैसे कई राज्यों में उपलब्ध हैं, जो इसके बढ़ते वितरण नेटवर्क को दर्शाता है।

    वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में स्थिर वृद्धि दर्ज की है। वित्त वर्ष 2024 में कंपनी की कुल आय 23.57 करोड़ रुपये थी, जो 2025 में बढ़कर 28.06 करोड़ रुपये हो गई। इसी अवधि में मुनाफा भी 1.81 करोड़ रुपये से बढ़कर 2.83 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह वृद्धि कंपनी की ऑपरेशनल क्षमता और बिजनेस मॉडल की मजबूती को दर्शाती है।

    IPO से प्राप्त होने वाली राशि का बड़ा हिस्सा कंपनी अपने मौजूदा कर्ज को कम करने में उपयोग करेगी, जिसमें लगभग 8.35 करोड़ रुपये का उपयोग ऋण पुनर्भुगतान या प्रीपेमेंट के लिए किया जाएगा। शेष राशि का उपयोग सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों और संचालन विस्तार में किया जाएगा। निवेशकों के बीच बढ़ती रुचि और मजबूत GMP संकेत दे रहे हैं कि यह IPO लिस्टिंग के समय अच्छा प्रदर्शन कर सकता है, हालांकि अंतिम परिणाम बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

  • अगले हफ्ते शेयर बाजार में IPO की बारिश, 4 कंपनियां खोलेंगी पब्लिक इश्यू, निवेशकों के लिए बड़ा मौका

    अगले हफ्ते शेयर बाजार में IPO की बारिश, 4 कंपनियां खोलेंगी पब्लिक इश्यू, निवेशकों के लिए बड़ा मौका

    नई दिल्ली। शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए अगला हफ्ता बेहद अहम रहने वाला है। 9 मार्च से शुरू होने वाले सप्ताह में देश में चार नए आईपीओ खुलने जा रहे हैं। इनमें से तीन पब्लिक इश्यू मेनबोर्ड सेगमेंट से जुड़े हैं जबकि एक आईपीओ एसएमई सेगमेंट का है। इसके अलावा पहले से खुले दो आईपीओ में भी निवेश का मौका मिलेगा। ऐसे में निवेशकों के पास अलग अलग सेक्टर की कंपनियों में पैसा लगाने का अच्छा अवसर रहेगा।

    आने वाले सप्ताह में जिन कंपनियों के आईपीओ खुलने वाले हैं उनमें राजपूताना स्टेनलेस, इनोविजन, एप्सिस एरोकॉम और राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट शामिल हैं। इन कंपनियों के जरिए बाजार से हजारों करोड़ रुपये जुटाने की योजना है।

    सबसे पहले राजपूताना स्टेनलेस का आईपीओ 9 मार्च को खुलेगा और 11 मार्च को बंद होगा। यह लगभग 254.98 करोड़ रुपये का इश्यू है। कंपनी ने इसके लिए 116 से 122 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है और एक लॉट में 110 शेयर होंगे। इस कंपनी के शेयर 16 मार्च को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होने की संभावना है।

    इसके बाद इनोविजन का आईपीओ 10 मार्च को खुलेगा और 12 मार्च को बंद होगा। कंपनी का लक्ष्य लगभग 322.84 करोड़ रुपये जुटाना है। इसके लिए 521 से 548 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है और एक लॉट में 27 शेयर शामिल होंगे। कंपनी के शेयर 17 मार्च को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध हो सकते हैं।

    तीसरा आईपीओ एप्सिस एरोकॉम का है जो 11 मार्च को खुलेगा और 13 मार्च को बंद होगा। यह एसएमई सेगमेंट का इश्यू है और कंपनी करीब 35.77 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इसके लिए 104 से 110 रुपये प्रति शेयर का प्राइस तय किया गया है और लॉट साइज 1200 शेयर का है। इस कंपनी के शेयर 18 मार्च को एनएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होने की संभावना है।

    इसके अलावा राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट का बड़ा आईपीओ भी 11 मार्च को खुलेगा और 13 मार्च को बंद होगा। करीब 6000 करोड़ रुपये के इस इश्यू के लिए कंपनी ने 99 से 100 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। इस कंपनी के शेयर 24 मार्च को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होने की उम्मीद है।

    इन नए आईपीओ के अलावा दो ऐसे आईपीओ भी हैं जो पहले से खुले हुए हैं और जिनमें निवेशक अब भी पैसा लगा सकते हैं। एल्फिन एग्रो इंडिया का आईपीओ 5 मार्च को खुला था और 9 मार्च को बंद होगा। कंपनी करीब 25.03 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है और इसका प्राइस 47 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। एक लॉट में 3000 शेयर हैं और कंपनी के शेयर 12 मार्च को बीएसई एसएमई पर लिस्ट होने की संभावना है।

    वहीं श्रीनिबासा प्रधान कंस्ट्रक्शन्स का आईपीओ 6 मार्च को खुला था और 10 मार्च को बंद होगा। करीब 20.32 करोड़ रुपये के इस इश्यू को अभी तक लगभग 9 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला है। इसके लिए 91 से 98 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड रखा गया है और लॉट साइज 1200 शेयर है। कंपनी के शेयर 13 मार्च को एनएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर डेब्यू कर सकते हैं।

    आने वाला सप्ताह आईपीओ बाजार के लिहाज से काफी व्यस्त रहने वाला है। मेनबोर्ड और एसएमई दोनों सेगमेंट में कई कंपनियां बाजार में उतर रही हैं। ऐसे में निवेशकों के लिए यह जरूरी है कि वे निवेश करने से पहले कंपनियों के कारोबार, वित्तीय स्थिति और जोखिम कारकों का सावधानी से विश्लेषण करें, ताकि सही निर्णय लेकर बेहतर रिटर्न हासिल किया जा सके।

  • तैयार रखें निवेश की रकम! अगले हफ्ते IPO मार्केट में आएगा तूफान, खुलेंगे 6 नए कमाई के मौके

    तैयार रखें निवेश की रकम! अगले हफ्ते IPO मार्केट में आएगा तूफान, खुलेंगे 6 नए कमाई के मौके


    नई दिल्ली। अगले हफ्ते शेयर बाजार के निवेशकों के लिए बेहद खास रहने वाला है। 12 जनवरी से 16 जनवरी के बीच प्राइमरी मार्केट में जोरदार हलचल देखने को मिलेगी। इस दौरान कुल 6 कंपनियां अपने IPO लॉन्च कर रही हैं, जिसमें एक बड़ा मेनबोर्ड IPO और पांच SME सेगमेंट के इश्यू शामिल हैं। टेक्नोलॉजी, एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों की कंपनियां निवेशकों के लिए नए अवसर लेकर आ रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह सप्ताह उन निवेशकों के लिए अहम है जो शुरुआत से किसी कंपनी की ग्रोथ स्टोरी में शामिल होना चाहते हैं। अलग-अलग सेक्टरों के IPO आने से निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो को विविधता देने का भी मौका मिलेगा। अधिकांश इश्यू 12 और 13 जनवरी से बोली प्रक्रिया शुरू करेंगे और अलग-अलग तारीखों पर बंद होंगे।

    मेनबोर्ड सेगमेंट में इस हफ्ते सबसे अधिक ध्यान Amagi Media Labs पर रहेगा। यह क्लाउड-बेस्ड SaaS कंपनी 13 जनवरी से निवेश के लिए खुलेगी और 16 जनवरी तक उपलब्ध रहेगी। इसका प्राइस बैंड ₹343 -₹361 प्रति शेयर और इश्यू साइज लगभग ₹1,788 करोड़ है। इसमें फ्रेश इश्यू के साथ OFS भी शामिल है, जिसके तहत पुराने निवेशक आंशिक हिस्सेदारी बेचेंगे। साइज और सेक्टर दोनों ही दृष्टि से यह सप्ताह का सबसे बड़ा आकर्षण माना जा रहा है।SME प्लेटफॉर्म पर भी जोरदार हलचल देखने को मिलेगी। पांच कंपनियों के इश्यू निवेशकों के लिए नए अवसर प्रदान करेंगे। इनमें शामिल हैं:

    अवाना इलेक्ट्रोसिस्टम्स: 12–14 जनवरी, प्राइस ₹56–₹59, NSE SME, लॉट साइज 4,000 शेयर।

    नर्मदेश ब्रास इंडस्ट्रीज: 12–15 जनवरी, प्राइस ₹515, इश्यू साइज ₹44.87 करोड़, लॉट 480 शेयर।

    इंडो एसएमसी: 13–15 जनवरी, प्राइस ₹141–₹149, BSE SME, न्यूनतम निवेश 2,000 शेयर।

    GRE रिन्यू एनरटेक: 13–16 जनवरी, प्राइस ₹100–₹105, रिन्यूएबल एनर्जी, लॉट साइज 2,400 शेयर।

    आर्मर सिक्योरिटी इंडिया: 14–19 जनवरी, प्राइस ₹55–₹57, लॉट साइज 4,000 शेयर।

    इसके अलावा, हाल ही में आए कुछ IPO अब लिस्टिंग के लिए तैयार हैं। इनमें भारत कोकिंग कोल, गैबियन टेक्नोलॉजीज, यजुर फाइबर्स, विक्ट्री इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और डिफ्रेल टेक्नोलॉजीज शामिल हैं। लिस्टिंग के दिन इन शेयरों की चाल यह तय करेगी कि निवेशकों को तुरंत लिस्टिंग गेन मिलेगा या लॉन्ग टर्म निवेश करना पड़ेगा।विशेषज्ञों का कहना है कि IPO में निवेश आकर्षक होता है, लेकिन इसमें जोखिम भी जुड़ा रहता है। इसलिए निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय रिपोर्ट, बिजनेस मॉडल और अपने निवेश लक्ष्य को समझना जरूरी है।अगला सप्ताह निवेशकों के लिए नए अवसर और संभावित लाभ के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।