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  • दुबई से मुंबई जा रही इंडिगो फ्लाइट की राजकोट में इमरजेंसी लैंडिंग, कार्गो होल्ड में धुएं की सूचना से सतर्कता

    दुबई से मुंबई जा रही इंडिगो फ्लाइट की राजकोट में इमरजेंसी लैंडिंग, कार्गो होल्ड में धुएं की सूचना से सतर्कता

    नई दिल्ली । दुबई से मुंबई के लिए उड़ान भरने वाली इंडिगो की एक यात्री उड़ान को सोमवार को एहतियात के तौर पर गुजरात के राजकोट इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। उड़ान के दौरान विमान के कार्गो होल्ड में धुआं होने की सूचना मिलने के बाद पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने तत्काल सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया और विमान को राजकोट की ओर डायवर्ट करने का निर्णय लिया। अधिकारियों के अनुसार सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं तथा किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, उड़ान सामान्य रूप से अपने निर्धारित मार्ग पर थी, तभी विमान के कार्गो सेक्शन से धुएं का संकेत मिलने की सूचना सामने आई। विमानन सुरक्षा नियमों के तहत ऐसी स्थिति को गंभीरता से लिया जाता है। इसी कारण चालक दल ने बिना किसी देरी के निकटतम उपयुक्त हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग की प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद विमान को राजकोट इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया।

    राजकोट एयरपोर्ट प्रशासन ने पुष्टि की कि विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई और उतरने के तुरंत बाद सभी आवश्यक आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय रखा गया। एयरपोर्ट पर पहले से अग्निशमन दल, चिकित्सा टीम और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरी तैयारी के साथ मौजूद थीं ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। हालांकि लैंडिंग के बाद किसी प्रकार की आपात स्थिति सामने नहीं आई और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

    अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद विमान को तकनीकी निरीक्षण के लिए अलग स्थान पर ले जाया गया। विशेषज्ञों की टीम कार्गो होल्ड की विस्तृत जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि धुएं का संकेत किस कारण से मिला। प्रारंभिक स्तर पर किसी तकनीकी खराबी, उपकरण की समस्या या अन्य संभावित कारणों की जांच की जा रही है। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

    विमानन क्षेत्र में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है और किसी भी प्रकार के धुएं या आग से संबंधित संकेत मिलने पर तत्काल एहतियाती कदम उठाना निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा होता है। ऐसे मामलों में पायलट स्थिति का आकलन करते हुए निकटतम सुरक्षित हवाई अड्डे पर विमान उतारने का निर्णय लेते हैं ताकि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    घटना के बाद एयरपोर्ट अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों ने पूरे घटनाक्रम की समीक्षा शुरू कर दी है। तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही विमान को आगे की उड़ान के लिए अनुमति दी जाएगी। वहीं यात्रियों की सुविधा के लिए एयरलाइन की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। अधिकारियों ने दोहराया कि इमरजेंसी लैंडिंग पूरी तरह एहतियात के तहत कराई गई और समय पर उठाए गए कदमों की वजह से किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।

    यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि विमानन क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाता है। किसी भी संभावित जोखिम की स्थिति में तत्काल निर्णय लेकर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना एयरलाइन और विमानन अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है। फिलहाल सभी की निगाहें तकनीकी जांच रिपोर्ट पर हैं, जिससे धुएं की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

  • शांतिवन डंपिंग यार्ड का धुआं, दो वार्डों के रहवासी प्रभावित:CMO ने कचरा शिफ्ट करने और मशीन लगाने का दिया आश्वासन

    शांतिवन डंपिंग यार्ड का धुआं, दो वार्डों के रहवासी प्रभावित:CMO ने कचरा शिफ्ट करने और मशीन लगाने का दिया आश्वासन


    नई दिल्ली। पिपरिया के शांतिवन डंपिंग यार्ड से उठने वाला धुआं राजेंद्र वार्ड और महाराणा प्रताप वार्ड के निवासियों के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन गया है। साड़िया रोड स्थित इस यार्ड में वर्षों से नगर का ठोस कचरा डंप किया जा रहा है, और खुले में पड़े कचरे में आग लगने से जहरीला धुआं निकल रहा है।

    स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट जलने से हवा प्रदूषित हो रही है, जिससे सांस लेने में तकलीफ होती है। परिवारों ने बच्चों में लगातार खांसी, आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी की शिकायत की है। नागरिकों का यह भी कहना है कि कचरा निष्पादन केंद्र पर पूर्व में लाखों-करोड़ों रुपए खर्च किए गए, लेकिन इसका प्रभावी संचालन नहीं हो रहा है।

    वार्डवासियों ने प्रशासन से खुले में कचरा जलाने पर तत्काल रोक लगाने, वैज्ञानिक निस्तारण व्यवस्था लागू करने और स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की मांग की है। उनका यह भी कहना है कि सौंदर्यीकरण योजनाओं से पहले स्वच्छ हवा और सुरक्षित जीवन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

    स्थाई समाधान करेंगे

    इस संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) आरपी नायक ने बताया कि आग को बुझा दिया गया है और डंप कचरे के किनारे पानी की नली बनवाई गई है। उन्होंने समस्या के स्थायी समाधान के लिए जमाडा में चार एकड़ जमीन लेने की जानकारी दी, जहां शांतिवन का कचरा शिफ्ट किया जाएगा। कचरे के निष्पादन के लिए एक मशीन भी मंगवाई गई है।

    सीएमओ नायक ने आश्वासन दिया कि जल्द ही नागरिकों को इस समस्या से राहत मिलेगी।वार्डवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे चरणबद्ध शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे और कचरा गाड़ियों को शांतिवन में जाने से रोकेंगे।

  • खरगोन ट्रेंचिंग ग्राउंड की आग पर काबू, धुएं से सांस लेने में तकलीफ के बाद दो वर्षीय बच्चे की मौत

    खरगोन ट्रेंचिंग ग्राउंड की आग पर काबू, धुएं से सांस लेने में तकलीफ के बाद दो वर्षीय बच्चे की मौत


    खरगोन । मध्यप्रदेश खरगोन जिला मुख्यालय के बाहरी क्षेत्र में स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड में कचरे के ढेर में लगी आग को प्रशासन ने कड़ी मशक्कत के बाद नियंत्रित कर लिया है। आग बुझाने के बाद भी कई दिनों तक कचरे से धुआं निकलता रहा जिससे आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। इसी बीच धुएं के कारण सांस लेने में गंभीर तकलीफ होने के बाद अस्पताल से इंदौर रेफर किए गए दो वर्षीय बच्चे की मौत हो जाने से इलाके में शोक और चिंता का माहौल बन गया है।

    प्रशासन के अनुसार ट्रेंचिंग ग्राउंड में कचरे के बड़े ढेर में आग लगने से लगातार धुआं निकल रहा था जिससे आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को परेशानी हो रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आग पर काबू पाने और धुएं को समाप्त करने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास शुरू किए।

    कलेक्टर भव्या मित्तल ने जानकारी देते हुए बताया कि ट्रेंचिंग ग्राउंड में लगी आग को नियंत्रित कर लिया गया है। हालांकि सोमवार तक कचरे के ढेर से धुआं निकलता रहा जिसके कारण स्थिति को पूरी तरह सामान्य करने के लिए अतिरिक्त संसाधन लगाए गए।

    उन्होंने बताया कि मंगलवार को धुएं को पूरी तरह खत्म करने के लिए आठ फायर टेंडर तैनात किए गए थे। इसके अलावा करीब एक दर्जन पोकलेन और जेसीबी मशीनों की मदद से कचरे को पलट पलटकर भीतर सुलग रही आग और धुएं को समाप्त करने का काम किया गया। आग और धुएं को नियंत्रित करने के लिए कचरे के ढेर पर फोम का भी छिड़काव किया गया। प्रशासन की इस संयुक्त कार्रवाई के बाद बीती रात तक धुएं पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया।

    इसी दौरान धुएं के कारण सांस लेने में तकलीफ होने पर एक दो वर्षीय बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बच्चे की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे बेहतर उपचार के लिए इंदौर रेफर कर दिया था। दुर्भाग्यवश इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में चिंता और दुख का माहौल है।

    प्रशासन का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और ट्रेंचिंग ग्राउंड से निकलने वाले धुएं को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए कचरा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। घटना के बाद प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र के लोगों से भी सतर्क रहने और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तुरंत अस्पताल से संपर्क करने की अपील की है।

  • Iran-US War: ट्रंप की धमकी के बाद और तेज हुए ईरान के हमले….. दुबई की इमारतें हुईं धुआं-धुआं

    Iran-US War: ट्रंप की धमकी के बाद और तेज हुए ईरान के हमले….. दुबई की इमारतें हुईं धुआं-धुआं


    दुबई।
    ईरान और अमेरिका (Iran and America) के बीच छिड़ा युद्ध पूरी दुनिया को संकट में डालने वाला साबित हो रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने शनिवार को भी धमकी देते हुए कहा कि उनका हमला अब और तेज होगा। वहीं जानकारों का कहना है कि अगर एक सप्ताह युद्ध और चलता रहा तो कई देशों में मंदी जैसे हालात हो जाएंगे। उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान पर बहुत तगड़ा हमला होने वाला है। ईरान (Iran) के व्यवहार की वजह से उसे बड़ी तबाही झेलनी होगी।

    इससे पहले ईरानी राष्ट्रपति पजेश्कियां (Iranian President Pajeshkian) ने कहा था ईरान समर्पण करने वाला नहीं है। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के बिना शर्त सरेंडर करने की मांग को ठुकरा दिया था। उन्होंने कहा था कि ईरानियों के आत्मसमर्पण करने का विचार डोनाल्ड ट्रंप को कहीं दफना देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि वह तब तक पड़ोसी खाड़ी देशों पर हमला नहीं करेंगे जब तक कि उधर से हमला नहीं होता है।

    बता दें कि ईरान पड़ोसी देशों में अमेरिका बेसों पर लगातार हमले कर रहा था। इसके अलावा ईरान ने यूएई के दुबई में खूब हमले किए। वह 28 फरवरी को हुए हवाई हमले के बाद युद्ध शुरू होने और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद से ईरान की देखरेख करने वाली त्रिपक्षीय नेतृत्व परिषद के एक सदस्य हैं। उन्होंने यह संदेश इस संघर्ष के पूरे क्षेत्र में फैलने के ठीक एक सप्ताह बाद दिया। इस संघर्ष से वैश्विक बाजार और हवाई यात्रा प्रभावित हुई तथा ईरान का अपना नेतृत्व सैकड़ों इजराइली और अमेरिकी हवाई हमलों से काफी कमजोर हो गया है।


    रेवोल्यूशनरी गार्ड ने पैदा कर दिया भ्रम

    ईरान के सशस्त्र बलों के प्रवक्ता जनरल अबोलफजल शेखरची ने पेजेशकियान के बयान के बाद यह कहकर और भ्रम पैदा कर दिया कि तेहरान ने उन देशों पर हमला नहीं किया है जिन्होंने ‘अमेरिका को हमारे देश पर आक्रमण करने के लिए जगह नहीं दी।’ अमेरिकी हमले खाड़ी अरब देशों से नहीं हो रहे हैं, जिन पर अब हमला हो रहा है। संभवतः मौजूदा राजनीतिक उथल-पुथल के जवाब में, शनिवार को ईरान के एक प्रमुख धर्मगुरु, अयातुल्ला नासिर मकारम शिराजी ने देश की विशेषज्ञ सभा से नये सर्वोच्च नेता का नाम जल्द से जल्द तय करने का आग्रह किया। युद्ध में 88 धर्मगुरुओं की समिति से जुड़े भवनों पर हवाई हमले हुए हैं, जिससे समूह की किसी भी बैठक में देरी होने की संभावना है।


    और भीषण बमबारी होगी

    अमेरिका का कहना है कि आगे और भी भीषण बमबारी होगी। संघर्ष खत्म होने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही। ट्रंप प्रशासन ने इजराइल को 15.1 करोड़ अमेरिकी डॉलर के नये हथियार बिक्री की मंजूरी दे दी। वहीं ट्रंप ने कहा है कि ईरान के “बिना शर्त आत्मसमर्पण” के बिना वे उससे बातचीत नहीं करेंगे। अमेरिकी अधिकारियों ने आगामी बमबारी अभियान की चेतावनी दी।


    संयुक्त राष्ट्र में क्या बोले ईरान के राजदूत

    संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने कहा कि देश अपनी रक्षा के लिए ‘सभी आवश्यक उपाय’ करेगा। एसोसिएटेड प्रेस के वीडियो में पश्चिमी तेहरान के ऊपर धमाका और धुआं उठता हुआ दिखाई दिया। इजराइल ने कहा कि उसने व्यापक स्तर पर हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर लगातार हमले किए हैं, जिनमें उसकी सैन्य क्षमताओं, नेतृत्व और परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाया गया है।

    देशों के अधिकारियों के अनुसार, इस लड़ाई में ईरान में कम से कम 1,230 लोग, लेबनान में 200 से अधिक और इजराइल में 11 लोग मारे गए हैं। छह अमेरिकी सैनिक भी मारे गए हैं। शनिवार सुबह, ईरान से मिसाइल दागे जाने के कारण पूरे इजराइल में लोग बचने के लिए आश्रयों की ओर भागे। इस बीच यरुशलम में जोरदार धमाके सुनाई दिए। इजराइल की आपातकालीन सेवाओं ने तत्काल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं दी। संघर्ष बढ़ने के साथ ही ईरान ने खाड़ी देशों पर हमले किए। दुबई में शनिवार सुबह कई धमाकों की आवाज सुनी गई और सरकार ने हवाई सुरक्षा प्रणाली सक्रिय कर दी। अलर्ट बजने के बाद दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानों का इंतजार कर रहे यात्रियों को विशाल हवाई अड्डे की सुरंगों में ले जाया गया।