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  • भारत-पाक सीमा पर डिजिटल फेंसिंग शुरू…. अवैध घुसपैठ, हथियार और ड्रग्स तस्करी पर लगेगी रोक

    भारत-पाक सीमा पर डिजिटल फेंसिंग शुरू…. अवैध घुसपैठ, हथियार और ड्रग्स तस्करी पर लगेगी रोक


    चंडीगढ़।
    पंजाब (Punjab) से सटी भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा ( India-Pakistan International Border) पर डिजिटल फेंसिंग का कार्य शुरू हो गया है। यह कदम घुसपैठ, हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए उठाया गया है। सीमा पार से होने वाली घुसपैठ गतिविधियों पर भी इससे लगाम लगेगी। पंजाब से सटी दोनों देशों की सरहद पर कई जगहों पर यह फेंसिंग लग चुकी है।

    यह एक मजबूत लोहे की दीवार है, जिसमें छेद हैं और ऊपर कोबरा तार लगाई गई है। इसका उद्देश्य पारंपरिक बाड़बंदी के साथ अत्याधुनिक तकनीक से निगरानी मजबूत करना है। इसमें सेंसर, थर्मल कैमरे, लेजर तकनीक और एंटी-ड्रोन सिस्टम लगे हैं। पंजाब से सटी लगभग साढ़े पांच सौ किलोमीटर की सरहद के कई हिस्सों में उक्त फेंसिंग लगाई गई है। ये दुश्मन की प्रत्येक गतिविधियों को भी भांप लेगी।


    निगरानी व्यवस्था की खासियत

    इस फेंसिंग में लगे सेंसर जमीन की हलचल, फेंसिंग से छेड़छाड़ या संदिग्ध गतिविधियों का संकेत देते हैं। थर्मल इमेजिंग और नाइट-विजन कैमरे रात के अंधेरे में भी नजर रखते हैं। ये सर्दी में घने कोहरे और खराब मौसम में भी मददगार होंगे।

  • बस्तर में आबकारी विभाग की कार्रवाई, 8.28 लाख रुपये की गोवा शराब और टाटा वाहन जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरार

    बस्तर में आबकारी विभाग की कार्रवाई, 8.28 लाख रुपये की गोवा शराब और टाटा वाहन जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरार

    नई दिल्ली । छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में अवैध शराब के परिवहन और बिक्री के खिलाफ आबकारी विभाग ने कार्रवाई की है। इस दौरान विभाग की टीम ने मध्य प्रदेश में बिक्री के लिए निर्धारित गोवा ब्रांड की विदेशी शराब की 20 पेटियां जब्त कीं। शराब को दूसरे राज्य से लाकर खपाने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दूसरा आरोपी फरार बताया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान शराब के परिवहन में इस्तेमाल किया जा रहा एक टाटा वाहन भी जब्त किया गया। शराब और वाहन की कुल अनुमानित कीमत 8 लाख 28 हजार रुपये बताई गई है।

    यह कार्रवाई जगदलपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ग्राम सोनारपाल के पास जांच के दौरान की गई। आबकारी विभाग के जगदलपुर वृत्त की टीम ने वाहन की जांच की तो उसमें विदेशी शराब मिली। जब्त शराब की मात्रा 180 लीटर बताई गई है। अधिकारियों के अनुसार, शराब मध्य प्रदेश में बिक्री के लिए निर्धारित थी, लेकिन उसे दूसरे राज्य में ले जाकर खपाने की आशंका के आधार पर कार्रवाई की गई। विभाग ने शराब की खेप और उसके परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे वाहन को अपने कब्जे में ले लिया है।

    जब्त की गई गोवा ब्रांड की विदेशी शराब की कीमत करीब 1 लाख 28 हजार रुपये आंकी गई है। वहीं, शराब ले जाने के लिए इस्तेमाल किए गए टाटा वाहन का अनुमानित मूल्य करीब 7 लाख रुपये बताया गया है। इस तरह शराब और वाहन दोनों को मिलाकर जब्त किए गए सामान की कुल कीमत 8 लाख 28 हजार रुपये है। आबकारी विभाग ने अवैध शराब के परिवहन से जुड़े मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    इस प्रकरण में दुर्ग जिले के सुपेला स्थित शास्त्री नगर निवासी 33 वर्षीय देवेंद्र कुमार जांगड़े को आरोपी बनाया गया है। कार्रवाई के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। वहीं, जोगेन्दर कश्यप उर्फ जोगी फरार बताया जा रहा है। विभाग की टीम उसकी तलाश में जुटी है। मामले में दोनों आरोपियों की भूमिका और शराब के परिवहन से जुड़े तथ्यों को लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    आबकारी विभाग ने इस मामले में आबकारी अधिनियम, 1915 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। जब्त शराब और वाहन को कार्रवाई का हिस्सा बनाया गया है। विभाग की टीम मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। फरार आरोपी की तलाश के साथ ही अवैध शराब के परिवहन से जुड़े मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

    बस्तर जिले में की गई इस कार्रवाई में खास तौर पर उस शराब की खेप को पकड़ा गया, जो मध्य प्रदेश में बिक्री के लिए निर्धारित थी। जगदलपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोनारपाल के पास हुई जांच के दौरान 20 पेटियां और 180 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई। विभाग ने शराब के साथ वाहन भी जब्त किया है। इस कार्रवाई में एक आरोपी की गिरफ्तारी हुई है, जबकि दूसरे आरोपी के फरार होने के कारण उसकी तलाश जारी है।

  • जबलपुर में बिना नंबर की कार से अंग्रेजी शराब की तस्करी का खुलासा, पुलिस ने 251 बोतलों के साथ दो आरोपियों को पकड़ा

    जबलपुर में बिना नंबर की कार से अंग्रेजी शराब की तस्करी का खुलासा, पुलिस ने 251 बोतलों के साथ दो आरोपियों को पकड़ा

    जबलपुर: के माढ़ोताल थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बिना नंबर की कार से बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद की है। मंगलवार रात मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ग्राम बसा क्षेत्र में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से दो युवकों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 251 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद हुई, जबकि शराब और वाहन की कीमत लाखों रुपये बताई गई है।

    माढ़ोताल थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह पवार के अनुसार पुलिस को मंगलवार रात सूचना मिली थी कि ग्राम बसा इलाके में प्रियांश अग्निहोत्री के घर के सामने सड़क पर खड़ी बिना नंबर की कार में अवैध रूप से बड़ी मात्रा में शराब रखी गई है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर पहुंचकर घेराबंदी की और कार्रवाई शुरू की।

    पुलिस टीम को अपने पास आता देखकर दो संदिग्ध युवक कार के पास से भागने की कोशिश में थे। पुलिसकर्मियों ने दोनों को घेर लिया और मौके पर ही पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान प्रियांश अग्निहोत्री निवासी ग्राम बसा और आशुतोष उर्फ चुंगा यादव निवासी ग्राम मड़ई, रांझी के रूप में हुई।

    इसके बाद पुलिस ने मौके पर मौजूद बिना नंबर की सफेद रंग की सुजुकी फ्रोन्स कार की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार से 19 कार्टून बरामद किए गए। इन कार्टूनों को खोलने पर कुल 251 बोतल अंग्रेजी शराब मिली। पुलिस ने शराब को जब्त कर वाहन को भी अपने कब्जे में ले लिया।

    कार्रवाई के दौरान पुलिस को प्रियांश के घर के पोर्च में रखा एक बड़ा काला थैला भी मिला। इसमें भी शराब भरी हुई थी। पुलिस के अनुसार आरोपी इस शराब को कार में लोड करने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों को पकड़ लिया।

    पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि करीब 10 दिन पहले बिक्री के लिए ग्वारीघाट निवासी अर्जुन केवट से 25 पेटी अंग्रेजी शराब मंगाई गई थी। उनके अनुसार आशुतोष उर्फ चुंगा यादव शराब को अर्जुन केवट की बिना नंबर वाली सफेद कार से प्रियांश के घर लेकर आया था।

    आरोपियों ने पुलिस को यह भी बताया कि पुलिस की गश्त और लगातार निगरानी के कारण वे शराब को किसी दूसरे सुरक्षित स्थान पर ले जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान माढ़ोताल पुलिस को इसकी सूचना मिल गई और टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई कर दी।

    पुलिस ने बरामद शराब और वाहन को जब्त करने के साथ दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब मामले की आगे जांच कर रही है। पूछताछ के आधार पर अवैध शराब की आपूर्ति और तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी तलाश की जा रही है।

    इस कार्रवाई के बाद पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि 25 पेटी शराब कहां से लाई गई थी और इसे आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस जांच के आधार पर अवैध शराब के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

  • पटना में कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी कर रही युवती शराब की बोतलों के साथ पकड़ी गई, यूपी से ट्रेन में लाई थी खेप

    पटना में कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी कर रही युवती शराब की बोतलों के साथ पकड़ी गई, यूपी से ट्रेन में लाई थी खेप

    नई दिल्ली । बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद दूसरे राज्यों से शराब लाकर यहां पहुंचाने और बेचने के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। इसी क्रम में राजधानी पटना में पुलिस ने शराब की बोतलों के साथ रिया नाम की एक युवती को पकड़ा है। पुलिस के मुताबिक, रिया कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी कर रही है और आरोप है कि वह उत्तर प्रदेश से ट्रेन के जरिए शराब लेकर पटना पहुंची थी। स्टेशन से बाहर निकलने के बाद वह बाइक से कहीं जा रही थी, इसी दौरान पुलिस ने उसे रोककर तलाशी ली।

    यह मामला पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। पुलिस को पहले ही सूचना मिली थी कि पटना जंक्शन के आसपास शराब की एक खेप पहुंचने वाली है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने स्टेशन और उसके आसपास निगरानी शुरू कर दी। कुछ समय बाद पुलिस ने बाइक से जा रही रिया और उसके साथ मौजूद युवकों को रोक लिया। तलाशी के दौरान रिया के हैंड बैग और शोल्डर बैग से अंग्रेजी शराब की कई बोतलें बरामद की गईं।

    पुलिस के अनुसार, बरामद शराब की कीमत करीब 14 हजार रुपये बताई जा रही है। उसके बैग से अलग-अलग ब्रांड की शराब की बोतलें मिलीं। शराब बरामद होने के बाद पुलिस ने युवती को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू की। पूछताछ में रिया ने कथित तौर पर बताया कि एक जानने वाले युवक ने उसे पैसे देने की बात कही थी। उसी के कहने पर वह उत्तर प्रदेश गई और वहां से शराब लेकर ट्रेन से पटना आई थी।

    रिया के अनुसार, शराब को पटना तक पहुंचाने के बदले उसे रुपये मिलने थे। हालांकि, पुलिस उसके इस बयान की भी जांच कर रही है। जांच का मुख्य बिंदु यह पता लगाना है कि शराब की खेप आखिर किस व्यक्ति तक पहुंचाई जानी थी और इस काम के पीछे कौन लोग जुड़े हुए हैं। पुलिस उस व्यक्ति की तलाश में भी जुटी है, जिसने कथित तौर पर रिया को शराब लाने का काम दिया था।

    पुलिस के मुताबिक, रिया पटना की रहने वाली है और कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी कर रही है। पूछताछ के दौरान उसने दावा किया कि वह पहली बार इस तरह के काम में शामिल हुई है। पुलिस अब उसके संपर्क में रहने वाले लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

    शराब तस्करी से जुड़ा ऐसा ही एक मामला इससे पहले समस्तीपुर में भी सामने आया था। वहां नेहा नाम की एक युवती को शराब के साथ पकड़े जाने की बात सामने आई थी। आरोप था कि वह दिल्ली से ट्रेन के जरिए शराब लेकर बिहार पहुंच रही थी। पुलिस के अनुसार, उस समय उसके साथ उसका जीजा भी मौजूद था। जांच के दौरान शराब की सप्लाई से जुड़े कई लोगों के बारे में जानकारी सामने आने की बात कही गई थी। पटना के मौजूदा मामले में भी पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रिया के जरिए शराब की खेप किस तक पहुंचाई जानी थी और उसके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं।

  • बिहार के मोतिहारी में घोड़ागाड़ी से विदेशी शराब की तस्करी का भंडाफोड़, पुलिस ने दो सौ बोतलें जब्त कीं

    बिहार के मोतिहारी में घोड़ागाड़ी से विदेशी शराब की तस्करी का भंडाफोड़, पुलिस ने दो सौ बोतलें जब्त कीं


    नई दिल्ली । 
    बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी क्षेत्र में अवैध शराब की तस्करी को लेकर एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां तस्करों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए पारंपरिक परिवहन साधनों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए स्थानीय पुलिस ने एक घोड़ागाड़ी को रोककर भारी मात्रा में विदेशी शराब जब्त की है।

    पुलिस को सूचना मिली थी कि तस्कर वाहनों की नियमित जांच से बचने के लिए घोड़े का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस आधार पर पुलिस टीम ने बेघर गांव के पास नाकाबंदी कर संदिग्ध घोड़ागाड़ी को रोका। तलाशी के दौरान उसमें विशेष रूप से बनाए गए गुप्त खानों से विभिन्न ब्रांडों की लगभग दो सौ बोतलें विदेशी शराब बरामद की गईं।

    कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से तस्करी में संलिप्त एक आरोपी को गिरफ्तार किया, जबकि उसका एक अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि इस अवैध नेटवर्क के मुख्य आपूर्तिकर्ताओं और खरीदारों का पता लगाया जा सके।

    जांच अधिकारियों के अनुसार, राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बाद से तस्कर लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं। आमतौर पर चार पहिया वाहनों, ट्रकों या यात्री बसों का उपयोग किया जाता था, लेकिन पुलिस की सख्ती के कारण अब ग्रामीण इलाकों के कच्चे रास्तों और जानवरों का सहारा लिया जा रहा है।

    प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह खेप पड़ोसी क्षेत्रों से लाकर स्थानीय स्तर पर ऊंचे दामों में खपाने की योजना थी। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह के तार अंतरराज्यीय तस्करों से जुड़े हैं और क्या पूर्व में भी इस माध्यम का उपयोग किया गया था।

    शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पुलिस प्रशासन ने सीमावर्ती और ग्रामीण इलाकों में गश्त बढ़ा दी है। संदेह के आधार पर कृषि कार्यों या माल ढुलाई में लगे पारंपरिक साधनों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है ताकि तस्करी के किसी भी प्रयास को विफल किया जा सके।

    उल्लेखनीय है कि अवैध मादक पदार्थों और शराब की अंतरराज्यीय तस्करी की रोकथाम के लिए बिहार पुलिस के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों जैसे मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में भी विशेष जांच अभियान चलाए जाते रहे हैं, जिससे तस्करों के नेटवर्क पर अंकुश लगाया जा सके।

    पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भागे हुए आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। जब्त शराब और वाहन को कानूनी प्रक्रिया के तहत सील कर दिया गया है तथा संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है।