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  • गणपति उत्सव में इस बार प्रसाद में लाएं स्वाद का नया ट्विस्ट, मोदक-मिठाई के साथ ट्राई करें ये 5 खास नमकीन विकल्प

    गणपति उत्सव में इस बार प्रसाद में लाएं स्वाद का नया ट्विस्ट, मोदक-मिठाई के साथ ट्राई करें ये 5 खास नमकीन विकल्प

    नई दिल्ली । गणपति उत्सव में बप्पा के भोग और प्रसाद की अपनी खास परंपरा होती है। मोदक और मिठाइयां आमतौर पर प्रसाद का प्रमुख हिस्सा रहती हैं, लेकिन अगर इस बार कुछ अलग और स्वादिष्ट परोसने की इच्छा है तो नमकीन विकल्प भी आजमाए जा सकते हैं। खास बात यह है कि ऐसे कई व्यंजन कम मात्रा में आसानी से तैयार किए जा सकते हैं और बच्चों से लेकर बड़ों तक इन्हें पसंद किया जा सकता है।

    नारियल और धनिया वाले चने प्रसाद के लिए एक आसान और पौष्टिक विकल्प हो सकते हैं। इसके लिए उबले हुए काले या सफेद चनों में ताजा नारियल और हरा धनिया मिलाया जा सकता है। हल्का जीरा या राई का तड़का इसका स्वाद बढ़ा देता है। इसे कम समय में तैयार करके बड़ी संख्या में लोगों को परोसा जा सकता है।

    अगर प्रसाद में कुछ ऐसा शामिल करना चाहते हैं जिसे आसानी से हाथ में लेकर खाया जा सके, तो मिनी समोसे अच्छा विकल्प हो सकते हैं। छोटे आकार के इन समोसों में आलू और मटर की हल्की मसालेदार फिलिंग रखी जा सकती है। पूजा के बाद इन्हें छोटे पोर्शन में प्रसाद के तौर पर परोसा जा सकता है।

    मीठे प्रसाद से अलग इस बार नींबू चावल भी तैयार किए जा सकते हैं। नींबू के स्वाद के साथ करी पत्ता और मूंगफली का हल्का तड़का इसे खास बनाता है। यह व्यंजन ज्यादा मात्रा में तैयार करना भी आसान है, इसलिए गणपति उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के लिए इसे बनाया जा सकता है।

    मिनी ढोकला भी प्रसाद की थाली में स्वाद और हल्केपन का अच्छा मेल दे सकता है। सॉफ्ट ढोकले को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर परोसा जा सकता है। ऊपर से हरा धनिया या नारियल डालने से इसका स्वाद और प्रस्तुति दोनों बेहतर हो सकते हैं। बच्चों के लिए भी यह एक आसान विकल्प हो सकता है।

    अगर कम मेहनत में कुछ अलग तैयार करना चाहते हैं, तो मसाला नमकीन कप भी बनाया जा सकता है। छोटे कप में सेव, भुना चना, मूंगफली और पोहा मिलाकर क्रंची स्नैक तैयार किया जा सकता है। इसे छोटे हिस्सों में परोसना आसान होता है और उत्सव के माहौल में यह अलग तरह का स्नैक विकल्प बन सकता है।

    गणपति उत्सव में प्रसाद का मतलब केवल मिठाई तक सीमित नहीं है। हालांकि प्रसाद तैयार करते समय परिवार की परंपराओं और पूजा से जुड़े नियमों का ध्यान रखना जरूरी है। इनके अनुरूप छोटे पोर्शन में नमकीन और हल्के व्यंजन शामिल किए जा सकते हैं। इससे प्रसाद की थाली में स्वाद के साथ नया बदलाव भी देखने को मिलेगा और बप्पा के भोग के बाद परिवार व मेहमानों को कुछ अलग परोसने का अवसर मिलेगा।

  • बारिश में नरम हो जाते हैं होममेड स्नैक्स? अपनाएं ये 5 आसान स्टोरेज टिप्स, लंबे समय तक रहेंगे कुरकुरे

    बारिश में नरम हो जाते हैं होममेड स्नैक्स? अपनाएं ये 5 आसान स्टोरेज टिप्स, लंबे समय तक रहेंगे कुरकुरे

    नई दिल्ली। बारिश का मौसम अपने साथ ठंडी हवाएं और स्वादिष्ट स्नैक्स का आनंद लेकर आता है। इस दौरान घरों में मठरी, नमकपारे, चकली, सेव, रिबन पकोड़ा और कई तरह के पारंपरिक स्नैक्स बड़ी मात्रा में बनाकर स्टोर किए जाते हैं। हालांकि, मानसून में बढ़ी हुई नमी के कारण ये स्नैक्स जल्दी अपनी कुरकुराहट खो देते हैं और कुछ ही दिनों में नरम पड़ने लगते हैं। यदि सही तरीके से इन्हें स्टोर किया जाए तो लंबे समय तक इनका स्वाद और ताजगी बरकरार रखी जा सकती है।

    स्नैक्स को स्टोर करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि वे पूरी तरह ठंडे हो चुके हों। कई बार लोग जल्दबाजी में गर्म या हल्के गुनगुने स्नैक्स को डिब्बे में बंद कर देते हैं, जिससे अंदर भाप बनती है और नमी बढ़ने के कारण स्नैक्स जल्दी नरम हो जाते हैं। इसलिए किसी भी तले हुए स्नैक को पूरी तरह ठंडा होने के बाद ही कंटेनर में रखें।

    स्टोरेज के लिए हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाले एयरटाइट कंटेनर का इस्तेमाल करना चाहिए। मानसून के दौरान हवा में मौजूद नमी आसानी से खुले डिब्बों या ढीले ढक्कन वाले कंटेनरों में पहुंच जाती है। एयरटाइट कंटेनर स्नैक्स को बाहरी नमी से बचाकर लंबे समय तक कुरकुरा बनाए रखने में मदद करते हैं।

    यदि स्नैक्स को लंबे समय तक सुरक्षित रखना हो तो फूड-ग्रेड मॉइश्चर एब्जॉर्बर या सिलिका जेल पैक का उपयोग किया जा सकता है। यह अतिरिक्त नमी को सोखने में मदद करता है और स्नैक्स की गुणवत्ता बनाए रखता है। हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि सिलिका पैक सीधे खाद्य पदार्थ के संपर्क में न आए और केवल फूड-ग्रेड उत्पादों का ही उपयोग किया जाए।

    बार-बार कंटेनर खोलने से भी स्नैक्स की गुणवत्ता प्रभावित होती है। हर बार डिब्बा खोलने पर बाहर की नम हवा अंदर प्रवेश करती है, जिससे स्नैक्स जल्दी नरम होने लगते हैं। इसलिए बेहतर होगा कि स्नैक्स को छोटे-छोटे एयरटाइट कंटेनरों में अलग-अलग स्टोर करें, ताकि एक बार में केवल जरूरत के अनुसार ही डिब्बा खोला जाए।

    स्नैक्स को हमेशा ठंडी, सूखी और साफ जगह पर रखना चाहिए। गैस स्टोव, सिंक या ऐसी जगह जहां नमी अधिक रहती हो, वहां कंटेनर रखने से बचें। यदि किचन में अधिक सीलन रहती है तो स्नैक्स को पेंट्री या बंद अलमारी में रखना अधिक सुरक्षित विकल्प हो सकता है।

    यदि किसी कारण से मठरी, चकली या नमकपारे हल्के नरम हो जाएं, तो उन्हें कुछ मिनट के लिए ओवन या एयर फ्रायर में कम तापमान पर हल्का गर्म किया जा सकता है। इसके बाद ठंडा होने पर उनकी कुरकुराहट काफी हद तक वापस आ जाती है। हालांकि, अधिक देर तक गर्म करने से स्नैक्स जल भी सकते हैं, इसलिए तापमान और समय का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।

  • यात्रियों को ट्रेनों में मिलेगी मुफ्त चाय-नाश्ता, खाना व अन्य सुविधाएं… रेलवे ला रहा नई स्कीम

    यात्रियों को ट्रेनों में मिलेगी मुफ्त चाय-नाश्ता, खाना व अन्य सुविधाएं… रेलवे ला रहा नई स्कीम

    Rail

    नई दिल्ली। रेलवे (Railway) यात्रियों (Passengers) को ट्रेनों में मुफ्त चाय-नाश्ता, खाना, नीचे की बर्थ, लग्जरी लॉउंज जैसी विशेष सुविधाएं देगा। यह कदम बजट एयरलाइंस (Budget Airlines) की ओर आकर्षित हो रहे यात्रियों को अपने साथ बनाए रखने की रणानीतिक दूरगामी सोच है। रेलवे लॉयलिटी प्रोग्राम (Railway Loyalty Programme) शुरू करने जा रहा है। इसमें अक्सर ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को प्रति किमी. के हिसाब से रिवॉर्ड प्वाइंट्स दिए जाएंगे। इन्हें वह खानपान से लेकर किराये में कहीं भी कैश करा सकेंगे।

    रेलवे बोर्ड के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि आईआरसीटीसी पोर्टल को डिजिटल वॉलेट की तरह अपडेट किया जाएगा। यात्री जितनी लंबी दूरी तय करेगा, उतने अधिक रेल प्वाइंट्स उसे मिलेंगे। प्वाइंट्स यात्री के आधार-लिंक्ड आईआरसीटीसी खाते में जमा होंगे, जिससे धोखाधड़ी की गुंजाइश शून्य रहेगी। प्वाइंट्स को कैश की तरह प्रयोग किया जा सकेगा। इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर अप्रैल से वंदे भारत व तेजस एक्सप्रेस प्रीमियम ट्रेनों में शुरू किया जा सकता है। सफल होने के बाद सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में लागू किया जाएगा।

    रेलवे का दावा है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा लॉयल्टी प्रोग्राम होगा। इसमें 7000 से अधिक रेलवे स्टेशन, साढ़े तीन हजार किमी. दूरी की ट्रेनें और प्रतिदिन तीन करोड़ यात्रियों को शामिल किया जाएगा।


    रिवॉर्ड प्वाइंट्स के कई लाभ

    यात्री को टिकट बुकिंग के समय बेस किराये में छूट मिलेगी। या प्वाइंट्स के आधार पर पूरी टिकट मुफ्त में मिलेगी। सफर के दौरान रेलवे स्टेशन के लग्जरी लाउंज में भी मुफ्त आराम कर सकेंगे। ई-कैटरिंग से ऑर्डर कर ट्रेन में पसंद का मुफ्त भोजन मंगा सकेंगे। थर्ड एसी से सेकेंड एसी और सेकेंड एसी से फर्स्ट एसी में टिकट अपग्रेड करने की सुविधा मिलेगी।


    बजट एयरलाइंस चुनौती

    लॉयलिटी प्रोगाम बजट एयरलाइंस से मिल रही चुनौती के बीच रेलवे के लिए वरदान साबित होगा। छोटी दूरी की फ्लाइट्स और लग्जरी बसों की ओर बढ़ते यात्रियों को वापस ट्रेनों में लाया जा सकेगा। इसके अलावा ऑफ सीजन बुकिंग के दौरान रेलवे प्वाइंट्स की वैल्यू बढ़ा सकती है, ताकि सीटें खाली न रहें।