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  • रात में सो रहे 8 साल के बच्चे के साथ दर्दनाक हादसा सांप ने दो बार डसा अस्पताल पहुंचने से पहले बिगड़ी हालत

    रात में सो रहे 8 साल के बच्चे के साथ दर्दनाक हादसा सांप ने दो बार डसा अस्पताल पहुंचने से पहले बिगड़ी हालत


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के इंदार थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। बिजरौनी गांव में बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात 8 साल के बच्चे को जहरीले सांप ने दो बार डस लिया। बताया जा रहा है कि पहली बार डसने के बाद सांप बच्चे के बिस्तर में ही छिपा रहा और कुछ देर बाद उसने दोबारा बच्चे को डस लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन डॉक्टरों की कोशिश के बावजूद बच्चे की जान नहीं बच सकी।

    जानकारी के अनुसार 8 वर्षीय पुरुषोत्तम आदिवासी अपने परिवार के साथ बिजरौनी गांव में रहता था। उसके पिता अशोक आदिवासी मूल रूप से शिवपुरी जिले के धपोरा गांव के रहने वाले हैं। परिवार पिछले करीब तीन साल से बिजरौनी में रहकर हलवाई का काम करता है। बुधवार रात परिवार के बाकी सदस्यों की तरह पुरुषोत्तम भी तखत पर सो रहा था। रात करीब 12 बजे के आसपास वह हादसे का शिकार हो गया।

    परिजनों के मुताबिक सोते समय एक जहरीला कोबरा सांप बिस्तर में पहुंच गया। सांप ने पहले बच्चे के हाथ में डस लिया। पहली बार डसने के बाद परिवार को इसकी जानकारी हुई और उन्होंने बच्चे को संभालने की कोशिश की। इसी दौरान बताया जा रहा है कि सांप कंबल में ही छिपा रहा। कुछ समय बाद उसने बच्चे को दूसरी बार डस लिया। दो बार सांप के काटने के बाद बच्चे की हालत तेजी से बिगड़ने लगी।

    बच्चे की स्थिति गंभीर होती देख परिवार के लोग उसे तत्काल बदरवास अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे गुना जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन बिना देर किए बच्चे को लेकर गुना पहुंचे लेकिन उसकी हालत लगातार नाजुक बनी रही। जानकारी के मुताबिक रात करीब 2 बजे इलाज के दौरान पुरुषोत्तम ने दम तोड़ दिया।

    बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। जिस घर में कुछ घंटे पहले तक सामान्य माहौल था वहां अचानक चीख पुकार मच गई। परिजन बच्चे को बचाने के लिए अस्पतालों के चक्कर लगाते रहे लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में भी शोक का माहौल है।

    गुरुवार सुबह गुना जिला अस्पताल में बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिवार वालों को सौंप दिया गया। इसके बाद परिजन शव को लेकर अपने गांव रवाना हुए।

    ग्रामीण इलाकों में रात के समय सांपों के घरों और बिस्तरों तक पहुंचने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। बारिश और बदलते मौसम के दौरान सांप सुरक्षित जगह की तलाश में घरों में घुस सकते हैं। ऐसे में बिस्तर और कंबल इस्तेमाल करने से पहले उन्हें अच्छी तरह जांचना जरूरी माना जाता है। इस घटना ने भी परिवारों को रात में सोने की जगह और आसपास के हिस्से को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है। हालांकि इस मामले में बच्चे की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और गांव में भी घटना को लेकर शोक का माहौल बना हुआ है।

  • फिल्म सेट पर अचानक फैली दहशत, सांप के डसने से मचा हड़कंप

    फिल्म सेट पर अचानक फैली दहशत, सांप के डसने से मचा हड़कंप


    नई दिल्ली। बॉलीवुड में आज भले ही VFX और CGI ने फिल्मों की दुनिया को सुरक्षित और तकनीकी रूप से उन्नत बना दिया हो, लेकिन एक दौर ऐसा भी था जब कलाकारों को असली खतरे के बीच शूटिंग करनी पड़ती थी। ऐसा ही एक खौफनाक और चर्चित किस्सा 1982 में आई फिल्म ‘अशांति’ से जुड़ा हुआ है, जिसने उस समय दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए थे।

    इस फिल्म में एक ऐसा सीन फिल्माया गया था, जो आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे जोखिम भरे दृश्यों में गिना जाता है। कहानी के मुताबिक, फिल्म में विलेन का किरदार निभा रहे अभिनेता को एक जिंदा कोबरा सांप के साथ सीन करना था। दृश्य यह था कि वह सांप को अपने हाथ में उठाकर उसकी मौजूदगी को अपने चेहरे के बेहद करीब लाएगा और अपनी जीभ बाहर निकालकर ऐसा दिखाएगा कि सांप उसे काट रहा है।

    सेट पर असली कोबरा मौजूद था और पूरी यूनिट इस सीन को बेहद सतर्कता के साथ शूट कर रही थी। जैसे ही अभिनेता ने सांप को उठाकर अपने चेहरे के करीब लाया और अभिनय शुरू किया, तभी अचानक एक अप्रत्याशित घटना हुई सांप ने उसकी जीभ के बेहद पास डसने की कोशिश की और उसे काट लिया।

    इस घटना के बाद सेट पर कुछ पलों के लिए पूरी तरह सन्नाटा पसर गया। हर कोई घबरा गया, लेकिन बाद में पता चला कि सांप का जहर पहले ही निकाला जा चुका था, इसलिए किसी बड़ी अनहोनी से बचाव हो गया।

    यह खतरनाक सीन फिल्म में अमरीश पुरी द्वारा निभाए गए राजा भीष्म बहादुर सिंह के किरदार का हिस्सा था। उनके इस किरदार को और भी अधिक डरावना और प्रभावशाली दिखाने के लिए यह दृश्य फिल्माया गया था, जिसमें वे खुद को इतना निर्दयी दिखाते हैं कि सांप के जहर का भी उन पर कोई असर नहीं होता।

    फिल्म रिलीज होने के बाद यह सीन इतना चर्चित हुआ कि कई दर्शकों को यकीन ही नहीं हुआ कि यह वास्तविक शूटिंग थी। अमरीश पुरी की दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और इस खतरनाक स्टंट ने उन्हें हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार खलनायकों में और भी मजबूत जगह दिलाई।

    आज भी ‘अशांति’ का यह सीन भारतीय फिल्म इतिहास के उन दुर्लभ दृश्यों में गिना जाता है, जिन्हें देखकर दर्शक हैरान भी होते हैं और उस दौर की फिल्ममेकिंग के साहस को सलाम भी करते हैं।