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  • देश में फिर बदला मौसम… उत्तर-पश्चिम के कई हिस्सों में हुई बारिश-बर्फबारी… आज इन क्षेत्रों में अलर्ट

    देश में फिर बदला मौसम… उत्तर-पश्चिम के कई हिस्सों में हुई बारिश-बर्फबारी… आज इन क्षेत्रों में अलर्ट


    नई दिल्ली।
    उत्तर-पश्चिम भारत (North-West India) में मौसम (Weather) में अचानक बदलाव आया है। दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR.) समेत उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में जहां बारिश हुई है, वहीं पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बारिश (Rain) के साथ बर्फबारी (Snowfall) भी दर्ज की गई है। इससे बढ़ते तापमान में गिरावट आई है और मौसम सुहावना हो गया है। देश के पूर्वी, पूर्वोत्तर और दक्षिणी हिस्से में भी आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई है। अगले दो दिन मौसम के ऐसे ही बने रहने के आसार हैं और मैदानी राज्यों में कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की भी संभावना है।

    दिल्ली-एनसीआर में सुबह से ही बादल छाए रहे और शाम होते-होते झमाझम बौछारें पड़ने लगीं। कई हिस्सों में तेज हवाएं भी चलीं और भारी बारिश दर्ज की गई। इससे बढ़ते तापमान और उमस भरे मौसम से काफी राहत मिली। दिल्ली समेत एनसीआर के शहरों नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में 20 मार्च तक गरज और चमक के साथ हल्की बारिश होने और 50 किमी प्रति घंटा तक की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इसको लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है और मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के बाद पारा 4-6 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।


    खराब मौसम से 22 उड़ानों का मार्ग बदला

    दिल्ली-एनसीआर में खराब मौसम का असर यातायात पर पड़ा। शाम के वक्त बारिश होने से कुछ इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया और लोगों को जाम का सामना करना पड़ा। दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उड़ानें प्रभावित हुईं। बारिश के साथ तेज हवा चलने से कई 22 उड़ानों की लैंडिंग नहीं हो सकी और उन्हें दूसरे शहरों में भेजना पड़ा।

    अरुणाचल से तमिलनाडु तक भारी बारिश…अरुणाचल, कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु में छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई। ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मराठवाड़ा में ओलावृष्टि हुई। असम और मेघालय, झारखंड, ओडिशा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, मराठवाड़ा और अरुणाचल में छिटपुट स्थानों पर 50-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज के साथ बारिश हुई।विदर्भ, गुजरात, कोंकण, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में छिटपुट स्थानों पर 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।


    हिमाचल-कश्मीर में चोटियों पर हिमपात

    हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंडाई वाले इलाकों में हिमपात और मैदानी इलाकों में बारिश हुई। हिमाचल में कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई। हिमपात के चलते अटल टनल के लिए यातायात बंद कर दिया गया। जम्मू संभाग में हिमपात के चलते किश्तवाड़ से कश्मीर को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण सिंथन टॉप मार्ग यातायात के लिए बंद कर दिया है। श्रीनगर सहित कई मैदानी इलाकों में बारिश हुई। गुलमर्ग समेत कश्मीर घाटी के अन्य ऊपरी इलाकों में ताजा बर्फबारी हुई। खराब मौसम के कारण मां वैष्णो देवी के लिए हेलिकॉप्टर सेवा दिनभर बंद रही। लेकिन बैटरी कार और रोपवे सेवाएं सामान्य रहीं।


    पंजाब-हरियाणा में भी बारिश

    पंजाब और हरियाणा के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई, जिससे अधिकतम तापमान सामान्य से कुछ डिग्री नीचे गिर गया। पंजाब के अमृतसर, पठानकोट, पटियाला, लुधियाना और हरियाणा के हिसार, नारनौल, भिवानी और चरखी दादरी में बारिश हुई। अमृतसर में अधिकतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से आठ डिग्री कम है। हरियाणा में अंबाला, हिसार, करनाल और नारनौल में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। चंडीगढ़ का अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री कम है।

    मौसम का पूर्वानुमान
    मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में 19 मार्च को, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 19 और 20 मार्च को, पश्चिमी राजस्थान में 20 मार्च को और पूर्वी उत्तर प्रदेश में छिटपुट ओलावृष्टि की भी संभावना है। मध्य और पूर्वी भारत में 22 मार्च तक छिटपुट गरज के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। मध्य प्रदेश, ओडिशा और झारखंड में 20 मार्च तक और पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 20 और 21 मार्च को छिटपुट बारिश होने और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

  • अमरकंटक में शीतलहर का प्रकोप बर्फ से ढकी वादियां शिमला-मनाली जैसा नजारा

    अमरकंटक में शीतलहर का प्रकोप बर्फ से ढकी वादियां शिमला-मनाली जैसा नजारा


    अनूपपुर । मध्य प्रदेश के अमरकंटक में सोमवार सुबह तापमान में आई गिरावट ने क्षेत्र को बर्फीला बना दिया। सतपुड़ा और विंध्य की पहाड़ियों पर समुद्र तल से 1048 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरकंटक में नर्मदा नदी तट मैदानों और खुले स्थानों पर पाला जम गया और घास पर ओस बर्फ की तरह दिखने लगी। तापमान शून्य डिग्री के करीब पहुंचते ही पूरा क्षेत्र शीतलहर और घना कोल्ड स्नैप से ढक गया जिससे यह स्थान शिमला और मनाली जैसे पहाड़ी क्षेत्रों का रूप धारण कर चुका था।

    शून्य डिग्री के पास पहुंचा तापमान

    मौसम विभाग के मुताबिक अमरकंटक का न्यूनतम तापमान एक बार फिर शून्य डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया। नववर्ष के बाद तीन दिनों तक काले बादल छाए रहे जिससे ठंड में थोड़ी राहत मिली थी। लेकिन जैसे ही बादल छंटे ठंड का असर जबरदस्त रूप से बढ़ गया। इसका असर यह रहा कि घास-फूस पत्तियों और वाहनों की छतों पर बर्फ की मोटी परत जम गई।

    सफेद चादर में ढकी अमरकंटक

    रामघाट माई की बगिया जमुना दादर कपिलधारा और अन्य क्षेत्रों में सुबह बर्फ का नजारा कुछ इस प्रकार था कि अमरकंटक की वादियां शिमला कुल्लू और मनाली जैसी लग रही थीं। पूरी नगरी बर्फ की सफेद चादर में ढकी हुई नजर आ रही थी जिससे प्रकृति का अनोखा सौंदर्य सामने आ रहा था।

    श्रद्धालुओं की अटूट आस्था

    कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बावजूद अमरकंटक में श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई। बड़ी संख्या में तीर्थयात्री और पर्यटक मां नर्मदा के पावन जल में डुबकी लगाने के लिए आए। ठंडी हवाओं के बावजूद उनके उत्साह में कोई कमी नहीं आई और वे स्नान व दर्शन करने में व्यस्त रहे।

    पर्यटकों का विशेष आकर्षण

    अमरकंटक का बर्फ से ढका नजारा ठंडी हवाएं और अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां आने वाले पर्यटक इस बर्फीले मौसम और प्राकृतिक नजारों से अभिभूत नजर आ रहे हैं। अमरकंटक की ठंड और बर्फीली हवाएं इन दिनों एक विशेष अनुभव बन चुकी हैं और यह स्थान पर्यटकों के लिए एक अद्वितीय गंतव्य बन गया है।

  • उत्तर भारत में सर्दी की मार, कोहरे और बर्फबारी से जीवन प्रभावित, शीतलहर के कारण अलर्ट जारी

    उत्तर भारत में सर्दी की मार, कोहरे और बर्फबारी से जीवन प्रभावित, शीतलहर के कारण अलर्ट जारी


    नई दिल्ली । उत्तर भारत के कई हिस्सों में सर्दी और कोहरे के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। दिल्ली उत्तर प्रदेश पंजाब हरियाणा और अन्य मैदानी इलाकों में घना कोहरा और शीतलहर ने दिनचर्या को अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग IMD के अनुसार अगले कुछ दिनों तक यह स्थिति बनी रहने की संभावना है।

    दिल्ली और उत्तर प्रदेश

    दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में इस समय घना कोहरा छाया हुआ है जिससे विजिबिलिटी बहुत कम हो गई है। राजधानी दिल्ली में न्यूनतम तापमान 8-9 डिग्री सेल्सियस के आसपास है जबकि अधिकतम तापमान 16-18 डिग्री तक पहुँच रहा है। कोहरे की वजह से हवाई और रेल यातायात पर भी असर पड़ा है कई उड़ानें देरी से चल रही हैं। इसके अलावा यूपी के लखनऊ वाराणसी और प्रयागराज जैसे शहरों में ट्रैफिक जाम और सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने यूपी के लगभग 30 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है और 4-6 जनवरी तक यह स्थिति बनी रहने की संभावना जताई है।

    पंजाब और हरियाणा

    पंजाब और हरियाणा में भी घना कोहरा और शीतलहर जारी है। यहां विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम हो गई है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में शीतलहर की स्थिति को 6 जनवरी तक जारी रहने का अनुमान जताया है। न्यूनतम तापमान इन क्षेत्रों में सामान्य से काफी नीचे जा चुका है और ठंड के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश

    जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है। गुलमर्ग सोनमर्ग पहलगाम और अन्य ऊपरी इलाकों में नए साल के मौके पर ताजा बर्फबारी हुई है जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुकी है। जम्मू-कश्मीर में ‘चिल्लई कलां’ के दौरान कड़ाके की ठंड ने तापमान को और नीचे गिरा दिया है लेकिन पर्यटक बर्फबारी का आनंद ले रहे हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश के मनाली रोहतांग पास लाहौल-स्पीति जैसे क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम बर्फबारी हो रही है जिससे ठंड का असर बढ़ा है लेकिन पर्यटकों की भीड़ बनी हुई है।

    कोहरा और ठंड की चुनौती

    उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से 30 से अधिक जिलों में घना कोहरा छाया रहेगा और शीतलहर के कारण सामान्य जनजीवन में बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं। मौसम विभाग ने लखनऊ समेत कई जिलों में अगले तीन दिनों के लिए शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। घना कोहरा और शीतलहर का प्रभाव कृषि ट्रांसपोर्ट और दैनिक गतिविधियों पर भी पड़ा है और इससे बचने के लिए लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।अगले कुछ दिनों तक मौसम में कोई खास राहत की उम्मीद नहीं जताई गई है इसलिए उत्तर भारत के लोग खासकर यात्री और स्कूलों के छात्र अपनी यात्रा और अन्य गतिविधियों को लेकर सतर्क रहें।

  • पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी से मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड, मंदसौर सबसे ठंडा, शीतलहर का अलर्ट

    पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी से मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड, मंदसौर सबसे ठंडा, शीतलहर का अलर्ट

    भोपाल । पहाड़ी राज्यों में हो रही लगातार बर्फबारी का असर अब मध्यप्रदेश में साफ नजर आने लगा है। प्रदेश कड़ाके की ठंड की चपेट में है। भोपाल, इंदौर सहित पांच जिलों में शीतलहर चल रही है, जबकि मंदसौर प्रदेश का सबसे ठंडा जिला बन गया है, जहां न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीती रात प्रदेश के करीब 30 शहरों में पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। उत्तरी जिलों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।मौसम विभाग ने रविवार को भोपाल, इंदौर, शाजापुर, सीहोर और राजगढ़ में कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में दिन का तापमान 25 डिग्री से नीचे रहने की संभावना है, जिससे दिन में भी ठंड का एहसास बना रहेगा। लोगों को आवश्यक सावधानी बरतने और गर्म कपड़े पहनकर ही बाहर निकलने की सलाह दी गई है।

    मालवा-निमाड़ में ठंड का सबसे ज्यादा असर

    प्रदेश में ठंड का सबसे ज्यादा असर मालवा और निमाड़ अंचल में देखने को मिल रहा है। इंदौर और उज्जैन संभाग के 15 जिलों में तापमान लगातार गिरा है। मंदसौर के बाद शाजापुर दूसरा सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.1 डिग्री दर्ज किया गया। पांच बड़े शहरों में भोपाल में 4.6 डिग्री, इंदौर में 6.2 डिग्री, ग्वालियर में 6.7 डिग्री, उज्जैन में 7.3 डिग्री और जबलपुर में 7.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    शनिवार की रात में शहडोल के कल्याणपुर में 3.2 डिग्री, राजगढ़ में 3.8 डिग्री, नौगांव में 4.6 डिग्री, उमरिया में 4.7 डिग्री, पचमढ़ी में 4.8 डिग्री, खजुराहो में 5 डिग्री, मलाजखंड में 5.6 डिग्री और रीवा में तापमान 5.8 डिग्री रहा। वहीं, रायसेन, शिवपुरी, दमोह, मंडला, दतिया, सतना, गुना, श्योपुर, धार, रतलाम समेत करीब 30 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। इधर, 16 से ज्यादा जिलों में कोहरे का असर भी देखा गया।

    कोहरे से रेल यातायात प्रभावित

    शनिवार को ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली सहित कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा। कोहरे और सर्द हवाओं के चलते दिल्ली से मध्यप्रदेश आने वाली कई ट्रेनें देरी से पहुंचीं। भोपाल, इंदौर, मंदसौर, शाजापुर और आसपास के जिलों में तेज सर्द हवाओं ने ठंड का असर और बढ़ा दिया।

    आगे और बढ़ सकती है ठंड

    मौसम विभाग के अनुसार, 30 दिसंबर को पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। सर्द हवाओं और जेट स्ट्रीम के सक्रिय रहने से आने वाले दिनों में ठंड और तेज होने की संभावना जताई गई है।