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  • अंबेडकर जयंती पर CM मोहन यादव का नमन बाबा साहेब को बताया संविधान का शिल्पकार

    अंबेडकर जयंती पर CM मोहन यादव का नमन बाबा साहेब को बताया संविधान का शिल्पकार


    भोपाल । भोपाल में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर पूरे प्रदेश में श्रद्धा और सम्मान का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बाबा साहेब को भावपूर्ण नमन किया और उन्हें भारतीय संविधान का शिल्पकार तथा सामाजिक न्याय का महान पुरोधा बताया।

    मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि डॉ. अंबेडकर ने जीवनभर शिक्षा समानता और अधिकारों के आधार पर एक सशक्त और समतामूलक भारत की नींव रखी। उनके विचार आज भी देश के विकास और सामाजिक उत्थान की दिशा में मार्गदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का योगदान केवल संविधान निर्माण तक सीमित नहीं था बल्कि उन्होंने समाज के वंचित शोषित और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान के लिए संघर्ष को जीवन का उद्देश्य बनाया।

    सीएम यादव ने यह भी कहा कि डॉ. अंबेडकर के विचार महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक समानता के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लेकर आए। उनके प्रयासों ने देश में एक ऐसी व्यवस्था की नींव रखी जिसमें हर व्यक्ति को समान अधिकार और अवसर मिल सकें।

    इस अवसर पर प्रदेश भर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए जिनमें श्रद्धांजलि सभाएं, विचार गोष्ठियां और सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम शामिल रहे। लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर बाबा साहेब के विचारों को याद किया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

    मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि राज्य सरकार बाबा साहेब के सिद्धांतों और उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए समाज के हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि समता न्याय और अधिकार आधारित समाज की स्थापना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस प्रकार अंबेडकर जयंती का यह अवसर न केवल श्रद्धांजलि का दिन रहा बल्कि सामाजिक एकता और समानता के संदेश को मजबूत करने का भी प्रतीक बना।

  • एससी विद्यार्थियों के लिए बड़ी सौगात, छात्रगृह योजना में अब हर महीने मिलेंगे 10 हजार रुपये

    एससी विद्यार्थियों के लिए बड़ी सौगात, छात्रगृह योजना में अब हर महीने मिलेंगे 10 हजार रुपये


    भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण और राहत भरा फैसला लिया है, जिससे उनकी उच्च शिक्षा का रास्ता और आसान हो सकेगा। अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि छात्रगृह योजना में संशोधन कर अब पात्र विद्यार्थियों को प्रतिमाह 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

    यह निर्णय विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है जो दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययन कर रहे हैं या वहां प्रवेश लेने की तैयारी कर रहे हैं। महंगे शहरों में रहने और पढ़ाई के खर्च को देखते हुए यह सहायता उनके लिए काफी मददगार साबित होगी।

    मंत्री नागर सिंह चौहान ने बताया कि इस योजना के तहत हर साल कुल 100 विद्यार्थियों को लाभ दिया जाएगा। इसमें 50 विद्यार्थी स्नातक स्तर के होंगे और 50 विद्यार्थी स्नातकोत्तर स्तर के होंगे। इसके अलावा जो विद्यार्थी पहले से इस योजना के अंतर्गत अध्ययन कर रहे हैं, उन्हें भी इसका लाभ मिलता रहेगा।

    इस पहल का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को देश के प्रमुख शिक्षण संस्थानों तक पहुंच दिलाना भी है। अक्सर देखा जाता है कि प्रतिभाशाली विद्यार्थी आर्थिक तंगी के कारण बड़े शहरों में जाकर पढ़ाई नहीं कर पाते, जिससे उनके करियर की संभावनाएं सीमित हो जाती हैं। ऐसे में यह योजना उनके लिए नई उम्मीद लेकर आई है।

    सरकार का मानना है कि जब विद्यार्थियों को बेहतर संसाधन और अवसर मिलेंगे, तो वे न केवल अपनी पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करेंगे, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफलता हासिल कर सकेंगे। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे समाज में अपनी एक मजबूत पहचान बना पाएंगे।

    मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि यह कदम सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा में लाने और उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए ऐसी योजनाएं बेहद जरूरी हैं। इससे शिक्षा के क्षेत्र में असमानता को कम करने में मदद मिलेगी।

    विशेषज्ञों का भी मानना है कि इस तरह की योजनाएं न केवल व्यक्तिगत स्तर पर बदलाव लाती हैं, बल्कि समाज के समग्र विकास में भी योगदान देती हैं। जब अधिक से अधिक विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्त करेंगे, तो इससे प्रदेश की मानव संसाधन क्षमता मजबूत होगी और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।

    कुल मिलाकर, यह निर्णय अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी राहत और अवसर के रूप में देखा जा रहा है। इससे उन्हें न केवल बेहतर शिक्षा मिलेगी, बल्कि अपने सपनों को साकार करने के लिए एक मजबूत आधार भी मिलेगा।

  • सामाजिक न्याय के पुरोधा को राष्ट्र का नमन लोहिया जयंती पर पीएम मोदी ने याद किए उनके क्रांतिकारी विचार

    सामाजिक न्याय के पुरोधा को राष्ट्र का नमन लोहिया जयंती पर पीएम मोदी ने याद किए उनके क्रांतिकारी विचार


    नई दिल्ली:
    देश के प्रखर समाजवादी चिंतक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राम मनोहर लोहिया की जयंती के अवसर पर राष्ट्रभर में उन्हें रक्षाबंधन के अवसर पर इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके विचारों और योगदान को याद करते हुए कहा कि गरीबों और संप्रदायों के संप्रदाय के प्रति उनकी विचारधारा आज भी देश को प्रेरित करती है।

    प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि उन्होंने केवल स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लोगों को एकजुट नहीं किया बल्कि आजादी के बाद भारत के सामाजिक और राजनीतिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि समाजवादी विचारधारा केवल आर्थिक समानता तक सीमित नहीं थी, बल्कि उन्होंने लैंगिक समानता और सहभागी शासन जैसे सिद्धांतों पर भी गहनता से अपने सिद्धांत पर जोर दिया, आज भी समग्र विकास और लोकतांत्रिक विचारधारा को मजबूत करने की दिशा में सुझाव दिए गए हैं।

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी प्रयोगशाला को याद दिलाते हुए कहा कि वे आजादी के आंदोलन से लेकर समाज सुधार तक हर क्षेत्र में सक्रिय हैं, उन्होंने शिक्षा और स्वभाषा के लिए वकालत की और अपने आचरण से सामाजिक जीवन में शुचिता का उदाहरण प्रस्तुत किया।

    स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नडडा ने उन्हें सामाजिक न्याय का संदेश देते हुए कहा कि छोटू ने अपना पूरा जीवन समूह के विकास के लिए अपना विचार समर्पित किया है और आज भी समाज को दिशा देने का काम कर रहे हैं।

    कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि समाज के शोषित और कृषि उत्पादों के केंद्र उनके प्रयासों को हमेशा प्रेरणा देते रहे हैं, वहीं किरण रिजिजू ने कहा कि समाज के शोषित और कृषि उत्पादों की दिशा में दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

    विपक्ष के अध्यक्ष ओम बिरला ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि डॉली ने अपने जीवन में असंगत सामाजिक न्याय और जनभागीदारी के सिद्धांतों को स्वीकार किया है और अंतिम व्यक्ति तक विकास की दिशा तय की है, उनके विचार आज भी एक समावेशी और न्यायपूर्ण भारत के निर्माण में प्रेरणा देते हैं।

    देश के विभिन्न राज्यों के नेताओं ने भी इस अवसर पर अपने विचारों को याद किया, योगी आदित्यनाथ, मोहन यादव, भजन लाल शर्मा, नायब सिंह सैनी और पुष्कर सिंह धामी सहित कई लोगों ने अपने विचारों को याद करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति को याद किया। तक विकास संकल्प के संकल्प को परिभाषित करें

    राम मनोहरला का जीवन और उनके विचार भारतीय राजनीति और समाज के लिए एक प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने कहा कि वे आज भी देश के विकास के लिए समान विचारधारा वाले हैं और उनकी विरासत हमें सिखाती है कि सच्चा लोकतंत्र तब मजबूत होता है जब समाज का हर वर्ग और सहभागी बने।