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  • जलसा के बाहर हंगामा: अमिताभ बच्चन के दीदार के इंतजार में फैन बेहोश, ‘दर्शन’ कल्चर पर भड़के लोग

    जलसा के बाहर हंगामा: अमिताभ बच्चन के दीदार के इंतजार में फैन बेहोश, ‘दर्शन’ कल्चर पर भड़के लोग




    नई दिल्ली(New Delhi)। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के जुहू स्थित बंगले जलसा के बाहर रविवार को एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। भीषण गर्मी में अमिताभ बच्चन की एक झलक पाने के लिए घंटों इंतजार कर रहा एक फैन अचानक बेहोश हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उसकी मदद की और पानी डालकर उसे होश में लाया।

    जानकारी के मुताबिक, हर रविवार की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में फैंस अमिताभ बच्चन के वीकली अपीयरेंस का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान एक अधेड़ उम्र का फैन गर्मी और भीड़ के बीच अचानक गिर पड़ा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि समय रहते उसे राहत मिल गई और कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।

    इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद लोगों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए वीडियो के कमेंट सेक्शन में कई यूजर्स ने इस तरह की भीड़ और “दर्शन संस्कृति” पर सवाल उठाए हैं। कुछ लोगों ने लिखा कि “ये कोई भगवान नहीं हैं”, तो कुछ ने भीड़ को गैरजरूरी बताया।

    वहीं दूसरी ओर कई यूजर्स ने फैन के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा कि भीषण गर्मी में इस तरह घंटों इंतजार करना खतरनाक हो सकता है और ऐसी भीड़ पर नियंत्रण जरूरी है।

    बताया जा रहा है कि अमिताभ बच्चन हर रविवार अपने फैंस से जलसा के बाहर मिलते हैं और उनके साथ तस्वीरें भी साझा करते हैं। हाल ही में उन्होंने अपने ब्लॉग में फैंस के प्रति आभार जताते हुए उनके साथ अच्छे व्यवहार की बात भी कही थी।

    इस घटना के बाद एक बार फिर फैंस की सुरक्षा और इस तरह के सार्वजनिक जमावड़े को लेकर बहस तेज हो गई है।

  • अल्मोड़ा के श्मशान में जोड़े ने रचाई शादी, देवभूमि की परंपराओं पर छिड़ा भीषण विवाद

    अल्मोड़ा के श्मशान में जोड़े ने रचाई शादी, देवभूमि की परंपराओं पर छिड़ा भीषण विवाद

    नई दिल्ली। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने जीवन और मृत्यु के बीच की पारंपरिक मर्यादाओं को हिलाकर रख दिया है। आमतौर पर विवाह के लिए लोग पवित्र मंदिरों या आलीशान महलों का चुनाव करते हैं, लेकिन अल्मोड़ा के मर्चुला क्षेत्र में एक जोड़े ने इसके बिल्कुल उलट श्मशान घाट की दहलीज पर अपना नया जीवन शुरू करने का फैसला किया। रामगंगा और बदनगढ़ नदी के संगम पर स्थित यह वही स्थान है, जहां वर्षों से लोग अपनों को अंतिम विदाई देते आए हैं। इसी जगह पर फूलों का मंडप सजाया गया और मंत्रोच्चार के बीच जयमाला की रस्म पूरी की गई। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया है, बल्कि पूरे क्षेत्र में एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है।

    इस विवाह समारोह की जानकारी तब सार्वजनिक हुई जब समारोह का एक वीडियो इंटरनेट पर तेजी से प्रसारित होने लगा। वीडियो में देखा जा सकता है कि जिस स्थान पर अर्थियां जलाई जाती हैं, वहां बिजली की झालरें और भव्य सजावट की गई थी। मेहमानों की मौजूदगी में जोड़े ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई। जैसे ही यह दृश्य स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के सामने आया, विरोध के स्वर तेज हो गए। लोगों का कहना है कि श्मशान घाट को शास्त्रों में वैराग्य और दुख का स्थान माना गया है, वहां इस तरह का जश्न मनाना हिंदू परंपराओं और स्थानीय मान्यताओं का सीधा अपमान है। स्थानीय लोगों ने इसे आस्था के साथ खिलवाड़ करार देते हुए कड़ा ऐतराज जताया है।

    विरोध की आंच अब प्रशासन तक भी पहुंच गई है। अधिकारियों ने इस मामले पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा है कि किसी भी सार्वजनिक स्थान, विशेषकर अंत्येष्टि स्थलों का उपयोग किसी निजी मांगलिक कार्य के लिए करना नियमों के खिलाफ है। प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस तरह के आयोजन के लिए कोई पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी, जो कि कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन है। सामाजिक संगठनों का आरोप है कि आधुनिकता के नाम पर इस तरह के संवेदनशील स्थानों की गरिमा को ठेस पहुँचाना अनुचित है। फिलहाल, इस अनोखी लेकिन विवादित शादी ने देवभूमि में एक नई बहस को जन्म दे दिया है, जहां एक पक्ष इसे व्यक्तिगत चुनाव मान रहा है, तो वहीं दूसरा पक्ष इसे समाज और धर्म की मर्यादा का उल्लंघन बता रहा है।

  • विजय देवरकोंडा के कमेंट ने बदल दी जीवन की किस्मत, ‘राणाबाली’ में रोल मिलने का मौका

    विजय देवरकोंडा के कमेंट ने बदल दी जीवन की किस्मत, ‘राणाबाली’ में रोल मिलने का मौका

    नई दिल्ली : कभी-कभी एक छोटा सा सोशल मीडिया पोस्ट ही किसी की पूरी जिंदगी बदल देता है. ऐसा ही हुआ तेलुगू डांसिंग रियलिटी शो ‘धी सीजन 15’ के कंटेस्टेंट जीवन के साथ. जीवन ने हाल ही में फिल्म ‘राणाबाली’ के एक सीन को रिक्रिएट किया और इसे अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया. वीडियो में जीवन पारंपरिक पंछे यानी धोती पहने नजर आए और खून से सना लुक दिखाते हुए इंटेंस परफॉर्मेंस दे रहे थे. वीडियो के कैप्शन में उन्होंने फॉलोवर्स से कहा कि अगर यह परफॉर्मेंस पसंद आए तो फिल्म की टीम को टैग करें.

    जीवन का यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ और सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब विजय देवरकोंडा ने इस पर कमेंट किया. स्टार ने लिखा, “राणाबाली फिल्म्स कृपया संपर्क करें और तुरंत कास्ट करें. जबरदस्त टैलेंट है.” इसके अलावा फिल्म के ऑफिशियल हैंडल ने भी जीवन की तारीफ करते हुए लिखा, “शानदार! आपको परफॉर्म करते देखना खुशी की बात है.” विजय और फिल्म टीम का यह रिएक्शन जीवन के लिए किसी सपने के सच होने जैसा था.

    खुशियों से फूले नहीं समाए जीवन ने विजय के कमेंट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “विजय अन्ना, बहुत धन्यवाद अन्ना. आपने जवाब दिया, इससे मैं बहुत खुश हूं, इसे मैं जिंदगी भर याद रखूंगा अन्ना. बहुत-बहुत धन्यवाद अन्ना.” इसके बाद जीवन ने एक और इमोशनल वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने सपोर्ट करने वालों का शुक्रिया अदा किया और कहा कि उनके ऑडिशन वीडियो को नोटिस करने के पीछे फॉलोवर्स का योगदान भी है.

    जीवन ने सोशल मीडिया की ताकत पर भी जोर दिया और कहा, “बहुत-बहुत धन्यवाद विजय अन्ना. आप जैसे लोगों का सपोर्ट करना बहुत बड़ी बात है. राणाबाली टीम को भी मेरा ऑडिशन वीडियो पसंद आया. विजय अन्ना के कमेंट के बाद उनकी टीम ने मुझसे संपर्क किया और मेरा कॉन्टैक्ट नंबर लिया. इससे साबित होता है कि सोशल मीडिया में जीरो को हीरो और हीरो को जीरो बनाने की ताकत है. उम्मीद है इससे और भी मौके मिलेंगे.”

    इस घटना ने यह भी साबित किया कि कभी-कभी सही समय पर सही पोस्ट और सही लोगों की नजर एक कलाकार की किस्मत बदल सकती है. जीवन की कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है कि सोशल मीडिया और मेहनत से सपने सच हो सकते हैं.

  • फतवा वायरल होने पर बढ़ा विवाद, मुस्लिम त्योहार कमेटी पहुंची थाने; शहर काजी को बदनाम करने की साजिश का आरोप

    फतवा वायरल होने पर बढ़ा विवाद, मुस्लिम त्योहार कमेटी पहुंची थाने; शहर काजी को बदनाम करने की साजिश का आरोप


    नई दिल्ली। राजधानी में सोशल मीडिया पर वायरल हुए फतवे को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मंगलवार को ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के पदाधिकारी शाहजहांनाबाद थाने पहुंचे और थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

    कमेटी ने आरोप लगाया कि यह फतवा सुनियोजित तरीके से सोशल मीडिया पर वायरल कर शहर काजी की छवि धूमिल करने और शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।कमेटी ने आरोप लगाया कि यह फतवा सुनियोजित तरीके से सोशल मीडिया पर वायरल कर शहर काजी की छवि धूमिल करने और शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।

    जानकारी के मुताबिक, पीरगेट निवासी सैयद सोहेल अली ने 6 मार्च 2026 को दारुल इफ्ता, मसाजिद कमेटी भोपाल से एक बीमारी के आधार पर फतवा मांगा था। इसके जवाब में 10 मार्च को फतवा जारी किया गया, जिस पर मुफ्ती-ए-शहर अब्दुल कलाम, मुफ्ती रईस और मुफ्ती जसीम दाद के हस्ताक्षर हैं।

    कमेटी का कहना है कि यह फतवा मूल रूप से एक व्यक्तिगत दस्तावेज था, लेकिन पिछले एक-दो दिनों से इसे सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।

    कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद दानिश ने कहा कि “फतवा किसी व्यक्ति विशेष के लिए होता है, लेकिन उसे सार्वजनिक कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। यह एक साजिश हो सकती है, जिसका उद्देश्य शहर काजी को पद से हटाना है।”

    वहीं, संरक्षक शमशुल हसन ने मांग की कि फतवा लेने वाले, जारी करने वाले और उसे वायरल करने वाले—तीनों की जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि ईद से ठीक पहले इस तरह की घटना समाज में आक्रोश पैदा कर सकती है।

    कमेटी ने यह भी कहा कि परंपरा के अनुसार ईद पर शहर काजी ही ईदगाह में नमाज अदा कराते हैं, ऐसे में इस समय फतवा वायरल होना कई सवाल खड़े करता है और माहौल बिगड़ने की आशंका बढ़ा रहा है।

    उधर, शाहजहांनाबाद थाना प्रभारी यूपीएस चौहान ने बताया कि कमेटी की शिकायत मिल गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाएगा कि फतवा सोशल मीडिया पर किसने वायरल किया।

    साथ ही पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि ईद को देखते हुए शहर में सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।

  • कोरियाई रैपर पार्क मिन जून ने शिव तांडव स्तोत्र को दिया के हिप हॉप अंदाज, श्रद्धा और रैप का अनोखा संगम हुआ वायरल

    कोरियाई रैपर पार्क मिन जून ने शिव तांडव स्तोत्र को दिया के हिप हॉप अंदाज, श्रद्धा और रैप का अनोखा संगम हुआ वायरल


    नई दिल्ली । संगीत की दुनिया में सीमाएं अक्सर धुंधली हो जाती हैं और अलग अलग संस्कृतियों का मेल कई बार ऐसे अद्भुत प्रयोग सामने लाता है, जो लोगों को चौंका भी देता है और प्रभावित भी करता है। हाल ही में दक्षिण कोरियाई रैपर पार्क मिन जून, जिन्हें उनके स्टेज नाम औऱा से भी जाना जाता है, ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। उन्होंने भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के अत्यंत शक्तिशाली और प्रसिद्ध मंत्र शिव तांडव स्तोत्र को अपने खास के हिप हॉप अंदाज में प्रस्तुत किया और देखते ही देखते यह प्रस्तुति सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।

    पार्क मिन जून की इस प्रस्तुति की खासियत यह रही कि उन्होंने शिव तांडव स्तोत्र की पारंपरिक लय और संस्कृत उच्चारण की गरिमा को बनाए रखते हुए उसमें अपने रैप के बोलों को बेहद संतुलित तरीके से पिरोया। एक ओर भगवान शिव की स्तुति में गूंजते संस्कृत के शक्तिशाली शब्द थे, तो दूसरी ओर तेज हिप हॉप बीट्स और रैप की ऊर्जा ने इस प्रस्तुति को आधुनिक संगीत का नया रूप दे दिया। भारतीय आध्यात्मिक संगीत और कोरियाई हिप हॉप का यह अनोखा क्रॉस ओवर श्रोताओं को इतना पसंद आया कि वीडियो तेजी से वायरल होने लगा और लोग इस पर जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

    पार्क मिन जून ने इस वीडियो को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा करते हुए भारत के प्रति अपने लगाव को भी जाहिर किया। उन्होंने लिखा कि जब वह पहली बार दिल्ली आए थे, तब उन्हें यहां की ऊर्जा और लोगों का अपनापन बहुत खास लगा था। इसके बाद उन्होंने मुंबई समेत भारत के कई अन्य शहरों की यात्रा की, जहां उन्हें कई यादगार अनुभव मिले और लोगों से भरपूर प्यार मिला। उन्होंने कहा कि वह इन सभी अनुभवों और स्नेह के लिए ईश्वर के आभारी हैं और अभी भी भारत की संस्कृति और आध्यात्म के बारे में बहुत कुछ सीखना चाहते हैं।

    अपने पोस्ट में उन्होंने यह भी कहा कि यह गीत केवल एक संगीत प्रस्तुति नहीं, बल्कि एक प्रार्थना की तरह है। उन्होंने इसे उन सभी लोगों को समर्पित किया है, जो उनकी इस यात्रा का हिस्सा रहे हैं। पार्क मिन जून को उम्मीद है कि उनकी यह प्रस्तुति लोगों के दिलों तक पहुंचेगी और संगीत के जरिए संस्कृतियों के बीच एक खूबसूरत सेतु बनेगी।

    बता दें कि पार्क मिन जून दक्षिण कोरिया की मनोरंजन इंडस्ट्री का एक जाना पहचाना नाम हैं। पिछले करीब 13 वर्षों से वह सिंगर और रैपर के रूप में सक्रिय हैं और कई लोकप्रिय गाने दे चुके हैं। भारत के साथ उनका जुड़ाव भी खास माना जाता है। वह भारतीय दर्शकों के बीच तब और चर्चित हुए जब उन्होंने रियलिटी शो बिग बॉस 17 में हिस्सा लिया। इसके अलावा वह एक डांसिंग रियलिटी शो में भी नजर आ चुके हैं। अब शिव तांडव स्तोत्र पर उनकी यह अनोखी प्रस्तुति यह साबित करती है कि संगीत सचमुच किसी एक संस्कृति या देश की सीमा में बंधा नहीं होता।

  • इंदौर: बदमाशों के साथ जन्मदिन मनाने वाले हेड कॉन्स्टेबल को निलंबित किया गया, पुलिस ने जताई शून्य-सहनशीलता

    इंदौर: बदमाशों के साथ जन्मदिन मनाने वाले हेड कॉन्स्टेबल को निलंबित किया गया, पुलिस ने जताई शून्य-सहनशीलता


    इंदौर इंदौर के परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल जीतू सरदार का जन्मदिन मनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने कड़ी कार्रवाई की। गुरुवार को आयोजित जन्मदिन समारोह में संयोगितागंज क्षेत्र के तीन बदमाश भी मौजूद रहे। वीडियो में देखा गया कि हेड कॉन्स्टेबल को बदमाशों ने माला पहनाई और उनके साथ फोटो खिंचवाए।

    वीडियो वायरल होते ही मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा। शनिवार रात इंदौर पुलिस कमिश्नर की मंजूरी से हेड कॉन्स्टेबल जीतू सरदार को निलंबित कर दिया गया। अतिरिक्त डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रारंभिक जांच के आधार पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने साफ किया कि किसी भी पुलिसकर्मी का आपराधिक तत्वों के साथ सांठगांठ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    जानकारी के अनुसार, जन्मदिन समारोह में अक्रात, विकास और आयुष नामक व्यक्ति भी शामिल थे। ये तीनों संयोगितागंज क्षेत्र से हैं और इनके खिलाफ पहले से गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। अक्रात और आयुष के पिता दीनू निगरानीशुदा बदमाश बताए जाते हैं, जबकि विकास पर भी नशा और मारपीट के करीब 10 मामले दर्ज हैं।

    घटना ने पुलिस विभाग के भीतर भी हलचल मचा दी है। अधिकारियों का कहना है कि विभाग किसी भी प्रकार के अनैतिक और आपराधिक संबंधों को बर्दाश्त नहीं करेगा। निलंबन के बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है, जिसमें सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, शामिल व्यक्तियों की पहचान और उनके अपराध रिकॉर्ड को भी देखा जाएगा।

    परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में यह घटना नागरिकों के बीच चिंता का विषय बन गई है। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत थाने को दें, ताकि विभाग अपराध और अनुशासनहीनता पर नजर रख सके।

    हेड कॉन्स्टेबल जीतू सरदार का निलंबन इस बात का संदेश है कि पुलिस विभाग में भी नैतिक और कानूनी मानदंडों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। आगामी जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि क्या अन्य अधिकारियों की भी इसमें भूमिका रही।

  • ग्वालियर में स्टंटबाजी का वीडियो वायरल: कार की छत और सनरूफ पर बैठे तीन-चार युवकों ने उड़ाई ट्रैफिक नियमों की धज्जियां

    ग्वालियर में स्टंटबाजी का वीडियो वायरल: कार की छत और सनरूफ पर बैठे तीन-चार युवकों ने उड़ाई ट्रैफिक नियमों की धज्जियां


    ग्वालियर । ग्वालियर की सड़कों पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन अब आम दृश्य बन गया है, लेकिन हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने लोगों के होश उड़ा दिए हैं। पड़ाव थाना क्षेत्र के पड़ाव चौराहे के पास तीन से चार कार सवार युवकों ने खुलेआम जानलेवा स्टंट किया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ युवक चलती कार की विंडो से आधे बाहर लटके हुए हैं, एक युवक कार की छत पर खड़ा है, जबकि दूसरा सनरूफ से बाहर निकलकर बैठा हुआ है। यह सब तेज रफ्तार से शहर की सड़कों पर हो रहा था और आसपास गुजर रहे वाहन तथा राहगीरों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक थी।

    वीडियो में यह भी देखा गया कि कार के भीतर बैठे अन्य लोग भी युवकों की इस हरकत का समर्थन कर रहे थे, जबकि कोई भी यातायात नियम का पालन नहीं कर रहा था। ट्रैफिक पुलिस के होने के बावजूद इस दौरान कोई अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था, जिससे युवकों को खुलेआम यह खतरनाक स्टंट करने का मौका मिला। वीडियो किसी राहगीर ने बनाया और सोशल मीडिया पर साझा किया, जिससे यह तेजी से वायरल हो गया।

    सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने के बाद लोग इसे लेकर अपनी चिंता व्यक्त कर रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि इस तरह की हरकतें न केवल खुद के लिए बल्कि अन्य वाहन चालकों और राहगीरों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकती हैं। वहीं, कुछ लोगों ने ट्रैफिक पुलिस की अनदेखी को लेकर भी सवाल उठाए हैं और मांग की है कि ऐसे मामलों में तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाए।

    पुलिस सूत्रों ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर पड़ाव थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। वीडियो में दिखाई दे रही कार के नंबर प्लेट और अन्य विवरण के आधार पर युवकों की पहचान की जा रही है। जल्द ही इनके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धाराओं में खतरनाक ड्राइविंग, ट्रैफिक नियम उल्लंघन और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस का कहना है कि ऐसे खतरनाक स्टंट को रोकने के लिए जागरूकता अभियान और सख्त निगरानी की आवश्यकता है। युवाओं को यह समझना होगा कि केवल सोशल मीडिया पर धमाकेदार वीडियो बनाने के लिए अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालना कानून और समाज दोनों के लिए गंभीर समस्या है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि तेज रफ्तार और खतरनाक स्टंट से होने वाले हादसे कभी कभी स्थायी चोट या मौत का कारण बन सकते हैं। ऐसे मामलों में ट्रैफिक नियमों का पालन करना अनिवार्य है और पुलिस को भी इन गतिविधियों पर सतत निगरानी बनाए रखनी चाहिए। ग्वालियर में ट्रैफिक सुरक्षा को लेकर हाल ही में कई बार चेतावनी जारी की जा चुकी है, लेकिन लोग अब भी नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं।

    पड़ाव थाना पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में इस तरह के स्टंट को रोकने के लिए विशेष टीम बनाई जा सकती है। वायरल वीडियो ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियम पालन की आवश्यकता को सामने ला दिया है।

  • ग्वालियर में आवारा सांड का हमला: 6 साल के मासूम को पटककर घसीटा, सिर पर 25 टांके

    ग्वालियर में आवारा सांड का हमला: 6 साल के मासूम को पटककर घसीटा, सिर पर 25 टांके


    ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में आवारा मवेशियों का आतंक बढ़ता जा रहा है। मुरार क्षेत्र के त्यागी नगर में बीते 9 फरवरी को एक 6 साल के मासूम गोविंद लक्षकार पर आवारा सांड ने जानलेवा हमला कर दिया। घटना सीसीटीवी में कैद हो गई जिससे पता चलता है कि किस तरह सांड ने मासूम को बेरहमी से पटककर घसीटा।

    मासूम गोविंद को कोचिंग से घर लौटते समय यह हमला हुआ। उसी समय उसकी बहन नंदनी ने चीख-पुकार मचाई जिसे सुनकर आसपास के लोग तुरंत पहुंच गए और सांड को भगाकर बच्चे को बचाया। घायल मासूम को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने उसके सिर पर 25 टांके लगाए। साथ ही शरीर के अन्य हिस्सों पर भी चोटें आई हैं। इलाज के बाद मासूम को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

    घटना की सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि सांड मासूम को जोर-जोर से पटक रहा है और जमीन पर घसीट रहा है। यह दृश्य लोगों में गुस्सा और चिंता दोनों पैदा कर रहा है।

    इस घटना ने नगर निगम के आवारा मवेशियों को पकड़ने के दावों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर निगम समय-समय पर आवारा मवेशियों के नियंत्रण और पकड़ने का दावा करता रहता है लेकिन मुरार क्षेत्र में हुई इस घटना ने यह दिखाया कि वास्तविक स्थिति कितनी खतरनाक है।

    स्थानीय लोग और व्यापारी अब नगर निगम से इस समस्या को गंभीरता से लेने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि आवारा मवेशी सड़क पर घूमते हैं बच्चे और बुजुर्ग खतरे में हैं और कई बार ऐसे मवेशियों के कारण दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं।

    पुलिस और नगर निगम की टीमों को इस घटना के बाद सख्त कदम उठाने की मांग की जा रही है। लोगों का कहना है कि केवल जुर्माना या चेतावनी से काम नहीं चलेगा बल्कि आवारा मवेशियों को पकड़कर सुरक्षित गौशालाओं में रखने की व्यवस्था करनी होगी।

    यह घटना ग्वालियर में आवारा मवेशियों की समस्या की एक बार फिर तस्वीर सामने लाती है जिसमें आम नागरिकों की जान जोखिम में है। यदि समय रहते बच्चे को बचाया नहीं जाता तो यह घटना और भी भयावह परिणाम दे सकती थी।

  • रम्बा हो की कल्पना अय्यर ने बताया क्यों छोड़ा बॉलीवुड, 27 साल बाद किया खुलासा

    रम्बा हो की कल्पना अय्यर ने बताया क्यों छोड़ा बॉलीवुड, 27 साल बाद किया खुलासा


    नई दिल्ली। साल 1981 का सुपरहिट गाना रम्बा हो आज भी लोगों के दिलों में बसा है। इस गाने में नजर आईं एक्ट्रेस कल्पना अय्यर हाल ही में सोशल मीडिया पर चर्चा में आई हैं। उनका एक डांस वीडियो वायरल हुआ है जिसमें वे उसी अंदाज में रम्बा हो पर थिरकती दिख रही हैं। सात दशक की उम्र पार कर चुकीं कल्पना की एनर्जी और आत्मविश्वास ने फैंस को चौंका दिया।

    इस वायरल वीडियो के बाद फैंस के मन में सवाल उठने लगा कि इतनी लोकप्रियता के बावजूद कल्पना अय्यर ने बॉलीवुड को अचानक क्यों अलविदा कह दिया। 27 साल बाद उन्होंने इसका खुलकर जवाब दिया। इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि समय के साथ इंडस्ट्री का माहौल बदल गया था। हर जगह ग्रुप बनने लगे और काम सीमित दायरों में घूमने लगा।

    कल्पना ने साफ कहा कि वे किसी भी ग्रुप का हिस्सा नहीं थीं। उनके मुताबिक जिस तरह का काम वह कर रही थीं उससे उन्हें सुकून नहीं मिल रहा था। खुशी और संतुष्टि न होने पर सफर को जबरदस्ती आगे बढ़ाने का कोई मतलब नहीं था। उनका यह फैसला किसी नाराजगी या कड़वाहट से नहीं बल्कि आत्मचिंतन और आत्मसम्मान से लिया गया।

    इसी बातचीत में उन्होंने सलमान खान का जिक्र किया जो फिल्म हम साथ साथ हैं में उनके को‑स्टार थे। जब पूछा गया कि क्या उन्होंने कभी मदद मांगी तो कल्पना ने साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि वे किसी से सिफारिश करवाने में विश्वास नहीं रखतीं। अगर कोई समझदार व्यक्ति उन्हें योग्य समझता है, तो खुद ही संपर्क करेगा।

    कल्पना अय्यर का फिल्मी सफर भले ही लंबा न रहा हो लेकिन यादगार रहा। उन्होंने सत्ते पे सत्ता, बड़े दिलवाला, हम पांच लाडला, अंजाम जैसी फिल्मों में काम किया। फिल्म हम साथ साथ हैं में उनका किरदार संगीता आज भी याद किया जाता है। उनकी आखिरी फिल्म दिल ही दिल साल 1999 में रिलीज़ हुई थी। आज जब रम्बा हो फिर से नई पीढ़ी और सोशल मीडिया के जरिए गूंज रहा है कल्पना अय्यर की कहानी प्रेरणा बनकर सामने आई है। उनका आत्मसम्मान और काम के प्रति सच्चाई आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल है।

  • भोपाल के युवक के साथ राजस्थान में हैवानियत: बंधक बनाकर पीटा, बीयर की बोतल में पेशाब पिलाने का आरोप

    भोपाल के युवक के साथ राजस्थान में हैवानियत: बंधक बनाकर पीटा, बीयर की बोतल में पेशाब पिलाने का आरोप



    भोपाल। प्यार की तलाश में राजस्थान गए भोपाल के एक 18 वर्षीय युवक के साथ रूह कंपा देने वाली बर्बरता का मामला सामने आया है। युवक को न सिर्फ तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया, बल्कि अमानवीयता की सारी हदें पार करते हुए उसे बीयर की बोतल में भरकर कथित तौर पर पेशाब पिलाया गया। आरोपियों ने इस खौफनाक कृत्य का वीडियो बनाकर पीड़ित के परिजनों को भेजकर उन्हें डराने की कोशिश की है।
    हनीट्रैप जैसा जाल: प्रेमिका ने कॉल कर बुलाया था गांव
    मामला भोपाल के कोलार इलाके का है। पीड़ित युवक का प्रेम-प्रसंग झालावाड़ (राजस्थान) के दांगीपुरा क्षेत्र की एक युवती से चल रहा था। युवती कुछ दिन पहले भोपाल आई थी, जिसे उसके परिजन समझा-बुझाकर वापस ले गए थे। साजिश के तहत तीन दिन पहले युवती से ही युवक को कॉल करवाया गया और उसे मिलने के लिए राजस्थान बुलाया गया। जैसे ही युवक वहां पहुँचा, युवती के परिजनों और ग्रामीणों ने उसे घेर लिया और बंधक बना लिया।

    वीडियो भेजकर दी चुनौती, दहल गए परिजन
    हैरानी की बात यह है कि आरोपियों के मन में कानून का कोई खौफ नहीं था। उन्होंने युवक को पीटते हुए और उसे जबरन तरल पदार्थ (पेशाब) पिलाते हुए वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे युवक के परिवार को भेज दिया। वीडियो देखने के बाद रविवार दोपहर बदहवास परिजन कोलार थाने पहुँचे और मदद की गुहार लगाई।

    एक्शन में पुलिस: MP से राजस्थान तक घेराबंदी
    मामले की गंभीरता और युवक की जान को खतरा देखते हुए भोपाल पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभाला:
    इंटरस्टेट को-ऑर्डिनेशन: कोलार पुलिस ने तुरंत राजगढ़ की कालीपीठ पुलिस से संपर्क साधा, क्योंकि यह इलाका राजस्थान बॉर्डर से सटा है।

    रेस्क्यू ऑपरेशन: कोलार टीआई संजय सोनी के मुताबिक, राजगढ़ पुलिस की एक विशेष टीम झालावाड़ के दांगीपुरा के लिए रवाना कर दी गई है।

    प्राथमिकता: पुलिस का पहला लक्ष्य युवक को सुरक्षित मुक्त कराना और उसे उपचार दिलाना है। राजस्थान पुलिस को भी अलर्ट पर रखा गया है।युवक की जान बचाना हमारी पहली प्राथमिकता है।

    हालांकि घटना राजस्थान की है, लेकिन हमने अपनी टीमें रवाना कर दी हैं और राजस्थान पुलिस के समन्वय से आरोपियों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
    युवक की जान बचाना हमारी पहली प्राथमिकता है। हालांकि घटना राजस्थान की है, लेकिन हमने अपनी टीमें रवाना कर दी हैं और राजस्थान पुलिस के समन्वय से आरोपियों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। संजय सोनी, थाना प्रभारी, कोलार (भोपाल)