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  • एलन मस्क ने एक्स मनी के नए फीचर का किया ऐलान, लाइक बटन दबाकर भेज सकेंगे एक डॉलर…

    एलन मस्क ने एक्स मनी के नए फीचर का किया ऐलान, लाइक बटन दबाकर भेज सकेंगे एक डॉलर…

    नई दिल्ली । एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक्स मनी के एक नए प्रस्तावित फीचर की घोषणा की है। इस सुविधा के तहत यूजर किसी दूसरे यूजर को केवल लाइक बटन को कुछ देर तक दबाकर एक डॉलर भेज सकेंगे। इसका उद्देश्य प्लेटफॉर्म पर भुगतान की प्रक्रिया को आसान बनाना और कंटेंट क्रिएटर्स को सीधे आर्थिक समर्थन देने का विकल्प उपलब्ध कराना है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक इस फीचर को शुरू करने की तारीख और इसके इस्तेमाल से जुड़ी शर्तों की विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।

    मस्क ने रविवार को इस नए फीचर के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यूजर एक्स पर लाइक बटन को लॉन्ग प्रेस करके किसी अन्य व्यक्ति को एक्स मनी के जरिए एक डॉलर भेज पाएंगे। इस सुविधा के लागू होने पर किसी पोस्ट को पसंद करने वाले लोग उसके लेखक को सीधे छोटी रकम भेज सकेंगे। इसके लिए उन्हें अलग से किसी भुगतान विकल्प या दूसरे ऐप पर जाने की जरूरत नहीं होगी।

    प्रस्तावित फीचर को कंटेंट क्रिएटर्स के लिए उपयोगी माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर नियमित रूप से सामग्री साझा करने वाले यूजर को उनके दर्शक छोटी राशि देकर प्रोत्साहित कर सकेंगे। इसके अलावा, लोग अपनी पसंद की पोस्ट बनाने वाले यूजर को आर्थिक सहयोग भी दे पाएंगे। लाइक बटन के साथ भुगतान का विकल्प जोड़ने से सामान्य सोशल मीडिया गतिविधि के दौरान ही पैसे भेजना संभव हो सकता है।

    यह पहल एक्स को एक ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म में बदलने की एलन मस्क की व्यापक योजना का हिस्सा है, जहां सोशल नेटवर्किंग, मैसेजिंग और वित्तीय सेवाएं एक ही जगह उपलब्ध हों। मस्क एक्स को ‘एवरीथिंग ऐप’ के रूप में विकसित करना चाहते हैं। इसका मतलब ऐसा ऐप है, जिसका इस्तेमाल लोग संवाद करने, कंटेंट देखने और भुगतान जैसी विभिन्न गतिविधियों के लिए कर सकें। एक्स मनी को इसी रणनीति के तहत विकसित की जा रही वित्तीय सेवा के रूप में देखा जा रहा है।

    एक्स मनी को हाल ही में अमेरिका में लॉन्च किया गया है। यह सेवा एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजने की सुविधा देती है। इसके साथ एक्स वीजा डेबिट कार्ड भी उपलब्ध कराया गया है, जिसका इस्तेमाल भौतिक दुकानों और डिजिटल माध्यमों से भुगतान करने के लिए किया जा सकता है। इस कार्ड को एप्पल पे से भी जोड़ा जा सकता है। इसके जरिए उन स्थानों पर संपर्क रहित भुगतान किया जा सकता है, जहां यह सुविधा उपलब्ध है।

    कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय लेनदेन को आसान बनाने से जुड़े विकल्पों पर भी ध्यान दिया है। हालांकि, इन सुविधाओं का लाभ और इस्तेमाल की शर्तें यूजर की पात्रता तथा लागू नियमों के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं। नए लाइक-टू-पेमेंट फीचर के मामले में भी फिलहाल उपलब्ध जानकारी सीमित है। कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि भुगतान की प्रक्रिया किस तरह काम करेगी, किन यूजर को इसका लाभ मिलेगा और क्या इसके इस्तेमाल पर कोई अतिरिक्त शर्त लागू होगी।

    फिलहाल एक्स मनी का मुख्य फोकस अमेरिकी बाजार पर है। कंपनी ने यह भी नहीं बताया है कि एक्स मनी या लाइक बटन के जरिए एक डॉलर भेजने वाला प्रस्तावित फीचर भारत समेत दूसरे देशों में कब उपलब्ध कराया जाएगा। भारत डिजिटल भुगतान के बड़े बाजारों में शामिल है, ऐसे में यहां इस सेवा की संभावित शुरुआत को लेकर आगे की घोषणाओं पर नजर रहेगी। फिलहाल यह सुविधा प्रस्तावित है और इसकी वैश्विक उपलब्धता को लेकर कोई निश्चित समय-सीमा सामने नहीं आई है।

  • अमिताभ बच्चन ने ऑनलाइन ट्रोलिंग पर साझा किया अनुभव, बोले- अपमानजनक कमेंट पढ़ने के बाद सोशल मीडिया पर लिखना कर दिया कम

    अमिताभ बच्चन ने ऑनलाइन ट्रोलिंग पर साझा किया अनुभव, बोले- अपमानजनक कमेंट पढ़ने के बाद सोशल मीडिया पर लिखना कर दिया कम


    नई दिल्ली ।
    बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन ने सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग और आलोचना को लेकर अपना अनुभव साझा किया है। इन दिनों वह ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ की मेजबानी कर रहे हैं। शो के दौरान वह प्रतियोगियों से बातचीत करते हुए अपने जीवन से जुड़े कई किस्से भी सुनाते हैं। हाल ही के एक एपिसोड में एक प्रतियोगी ने उनसे ऑनलाइन आलोचना से निपटने के तरीके के बारे में सवाल किया। इसके जवाब में अमिताभ ने बताया कि सोशल मीडिया पर लोगों की टिप्पणियां पढ़ने के बाद उनके विचार और व्यवहार में बदलाव आया।

    कार्यक्रम के दौरान प्रतियोगी ने अमिताभ बच्चन से पूछा कि वह सोशल मीडिया पर होने वाली आलोचना का सामना कैसे करते हैं। प्रतियोगी ने कहा कि उसकी उम्र के लोगों के लिए नकारात्मक टिप्पणियों को संभालना आसान नहीं होता और वे अक्सर इससे परेशान हो जाते हैं। इस सवाल के जवाब में अमिताभ ने सोशल मीडिया पर अपनी शुरुआत के दिनों को याद किया और बताया कि पहले वह इसे अपने विचार व्यक्त करने का अच्छा माध्यम मानते थे।

    अमिताभ ने बताया कि शुरुआत में उन्हें लगता था कि सोशल मीडिया एक ऐसा जरिया है, जिसके माध्यम से वह अपने मन की बातें खुलकर लोगों तक पहुंचा सकते हैं। वह इस मंच पर अपने विचार लिखते थे, लेकिन बाद में जब उन्होंने लोगों की प्रतिक्रियाएं पढ़नी शुरू कीं, तो उनका नजरिया बदल गया। कुछ टिप्पणियों में इस्तेमाल की गई भाषा उन्हें अजीब और असहज लगी। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर पहले की तुलना में कम लिखना शुरू कर दिया।

    अभिनेता ने बातचीत के दौरान एक अपमानजनक टिप्पणी का उदाहरण भी दिया। उन्होंने बताया कि कुछ लोग उनसे सवाल करते हुए लिखते थे, ‘अपने आप को क्या समझता है रे तू बुढ़ऊ।’ ऐसी टिप्पणियों और उनके लिए इस्तेमाल की जाने वाली भाषा का जिक्र करते हुए अमिताभ ने कहा कि इस तरह की प्रतिक्रियाएं पढ़ने के बाद उन्होंने लिखना कम कर दिया। उनके मुताबिक, शुरुआत में सोशल मीडिया पर अपने विचार साझा करना अच्छा लगता था, लेकिन कमेंट पढ़ने के बाद उनका अनुभव बदल गया।

    इस बातचीत के दौरान अमिताभ ने अपने अनुभव को सहज अंदाज में साझा किया। उन्होंने बताया कि अब वह सोशल मीडिया पर पहले की तरह ज्यादा नहीं लिखते। उनकी बातों से यह स्पष्ट हुआ कि ऑनलाइन मंच पर विचार व्यक्त करने के साथ लोगों की प्रतिक्रियाएं भी उनके अनुभव का हिस्सा रही हैं। प्रतियोगी के सवाल के जवाब में उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर बताया कि नकारात्मक टिप्पणियों ने उनके सोशल मीडिया इस्तेमाल करने के तरीके को प्रभावित किया।

    बातचीत के अंत में अमिताभ ने हल्के-फुल्के अंदाज में एक और बात कही। उन्होंने बताया कि जब से उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखना कम किया है, तब से उनके फॉलोअर्स की संख्या बढ़ती जा रही है। उनकी इस टिप्पणी पर स्टूडियो में मौजूद लोग हंसने लगे। इस तरह उन्होंने ट्रोलिंग से जुड़े अपने अनुभव को हास्यपूर्ण अंदाज में समाप्त किया।

    अमिताभ बच्चन वर्ष 2008 में अपना निजी ब्लॉग लिखना शुरू कर चुके थे। इसके बाद से वह विभिन्न डिजिटल मंचों पर सक्रिय रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनके पोस्ट अक्सर चर्चा में रहते हैं। बीते 11 अक्टूबर को उन्होंने अपना 84वां जन्मदिन मनाया। इस अवसर पर उनके प्रशंसकों और दोस्तों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। फिलहाल वह ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ के जरिए दर्शकों से जुड़े हुए हैं, जहां प्रतियोगियों के सवालों के साथ उनके निजी अनुभव भी बातचीत का हिस्सा बनते हैं।

  • एमपी पुलिस की नई सोशल मीडिया गाइडलाइन में वर्दी वाली रील और AI पर दस्तावेज अपलोड करने को लेकर सख्त निर्देश जारी

    एमपी पुलिस की नई सोशल मीडिया गाइडलाइन में वर्दी वाली रील और AI पर दस्तावेज अपलोड करने को लेकर सख्त निर्देश जारी

    मध्य प्रदेश: पुलिस मुख्यालय ने अधिकारियों और कर्मचारियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। 24 बिंदुओं वाली इस नीति में वर्दी में रील, संवेदनशील जानकारी साझा करने, सरकारी दस्तावेजों को AI टूल्स पर अपलोड करने और सोशल मीडिया से कमाई सहित कई गतिविधियों को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उद्देश्य पुलिसकर्मियों के सोशल मीडिया उपयोग में अनुशासन, गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

    नई गाइडलाइन के अनुसार पुलिस अधिकारी या कर्मचारी ड्यूटी के दौरान अथवा ड्यूटी के बाद वर्दी में रील, फोटो, वीडियो या ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं कर सकेंगे। अशोभनीय वेशभूषा में भी ऐसी सामग्री साझा करने पर रोक रहेगी। पहले से मौजूद अनुचित सामग्री को हटाने और भविष्य में निर्देशों का पालन करने के लिए भी कहा गया है।

    पुलिसकर्मियों को सरकारी दस्तावेजों की गोपनीयता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे दस्तावेजों को स्कैन, स्क्रीनशॉट या किसी अन्य माध्यम से सोशल मीडिया पर साझा नहीं किया जा सकेगा। खास तौर पर गोपनीय और सुरक्षा से जुड़ी सरकारी जानकारी को ChatGPT, Gemini जैसे AI टूल्स पर अपलोड करने से भी स्पष्ट रूप से मना किया गया है।

    संवेदनशील ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को अपनी जिम्मेदारी, काम की प्रकृति और तैनाती वाले स्थान की जानकारी सोशल मीडिया पर सार्वजनिक नहीं करने को कहा गया है। ऐसे स्थानों पर सोशल मीडिया इस्तेमाल करते समय लोकेशन और जियो टैगिंग जैसी सुविधाएं बंद रखने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि संवेदनशील जानकारी के दुरुपयोग की आशंका कम हो।

    नई नीति में सोशल मीडिया से होने वाली कमाई को लेकर भी नियम तय किए गए हैं। सरकार की पूर्व अनुमति के बिना पुलिसकर्मी अपने, आश्रितों या परिजनों के नाम से बनाए गए खातों के माध्यम से पेड प्रमोशन या मॉनेटाइजेशन नहीं करा सकेंगे। व्यक्तिगत व्यवसाय, कंपनी, उत्पाद या सेवा के प्रचार पर भी प्रतिबंध रहेगा। सोशल मीडिया से हुई किसी आय का विवरण निर्देश जारी होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर विभाग को देना होगा।

    दुर्भावनापूर्ण, अश्लील या जाति, धर्म और लिंग के आधार पर भेदभाव दिखाने वाली सामग्री पोस्ट करने पर भी रोक लगाई गई है। ऐसी पोस्ट पर प्रतिक्रिया देने से भी बचने को कहा गया है। विशिष्ट और अतिविशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा के दौरान महत्वपूर्ण स्थानों के फोटो या सेल्फी साझा करना प्रतिबंधित रहेगा। हथियारों के प्रशिक्षण, ड्रिल, चांदमारी, दबिश और अन्य संवेदनशील कार्रवाई के फोटो या वीडियो पोस्ट या लाइव नहीं किए जा सकेंगे।

    किसी शिकायत, जांच या विवेचना के दौरान पीड़ित, साक्षी, आवेदक, आरोपी अथवा अन्य संबंधित लोगों के फोटो और वीडियो साझा करने पर भी रोक है। आवश्यक परिस्थितियों में अनुमति के बाद और पहचान छिपाकर ही सामग्री साझा की जा सकेगी। जारी जांच या अदालत में लंबित मामलों से जुड़ी ऐसी जानकारी भी सार्वजनिक नहीं की जाएगी, जिससे जांच या अभियोजन प्रभावित हो।

    महिला और बालिका से जुड़े यौन अपराधों के पीड़ितों तथा कानून के संरक्षण की जरूरत वाले बच्चों की पहचान उजागर करने वाली सामग्री साझा नहीं की जा सकेगी। न्यायालय के निर्देशों या फैसलों पर ऐसी टिप्पणी से भी बचना होगा, जिससे अवमानना की स्थिति उत्पन्न हो।

    गाइडलाइन में संदिग्ध या आपराधिक गतिविधियों से जुड़े लोगों के साथ सोशल मीडिया पर मित्रता, फॉलो या सहयोग से बचने को कहा गया है। पुलिस यूनिफॉर्म, वाहन और सरकारी हथियारों का इस्तेमाल निजी प्रचार के लिए करने पर भी रोक रहेगी। सरकारी नीतियों, विभागीय कार्यप्रणाली या वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ पद की गरिमा के विपरीत टिप्पणियां करने की अनुमति नहीं होगी।

    पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया के अनावश्यक व्यक्तिगत इस्तेमाल से भी बचना होगा। पुलिस की रणनीति, फील्ड क्राफ्ट, जांच तकनीक और कार्यप्रणाली से जुड़ी जानकारी बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति साझा नहीं की जा सकेगी। सेवा संबंधी शिकायतों के लिए सोशल मीडिया को माध्यम बनाने के बजाय वरिष्ठ अधिकारी के समक्ष शिकायत रखने को कहा गया है।

    निर्देशों को थाना स्तर से लेकर पुलिस मुख्यालय, प्रशिक्षण संस्थानों और अन्य इकाइयों में कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से पढ़कर सुनाने के निर्देश दिए गए हैं। जानबूझकर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

  • कैबिनेट मंत्रियों का सोशल मीडिया रिपोर्ट कार्ड जारी, डिजिटल एंगेजमेंट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बने नंबर-1

    कैबिनेट मंत्रियों का सोशल मीडिया रिपोर्ट कार्ड जारी, डिजिटल एंगेजमेंट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बने नंबर-1

    नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने देश के युवाओं और नई पीढ़ी के साथ अपना संपर्क तथा संचार मजबूत करने के लिए डिजिटल माध्यमों पर जोर देना तेज कर दिया है। इसी रणनीति के तहत केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में सभी मंत्रियों का सोशल मीडिया परफॉर्मेंस रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया गया। लगभग साढ़े तीन महीने के कामकाज और डिजिटल गतिविधियों के आधार पर तैयार की गई इस रैंकिंग सूची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले स्थान पर रहे हैं।

    मंत्रियों का यह विशेष रिपोर्ट कार्ड 1 मई से 15 अगस्त 2026 तक की अवधि के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किए गए कार्यों के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें मुख्य रूप से इंस्टाग्राम, एक्स, लिंक्डइन और फेसबुक जैसी प्रमुख नेटवर्किंग साइट्स पर मंत्रियों की सक्रियता का गहन विश्लेषण किया गया। रैंकिंग तय करने के लिए दैनिक पोस्ट की संख्या, यूजर्स एंगेजमेंट, लाइक्स और फॉलोअर्स में बढ़ोतरी जैसे महत्वपूर्ण मानकों को आधार बनाया गया।

    रिपोर्ट में केवल सत्ता पक्ष के मंत्रियों का ही नहीं, बल्कि देश के प्रमुख राजनीतिक चेहरों का भी तुलनात्मक अध्ययन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नितिन गडकरी और कंगना रनौत जैसे नेताओं ने उच्च रैंकिंग हासिल की। वहीं विपक्षी नेताओं में राहुल गांधी, असदुद्दीन ओवैसी और अरविंद केजरीवाल भी शीर्ष डिजिटल प्रभाव वाले नेताओं में शामिल रहे।

    हाल के समय में राजधानी दिल्ली में हुए छात्र आंदोलनों के बाद सरकार ने अपनी डिजिटल संचार नीति में व्यापक बदलाव किया है। अब पारंपरिक और औपचारिक राजनीतिक बयानों के स्थान पर लघु रील्स, अनौपचारिक संवाद और क्रिएटर फॉर्मेट वाले वीडियो कंटेंट पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य युवाओं की पसंद के अनुसार सरल और प्रभावकारी भाषा में अपनी बात पहुंचाना है।

    इसी कड़ी में विभिन्न मंत्रालयों को नए और लोकप्रिय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अपनी उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। डिजिटल आउटरीच कार्यक्रम के तहत विदेश मंत्रालय ने भी हाल ही में स्नैपचैट जैसे प्लेटफॉर्म पर अपना आधिकारिक अकाउंट शुरू किया है। इसके अलावा कैबिनेट में यह निर्णय भी लिया गया है कि केंद्रीय मंत्री सीधे संवाद के लिए देश भर के विभिन्न विश्वविद्यालयों का दौरा करेंगे और शिक्षा एवं परीक्षा प्रणाली पर छात्रों से चर्चा करेंगे।

    मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों के विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में मंत्रियों के इस प्रत्यक्ष और डिजिटल संवाद कार्यक्रम को लागू करने की योजना है। प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई रणनीति से सरकार और युवा वर्ग के बीच सीधे संवाद का एक पारदर्शी माध्यम स्थापित होगा, जिससे सरकारी योजनाओं और नीतियों की जानकारी युवाओं तक तेजी से पहुंचेगी।

  • NDA सांसदों की बैठक में सोशल मीडिया पर खास जोर, PM मोदी ने युवाओं से कनेक्शन बढ़ाने और डिजिटल सक्रियता की दी सलाह

    NDA सांसदों की बैठक में सोशल मीडिया पर खास जोर, PM मोदी ने युवाओं से कनेक्शन बढ़ाने और डिजिटल सक्रियता की दी सलाह

    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ NDA के नए लोकसभा सांसदों की बैठक में इस बार सोशल मीडिया की सक्रियता को खास महत्व दिया गया। बैठक के दौरान सांसदों को उनके पिछले 90 दिनों की सोशल मीडिया गतिविधियों का एक पेज का रिपोर्ट कार्ड सौंपा गया। इसमें अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर सांसदों की सक्रियता, पोस्ट की संख्या, लोगों तक पहुंच और प्रतिक्रियाओं से जुड़े आंकड़े शामिल थे। सांसदों से सोशल मीडिया के जरिए युवाओं के साथ अपना संपर्क और मजबूत करने को कहा गया।

    बैठक में प्रधानमंत्री ने NDA के भीतर पुराने और नए सांसदों के बीच समानता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि गठबंधन में कोई सांसद 20 साल पुराना हो या 20 दिन पुराना, सभी के लिए बराबर सम्मान है। बैठक में हाल के राजनीतिक बदलावों के बाद NDA के साथ आए कुछ सांसद भी शामिल हुए। इनमें टीएमसी से अलग होकर NCPI में शामिल हुए सांसद और शिवसेना यूबीटी से अलग होकर शिवसेना में आए सांसद भी मौजूद रहे।

    सोशल मीडिया रिपोर्ट कार्ड को बैठक की प्रमुख बातों में माना जा रहा है। इसमें सांसदों के पिछले तीन महीनों के डिजिटल प्रदर्शन का आकलन किया गया। रिपोर्ट में एक्स पर सांसद द्वारा की गई पोस्ट की संख्या, उन पोस्ट पर आए इंप्रेशन और कमेंट जैसे आंकड़े दर्ज किए गए। इसी तरह फेसबुक और इंस्टाग्राम पर सांसदों की गतिविधियों और उनकी पहुंच से जुड़े आंकड़े भी रिपोर्ट में शामिल किए गए।

    सांसदों को समझाया गया कि आज के दौर में जनता, खासकर युवाओं तक अपनी बात पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। इसलिए केवल संसद और क्षेत्र में सक्रिय रहना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी नियमित और प्रभावी संवाद जरूरी है। सांसदों को अपनी सोशल मीडिया मौजूदगी को अधिक सक्रिय और जनता से जुड़ा बनाने का सुझाव दिया गया।

    90 दिनों के डेटा को आधार बनाकर तैयार किया गया यह रिपोर्ट कार्ड सांसदों की डिजिटल सक्रियता का तुलनात्मक आकलन करने में भी मदद कर सकता है। पोस्ट की संख्या और इंप्रेशन जैसे आंकड़े यह समझने में मदद करते हैं कि सांसद सोशल मीडिया पर कितने सक्रिय हैं और उनकी सामग्री कितने लोगों तक पहुंच रही है। इसके अलावा कमेंट और अन्य प्रतिक्रियाएं जनता की ऑनलाइन भागीदारी का संकेत देती हैं।

    बैठक में सांसदों के स्वास्थ्य को लेकर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने सांसदों से अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देने और नियमित जांच कराने की सलाह दी। खासतौर पर 40 वर्ष से अधिक उम्र के सांसदों को नियमित मेडिकल चेकअप कराने की बात कही गई। योग को लेकर भी उन्होंने सांसदों से सवाल किया और पूछा कि नियमित योग करने वाले कितने सांसद हैं।

    प्रधानमंत्री ने स्थिर सरकार के महत्व का भी उल्लेख किया। बातचीत के दौरान उन्होंने विदेशों में सरकारों के बार-बार बदलने का उदाहरण देते हुए राजनीतिक स्थिरता की जरूरत पर बात की। साथ ही सांसदों को भरोसा दिलाया कि यदि उन्हें अपने क्षेत्र से जुड़ी कोई समस्या या व्यक्तिगत स्तर पर कोई कठिनाई हो तो वे सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं।

    बैठक में पूर्वी भारत के विकास को लेकर भी प्रधानमंत्री ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ वर्षों में कोलकाता, ओडिशा और भुवनेश्वर का ऐसा कायाकल्प होगा जिसकी अभी कल्पना करना भी मुश्किल है। इस तरह बैठक में डिजिटल सक्रियता, स्वास्थ्य, राजनीतिक स्थिरता और क्षेत्रीय विकास जैसे कई मुद्दों पर सांसदों को दिशा देने की कोशिश की गई।

  • कॉकरोच प्रोटेस्ट से जुड़े कथित आपत्तिजनक पोस्ट पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई, पीएम मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा मामले में एफआईआर दर्ज

    कॉकरोच प्रोटेस्ट से जुड़े कथित आपत्तिजनक पोस्ट पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई, पीएम मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा मामले में एफआईआर दर्ज


    नई दिल्ली । कॉकरोच प्रोटेस्ट से जुड़े कथित आपत्तिजनक पोस्ट और वीडियो को लेकर दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित रूप से अभद्र और आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल के आरोप में पुलिस ने मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई के तहत कुछ न्यूज पोर्टलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सक्रिय कई हैंडल को नोटिस जारी कर संबंधित जानकारी मांगी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कानून के प्रावधानों के तहत आगे बढ़ाई जा रही है।

    पुलिस के अनुसार दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित आपत्तिजनक वीडियो और पोस्ट सबसे पहले किस माध्यम से प्रसारित किए गए, उन्हें किन-किन सोशल मीडिया खातों से साझा किया गया और उनका मूल स्रोत क्या था। इस संबंध में संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं से आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए नोटिस भी भेजे गए हैं।

    प्राथमिक जानकारी के अनुसार आरोप है कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) से जुड़े एक विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद उससे जुड़े वीडियो और अन्य सामग्री सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुई। जांच के दौरान पुलिस ने संबंधित प्लेटफॉर्म से ऐसे वीडियो हटाने और उनके प्रसार से जुड़ी तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि संबंधित सामग्री किन खातों के माध्यम से व्यापक स्तर पर साझा की गई।

    दिल्ली पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम लगातार विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सामग्री की निगरानी कर रही है। अधिकारियों के अनुसार यदि किसी पोस्ट या वीडियो में कानून का उल्लंघन या आपत्तिजनक सामग्री पाए जाने की आशंका होती है, तो संबंधित सोशल मीडिया इंटरमीडियरी को नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा जाता है। अधिकारियों का दावा है कि ऐसे कई पोस्ट और वीडियो पहले ही हटाए जा चुके हैं, जिनमें प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया था।

    इसी क्रम में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़े एक अन्य मामले का भी उल्लेख सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 23 जुलाई को साझा की गई एक सेल्फी वीडियो कुछ समय के लिए प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद केंद्र सरकार ने संबंधित कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा था। कंपनी ने इसे तकनीकी त्रुटि बताते हुए खेद व्यक्त किया, लेकिन सरकार ने उपलब्ध कराए गए जवाब को पर्याप्त नहीं माना और विस्तृत जानकारी की मांग की।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित कंपनी के अधिकारी को भी तलब किया गया है। सरकार का कहना है कि वह इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी चाहती है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संबंधित सामग्री हटाने की परिस्थितियां क्या थीं और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि कॉकरोच प्रोटेस्ट से जुड़े कथित आपत्तिजनक पोस्ट और वीडियो की जांच तथ्यों एवं उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।

  • सोशल मीडिया पर शाहरुख खान के नाम से फैलाई गई भ्रामक पोस्ट वायरल दावा निकला पूरी तरह फर्जी

    सोशल मीडिया पर शाहरुख खान के नाम से फैलाई गई भ्रामक पोस्ट वायरल दावा निकला पूरी तरह फर्जी


    नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सोशल मीडिया पर बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के नाम से एक पोस्ट तेजी से वायरल होने लगी। इस पोस्ट में दावा किया गया कि शाहरुख खान ने छात्रों से आंदोलन जारी रखने और किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटने की अपील की है। इतना ही नहीं इस वायरल पोस्ट को सलमान खान के हालिया बयान से जोड़ते हुए यह भी कहा गया कि शाहरुख ने अप्रत्यक्ष रूप से सलमान की अपील का जवाब दिया है। देखते ही देखते यह पोस्ट सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म पर लाखों लोगों तक पहुंच गई और इसे सच मानकर बड़ी संख्या में साझा भी किया जाने लगा।

    वायरल पोस्ट में लिखा गया था कि जब लड़ाई अधिकारों की हो तब चुप रहना समझदारी नहीं बल्कि शांति से डटे रहना ही सही रास्ता है। साथ ही यह भी कहा गया कि जब तक भरोसा दोबारा कायम न हो जाए तब तक आंदोलन जारी रहना चाहिए क्योंकि यह लड़ाई केवल वर्तमान की नहीं बल्कि भविष्य को सुरक्षित बनाने की है। पोस्ट की भाषा और प्रस्तुति ऐसी थी कि पहली नजर में यह किसी आधिकारिक बयान जैसी दिखाई दे रही थी।

    हालांकि जब इस दावे की जांच की गई तो सच्चाई बिल्कुल अलग निकली। शाहरुख खान के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर इस तरह का कोई भी पोस्ट मौजूद नहीं मिला। इसके बाद यह स्पष्ट हो गया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट अभिनेता की नहीं थी। जांच में सामने आया कि यह पोस्ट एक फैन पेज से साझा की गई थी जिसने शाहरुख खान जैसी प्रोफाइल फोटो और लगभग मिलता जुलता यूजरनेम इस्तेमाल किया था। इसी वजह से कई लोग भ्रमित हो गए और उसे अभिनेता का आधिकारिक अकाउंट समझ बैठे।

    सोशल मीडिया पर इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं जहां किसी मशहूर व्यक्ति के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर फर्जी पोस्ट वायरल कर दी जाती हैं। कई बार ऐसे पोस्ट लोगों की भावनाओं को प्रभावित करते हैं और बिना पुष्टि के तेजी से फैल जाते हैं। यही कारण है कि किसी भी वायरल दावे पर विश्वास करने से पहले संबंधित व्यक्ति के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट या विश्वसनीय स्रोत से उसकी पुष्टि करना बेहद जरूरी होता है।

    छात्र आंदोलन और उससे जुड़े मुद्दों पर कई सार्वजनिक हस्तियों ने अपनी राय जरूर रखी है लेकिन शाहरुख खान की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में उनके नाम से वायरल हो रहा यह संदेश पूरी तरह भ्रामक साबित हुआ। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि डिजिटल दौर में फर्जी खबरें और नकली सोशल मीडिया अकाउंट कितनी तेजी से लोगों को भ्रमित कर सकते हैं।

    विशेषज्ञ भी सलाह देते हैं कि किसी भी वायरल पोस्ट को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें। केवल प्रोफाइल फोटो या नाम देखकर किसी अकाउंट को असली मान लेना सही नहीं है क्योंकि फर्जी अकाउंट बनाने वालों का उद्देश्य अक्सर भ्रम फैलाना और वायरलिटी हासिल करना होता है। सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करना और तथ्य आधारित जानकारी साझा करना आज पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है।

  • आईपीएल विवाद पर पहली बार बोले ट्रेविस हेड विराट से कोई मनमुटाव नहीं परिवार पर हुई ट्रोलिंग ने पहुंचाई गहरी चोट

    आईपीएल विवाद पर पहली बार बोले ट्रेविस हेड विराट से कोई मनमुटाव नहीं परिवार पर हुई ट्रोलिंग ने पहुंचाई गहरी चोट


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के दौरान विराट कोहली और ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज ट्रेविस हेड के बीच कथित विवाद ने सोशल मीडिया पर जबरदस्त सुर्खियां बटोरी थीं। एक मैच के बाद कैमरों में कैद हुए एक छोटे से दृश्य को लेकर यह दावा किया जाने लगा कि दोनों खिलाड़ियों के रिश्तों में खटास आ गई है। हालांकि अब पहली बार ट्रेविस हेड ने पूरे मामले पर खुलकर अपनी बात रखी है और उन सभी अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि विराट कोहली के साथ उनका कोई झगड़ा नहीं है और जिस तरह इस पूरे मामले को बढ़ा चढ़ाकर पेश किया गया वह वास्तविकता से बिल्कुल अलग था।

    ट्रेविस हेड ने कहा कि मैदान पर होने वाली घटनाएं खेल का सामान्य हिस्सा होती हैं और हर खिलाड़ी उन्हें पेशेवर तरीके से लेता है। उन्होंने कहा कि मैच के बाद हाथ मिलाने को लेकर जो चर्चा शुरू हुई वह बेवजह थी क्योंकि उनके और विराट के बीच किसी तरह का विवाद था ही नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पैचअप जैसी कोई स्थिति कभी बनी ही नहीं क्योंकि दोनों खिलाड़ियों के बीच मनमुटाव मौजूद नहीं था। उनके अनुसार टूर्नामेंट अपने सामान्य तरीके से आगे बढ़ा और जो कुछ भी हुआ उसे जरूरत से ज्यादा तूल दिया गया।

    हालांकि इस पूरे विवाद के दौरान सोशल मीडिया पर जिस तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं उसने ट्रेविस हेड को जरूर आहत किया। उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी होने के नाते वह आलोचना और टिप्पणियों के आदी हैं लेकिन जब उनके परिवार को इस विवाद में घसीटा गया तब स्थिति काफी दुखद हो गई। हेड ने बताया कि उनकी पत्नी जेसिका को भी सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक संदेशों का सामना करना पड़ा और परिवार के अन्य सदस्यों को भी बेवजह निशाना बनाया गया।

    ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने कहा कि वह और उनकी पत्नी इस तरह की परिस्थितियों को समझते हैं क्योंकि सार्वजनिक जीवन में ऐसी घटनाएं कभी कभी होती रहती हैं लेकिन परिवार के बाकी लोग इस माहौल के अभ्यस्त नहीं होते। ऐसे में उन्हें मानसिक रूप से काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के प्रदर्शन की आलोचना खेल का हिस्सा हो सकती है लेकिन उनके परिवार को ऑनलाइन नफरत का शिकार बनाना किसी भी तरह उचित नहीं कहा जा सकता।

    ट्रेविस हेड ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर कई बार अधूरी जानकारी और अनुमान के आधार पर कहानियां बना दी जाती हैं जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं होता। उन्होंने माना कि कुछ दिनों बाद लोग इन बातों को भूल जाते हैं लेकिन उस दौरान परिवार पर पड़ने वाला मानसिक दबाव काफी बड़ा होता है। यही वजह है कि उन्होंने खिलाड़ियों के निजी जीवन और परिवार का सम्मान करने की अपील की।

    हेड के इस बयान के बाद विराट कोहली और उनके बीच विवाद को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लग गया है। उनका कहना है कि मैदान पर प्रतिस्पर्धा अपनी जगह है लेकिन उसके आधार पर खिलाड़ियों के रिश्तों को लेकर गलत निष्कर्ष निकालना सही नहीं है। उन्होंने यह संदेश भी दिया कि खेल को खेल की भावना से देखा जाना चाहिए और सोशल मीडिया पर फैलने वाली हर बात को सच मानने से पहले तथ्यों की जांच जरूरी है। ट्रेविस हेड की यह प्रतिक्रिया न सिर्फ विवाद पर पूर्ण विराम लगाती है बल्कि यह भी याद दिलाती है कि खिलाड़ियों के साथ साथ उनके परिवार की गरिमा और सम्मान की रक्षा करना भी खेल संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

  • जो डर गया वो मर गया सलमान खान के क्रिप्टिक पोस्ट ने बढ़ाई फैंस की बेचैनी सोशल मीडिया पर मचा बवाल

    जो डर गया वो मर गया सलमान खान के क्रिप्टिक पोस्ट ने बढ़ाई फैंस की बेचैनी सोशल मीडिया पर मचा बवाल


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होंने अपने आधिकारिक अकाउंट पर जिम में वर्कआउट करते हुए एक तस्वीर साझा की जिसके साथ लिखा कि सलमान खान डर गया हम्म जो डर गया वो मर गया। इस छोटे से संदेश ने सोशल मीडिया पर जबरदस्त हलचल मचा दी और कुछ ही समय में यह पोस्ट तेजी से वायरल होने लगा। प्रशंसकों ने इस पोस्ट के अलग अलग मायने निकाले और कमेंट सेक्शन में प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।

    सलमान खान पिछले कुछ दिनों से लगातार अपने सोशल मीडिया पोस्ट के कारण चर्चा में बने हुए हैं। इससे पहले उन्होंने छात्रों से जुड़े मुद्दे पर अपनी चिंता जाहिर करते हुए युवाओं के समर्थन में संदेश साझा किया था। उस पोस्ट में उन्होंने परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों की परेशानियों पर सहानुभूति जताई थी और न्यायपूर्ण व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया था। इसके बाद उन्होंने एक और पोस्ट में आंदोलन कर रहे छात्रों से संयम बनाए रखने और सकारात्मक समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की अपील भी की थी।

    अब उनके नए पोस्ट ने लोगों की जिज्ञासा और बढ़ा दी है। जिम में पसीना बहाते हुए साझा की गई तस्वीर के साथ लिखा गया संदेश कई लोगों को प्रेरणादायक लगा तो कुछ ने इसे एक रहस्यमयी संकेत के रूप में देखा। हालांकि सलमान खान ने इस पोस्ट के पीछे किसी विशेष संदर्भ का उल्लेख नहीं किया है लेकिन उनके प्रशंसकों ने इसे अपने अपने अंदाज में समझा।

    पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर हजारों यूजर्स ने प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने लिखा कि भाईजान को कोई रिप्लेस नहीं कर सकता जबकि कुछ ने कहा कि सलमान खान हमेशा अपने अंदाज से लोगों का ध्यान खींच लेते हैं। कई प्रशंसकों ने उन्हें बॉलीवुड का सबसे दमदार स्टार बताते हुए लिखा कि उनका आत्मविश्वास और अंदाज ही उन्हें सबसे अलग बनाता है। अभिनेत्री राखी सावंत ने भी इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए भाई लिखकर अपना समर्थन जताया।

    सलमान खान का सोशल मीडिया पर जबरदस्त प्रभाव माना जाता है। उनके हर पोस्ट पर लाखों लाइक्स और हजारों कमेंट्स आते हैं। यही वजह है कि उनका कोई भी संदेश कुछ ही मिनटों में इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन जाता है। फैंस उनके हर नए पोस्ट के पीछे छिपे संदेश को समझने की कोशिश करते रहते हैं और यही बात उन्हें सोशल मीडिया पर सबसे चर्चित सितारों में शामिल करती है।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान खान आने वाले समय में कई बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाले हैं। उनकी फिल्म मातृभूमि को लेकर दर्शकों में पहले से ही काफी उत्साह है। इसके अलावा वह साउथ फिल्म इंडस्ट्री की एक बड़ी परियोजना की शूटिंग में भी व्यस्त हैं जिसमें उनके साथ अभिनेत्री नयनतारा मुख्य भूमिका निभाती दिखाई देंगी। यह फिल्म अगले वर्ष ईद के अवसर पर रिलीज होने की संभावना है।

    सलमान खान का नया पोस्ट चाहे प्रेरणादायक संदेश हो या सिर्फ एक स्टाइलिश कैप्शन लेकिन इतना तय है कि उन्होंने एक बार फिर अपने फैंस का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सोशल मीडिया पर उनके इस रहस्यमयी संदेश को लेकर चर्चाओं का दौर लगातार जारी है और प्रशंसक अब उनके अगले पोस्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

  • इंस्टाग्राम पर पीएम मोदी का जलवा रिकॉर्ड व्यूज के बाद युवाओं के लिए जारी किया खास धन्यवाद संदेश

    इंस्टाग्राम पर पीएम मोदी का जलवा रिकॉर्ड व्यूज के बाद युवाओं के लिए जारी किया खास धन्यवाद संदेश


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर सोशल मीडिया के जरिए देश के युवाओं और नागरिकों से संवाद स्थापित किया है। हाल ही में जारी उनके वीडियो संदेश को मिली अभूतपूर्व प्रतिक्रिया के बाद उन्होंने नया वीडियो साझा कर सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। खास तौर पर युवाओं और जेन जी का धन्यवाद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों का स्नेह और सकारात्मक सुझाव उन्हें लगातार प्रेरित करते हैं तथा भविष्य में भी यह संवाद और अधिक मजबूती के साथ जारी रहेगा।

    अपने नए वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली रात देशवासियों से संवाद का अवसर मिला और जिस तरह लोगों ने वीडियो को देखा उस पर अपनी प्रतिक्रिया दी तथा सकारात्मक सुझाव साझा किए उसके लिए वह सभी के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास और स्नेह उनके लिए सबसे बड़ी ताकत है और आने वाले समय में भी यह रिश्ता लगातार मजबूत होता रहेगा। वीडियो के साथ साझा किए गए संदेश में भी प्रधानमंत्री ने युवाओं को विशेष रूप से धन्यवाद देते हुए लिखा कि जिन्होंने उनका वीडियो देखा और उस पर अपनी प्रतिक्रिया दी उनके प्रति वह आभार व्यक्त करते हैं।

    प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय आया है जब उनका पिछला इंस्टाग्राम वीडियो सोशल मीडिया पर रिकॉर्ड व्यूज हासिल कर सुर्खियों में बना हुआ है। बताया जा रहा है कि वीडियो को पहले चौबीस घंटे के भीतर 30 करोड़ से अधिक बार देखा गया। इस असाधारण प्रतिक्रिया ने इसे इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा देखे जाने वाले वीडियो में शामिल कर दिया। बड़ी संख्या में लोगों ने वीडियो पर अपनी राय और सुझाव भी साझा किए जिससे यह सोशल मीडिया पर चर्चा का प्रमुख विषय बन गया।

    वीडियो की लोकप्रियता का असर प्रधानमंत्री के सोशल मीडिया अकाउंट पर भी दिखाई दिया। रिकॉर्ड व्यूज के साथ उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर बड़ी संख्या में नए फॉलोअर्स जुड़े। इससे यह साफ हो गया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रधानमंत्री की पहुंच लगातार मजबूत बनी हुई है और युवाओं के बीच उनकी सक्रिय मौजूदगी पहले की तरह प्रभावी है।

    आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ऐसे वैश्विक राजनेता हैं जिन्होंने इंस्टाग्राम पर 10 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स का आंकड़ा पार किया है। सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता लंबे समय से चर्चा का विषय रही है और विभिन्न राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर उनके वीडियो और संदेशों को बड़ी संख्या में लोग देखते और साझा करते हैं।

    सोशल मीडिया विश्लेषकों का मानना है कि डिजिटल माध्यम अब नेताओं और नागरिकों के बीच सीधे संवाद का सबसे प्रभावी मंच बन चुका है। प्रधानमंत्री का ताजा वीडियो भी इसी बदलते दौर की एक मिसाल माना जा रहा है जहां कुछ ही घंटों में करोड़ों लोगों तक संदेश पहुंच गया। बड़ी संख्या में युवाओं ने वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कर यह संकेत दिया कि सोशल मीडिया अब केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि जनसंवाद का भी महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बन चुका है।

    प्रधानमंत्री के नए धन्यवाद संदेश को भी लोगों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। उनके समर्थकों का कहना है कि जनता से सीधे संवाद की यह शैली लोकतांत्रिक सहभागिता को मजबूत बनाती है जबकि बड़ी संख्या में युवाओं ने इसे प्रेरणादायक पहल बताया है। रिकॉर्ड व्यूज और लगातार बढ़ती डिजिटल पहुंच के बीच प्रधानमंत्री का यह नया संदेश सोशल मीडिया पर एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गया है।