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  • युद्ध के बीच रूस में चल रहा गजब खेल… मुआवजे के लिए सैनिकों से शादी कर रहीं महिलाएं!

    युद्ध के बीच रूस में चल रहा गजब खेल… मुआवजे के लिए सैनिकों से शादी कर रहीं महिलाएं!


    मॉस्को।
    यूक्रेन से युद्ध (Ukraine War) के बीच रूस (Russia) में एक नया घोटाला (New Scam) सामने आया है। सीएनएन की रिपोर्ट के कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां महिलाएं (Women) युद्ध पर जा रहे सैनिकों (soldiers) से जल्दबाजी में शादी (Fake Marriage) कर रही हैं और उनकी मौत के बाद मिलने वाला सरकारी मुआवजा (Compensation) हड़प जा रही है। रूस में हाल के महीनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें सैनिकों ने मोर्चे पर जाने से ठीक पहले या अस्पताल में मौत से पहले शादी की।

    इस पूरे घोटाले में सिर्फ महिलाएं व युवतियां ही नहीं, अस्पताल से लेकर सेना तक पर मिलीभगत के आरोप हैं। सबसे चर्चित मामला एक सैन्य अस्पताल में कार्यरत नर्स का है, जिस पर आरोप है कि उसने इलाज करा रहे पांच घायल सैनिकों से अलग-अलग समय पर शादी की। वह सैनिकों की मौत के बाद उनका मुआवजा लेना चाहती थी।

    पिता की मौत के बाद बेटी को पता चला-दो दिन पहले हुई थी शादी
    सेंट पीटर्सबर्ग की रहने वाली 37 वर्षीय मारिया ने सीएनएन को बताया कि जब उनके 59 वर्षीय पिता यूरी की यूक्रेन युद्ध में मौत हुई, तब मिलिट्री अधिकारियों से उन्हें पता चला कि उनके पिता ने मोर्चे पर जाने से ठीक दो दिन पहले अपने से 22 साल छोटी एक अनजान महिला से गुपचुप शादी कर ली थी। इस फर्जी शादी के कारण सरकार से मिलने वाला सारा मुआवजा (डेथ पेआउट) उस अनजान महिला को मिल गया। मारिया का आरोप है कि उनके पिता के साथ धोखा हुआ।

    सैनिक की मौत पर रूस में मिलती है 62 लाख रुपये की मदद
    रूस में युद्ध में मारे गए सैनिक के परिवार को सरकार की ओर से कम से कम 50 लाख रूबल (करीब 62 लाख भारतीय रुपये) की एकमुश्त मदद मिलती है। कई अन्य भुगतान और बीमा जोड़ दिए जाएं तो यह रकम और भी ज्यादा हो जाती है। इसी के लालच में महिलाएं अकेले, बुजुर्ग या कमजोर सैनिकों को शादी के लिए फंसाती हैं।

    युद्ध शुरू होने के बाद शादी के नियम हुए आसान
    2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस ने सेना में भर्ती होने वाले लोगों के लिए शादी के नियम आसान कर दिए। आमतौर पर रूस में शादी के लिए आवेदन देने के बाद कुछ समय इंतजार करना पड़ता है, लेकिन युद्ध के दौरान इस प्रक्रिया में छूट दे दी गई। नए सैनिक चाहें तो भर्ती के तुरंत बाद शादी कर सकते थे। सरकार का मानना था कि इससे सैनिकों को परिवार का सहारा मिलेगा।

  • पटना SP का वीडियो वायरल, बोले- ‘पीछे हटे तो नौकरी करने लायक नहीं छोडूंगा’, यह कहकर खुद सबसे आगे दौड़े

    पटना SP का वीडियो वायरल, बोले- ‘पीछे हटे तो नौकरी करने लायक नहीं छोडूंगा’, यह कहकर खुद सबसे आगे दौड़े


    पटना। बिहार की राजधानी पटना में छात्रों के उग्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधीक्षक (SP) संकेत कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। वीडियो में वह पुलिसकर्मियों को सख्त लहजे में निर्देश देते हुए कहते सुनाई दे रहे हैं, ‘पीछे हटे तो नौकरी करने लायक नहीं छोड़ूंगा।’ इसके कुछ ही सेकंड बाद वह खुद सबसे आगे बढ़कर प्रदर्शनकारियों की ओर दौड़ते दिखाई देते हैं।

    यही वीडियो पूरे दिन सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना रहा। कुछ लोगों ने इसे पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने वाला नेतृत्व बताया, जबकि कई लोगों ने उनके शब्दों और शैली पर सवाल भी उठाए। फिलहाल इस वायरल वीडियो को लेकर पटना पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

    वीडियो में क्या दिखा?
    वायरल वीडियो में जेपी गोलंबर के पास का तनावपूर्ण माहौल दिखाई देता है। छात्र प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग की ओर तेजी से बढ़ते नजर आते हैं, जबकि पुलिस उन्हें रोकने की कोशिश करती है। इसी दौरान SP संकेत कुमार अपने जवानों के बीच पहुंचकर ऊंची आवाज में चेतावनी देते हैं। इसके बाद वह खुद पुलिस टीम के साथ आगे बढ़ते हुए प्रदर्शनकारियों की दिशा में दौड़ पड़ते हैं। वीडियो के यही कुछ सेकंड सबसे ज्यादा साझा किए जा रहे हैं।

    क्यों कर रहे थे छात्र प्रदर्शन?
    गुरुवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) सहित कई छात्र संगठनों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पटना के जेपी गोलंबर पर प्रदर्शन किया। शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण बताया गया, लेकिन बाद में स्थिति बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। भीड़ के आगे बढ़ने पर पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की हुई और देखते ही देखते हालात तनावपूर्ण हो गए।

    लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस
    स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की। इसके बाद लाठीचार्ज किया गया, फिर वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों की तरफ से पथराव की भी सूचना सामने आई। इस झड़प में गांधी मैदान थाना प्रभारी और एक महिला पुलिसकर्मी घायल हो गईं। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। काफी देर तक जेपी गोलंबर और आसपास का इलाका तनावपूर्ण बना रहा।

    मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ी भीड़
    छात्रों का एक बड़ा समूह मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने लगा था। पुलिस पहले से अलर्ट थी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मुख्यमंत्री आवास से पहले ही प्रदर्शनकारियों को रोक दिया गया। जब भीड़ पीछे नहीं हटी, तो पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें वहां से हटाया। इसके बाद धीरे-धीरे हालात सामान्य हुए, हालांकि राजधानी के कई हिस्सों में भारी पुलिस बल तैनात रहा।

    राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
    पटना की घटना के बाद बिहार में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई। इसी दिन पटना में कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प को लेकर दरभंगा में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। लहेरियासराय टावर चौक पर भाजपा कार्यकर्ता पार्टी के झंडे के साथ सड़क पर उतरे और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की।

    भाजपा जिला अध्यक्ष ने लगाए आरोप
    दरभंगा भाजपा जिला अध्यक्ष आदित्य नारायण मन्ना ने आरोप लगाया कि पटना में भाजपा कार्यकर्ताओं पर पथराव किया गया। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक विरोध की सीमा से बाहर की घटना है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उनके अनुसार, पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ हुई मारपीट लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इसकी निंदा की जानी चाहिए।

  • Russia-Ukraine War: दोनों देशों ने खोए हजारों सैनिक और नागरिक, अरबों डॉलर के इंफ्रास्ट्रक्चर नष्ट

    Russia-Ukraine War: दोनों देशों ने खोए हजारों सैनिक और नागरिक, अरबों डॉलर के इंफ्रास्ट्रक्चर नष्ट


    मास्को।
    रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग (Russia Ukraine War) के कुछ ही हफ्तों में 4 साल पूरे हो जाएंगे। इन सालों में दोनों देशों ने अपने हजारों सैनिकों और नागरिकों को खो दिया है। वहीं अरबों डॉलर के इंफ्रास्ट्रक्चर नष्ट (Billions dollars worth Infrastructure destroyed) हो चुके हैं। अब इस युद्ध को लेकर विशेषज्ञों ने रूस को आगाह किया है। विशेषज्ञों के मुताबिक रूस को यूक्रेन पर हमले की भारी आर्थिक कीमत चुकानी होगी। यह भी कहा गया है कि भले ही युद्ध आज ही खत्म क्यों न हो जाए, रूस को इससे उबरने में कई साल लग जाएंगे।

    विश्लेषकों ने कहा है कि बढ़ते सैन्य खर्च और घटती आमदनी की वजह से पुतिन की सरकार की कर्ज पर निर्भरता बढ़ती जा रही है। बुधवार को रूसी सरकार ने करीब बॉन्ड बेचकर करीब 108.9 अरब रूबल का कर्ज लिया। इसके साथ ही 2025 में अब तक कुल कर्ज जारी करने का आंकड़ा 7.9 ट्रिलियन रूबल पहुंच गया है।


    रूस के पास नहीं बचे विकल्प

    वहीं कर्ज लेने के रूस के पास बॉन्ड बेचने के अलावा ज्यादा विकल्प नहीं बचे हैं। देश का रेनिडे रिजर्व यानी आपातकालीन बचत का आधे से ज्यादा हिस्सा खत्म हो चुका है। वहीं बजट घाटा भी बढ़ गया है। इसकी बड़ी वजह सैन्य खर्च में 30 से 60 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी है। वहीं अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद तेल और गैस जैसी कमोडिटी से होने वाली कमाई में भी गिरावट आई है।

    आने वाले सालों में रूस के सामने कई मुसीबतें हैं। तेल की कीमतें बढ़ने, रूबल के मजबूत होने, आर्थिक ग्रोथ अनुमान से कम रहने और सैन्य खर्च बढ़ने की वजह से रूस की परेशानियां और बढ़ सकती हैं। अगर ब्याज दरें ऊंची बनी रहीं और तेल-गैस से कमाई घटी, तो रूस के सामने तीन ही रास्ते होंगे। या तो टैक्स बढ़ाए जाएं, या दूसरे जरूरी खर्चों में कटौती हो, या फिर और ज्यादा कर्ज लिया जाए।