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  • एसपी बालासुब्रमण्यम की आवाज के वो 10 यादगार गीत, जिन्होंने हिंदी सिनेमा में बनाई खास पहचान

    एसपी बालासुब्रमण्यम की आवाज के वो 10 यादगार गीत, जिन्होंने हिंदी सिनेमा में बनाई खास पहचान

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के महान पार्श्व गायकों में शामिल एसपी बालासुब्रमण्यम की आज छठी पुण्यतिथि है। पांच दशक से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने हिंदी के साथ तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम समेत कई भाषाओं में हजारों गीतों को अपनी आवाज दी। उनकी आवाज में भावनाओं की ऐसी विविधता थी कि रोमांटिक गीतों से लेकर भावुक और मधुर रचनाओं तक हर तरह के गाने श्रोताओं के बीच खास पहचान बना लेते थे। 25 सितंबर 2020 को उनके निधन के बाद भी उनके गीत लगातार लोगों की यादों का हिस्सा बने हुए हैं।

    4 जून 1946 को जन्मे एसपी बालासुब्रमण्यम ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी, लेकिन संगीत के प्रति उनका लगाव उन्हें गायकी की दुनिया में ले आया। उन्होंने संगीत प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरू किया और 15 दिसंबर 1966 को तेलुगु फिल्म ‘श्री श्री श्री मर्यादा रामन्ना’ से बतौर पार्श्व गायक अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा में अपनी मजबूत पहचान बनाई और आगे चलकर हिंदी फिल्मों में भी उनकी आवाज बेहद लोकप्रिय हुई।

    साल 1981 में रिलीज हुई फिल्म ‘एक दूजे के लिए’ से उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी पहचान मजबूत की। इस फिल्म के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। इसके बाद सलमान खान की फिल्मों में उनकी आवाज ने खास लोकप्रियता हासिल की। ‘मैंने प्यार किया’, ‘हम आपके हैं कौन’, ‘साजन’ और ‘लव’ जैसी फिल्मों के गीतों ने उनकी आवाज को हिंदी दर्शकों के बीच घर-घर पहुंचाया।

    एसपी बालासुब्रमण्यम के नाम गायकी से जुड़े कई उल्लेखनीय रिकॉर्ड भी रहे। उनका करियर करीब पांच दशक तक चला और उन्होंने 16 भारतीय भाषाओं में 40 हजार से अधिक गीत रिकॉर्ड किए। एक दिन में उन्होंने कन्नड़ में 21, तमिल में 19 और हिंदी में 16 गाने रिकॉर्ड किए। उन्हें अलग-अलग भाषाओं में गायकी के लिए छह बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। सिनेमा में उनके योगदान के लिए उन्हें 2001 में पद्म श्री और 2011 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।

    उनके लोकप्रिय हिंदी गीतों में ‘आजा शाम होने आई’ खास है। इसी तरह ‘दिल दीवाना’ और ‘मेरे रंग में रंगने वाली’ जैसे गीतों ने भी उनकी आवाज को घर-घर तक पहुंचाया। इन गीतों में उनकी गायकी की सहजता और रोमांटिक अंदाज साफ नजर आता है।

    फिल्म ‘हम आपके हैं कौन’ का ‘पहला पहला प्यार है’ भी आज तक श्रोताओं के बीच लोकप्रिय है। ‘साजन’ का ‘बहुत प्यार करते हैं’ और ‘देखा है पहली बार’ उनकी यादगार प्रस्तुतियों में शामिल हैं। वहीं फिल्म ‘लव’ का ‘साथिया तूने क्या किया’ भी उनकी चर्चित प्रस्तुतियों में गिना जाता है।

    ‘एक दूजे के लिए’ का ‘हम बने तुम बने’ भी उनकी यादगार प्रस्तुतियों में शामिल है। वहीं ‘पत्थर के फूल’ का ‘कभी तू छलिया लगता है’ भी उनकी लोकप्रिय गीतों की सूची का हिस्सा रहा। इन गीतों के जरिए एसपी बालासुब्रमण्यम ने हिंदी सिनेमा के संगीत में अपनी अलग पहचान बनाई, जिसे आज भी संगीत प्रेमी याद करते हैं।

  • कुमार सानू के 69वें जन्मदिन पर याद आए उनके सदाबहार रोमांटिक गाने, आज भी कायम है आवाज का जादू

    कुमार सानू के 69वें जन्मदिन पर याद आए उनके सदाबहार रोमांटिक गाने, आज भी कायम है आवाज का जादू

    नई दिल्ली ।कुमार सानू हिंदी फिल्म संगीत के उन लोकप्रिय गायकों में शामिल हैं, जिनकी आवाज ने 1990 के दशक के रोमांटिक गीतों को एक अलग पहचान दी। 20 अक्टूबर 1957 को कोलकाता में जन्मे कुमार सानू का वास्तविक नाम केदारनाथ भट्टाचार्य है। उनके पिता पशुपतिनाथ भट्टाचार्य भी संगीत से जुड़े हुए थे और शुरुआती संगीत शिक्षा कुमार सानू ने उन्हीं से प्राप्त की।

    प्लेबैक सिंगिंग की दुनिया में उन्होंने 1984 में फिल्म ‘ये देश’ से शुरुआत की। उनके करियर को आगे बढ़ाने में गजल गायक जगजीत सिंह की भूमिका भी बताई जाती है। 1989 में जगजीत सिंह ने उनकी मुलाकात संगीतकार जोड़ी कल्याणजी-आनंदजी से कराई। इसी दौरान केदारनाथ भट्टाचार्य को कुमार सानू नाम अपनाने की सलाह दी गई।

    इसके बाद वर्ष 1990 में आई फिल्म ‘आशिकी’ ने उनके करियर को नई ऊंचाई दी। फिल्म के संगीत ने दर्शकों के बीच खास जगह बनाई और कुमार सानू की आवाज घर-घर तक पहुंच गई। ‘धीरे-धीरे से मेरी जिंदगी में आना’, ‘अब तेरे बिन’, ‘नजर के सामने’ और ‘बस एक सनम चाहिए’ जैसे गीतों ने उनकी रोमांटिक गायकी को लोकप्रिय बनाया।

    ‘आशिकी’ के बाद 1990 के दशक में कुमार सानू ने कई चर्चित फिल्मों के लिए गीत गाए। ‘साजन’, ‘दीवाना’, ‘बाजीगर’, ‘परदेस’ और ‘1942: ए लव स्टोरी’ जैसी फिल्मों के गीतों ने उनकी लोकप्रियता को लगातार मजबूत किया।

    उनके चर्चित गीतों में ‘धीरे-धीरे से मेरी जिंदगी में आना’ आज भी विशेष रूप से याद किया जाता है। यह गीत ‘आशिकी’ में राहुल रॉय और अनु अग्रवाल पर फिल्माया गया था और फिल्म के लोकप्रिय संगीत का अहम हिस्सा रहा।

    ‘बाजीगर’ का ‘ये काली काली आंखें’ भी कुमार सानू के लोकप्रिय गीतों में शामिल है। शाहरुख खान और काजोल पर फिल्माए गए इस गाने में उनकी आवाज के साथ अनु मलिक की आवाज भी सुनाई दी थी।

    फिल्म ‘दीवाना’ का ‘सोचेंगे तुम्हें प्यार करें के नहीं’ भी 1990 के दशक में खूब लोकप्रिय हुआ। ऋषि कपूर और दिव्या भारती पर फिल्माए गए इस गीत को नदीम-श्रवण ने संगीत दिया था।

    ‘मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’ का ‘चुरा के दिल मेरा’ कुमार सानू और अलका याग्निक की आवाज में रिकॉर्ड किया गया था। अक्षय कुमार और शिल्पा शेट्टी पर फिल्माया गया यह गीत भी लंबे समय तक लोकप्रिय रहा।

    ‘साजन’ का ‘मेरा दिल भी कितना पागल है’, ‘1942: ए लव स्टोरी’ का ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’, ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ का ‘तुझे देखा तो ये जाना सनम’ और ‘कुछ कुछ होता है’ का ‘लड़की बड़ी अंजानी है’ भी उनकी यादगार प्रस्तुतियों में गिने जाते हैं।

    ‘हम दिल दे चुके सनम’ का ‘आंखों की गुस्ताखियां’ भी कुमार सानू की लोकप्रिय गायकी का हिस्सा रहा। कविता कृष्णमूर्ति के साथ उनकी आवाज ने इस गीत को खास पहचान दी।

    कुमार सानू को संगीत के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया। 1993 में एक ही दिन में 28 गाने रिकॉर्ड करने का रिकॉर्ड भी उनके करियर की चर्चित उपलब्धियों में शामिल है। 2015 की फिल्म ‘दम लगा के हईशा’ के ‘दर्द करारा’ से उन्होंने नई पीढ़ी के श्रोताओं के बीच भी अपनी आवाज की पहचान बनाए रखी।

  • भारत से इतनी नफरत, पाकिस्तान में आशा भोसले के गाने चलाए तो चैनल को नोटिस भेजा

    भारत से इतनी नफरत, पाकिस्तान में आशा भोसले के गाने चलाए तो चैनल को नोटिस भेजा

    इस्‍लामाबाद। दिग्गज भारतीय गायिका आशा भोसले पर कंटेंट चलाने को लेकर पाकिस्तान में एक चैनल को कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। पाकिस्तान में नियामक की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि भारतीय कंटेंट का प्रसारण करना मना है। साथ ही चैनल से इस संबंध में जवाब भी तलब किया गया है। भोसले का रविवार को मुंबई के अस्पताल में निधन हो गया था। सोमवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया।

    पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक प्राधिकरण (PEMRA) ने जियोन्यूज को कारण बताओ नोटिस जारी कर यह स्पष्टीकरण मांगा है कि उसने भोसले की मौत की खबर के साथ भारतीय सामग्री क्यों प्रसारित की। पाकिस्तान में भारतीय कंटेंट पर प्रतिबंध 2018 से लागू है।
    PEMRA ने कहा कि भोसले की मौत की खबर प्रसारित करते समय जियोन्यूज ने भारतीय गाने और भारतीय फिल्मों के दृश्य प्रसारित करना, पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय के उस फैसले का जानबूझकर उल्लंघन है। जिसमें भारतीय सामग्री के प्रसारण पर प्रतिबंध लगाया गया है।
    जियोन्यूज के प्रबंध निदेशक अजहर अब्बास ने एक पोस्ट में कहा, ‘प्रतिष्ठित कलाकारों के बारे में रिपोर्टिंग करते समय उनके कार्यों को याद करना और उनकी सराहना करना हमेशा से एक परंपरा रही है। वास्तव में, आशा भोसले जैसी कलाकार के लिए, हमें उनके कालजयी और यादगार गीतों को और भी अधिक साझा करना चाहिए था। फिर भी, पाकिस्तान के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक, PEMRA ने इसे प्रतिबंधित करने का विकल्प चुना है।’
    भोसले का मुंबई के शिवाजी पार्क श्मशान घाट पर सोमवार शाम हिंदू रीति-रिवाज और पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। संगीत जगत की जानी-मानी हस्ती को अंतिम विदाई देने के लिए शिवाजी पार्क के अंदर और बाहर काफी संख्या में लोग एकत्र थे। पृष्ठभूमि में आशा का गाया गीत, ‘अभी ना जाओ छोड़कर…’ बज रहा था।

    लता मंगेशकर की बहनों में से एक, आशा भोसले का रविवार को निधन हो गया था। वह 92 वर्ष की थीं। उनकी बड़ी बहन लता का भी फरवरी 2022 में 92 वर्ष की आयु में रविवार के ही दिन निधन हुआ था। भोसले के बेटे आनंद ने उन्हें मुखाग्नि दी। आशा भोसले ने महज 10 साल की उम्र में गाना शुरू किया था और वह आठ दशक लंबे अपने करियर में लगभग 12,000 गीत गाए।

    दिवंगत गायिका को अंतिम विदाई देने वालों में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार तथा निर्देशक रमेश सिप्पी, अभिनेता आमिर खान और विक्की कौशल शामिल थे।

  • पाकिस्तान में धुरंधर के गानों की धूम, शादी में शरारत गाने पर नाचीं महिलाएं, वीडियो वायरल

    पाकिस्तान में धुरंधर के गानों की धूम, शादी में शरारत गाने पर नाचीं महिलाएं, वीडियो वायरल

    नई दिल्ली। रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर कई सालों तक याद की जाने वाली फिल्म बन गई है। इस फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस को हिलाकर कर रख दिया है। वर्ल्डवाइड भी 1200 करोड़ पार कमाई पहुंच गई है। पाकिस्तानी पॉलिटिक्स पर बेस्ड फिल्म की कहानी और किरदार तारीफें बटोर रहे हैं। इस बीच फिल्म का गाना शरारत पाकिस्तान में भी पसंद किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें पाकिस्तान के के शादी के माहौल में दो महिलाएं शरारत गाने पर डांस करती देखी जा सकती हैं।
    पाकिस्तान में धुरंधर के गानों का जादू
    इस वीडियो में दो महिलाएं शरारा सूट पहने हुए ओरिजिनल डांस स्टेप फॉलो करते हुए शरारत गाने पर डांस कर रही हैं। शादी के इस फंक्शन में बैठे लोग गाने और इस डांस परफॉरमेंस को एन्जॉय कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो गया है। कई यूजर्स ने अपना रिएक्शन देते हुए कहा कि पाकिस्तान में भी धुरंधर पसंद की जा रही है।
    यूजर्स रिएक्शन
    एक यूजर ने लिखा कि पाकिस्तानी लड़कियां शरारत पर डांस कर रही हैं जबकि देश देश में धुरंधर बैन है। एक अन्य यूजर ने लिखा कि पाकिस्तान कितना भी मना करे लेकिन बॉलीवुड के गाने देखे और सुने जाते हैं। यूजर ने बताया कि ऐसे कई रील्स हैं जो पाकिस्तान में बने हैं। एक यूजर ने लिखा कि धुरंधर बहरीन, कुवैत, ओमान, क़तर, सऊदी अरबिया, पाकिस्तान और UAE में बैन है। इसके बाद भी फिल्म ने वर्ल्डवाइड शानदार कमाई की है।

    कमाई से हिला बॉक्स ऑफिस
    बता दें, धुरंधर ने बॉक्स ऑफिस हिलाकररख दिया है। भारत में फिल्म ने 800 करोड़ से ज्यादा की कमाई की है वर्ल्डवाइड कलेक्शन 1200 करोड़ पार पहुंच गया है। फिल्म ने कमाई के साथ क्रिटिक्स,फिल्ममेकर्स और आम ऑडियंस से जबदरस्त तारीफें बटोरी है। फिल्म के गाने वायरल हो चुके हैं और कहानी हिट है। अब ऑडियंस धुरंधर 2 का इंतजार कर रही है। ये फिल्म 19 मार्च को थिएटर में दस्तक देने के लिए तैयार है।