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  • देवास में दर्दनाक सड़क हादसा: स्कॉर्पियो पलटने से बुआ-भतीजे की मौत, दो मासूम समेत 10 घायल

    देवास में दर्दनाक सड़क हादसा: स्कॉर्पियो पलटने से बुआ-भतीजे की मौत, दो मासूम समेत 10 घायल


    मध्य प्रदेश । देवास जिले के सोनकच्छ क्षेत्र में बुधवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे ने खुशियों से भरे परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया। इंदौर से भोपाल लौट रही एक स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे वाहन में सवार दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य घायल हो गए। मृतकों में बुआ और भतीजा शामिल हैं। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

    जानकारी के अनुसार दुर्घटना बुधवार दोपहर करीब दो बजे हुई। स्कॉर्पियो वाहन में सवार परिवार इंदौर से भोपाल की ओर जा रहा था। रास्ते में सोनकच्छ के पास अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया और स्कॉर्पियो सड़क पर कई बार पलटते हुए दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसा इतना भीषण था कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    दुर्घटना में इंदौर निवासी मयूरेश गर्ग और उनकी बुआ संगीता अग्रवाल की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों परिवार के साथ यात्रा कर रहे थे। मयूरेश गर्ग सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े हुए थे तथा भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में भी उनकी पहचान थी। उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, एंबुलेंस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। वाहन में फंसे घायलों को बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। राहगीरों और ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को तत्काल सोनकच्छ अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद कुछ घायलों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

    घायलों में सुनील अग्रवाल, प्रखर अग्रवाल, रिमी अग्रवाल, पलक अग्रवाल, सुरभि अग्रवाल, स्वप्निल गर्ग, शर्मिला गर्ग, कनव गर्ग और दो छोटे बच्चे शामिल हैं। इनमें एक डेढ़ साल की बच्ची और दो वर्ष का बालक भी है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका उपचार जारी है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद स्कॉर्पियो सड़क किनारे पलटी हुई अवस्था में पड़ी थी। वाहन के परखच्चे उड़ गए थे। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायलों को बाहर निकालने में मदद की। समय रहते राहत कार्य शुरू होने से कई लोगों की जान बचाई जा सकी।

    हादसे की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय भी सोनकच्छ अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की तथा प्रशासन को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश देने की बात कही।

    पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर वाहन के अनियंत्रित होने को हादसे की वजह माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दुर्घटना तेज रफ्तार, सड़क की स्थिति या किसी तकनीकी खराबी के कारण हुई।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की आवश्यकता की याद दिलाता है। परिवार के लिए यह यात्रा एक दर्दनाक त्रासदी में बदल गई, जिसने दो जिंदगियां छीन लीं और कई लोगों को घायल कर दिया।

  • 20 सेकंड में कार से उड़ा ₹2.07 लाख का बैग: 150 से ज्यादा CCTV खंगालकर पुलिस ने किया चोरी का खुलासा

    20 सेकंड में कार से उड़ा ₹2.07 लाख का बैग: 150 से ज्यादा CCTV खंगालकर पुलिस ने किया चोरी का खुलासा


    मध्यप्रदेश । देवास जिले के सोनकच्छ क्षेत्र में कार से 2.07 लाख रुपये से अधिक नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेजों से भरा बैग चोरी होने के चर्चित मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, यह चोरी महज 20 सेकंड के भीतर अंजाम दी गई थी और पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कंपनी का ड्राइवर, जिस पर साजिश में शामिल होने का आरोप है, अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।

    पुलिस के मुताबिक, इंदौर निवासी रविशंकर पटेल ने सोनकच्छ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। रविशंकर पटेल एल.आर.के. इंटरप्राइजेज कंपनी में सेल्समैन के रूप में कार्यरत हैं। शिकायत में उन्होंने बताया कि 5 जून को वे कंपनी के ड्राइवर रोहित राजपूत के साथ सागर और विदिशा क्षेत्र से कलेक्शन की राशि लेकर इंदौर लौट रहे थे। उनके पास 2,07,650 रुपये नकद और कंपनी से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज थे।

    रास्ते में सोनकच्छ स्थित पप्पू एंड पप्पू ढाबे पर दोनों चाय-नाश्ते के लिए रुके। इसी दौरान कार में रखा नकदी और दस्तावेजों से भरा बैग चोरी हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक Puneet Gehlod के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक Harinarayan Batham और एसडीओपी Sanjay Singh Bais के मार्गदर्शन में पुलिस ने ‘ऑपरेशन त्रिनेत्रम’ के तहत व्यापक जांच अभियान चलाया।

    जांच के दौरान पुलिस ने सोनकच्छ से देवास और इंदौर तक करीब 60 किलोमीटर के दायरे में लगे 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।

    पुलिस ने कुलाला निवासी सौरभ राठौर और रायसेन जिले के दिवटिया निवासी आयुष नागर को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने कथित रूप से स्वीकार किया कि उन्होंने कंपनी के ड्राइवर रोहित राजपूत के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। हालांकि पुलिस द्वारा मामले की जांच अभी जारी है और सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।

    पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई रकम में से लगभग 1 लाख रुपये नकद, चोरी किया गया बैग तथा कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। शेष राशि और अन्य पहलुओं की जांच जारी है। फरार आरोपी रोहित राजपूत की तलाश के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी की योजना कब और कैसे बनाई गई थी।