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  • सौरव गांगुली के जन्मदिन पर आया बड़ा सरप्राइज राजकुमार राव की फिल्म दादा का पहला पोस्टर रिलीज

    सौरव गांगुली के जन्मदिन पर आया बड़ा सरप्राइज राजकुमार राव की फिल्म दादा का पहला पोस्टर रिलीज


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में शामिल सौरव गांगुली के 54वें जन्मदिन पर उनके प्रशंसकों को खास तोहफा मिला। अभिनेता राजकुमार राव ने बहुप्रतीक्षित बायोपिक दादा द सौरव गांगुली स्टोरी का पहला पोस्टर जारी कर फिल्म की पहली झलक साझा की। पोस्टर सामने आते ही सोशल मीडिया पर क्रिकेट और सिनेमा प्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।

    पोस्टर में राजकुमार राव बिल्कुल सौरव गांगुली के अंदाज में नजर आ रहे हैं। उन्होंने लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड की बालकनी में शर्ट लहराते हुए 2002 की नेटवेस्ट ट्रॉफी जीत के बाद के ऐतिहासिक जश्न को फिर से जीवंत कर दिया है। उनके पीछे लहराता विशाल तिरंगा पोस्टर को और अधिक भावनात्मक और प्रेरणादायक बनाता है। फिल्म के पोस्टर पर लिखी टैगलाइन यह संदेश देती है कि उन्होंने केवल क्रिकेट नहीं खेला बल्कि भारतीय क्रिकेट की सोच और पहचान को बदल दिया।

    राजकुमार राव ने पोस्टर साझा करते हुए सौरव गांगुली को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। इस पोस्ट के बाद फिल्म को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। क्रिकेट प्रशंसकों का मानना है कि यह फिल्म भारतीय क्रिकेट के एक सुनहरे दौर की कहानी बड़े पर्दे पर दिखाएगी।

    फिल्म का निर्देशन विक्रमादित्य मोटवानी कर रहे हैं जबकि निर्माण लव रंजन और अंकुर गर्ग ने लव फिल्म्स के बैनर तले किया है। फिल्म में राजकुमार राव सौरव गांगुली की भूमिका निभाएंगे जबकि तान्या मानिकतला उनकी पत्नी डोना गांगुली का किरदार निभाती नजर आएंगी। यह फिल्म 14 मई 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

    सौरव गांगुली भारतीय क्रिकेट के उन कप्तानों में गिने जाते हैं जिन्होंने टीम इंडिया को नई आक्रामक पहचान दी। उनकी कप्तानी में भारत ने 2002 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का संयुक्त खिताब जीता और 2003 क्रिकेट विश्व कप के फाइनल तक का शानदार सफर तय किया। इसके अलावा टीम ने कई ऐतिहासिक विदेशी जीत भी दर्ज कीं।

    साल 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए नेटवेस्ट ट्रॉफी फाइनल की जीत भारतीय क्रिकेट के इतिहास के सबसे यादगार पलों में शामिल है। 326 रन के कठिन लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने रोमांचक जीत हासिल की थी। जीत के बाद लॉर्ड्स की बालकनी में सौरव गांगुली द्वारा शर्ट लहराने का दृश्य आज भी भारतीय क्रिकेट का सबसे चर्चित जश्न माना जाता है और फिल्म के पहले पोस्टर में उसी पल को दोबारा जीवंत किया गया है।

    अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में सौरव गांगुली ने एकदिवसीय क्रिकेट में 11363 रन बनाए और भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। वर्ष 2004 में उन्हें पद्मश्री सम्मान से भी सम्मानित किया गया। अब उनकी प्रेरणादायक यात्रा बड़े पर्दे पर दर्शकों के सामने आने के लिए तैयार है।

  • सौरव गांगुली की सुरक्षा में कटौती, अब ‘Z’ से घटकर ‘Y’ श्रेणी में मिली सुरक्षा

    सौरव गांगुली की सुरक्षा में कटौती, अब ‘Z’ से घटकर ‘Y’ श्रेणी में मिली सुरक्षा


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। उन्हें अब ‘Z’ श्रेणी की सुरक्षा से घटाकर ‘Y’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। यह निर्णय पश्चिम बंगाल सरकार की सुरक्षा इकाइयों द्वारा की गई विस्तृत समीक्षा के बाद लिया गया है। सूत्रों के अनुसार, राज्य प्रशासन ने हाल ही में वीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की थी, जिसके आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि सौरव गांगुली के लिए अब उच्चतम स्तर की ‘Z’ श्रेणी सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है। इसी कारण उनकी सुरक्षा को कम कर ‘Y’ श्रेणी में परिवर्तित किया गया है।

    2023 में बढ़ी थी सुरक्षा, अब हुआ संशोधन
    गौरतलब है कि वर्ष 2023 में सौरव गांगुली की सुरक्षा को ‘Y’ श्रेणी से बढ़ाकर ‘Z’ श्रेणी किया गया था। उस समय राज्य सरकार ने उनकी लोकप्रियता, सार्वजनिक भूमिका और संभावित सुरक्षा जोखिमों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया था। हालांकि, ताजा समीक्षा के बाद सुरक्षा स्तर में यह कटौती की गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय किसी विशेष घटना के कारण नहीं, बल्कि राज्य भर में सभी वीआईपी सुरक्षा व्यवस्थाओं के पुनर्मूल्यांकन का हिस्सा है।

    बंगाल की राजनीति और प्रशासनिक निर्णयों के बीच चर्चा
    पश्चिम बंगाल में सौरव गांगुली एक बेहद लोकप्रिय चेहरा हैं। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी वे खेल प्रशासन और विभिन्न सार्वजनिक भूमिकाओं में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने भारतीय क्रिकेट को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई है और उनके प्रशंसकों की संख्या पूरे देश में काफी बड़ी है। इस सुरक्षा बदलाव को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा भी तेज हो गई है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी तरह सुरक्षा विश्लेषण पर आधारित तकनीकी निर्णय है।

    भारतीय क्रिकेट में गांगुली का योगदान
    सौरव गांगुली को भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली कप्तानों में गिना जाता है। उनके नेतृत्व में टीम इंडिया ने विदेशों में जीत की नई संस्कृति विकसित की। उन्होंने हरभजन सिंह, जहीर खान, वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह, मोहम्मद कैफ और एमएस धोनी जैसे कई खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई।

    कप्तानी के बाद उन्होंने बीसीसीआई अध्यक्ष के रूप में भी भारतीय क्रिकेट के प्रशासन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वर्तमान में वे क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं।

  • साधारण ऑफ स्पिनर  उस्मान तारिक से नहीं घबराएगा भारत, सौरव गांगुली का बड़ा बयान

    साधारण ऑफ स्पिनर उस्मान तारिक से नहीं घबराएगा भारत, सौरव गांगुली का बड़ा बयान


    नई दिल्ली । भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले बहुप्रतीक्षित टी20 विश्व कप मुकाबले से पहले पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने पाकिस्तान के ऑफ-स्पिनर उस्मान तारिक को लेकर साफ और बेबाक राय रखी है। गांगुली ने तारिक को एक साधारण ऑफ-स्पिनर बताते हुए कहा कि भारतीय बल्लेबाज उनकी गेंदबाजी से निपटना अच्छी तरह जानते हैं और इस मुकाबले में उन्हें कोई खास परेशानी नहीं होगी। भारत और पाकिस्तान रविवार को कोलंबो में ग्रुप ए के मैच में आमने-सामने होंगे और मुकाबले से पहले 28 वर्षीय तारिक चर्चा का प्रमुख विषय बने हुए हैं।

    कोलकाता में टी20 विश्व कप मैगजीन लॉन्च के दौरान गांगुली ने कहा कि टी20 क्रिकेट में किसी भी नतीजे का सटीक अनुमान लगाना मुश्किल होता है लेकिन भारतीय टीम संतुलित और मजबूत है। उन्होंने तारिक की गेंदबाजी शैली का जिक्र करते हुए कहा कि वह अपनी डिलीवरी स्ट्राइड में हल्का सा रुककर गेंद छोड़ते हैं पर इसमें ऐसा कुछ भी रहस्यमय नहीं है जिसे समझ पाना कठिन हो। दादा के मुताबिक भारतीय बल्लेबाज इस तरह की विविधताओं के आदी हैं और उन्हें खेलने में सक्षम हैं। उन्होंने भरोसे के साथ कहा भारत अच्छा खेलेगा।

    तारिक ने अब तक केवल चार टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं जिनमें 11 विकेट लेकर उन्होंने ध्यान जरूर खींचा है लेकिन भारत-पाकिस्तान मुकाबले का दबाव अलग स्तर का होता है। यह सिर्फ एक क्रिकेट मैच नहीं बल्कि भावनाओं और अपेक्षाओं का टकराव होता है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि सीमित अनुभव वाले तारिक इस बड़े मंच के दबाव को कैसे संभालते हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच टी20 विश्व कप इतिहास में अब तक आठ मुकाबले हुए हैं जिनमें सात में भारत विजयी रहा है जबकि पाकिस्तान को सिर्फ एक जीत मिली है। आंकड़े भी भारत के आत्मविश्वास को मजबूती देते हैं।

    गांगुली ने पाकिस्तान की मौजूदा टीम की तुलना उसके स्वर्णिम दौर से करते हुए कहा कि आज की टीम पहले जैसी प्रभावशाली नहीं दिखती। उन्होंने याद दिलाया कि जब टीम में इंजमाम-उल-हक सईद अनवर मोहम्मद यूसुफ वसीम अकरम और वकार यूनिस जैसे दिग्गज खिलाड़ी थे तब पाकिस्तान की टीम का स्तर अलग था। मौजूदा टीम में वह अनुभव और धार नजर नहीं आती।

    टीम संयोजन को लेकर भी गांगुली ने स्पष्ट राय रखी। उन्होंने कहा कि भारत को गेंदबाजी आक्रमण में बदलाव की जरूरत नहीं है। उनके अनुसार अक्षर पटेल वरुण चक्रवर्ती जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह मुख्य गेंदबाज होने चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बल्लेबाजी संतुलन बनाए रखना जरूरी है और अनावश्यक प्रयोग से बचना चाहिए। उनका मानना है कि एक खिलाड़ी पर फोकस करने के बजाय पूरी टीम के प्रदर्शन पर ध्यान देना अधिक महत्वपूर्ण है।

    कुल मिलाकर गांगुली के बयान ने भारतीय प्रशंसकों की टेंशन कम कर दी है। अब नजरें इस बात पर होंगी कि क्या उस्मान तारिक बड़े मंच पर खुद को साबित कर पाते हैं या भारतीय बल्लेबाज उनके खिलाफ आत्मविश्वास के साथ खेलते हुए मुकाबले को अपने नाम करते हैं।