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  • राजकुमार राव बने 'दादा', सौरव गांगुली की बायोपिक का दमदार पहला पोस्टर जारी, लॉर्ड्स की ऐतिहासिक जीत का पल फिर होगा जीवंत

    राजकुमार राव बने 'दादा', सौरव गांगुली की बायोपिक का दमदार पहला पोस्टर जारी, लॉर्ड्स की ऐतिहासिक जीत का पल फिर होगा जीवंत


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली कप्तानों में शामिल सौरव गांगुली की जीवन यात्रा अब बड़े पर्दे पर दिखाई जाएगी। उनके जन्मदिन के अवसर पर बहुप्रतीक्षित बायोपिक ‘दादा: द सौरव गांगुली स्टोरी’ का पहला पोस्टर जारी किया गया, जिसने क्रिकेट और सिनेमा प्रेमियों के बीच उत्साह बढ़ा दिया है। फिल्म में अभिनेता राजकुमार राव सौरव गांगुली की भूमिका निभा रहे हैं और उनका पहला लुक सामने आते ही सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।

    जारी पोस्टर में राजकुमार राव को गांगुली के करियर के सबसे यादगार क्षणों में से एक को दोहराते हुए दिखाया गया है। पोस्टर में वह वर्ष 2002 के नेटवेस्ट सीरीज फाइनल में भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद लॉर्ड्स की बालकनी में शर्ट लहराकर जश्न मनाते नजर आते हैं। यह दृश्य भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे प्रतिष्ठित पलों में गिना जाता है और आज भी प्रशंसकों के बीच विशेष पहचान रखता है।

    राजकुमार राव ने फिल्म का पहला पोस्टर साझा करते हुए सौरव गांगुली को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। पोस्टर में बड़े अक्षरों में ‘DADA’ शीर्षक के साथ फिल्म का उपशीर्षक ‘The Sourav Ganguly Story’ भी दिखाई देता है। इसके साथ दी गई टैगलाइन इस बात का संकेत देती है कि फिल्म केवल एक खिलाड़ी की कहानी नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट में आए बदलाव की यात्रा को भी दर्शाएगी।

    सौरव गांगुली ने भी इस पोस्टर को अपने सोशल मीडिया मंच पर साझा करते हुए खुशी जाहिर की। उन्होंने इसे अपने लिए अब तक का सबसे खास जन्मदिन का उपहार बताया और राजकुमार राव को पर्दे पर अपना प्रसिद्ध कवर ड्राइव खेलते देखने की उत्सुकता भी व्यक्त की। उनके इस संदेश को प्रशंसकों ने भी काफी पसंद किया।

    फिल्म में सौरव गांगुली की पत्नी डोना गांगुली की भूमिका अभिनेत्री तान्या मानिकतला निभाएंगी। तान्या इससे पहले कई चर्चित फिल्मों और वेब सीरीज में अपने अभिनय का प्रभाव छोड़ चुकी हैं। फिल्म के अन्य कलाकारों को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन निर्माता जल्द ही आगे की घोषणाएं कर सकते हैं।

    इस बायोपिक का निर्देशन विक्रमादित्य मोटवाने कर रहे हैं, जिन्हें अलग विषयों पर प्रभावशाली फिल्में बनाने के लिए जाना जाता है। फिल्म का निर्माण लव रंजन और अंकुर गर्ग के बैनर तले किया जा रहा है। निर्माताओं का उद्देश्य सौरव गांगुली के शुरुआती संघर्ष, भारतीय टीम में उनकी एंट्री, कप्तानी के दौर, युवा खिलाड़ियों को अवसर देने की सोच और भारतीय क्रिकेट को नई पहचान दिलाने वाले उनके योगदान को बड़े पर्दे पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करना है।

    सौरव गांगुली को भारतीय क्रिकेट के उस कप्तान के रूप में याद किया जाता है जिन्होंने टीम में आक्रामक सोच, आत्मविश्वास और जीत का नया जज्बा पैदा किया। उनके नेतृत्व में कई युवा खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई और भारतीय टीम ने विदेशी धरती पर भी मजबूत प्रदर्शन करना शुरू किया। यही कारण है कि उनकी जीवन यात्रा पर आधारित इस फिल्म को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में विशेष उत्सुकता बनी हुई है।

    निर्माताओं ने घोषणा की है कि ‘दादा: द सौरव गांगुली स्टोरी’ 14 मई 2027 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म से जुड़ी आगामी झलकियों और ट्रेलर का इंतजार अब दर्शकों के बीच और भी बढ़ गया है।

  • अपमान किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं', सोशल मीडिया पर छवि धूमिल करने के खिलाफ थाने पहुंचे पूर्व कप्तान सौरव गांगुली

    अपमान किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं', सोशल मीडिया पर छवि धूमिल करने के खिलाफ थाने पहुंचे पूर्व कप्तान सौरव गांगुली

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली ने अपनी सामाजिक व पेशेवर प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाए जाने के खिलाफ सख्त कानूनी रुख अख्तियार कर लिया है। सोशल मीडिया पर लगातार उनके खिलाफ की जा रही अपमानजनक और भ्रामक टिप्पणियों से आहत होकर पूर्व दिग्गज क्रिकेटर ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया है। सौरव गांगुली ने कोलकाता के ठाकुरपुकुर थाने में इस संबंध में एक औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। अपनी शिकायत में उन्होंने स्पष्ट तौर पर आरोप लगाया है कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा इंटरनेट मीडिया पर उनके खिलाफ बेहद आपत्तिजनक, भ्रामक और मानहानिकारक कंटेंट फैलाकर आम जनता के बीच उनकी साफ-सुथरी साख को धूमिल करने की गहरी साजिश रची जा रही है।

    पूर्व कप्तान द्वारा पुलिस को सौंपी गई शिकायत में मुख्य रूप से ‘सौरव गांगुली फैंस’ (Sourav Ganguly Fans) नाम के एक बेहद लोकप्रिय फेसबुक पेज का विशेष उल्लेख किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस फेसबुक पेज पर वर्तमान में ३६ लाख से भी अधिक फॉलोअर्स जुड़े हुए हैं और इस मंच के संचालक इसे सौरव गांगुली का आधिकारिक फैन पेज होने का दावा करते हैं। शिकायत पत्र के मुताबिक, इसी बड़े मंच का दुरुपयोग करते हुए पिछले कुछ समय से लगातार ऐसे पोस्ट पब्लिश किए जा रहे हैं, जो आम लोगों के बीच गांगुली की छवि को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर रहे हैं। गांगुली ने अपनी शिकायत के साथ इस फेसबुक पेज के लिंक्स, कुछ स्क्रीनशॉट्स और इससे जुड़ी एक खेल वेबसाइट की अहम जानकारियां भी साक्ष्य के तौर पर पुलिस प्रशासन से साझा की हैं।

    सार्वजनिक जीवन में आलोचना और व्यक्तिगत मानहानि के बीच के अंतर को स्पष्ट करते हुए सौरव गांगुली ने अपने आवेदन में बेहद गंभीर बातें कही हैं। उन्होंने साफ शब्दों में लिखा है कि एक पब्लिक फिगर होने के नाते वह इस बात को अच्छी तरह समझते हैं कि लोगों की अलग-अलग राय होना और आलोचनाएं मिलना सार्वजनिक जीवन का ही एक स्वाभाविक हिस्सा होता है। लेकिन, किसी की प्रतिष्ठा को जानबूझकर ठेस पहुंचाने के इरादे से झूठी, अपमानजनक और दुर्भावनापूर्ण बातें फैलाना किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता। गांगुली ने जोर देकर कहा है कि अपनी साख की रक्षा के लिए और इस तरह की भ्रामक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए आरोपियों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कानूनी कार्रवाई किया जाना बेहद अनिवार्य हो गया है।

    इस हाई-प्रोफाइल मामले पर कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष की तरफ से शिकायत मिलने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। पुलिस प्रशासन के मुताबिक, गांगुली की लिखित अर्जी के आधार पर संबंधित फेसबुक पेज के एडमिन और उससे जुड़े संदिग्धों के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और साइबर सेल की मदद से पूरे मामले की गहनता से तकनीकी जांच की जा रही है। इस कानूनी विवाद के बीच, हाल ही में राजनीतिक गलियारों में उड़े एक बड़े बवंडर पर भी सौरव गांगुली ने अपनी चुप्पी तोड़ी है, जिसमें दावा किया जा रहा था कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गांगुली के जरिए सांसद यूसुफ पठान को इस्तीफा देने का संदेश भिजवाया था।

    इस पूरे सियासी विवाद को पूरी तरह से सिरे से खारिज करते हुए सौरव गांगुली और सांसद यूसुफ पठान दोनों ने ही इसे पूरी तरह से काल्पनिक, फर्जी और मनगढ़ंत करार दिया है। पूर्व कप्तान ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री की तरफ से उन्हें ऐसा कोई भी संदेश देने के लिए कभी नहीं कहा गया और न ही उनकी इस विषय पर यूसुफ पठान से कोई बातचीत हुई है। फिलहाल, पुलिस इस पूरे घटनाक्रम और सोशल मीडिया पेज के जरिए फैलाई जा रही नकारात्मकता के पीछे छिपे वास्तविक चेहरों की पहचान करने में जुट गई है, ताकि इस प्रतिष्ठित खिलाड़ी की मानहानि करने वालों को कानून के कटघरे में खड़ा किया जा सके।