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  • इंजरी टाइम में कप्तान का गोल बना इतिहास कनाडा ने साउथ अफ्रीका को हराकर राउंड ऑफ 16 का टिकट कटाया

    इंजरी टाइम में कप्तान का गोल बना इतिहास कनाडा ने साउथ अफ्रीका को हराकर राउंड ऑफ 16 का टिकट कटाया


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 में सह मेजबान कनाडा ने अपने फुटबॉल इतिहास का सबसे यादगार अध्याय लिखते हुए पहली बार विश्व कप के अंतिम 16 में जगह बना ली है। लॉस एंजिलिस स्टेडियम में खेले गए राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में कनाडा ने साउथ अफ्रीका को 1 0 से हराकर न केवल ऐतिहासिक जीत दर्ज की बल्कि अपने घरेलू प्रशंसकों को भी जश्न मनाने का बड़ा मौका दिया। इस हार के साथ साउथ अफ्रीका का टूर्नामेंट में सफर समाप्त हो गया।

    मुकाबले की शुरुआत में साउथ अफ्रीका ने आक्रामक खेल दिखाया और लगातार कनाडा के डिफेंस पर दबाव बनाया। शुरुआती मिनटों में अफ्रीकी टीम ने कई अच्छे मूव तैयार किए लेकिन अंतिम क्षणों में फिनिशिंग की कमी के कारण गोल नहीं कर सकी। कनाडा की रक्षापंक्ति ने धैर्य के साथ खेलते हुए सभी हमलों को नाकाम कर दिया।

    पहले हाफ के अंतिम चरण में कनाडा ने भी जवाबी हमला बोला और गोल करने के दो शानदार मौके बनाए। मोइज बॉम्बिटो का दमदार हेडर लगभग गोल में तब्दील होने ही वाला था लेकिन साउथ अफ्रीका के डिफेंडर ऑब्रे मॉडिबा ने गोललाइन से शानदार क्लियरेंस कर अपनी टीम को बचा लिया। इसके बाद ताजोन बुकानन ने जोरदार शॉट लगाया लेकिन गोलकीपर रोनवेन विलियम्स ने बेहतरीन बचाव करते हुए स्कोर बराबर बनाए रखा। पहले हाफ की समाप्ति तक दोनों टीमें गोल करने में असफल रहीं।

    दूसरे हाफ में कनाडा ने अपने खेल की रफ्तार बढ़ा दी और लगातार साउथ अफ्रीका के गोल पर हमले किए। हालांकि मजबूत डिफेंस और शानदार गोलकीपिंग की बदौलत साउथ अफ्रीका लंबे समय तक मुकाबले में बना रहा। मैच के 75वें मिनट में कनाडा ने बड़ा दांव खेलते हुए अपने स्टार खिलाड़ी अल्फोंसो डेविस को मैदान पर उतारा। डेविस के आने के बाद कनाडा के आक्रमण में नई जान आ गई। उनकी तेज रफ्तार और शानदार ड्रिब्लिंग ने विरोधी टीम की रक्षापंक्ति को लगातार दबाव में रखा।

    जब मुकाबला अतिरिक्त समय की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा था तब इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में कनाडा को वह पल मिला जिसका पूरे देश को इंतजार था। कप्तान स्टीफन यूस्टाक्वियो ने बॉक्स के बाहर से शानदार शॉट लगाया जो सीधे गोलपोस्ट में जाकर समा गया। इस शानदार गोल ने स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों को खुशी से झूमने पर मजबूर कर दिया और कनाडा ने 1 0 की यादगार जीत अपने नाम कर ली।

    यह जीत कनाडा के फुटबॉल इतिहास में मील का पत्थर साबित हुई। इससे पहले टीम 1986 और 2022 के फीफा विश्व कप में हिस्सा ले चुकी थी लेकिन दोनों बार ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ सकी थी। इस बार टीम ने इतिहास बदलते हुए पहली बार अंतिम 16 में प्रवेश किया और विश्व फुटबॉल में अपनी नई पहचान दर्ज कराई।

    अब कनाडा की नजर अगले मुकाबले में जीत हासिल कर क्वार्टर फाइनल में पहुंचने पर होगी जबकि साउथ अफ्रीका को टूर्नामेंट से बाहर होने की निराशा के साथ घर लौटना पड़ेगा। इस ऐतिहासिक जीत ने साबित कर दिया कि कनाडा अब विश्व फुटबॉल में उभरती हुई ताकत बन चुका है।