Tag: South Africa

  • फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मेक्सिको की शानदार शुरुआत, साउथ अफ्रीका को 2-0 से रौंदा

    फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मेक्सिको की शानदार शुरुआत, साउथ अफ्रीका को 2-0 से रौंदा


    नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत मेक्सिको के लिए बेहद यादगार रही। घरेलू सरजमीं पर खेले गए टूर्नामेंट के उद्घाटन मुकाबले में मेक्सिको ने शानदार प्रदर्शन करते हुए साउथ अफ्रीका को 2-0 से शिकस्त दी। एज्टेका स्टेडियम में हजारों दर्शकों की मौजूदगी में मेक्सिकन टीम ने शुरुआत से ही मुकाबले पर अपना दबदबा कायम रखा और पूरे मैच में विपक्षी टीम को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

    मुकाबले की शुरुआत से ही मेक्सिको ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। गेंद पर नियंत्रण रखने के साथ-साथ टीम ने लगातार साउथ अफ्रीका के डिफेंस पर दबाव बनाया। इसी दबाव का परिणाम पहले हाफ में देखने को मिला, जब जूलियन क्विनोनेस ने शानदार गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। यह फीफा वर्ल्ड कप 2026 का पहला गोल भी था, जिससे क्विनोनेस ने इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया। उनके गोल के साथ ही स्टेडियम में मौजूद प्रशंसकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।

    क्विनोनेस पूरे मुकाबले में बेहतरीन फॉर्म में नजर आए। उनकी गति, मूवमेंट और आक्रामकता ने साउथ अफ्रीका के रक्षापंक्ति को लगातार परेशान किया। पहले हाफ में उनके पास एक और गोल करने का अवसर भी आया, लेकिन साउथ अफ्रीकी डिफेंडरों ने किसी तरह खतरे को टाल दिया। पहले 45 मिनट के खेल के बाद मेक्सिको 1-0 की बढ़त के साथ हाफ टाइम तक पहुंचा।

    दूसरे हाफ की शुरुआत साउथ अफ्रीका के लिए निराशाजनक रही। मेक्सिको के ब्रायन गुटिरेज को गोल की ओर बढ़ने से रोकने के प्रयास में याया सिथोल ने फाउल किया, जिसके बाद रेफरी ने उन्हें सीधे रेड कार्ड दिखा दिया। इस फैसले के बाद साउथ अफ्रीका को शेष मुकाबला 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा।

    संख्या बल में बढ़त मिलने के बाद मेक्सिको ने अपना हमला और तेज कर दिया। इसका फायदा टीम को जल्द ही मिला जब अनुभवी स्ट्राइकर राउल जिमेनेज ने शानदार फिनिश के साथ गेंद को जाल में पहुंचाकर स्कोर 2-0 कर दिया। जिमेनेज के इस गोल ने मेक्सिको की जीत लगभग सुनिश्चित कर दी और घरेलू दर्शकों का उत्साह चरम पर पहुंच गया।

    साउथ अफ्रीका की परेशानियां यहीं समाप्त नहीं हुईं। टीम के खिलाड़ी थेम्बा जवाने को हिंसक व्यवहार के कारण रेड कार्ड दिखाया गया, जिसके बाद टीम केवल नौ खिलाड़ियों के साथ मैदान पर रह गई। दो खिलाड़ियों की कमी के कारण साउथ अफ्रीका के लिए मुकाबले में वापसी करना लगभग असंभव हो गया।

    हालांकि मैच के अंतिम चरण में मेक्सिको को भी एक झटका लगा, जब डिफेंडर सीजर मोंटेस को लापरवाह चुनौती के लिए रेड कार्ड दिखाया गया। इसके बावजूद मैच के परिणाम पर कोई असर नहीं पड़ा और मेक्सिको ने 2-0 की प्रभावशाली जीत के साथ टूर्नामेंट में अपने अभियान का शानदार आगाज किया। जूलियन क्विनोनेस और राउल जिमेनेज इस जीत के सबसे बड़े नायक साबित हुए, जिनके दमदार प्रदर्शन ने मेक्सिको को शुरुआती बढ़त दिलाने के साथ जीत की राह भी आसान बनाई।

  • FIFA वर्ल्ड कप 2026 का धमाकेदार आगाज: मेजबान मेक्सिको ने दक्षिण अफ्रीका को 2-0 से हराया

    FIFA वर्ल्ड कप 2026 का धमाकेदार आगाज: मेजबान मेक्सिको ने दक्षिण अफ्रीका को 2-0 से हराया


    नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आगाज मेजबान मेक्सिको के लिए किसी सपने से कम नहीं रहा। दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट के उद्घाटन मुकाबले में मेक्सिको ने दक्षिण अफ्रीका को 2-0 से हराकर अपने अभियान की विजयी शुरुआत की। ऐतिहासिक एजटेका स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले को देखने के लिए 80 हजार से अधिक दर्शक मौजूद रहे, जिन्होंने अपनी टीम का पूरे जोश के साथ समर्थन किया।

    मैच की शुरुआत से ही मेक्सिको ने आक्रामक तेवर अपनाए और दक्षिण अफ्रीका की टीम पर लगातार दबाव बनाए रखा। घरेलू दर्शकों के उत्साह से भरी मेक्सिकन टीम ने नौवें मिनट में ही बढ़त हासिल कर ली। सऊदी प्रो लीग में शानदार प्रदर्शन करने वाले जूलियन क्विनोनेस ने मौके का पूरा फायदा उठाते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाया और मेक्सिको को 1-0 की बढ़त दिला दी। इस गोल के बाद स्टेडियम तालियों और नारों से गूंज उठा।

    पहले हाफ में दक्षिण अफ्रीका ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन मेक्सिको की मजबूत रक्षापंक्ति और मिडफील्ड ने उसके सभी प्रयासों को नाकाम कर दिया। मेक्सिको लगातार आक्रमण करता रहा और दूसरे हाफ में भी उसने अपना दबदबा कायम रखा।

    मैच के 66वें मिनट में अनुभवी स्ट्राइकर राउल जिमेनेज ने शानदार हेडर के जरिए दूसरा गोल दागकर मेक्सिको की बढ़त दोगुनी कर दी। यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का 46वां गोल था। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने मेक्सिको के महान स्ट्राइकर जारेड बॉर्गेटी की बराबरी कर ली। अब वह देश के सर्वकालिक शीर्ष गोलस्कोरर जेवियर “चिचारिटो” हर्नांडेज़ से केवल छह गोल पीछे हैं।

    इस मुकाबले में कोलंबिया में जन्मे 29 वर्षीय जूलियन क्विनोनेस भी आकर्षण का केंद्र रहे। मेक्सिको की राष्ट्रीय टीम के लिए यह उनका पहला विश्व कप मुकाबला था और उन्होंने अपने डेब्यू को गोल के साथ यादगार बना दिया। क्विनोनेस उन छह खिलाड़ियों में शामिल रहे जिन्होंने इस मैच के जरिए विश्व कप मंच पर पहला कदम रखा।

    मैच के दौरान अनुशासनहीनता के भी कई दृश्य देखने को मिले। दक्षिण अफ्रीका के स्पेफेलो सिथोल और थेम्बा ज्वाने को रेड कार्ड दिखाया गया, जिसके कारण टीम को मैच के अंतिम चरण में केवल नौ खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। वहीं इंजरी टाइम में मेक्सिको के डिफेंडर सीजर मोंटेस को भी रेड कार्ड मिला। इसके बावजूद दक्षिण अफ्रीका मेक्सिको की बढ़त को कम नहीं कर सकी और मुकाबला 2-0 से हार गई।

    यह जीत मेक्सिको के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 2022 के कतर विश्व कप में टीम ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ पाई थी। ऐसे में घरेलू मैदान पर विश्व कप अभियान की जीत से शुरुआत टीम के आत्मविश्वास को नई मजबूती देगी।

    गौरतलब है कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 कई मायनों में ऐतिहासिक है। पहली बार टूर्नामेंट में 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं। इसके अलावा मेक्सिको, कनाडा और अमेरिका संयुक्त रूप से इस विश्व कप की मेजबानी कर रहे हैं। फुटबॉल प्रेमियों के लिए यह विश्व कप अब तक का सबसे बड़ा और भव्य आयोजन माना जा रहा है।

    मेक्सिको की जीत ने टूर्नामेंट को रोमांचक शुरुआत दी है और अब दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों की नजरें आगामी मुकाबलों पर टिकी हुई हैं।

  • पाठ्यपुस्तकों में भारतीय इतिहास की अनदेखी पर बवाल: दक्षिण अफ्रीका में उठी प्रतिनिधित्व बढ़ाने की मांग

    पाठ्यपुस्तकों में भारतीय इतिहास की अनदेखी पर बवाल: दक्षिण अफ्रीका में उठी प्रतिनिधित्व बढ़ाने की मांग


    नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका में स्कूली शिक्षा को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है, जहां भारतीय समुदाय के इतिहास और योगदान को लेकर आवाज तेज होती नजर आ रही है। एक प्रमुख हिंदू संगठन ने मांग की है कि स्कूलों की पाठ्यपुस्तकों में भारतीयों के इतिहास को अधिक प्रमुखता दी जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां इस समुदाय के योगदान से परिचित हो सकें।

    दक्षिण अफ्रीकी हिंदू धर्म सभा (SAHDS) के अध्यक्ष राम महाराज ने इस मुद्दे पर अधिकारियों को एक खुला पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि भले ही भारतीय समुदाय देश में अल्पसंख्यक है, लेकिन उसके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनका स्पष्ट कहना है कि वर्तमान पाठ्यक्रम में भारतीय इतिहास को जितना स्थान दिया गया है, वह पर्याप्त नहीं है और इसे कम से कम दोगुना किया जाना चाहिए।

    राम महाराज ने अपने पत्र में 1981 में डरबन में आयोजित पहले राष्ट्रीय हिंदू सम्मेलन का भी उल्लेख किया, जिसमें सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित हुआ था कि स्कूली पाठ्यक्रम में भारतीय इतिहास को उचित स्थान मिलना चाहिए। उनका कहना है कि यह मांग कोई नई नहीं है, बल्कि दशकों से चली आ रही है, जिसे अब गंभीरता से लागू करने का समय आ गया है।

    संगठन का तर्क है कि पाठ्यपुस्तकों में भारतीय समुदाय की विरासत को सीमित करना केवल एक समुदाय के साथ अन्याय नहीं, बल्कि इतिहास के साथ भी अन्याय है। उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका के विकास, संस्कृति और सामाजिक संरचना में भारतीयों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जिसे नजरअंदाज करना सच्चाई को कमजोर करना है।

    इस मुद्दे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या शिक्षा व्यवस्था में सभी समुदायों को समान और उचित प्रतिनिधित्व मिल रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि बहुसांस्कृतिक समाज में इतिहास का संतुलित चित्रण जरूरी है, ताकि हर वर्ग को अपनी पहचान और योगदान पर गर्व महसूस हो सके।

  • भारत में बढ़ी चीतों की संख्या…… दक्षिण अफ्रीका से बेंगलुरु पहुंचे 4 नए मेहमान

    भारत में बढ़ी चीतों की संख्या…… दक्षिण अफ्रीका से बेंगलुरु पहुंचे 4 नए मेहमान


    बेंगलुरु।
    भारत (India) में चीतों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है. दक्षिण अफ्रीका (South Africa) से चार और चीतों को भारत लाया गया है. ये सभी चीते सुरक्षित तरीके से बेंगलुरु पहुंचे चुके हैं और उन्हें कर्नाटक (Karnataka) के बैनरघट्टा बायोलॉजिकल पार्क (Bannerghatta Biological Park) में रखा जाएगा. यह कदम राज्य में वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा देने और लोगों में जैव-विविधता के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से उठाया गया है.

    अधिकारियों के मुताबिक, चीतों को विशेष निगरानी के बीच लाया गया है. फिलहाल वन विभाग और पशु चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम उनकी सेहत पर लगातार नजर रख रही है. शुरुआती जांच के बाद सभी चीतों को निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत निगरानी में रखा गया है, जिससे नए वातावरण में उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।


    कर्नाटक के वन मंत्री ने दिए ये निर्देश

    कर्नाटक के वन मंत्री ईश्वर खंड्रे ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि जलवायु और पर्यावरण में बदलाव के कारण चीतों को किसी प्रकार का तनाव या स्वास्थ्य संबंधी समस्या न हो. उन्होंने कहा कि सभी चीतों को कम से कम 30 दिनों के लिए क्वारंटीन में रखा जाएगा. इस दौरान उन्हें निर्धारित आहार दिया जाएगा और किसी भी संक्रमण या बीमारी की पूरी जांच की जाएगी।

    वन मंत्री ने यह भी कहा कि चीतों को उनके नए आवास में छोड़ने से पहले सभी आवश्यक मेडिकल परीक्षण पूरे किए जाएंगे. सुरक्षा और देखभाल में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

    कर्नाटक में चीतों को कहा जाता है ‘शिवंगी’
    गौरतलब है कि कर्नाटक में कभी चीतों को स्थानीय रूप से ‘शिवंगी’ कहा जाता था. हालांकि यह प्रजाति दशकों पहले राज्य के जंगलों से विलुप्त हो चुकी थी. अब चीतों की वापसी को वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे पारिस्थितिकी तंत्र को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है.

  • द. अफ्रीका ने शानदार गेंदबाजी करके पहले टी-20 में न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हराया

    द. अफ्रीका ने शानदार गेंदबाजी करके पहले टी-20 में न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हराया


    माउंट माउंगानुई।
    चार खिलाड़ियों के डेब्यू वाली दक्षिण अफ्रीका की युवा टीम ने शानदार गेंदबाजी करते हुए रविवार को न्यूजीलैंड को पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में मात्र 91 रन पर समेट दिया और फिर 7 विकेट से जीत दर्ज कर ली।

    बे ओवल मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में न्यूजीलैंड की पूरी टीम 14.3 ओवर में 91 रन पर ऑलआउट हो गई। जवाब में दक्षिण अफ्रीका ने 16.4 ओवर में 3 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और 20 गेंद शेष रहते मैच अपने नाम कर लिया।

    दक्षिण अफ्रीका की ओर से ओपनर कॉनर एस्टरहुइजन ने 48 गेंदों में नाबाद 45 रन की पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई। डेब्यू कर रहे डायन फॉरेस्टर ने भी उनका अच्छा साथ दिया और अंत तक 16 रन बनाकर नाबाद रहे। एस्टरहुइजन ने 17वें ओवर की चौथी गेंद पर काइल जैमीसन को छक्का लगाकर मैच समाप्त किया।

    न्यूजीलैंड के स्पिनरों ने पिच से थोड़ी मदद लेते हुए कुछ समय तक मुकाबले में वापसी की कोशिश की। कप्तान मिचेल सैंटनर ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए अपने चार ओवर में केवल 8 रन देकर एक विकेट लिया।

    मैच के बाद दक्षिण अफ्रीका के कप्तान केशव महाराज ने कहा, “हमारी योजनाएं पूरी तरह सफल रहीं और गेंदबाज़ों ने शानदार प्रदर्शन किया। यह युवा गेंदबाज़ी आक्रमण था, लेकिन जिस काम के लिए कहा गया उन्होंने उसे बेहतरीन तरीके से निभाया। अंत में थोड़ा दबाव जरूर था, लेकिन कॉनर और डायन ने परिपक्वता दिखाते हुए टीम को जीत दिलाई।”

    न्यूजीलैंड इस मैच में अपनी विश्व कप टीम के आठ खिलाड़ियों के बिना उतरा, जिनमें शीर्ष छह बल्लेबाज़ भी शामिल थे। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी कीवी टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और पावरप्ले में ही पांच विकेट गिर गए। इसके बाद टीम संभल नहीं सकी और टी20 अंतरराष्ट्रीय में अपना 10वां सबसे कम स्कोर बना बैठी।

    दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज़ जेराल्ड कोएट्ज़ी ने शुरुआती झटके देते हुए डेवोन कॉनवे और टॉम लैथम को आउट किया और 2 विकेट लेकर 14 रन दिए। वहीं ऑटनील बार्टमैन ने 2 विकेट लेकर न्यूजीलैंड के शीर्ष क्रम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

    इसके बाद 19 वर्षीय न्कोबानी मोकोएना ने निचले क्रम को समेटते हुए 3 विकेट लेकर 26 रन दिए। न्यूजीलैंड की ओर से जिमी नीशम (26) और मिचेल सैंटनर (15) के बीच 26 रन की साझेदारी ही सबसे बड़ी रही।

    मोकोएना को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। उन्होंने कहा, “डेब्यू मैच में खेलना मेरे लिए खास अनुभव था। शुरुआत के दो ओवर अच्छे नहीं गए थे, लेकिन मैंने अपनी योजना पर भरोसा रखा और अंत में उसका फायदा मिला।”

    मैच के बाद न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने कहा, “पिच में हमारी उम्मीद से ज्यादा मदद थी, खासकर शुरुआती ओवरों में। दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाज़ों ने शुरुआत से ही दबाव बनाया और पावरप्ले में विकेट गिरने के बाद वापसी करना मुश्किल हो गया।”

  • माइकल वॉन ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 की सबसे बड़ी चूक का किया खुलासा, कहा- साउथ अफ्रीका ने भारत को बाहर करने का मौका गंवाया

    माइकल वॉन ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 की सबसे बड़ी चूक का किया खुलासा, कहा- साउथ अफ्रीका ने भारत को बाहर करने का मौका गंवाया


    नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत ने इतिहास रचते हुए लगातार तीसरी बार खिताब अपने नाम किया। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया ने फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। इस जीत के साथ भारत बैक-टू-बैक दो और कुल तीन टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाला पहला देश बन गया। हालांकि टूर्नामेंट में भारत को एकमात्र हार सुपर-8 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ झेलनी पड़ी थी।

    इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और मौजूदा क्रिकेट एक्सपर्ट माइकल वॉन ने इस हार और टूर्नामेंट के दौरान साउथ अफ्रीका की रणनीति पर अपनी राय रखी। वॉन ने साउथ अफ्रीका को टी20 वर्ल्ड कप 2026 की “सबसे बेवकूफ टीम” करार दिया। उनका कहना है कि सुपर-8 में भारत को हराने के बाद साउथ अफ्रीका के पास भारत को टूर्नामेंट से बाहर करने का सुनहरा मौका था, लेकिन उन्होंने इसे गंवा दिया।

    माइकल वॉन ने ‘Stick to Cricket’ पॉडकास्ट में बताया कि साउथ अफ्रीका ने वेस्टइंडीज को सुपर-8 में हराने नहीं दिया, जबकि अगर ऐसा होता तो भारत की सेमीफाइनल की राह मुश्किल हो जाती। वॉन ने कहा, “अगर साउथ अफ्रीका ने वेस्टइंडीज को रास्ता दे दिया होता, तो भारत बाहर हो जाता और उनका विजय रथ रुक जाता। उन्होंने अपने कुछ खिलाड़ियों को आराम भी दिया, जिससे भारत का रास्ता आसान हो गया।”

    साउथ अफ्रीका की यह चूक भारत के लिए सौभाग्य साबित हुई। भारत ने इसके बाद लगातार जीत दर्ज की और जिम्बाब्वे, वेस्ट इंडीज और इंग्लैंड को हराकर फाइनल में पहुंचा। इस प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 की ट्रॉफी जीतकर अपने अभियान को यादगार बना दिया।

    वॉन की टिप्पणी ने यह स्पष्ट कर दिया कि क्रिकेट में मौके गंवाना भारी पड़ सकता है, और किसी भी मजबूत टीम को शुरुआती दौर में कमजोर करना रणनीतिक तौर पर कितना अहम हो सकता है। इस बार भारत के लिए साउथ अफ्रीका की चूक ही जीत का बड़ा कारण रही।

  • जिम्बाब्वे टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर, लेकिन भारत में फंसी टीम; दुबई हवाई अड्डे की बंदी बनी रुकावट

    जिम्बाब्वे टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर, लेकिन भारत में फंसी टीम; दुबई हवाई अड्डे की बंदी बनी रुकावट


    नई दिल्ली । T20 विश्व कप 2026 में जिम्बाब्वे का सफर सुपर 8 चरण में ही समाप्त हो गया। रविवार 1 मार्च को नई दिल्ली में खेले गए आखिरी सुपर 8 मुकाबले में जिम्बाब्वे को दक्षिण अफ्रीका से हार का सामना करना पड़ा जिससे टीम का टूर्नामेंट से बाहर होना तय हो गया। हालांकि इस हार के बाद भी टीम स्वदेश वापसी की राह में कई बाधाओं का सामना कर रही है।

    मुख्य वजह है पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और दुबई हवाई अड्डे के बंद होने का मामला। जिम्बाब्वे की टीम को दुबई से कनेक्टिंग फ्लाइट लेनी थी लेकिन हवाई अड्डे की बंदी के चलते उनकी यात्रा योजना अनिश्चित हो गई। मुख्य कोच जस्टिन सैम्पसन ने कहा कि रविवार को मैच के दौरान टीम को कोई नई जानकारी नहीं दी गई थी और खिलाड़ियों का पूरा ध्यान खेल पर ही था। उन्होंने बताया जब हमने मैच शुरू किया था तब कोई अपडेट नहीं था। उसके बाद पूरा ध्यान खेल पर रहा। तब से मुझे कोई सूचना नहीं मिली है।

    जिम्बाब्वे टीम के हरफनमौला खिलाड़ी क्रेग एर्विन भी दुबई में फंसे हैं और अब उनके लिए अदीस अबाबा स्थित इथियोपियन एयरलाइंस के जरिए स्वदेश लौटना एक संभावित विकल्प बन सकता है। ICC ने शनिवार को घोषणा की थी कि वह भारत और श्रीलंका में आयोजित टी20 विश्व कप से लौट रहे खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए वैकल्पिक उड़ानों का इंतजाम कर रही है। यह कदम अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हालिया हमलों के कारण उत्पन्न हवाई व्यवधान को देखते हुए उठाया गया है।

    मुख्य कोच सिकंदर रजा की अगुआई वाली टीम सोमवार सुबह तीन अलग-अलग चरणों में दिल्ली से रवाना होने वाली थी लेकिन दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद यह योजना स्थगित कर दी गई। सैमन्स ने कहा कि इस स्थिति के बावजूद टीम का ध्यान मैदान पर ही रहा।

    दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका अभी भी टूर्नामेंट में है और उनका सेमीफाइनल 4 मार्च को कोलकाता में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला जाएगा। दक्षिण अफ्रीका के मुख्य कोच शुक्री कॉनराड ने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष की स्थिति खिलाड़ियों के बीच चर्चा का विषय रही है लेकिन उन्होंने भरोसा जताया कि टीम का पूरा ध्यान खेल पर बना रहेगा।

    इस बीच जिम्बाब्वे टीम और आईसीसी दोनों की कोशिशें जारी हैं ताकि खिलाड़ियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित हो सके। फिलहाल टीम की वापसी का मार्ग और समय पूरी तरह से हवाई मार्ग की स्थिति पर निर्भर है।

  • करारी हार के बाद खुलासा: आखिर क्यों बाहर हुए उपकप्तान अक्षर?

    करारी हार के बाद खुलासा: आखिर क्यों बाहर हुए उपकप्तान अक्षर?


    नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 चरण में भारत राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को दक्षिण अफ्रीका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाफ 76 रन की करारी शिकस्त झेलनी पड़ी, और इस हार ने न सिर्फ सेमीफाइनल की राह कठिन कर दी बल्कि टीम चयन को लेकर भी तीखी बहस छेड़ दी है। अहमदाबाद में खेले गए इस अहम मुकाबले से पहले टीम प्रबंधन के एक फैसले ने सबको चौंका दिया था

    उपकप्तान अक्षर पटेल को प्लेइंग इलेवन से बाहर बैठाना। उनकी जगह ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर को मौका दिया गया, लेकिन मैच का नतीजा भारत के पक्ष में नहीं गया और अब इस रणनीति पर सवाल उठना स्वाभाविक है। हार के बाद भारतीय बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने पूरे घटनाक्रम पर विस्तार से बात करते हुए स्पष्ट किया कि यह फैसला किसी दबाव या व्यक्तिगत कारण से नहीं, बल्कि पूरी तरह रणनीतिक सोच के तहत लिया गया था। उनके अनुसार, कप्तान सूर्यकुमार यादव और मुख्य कोच गौतम गंभीर ने मैच से पहले अक्षर से लंबी और सकारात्मक चर्चा की थी, जिसमें टीम संयोजन और विपक्षी बल्लेबाजी क्रम को ध्यान में रखते हुए स्थिति समझाई गई थी। दक्षिण अफ्रीका के शीर्ष क्रम में तीन बाएं हाथ के बल्लेबाजों की मौजूदगी को देखते हुए टीम मैनेजमेंट को लगा कि ऑफ स्पिन विकल्प अधिक कारगर साबित हो सकता है, इसलिए संयोजन में बदलाव किया गया।

    शुरुआती ओवरों में भारतीय गेंदबाजों ने असर भी दिखाया और कुछ महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए, जिससे रणनीति सही दिशा में जाती दिखी, लेकिन बीच के ओवरों में गेंदबाजी योजना पटरी से उतर गई। खास तौर पर सुंदर से पावरप्ले में गेंदबाजी नहीं कराई गई, जबकि मूल रणनीति यही थी कि वे नई गेंद से बाएं हाथ के बल्लेबाजों पर दबाव बनाएंगे। बल्लेबाजी मोर्चे पर भी टीम अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकी और नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से बड़ा स्कोर खड़ा करने का मौका हाथ से निकल गया। नतीजा यह रहा कि दक्षिण अफ्रीका ने लक्ष्य का बचाव करते हुए एकतरफा जीत दर्ज कर ली। इस हार ने अंकतालिका की तस्वीर बदल दी है और अब भारत के लिए सुपर-8 के बाकी मुकाबले किसी फाइनल से कम नहीं रह गए हैं। सेमीफाइनल की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए टीम को अपने शेष दोनों मैच हर हाल में जीतने होंगे। हालांकि कोटक ने भरोसा जताया कि भारतीय खिलाड़ी बड़े मंच और दबाव की परिस्थितियों के अभ्यस्त हैं और वापसी की क्षमता रखते हैं। कुल मिलाकर, अक्षर को बाहर करने का निर्णय रणनीतिक था, लेकिन मैदान पर रणनीति का सही क्रियान्वयन न हो पाने और बल्लेबाजों के फ्लॉप प्रदर्शन ने भारत की राह मुश्किल कर दी है; अब देखना होगा कि टीम इस झटके से कितनी जल्दी उबरकर मजबूती से वापसी करती है।

  • सेमीफाइनल की राह अब भी खुली, T20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया के सामने 3 बड़े समीकरण

    सेमीफाइनल की राह अब भी खुली, T20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया के सामने 3 बड़े समीकरण


    नई दिल्ली । T20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर 8 चरण में टीम इंडिया की शुरुआत भले ही निराशाजनक रही हो लेकिन सेमीफाइनल की उम्मीदें अभी जिंदा हैं। पहले मुकाबले में साउथ अफ्रीका से मिली करारी हार ने भारतीय फैंस को झटका दिया वहीं वेस्टइंडीज ने जिम्बाब्वे को 100 से ज्यादा रनों से हराकर नेट रन रेट की जंग को और कठिन बना दिया। मौजूदा हालात में ग्रुप 1 की चारों टीमों ने एक-एक मैच खेला है। दक्षिण अफ्रीका की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम और वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम जीत के साथ आगे हैं जबकि भारत की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम और जिम्बाब्वे की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में भारत के लिए आगे के दोनों मुकाबले करो या मरो जैसे हो गए हैं।

    पहला और सबसे सीधा सिनेरियो भारत के लिए राहत भरा है। अगर साउथ अफ्रीका अपनी बाकी दोनों मैच जीतकर 6 अंकों के साथ सुपर 8 खत्म करती है तो भारत को बस अपने शेष दोनों मुकाबले जीतने होंगे। इस स्थिति में भारत 4 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहेगा और नेट रन रेट की चिंता किए बिना सेमीफाइनल में पहुंच जाएगा। वेस्टइंडीज अधिकतम 2 अंकों पर रुक जाएगी और जिम्बाब्वे बाहर हो जाएगी। यानी भारत को अपने प्रदर्शन के साथ-साथ साउथ अफ्रीका की निरंतर जीत की भी उम्मीद करनी होगी।

    दूसरा सिनेरियो थोड़ा पेचीदा है और यहीं नेट रन रेट की असली परीक्षा होगी। मान लीजिए साउथ अफ्रीका वेस्टइंडीज से हार जाए लेकिन जिम्बाब्वे को हरा दे। वहीं भारत अपने दोनों मैच जीत ले। तब साउथ अफ्रीका वेस्टइंडीज और भारत तीनों के 4-4 अंक हो जाएंगे। ऐसे में सेमीफाइनल की दो सीटों का फैसला नेट रन रेट से होगा। फिलहाल भारत इस मामले में पीछे है क्योंकि शुरुआती हार ने उसका औसत बिगाड़ दिया है। हालांकि एक सकारात्मक पहलू यह है कि भारत अपना आखिरी सुपर 8 मुकाबला सबसे अंत में खेलेगा जिससे उसे साफ पता होगा कि कितने अंतर से जीत दर्ज करनी है। बड़ी जीत यहां निर्णायक साबित हो सकती है।

    तीसरा सिनेरियो पूरी तरह साउथ अफ्रीका की हार पर निर्भर करता है। यदि साउथ अफ्रीका अपने दोनों शेष मैच वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे से हार जाती है तो वह केवल 2 अंकों पर सिमट जाएगी। ऐसे में भारत अगर अपने दोनों मुकाबले जीत लेता है तो उसके 4 अंक हो जाएंगे। वेस्टइंडीज भी 4 अंकों तक पहुंच सकती है। इस स्थिति में भारत और वेस्टइंडीज सेमीफाइनल में पहुंचेंगे जबकि साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे बाहर हो जाएंगे। यहां नेट रन रेट की भूमिका सीमित हो सकती है यदि अंकों का अंतर स्पष्ट रहता है।

    साफ है कि भारत के पास गलती की कोई गुंजाइश नहीं है। एक और हार का मतलब टूर्नामेंट से बाहर होना होगा। बल्लेबाजी में मजबूती गेंदबाजी में धार और दबाव में संयम इन तीनों मोर्चों पर बेहतरीन प्रदर्शन ही टीम इंडिया को अंतिम चार में पहुंचा सकता है। समीकरण जटिल जरूर हैं लेकिन उम्मीद अभी कायम है।

  • सहवाग बोले- विराट कोहली बनने का मौका कई खिलाड़ियों ने गंवाया, साउथ अफ्रीका से हार पर खूब सुनाया

    सहवाग बोले- विराट कोहली बनने का मौका कई खिलाड़ियों ने गंवाया, साउथ अफ्रीका से हार पर खूब सुनाया


    नई दिल्ली। टीम इंडिया की टी20 वर्ल्ड कप 2026 सुपर 8 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 76 रनों से हार के बाद पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने खिलाड़ियों पर कटाक्ष किया और विराट कोहली को याद किया। उन्होंने कहा कि विराट हमेशा मैच को खत्म करने का तरीका जानते थे जबकि कई मौजूदा खिलाड़ी उस जिम्मेदारी को निभाने में नाकाम रहे।

    विराट कोहली की याद

    सहवाग ने बताया टी20 वर्ल्ड कप में भारत ने 160 के ऊपर तभी चेज किया है जब विराट कोहली ने रन बनाए हैं। वह चाहे 50 60 या 80 रन बनाकर नॉट आउट रहते मैच को खत्म करते थे। लेकिन अब तक इस वर्ल्ड कप में किसी खिलाड़ी ने ऐसा नहीं किया।”

    खिलाड़ियों को मिले थे मौके लेकिन फेल

    टेस्ट क्रिकेट में दो तिहरे शतक जड़ चुके सहवाग ने कहा कल तिलक वर्मा सूर्यकुमार यादव शिवम दुबे और हार्दिक पांड्या के पास विराट कोहली बनने का मौका था लेकिन किसी ने भी मैच खत्म नहीं किया। किसी को सीखना पड़ेगा कि विराट मैच कैसे खत्म करते थे।”

    स्ट्राइक रेट से ज्यादा जिम्मेदारी जरूरी
    सहवाग ने आगे कहा हम स्ट्राइक रेट की बातें करते हैं लेकिन जब आप चेज कर रहे हों तो स्कोरबोर्ड पर रन देखकर खेलना चाहिए। सूर्यकुमार यादव कल दबाव में खेलते दिखे बचाव करते दिखे। ऐसे क्रिकेट से जीत मुश्किल है। थोड़ी फीयरलेस क्रिकेट दिखानी होगी। किसी खिलाड़ी को जिम्मेदारी उठानी होगी।