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  • उत्तर से दक्षिण तक… आज देश के 15 राज्यों में अलर्ट, कहीं झमाझम तो कहीं हो सकती है हल्की बारिश

    उत्तर से दक्षिण तक… आज देश के 15 राज्यों में अलर्ट, कहीं झमाझम तो कहीं हो सकती है हल्की बारिश


    नई दिल्ली।
    देश के कई राज्यों में 9 अक्टूबर को मौसम का मिजाज (Weather Conditions) बदला हुआ रह सकता है. कहीं बारिश (Rain) और गरज-चमक लोगों को गर्मी से राहत दे सकती है, तो कहीं तेज हवाएं और भारी बारिश (Heavy Rain) परेशानी बढ़ा सकती हैं. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) समेत कई राज्यों में बारिश और आंधी की संभावना है. कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

    वहीं, दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश का अलर्ट है. दूसरी ओर, देश से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी जारी है. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों में पूर्वी भारत, उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर के कुछ और हिस्सों से मॉनसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं. हालांकि, मॉनसून की वापसी का मतलब यह नहीं है कि बारिश का दौर पूरी तरह खत्म हो गया है।

    दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब देश के कई हिस्सों से लौट रहा है. 8 अक्टूबर तक यह महाराष्ट्र के बाकी हिस्सों, गोवा के कुछ इलाकों, कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के कुछ भागों के अलावा झारखंड और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों से वापस जा चुका था. इसके बावजूद देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश जारी है. इसकी वजह स्थानीय वेदर सिस्टम, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस जैसी गतिविधियां हैं. मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 3 से 4 दिनों में पूर्वी भारत, उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर के कुछ और हिस्सों से मॉनसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं।


    दिल्ली-UP समेत 15 राज्यों में IMD का अलर्ट

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 9 अक्टूबर को उत्तर भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. जिन राज्यों में मौसम खराब रहने की आशंका है, उनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, केरल, कर्नाटक और ओडिशा शामिल हैं. इनमें से कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है. पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा भी बना रह सकता है.


    दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम?

    दिल्ली और आसपास के इलाकों में 9 अक्टूबर को बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना है. इस दौरान गरज-चमक के साथ हवाएं चल सकती हैं. उपलब्ध पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली में हवा की रफ्तार करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है. दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में भी 9 से 14 अक्टूबर के दौरान कहीं-कहीं बारिश हो सकती है.


    यूपी में आंधी और बारिश के आसार

    उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 9 अक्टूबर को बारिश और तेज हवाओं की संभावना है. गाजियाबाद, मेरठ, मिर्जापुर, गोरखपुर, कानपुर, आगरा, प्रयागराज, सहारनपुर, बस्ती और रायबरेली समेत कई इलाकों में मौसम बदल सकता है. कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की चेतावनी दी गई है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11 अक्टूबर तक कहीं-कहीं बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 10 अक्टूबर तक बारिश के आसार बने हुए हैं. लखनऊ में अधिकतम तापमान करीब 29 से 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।


    बिहार में भी बारिश का है पूर्वानुमान

    बिहार में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है. मधुबनी, दरभंगा, गया, जहानाबाद, रोहतास, सहरसा और बक्सर समेत कई जिलों में बारिश की चेतावनी है. इस दौरान गरज-चमक के साथ हवा की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. पटना में अधिकतम तापमान करीब 29 से 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. राज्य में 11 अक्टूबर तक कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।


    राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी बारिश

    राजस्थान के बीकानेर, अजमेर, धौलपुर, भरतपुर और बूंदी समेत कुछ इलाकों में बारिश की संभावना है. इस दौरान तेज हवाएं चल सकती हैं. जयपुर में अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. मध्य प्रदेश में विदिशा, सीधी, दमोह, सागर, इंदौर, उज्जैन, शहडोल और छिंदवाड़ा समेत कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 45 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. भोपाल में अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।


    पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

    उत्तराखंड में 9 अक्टूबर को कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. हरिद्वार, ऋषिकेश और चमोली समेत कई इलाकों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है. कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. देहरादून में अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

    हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला, कांगड़ा, मंडी और सोलन में भी बारिश हो सकती है. यहां कुछ इलाकों में 45 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है. पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश से भूस्खलन और सड़क यातायात प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है. जम्मू-कश्मीर में भी कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है।


    दक्षिण भारत में भी मौसम बदलेगा

    दक्षिण भारत में 9 अक्टूबर को बारिश की गतिविधियां तेज रह सकती हैं. मौसम विभाग ने दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी दी है. केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी 10 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है. इन इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है. दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 9 और 10 अक्टूबर को बिजली चमकने के साथ बारिश हो सकती है. मौसम की इन गतिविधियों के पीछे ऊपरी हवा में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन और समुद्री इलाकों में सक्रिय ट्रफ लाइन का असर बताया गया है।


    पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश

    बिहार के अलावा झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल में 9 और 10 अक्टूबर को बारिश हो सकती है. ओडिशा में 14 अक्टूबर तक अलग-अलग इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. दक्षिणी तटीय ओडिशा और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहेगा. अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और आसपास के राज्यों में बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका है. लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।

  • साउथ सिनेमा में बॉलीवुड सितारों का दबदबा, राघव जुयाल से इमरान हाशमी तक बने खतरनाक विलेन

    साउथ सिनेमा में बॉलीवुड सितारों का दबदबा, राघव जुयाल से इमरान हाशमी तक बने खतरनाक विलेन

    नई दिल्ली ।बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के बीच कलाकारों का आदान-प्रदान लंबे समय से देखने को मिलता रहा है। हिंदी फिल्मों के कई कलाकार दक्षिण भारतीय फिल्मों में अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुके हैं। खास तौर पर पिछले कुछ वर्षों में बॉलीवुड सितारों के साउथ फिल्मों में खलनायक के किरदार निभाने का चलन तेजी से बढ़ा है। अब इस सूची में अभिनेता और डांसर राघव जुयाल का नाम भी जुड़ गया है।

    राघव जुयाल साउथ की चर्चित फिल्म ‘द पैराडाइज’ में खलनायक की भूमिका में दिखाई देंगे। नानी अभिनीत इस फिल्म में राघव के किरदार को लेकर दर्शकों के बीच काफी उत्सुकता है। बताया गया है कि वह फिल्म में विक्रम मालिक नाम के मुख्य खलनायक का किरदार निभा रहे हैं। उनका यह किरदार पहले निभाई गई भूमिकाओं से अलग और अधिक आक्रामक अंदाज में नजर आने वाला है।

    राघव ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत हिंदी फिल्म ‘सोनाली केबल’ से की थी। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदारों में काम किया। अब साउथ सिनेमा में उनकी एंट्री बतौर विलेन हुई है। ‘द पैराडाइज’ में उनकी भूमिका फिल्म की कहानी में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जैकी श्रॉफ भी दक्षिण भारतीय फिल्मों में नकारात्मक भूमिकाएं निभा चुके हैं। उन्होंने ‘साहो’ में रॉय का किरदार निभाया था। इसके बाद वह रजनीकांत की फिल्म ‘जेलर’ में वर्मन के रूप में नजर आए। दोनों फिल्मों में उनके किरदारों का अंदाज हिंदी फिल्मों में निभाई गई उनकी पारंपरिक भूमिकाओं से अलग रहा।

    बॉबी देओल ने भी साउथ सिनेमा में खलनायक के तौर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने सूर्या की फिल्म ‘कंगुवा’ में उधीरन की भूमिका निभाई थी। इसके बाद वह विजय की फिल्म ‘जन नायगन’ में महादेव के किरदार में दिखाई दिए। साउथ की फिल्मों में बॉबी के नकारात्मक किरदारों ने उनके अभिनय के एक अलग पक्ष को दर्शकों के सामने रखा।

    संजय दत्त भी दक्षिण भारतीय फिल्मों में खलनायक की भूमिका निभा चुके हैं। यश अभिनीत ‘केजीएफ: चैप्टर 2’ में उन्होंने अधीरा का किरदार निभाया था। फिल्म में उनका लुक और किरदार काफी अलग अंदाज में पेश किया गया था। यह फिल्म व्यावसायिक रूप से भी बड़ी सफलता हासिल करने में कामयाब रही।

    इमरान हाशमी का नाम भी इस सूची में शामिल है। उन्होंने पवन कल्याण की फिल्म ‘दे कॉल हिम ओजी’ में ओमी भाई नाम के खलनायक की भूमिका निभाई। इस फिल्म के जरिए इमरान ने दक्षिण भारतीय सिनेमा में अपनी अलग मौजूदगी दर्ज कराई। उनके किरदार को लेकर भी दर्शकों के बीच काफी चर्चा रही।

    सैफ अली खान ने भी साउथ फिल्म ‘देवरा पार्ट 1’ में नकारात्मक भूमिका निभाई। उन्होंने फिल्म में भैरा का किरदार निभाया था। फिल्म में उनके साथ जूनियर एनटीआर और जान्हवी कपूर नजर आए थे। सैफ का यह किरदार भी उनके अब तक के कई हिंदी फिल्म किरदारों से अलग था।

    इस तरह राघव जुयाल के ‘द पैराडाइज’ में खलनायक बनने के साथ बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के बीच कलाकारों का यह सिलसिला एक बार फिर चर्चा में है। अलग-अलग भाषाओं और फिल्म उद्योगों के कलाकारों के साथ आने से दर्शकों को भी नए तरह के किरदार और अभिनय देखने को मिल रहे हैं।

  • साउथ Vs बॉलीवुड: 1000 करोड़ क्लब में बराबर फिल्में, फिर भी कुल कमाई में हिंदी सिनेमा ने कैसे बनाई बढ़त?

    साउथ Vs बॉलीवुड: 1000 करोड़ क्लब में बराबर फिल्में, फिर भी कुल कमाई में हिंदी सिनेमा ने कैसे बनाई बढ़त?

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा में 1000 करोड़ रुपये का आंकड़ा अब सिर्फ एक बॉक्स ऑफिस नंबर नहीं, बल्कि इंडस्ट्री की ताकत और फिल्मों की पहुंच का बड़ा पैमाना बन चुका है। कभी यह मुकाम सिर्फ चुनिंदा साउथ फिल्मों के नाम था, लेकिन अब बॉलीवुड ने भी इस क्लब में अपनी मजबूत जगह बना ली है।

    खास बात यह है कि 1000 करोड़ क्लब में बॉलीवुड और साउथ सिनेमा की फिल्मों की संख्या बराबर है। फिर भी कमाई के मामले में बॉलीवुड का पलड़ा भारी है। यहां जानिए कैसे?

    किस फिल्म से हुई 1000 करोड़ क्लब की शुरुआत?

    1000 करोड़ क्लब की शुरुआत भारतीय सिनेमा में एसएस राजामौली की फिल्म ‘बाहुबली 2: द कन्क्लूजन’ से हुई थी। इसके बाद साउथ की कई फिल्मों ने इस आंकड़े को पार किया और हिंदी सिनेमा के लिए भी एक नया बॉक्स ऑफिस बेंचमार्क तैयार किया। अब ‘बाहुबली 2’ से शुरू हुआ ये सिलसिला रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2’ तक जा पहुंचा है।

    लिस्ट में शामिल हैं कौन सी फिल्में?

    अब सवाल यह है कि आखिर बॉलीवुड और साउथ की फिल्मों के बीच 1000 करोड़ की कमाई का यह मुकाबला कितना दिलचस्प है? किस इंडस्ट्री की फिल्मों ने कौन से नंबर पर अपना दबदबा बनाया और साथ ही अगर पांच-पांच फिल्मों की कमाई का टोटल किया जाए तो कौन आगे होगा? आइए जानते हैं इसके बारे में।

    कल्कि (1042 करोड़ रुपये)

    दसवें नंबर पर ‘कल्कि’ है। प्रभास, दीपिका पादुकोण और अमिताभ बच्चन स्टारर 2024 में रिलीज हुई थी। अब मेकर्स जल्द ही इसका दूसरा पार्ट भी लेकर आ सकते हैं।

    पठान (1055 करोड़ रुपये)

    नौवें नंबर पर शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण की मूवी ‘पठान’ है। साल 2023 में आई इस मूवी का निर्देशन सिद्धार्थ आनंद ने किया था।

    जवान (1160 करोड़ रुपये)

    आठवें नंबर पर भी शाहरुख खान स्टारर फिल्म ‘जवान’ है। 2023 में आई इस मूवी का निर्देशन एटली कुमार ने किया था। इसमें किंग खान के साथ नयनतारा, रिद्धि डोगरा और विजय सेतुपति समेत कई सितारे नजर आए थे।

    केजीएफ 2 (1215 करोड़ रुपये)

    सातवें नंबर पर यश स्टारर फिल्म ‘केजीएफ 2’ 2022 में आई थी। इस मूवी में अभिनेता के साथ रवीना टंडन, संजय दत्त, श्रीनिधि शेट्टी समेत कई सितारे नजर आए। फिल्म का निर्देशन प्रशांत नील ने किया था।

    आरआरआर (1230 करोड़ रुपये)

    लिस्ट में छठे नंबर पर एसएस राजामौली की ही फिल्म ‘आरआरआर’ है, जो 2022 में आई थी। इसमें आलिया भट्ट, राम चरण और जूनियर एनटीआर नजर आए थे।

    धुरंधर (1307 करोड़ रुपये)

    पांचवें नंबर पर रणवीर सिंह स्टारर ‘धुरंधर’ है, जो साल 2025 के दिसंबर में आई थी। फिल्म का निर्देशन आदित्य धर ने किया था। इसमें अर्जुन रामपाल, आर माधवन समेत कई स्टार्स दिखाई दिए।

    पुष्पा 2 (1788 करोड़ रुपये)

    चौथे नंबर पर ‘पुष्पा 2’ है, अल्लू अर्जुन स्टारर यह मूवी 2024 में आई थी। फिल्म का निर्देशन सुकुमार ने किया था।

    बाहुबली 2 (1788 करोड़ रुपये)

    तीसरे नंबर पर प्रभास स्टारर ‘बाहुबली 2’ है, जो 2017 में आई थी। एसएस राजामौली के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अनुष्का शेट्टी, तमन्ना भाटिया समेत कई सितारे नजर आए।

    धुरंधर 2 (1813 करोड़ रुपये)

    दूसरे नंबर पर ‘धुरंधर 2’ है। रणवीर सिंह स्टारर यह मूवी इसी साल मार्च में रिलीज हुई थी। इसमें रणवीर के अलावा माधवन, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त और सारा अर्जुन जैसे कलाकार मौजूद थे।

    दंगल (2070 करोड़ रुपये)

    टॉप पर ‘दंगल’ है, जिसने 2070 करोड़ रुपये कमाए। आमिर खान की यह फिल्म 2016 में रिलीज हुई थी। इसमें अभिनेता के साथ फातिमा सना शेख, सान्या मल्होत्रा समेत कई सितारे नजर आए।

    कैसे बॉलीवुड है रेस में आगे?

    वैसे तो इस फेहरिस्त में पांच फिल्में बॉलीवुड की हैं तो वहीं पांच साउथ की भी हैं, पर अगर फिल्मों की कमाई का विश्लेषण करें, तो बॉलीवुड फिल्में इस क्लब में टॉप पर हैं। समझिए कैसे?अगर इस लिस्ट में शामिल बॉलीवुड की पांच फिल्मों ‘दंगल’, ‘धुरंधर 2’, ‘धुरंधर’, ‘जवान’ और ‘पठान’ के कलेक्शन का टोटल किया जाए, तो यह 7405 करोड़ रुपये होगा।

    वहीं, साउथ की फिल्म ‘बाहुबली 2’, ‘पुष्पा 2’, ‘आरआरआर’, ‘केजीएफ 2’ और ‘कल्कि’ का टोटल किया जाए तो यह 7017 करोड़ होगा। इन आंकड़ों से भी साफ जाहिर है कि बॉलीवुड यहां भी आगे है।

  • Weather: केरल में इस दिन दस्तक देगा मानसून, दक्षिण में भारी और उत्तर-मध्य में सामान्य से कम बारिश का अनुमान

    Weather: केरल में इस दिन दस्तक देगा मानसून, दक्षिण में भारी और उत्तर-मध्य में सामान्य से कम बारिश का अनुमान


    नई दिल्ली।
    इस मानसून सत्र (Monsoon Session) में देश के लगभग आधे हिस्से, उत्तर और मध्य भारत (North and Central India) में भीषण सूखा पड़ने की आशंका है। जून से सितंबर के बीच होने वाली मानसूनी बारिश (Monsoon Rains) के भी सामान्य से कम रहने का अनुमान है। इसका प्रमुख कारण प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) में बन रहा शक्तिशाली अल नीनो है। इसकी वजह से दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में भीषण बाढ़ का खतरा भी है। कृषि प्रधान भारत के लिए मानसून की यह स्थिति बहुत भयावह है, जो बहुत हद तक मानसूनी वर्षा पर निर्भर है।

    भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, अल नीनो तेजी से आकार ले रहा है। भारत के लिए अल नीनो हमेशा से ही खराब रहा है। इस बार मजबूत अल नीनो बन रहा है, जिसका भयावह परिणाम हो सकता है। मजबूत अल नीनो दक्षिण पश्चिम मानसून की हवाओं को कमजोर कर देता है। इसका नतीजा यह होता है कि देश के अधिकांश हिस्से में बारिश कम होती है और सूखे जैसे हालात पैदा हो जाता हैं। इस बार उत्तर और मध्य भारत में कुछ ऐसी ही स्थिति की आशंका है। दूसरी तरफ, तमिनलाडु, आंध्र प्रदेश जैसे तटीय राज्यों में तबाही वाली बढ़ आ सकती है। आईएमडी के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार सामान्य तिथि से करीब चार दिन पहले, यानी 26 मई के आसपास केरल तट पर दस्तक दे सकता है। शनिवार को यह दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान- निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में और आगे बढ़ा है। इसके आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।


    यूपी, हरियाणा-पंजाब में सबसे ज्यादा असर

    शक्तिशाली अल नीनो का सबसे अधिक उत्तर और मध्य भारत पर प्रभाव पड़ने की आशंका है। पश्चिम भारत के कुछ हिस्से भी प्रभावित हो सकते हैं। इनमें पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे कृषि प्रधान राज्यों पर बुरा असर पड़ सकता है। दिल्ली-एनसीआर के लिए गर्मी और सूखे के दोहरे संकट का सामना करना पड़ सकता है।

    मानसूनी बारिश कम होने से प्रमुख फसलों को नुकसान हो सकता है। इससे खाद्य पदार्थों की कीमतों, बिजली आपूर्ति और ग्रामीण आय पर दबाव बढ़ सकता है। भारत की वार्षिक वर्षा का लगभग 70 फीसदी मानसून से आता है और लगभग आधी आबादी कृषि पर निर्भर है, ऐसे में कम बारिश वाला वर्ष भी व्यापक आर्थिक प्रभाव डाल सकता है।


    आईओडी कम कर सकता है असर

    इस भयावह आशंका के बीच इंडियन ओशन डिपोल’ (आईओडी) के रूप में एक उम्मीद की किरण भी नजर आ रही है। जलवायु मॉडल के अनुसार मानसून के आखिरी महीनों में आईओडी सकाकात्मक हो सकता है। अगर ऐसा हुआ तो यह अल नीनो के नकारात्मक प्रभाव को कुछ हद तक कम कर सकता है। मानसूनी हवाओं को थोड़ी मजबूती मिल सकती है जिससे कुछ इलाकों में बारिश की वापसी संभव है।


    लू घोषित करने के मापदंडों में बदलाव करेगा आईएमडी

    आईएमडी अपने विशेषज्ञों के साथ मिलकर जल्द ही देश में लू की स्थिति घोषित करने के मानदंडों में संशोधन करेगा। मौजूदा मापदंड भारत की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुकूल नहीं हैं। आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को बताया कि इस गर्मी के मौसम में लोगों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा तथा पहली बार कर्नाटक-महाराष्ट्र तट के पास बने चक्रवाती तंत्र के आधार पर मौसम पूर्वानुमान जारी किए गए। इससे पहले कभी भी दक्षिण के इतने करीब कोई चक्रवाती तंत्र नहीं बना था और इस बार हमें इसी के आधार पर मौसम का पूर्वानुमान लगाना पड़ा।


    870 मिलीमीटर होनी चाहिए औसत बारिश

    आईएमडी के पूर्वानुमान एक अनुसार, इस साल मानसूनी बारिश दीर्घकालिक औसत (एलपीए) के केवल 92 फीसदी होने की संभावना है। एलपीए का यह स्तर सामान्य से कम बारिश की श्रेणी में आता है। साल 1971 से 2020 के डाटा के आधार पर भारत में औसत बारिश 870 मिलीमीटर होनी चाहिए, लेकिन इस बार इससे कम बारिश होने की आशंका है। आंकड़ों के मुताबिक इस बार सूखे की स्थिति बनने की संभावना 35% है। यह सामान्य वर्षों की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा है। जून या जुलाई में अल नीनो के पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना है।


    44.8 डिग्री पर तपा बांदा

    उत्तर प्रदेश में भी भीषण गर्मी पड़ रही है। शनिवार को राज्य में अधिकतम स्थानों पर पारा 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर ही रहा। बांदा में सबसे अधिक तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, झांसी में 44.1 डिग्री, प्रयागराज में 44 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रहा। आगरा में 43 डिग्री सेल्सियस, गाजीपुर में 42 डिग्री सेल्सियस और वाराणसी हवाई अड्डे पर 41.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया।

  • मौसम के अलग-अलग रंग….. उत्तर भारत भीषण गर्मी से परेशान, पूर्वोत्तर और दक्षिण में आंधी-बारिश का अलर्ट

    मौसम के अलग-अलग रंग….. उत्तर भारत भीषण गर्मी से परेशान, पूर्वोत्तर और दक्षिण में आंधी-बारिश का अलर्ट


    नई दिल्ली।
    देशभर में मौसम (Weather) का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक ओर उत्तर-पश्चिम भारत (North-West India) में भीषण गर्मी (Severe Heat) लोगों को परेशान कर रही है, वहीं पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिण के कई राज्यों में बारिश (Rain), आंधी (Storm ) और बिजली गिरने (Lightning.) की गतिविधियां तेज होने के संकेत हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अगले तीन दिनों तक तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि तमिलनाडु, केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।


    पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम का मिजाज

    आईएमडी के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ का असर अभी भी उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बना हुआ है, जबकि 10 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों के मौसम को फिर प्रभावित कर सकता है। राजस्थान के जैसलमेर में अधिकतम तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन की तेज गर्मी का संकेत माना जा रहा है। हाल के दिनों में हुई बारिश के बाद दिल्ली-एनसीआर में मौसम कुछ समय के लिए राहतभरा बना हुआ था, लेकिन अब राजधानी में फिर तेज गर्मी लौटने के संकेत हैं।


    अगले तीन दिनों के लिए मौसम विभाग का अनुमान

    मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक आसमान साफ रहेगा और तेज धूप निकलेगी। इसके कारण दिन के तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है। डॉक्टरों ने पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है।

    बिहार में आंधी-तूफान से सात की मौत
    बिहार में वज्रपात और भीषण आंधी-तूफान के कारण अलग-अलग जिलों में सात लोगों की जान चली गई। हादसों की जानकारी के अनुसार, वज्रपात की घटनाओं में भोजपुर, पटना, समस्तीपुर और पूर्वी चंपारण में एक-एक व्यक्ति की जान गई। वहीं आंधी-तूफान और तेज बारिश के दौरान पेड़ गिरने से पटना में दो और वैशाली में एक व्यक्ति की मौत हो गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इन घटनाओं पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये का अनुग्रह राशि तुरंत उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

  • हिन्दी का साउथ में भी दबदबा…. कर्नाटक में 93% छात्रों ने तीसरी भाषा के रूप में किया चयन

    हिन्दी का साउथ में भी दबदबा…. कर्नाटक में 93% छात्रों ने तीसरी भाषा के रूप में किया चयन


    नई दिल्ली।
    हिंदी भाषा (Hindi Language) को लेकर अकसर ही देश में एक वर्ग नॉर्थ बनाम साउथ की डिबेट (North vs. South debate) चलाता रहा है। तमिलनाडु (Tamil Nadu) के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (Chief Minister MK Stalin) तो कई बार केंद्र सरकार पर आरोप लगा चुके हैं कि हिंदी थोपने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन यह भी सच है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में हिंदी स्वाभाविक रूप से बड़ी आबादी द्वारा ना सिर्फ स्वीकार की जा रही है बल्कि उसके महत्व को समझते हुए सीखने के प्रयास भी हो रहे हैं। इसका उदाहरण कर्नाटक स्टेट बोर्ड के नतीजों ने भी प्रस्तुत किया है। कर्नाटक स्कूल बोर्ड के छात्रों में से कुल 93 फीसदी ऐसे रहे हैं, जिन्होंने तीसरी भाषा के रूप में हिंदी का चयन किया।

    नई शिक्षा नीति के तहत त्रिभाषा फॉर्मूला लागू किया है। इसके अनुसार छात्र अंग्रेजी सीखेंगे। इसके अलावा एक स्थानीय भाषा वे अपने अनुसार चुन सकते हैं। फिर वे तीसरी भाषा के तौर पर अन्य किसी भी भाषा को स्वीकार कर सकते हैं। कर्नाटक में 93 फीसदी छात्रों ने हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में चुना है। कर्नाटक बोर्ड में कुल 8.1 लाख छात्रों ने तीसरी भाषा को चुना है और इनमें से 7.5 लाख लोगों ने हिंदी का ही विकल्प पसंद किया है। कोंकणी, मराठी, उर्दू, अरबी जैसी भाषाओं को भी कुछ छात्रों ने तीसरी भाषा के रूप में चुना है। इस आंकड़े ने हिंदी भाषा की लोकप्रियता को स्थापित किया है।

    हिंदी को लेकर अमित शाह ने जब कहा था कि यह देश की संपर्क भाषा है और इसका विस्तार जरूरी है तो तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने विरोध किया था। उनका कहना था कि हिंदी को थोपा जा रहा है, जबकि देश में तमिल सबसे पुरानी भाषा है। तमिलनाडु के लोगों का मानना है कि उनकी भाषा दुनिया की सबसे प्राचीन भाषाओं में से एक है।


    त्रिभाषा नीति से विरोध खत्म करने की कोशिश, सबको मिलेगा महत्व

    त्रिभाषा नीति के जरिए सरकार ने इसी विरोधाभास को खत्म करने का प्रयास किया है। इसके अलावा भाषा के चलते पैदा होने वाले विवादों में भी इससे कमी आएगी। इस नीति के तहत सरकार ने हिंदी, अंग्रेजी के साथ ही स्थानीय भाषाओं को भी प्रोत्साहित करने का प्रयास किया है। ऐसे में यदि कर्नाटक में 93 फीसदी छात्रों ने हिंदी भाषा को तीसरे विकल्प के तौर पर चुना तो यह अच्छी खबर है। पहले जब होम मिनिस्टर अमित शाह ने हिंदी भाषा को लेकर बयान दिया था तो एमके स्टालिन ने आपत्ति जताई थी। हालांकि कुछ सर्वे दावा करते रहे हैं कि तमिलनाडु में भी हिंदी का तेजी से प्रसार हो रहा है।