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  • जबलपुर एसपी ऑफिस में महिलाओं के बीच मारपीट, बाल खींचे-गाल नोचे; पुलिस ने कराया बीच-बचाव

    जबलपुर एसपी ऑफिस में महिलाओं के बीच मारपीट, बाल खींचे-गाल नोचे; पुलिस ने कराया बीच-बचाव

    जबलपुर जबलपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय परिसर में मंगलवार दोपहर उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब दो महिलाएं आपस में भिड़ गईं। देखते ही देखते दोनों के बीच कहासुनी मारपीट में बदल गई और कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना के दौरान दोनों महिलाओं ने एक-दूसरे को धक्का दिया, बाल खींचे और जमीन पर पटकने तक की नौबत आ गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों ने हस्तक्षेप कर दोनों को अलग कराया।

    जानकारी के अनुसार, घटना मंगलवार दोपहर करीब एक बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों महिलाओं के बीच पहले तीखी बहस हुई, जिसके बाद विवाद अचानक बढ़ गया। दोनों महिलाएं एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए हाथापाई करने लगीं। इस दौरान एक महिला के चेहरे पर नाखून लगने से चोट आई और उसके गाल से खून निकलने लगा। घटना को देखकर आसपास मौजूद लोग भी हैरान रह गए।

    हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और दोनों महिलाओं को अलग कराया। इसके बाद सिविल लाइन थाना पुलिस को बुलाया गया। पुलिस दोनों महिलाओं को अपने साथ थाने ले गई, जहां उनसे पूछताछ की गई। बाद में मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भी भेजा गया।

    एएसपी सूर्यकांत शर्मा के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि खुद को यूट्यूब पत्रकार बताने वाली विद्या रैकवार और पिंकी नामक महिला के बीच किसी पुराने विवाद को लेकर कहासुनी हुई थी। इसी विवाद ने मारपीट का रूप ले लिया। पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।

    दूसरी ओर, पिंकी ने आरोप लगाया कि वह एक शिकायत लेकर एसपी कार्यालय पहुंची थी। उसके अनुसार, वहां पहले से मौजूद विद्या रैकवार ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया और विवाद बढ़ने पर मारपीट शुरू हो गई। पिंकी का कहना है कि उसने पहले भी संबंधित मामले की शिकायत पुलिस में की थी और उसे पूर्व में धमकियां भी मिल चुकी हैं। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया है कि दोनों महिलाओं के बीच पहले भी विवाद हो चुका है, जिसकी शिकायत संबंधित थाने में दर्ज कराई गई थी। अब पुलिस पुराने विवाद और वर्तमान घटना के बीच संबंधों की भी जांच कर रही है।

    फिलहाल दोनों महिलाओं का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने और तथ्यों के सामने आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसपी कार्यालय जैसे संवेदनशील परिसर में हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और अनुशासन को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • रुपए दोगुने करने का झांसा, सैकड़ों निवेशक परेशान: दंपती पर करोड़ों की कथित ठगी का आरोप

    रुपए दोगुने करने का झांसा, सैकड़ों निवेशक परेशान: दंपती पर करोड़ों की कथित ठगी का आरोप


    मध्यप्रदेश। रीवा में निवेश पर रकम दोगुनी करने का लालच देकर कथित रूप से करोड़ों रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक दंपती ने लोगों को आकर्षक निवेश योजना का भरोसा दिलाकर बड़ी मात्रा में धन एकत्र किया और बाद में फरार हो गया। मामले में कार्रवाई नहीं होने से नाराज पीड़ित बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

    पीड़ितों के अनुसार असलम और उसकी पत्नी अबला सुल्ताना उर्फ नंदा ने लोगों को कम समय में रकम दोगुनी होने का भरोसा दिलाया था। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि शुरुआत में कुछ निवेशकों को भुगतान कर उनका विश्वास जीता गया, जिससे क्षेत्र के अन्य लोग भी इस योजना से जुड़ते चले गए। धीरे-धीरे बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी जमा पूंजी निवेश कर दी। आरोप है कि बाद में जब निवेशकों ने अपनी राशि वापस मांगनी शुरू की तो आरोपियों ने टालमटोल करना शुरू कर दिया और फिर संपर्क से बाहर हो गए।

    प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इस कथित ठगी से करीब 200 लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं। कई परिवारों ने वर्षों की मेहनत से जोड़ी गई बचत निवेश की थी, जबकि कुछ लोगों ने रिश्तेदारों और परिचितों से उधार लेकर भी रकम लगाई थी। आरोपियों के कथित रूप से फरार होने के बाद अब इन परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

    पीड़ित असलम अंसारी ने बताया कि दंपती ने निवेशकों को बेहतर रिटर्न का भरोसा दिलाया था। शुरुआती दौर में कुछ लोगों को भुगतान मिलने से लोगों का भरोसा बढ़ गया और अधिक लोग निवेश करने लगे। हालांकि बाद में रकम वापस मांगने पर उन्हें लगातार आश्वासन दिया जाता रहा, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद आरोपियों के गायब होने की बात सामने आई।

    एक अन्य पीड़िता जन्नत खान ने बताया कि उन्होंने अपनी वर्षों की बचत इस योजना में निवेश की थी। उनके कहने पर परिवार के अन्य सदस्यों ने भी रकम लगाई थी। अब न तो पैसा वापस मिल रहा है और न ही आरोपियों के बारे में कोई जानकारी मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि कई महिलाएं अपनी जीवनभर की जमा पूंजी खोने के कारण गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना कर रही हैं।

    प्रदर्शन के दौरान पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने तथा निवेशकों की राशि वापस दिलाने की मांग की। कई महिलाओं ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि कथित ठगी के कारण उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है।

    मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राप्त शिकायतों के आधार पर जांच की जाएगी और तथ्यों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से पीड़ितों को जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।

    फिलहाल पीड़ितों का कहना है कि जब तक आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होती और उनकी राशि वापस दिलाने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक वे अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे। मामले की जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।