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  • वर्ल्ड चैंपियन स्पेन को बड़ा झटका, कप्तान रोड्री कराएंगे सर्जरी, लंबे समय तक रह सकते हैं बाहर

    वर्ल्ड चैंपियन स्पेन को बड़ा झटका, कप्तान रोड्री कराएंगे सर्जरी, लंबे समय तक रह सकते हैं बाहर


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 में स्पेन को ऐतिहासिक खिताब दिलाने वाले कप्तान रोड्री एक बार फिर चोट की वजह से सुर्खियों में हैं। शानदार नेतृत्व और दमदार प्रदर्शन से स्पेन को विश्व चैंपियन बनाने वाले इस स्टार मिडफील्डर को अब पीठ की गंभीर चोट के कारण सर्जरी करानी पड़ सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रोड्री की चोट इतनी गंभीर है कि उन्हें लंबे समय तक फुटबॉल से दूर रहना पड़ सकता है। यह खबर न केवल स्पेनिश फुटबॉल टीम बल्कि उनके क्लब मैनचेस्टर सिटी के लिए भी बड़ी चिंता का विषय बन गई है।

    विश्व कप 2026 में रोड्री ने स्पेन के मिडफील्ड को मजबूती देते हुए पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया था। उनकी कप्तानी में स्पेन ने खिताब अपने नाम किया और उनके बेहतरीन खेल के लिए उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। गोल्डन बॉल जीतकर उन्होंने यह साबित किया कि वह दुनिया के सबसे प्रभावशाली मिडफील्डरों में शामिल हैं। लेकिन विश्व कप की इस सफलता के कुछ ही समय बाद चोट ने उनके करियर की रफ्तार पर फिर से ब्रेक लगा दिया है।

    रोड्री पिछले कुछ वर्षों से लगातार फिटनेस समस्याओं से जूझ रहे हैं। सितंबर 2024 में उन्हें लिगामेंट की गंभीर चोट लगी थी जिसके कारण वह लगभग पूरा 2024-25 सीजन नहीं खेल सके थे। इसके बाद हैमस्ट्रिंग और ग्रोइन की परेशानियों ने भी उनकी वापसी को प्रभावित किया। पिछले सीजन में वह सभी प्रतियोगिताओं में केवल 33 मुकाबले खेल पाए जबकि प्रीमियर लीग में भी सिर्फ 17 मैचों की शुरुआती एकादश का हिस्सा बने।

    चोट से वापसी के बाद भी रोड्री अपनी पुरानी लय हासिल नहीं कर सके। मैनचेस्टर सिटी के तत्कालीन कोच पेप गार्डियोला ने भी स्वीकार किया था कि उन्हें पूरी तरह फिट होने से पहले मैदान पर उतार दिया गया था। अब नई पीठ की चोट ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं तथा सर्जरी की संभावना ने उनके भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    रोड्री की चोट ऐसे समय सामने आई है जब मैनचेस्टर सिटी के साथ उनके अनुबंध की अवधि भी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि 30 वर्षीय स्टार मिडफील्डर अपने पुराने क्लब रियल मैड्रिड में वापसी करने के इच्छुक हैं। हालांकि उनकी मौजूदा फिटनेस और संभावित सर्जरी इस ट्रांसफर की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

    रोड्री की अनुपस्थिति को देखते हुए मैनचेस्टर सिटी ने पहले ही अपने मिडफील्ड को मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। क्लब ने नॉटिंघम फॉरेस्ट से इलियट एंडरसन को बड़ी रकम खर्च कर टीम में शामिल किया है ताकि रोड्री की गैरमौजूदगी का असर कम किया जा सके। वहीं दूसरी ओर रोड्री के संभावित रियल मैड्रिड जाने की अटकलों के बीच ऑरेलियन चौमेनी और एडुआर्डो कैमाविंगा के भविष्य को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई प्रीमियर लीग क्लब इन खिलाड़ियों पर नजर बनाए हुए हैं।

    अब सभी की निगाहें रोड्री की सर्जरी और उनकी रिकवरी पर टिकी हैं। यदि वह जल्द स्वस्थ होकर मैदान पर लौटते हैं तो स्पेन और मैनचेस्टर सिटी दोनों को बड़ी राहत मिलेगी। लेकिन फिलहाल चोट ने विश्व फुटबॉल के इस स्टार खिलाड़ी के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल जरूर खड़े कर दिए हैं।

  • स्पेन की जीत के सबसे बड़े हीरो बने मिकेल मेरिनो लगातार दो नॉकआउट मुकाबलों में विजयी गोल कर रचा विश्व कप इतिहास

    स्पेन की जीत के सबसे बड़े हीरो बने मिकेल मेरिनो लगातार दो नॉकआउट मुकाबलों में विजयी गोल कर रचा विश्व कप इतिहास


    नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में स्पेन के मिडफील्डर मिकेल मेरिनो ने ऐसा इतिहास रच दिया है जिसे विश्व फुटबॉल लंबे समय तक याद रखेगा। बेल्जियम के खिलाफ खेले गए रोमांचक क्वार्टर फाइनल मुकाबले में मेरिनो ने बतौर सब्स्टीट्यूट मैदान पर उतरने के महज दो मिनट बाद निर्णायक गोल दागकर स्पेन को 2-1 की शानदार जीत दिला दी। इस जीत के साथ स्पेन ने 2010 के बाद पहली बार विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह बनाई और मेरिनो ने अपने नाम ऐसा रिकॉर्ड दर्ज करा लिया जो अब तक कोई खिलाड़ी नहीं बना सका।

    मिकेल मेरिनो फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में एक ही टूर्नामेंट के दो अलग अलग नॉकआउट मुकाबलों में सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी के रूप में विजयी गोल करने वाले दुनिया के पहले फुटबॉलर बन गए हैं। इससे पहले उन्होंने प्री क्वार्टर फाइनल में पुर्तगाल के खिलाफ भी अंतिम क्षणों में गोल कर स्पेन को जीत दिलाई थी। अब बेल्जियम के खिलाफ भी उन्होंने वही कारनामा दोहराते हुए अपनी टीम को सेमीफाइनल का टिकट दिला दिया। इसके साथ ही वह स्पेन के लिए विश्व कप में 80वें मिनट के बाद दो अलग मुकाबलों में निर्णायक गोल करने वाले पहले खिलाड़ी भी बन गए हैं।

    इस विश्व कप में मेरिनो का योगदान बेहद खास रहा है। स्पेन ने अब तक छह मुकाबले खेले हैं जिनमें उन्हें केवल एक मैच में शुरुआती एकादश में मौका मिला जबकि बाकी पांच मुकाबलों में वह सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान पर उतरे। इसके बावजूद उन्होंने हर अवसर पर अपनी उपयोगिता साबित करते हुए टीम की सफलता में अहम भूमिका निभाई है। उनकी मौजूदगी ने स्पेन के कोच की रणनीति को भी नई पहचान दी है क्योंकि हर बार जरूरत पड़ने पर मेरिनो ने टीम की उम्मीदों पर खरा उतरकर मैच का रुख बदल दिया।

    बेल्जियम के खिलाफ मुकाबले की शुरुआत से ही स्पेन ने आक्रामक फुटबॉल खेली। लगातार दबाव का असर 30वें मिनट में देखने को मिला जब लैमिन यामल की शानदार दौड़ और पेड्रो पोरो के सटीक क्रॉस के बाद फैबियन रुइज ने रिबाउंड पर गोल करते हुए स्पेन को बढ़त दिला दी। हालांकि बेल्जियम ने हार नहीं मानी और पहले हाफ के आखिर में चार्ल्स डी केटेलेयर ने शानदार हेडर लगाकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।

    दूसरे हाफ में दोनों टीमों ने कई अवसर बनाए लेकिन कोई भी बढ़त हासिल नहीं कर सका। मुकाबला अतिरिक्त समय की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा था। तभी 86वें मिनट में स्पेन के कोच ने मिकेल मेरिनो को मैदान पर उतारा। यह फैसला कुछ ही क्षणों में मास्टर स्ट्रोक साबित हुआ। 88वें मिनट में पाउ क्यूबार्सी के शॉट पर बेल्जियम के गोलकीपर गेंद को पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर सके और मेरिनो ने मौके का शानदार फायदा उठाते हुए गेंद को गोल में पहुंचा दिया। इस गोल ने स्पेन को 2-1 की यादगार जीत दिला दी।

    मेरिनो के ऐतिहासिक प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि फुटबॉल में केवल शुरुआती एकादश ही नहीं बल्कि बेंच पर बैठे खिलाड़ी भी मैच का सबसे बड़ा हीरो बन सकते हैं। उनकी सूझबूझ आत्मविश्वास और सही समय पर किए गए शानदार फिनिश ने स्पेन को खिताब की दौड़ में मजबूत दावेदार बना दिया है। अब सेमीफाइनल में स्पेन का सामना फ्रांस जैसी मजबूत टीम से होगा जहां एक बार फिर सभी की नजरें मेरिनो पर टिकी रहेंगी कि क्या वह अपनी गोल्डन टच से टीम को फाइनल तक पहुंचाने का कमाल कर पाएंगे।