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  • नरसिंह जयंती पर पढ़ें अद्भुत कथा: जब खंभे से प्रकट होकर भगवान ने खत्म किया अधर्म का आतंक

    नरसिंह जयंती पर पढ़ें अद्भुत कथा: जब खंभे से प्रकट होकर भगवान ने खत्म किया अधर्म का आतंक


    नई दिल्ली । आज पूरे देश में नरसिंह जयंती श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जा रही है। यह पावन दिन भगवान विष्णु के चौथे अवतार भगवान नरसिंह को समर्पित है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा और कथा श्रवण करने से जीवन के सभी भय, संकट और बाधाएं दूर होती हैं तथा मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

    सनातन परंपरा के अनुसार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को यह जयंती मनाई जाती है। शास्त्रों में वर्णन मिलता है कि इसी दिन प्रदोष काल में भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार धारण कर अधर्म का अंत किया और अपने परम भक्त Prahlada की रक्षा की। यही कारण है कि यह पर्व धर्म की विजय और आस्था की शक्ति का प्रतीक माना जाता है।

    पौराणिक कथा के अनुसार प्राचीन समय में दिति और ऋषि कश्यप के दो पुत्र हुए जिनका नाम हिरण्याक्ष और Hiranyakashipu था। दोनों ही अत्यंत शक्तिशाली लेकिन अहंकारी दैत्य थे। हिरण्याक्ष ने अपने अभिमान में पृथ्वी को रसातल में ले जाने का प्रयास किया जिसे भगवान विष्णु ने वराह अवतार लेकर समाप्त किया। अपने भाई की मृत्यु से क्रोधित होकर हिरण्यकश्यप ने कठोर तपस्या कर ब्रह्मा जी से ऐसा वरदान प्राप्त किया जिससे वह लगभग अजेय हो गया।

    इस वरदान के कारण हिरण्यकश्यप का अहंकार बढ़ता गया और उसने स्वयं को ही भगवान घोषित कर दिया। उसने अपने राज्य में भगवान विष्णु की पूजा पर रोक लगा दी और सभी को अपनी ही आराधना करने के लिए बाध्य किया। इसी बीच उसके घर पुत्र प्रह्लाद का जन्म हुआ जो बचपन से ही भगवान विष्णु के परम भक्त थे।

    हिरण्यकश्यप ने कई बार प्रह्लाद को अपनी भक्ति छोड़ने के लिए कहा लेकिन वे अडिग रहे। क्रोध में आकर उसने अपने ही पुत्र को मारने के कई प्रयास किए लेकिन हर बार भगवान की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित बच गए। अंततः जब उसने प्रह्लाद से पूछा कि उसका भगवान कहां है और प्रह्लाद ने उत्तर दिया कि वह हर जगह मौजूद हैं तो हिरण्यकश्यप ने एक खंभे की ओर इशारा करते हुए चुनौती दी।

    तभी उस खंभे से भगवान विष्णु नरसिंह अवतार में प्रकट हुए। यह रूप आधा मनुष्य और आधा सिंह का था। भगवान ने संध्या काल में, घर की दहलीज पर, हिरण्यकश्यप को अपनी गोद में रखकर अपने नाखूनों से उसका वध कर दिया। इस प्रकार उन्होंने ब्रह्मा के वरदान की सभी शर्तों को पूर्ण करते हुए अधर्म का अंत किया।

    इसके बाद भगवान नरसिंह ने अपने भक्त प्रह्लाद को आशीर्वाद दिया और सभी देवताओं ने उनकी स्तुति की। यह कथा इस बात का प्रतीक है कि सच्ची भक्ति और विश्वास के आगे सबसे बड़ा अहंकार भी टिक नहीं सकता।

    नरसिंह जयंती का यह पर्व हमें सिखाता है कि जब भी धर्म पर संकट आता है तब भगवान स्वयं अपने भक्तों की रक्षा के लिए प्रकट होते हैं। इस दिन व्रत, पूजा और कथा का श्रवण करने से जीवन में साहस, सुरक्षा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है तथा सभी प्रकार के भय और कष्ट दूर होते हैं।

  • भारतीय सिनेमा के ये बड़े नाम नियम से करते हैं हनुमान चालीसा का पाठ, देखें पूरी लिस्ट..

    भारतीय सिनेमा के ये बड़े नाम नियम से करते हैं हनुमान चालीसा का पाठ, देखें पूरी लिस्ट..


    नई दिल्ली।भारतीय संस्कृति में हनुमान चालीसा की महिमा अपरंपार है और इसका प्रभाव केवल आम जनता तक ही सीमित नहीं है, बल्कि मनोरंजन और खेल जगत की बड़ी हस्तियां भी इसकी शक्ति की कायल हैं। हाल के दिनों में एक मशहूर क्रिकेटर का वीडियो खूब चर्चा में रहा, जिसमें उन्होंने स्वीकार किया कि वे अपनी सबसे महंगी कार में सफर करते समय भी हनुमान चालीसा सुनना पसंद करते हैं। इंटरनेट पर हनुमान चालीसा के विभिन्न संस्करणों को मिलने वाले अरबों व्यूज इस बात का प्रमाण हैं कि यह स्तुति लोगों के दिलों में कितनी गहराई तक बसी है। ताज्जुब की बात यह है कि केवल हिंदू कलाकार ही नहीं, बल्कि कई मुस्लिम सेलिब्रिटीज भी हनुमान चालीसा को अपनी दिनचर्या का हिस्सा मानते हैं और इसे सुनने से मिलने वाली मानसिक शांति का जिक्र कर चुके हैं।

    अभिनय की दुनिया के दिग्गज अक्षय कुमार ने अपनी पसंद का खुलासा करते हुए बताया कि वे वर्कआउट के दौरान और सामान्य समय में भी हनुमान चालीसा और भजनों को सुनना पसंद करते हैं। उनके अनुसार, यह उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। वहीं, मशहूर गायक सोनू निगम का हनुमानजी के प्रति अटूट विश्वास किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने एक पुराने वाकये को याद करते हुए साझा किया था कि एक बड़े हादसे में वे बाल-बाल बचे थे, जिसका पूरा श्रेय वे संकटमोचन की कृपा को देते हैं। वे अपने हर बड़े मंच पर जाने से पहले हनुमान चालीसा का पाठ जरूर करते हैं। अपनी फिटनेस के लिए मशहूर शिल्पा शेट्टी भी साझा कर चुकी हैं कि ऊर्जा के स्तर को बढ़ाए रखने के लिए हनुमान चालीसा का श्रवण उनके लिए सबसे अच्छा विकल्प है।

    युवा पीढ़ी के लोकप्रिय अभिनेता विकी कौशल ने भी बताया है कि सुबह जल्दी शूटिंग पर जाते समय वे अपनी गाड़ी में हनुमान चालीसा चलाकर ही दिन की शुरुआत करते हैं। सदी के महानायक अमिताभ बच्चन न केवल इसे सुनते हैं, बल्कि एक विशेष सामूहिक गायन में उन्होंने इस पावन स्तुति को अपनी आवाज भी दी है। खेल जगत के उभरते सितारे सूर्यकुमार यादव भी स्नान के पश्चात नियम से इसका श्रवण करते हैं। इस सूची में सबसे प्रभावशाली नाम उन मुस्लिम कलाकारों के हैं, जिन्होंने धर्म की दीवारों से ऊपर उठकर इस स्तुति को अपनाया है। इनमें दानिश अख्तर का नाम शामिल है, जिन्होंने एक पौराणिक भूमिका निभाने के दौरान हनुमान चालीसा पढ़ना शुरू किया था और अब यह उनकी आदत में शुमार है। वहीं मशहूर अभिनेत्री नरगिस फाखरी ने भी स्पष्ट किया है कि जब उन्हें मानसिक तनाव या घबराहट महसूस होती है, तो वे शांति पाने के लिए अक्सर हनुमान चालीसा सुनती हैं।

    इन सितारों की आस्था यह सिद्ध करती है कि भक्ति और श्रद्धा की कोई जाति या सीमा नहीं होती। जब बात मन की शांति और संकट से उबरने की आती है, तो हनुमान चालीसा एक ऐसा सार्वभौमिक माध्यम बन जाता है जिससे हर कोई जुड़ाव महसूस करता है। चकाचौंध से भरी इस इंडस्ट्री में ये कलाकार अपनी जड़ों और आध्यात्मिकता को इस स्तुति के माध्यम से जीवित रखे हुए हैं। संकटमोचन की यह चालीसा आज के तनावपूर्ण दौर में इन सेलिब्रिटीज के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करती है, जो न केवल उन्हें आत्मिक शक्ति प्रदान करती है बल्कि जीवन की चुनौतियों का सामना करने का साहस भी देती है।