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  • लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 में क्रिकेट की ऐतिहासिक वापसी, जय शाह ने बताया बड़ा मील का पत्थर

    लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 में क्रिकेट की ऐतिहासिक वापसी, जय शाह ने बताया बड़ा मील का पत्थर


    नई दिल्ली ।लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए क्रिकेट की ऐतिहासिक वापसी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है, जहां कैलिफोर्निया के पोमोना में क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कार्य आधिकारिक रूप से शुरू हो गया है। इस निर्माण की शुरुआत को खेल जगत में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि लगभग 128 वर्षों बाद क्रिकेट एक बार फिर ओलंपिक मंच पर वापसी करने जा रहा है। इस मौके पर आयोजित एक विशेष समारोह में कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं और इसे क्रिकेट के वैश्विक विस्तार का नया अध्याय बताया गया।

    इस अवसर पर क्रिकेट प्रशासन से जुड़े शीर्ष प्रतिनिधियों ने इस परियोजना को खेल के भविष्य के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि यह क्रिकेट को नई पहचान और नए बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। उनके अनुसार क्रिकेट आज पहले से कहीं अधिक वैश्विक खेल बन चुका है और ओलंपिक में इसकी वापसी इस बात का प्रमाण है कि इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।

    क्रिकेट प्रशासन के प्रमुख ने इस अवसर पर कहा कि यह मैदान ओलंपिक खेलों के दौरान केंद्र बिंदु के रूप में काम करेगा और दुनिया भर के दर्शकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल न केवल खिलाड़ियों के लिए नए अवसर खोलेगी, बल्कि अमेरिका जैसे बड़े बाजार में क्रिकेट के विकास को भी गति देगी।

    इस परियोजना को खेल के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में क्रिकेट का शामिल होना इस खेल के लिए एक नए युग की शुरुआत करेगा। इससे न केवल नए खिलाड़ी और दर्शक जुड़ेंगे, बल्कि खेल की व्यावसायिक और सांस्कृतिक पहुंच भी कई गुना बढ़ जाएगी।

    कार्यक्रम में मौजूद अन्य खेल प्रतिनिधियों और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने भी इस पहल का स्वागत किया और इसे भविष्य की खेल संरचना के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना था कि यह स्टेडियम आने वाले वर्षों में क्रिकेट की वैश्विक पहचान को और मजबूत करेगा और ओलंपिक में इसकी उपस्थिति को यादगार बनाएगा।

    पिछले कुछ वर्षों में क्रिकेट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से विस्तार किया है। दर्शकों की संख्या, डिजिटल जुड़ाव और वैश्विक टूर्नामेंट्स में भागीदारी में लगातार वृद्धि देखी गई है। ऐसे में ओलंपिक में इसकी वापसी को खेल के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।

  • खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' आदिवासी खिलाड़ियों के लिए बेहतरीन मंच, पीएम मोदी को धन्यवाद: दिलीप तिर्की

    खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' आदिवासी खिलाड़ियों के लिए बेहतरीन मंच, पीएम मोदी को धन्यवाद: दिलीप तिर्की


    नई दिल्ली। ‘छत्तीसगढ़ में बुधवार से ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ (केआईटीजी) का आगाज हो गया है। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की ने केआईटीजी को आदिवासी समुदाय के खिलाड़ियों को प्रेरित करने का एक बेहतरीन मंच बताया है।

    हॉकी इंडिया के अध्यक्ष और पूर्व ओलंपियन दिलीप तिर्की ने ‘आईएएनएस’ से कहा, “छत्तीसगढ़ में पहली बार खेलो इंडिया ट्रायबल गेम्स का आयोजन हो रहा है, जिसके लिए मैं छत्तीसगढ़ सरकार का धन्यवाद देना चाहता हूं। इन आदिवासी खिलाड़ियों के पास प्रतिभा है। इनके पास अपनी प्रतिभा दिखाने का शानदार मंच है। साई (स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) की सेलेक्शन कमेटी यहां आ रही है, जो श्रेष्ठ खिलाड़ियों को सेलेक्ट करेगी। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसके लिए धन्यवाद देना चाहूंगा, जो चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा आदिवासी बच्चे खेलों में आगे बढ़ें। ये बच्चे ओलंपिक 2036 में खेलें। इस सोच के साथ खेलो इंडिया ट्रायबल गेम्स का आयोजन किया जा रहा है। इन खेलों से आदिवासी बच्चों में आत्मविश्वास जागेगा।”

    उन्होंने कहा, “स्पोर्ट्स हमारे समाज को बेहतर बनाने में मदद करता है। हमारा यूथ कई बार मुख्यधारा से हट जाता है। कई बच्चे पढ़ाई नहीं कर पाते, वह राह भटक जाते हैं, लेकिन खेल एक ऐसी गतिविधि है, जिसके जरिए उन्हें आगे बढ़ाया जा सकता है। आदिवासी खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स कोटा के तहत नौकरी भी मिली है। स्पोर्ट्स ने आदिवासी बच्चों को आगे बढ़ने में मदद की है।”

    खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में 30 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश 9 खेलों में हिस्सा ले रहे हैं। तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, भारोत्तोलन और कुश्ती में पदक दिए जाएंगे। प्रदर्शनी खेलों में मल्लखंभ और कबड्डी जैसे पारंपरिक खेल शामिल होंगे। इस प्रतियोगिता में लगभग 3,800 प्रतिभागियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है। यह आयोजन 3 अप्रैल को समाप्त होगा। ये खेल तीन शहरों- रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में आयोजित किए जाएंगे।

    मेजबान छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और असम का इन खेलों में सबसे बड़ा प्रतिनिधित्व होगा। इनमें से प्रत्येक राज्य के 100 से अधिक एथलीट हिस्सा लेंगे। पुरुष और महिला एथलीट्स का अनुपात लगभग बराबर होगा।

    खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में कुल 106 गोल्ड मेडल दिए जाएंगे। सबसे ज्यादा 34 मेडल एथलेटिक्स में होंगे। तैराकी (24), कुश्ती (18), भारोत्तोलन (16) और तीरंदाजी (10) में भी दो अंकों में गोल्ड मेडल दिए जाएंगे। हॉकी और फुटबॉल दो टीम खेल हैं, और ये दोनों ही रायपुर में खेले जाएंगे। एथलेटिक्स इवेंट जगदलपुर में होंगे, जबकि सरगुजा में कुश्ती प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।