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  • LIVE मैच में रियान पराग पर विवाद, सिगरेट वाले वीडियो से मचा बवाल

    LIVE मैच में रियान पराग पर विवाद, सिगरेट वाले वीडियो से मचा बवाल


    नई दिल्ली | आईपीएल 2026 के बीच एक नया विवाद सामने आया है, जिसने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। रियान पराग का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह लाइव मैच के दौरान सिगरेट के छल्ले उड़ाते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद फैंस और क्रिकेट प्रेमियों में नाराजगी देखी जा रही है।

    हालांकि, इस वीडियो की प्रामाणिकता को लेकर अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके बावजूद यह मुद्दा चर्चा का विषय बन चुका है। कई लोग इसे खेल भावना के खिलाफ और “शर्मनाक हरकत” बता रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि वीडियो एडिटेड भी हो सकता है।

    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की ओर से फिलहाल इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन अगर वीडियो सही पाया जाता है, तो बोर्ड के आचार संहिता के तहत कार्रवाई संभव मानी जा रही है।

    आईपीएल जैसे बड़े मंच पर खिलाड़ियों से अनुशासन और पेशेवर व्यवहार की उम्मीद की जाती है। ऐसे में किसी भी तरह की विवादित गतिविधि लीग की छवि को प्रभावित कर सकती है। बीसीसीआई आमतौर पर खिलाड़ियों के आचरण को लेकर सख्त रुख अपनाता है और पहले भी कई मामलों में जुर्माना या निलंबन जैसी कार्रवाई की जा चुकी है।

    रियान पराग, जो राजस्थान रॉयल्स के अहम खिलाड़ी हैं, इस सीजन में अपने प्रदर्शन को लेकर भी चर्चा में रहे हैं। ऐसे में यह विवाद उनके लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।

    फिलहाल सभी की नजरें बीसीसीआई के अगले कदम पर टिकी हैं। अगर जांच में वीडियो सही पाया जाता है, तो पराग को सजा का सामना करना पड़ सकता है। वहीं अगर यह फर्जी साबित होता है, तो मामला यहीं खत्म हो जाएगा।

    कुल मिलाकर, यह विवाद आईपीएल 2026 के बीच एक नया मोड़ लेकर आया है, जहां खेल के साथ-साथ खिलाड़ियों के आचरण पर भी सवाल उठ रहे हैं।

  • चोट के बावजूद खेल रहे हैं Virat Kohli, फिटनेस को लेकर बड़ा खुलासा

    चोट के बावजूद खेल रहे हैं Virat Kohli, फिटनेस को लेकर बड़ा खुलासा

     
    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के रोमांचक मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) को 5 विकेट से हराकर एक और जीत अपने नाम की। 147 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए RCB ने 29 गेंद शेष रहते 149 रन बनाकर आसान जीत दर्ज की। इस जीत में सबसे अहम भूमिका विराट कोहली की रही, जिन्होंने 34 गेंदों पर 49 रन बनाए और टीम को मजबूत शुरुआत दी। उनकी इस पारी में 6 चौके और 1 छक्का शामिल रहा। कोहली ने देवदत्त पडिक्कल के साथ दूसरे विकेट के लिए 57 रनों की साझेदारी कर जीत की नींव रखी।

    घुटने की चोट से जूझ रहे हैं विराट कोहली

    मैच के बाद विराट कोहली ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उनका घुटना अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले एक सप्ताह से वह घुटने में दर्द और सूजन की समस्या से परेशान हैं। कोहली ने माना कि वह इस मैच में भी 100 प्रतिशत फिट नहीं थे, लेकिन टीम के लिए मैदान पर उतरना जरूरी था। उन्होंने कहा कि पिछले मुकाबले की तुलना में स्थिति बेहतर है, लेकिन अभी पूरी तरह फिट होने में समय लगेगा।

    ‘मैं अभी पूरी तरह फिट नहीं हूं’ – कोहली

    कोहली ने मैच के बाद बातचीत में बताया कि पिछले चार-पांच दिनों से उनका स्वास्थ्य भी ठीक नहीं रहा। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश थी कि पावरप्ले में ही मैच का रुख बदल दिया जाए। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वह मैच को और बेहतर तरीके से खत्म कर सकते थे। इसके बावजूद उन्होंने अपनी बल्लेबाजी और जज्बे पर संतोष जताया।

    पिच और रणनीति पर भी रखी राय

    विराट कोहली ने पिच को लेकर कहा कि सतह पर ज्यादा घास नहीं थी और यह अपेक्षाकृत धीमी थी। गर्म मौसम के कारण पिच का व्यवहार अलग था, जिससे बल्लेबाजी चुनौतीपूर्ण हो गई थी। उन्होंने बताया कि उनकी रणनीति शुरुआती ओवरों में ही विपक्षी टीम पर दबाव बनाने की थी, ताकि लक्ष्य आसान हो सके।

    RCB की गेंदबाजी ने भी दिखाया दम

    इस मुकाबले में RCB की जीत में गेंदबाजों का भी अहम योगदान रहा। रसिख सलाम ने 4 विकेट और भुवनेश्वर कुमार ने 3 विकेट लेकर LSG की बल्लेबाजी को झकझोर दिया। LSG की पूरी टीम 146 रन पर सिमट गई। कृणाल पंड्या ने भी 2 विकेट हासिल किए। बेहतरीन गेंदबाजी के कारण RCB को आसान लक्ष्य मिला।

    LSG के कार्यवाहक कप्तान ने मानी कमजोरी

    LSG के कप्तान निकोलस पूरन ने हार के बाद स्वीकार किया कि उनकी टीम इस सीजन में लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि 175 रन का स्कोर प्रतिस्पर्धी होता, लेकिन बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके। पूरन ने माना कि टी20 क्रिकेट में निरंतरता मुश्किल होती है, लेकिन टीम प्रयास कर रही है।

    यह मुकाबला RCB की शानदार जीत के साथ-साथ विराट कोहली की फिटनेस को लेकर चिंता भी छोड़ गया है। घुटने की चोट के बावजूद उनका प्रदर्शन टीम के लिए बेहद अहम साबित हुआ, लेकिन आने वाले मैचों में उनकी उपलब्धता और फिटनेस RCB के अभियान के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।

  • हरमनप्रीत कौर का बड़ा बयान: इस साल टीम इंडिया ने जीतीं सभी ट्रॉफियां

    हरमनप्रीत कौर का बड़ा बयान: इस साल टीम इंडिया ने जीतीं सभी ट्रॉफियां


    नई दिल्ली। भारत को बतौर कप्तान वनडे वर्ल्ड कप 2025 का खिताब जिताने वाली कप्तान हरमनप्रीत कौर ने महिला क्रिकेट की पहचान और लोकप्रियता में आए बदलाव को जीना ‘एक शानदार एहसास’ बताया है। कप्तान और उनकी टीम को पता था कि देश में बदलाव तभी आएगा, जब उनके नाम कोई बड़ी ट्रॉफी होगी। इसके साथ ही उन्होंने टीम इंडिया की सफलता का श्रेय भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को दिया है।

    भारत ने साल 2026 में हुए दोनों आईसीसी इवेंट्स अपने नाम किए हैं। कौर ने सभी फॉर्मेट में भारत के दबदबे का श्रेय भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को देते हुए कहा, “इस साल, हमने अब तक सभी ट्रॉफियां जीती हैं। यह दिखाता है कि बीसीसीआई क्रिकेट के सभी फॉर्मेट को हर स्टेज पर बेहतर बनाने के लिए कितनी मेहनत कर रहा है। मुझे लगता है कि उनकी मेहनत रंग ला रही है। हमारी सभी टीमों ने अच्छा प्रदर्शन किया है और सभी टीमों ने आईसीसी टाइटल जीते हैं।”

    बुधवार को नई दिल्ली के द्वारका के ओमेक्स स्टेडियम में हरमनप्रीत कौर के सम्मान में स्टैंड का नामकरण हुआ। इस दौरान हरमनप्रीत ने ‘आईएएनएस’ से कहा, “जाहिर है, मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। हम सभी जानते थे कि जब वर्ल्ड कप जीतेंगे, तो चीजें बदल जाएंगी। इसलिए, उस बदलाव को महसूस करना और उस बदलाव को जीने का मौका मिलना एक शानदार एहसास है।”

    ओमेक्स स्टेट स्टेडियम के नॉर्थ पवेलियन सेक्शन में 1,500 से ज्यादा सीटों वाले हिस्से का नाम ‘हरमनप्रीत कौर स्टैंड’ रखने का मकसद अधिक से अधिक महिला दर्शकों को मैच देखने के लिए प्रोत्साहित करना है। यह देश का पहला खास ‘पिंक स्टैंड’ भी होगा, जो 2027 के आखिर में स्टेडियम खुलने पर पूरी तरह से तैयार हो जाएगा।

    भारतीय कप्तान ने कहा, “मुझे लगता है कि यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। दुनिया में इस तरह का विचार लाना भी अपने आप में एक बहुत बड़ी बात है। आजकल हम लड़कियों के खेल-कूद में हिस्सा लेने के बारे में तो खूब बातें करते हैं, लेकिन हमने कभी यह नहीं सोचा कि जो लोग मैच देखने आते हैं, उनके लिए चीजें कैसी होनी चाहिए। इसलिए, उन्हें भी ध्यान में रखना और उन्हें भी उतनी ही अहमियत देना बहुत जरूरी है। मुझे लगता है कि लड़कियों को इस स्टैंड में आकर अपनी पसंदीदा टीम का हौसला बढ़ाते देखना बहुत शानदार होगा। यह एक बहुत अच्छी पहल है।”

    दाएं हाथ की बल्लेबाज ने महिला क्रिकेट के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के महत्व पर भी जोर दिया, जिसमें स्टेडियम, रेजिडेंशियल अकादमियां और ट्रेनिंग की सुविधाएं शामिल हैं, ताकि अगली पीढ़ी की महिला क्रिकेटर्स के लिए रास्ता आसान हो सके।

    उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह उनके लिए बहुत अच्छा होगा, क्योंकि उन्हें वे मुश्किल दिन नहीं देखने पड़ेंगे। हमसे पहले हमारे सीनियर्स ने वे दिन देखे थे और हमने भी थोड़े-बहुत देखे थे। तो, अब मुझे लगता है कि ओमेक्स जैसे लोग, वे सच में इस बात का ध्यान रख रहे हैं, ताकि बच्चों के लिए एक अच्छा स्टेडियम बन सके।

  • चूड़ियां सिंदूर के साथ मैदान में उतरीं महिलाएं, नरसिंहपुर का सिंदूर कप बना सशक्तिकरण की मिसाल

    चूड़ियां सिंदूर के साथ मैदान में उतरीं महिलाएं, नरसिंहपुर का सिंदूर कप बना सशक्तिकरण की मिसाल


    नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में खेल और महिला सशक्तिकरण का एक अनोखा संगम देखने को मिला जब स्टेडियम ग्राउंड में गृहणियों और कामकाजी महिलाओं ने क्रिकेट के मैदान पर अपने जज्बे का शानदार प्रदर्शन किया। हाथों में चूड़ियां माथे पर सिंदूर और दिल में जीत का जुनून लिए इन महिलाओं ने सिंदूर कप के जरिए यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी दायरे की मोहताज नहीं होती।

    भारतीय महिला क्रिकेट टीम की महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप में शानदार सफलता से प्रेरित होकर आयोजित इस टूर्नामेंट ने जिले में नई ऊर्जा भर दी। आमतौर पर घर परिवार की जिम्मेदारियों में व्यस्त रहने वाली महिलाओं ने जब बल्ला और गेंद थामी तो मैदान पर चौके छक्कों की बारिश होने लगी और दर्शक भी आश्चर्यचकित रह गए।

    स्टेडियम मैदान पर आयोजित सिंदूर कप में जिले की छह विवाहित महिला टीमों ने हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता की खास बात यह रही कि इसमें विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाएं शामिल हुईं। एक ओर महिला पुलिसकर्मियों की टीम थी तो दूसरी ओर शिक्षिकाएं और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी महिलाएं मैदान में उतरीं। सभी टीमों ने पूरे जोश और खेल भावना के साथ मुकाबला किया।

    दो दिनों तक चले इस रोमांचक टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला पुलिस इलेवन और शिक्षा विभाग की टीम के बीच खेला गया। मैच के दौरान कभी शिक्षिकाओं की बल्लेबाजी हावी नजर आई तो कभी महिला पुलिसकर्मियों की सटीक गेंदबाजी ने मुकाबले को रोमांचक बना दिया। अंततः कड़े संघर्ष के बाद पुलिस इलेवन टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिंदूर कप की ट्रॉफी अपने नाम कर ली।

    इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को घर की चारदीवारी से बाहर निकालकर खेल स्वास्थ्य और आत्मविश्वास से जोड़ना था। टूर्नामेंट के दौरान महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। वे पूरे जोश के साथ खेलते हुए अपने बचपन के दिनों को फिर से जीती नजर आईं।

    सिंदूर कप न केवल एक खेल प्रतियोगिता रहा बल्कि यह महिलाओं के आत्मबल सामूहिकता और सामाजिक भागीदारी का भी प्रतीक बनकर उभरा। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि अगर अवसर मिले तो महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकती हैं।

  • टी-20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले श्रीलंका का बड़ा फैसला: धनंजय डी सिल्वा बाहर, कामिंदु मेंडिस की एंट्री से बढ़ी चुनौती

    टी-20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले श्रीलंका का बड़ा फैसला: धनंजय डी सिल्वा बाहर, कामिंदु मेंडिस की एंट्री से बढ़ी चुनौती


    नई दिल्ली । भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले श्रीलंका क्रिकेट टीम ने अपने स्क्वॉड में बड़ा और अहम बदलाव किया है। टीम मैनेजमेंट ने कड़ा फैसला लेते हुए आउट ऑफ फॉर्म चल रहे अनुभवी खिलाड़ी धनंजय डी सिल्वा को 15 सदस्यीय टीम से बाहर कर दिया है, जबकि उनकी जगह विस्फोटक बल्लेबाज कामिंदु मेंडिस को शामिल किया गया है। इस फैसले को वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

    धनंजय डी सिल्वा हाल के दिनों में पाकिस्तान और इंग्लैंड जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे थे। रन बनाने में संघर्ष और कमजोर स्ट्राइक रेट को देखते हुए चयनकर्ताओं ने वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर उन्हें मौका न देने का फैसला किया। इसके उलट कामिंदु मेंडिस, जो पिछले कुछ समय से टीम से बाहर चल रहे थे, अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और बहुआयामी क्षमता के चलते एक बार फिर चयनकर्ताओं का भरोसा जीतने में सफल रहे हैं। उनकी वापसी से टीम के बल्लेबाजी संतुलन में मजबूती आने की उम्मीद है।

    इस बार श्रीलंका ने युवा प्रतिभाओं पर भी बड़ा दांव खेला है। 23 वर्षीय बल्लेबाज पवन रत्नायके और तेज गेंदबाज ईशान मलिंगा को वर्ल्ड कप स्क्वॉड में जगह दी गई है, जबकि प्रमोद मदुशन को बाहर बैठना पड़ा है। धनंजय के बाहर होने से बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर दुनिथ वेललागे के लिए प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना आसान हो गया है। वेललागे के पास फ्रेंचाइजी क्रिकेट का अच्छा अनुभव है और उन्होंने हाल ही में श्रीलंका-ए टीम की सफल कप्तानी कर अपनी क्षमता साबित की है।

    सह-मेजबान होने के नाते श्रीलंका को घरेलू परिस्थितियों का भरपूर फायदा मिलने की उम्मीद है। ग्रुप बी के सभी मुकाबले कोलंबो और पल्लेकेले में खेले जाएंगे। श्रीलंका का सामना इस ग्रुप में ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड, ओमान और जिम्बाब्वे जैसी टीमों से होगा। टीम 8 फरवरी को आयरलैंड के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी, इसके बाद 12 फरवरी को ओमान, 16 फरवरी को ऑस्ट्रेलिया और 19 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ मैदान में उतरेगी।

    टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए घोषित श्रीलंका की 15 सदस्यीय टीम में कप्तान दासुन शनाका नेतृत्व करेंगे। बल्लेबाजी क्रम में पथुम निसांका, कुसल मेंडिस, कुसल परेरा, चरिथ असलांका और कामिंदु मेंडिस शामिल हैं। ऑलराउंड विभाग में वानिंदु हसरंगा, दुनिथ वेललागे, जेनिथ लियानागे और पवन रत्नायके को जगह दी गई है, जबकि गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी महीश तीक्षाना, दुष्मंता चमीरा, मथीशा पथिराना और ईशान मलिंगा संभालेंगे। संतुलित टीम के साथ श्रीलंका अब घरेलू दर्शकों के सामने खिताब जीतने के इरादे से उतरेगा।

  • IPL 2026 में बदल सकता है विराट कोहली की RCB का मालिक, अदर पूनावाला के पोस्ट से बढ़ीं अटकलें

    IPL 2026 में बदल सकता है विराट कोहली की RCB का मालिक, अदर पूनावाला के पोस्ट से बढ़ीं अटकलें


    नई दिल्ली। IPL 2026 में बदल सकता है विराट कोहली की RCB का मालिक, अदर पूनावाला के पोस्ट से बढ़ीं अटकलें
    बेंगलुरु। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के स्वामित्व में बदलाव की खबरों ने क्रिकेट प्रेमियों में हलचल मचा दी है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदर पूनावाला ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया पोस्ट में संकेत दिए कि वह RCB के लिए “मजबूत और प्रतिस्पर्धी” बोली लगाने जा रहे हैं।

    पूनावाला ने अपने पोस्ट में लिखा: “आने वाले कुछ महीनों में मैं आईपीएल की सबसे बेहतरीन टीमों में से एक RCB के लिए एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी बोली पेश करूंगा।” हालांकि उन्होंने बोली की समय-सीमा या संभावित राशि का जिक्र नहीं किया।

    आईपीएल 2026 की शुरुआत 26 मार्च से प्रस्तावित है, इसलिए यह प्रक्रिया जल्द पूरी करनी होगी।

    RCB की बिक्री की पृष्ठभूमि:
    ‘फोर्ब्स इंडिया’ के अनुसार, RCB का मूल्य लगभग 105 मिलियन डॉलर है। मौजूदा मालिक यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड (यूएसएल) है, जो डियाजियो की भारतीय इकाई है। टीम के चार जून 2025 को हुए जीत समारोह में हुई भगदड़ में 11 प्रशंसकों की मौत के बाद बिक्री प्रक्रिया को तेज किया गया था। बता दें कि यूनाइटेड स्पिरिट्स ने 2016 में विजय माल्या के कारोबार के पतन के बाद RCB को अधिग्रहित किया था। 

    https://twitter.com/adarpoonawalla/status/2014318866147742087

    घरेलू मुकाबलों का स्थान भी सवालों में:
    पूनावाला के बयान के साथ ही अटकलें लगाई जा रही हैं कि आईपीएल 2026 में RCB अपने घरेलू मुकाबले बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर खेल सकती है। पुणे, मुंबई और रायपुर ने टीम से अपने शहर में मैचों की मेजबानी के लिए संपर्क किया है।
    कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KCSA) ने RCB से बेंगलुरु में ही मैच आयोजित करने का आग्रह किया है।

    RCB ने कहा, “अभी कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन पर और विचार करने की जरूरत है। हम सभी सुझावों और पहलुओं पर गौर कर रहे हैं, ताकि टीम और प्रशंसकों के हित में जिम्मेदार निर्णय लिया जा सके।”

    अन्य संभावित दावेदार:
    पूनावाला के अलावा, विजय किरागंदूर की होम्बले फिल्म्स कंपनी भी RCB के स्वामित्व की दौड़ में मानी जा रही है। होम्बले फिल्म्स ‘केजीएफ’ और ‘कांतारा’ जैसी सुपरहिट फिल्मों की निर्माता है।

  • हरमनप्रीत कौर ने बताई भूलें, मुंबई इंडियंस की जीत WPL 2026 में आखिरी ओवर तक फिसली

    हरमनप्रीत कौर ने बताई भूलें, मुंबई इंडियंस की जीत WPL 2026 में आखिरी ओवर तक फिसली

    नई दिल्ली। WPL 2026 के पहले मुकाबले में मुंबई इंडियंस को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के हाथों रोमांचक हार का सामना करना पड़ा। पहले बल्लेबाजी करते हुए मुंबई ने 20 ओवरों में 154 रन बनाए, लेकिन आरसीबी की मिडिल ऑर्डर बल्लेबाजी ने खेल का रुख बदल दिया। आरसीबी ने सिर्फ 65 रन पर पांच अहम विकेट खो दिए थे, और उस समय मैच मुंबई के पक्ष में दिखाई दे रहा था।

    लेकिन नादिन डि क्लार्क ने शानदार खेल दिखाया और टीम को अंतिम ओवर तक बनाए रखा। उनका आत्मविश्वास और पारी ने रोमांचक मोड़ ला दिया।

    18 रन, आखिरी ओवर और मुंबई की चूक

    मैच के निर्णायक अंतिम ओवर में आरसीबी को जीत के लिए 18 रन चाहिए थे। मुंबई इंडियंस ने यह ओवर नेट सेवियर ब्रंट को सौंपा। शुरुआती दो गेंदों में ब्रंट ने अच्छी नियंत्रण वाली गेंदें फेंकी, जिससे मुंबई की जीत लगभग तय लग रही थी। लेकिन इसके बाद उनकी लाइन और लेंथ लड़खड़ा गई, और नादिन ने लगातार चौके और छक्के जड़कर अपनी टीम को जीत दिला दी।

    हरमनप्रीत कौर ने स्वीकार की गेंदबाजी में चूक

    हार के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा कि टीम को नादिन डि क्लार्क की क्षमताओं का पहले से अंदाजा था, लेकिन अंतिम ओवर में गेंदबाजी सटीक नहीं रही। उन्होंने माना कि मुंबई ने नादिन को दो-तीन अवसर दिए, जिन्हें उन्होंने पूरी तरह भुनाया। हरमनप्रीत ने कहा, “सिर्फ एक सही गेंद डाली जाती तो नतीजा मुंबई के पक्ष में हो सकता था।”

    टीम की सीख और आगे की तैयारी

    हरमनप्रीत कौर ने यह भी कहा कि WPL में ऐसे करीबी मुकाबले आम हैं और टीम इस हार से सीख लेकर अगले मैचों में बेहतर प्रदर्शन करेगी। उन्होंने खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत रहने और दबाव में सही निर्णय लेने की आवश्यकता पर जोर दिया।

    इस रोमांचक शुरुआत से यह साफ हो गया है कि WPL 2026 में हर मैच दर्शकों के लिए बेहद रोमांचक और निर्णायक साबित होगा। मुंबई इंडियंस अब अपनी अगली चुनौती के लिए तैयारी में जुट जाएगी, जबकि आरसीबी ने जीत के साथ आत्मविश्वास बढ़ाया।

  • BCB डायरेक्टर ने तमीम इकबाल को कहा ‘भारतीय एजेंट’, खिलाड़ियों और फैंस में भारी गुस्सा

    BCB डायरेक्टर ने तमीम इकबाल को कहा ‘भारतीय एजेंट’, खिलाड़ियों और फैंस में भारी गुस्सा

    नई दिल्ली। बांग्लादेश के पूर्व कप्तान तमीम इकबाल ने हाल ही में भारत-बांग्लादेश क्रिकेट संबंधों में मौजूदा तनाव को बातचीत से सुलझाने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश क्रिकेट को 90-95 प्रतिशत फाइनेंस ICC से मिलता है और इसलिए किसी भी फैसले या बयान से पहले बांग्लादेश क्रिकेट के हितों और भविष्य पर विचार करना चाहिए।

    इसके बाद BCB डायरेक्टर एम नज़्मुल इस्लाम ने तमीम के इस बयान का एक फोटो शेयर करते हुए उन्हें “भारतीय एजेंट” कहकर मज़ाक उड़ाया। इस टिप्पणी ने क्रिकेट फैंस के बीच गुस्सा और नाराजगी फैल दी।

    खिलाड़ियों का विरोध

    तमीम इकबाल के खिलाफ BCB अधिकारी की टिप्पणी पर कई बांग्लादेशी क्रिकेटरों ने सोशल मीडिया पर गुस्सा जताया। मोमिनुल हक, तस्कीन अहमद और तैजुल इस्लाम सहित कई खिलाड़ियों ने डायरेक्टर के बयान का विरोध किया।

    तस्कीन ने लिखा, “क्रिकेट बांग्लादेश की जान है। एक पूर्व नेशनल कप्तान के खिलाफ की गई टिप्पणी ने कई लोगों को परेशान किया है।”

    तेज गेंदबाज मोहम्मद सैफुद्दीन और तैजुल इस्लाम ने भी डायरेक्टर की इस टिप्पणी का विरोध करते हुए इसे बांग्लादेश क्रिकेट की संस्कृति और खेल समुदाय के खिलाफ बताया। तैजुल ने जोर देकर कहा कि बीसीबी डायरेक्टर को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

    BCB और ICC के बीच तनाव

    पिछले दिनों BCB और BCCI के बीच भी तनाव देखा गया है। BCCI के निर्देश पर केकेआर ने मुस्तफिजुर रहमान को IPL से रिलीज किया था, जिसके बाद बांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर रोक लगाई और ICC से मांग की कि उनके T20 वर्ल्ड कप के मैच श्रीलंका में शिफ्ट किए जाएं, क्योंकि खिलाड़ी भारत नहीं जाना चाहते।

    तमीम का موقف साफ

    तमीम इकबाल ने अपने बयान में कहा कि वे मीडिया से ही जानकारी पा रहे हैं और अचानक टिप्पणी करना सही नहीं। उनका साफ संदेश था कि बातचीत और सहमति से ही किसी विवाद को सुलझाया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि निर्णय लेने से पहले सभी पहलुओं पर विचार होना चाहिए ताकि पीछे हटना मुश्किल न हो।

    निष्कर्ष

    BCB डायरेक्टर के विवादित बयान ने बांग्लादेश क्रिकेट में हलचल मचा दी है। खिलाड़ियों और फैंस की नाराजगी के बाद अब अधिकारी पर माफी मांगने का दबाव बढ़ गया है। इस विवाद ने देश में क्रिकेट प्रशासनिक संस्कृति और पेशेवर आचरण पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जूनियर्स हॉकी विश्व कप-2025 में कांस्य पदक जीतने पर टीम को दी बधाई

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जूनियर्स हॉकी विश्व कप-2025 में कांस्य पदक जीतने पर टीम को दी बधाई

     
    मध्य प्रदेश /मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एफ.आई.एच. हॉकी पुरुष जूनियर्स विश्व कप-2025 में भारतीय जूनियर हॉकी टीम द्वारा कांस्य पदक जीतने पर टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। यह उपलब्धि न केवल भारतीय हॉकी के लिए गौरवपूर्ण है बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस उपलब्धि ने दिखा दिया है कि समर्पण अनुशासन और निरंतर प्रयास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा -यह अभूतपूर्व उपलब्धि हमारे युवा खिलाड़ियों की मेहनत संघर्ष और टीम भावना का परिणाम है। जूनियर्स टीम ने हर मुकाबले में अपने कौशल और धैर्य का लोहा मनवाया और विश्व कप में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया।-

    उन्होंने कहा कि यह पदक केवल एक जीत नहीं है बल्कि यह भविष्य के लिए नई प्रेरणा और उम्मीद लेकर आता है। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से आग्रह किया कि वे इसी उत्साह और मेहनत के साथ आगे बढ़ें और भारतीय हॉकी को विश्व स्तर पर और ऊँचाइयों तक पहुँचाएँ। उन्होंने कहा कि सरकार इस तरह की उपलब्धियों को बढ़ावा देने के लिए खिलाड़ियों के लिए बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएँ और अंतरराष्ट्रीय अनुभव सुनिश्चित करने में लगातार प्रयास कर रही है।एफ.आई.एच. जूनियर्स विश्व कप-2025 में भारतीय टीम ने कठिन मुकाबलों के बाद कांस्य पदक अपने नाम किया। टीम ने सेमीफाइनल में चुनौतीपूर्ण मैचों का सामना किया और हार के बावजूद अपने आत्मविश्वास और सामूहिक रणनीति से कांस्य पदक जीतने में सफलता हासिल की। इस उपलब्धि ने खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टीम के प्रत्येक सदस्य का नाम लेते हुए उनके योगदान की सराहना की और कहा कि उनके खेल में अनुशासन और समर्पण ने ही टीम को इस सफलता तक पहुँचाया। उन्होंने कहा कि यह जीत भारतीय हॉकी के उज्जवल भविष्य की ओर संकेत करती है और आने वाले वर्षों में देश की हॉकी को और मजबूत बनाने में मदद करेगी। डॉ. यादव ने कहा कि सरकार खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण केंद्र और अकादमिक कार्यक्रम संचालित कर रही है। इसके तहत खिलाड़ियों को उच्च गुणवत्ता वाले कोचिंग आधुनिक प्रशिक्षण उपकरण और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर दिए जाते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में और अधिक युवा खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करेंगे।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस सफलता ने न केवल खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया है बल्कि पूरे देश में खेलों के प्रति उत्साह और विश्वास को भी बढ़ाया है। उन्होंने टीम के कोच और सपोर्ट स्टाफ को उनके समर्पण के लिए धन्यवाद दिया जिन्होंने खिलाड़ियों को हर स्थिति में मार्गदर्शन और प्रेरणा दी। डॉ. यादव ने खिलाड़ियों से कहाआपकी यह जीत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी। यह दिखाती है कि मेहनत धैर्य और टीम भावना के साथ किसी भी चुनौती का सामना किया जा सकता है। हमें आप पर गर्व है और हम आपके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं।-इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर हॉकी और अन्य खेलों के विकास के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों की सफलता केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि पूरे देश की उपलब्धि है और इसे राष्ट्रीय गौरव के रूप में देखा जाना चाहिए।

  • गौतम गंभीर को पुराने साथी आकाश चोपड़ा की नसीहत-“इतनी लड़ाइयाँ मत लो, लोग गिरने का इंतज़ार करेंगे”

    गौतम गंभीर को पुराने साथी आकाश चोपड़ा की नसीहत-“इतनी लड़ाइयाँ मत लो, लोग गिरने का इंतज़ार करेंगे”


    नई दिल्ली । टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। अपने छोटे से कोचिंग कार्यकाल में ही वे कई विवादों में घिर चुके हैं। अब उनके पुराने साथी और पूर्व भारतीय ओपनर आकाश चोपड़ा ने गंभीर को सार्वजनिक मंचों पर टकराव से बचने की सलाह दी है।

    दिल्ली कैपिटल्स के मालिक पर टिप्पणी से बढ़ा विवाद

    हाल ही में गंभीर ने दिल्ली कैपिटल्स के मालिक पार्थ जिंदल पर बिना नाम लिए जवाब दिया था। जिंदल ने टीम के लिए स्प्लिट कोचिंग मॉडल अपनाने की बात कही थी। गंभीर ने इस सुझाव पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि “हर किसी को अपने डोमेन में रहना चाहिए।”

    भारत की साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज़ जीत के तुरंत बाद दिए गए इस बयान ने और बहस छेड़ दी-खासकर तब, जब इससे पहले टीम को घरेलू टेस्ट सीरीज़ में 0-3 से हार झेलनी पड़ी थी। इस हार ने गंभीर के शुरुआती कोचिंग दौर में कई सवाल खड़े किए।

    आकाश चोपड़ा की सलाह-“गंभीर खुद पर आलोचना की बौछार बुला लेते हैं”

    अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए चोपड़ा ने कहा:
    “गौतम की खासियत है कि वे प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल खोलकर बोलते हैं, कुछ भी नहीं छुपाते। लेकिन मेरी एक निजी सलाह है कि इतनी लड़ाइयाँ मत लो। जब आप किसी बात पर बहुत ज्यादा टकराव वाले हो जाते हैं, तो लोग आपकी हार का इंतजार करने लगते हैं। कभी-कभी लगता है कि गंभीर खुद को आलोचना के लिए एक्सपोज़ कर देते हैं।”

    “दिल सही जगह पर है, लेकिन टकराव कम करें”

    चोपड़ा ने गंभीर के जज़्बे और इरादों की तारीफ करते हुए कहा:
    “एक बात पक्की है-गौतम बेहद पैशनेट इंसान हैं। उनका दिल देश और टीम के लिए धड़कता है। वे हमेशा लड़ने को तैयार रहते हैं। लेकिन मेरी सलाह यही है कि अनावश्यक लड़ाइयाँ मत लड़ो। किसी को खुश करना जरूरी नहीं, लेकिन लोगों को आपके गिरने का इंतज़ार न करने दो।”