Tag: Sri Lanka Tour

  • श्रीलंका की धरती पर टीम इंडिया का दबदबा, 24 टेस्ट में 9 जीत; कोहली की कप्तानी में 2017 में किया था क्लीन स्वीप

    श्रीलंका की धरती पर टीम इंडिया का दबदबा, 24 टेस्ट में 9 जीत; कोहली की कप्तानी में 2017 में किया था क्लीन स्वीप


    नई दिल्ली । भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का रोमांच 15 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। नए टेस्ट कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में टीम इंडिया श्रीलंका की धरती पर अपने मजबूत रिकॉर्ड को बरकरार रखने के इरादे से मैदान में उतरेगी। भारतीय टीम के सामने न सिर्फ सीरीज जीतने की चुनौती होगी बल्कि पिछले कुछ वर्षों से श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में चले आ रहे दबदबे को कायम रखने की जिम्मेदारी भी होगी।

    श्रीलंका की सरजमीं पर भारतीय टीम का रिकॉर्ड काफी प्रभावशाली रहा है। भारत ने अब तक वहां कुल 24 टेस्ट मैच खेले हैं। इनमें टीम इंडिया ने 9 मुकाबलों में जीत दर्ज की है, जबकि 7 मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा। वहीं 8 टेस्ट मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि विदेशी परिस्थितियों में खेलने के बावजूद भारतीय टीम ने श्रीलंका के खिलाफ लगातार मजबूत प्रदर्शन किया है।

    भारत ने आखिरी बार 2017 में श्रीलंका का दौरा किया था। उस दौरे पर विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंकाई टीम का सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया था। उस दौरे की जीत भारतीय टेस्ट क्रिकेट के यादगार अभियानों में शामिल रही। टीम इंडिया ने तीनों मुकाबलों में अपना दबदबा कायम रखा और श्रीलंका को किसी भी मैच में वापसी का मौका नहीं दिया।

    अगर भारत और श्रीलंका के बीच ओवरऑल टेस्ट रिकॉर्ड की बात करें तो दोनों टीमों के बीच अब तक 46 टेस्ट मुकाबले खेले गए हैं। इनमें भारत ने 22 मैचों में जीत हासिल की है, जबकि श्रीलंका को सिर्फ 7 मुकाबलों में जीत मिली है। दोनों टीमों के बीच कई मुकाबले ड्रॉ भी रहे हैं। यह आंकड़ा साफ तौर पर बताता है कि टेस्ट क्रिकेट में श्रीलंका के खिलाफ भारतीय टीम का पलड़ा काफी भारी रहा है।

    भारत और श्रीलंका की आखिरी टेस्ट भिड़ंत 2022 में हुई थी। रोहित शर्मा की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने उस सीरीज में श्रीलंका को 2-0 से हराया था। ऐसे में भारतीय टीम के पास श्रीलंका के खिलाफ लगातार सीरीज जीतने का सिलसिला आगे बढ़ाने का मौका है। हालांकि इस बार कप्तानी की जिम्मेदारी शुभमन गिल के कंधों पर है और उनके लिए यह सीरीज बतौर टेस्ट कप्तान एक महत्वपूर्ण परीक्षा मानी जा रही है।

    सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय टीम ने तीन दिवसीय वॉर्मअप मुकाबले में भी अपनी तैयारियों का मजबूत संकेत दिया। टीम इंडिया ने श्रीलंका क्रिकेट इलेवन को 6 विकेट से हराया। इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने अच्छी लय दिखाई। यशस्वी जायसवाल, देवदत्त पडिक्कल, रवींद्र जडेजा और कप्तान शुभमन गिल ने प्रभावशाली बल्लेबाजी की।

    देवदत्त पडिक्कल ने पहली पारी में शानदार शतक लगाते हुए 142 रन की नाबाद पारी खेली। उनके प्रदर्शन से भारतीय टीम के मध्यक्रम को मजबूती मिली। वहीं अन्य बल्लेबाजों ने भी उपयोगी पारियां खेलकर सीरीज से पहले अपनी तैयारियों का संकेत दिया।

    अब सबकी नजरें 15 अगस्त से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज पर हैं। शुभमन गिल के लिए यह सिर्फ श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज नहीं होगी बल्कि बतौर कप्तान अपने नेतृत्व को मजबूत करने का भी बड़ा अवसर होगा। भारत के शानदार पुराने रिकॉर्ड, हालिया प्रदर्शन और खिलाड़ियों की अच्छी फॉर्म को देखते हुए टीम इंडिया को मजबूत दावेदार माना जा रहा है। हालांकि श्रीलंका की परिस्थितियों में स्पिन और मौसम जैसी चुनौतियां भारतीय टीम की परीक्षा ले सकती हैं। ऐसे में गिल की कप्तानी में टीम इंडिया अपने पुराने दबदबे को नए अंदाज में कायम कर पाती है या नहीं, इसका जवाब सीरीज के दौरान मिलेगा।

  • उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन का श्रीलंका दौरा तमिल समुदाय और शीर्ष नेतृत्व से महत्वपूर्ण मुलाकात

    उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन का श्रीलंका दौरा तमिल समुदाय और शीर्ष नेतृत्व से महत्वपूर्ण मुलाकात



    नई दिल्ली।
    भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन अपने पहले आधिकारिक विदेश दौरे पर श्रीलंका पहुंचे हैं जहां उनका कार्यक्रम कई महत्वपूर्ण राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक बैठकों से भरा हुआ है। यह यात्रा भारत और श्रीलंका के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। इस दौरे के दौरान उपराष्ट्रपति श्रीलंका के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे जिसमें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य वरिष्ठ राजनीतिक प्रतिनिधियों के साथ उच्च स्तरीय चर्चा शामिल है। इन बैठकों में दोनों देशों के बीच सहयोग, विकास और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे विषयों पर विस्तार से बातचीत होने की संभावना है।

    इस यात्रा का एक प्रमुख उद्देश्य श्रीलंका में रहने वाले भारतीय मूल के तमिल समुदाय से सीधा संवाद स्थापित करना है। नुवारा एलिया क्षेत्र में बड़ी संख्या में बसे इस समुदाय से मुलाकात के दौरान उपराष्ट्रपति उनके सामाजिक और आर्थिक हालात को समझने का प्रयास करेंगे। यह संवाद न केवल समस्याओं को जानने का माध्यम होगा बल्कि भारत और इस समुदाय के बीच संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस दौरान भारत की ओर से चल रही आवासीय और विकास परियोजनाओं का भी अवलोकन किया जाएगा जिनका उद्देश्य इस समुदाय के जीवन स्तर को सुधारना है।

    यात्रा के दौरान उपराष्ट्रपति उन आवासीय क्षेत्रों का भी दौरा करेंगे जो भारत की सहायता से विकसित किए गए हैं। इन परियोजनाओं के तहत हजारों घर बनाए गए हैं और कई अन्य निर्माणाधीन हैं। इन योजनाओं ने स्थानीय समुदायों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद की है और यह भारत की पड़ोसी देशों के प्रति सहयोगात्मक नीति का उदाहरण माना जाता है।

    इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक और धार्मिक जुड़ाव को भी विशेष महत्व दिया गया है। उपराष्ट्रपति के नुवारा एलिया स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल के दौरे की संभावना है जो भारत और श्रीलंका के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक माना जाता है। इस प्रकार की गतिविधियां दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी समझ और भावनात्मक जुड़ाव को और गहरा करती हैं।

    भारत और श्रीलंका के संबंध ऐतिहासिक रूप से बेहद मजबूत रहे हैं और समय के साथ इनमें व्यापार, संस्कृति और रणनीतिक सहयोग के कई आयाम जुड़े हैं। हाल के वर्षों में भारत ने श्रीलंका को आर्थिक चुनौतियों और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान लगातार सहायता प्रदान की है जिससे दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग और अधिक मजबूत हुआ है।

    इस यात्रा को क्षेत्रीय स्थिरता और सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। उपराष्ट्रपति का यह दौरा केवल राजनीतिक संवाद तक सीमित नहीं है बल्कि इसका उद्देश्य सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर भी संबंधों को मजबूत करना है। विशेष रूप से तमिल समुदाय के साथ सीधा संवाद भारत की क्षेत्रीय कूटनीति को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक माना जा रहा है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस यात्रा से दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और विकास सहयोग के नए अवसर उत्पन्न हो सकते हैं। यह दौरा भारत और श्रीलंका के संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ सकता है जिसमें राजनीतिक समझ के साथ-साथ जनस्तर पर संबंधों को भी मजबूती मिलेगी।

  • श्रीलंका दौरे से पहले अफगानिस्तान टीम को नया हेड कोच मिलेगा

    श्रीलंका दौरे से पहले अफगानिस्तान टीम को नया हेड कोच मिलेगा


    नई दिल्ली । टी20 विश्व कप 2026 में अफगानिस्तान का सफर समाप्त हो चुका है सुपर-8 के लिए क्वालीफाई न कर पाने के साथ ही लगभग चार साल से टीम के हेड कोच रहे जोनाथन ट्रॉट का कार्यकाल भी खत्म हो गया है ट्रॉट ने 2022 में अफगानिस्तान टीम के साथ काम शुरू किया था और अपने कार्यकाल में टीम को एक मजबूत इकाई के रूप में स्थापित किया है

    एसीबी की नई कोचिंग नीतियाँ
    अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड अब नए हेड कोच की तलाश में है बोर्ड ने शर्त रखी है कि नया कोच और सहयोगी स्टाफ ऑफ-सीजन के दौरान अफगानिस्तान में ही रहकर काम करेंगे एसीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नसीब खान ने कहा कि यह आवश्यक है ताकि राष्ट्रीय टीम के कोच घरेलू खिलाड़ियों की प्रगति पर करीब से नजर रखें और सीरीज न होने पर टीम की कमजोरियों पर काम कर सकें

    नए कोच की खोज और शॉर्टलिस्ट प्रक्रिया
    नसीब खान ने बताया कि ट्रॉट का उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है नए कोच का नाम श्रीलंका के खिलाफ होने वाली व्हाइट-बॉल सीरीज से पहले फाइनल कर लिया जाएगा साउथ अफ्रीका और एशिया के कुछ कोच शॉर्टलिस्ट किए गए हैं और उनके इंटरव्यू भी हो चुके हैं हालांकि फिलहाल शॉर्टलिस्ट किए गए नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं

    जोनाथन ट्रॉट का योगदान

    ट्रॉट के कार्यकाल में अफगानिस्तान ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं वनडे विश्व कप 2023 में पाकिस्तान, इंग्लैंड और श्रीलंका जैसी मजबूत टीमों को हराया टी20 विश्व कप 2024 में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड को हराकर सेमीफाइनल तक पहुँची हालांकि हाल ही में टी20 विश्व कप में अफगानिस्तान ग्रुप स्टेज से बाहर हो गई इसके बावजूद ट्रॉट ने टीम की रणनीति, युवा खिलाड़ियों के विकास और विभिन्न फॉर्मेट में टीम की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है

    नई शुरुआत की उम्मीदें
    एसीबी का मानना है कि नए हेड कोच के साथ अफगानिस्तान क्रिकेट का नया दौर शुरू होगा बोर्ड चाहता है कि नया कोच टीम की तैयारियों, घरेलू खिलाड़ियों की निगरानी और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की रणनीति में सक्रिय भूमिका निभाए इसके अलावा बोर्ड ने कोचिंग स्टाफ को टीम की क्षमता बढ़ाने और सुधारात्मक कदम उठाने के लिए ऑफ-सीजन में भी अफगानिस्तान में रहने की शर्त रखी है

    भविष्य की योजना और टीम की दिशा
    एसीबी की यह रणनीति यह सुनिश्चित करने के लिए है कि टीम भविष्य में मजबूत हो और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सके नए कोच के चयन के बाद टीम की ट्रेनिंग, युवा खिलाड़ियों का विकास और आगामी श्रीलंका दौरे की तैयारियाँ तेजी से शुरू होंगी