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  • ‘दिमागी नक्सल’ पर BJP का सोशल मीडिया वार, राज्यों के हैंडल्स ने मिलकर शुरू किया मीम कैंपेन

    ‘दिमागी नक्सल’ पर BJP का सोशल मीडिया वार, राज्यों के हैंडल्स ने मिलकर शुरू किया मीम कैंपेन


    नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम के सक्रिय होने के साथ पार्टी का सोशल मीडिया तंत्र भी नए अंदाज में काम करता नजर आ रहा है। भाजपा सोशल मीडिया कन्वीनर दीपक म्हस्के की टीम ने पिछले तीन दिनों में अलग-अलग राज्यों के पार्टी हैंडल्स को आपस में जोड़कर एक साथ राजनीतिक संदेश देने की रणनीति शुरू की है। इसके तहत मीम्स, बॉलीवुड-हॉलीवुड फिल्मों के चर्चित सीन और क्रिएटिव वीडियो का इस्तेमाल किया जा रहा है।

    इस अभियान में राज्यों के भाजपा हैंडल्स एक-दूसरे की पोस्ट को कोट और रिट्वीट करने के साथ टैग और कोलैबोरेशन कर रहे हैं। इसका मकसद कंटेंट की पहुंच बढ़ाने के साथ राजनीतिक व्यंग्य के जरिए विपक्ष पर निशाना साधना भी है।

    जम्मू-कश्मीर BJP के पोस्ट से शुरू हुआ सिलसिला

    इस नए सोशल मीडिया प्रयोग की शुरुआत जम्मू-कश्मीर भाजपा के X हैंडल से हुई। हैंडल ने सलमान खान, संजय दत्त और जैकी श्रॉफ का एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें तीनों अभिनेता एक साथ रियलिटी शो के मंच पर दिखाई दे रहे हैं।

    भाजपा ने इस वीडियो को राजनीतिक रंग देते हुए संजय दत्त को कर्नाटक भाजपा, सलमान खान को जम्मू-कश्मीर भाजपा और जैकी श्रॉफ को गोवा भाजपा के रूप में पेश किया। पोस्ट में लिखा गया—“तीन भाई, तीनों तबाही ?? The worst nightmare for the Dimagi Naxal ecosystem!”

    पोस्ट के ट्रेंड करने के बाद भाजपा IT सेल और सोशल मीडिया टीम ने इसे आगे बढ़ाया। इसके बाद दूसरे राज्यों के भाजपा हैंडल्स भी इस अभियान से जुड़ते चले गए।

    MP BJP ने जोड़े ‘तीन’ में ‘चार भाई’

    जम्मू-कश्मीर भाजपा की पोस्ट को मध्य प्रदेश भाजपा ने कोट करते हुए लिखा—“Hold up… Madhya Pradesh is entering the chat?? तीन भाई? Make it चार, अब तबाही होगी आर-पार!”

    इसके बाद यह सिलसिला और आगे बढ़ा। दिल्ली भाजपा ने अभिनेता पंकज त्रिपाठी के एक वीडियो के साथ पोस्ट किया—“भूल तो नहीं गए हमें?” इसके बाद अलग-अलग राज्यों के भाजपा हैंडल्स ने इसी अंदाज में मीम्स और वीडियो पोस्ट करना शुरू कर दिया।

    दो-तीन राज्यों तक पहुंचाने की रणनीति

    भाजपा IT सेल के एक अधिकारी के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर भाजपा के वीडियो के बाद यह रणनीति बनाई गई कि देशभर के भाजपा राज्यों के सोशल मीडिया हैंडल्स को एक साथ जोड़ा जाए। इसके तहत हैंडल्स एक-दूसरे की पोस्ट को कोट, टैग और जरूरत के अनुसार कोलैबोरेट करेंगे।

    अधिकारी का कहना है कि अलग-अलग राज्यों के पार्टी हैंडल्स के फॉलोअर्स काफी ज्यादा हैं। ऐसे में एक राज्य का हैंडल जब दूसरे राज्य के हैंडल को कोट या टैग करता है तो पोस्ट की पहुंच कई गुना बढ़ जाती है।

    पार्टी के मुताबिक, दिल्ली भाजपा की एक पोस्ट के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि जिस तरह दिल्ली की जनता ने आम आदमी पार्टी को सत्ता से बाहर किया, उसी तरह पंजाब में भी AAP को सबक मिल सकता है।

    भाजपा का दावा है कि इस रणनीति से राजनीतिक कंटेंट केवल एक राज्य तक सीमित नहीं रहता, बल्कि दूसरे राज्यों में भी पहुंचता है। पार्टी अब ऐसे कंटेंट पर जोर दे रही है, जिसका असर एक साथ दो-तीन राज्यों की राजनीति पर पड़े।

    ‘दिमागी नक्सल’ के मुद्दे को बनाया सोशल मीडिया हथियार

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से “दिमागी नक्सल” शब्द इस्तेमाल किए जाने के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हुई है। अब भाजपा के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसी कथित “दिमागी नक्सल” मानसिकता को निशाना बनाते हुए मीम्स और फनी वीडियो तैयार किए जा रहे हैं।

    इसके लिए बॉलीवुड और हॉलीवुड फिल्मों के लोकप्रिय दृश्यों को एडिट किया जा रहा है। इनके जरिए राजनीतिक संदेश के साथ विपक्ष पर व्यंग्य भी किया जा रहा है।

    भाजपा के एक नेता का कहना है कि अभी यह सिर्फ “करवट” है। उनके मुताबिक, तीन दिनों में सोशल मीडिया पर जिस तरह का नैरेटिव तैयार हुआ है, उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पूरी ताकत से अभियान चलने पर इसका असर कितना बड़ा हो सकता है।

    Twitter के बाद Instagram पर भी तैयारी

    भाजपा नेता का आरोप है कि कांग्रेस का नैरेटिव झूठ पर आधारित है और पार्टी को “झूठ की राजनीति” का जवाब देना जरूरी है। इसी रणनीति के तहत अब Twitter के बाद Instagram पर भी क्रिएटिव वीडियो और तस्वीरों के जरिए अभियान चलाने की तैयारी है।

    भाजपा सूत्रों के मुताबिक, Twitter पर राजनीतिक मुद्दों में रुचि रखने वाले लोगों की संख्या अधिक है, इसलिए वहां अभियान शुरू किया गया है। अब इसी रणनीति को Instagram पर भी लागू किया जाएगा।

    आने वाले दिनों में अलग-अलग राज्यों के भाजपा हैंडल्स से मीम्स, फनी वीडियो और क्रिएटिव पोस्ट लगातार सामने आने की संभावना है। पार्टी ने अपने Instagram और Twitter अकाउंट पर टीजर के तौर पर “Shall we begin” संदेश भी पोस्ट किया है और देशभर के अलग-अलग राज्यों के भाजपा हैंडल्स को टैग किया है।

    यानी भाजपा की नई सोशल मीडिया टीम ने साफ संकेत दे दिया है कि मौजूदा अभियान महज शुरुआत है। आने वाले दिनों में सोशल मीडिया पर पार्टी का राजनीतिक कैंपेन और ज्यादा आक्रामक और क्रिएटिव नजर आ सकता है।

  • गौकाष्ठ और उपलों से होलिका दहन: कलेक्टर देंगे तीन दिन में रिपोर्ट, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा

    गौकाष्ठ और उपलों से होलिका दहन: कलेक्टर देंगे तीन दिन में रिपोर्ट, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा


    भोपाल। प्रदेश में इस वर्ष होली के अवसर पर होलिका दहन में लकड़ी की जगह गौकाष्ठ और उपलों का उपयोग करने का आदेश जारी किया गया है। सरकार ने सभी कलेक्टरों और संभागायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि गोबर आधारित होलिका दहन को प्रोत्साहित किया जाए और इसके बारे में रिपोर्ट सरकार को सौंपें।

    सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने निर्देश दिए हैं कि हर जिले में होलिका दहन कार्यक्रमों का सत्यापन और पंजीयन किया जाएगा। कलेक्टरों को आदेश दिया गया है कि वे तीन दिनों के भीतर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से जानकारी लेकर इसकी रिपोर्ट राज्य शासन को भेजें। इसके साथ ही यदि कोई संस्था या व्यक्ति इस दिशा में विशेष प्रयास करता है तो उसे प्रोत्साहित भी किया जाएगा।

    इस निर्णय के पीछे मुख्य उद्देश्य है लकड़ी की खपत कम करना और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना। साथ ही सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्राकृतिक रंगों से होली मनाएं और जल संरक्षण का ध्यान रखें।

    कलेक्टरों को दिए गए निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि सार्वजनिक होलिका दहन कार्यक्रमों का नि:शुल्क पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। इसका पंजीयन जिला मुख्यालय, पंचायत, नगरीय निकाय और अन्य स्थानीय संस्थाओं के माध्यम से होगा। इसके अलावा आयोजनों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा और नगरीय निकाय एवं पंचायतों को सक्रिय रूप से शामिल किया जाएगा। आयोजकों से आवश्यक जानकारी जैसे पहचान पत्र और संपर्क विवरण भी ली जाएगी।

    आगामी दिनों में जिलेवार सम्मान समारोह भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली संस्थाओं और पदाधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में यदि इन संस्थाओं को किसी अन्य प्रकार का प्रोत्साहन या सहयोग दिया जाता है तो इसकी जानकारी अलग से साझा की जाएगी।

    इस पहल से न केवल होलिका दहन के दौरान पर्यावरणीय नुकसान कम होगा, बल्कि सामाजिक जागरूकता और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में भी एक सकारात्मक संदेश जाएगा। कलेक्टर और अधिकारियों की यह रिपोर्टिंग व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि राज्य में होली का पर्व सुरक्षित, पर्यावरण अनुकूल और सामाजिक सद्भाव के साथ मनाया जाए।

  • इस राज्य में गवर्नर-IAS से भी ज्यादा कर्मचारियों की सैलरी

    इस राज्य में गवर्नर-IAS से भी ज्यादा कर्मचारियों की सैलरी

    हैदराबाद। दक्षिणी राज्य तेलंगाना में सफाईकर्मियों की तन्ख्वाह जानकर आप दंग रह जाएंगे। बार-बार होने वाले वेतन बढ़ोत्तरी के बाद अब इस राज्य के सीनियर सफाईकर्मी दो लाख रुपये प्रति महीना वेतन उठा रहे हैं, जबकि चीफ इंजीनियर की सैलरी बढ़ते-बढ़ते 7 लाख प्रति माह हो चुकी है। राज्य के मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव ने खुलासा किया है कि तेलंगाना में पिछले एक दशक के दौरान सरकारी वेतन और पेंशन का बोझ तेजी से बढ़ा है। यह खर्च 2014 में राज्य गठन के समय लगभग 1,500 करोड़ रुपये प्रतिमाह था, जो अब बढ़कर करीब 6,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
    यानी यह खर्च 2014 के मुकाबले अब लगभग चार गुना हो गया है।

    राव ने सेंटर फॉर इकोनॉमिक एंड सोशल स्टडीज द्वारा आयोजित 16वें फाइनेंस कमीशन की सिफारिशों पर एक कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि जब 2014 में आंध्र प्रदेश से तेलंगाना अलग हुआ था, तब राज्य का खर्च 1,500 करोड़ रुपये था। उन्होंने कहा कि तब से, सैलरी और पेंशन का खर्च 300% बढ़ गया है, क्योंकि चुनाव के समय लगातार पे रिवीजन हुए, जिससे फिक्स्ड खर्च में भारी उछाल आया है।
    गवर्नर से भी ज्यादा सैलरी

    बकौल राव, स्थिति यह है कि कुछ सार्वजनिक उपक्रमों में वेतन संरचना इतनी ऊंची हो गई है कि वह भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों और यहां तक कि राज्यपाल के वेतन से भी अधिक हो गई है।

    उदाहरण के तौर पर, बिजली विभाग के मुख्य अभियंता का वेतन 7 लाख रुपये तक पहुंच रहा है, जबकि लंबे समय से कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी करीब 2 लाख रुपये मासिक तक कमा रहे हैं। नगर निगम स्तर पर भी वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। जहां नए कर्मचारियों का शुरुआती वेतन लगभग 28,000 रुपये है, वहीं 30 वर्षों की सेवा के बाद ड्राइवर या सफाईकर्मी 1 लाख रुपये से अधिक मासिक वेतन पा सकते हैं।
    ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम में नियमित किए गए कुछ सफाईकर्मियों का औसत वेतन 70,000 रुपये प्रतिमाह से अधिक है।
    सरकारी नौकरी के लिए भीड़ बढ़ी

    TOI को मुख्य सचिव ने यह भी बताया कि वेतन निर्धारण सरकार द्वारा गठित वेतन संशोधन आयोगों के माध्यम से किया जाता है, जिसमें “फिटमेंट” प्रतिशत लागू कर मूल वेतन और महंगाई भत्ते में वृद्धि की जाती है। उच्च वेतन के कारण सरकारी नौकरियों के लिए प्रतिस्पर्धा भी बेहद बढ़ गई है। हाल ही में ग्रुप-1 की 563 नौकरियों के लिए लगभग 799 उम्मीदवार प्रति पद के हिसाब से आवेदन आए, जिससे यह स्पष्ट होता है कि युवाओं में सरकारी नौकरी को लेकर आकर्षण लगातार बढ़ रहा है।

    तेलंगाना की विकास दर लगभग 11%

    हालांकि, राज्य ने इस बढ़ते खर्च को अपनी मजबूत आर्थिक वृद्धि के बल पर संभाला है। तेलंगाना ने लगभग 11% की विकास दर दर्ज की है और राजस्व स्रोतों में भी स्थिर वृद्धि हुई है। सरकार ने डिजिटल सिस्टम के जरिए सब्सिडी वितरण को भी बेहतर बनाया है और ‘रायथु बंधु’ योजना के तहत 7,000 करोड़ रुपये वितरित किए हैं। आंकड़ों के अनुसार, राज्य गठन के बाद पहले 10 वर्षों में कुल 15 लाख करोड़ रुपये का खर्च हुआ, जिसमें से करीब 12 लाख करोड़ रुपये वेतन, पेंशन और कर्ज चुकाने में खर्च हुए, जबकि केवल 3 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय पर खर्च किए गए। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि राज्य की वित्तीय प्राथमिकताएं मुख्यतः राजस्व खर्च पर केंद्रित रही हैं, जिससे भविष्य में वित्तीय संतुलन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोहड़ी पर्व की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोहड़ी पर्व की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं


    भोपाल! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई फसल के स्वागत और हर्ष व उल्लास के पावन पर्व 
    लोहड़ी की  शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा  कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, सौभाग्य और खुशहाली लेकर आए तथा समाज में प्रेम, एकता और सद्भाव के भाव को और सुदृढ़ करे, यही मंगलकामना है।

  • HIV की चपेट में देश का यह राज्य… प्रसार दर 2.75 प्रतिशत, राष्ट्रीय औसत से कई गुना अधिक

    HIV की चपेट में देश का यह राज्य… प्रसार दर 2.75 प्रतिशत, राष्ट्रीय औसत से कई गुना अधिक


    नई दिल्ली।
    मिजोरम (Mizoram) में निवारक उपायों (Preventive measures) में सुधार के बावजूद वयस्कों में HIV प्रसार दर देश में सबसे अधिक 2.75 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत 0.20 प्रतिशत से काफी ज्यादा है। मिजोरम राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी (Mizoram State AIDS Control Society) की परियोजना निदेशक डॉ. जेन आर राल्टे ने कहा कि राज्य में 2018 से एचआईवी संक्रमण के नए मामलों (New cases of HIV infection) में गिरावट दर्ज की जा रही है। उन्होंने बताया कि मिजोरम राष्ट्रीय एचआईवी रोकथाम रैंकिंग में वर्ष 2025-26 में दो पायदान चढ़कर तीसरे स्थान पर आ गया है जबकि 2024-25 में यह पांचवें स्थान पर था।

    राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन के अनुसार, एड्स निवारक उपायों और इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों के मामले में मिजोरम ने अभूतपूर्व प्रगति की है। नए एचआईवी संक्रमण के मामलों में साल 2018 से लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘इस सकारात्मक रुझान के बावजूद, मिजोरम अब भी देश में सबसे अधिक वयस्क एचआईवी प्रसार दर (2.75 प्रतिशत) वाला राज्य बना हुआ है, जो 0.20 प्रतिशत के राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है।’ राल्टे ने बताया कि अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 के बीच 1.4 लाख से अधिक रक्त नमूनों का परीक्षण किया गया, जिनमें से कम से कम 3,257 में एचआईवी संक्रमण की पुष्टि हुई। इन संक्रमित व्यक्तियों में 179 गर्भवती महिलाओं समेत 953 महिलाएं शामिल थीं।


    अब तक कुल 33,781 मामले सामने आए

    डॉ. राल्टे ने बताया कि एचआईवी के सर्वाधिक मामले 25-34 वर्ष के आयु वर्ग में पाए गए हैं। मिजोरम में एचआईवी का पहला मामला अक्टूबर 1990 में सामने आया था और अब तक कुल 33,781 मामले सामने आ चुके हैं। एमएसएसीएस के एक अधिकारी ने बताया कि फिलहाल राज्य में लगभग 26,321 लोग HIV से संक्रमित हैं। राल्टे ने यह जानकारी भी दी कि अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 के बीच सामने आए 3,257 नए एचआईवी मामलों में से 70.4 प्रतिशत में संक्रमण का कारण यौन संबंध था। उन्होंने बताया कि इसके अलावा मादक पदार्थों का सेवन करने और विभिन्न लोगों द्वारा एक ही सुई से इंजेक्शन लगाने के कारण 27.3 प्रतिशत, माता-पिता से बच्चों में संक्रमण फैलने के 1.8 प्रतिशत, और अज्ञात कारणों से संक्रमण फैलने के 0.8 प्रतिशत मामले सामने आए।


    HIV संक्रमण की उच्च दर को करो नियंत्रित

    स्वास्थ्य मंत्री लालरिनपुई ने कहा कि राज्य सरकार HIV संक्रमण की उच्च दर को नियंत्रित करने के लिए कई ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि मिजोरम में 14 एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां फिलहाल 18,355 संक्रमित मरीजों को मुफ्त उपचार किया जा रहा है। मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार अब गिरजाघरों के साथ मिलकर विवाह से पहले एचआईवी का परीक्षण कराने के लिए जागरूकता फैलाने पर विचार कर रही है ताकि लोग अपनी सेहत को लेकर अधिक सतर्क और जिम्मेदार बनें।