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  • सभी को कराना PNG कनेक्शन …. मीडिल ईस्ट संकट के बीच केन्द्र ने राज्यों को दिए आदेश

    सभी को कराना PNG कनेक्शन …. मीडिल ईस्ट संकट के बीच केन्द्र ने राज्यों को दिए आदेश


    नई दिल्‍ली।
    भारत सरकार (Indian Government) ने देश में रसोई गैस (LPG – Liquefied Petroleum Gas) यानी LPG सिलेंडर को लेकर एक बड़ा निर्देश जारी किया है. पेट्रोलियम मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आदेश दिया है कि LPG सिलेंडर की जगह पाइपलाइन वाली नेचुरल गैस (Piped Natural Gas- PNG) के इस्‍तेमाल को तेजी से बढ़ाव दें, ताकि एलपीजी की सप्‍लाई को कम किया जा सके।

    साथ में यह भी कहा गया है कि जिन इलाकों में पीएनजी कनेक्‍शन पहुंचा है और लोग फिर भी एलपीजी गैस का यूज कर रहे हैं तो उनका कनेक्‍शन अपने आप ही कैंसिल हो जाएगा, जिसका मतलब है कि उन्‍हें रसोई गैस की समस्‍या का सामना करना पड़ सकता है।

    इसका मकसद गैस आपूर्ति व्यवस्था को डिजिटल और सुरक्षित बनाना है. नए ‘एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर 2026’ और ‘नैचुरल गैस डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर 2026’ के तहत नए निर्देश जारी किया गया है. इस निर्देश के तहत PNG और LPG दोनों तरह के कनेक्‍शन रखना प्रतिबंधित है. इसका मतलब है कि ऐसे लोगों को अपना एलपीजी सिलेंडर सरेंडर करना होगा।


    कराना ही होगा पीएनजी कनेक्‍शन?

    पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने राज्‍यों के भेजे लेटर में कहा कि सरकार ने एलपीजी से पीएनजी शिफ्ट होने के नियमों को सख्‍त कर दिया है. उन्‍होंने कहा‍ कि जिन सोसायटीज या इलाकों में पीएनजी नेटवर्क आ चुका है, वहां के यूजर्स को नोटिस दिया जाएगा. अगर नोटिस मिलने के बाद भी समय से कोई ग्राहक पीएनजी कनेक्‍शन नहीं लेता है, तो उसका एलपीजी सिलेंडर कनेक्‍शन अपने आप ही कैंसिल कर दिया जाएगा।


    मिडिल ईस्‍ट में संकट जारी

    अमेरिका-ईरान के बीच जंग को लेकर अनिश्‍चतता बनी हुई है. दोनों देश होर्मुज पर अपना-अपना दावा कर रहे है, जिस कारण मिडिल ईस्‍ट से एशिया क्षेत्र की ओर, होर्मुज से होकर आने वाली तेल-गैस से भरी जहाजें प्रभावित हो रही हैं. इसी कारण, गैस की सप्‍लाई को लेकर समस्‍या आ रही है. हालांकि, भारत कई देशों के साथ तेल-गैस की सप्‍लाई कर रहा है, लेकिन लागत में बढ़ोतरी हुई है. ऐसे में भारत अब LPG से निर्भरता को कम करने के लिए PNG की ओर शिफ्ट कर रहा है. इस कारण पाइपलाइन गैस लगाने को प्रमुखता दे रहा है।


    हर जिले में PNG कोऑर्डिनेशन कमेटी

    PNG कनेक्‍शन प्रॉसेस को तेजी से लागू करने के लिए सरकार ने खास इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर तैयार किया है. तेल डिस्‍ट्रीब्‍यूशन कंपन‍ियों और सिटी गैस डिस्‍ट्रीब्‍यूशन संस्‍थाओं को हर क्षेत्र में पीएनजी कोऑर्डिनेशन कमेटी में बनाने का निर्देश दिया गया है. राज्‍यो से कहा गया है कि वे खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के जिला आपूर्ति अधिकारी (DSO) स्तर के अधिकारी को जिले का नोडल ऑफिसर बनाएं।

  • शनिवार को कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, तेज हवाएं भी बढ़ाएंगी मुश्किलें

    शनिवार को कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, तेज हवाएं भी बढ़ाएंगी मुश्किलें


    नई दिल्ली।
    भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, 18 जुलाई (शनिवार) को देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा। उत्तर, मध्य, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। वहीं, कई इलाकों में गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।

    उत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम?

    आईएमडी के अनुसार जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने के आसार हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है, जबकि पूर्वी राजस्थान में भी अच्छी बारिश की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में छिटपुट वर्षा का अनुमान है।

    मध्य और पूर्वी भारत में बारिश का दौर

    मध्य प्रदेश के कई जिलों में शनिवार को बारिश होने की संभावना है। छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने किसानों और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है।

    पश्चिम और दक्षिण भारत में भी सक्रिय रहेगा मानसून

    गोवा, गुजरात के कुछ हिस्सों, मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। तटीय कर्नाटक, केरल और माहे में व्यापक वर्षा जारी रह सकती है। आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। तमिलनाडु और पुडुचेरी के कुछ क्षेत्रों में भी हल्की वर्षा हो सकती है। कई स्थानों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

    पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश की आशंका

    अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी वर्षा हो सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और तेज बहाव वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

    पंजाब में फिलहाल कमजोर पड़ा मानसून

    पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून की गतिविधियां फिलहाल कमजोर पड़ गई हैं, जिससे गर्मी और उमस बढ़ गई है। मौसम विभाग ने फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब, मोगा, बठिंडा, बरनाला और मानसा के लिए गर्मी और उमस का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर और मोहाली के कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

    मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब में 19 जुलाई से मानसून फिर सक्रिय होने की संभावना है। 20 से 22 जुलाई के बीच राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है। लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

  • आज उत्तर से दक्षिण तक बारिश का दौर जारी, कई राज्यों में भारी वर्षा, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट

    आज उत्तर से दक्षिण तक बारिश का दौर जारी, कई राज्यों में भारी वर्षा, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट


    नई दिल्ली।
    देशभर में मानसून सक्रिय बना हुआ है और इसके प्रभाव से 17 जुलाई को कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने उत्तर, मध्य, पूर्वोत्तर, पश्चिम और दक्षिण भारत के अनेक हिस्सों के लिए वर्षा, तेज हवाओं, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। कुछ क्षेत्रों में अचानक बाढ़ की आशंका भी जताई गई है।

    उत्तर भारत में भारी बारिश की संभावना

    आईएमडी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

    मध्य भारत में भी अलर्ट

    पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ तथा छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, साथ ही गरज-चमक और बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है।

    बिहार, ओडिशा और पूर्वोत्तर में तेज मानसून

    बिहार, ओडिशा, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी अच्छी बारिश की संभावना है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर भारी वर्षा का पूर्वानुमान है। इन राज्यों में गरज-चमक और बिजली गिरने का भी खतरा बना रहेगा।

    पश्चिमी भारत में भी बारिश का असर

    कोंकण, गोवा, गुजरात, महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, सौराष्ट्र और कच्छ में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है।

    दक्षिण भारत में बारिश के साथ हीटवेव का असर

    आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, कर्नाटक, केरल और लक्षद्वीप में भी वर्षा की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।

    हालांकि, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ इलाकों में बारिश के बावजूद हीटवेव जैसी परिस्थितियां भी बनी रह सकती हैं। वहीं दिल्ली, हरियाणा, पंजाब तथा पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना जताई गई है।

    अगले सात दिन रहेगा मानसून का असर

    मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण अगले सात दिनों तक पूर्वी, पूर्वोत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून सक्रिय रहेगा। इसके अलावा 19 जुलाई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) भी प्रभावी होने की संभावना है, जिससे कई राज्यों में भारी से अत्यंत भारी वर्षा हो सकती है।

    बाढ़ का भी खतरा

    आईएमडी ने ओडिशा के कुछ हिस्सों में अत्यधिक वर्षा की संभावना जताते हुए चेतावनी दी है कि 23 जिलों तथा छत्तीसगढ़ के 13 जिलों के निचले इलाकों में 17 जुलाई की सुबह तक अचानक बाढ़ की स्थिति बन सकती है। लोगों को मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

  • सात राज्यों में होने वाले हैं विधानसभा चुनाव, बिना CM चेहरे के मैदान में उतरेगी BJP, जानिए क्‍या है नई रणनीति?

    सात राज्यों में होने वाले हैं विधानसभा चुनाव, बिना CM चेहरे के मैदान में उतरेगी BJP, जानिए क्‍या है नई रणनीति?


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश और गुजरात समेत अगले साल होने वाले सात राज्यों के विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी रणनीति पर मंथन शुरू कर दिया है। पार्टी चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद के चेहरे की घोषणा करने से बचने की योजना बना रही है। इसके बजाय भाजपा सामूहिक नेतृत्व और मौजूदा संगठनात्मक ढांचे के साथ चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।

    पार्टी सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ चुनावों के अनुभवों को देखते हुए भाजपा नेतृत्व का मानना है कि चुनाव से पहले मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा नहीं करने से कई बार राजनीतिक लाभ मिलता है। इससे पार्टी के भीतर संभावित गुटबाजी की आशंका कम रहती है और चुनाव अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने में मदद मिलती है।

    मौजूदा मुख्यमंत्रियों को मिल सकता है मौका
    भाजपा की रणनीति के अनुसार, जिन राज्यों में पार्टी की सरकार है, वहां मौजूदा मुख्यमंत्री को चुनाव अभियान में प्रमुख भूमिका दी जा सकती है। हालांकि, चुनाव से पहले यह स्पष्ट घोषणा नहीं की जाएगी कि वही नेता दोबारा मुख्यमंत्री पद के दावेदार होंगे। पार्टी के एक वर्ग का मानना है कि वर्तमान नेतृत्व के साथ चुनाव लड़ना फायदेमंद रहेगा, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर पहले से घोषणा करने से सत्ता विरोधी माहौल बनने और पार्टी के अंदर अलग-अलग धड़े सक्रिय होने की संभावना बढ़ सकती है।

    सत्ता वाले राज्यों को बचाने पर फोकस
    अगले साल देश के सात राज्यों में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इनमें पांच राज्यों में फरवरी-मार्च के दौरान और दो राज्यों में दिसंबर में चुनाव होने हैं। भाजपा की सरकार उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर, गोवा और गुजरात में है, जबकि पंजाब और हिमाचल प्रदेश में पार्टी सत्ता में नहीं है। भाजपा का लक्ष्य अपने मौजूदा राज्यों में सरकार बनाए रखना और बाकी राज्यों में भी बेहतर प्रदर्शन करना है।

    नई रणनीति पर पार्टी में मंथन
    भाजपा नेतृत्व चुनावी रणनीति में नए बदलावों पर विचार कर रहा है। पार्टी का मानना है कि सामूहिक नेतृत्व के साथ चुनाव लड़ने से संगठन के सभी स्तरों को सक्रिय भूमिका मिलती है और विरोधियों को किसी एक चेहरे के खिलाफ अभियान चलाने का मौका कम मिलता है। आने वाले विधानसभा चुनावों में यह रणनीति भाजपा के लिए कितनी प्रभावी साबित होगी, इसका फैसला चुनावी नतीजों के बाद ही होगा।

  • MP समेत पूरा उत्तर-पश्चिम भारत इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में… इन राज्यों में हीटवेव का अलर्ट

    MP समेत पूरा उत्तर-पश्चिम भारत इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में… इन राज्यों में हीटवेव का अलर्ट


    भोपाल।
    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 22 अप्रैल को देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग-अलग रहेगा। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत (North-west and central India.) में भीषण गर्मी और लू (Extreme heat and heat wave.) का असर जारी रहेगा। पूर्वोत्तर, दक्षिण और कुछ पश्चिमी हिस्सों में बारिश व आंधी-तूफान की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। पहले बात उत्तर-पश्चिम भारत की करें तो राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों में गर्मी का प्रकोप बना रहेगा। इन इलाकों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तक जा सकता है और लू चलने की संभावना है।

    IMD के अनुसार, खासतौर पर पश्चिमी राजस्थान (Western Rajasthan.) और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में आज भी हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है। लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान भी लगभग पूरे उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ने और लू चलने का अनुमान है। राजधानी लखनऊ में दिन का तापमान लगभग 42 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है, जबकि रात का तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रहने का अनुमान है।


    मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में गर्मी, कुछ इलाकों में बारिश

    मध्य भारत यानी मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh), छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में भी मौसम काफी गर्म रहेगा। यहां तापमान में और बढ़ोतरी के संकेत हैं। कई जगहों पर लू जैसी स्थिति बन सकती है। कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बादल छाने से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन यह राहत अस्थायी होगी और कुल मिलाकर गर्मी का असर बना रहेगा। वहीं, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मौसम का मिजाज थोड़ा अलग रहेगा। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों (जैसे- असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश) में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इससे तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि आंधी-तूफान और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा।


    असम में भारी बारिश जारी रहने की संभावना

    अधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, असम में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने भूस्खलन प्रभावित पहाड़ी क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने और जान-माल की हानि से बचने के लिए सावधानियां बरतने के लिए कहा है। इसमें कहा गया कि आने वाले दिनों में छिटपुट बारिश और आंधी चलने की संभावना है। सभी एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया है। वहीं, दक्षिण भारत और तटीय इलाकों की बात करें तो केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में गर्म और उमस भरा मौसम रहेगा। इसके साथ ही कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। महाराष्ट्र और पश्चिमी तट के कुछ हिस्सों में भी 22 अप्रैल को हल्की बारिश और आंधी की संभावना है, जिससे अस्थायी राहत मिलेगी लेकिन उमस बनी रहेगी।

  • Holi 2026: MP समेत देश के विभिन्न राज्यों में कब रहेगी होली की छुट्टी… 3 या 4 मार्च को? देखें लिस्ट

    Holi 2026: MP समेत देश के विभिन्न राज्यों में कब रहेगी होली की छुट्टी… 3 या 4 मार्च को? देखें लिस्ट


    भोपाल।
    रंगों का त्योहार होली (Holi) हर साल खुशियां लेकर आता है, लेकिन इस बार त्योहार की तारीख को लेकर अलग अलग राज्यों में अंतर होने से छात्रों और अभिभावकों के बीच थोड़ा भ्रम बन गया था। कहीं होली 3 मार्च को मनाई जा रही है तो कहीं 4 मार्च को। अब कई राज्य सरकारों (State Governments) और शैक्षणिक संस्थानों (Educational Establishments) ने स्थिति साफ कर दी है, जिसके बाद स्कूलों की छुट्टियों का कार्यक्रम भी सामने आने लगा है। होली भारत का ऐसा पर्व है जिसे पूरे देश में बेहद उत्साह और परंपराओं के साथ मनाया जाता है। लोग एक दूसरे को रंग लगाते हैं, घरों में मिठाइयां बनती हैं, खास तौर पर गुजिया और पारंपरिक पकवानों का स्वाद लिया जाता है। परिवार और रिश्तेदार एक साथ मिलकर त्योहार की खुशियां बांटते हैं।


    उत्तर प्रदेश में तीन दिन की छुट्टी का ऐलान

    उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) ने होली के मौके पर तीन दिन का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के अनुसार 2 मार्च से 4 मार्च तक सरकारी दफ्तरों और शिक्षण संस्थानों में अवकाश रहेगा। साथ ही सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि फरवरी महीने का वेतन और पेंशन त्योहार से पहले जारी कर दिया जाए ताकि कर्मचारियों को किसी तरह की परेशानी न हो। प्रशासनिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए 28 फरवरी 2026, जो शनिवार है, उसे कार्य दिवस रखा गया है जबकि 3 मार्च को अवकाश रहेगा।


    दिल्ली में परीक्षा कार्यक्रम के कारण अलग व्यवस्था

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस समय अधिकतर स्कूलों में परीक्षाएं चल रही हैं। इसलिए परीक्षा कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए होली के दिन कोई भी परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। सीबीएसई ने भी निर्णय लिया है कि 4 मार्च को कोई बोर्ड परीक्षा नहीं रखी जाएगी, ताकि विद्यार्थी बिना किसी तनाव के त्योहार मना सकें।


    किन राज्यों में 3 मार्च को मनाई जाएगी होली

    देश के कई राज्यों में होली 3 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। इन राज्यों में उसी दिन स्कूलों के बंद रहने की संभावना है।
    महाराष्ट्र
    मध्य प्रदेश
    उत्तराखंड
    असम
    तेलंगाना
    राजस्थान
    पश्चिम बंगाल
    गोवा
    झारखंड
    केरल
    आंध्र प्रदेश

    इन राज्यों में स्थानीय प्रशासन और स्कूल प्रबंधन द्वारा अवकाश की औपचारिक सूचना जारी की जा रही है।


    बिहार में दो दिन बंद रहेंगे स्कूल

    बिहार शिक्षा विभाग के शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार राज्य में 3 और 4 मार्च दोनों दिन स्कूल बंद रहेंगे। यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि यहां होली का उत्सव दो दिनों तक अलग अलग परंपराओं के अनुसार मनाया जाता है।


    इन राज्यों में 4 मार्च को मनाई जाएगी होली

    कुछ राज्यों में पंचांग और स्थानीय मान्यताओं के आधार पर होली 4 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। इन क्षेत्रों में उसी दिन स्कूलों में अवकाश रहेगा।
    गुजरात
    मिजोरम
    ओडिशा
    चंडीगढ़
    मणिपुर
    अरुणाचल प्रदेश
    जम्मू और कश्मीर
    उत्तर प्रदेश
    दिल्ली
    बिहार
    छत्तीसगढ़
    मेघालय
    हिमाचल प्रदेश
    छुट्टी को लेकर स्कूल अलग से जारी करेंगे नोटिस

    हालांकि राज्य स्तर पर अवकाश घोषित किए जा रहे हैं, लेकिन अंतिम निर्णय संबंधित स्कूल प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचना पर निर्भर करेगा। कई निजी स्कूल अपने परीक्षा कार्यक्रम, वार्षिक गतिविधियों और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार छुट्टी की तारीख तय करते हैं। इसलिए छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे अपने स्कूल से जारी नोटिस जरूर जांच लें और केवल सोशल मीडिया की जानकारी पर भरोसा न करें।


    क्यों अलग अलग तारीखों पर पड़ रही है होली

    दरअसल होली की तारीख फाल्गुन पूर्णिमा की तिथि और स्थानीय पंचांग गणना पर आधारित होती है। देश के विभिन्न हिस्सों में सूर्योदय और तिथि परिवर्तन के समय में अंतर होने से त्योहार की तारीख में एक दिन का फर्क आ जाता है। यही कारण है कि हर साल कुछ राज्यों में होली अलग दिन मनाई जाती है।


    त्योहार के साथ परीक्षाओं का भी ध्यान

    मार्च का महीना स्कूलों के लिए परीक्षा का समय होता है। ऐसे में शिक्षा विभाग इस बात का विशेष ध्यान रख रहे हैं कि त्योहार और परीक्षा एक ही दिन न पड़ें। इसी वजह से कई बोर्ड और स्कूलों ने परीक्षा तिथियों में बदलाव किया है या उस दिन परीक्षा नहीं रखने का निर्णय लिया है।

  • सर्दी के मौसम में बारिश का अलर्ट… अगले तीन दिन इन राज्यों में गिर सकता है पानी

    सर्दी के मौसम में बारिश का अलर्ट… अगले तीन दिन इन राज्यों में गिर सकता है पानी

    नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir), पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) जैसे उत्तरी राज्यों (Northern States) में शीतलहर (Cold Wave) का प्रकोप जारी है। इस बीच कश्मीर, राजस्थान और कुछ अन्य क्षेत्रों में तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) में आज सुबह धुंध छाई है। राजस्थान में तापमान में वृद्धि होने लगी है और अब अधिकतर शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। राज्य की राजधानी जयपुर में न्यूनतम तापमान 13.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कश्मीर घाटी में भीषण ठंड की 40 दिनों की अवधि चिल्लई कलां के बीच न्यूनतम तापमान में कुछ डिग्री की वृद्धि होने से लोगों को थोड़ी राहत मिली। शोपियां और पुलवामा शहरों में न्यूनतम तापमान क्रमशः शून्य से 4.7 डिग्री कम और शून्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।

    जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 20 से 21 जनवरी तक छिटपुट बारिश/बर्फबारी की संभावना है। हिमालयी क्षेत्र में 22 से 24 जनवरी तक भारी वर्षा और बर्फबारी होने की उम्मीद है, जो 25 जनवरी को कम तीव्र होगी। कश्मीर घाटी में 22-23 जनवरी, हिमाचल के ऊंचे इलाकों में 23 जनवरी को अलग-अलग स्थानों पर भारी बर्फबारी हो सकती है। पंजाब में 22 से 25 जनवरी तक छिटपुट से मध्यम वर्षा संभावित है। हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 22-25 जनवरी, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 23-24 जनवरी और राजस्थान में 22-23 जनवरी को छिटपुट वर्षा की संभावना है। 22-23 जनवरी को पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान में 30-40 किमी/घंटा की हवाएं चल सकती हैं।


    तापमान में कितना आएगा बदलाव

    उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 3 दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, उसके बाद 2 दिनों में 2-4°C की वृद्धि और फिर 2 दिनों में 2-3°C की गिरावट संभावित है। महाराष्ट्र में अगले 3 दिनों में न्यूनतम तापमान 2-4°C बढ़ सकता है, उसके बाद कोई खास बदलाव नहीं होगा। देश के अन्य हिस्सों में न्यूनतम तापमान स्थिर रहेगा। 20 जनवरी तक पंजाब के कुछ इलाकों में सुबह-रात बहुत घना कोहरा छाएगा, 21 जनवरी को घना कोहरा रहेगा। हरियाणा, चंडीगढ़, बिहार में 21 जनवरी तक और उत्तर प्रदेश में 20 जनवरी तक घना कोहरा संभावित है। हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में 20-21 जनवरी को शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी।


    पंजाब और हरियाणा में कैसा है मौसम

    पंजाब और हरियाणा के भी कई स्थानों पर शीतलहर का प्रकोप है। अमृतसर सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री कम है। फरीदकोट में न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस, लुधियाना में 4.6 डिग्री, पठानकोट में 4.7 डिग्री, फिरोजपुर में 5.7 डिग्री, होशियारपुर में 5.9 डिग्री, पटियाला में 6.5 डिग्री और गुरदासपुर में 6.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हरियाणा में भिवानी सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गुरुग्राम में न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री, नारनौल में 6 डिग्री, करनाल में 6.4 डिग्री और अंबाला में 7.8 डिग्री सेल्सियस रहा। दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में भी रात ठंडी रही और न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री कम है।

    शिमला स्थित मौसम केंद्र ने हिमाचल प्रदेश में शीतलहर की स्थिति बनी रहने की संभावना जताई है। मौसम केंद्र ने मंगलवार के लिए 5 जिलों (कांगड़ा, मंडी, ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर) के अलग-अलग इलाकों में भीषण ठंड का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार तक मौसम शुष्क बना रहेगा, लेकिन एक और शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ के जल्दी आने के कारण गुरुवार से शनिवार के बीच राज्य में फिर से बर्फबारी और बारिश का नया दौर देखने को मिल सकता है। इस पश्चिमी विक्षोभ के बुधवार से ही उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है। विभाग ने गुरुवार और शुक्रवार के लिए कई जिलों में यलो अलर्ट भी जारी किया है, जिसमें राज्य के अलग-अलग स्थानों पर भारी बर्फबारी और बारिश की चेतावनी दी गई है।