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  • छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा हटाने का आदेश…. बाम्बे हाईकोर्ट ने गोवा सरकार को लगाई फटकार

    छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा हटाने का आदेश…. बाम्बे हाईकोर्ट ने गोवा सरकार को लगाई फटकार


    मुम्बई।
    बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने हाल ही में एक मामले की सुनवाई करते हुए गोवा (Goa) में स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) की एक प्रतिमा को गिराने का आदेश दे दिया है। इस दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार भी लगाई है। बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने अवैध रूप से स्थापित छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा को हटाने का आदेश देते हुए कहा कि मोरमुगाओ पोर्ट प्राधिकरण (Mormugao Port Authority) की जमीन पर अतिक्रमण रोकने में सरकार ने गंभीर लापरवाही दिखाई है।

    जस्टिस वाल्मीकि मेनेजेस और जस्टिस अमित एस जमसांडेकर की पीठ ने राज्य के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सुरक्षा की व्यवस्था करें, ताकि प्रतिमा को हटा कर पहले पहले जैसा बनाया जा सके। इससे पहले मोरमुगाओ पोर्ट प्राधिकरण ने अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए आरोप लगाया था कि उसकी जमीन पर जबरन घुसकर स्थायी प्रतिमा स्थापित कर दी गई, जबकि इस संबंध में पहले ही पुलिस और अन्य अधिकारियों को शिकायत दी गई थी।


    क्या बोला हाईकोर्ट?

    इसके बाद हाईकोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह एक बड़े बंदरगाह की संपत्ति पर सीधा अतिक्रमण है और राज्य सरकार मूकदर्शक बनी रही। अदालत ने यहां तक कहा कि ऐसा लगता है कि अधिकारियों ने अतिक्रमण करने वालों के साथ परोक्ष रूप से सहयोग किया है। अदालत ने पुलिस के हलफनामे का हवाला देते हुए कहा कि स्थानीय पुलिस ने पहले ही कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई थी, इसके बावजूद कार्यकारी मजिस्ट्रेट, जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों ने 19 फरवरी को प्रतिमा के उद्घाटन को रोकने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया।


    सरकार की मंशा पर उठाए सवाल

    HC ने यह भी नोट किया कि उद्घाटन कार्यक्रम में स्थानीय विधायक संकल्प आमोणकर और अन्य राजनीतिक हस्तियां मौजूद थीं। इससे यह संकेत मिलता है कि प्रशासन और स्थानीय नेताओं के बीच किसी तरह की समझ बनी हुई थी और पोर्ट की जमीन की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। हाईकोर्ट ने यह भी पाया कि इसी जमीन पर प्रतिमा लगाने के लिए पहले विधायक की ओर से अनुमति मांगी गई थी, जिसे पोर्ट प्राधिकरण ने केंद्र सरकार की भूमि नीति के तहत खारिज कर दिया था।

    HC ने राज्य सरकार की इस दलील को भी खारिज कर दिया कि पोर्ट प्राधिकरण को सार्वजनिक परिसर कानून के तहत ही कार्रवाई करनी चाहिए या अपनी सुरक्षा व्यवस्था पर निर्भर रहना चाहिए। अदालत ने स्पष्ट कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना राज्य की जिम्मेदारी है और पुलिस और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को इसमें सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

  • बंगाल में भगवान राम की प्रतिमा तोड़ी.. सिर काट ले गए बदमाश… गरमाई सियासत

    बंगाल में भगवान राम की प्रतिमा तोड़ी.. सिर काट ले गए बदमाश… गरमाई सियासत


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal) के नंदीग्राम में भगवान राम की प्रतिमा (Lord Rama Statue) के साथ तोड़फोड़ की घटना सामने आई है, जिसे लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा के प्रमुख चेहरे शुभेंदु अधिकारी (Shubhendu Adhikari) ने इसकी कड़ी निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम नवमी के उत्सव से ठीक पहले रात के अंधेरे में अज्ञात लोगों ने वेटुरिया बस स्टैंड पर लगभग तैयार हो चुकी भगवान राम की मूर्ति का सिर काटकर ले गए। यह घटना पूर्वी मेदिनीपुर जिले (East Medinipur district) के नंदीग्राम के बूथ नंबर 122, ब्लॉक-2 में हुई है। अधिकारी ने इसे हिंदू आस्था पर हमला करार देते हुए कहा कि राज्य में ऐसे कृत्य अब आम हो गए हैं।

    शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि टीएमसी सरकार हिंदुओं के खिलाफ है और वोट बैंक की राजनीति के लिए गुंडों को बचा रही है। अधिकारी ने इसे जिहादियों की ओर से की गई कार्रवाई बताया और कहा कि तुष्टिकरण की नीति के कारण ऐसे हमले बढ़ रहे हैं। उन्होंने एक वीडियो भी साझा किया जिसमें क्षतिग्रस्त प्रतिमा दिखाई गई है। उन्होंने सनातनियों से एकजुट होकर इस सरकार को विदा करने का आह्वान किया, क्योंकि ऐसी घटनाएं हिंदू त्योहारों से पहले स्थिति को बिगाड़ रही हैं।


    चुनावी माहौल और गरमाया

    यह घटना पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भी अहम है, जहां शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। नंदीग्राम वह स्थान है जहां 2021 में उन्होंने ममता बनर्जी को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। अधिकारी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार हिंदू देवी-देवताओं और मंदिरों पर हमलों को रोकने में नाकाम है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए और कहा कि ऐसी घटनाएं चुनावी माहौल को प्रभावित कर रही हैं। भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन भी किया है।

    इस घटना ने राज्य में धार्मिक और राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। शुभेंदु अधिकारी ने इसे सनातन धर्म पर लगातार हमलों की श्रृंखला बताया और कहा कि ममता बनर्जी की सरकार के कारण स्थिति बदतर हो रही है। उन्होंने तत्काल कार्रवाई की मांग की है और चेतावनी दी कि अगर दोषियों को सजा नहीं मिली तो स्थिति और बेकाबू हो सकती है। यह मामला अब चुनाव प्रचार में एक बड़ा मुद्दा बन गया है, जहां भाजपा हिंदू भावनाओं को केंद्र में रखकर टीएमसी पर हमलावर है।