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  • शिवपुरी में नशामुक्ति की दौड़, एसपी ने पुलिसकर्मियों और युवाओं के साथ पूरी की 5 किमी मैराथन, विजेताओं को मिला सम्मान

    शिवपुरी में नशामुक्ति की दौड़, एसपी ने पुलिसकर्मियों और युवाओं के साथ पूरी की 5 किमी मैराथन, विजेताओं को मिला सम्मान


    शिवपुरी । शिवपुरी पुलिस द्वारा चलाए गए 15 दिवसीय “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान का गुरुवार सुबह भव्य मिनी मैराथन के साथ समापन हुआ। पोलो ग्राउंड से शुरू हुई 5 किलोमीटर लंबी दौड़ में पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया ने स्वयं भाग लेकर पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों के साथ पूरी दूरी तय की। एसपी की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को खास बना दिया और युवाओं के बीच फिटनेस तथा नशामुक्त जीवनशैली का प्रेरक संदेश दिया। हालांकि शहर के किसी भी थाना प्रभारी ने इस दौड़ में उनके साथ हिस्सा नहीं लिया।

    सुबह छह बजे शुरू हुई मैराथन पोलो ग्राउंड से तात्या टोपे स्मारक, गुरुद्वारा चौराहा, माधव चौक, कमलागंज, वीआईपी रोड, गांधी कॉलोनी, कस्टम गेट, अस्पताल चौराहा, रोटरी चौराहा, कलेक्ट्रेट रोड और एमएम चौराहा होते हुए महल के सामने से वापस पोलो ग्राउंड पहुंचकर संपन्न हुई। पूरे मार्ग में प्रतिभागियों का उत्साह देखने लायक था और शहरवासियों ने भी उनका उत्साहवर्धन किया।

    मैराथन में पुलिस अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों के सदस्यों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। “नशा छोड़ें, जीवन जोड़ें” संदेश के साथ हस्ताक्षर अभियान भी आयोजित किया गया, जिसमें लोगों ने नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।

    शिवपुरी सराफा एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता में पुरुष और महिला वर्ग के विजेताओं को नकद पुरस्कार और शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी को ₹5,500, द्वितीय स्थान पर रहने वाले को ₹3,300 तथा तृतीय स्थान हासिल करने वाले को ₹2,200 का पुरस्कार दिया गया। विजेताओं को सम्मानित करते हुए आयोजकों ने खेल और फिटनेस को नशामुक्त समाज की मजबूत नींव बताया।

    शिवपुरी पुलिस ने इस अभियान की शुरुआत 15 जुलाई से की थी। अभियान के दौरान जिलेभर के स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक स्थलों और ग्रामीण क्षेत्रों में रैलियां, जनजागरूकता कार्यक्रम, खेल प्रतियोगिताएं, शपथ समारोह, नुक्कड़ नाटक और जनसंपर्क अभियान आयोजित किए गए। इन गतिविधियों के माध्यम से विशेष रूप से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

    समापन समारोह में नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा, जनपद अध्यक्ष, विभिन्न विभागों के अधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि समाज में नशे के खिलाफ जनभागीदारी बढ़ाना समय की जरूरत है और ऐसे अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे, ताकि युवा वर्ग सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सके और नशामुक्त, स्वस्थ एवं जागरूक समाज का निर्माण हो।

  • नशे के खिलाफ इंदौर का विश्व रिकॉर्ड: 8,534 लोगों की मानव श्रृंखला, पुलिस ने तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड

    नशे के खिलाफ इंदौर का विश्व रिकॉर्ड: 8,534 लोगों की मानव श्रृंखला, पुलिस ने तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड


    इंदौर । नशे के खिलाफ जनजागरण की दिशा में इंदौर ने एक बार फिर देश के सामने मिसाल पेश की है। इंदौर पुलिस कमिश्नरेट के ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान के तहत सोमवार को शहर में 8,534 लोगों ने एक साथ मानव श्रृंखला बनाकर नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। इस उपलब्धि के साथ इंदौर पुलिस ने अपना ही पुराना रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। इससे पहले नशे के खिलाफ 7,100 लोगों की मानव श्रृंखला का विश्व रिकॉर्ड भी इंदौर पुलिस के नाम दर्ज था। इस बार बड़ी संख्या में नागरिकों की भागीदारी ने न केवल रिकॉर्ड बनाया, बल्कि समाज को नशामुक्त बनाने का सशक्त संदेश भी दिया।

    इस ऐतिहासिक आयोजन में स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थी, खिलाड़ी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, नगर सुरक्षा समिति के सदस्य, पुलिस अधिकारी-कर्मचारी और शहर के हजारों नागरिक शामिल हुए। सभी ने हाथों में हाथ डालकर लंबी मानव श्रृंखला बनाई और नशे के खिलाफ एकजुटता का संदेश दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल रिकॉर्ड बनाना नहीं, बल्कि युवाओं और समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई सिर्फ पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज की साझी जिम्मेदारी है। उन्होंने मौजूद सभी लोगों को नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके खिलाफ जागरूक करने की शपथ दिलाई। इस दौरान सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्त इंदौर और नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

    इंदौर पुलिस के अनुसार इस आयोजन में केवल मानव श्रृंखला का रिकॉर्ड ही नहीं बनाया गया, बल्कि एक साथ इतने बड़े समूह को पुलिस कमिश्नर द्वारा नशामुक्ति की शपथ दिलाने के आधार पर भी दूसरे विश्व रिकॉर्ड का दावा किया गया है। यानी एक ही कार्यक्रम के माध्यम से दो अलग-अलग विश्व रिकॉर्ड दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। संबंधित एजेंसी को सभी आवश्यक दस्तावेज और प्रमाण भेजे जा रहे हैं।

    ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान पिछले कुछ समय से शहरभर में लगातार चलाया जा रहा है। इसके तहत पुलिस स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों, बस्तियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों तक पहुंचकर युवाओं और आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक कर रही है। अभियान के दौरान संवाद कार्यक्रम, शपथ समारोह, रैलियां और जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं ताकि समाज के हर वर्ग तक यह संदेश पहुंचे कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है।

    इंदौर पहले भी स्वच्छता, जनभागीदारी और सामाजिक अभियानों में अपनी अलग पहचान बना चुका है। अब नशामुक्त समाज के संकल्प के साथ शहर ने एक और उपलब्धि अपने नाम कर ली है। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी यह दर्शाती है कि यदि प्रशासन और समाज मिलकर किसी उद्देश्य के लिए काम करें तो सकारात्मक बदलाव संभव है।

    पुलिस का कहना है कि अभियान भविष्य में भी इसी तरह जारी रहेगा और शहर के अधिक से अधिक युवाओं को इससे जोड़ा जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य केवल रिकॉर्ड बनाना नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ ऐसी सामाजिक चेतना विकसित करना है, जिससे आने वाली पीढ़ियां सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण में आगे बढ़ सकें। इंदौर का यह प्रयास देश के अन्य शहरों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।