Tag: Stock Market Fall

  • बाजार पर अंतरराष्ट्रीय दबाव हावी, निफ्टी टूटा 24000 का स्तर, चौतरफा बिकवाली से निवेशक चिंतित

    बाजार पर अंतरराष्ट्रीय दबाव हावी, निफ्टी टूटा 24000 का स्तर, चौतरफा बिकवाली से निवेशक चिंतित

    नई दिल्ली ।
    सोमवार की सुबह भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद कमजोर साबित हुई, जब वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव का सीधा असर घरेलू बाजार पर देखने को मिला। कारोबार की शुरुआत ही लाल निशान में हुई और शुरुआती मिनटों में ही बिकवाली का दबाव इतना तेज रहा कि प्रमुख सूचकांक तेजी से नीचे फिसल गए। निफ्टी ने 24000 के महत्वपूर्ण स्तर को तोड़ते हुए 23900 के आसपास कारोबार शुरू किया, जिससे निवेशकों के बीच चिंता का माहौल बन गया।

    सुबह के सत्र में सेंसेक्स भी भारी गिरावट के साथ खुला और करीब 900 अंकों से अधिक टूट गया। वैश्विक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशकों ने जोखिम कम करने की रणनीति अपनाई, जिसका असर सीधे इक्विटी बाजार पर पड़ा। बाजार में हर तरफ बिकवाली का दबाव दिखाई दिया और किसी भी सेक्टर में मजबूती टिक नहीं पाई।

    कारोबार के दौरान लगभग सभी प्रमुख सेक्टर लाल निशान में रहे। ऑटोमोबाइल, रियल एस्टेट, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और मीडिया सेक्टर में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। इन क्षेत्रों में भारी बिकवाली के कारण बाजार की गिरावट और गहरी हो गई। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े शेयर भी दबाव में रहे, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि कमजोरी व्यापक स्तर पर फैली हुई है।

    मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट का रुख देखने को मिला। आमतौर पर जब बड़े शेयरों में दबाव होता है तो छोटे शेयर कुछ हद तक स्थिर रहते हैं, लेकिन इस बार सभी वर्गों में समान रूप से कमजोरी रही। इससे यह संकेत मिला कि बाजार में विश्वास की कमी गहराती जा रही है और निवेशक फिलहाल सुरक्षित रुख अपना रहे हैं।

    वैश्विक बाजारों में भी मिश्रित रुख रहा, लेकिन एशियाई बाजारों के कई हिस्सों में कमजोरी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव और राजनीतिक अस्थिरता ने कच्चे तेल की कीमतों को प्रभावित किया है, जिससे महंगाई की आशंका भी बढ़ गई है। इसी कारण निवेशकों ने इक्विटी से दूरी बनाना शुरू कर दिया है।

    इस गिरावट की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो बड़े देशों के बीच जारी तनाव माना जा रहा है, जहां कूटनीतिक बातचीत में अभी तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया है। शांति प्रस्तावों पर सहमति न बनने और रणनीतिक मुद्दों पर टकराव के कारण वैश्विक अनिश्चितता बढ़ी है, जिसका सीधा असर दुनिया भर के शेयर बाजारों पर पड़ रहा है।

    कुल मिलाकर, मौजूदा बाजार स्थिति यह संकेत देती है कि जब तक वैश्विक तनाव में सुधार नहीं होता, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। निफ्टी के लिए 24000 का स्तर अब मजबूत प्रतिरोध बन चुका है, जबकि नीचे की ओर दबाव जारी रहने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। निवेशकों के लिए फिलहाल यह समय सावधानी और सतर्कता का है, क्योंकि वैश्विक घटनाक्रम बाजार की दिशा को तेजी से बदल रहे हैं।

  • शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: सेंसेक्स 1000 अंक टूटा, निफ्टी भी फिसला; बैंकिंग और ऑटो शेयरों में भारी बिकवाली

    शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: सेंसेक्स 1000 अंक टूटा, निफ्टी भी फिसला; बैंकिंग और ऑटो शेयरों में भारी बिकवाली


    मुंबई। वैश्विक तनाव और निवेशकों की बढ़ती चिंता के बीच भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को तेज गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान BSE Sensex करीब 1000 अंक से ज्यादा टूटकर लगभग 77,250 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं Nifty 50 भी करीब 300 अंक फिसलकर 24,000 के आसपास पहुंच गया।

    बाजार में गिरावट का असर खास तौर पर बैंकिंग, ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों में देखने को मिला। निवेशकों ने वैश्विक अनिश्चितता और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण जोखिम कम करने के लिए बिकवाली बढ़ा दी, जिससे बाजार पर दबाव बन गया।

    विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार में गिरावट की मुख्य वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव है। Iran और Israel के बीच बढ़ते टकराव से वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित होने की आशंका है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ने का डर भी निवेशकों को सताने लगा है।

    इसी बीच सोने की कीमतों में तेजी देखी गई। India Bullion and Jewellers Association के आंकड़ों के मुताबिक 24 कैरेट सोने की कीमत 500 रुपये बढ़कर करीब 1.61 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गई। हालांकि चांदी की कीमत में गिरावट दर्ज की गई और यह करीब 2000 रुपये घटकर 2.71 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास आ गई।

    वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई बाजारों में मिश्रित रुख देखने को मिला। Nikkei 225 और KOSPI में बढ़त दर्ज की गई, जबकि Hang Seng Index और Shanghai Composite Index मामूली बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे।

    अमेरिकी बाजारों में भी एक दिन पहले हल्की गिरावट रही थी। Dow Jones Industrial Average और S&P 500 नीचे बंद हुए, जबकि टेक्नोलॉजी इंडेक्स Nasdaq Composite लगभग स्थिर स्तर पर बंद हुआ।

    इस बीच विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी बाजार पर दबाव बना रही है। आंकड़ों के अनुसार 10 मार्च को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने करीब 4,672 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने करीब 6,333 करोड़ रुपये की खरीदारी की। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक परिस्थितियों और निवेशकों की सतर्कता के कारण फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

    कीवर्ड: सेंसेक्स, निफ्टी, शेयर बाजार गिरावट, ईरान-इजराइल तनाव, सोने की कीमत, विदेशी निवेशक