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  • गांधी जयंती पर शेयर बाजार में नहीं होगा कारोबार निवेशकों को अगले ट्रेडिंग सेशन का करना होगा इंतजार

    गांधी जयंती पर शेयर बाजार में नहीं होगा कारोबार निवेशकों को अगले ट्रेडिंग सेशन का करना होगा इंतजार

    नई दिल्ली। 2 अक्टूबर 2026 को शेयर बाजार के निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। शुक्रवार को गांधी जयंती के अवसर पर भारतीय शेयर बाजार में नियमित कारोबार नहीं होगा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE पर इस दिन ट्रेडिंग बंद रहेगी। ऐसे में शेयर खरीदने और बेचने वाले निवेशकों को शुक्रवार के बाजार अवकाश को ध्यान में रखकर अपनी ट्रेडिंग योजना बनानी होगी। बाजार में अगला सामान्य कारोबारी सत्र छुट्टी के बाद खुलेगा।
    शेयर बाजार में छुट्टियां पहले से तय कैलेंडर के अनुसार होती हैं। राष्ट्रीय अवकाश और अन्य निर्धारित छुट्टियों के दौरान इक्विटी मार्केट में कारोबार बंद रहता है। 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के कारण भी बाजार बंद रहेगा। इसका मतलब यह है कि निवेशक इस दिन सामान्य इक्विटी कारोबार के जरिए शेयरों की खरीद या बिक्री नहीं कर सकेंगे। बाजार बंद रहने के कारण दिनभर सेंसेक्स और निफ्टी में नियमित उतार चढ़ाव देखने को नहीं मिलेगा।

    निवेशकों के लिए यह जानना भी जरूरी है कि शेयर बाजार बंद होने का अर्थ सभी वित्तीय सेवाओं का पूरी तरह बंद होना नहीं है। अलग अलग बैंकिंग और निवेश प्लेटफॉर्म की सेवाओं के कामकाज का समय और उपलब्धता अलग हो सकती है। इसके अलावा बाजार से जुड़े कुछ सेटलमेंट और अन्य कार्य निर्धारित नियमों के अनुसार आगे बढ़ सकते हैं। इसलिए किसी लेनदेन की योजना बनाने से पहले अपने ब्रोकर या संबंधित वित्तीय संस्थान की सूचना देखना उपयोगी रहेगा।

    2 अक्टूबर की छुट्टी के कारण निवेशकों के लिए पिछले कारोबारी सत्र के प्रदर्शन का विश्लेषण करना भी महत्वपूर्ण हो सकता है। बाजार बंद रहने के दौरान वैश्विक बाजारों से आने वाले संकेतों और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर रखी जा सकती है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में होने वाली हलचल का असर भारतीय बाजार के अगले कारोबारी सत्र पर दिखाई दे सकता है। इसके अलावा कंपनियों से जुड़ी खबरें और आर्थिक आंकड़े भी बाजार की दिशा को प्रभावित करने वाले कारकों में शामिल होते हैं।

    छुट्टी के दिन कई निवेशक अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करने के लिए समय निकालते हैं। ऐसे में अलग अलग कंपनियों के प्रदर्शन और अपनी निवेश रणनीति पर विचार किया जा सकता है। हालांकि केवल एक दिन के बाजार उतार चढ़ाव को देखकर जल्दबाजी में कोई बड़ा निवेश निर्णय लेना उचित नहीं माना जाता। शेयर बाजार में जोखिम बना रहता है और किसी भी कंपनी के शेयर की कीमत कई अलग अलग परिस्थितियों से प्रभावित हो सकती है।

    नए निवेशकों के लिए बाजार की छुट्टियों की जानकारी रखना खास तौर पर जरूरी है। इससे ऑर्डर प्लेस करने और ट्रेडिंग की योजना बनाते समय भ्रम की स्थिति नहीं रहती। यदि किसी निवेशक ने छुट्टी से पहले कोई ऑर्डर लगाया है तो उसके निष्पादन की स्थिति बाजार के नियमों और ऑर्डर के प्रकार पर निर्भर करेगी। इसलिए अपने ट्रेडिंग अकाउंट में ऑर्डर की स्थिति जांचना बेहतर रहेगा।

    कुल मिलाकर 2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती के कारण NSE और BSE पर नियमित शेयर बाजार कारोबार नहीं होगा। निवेशकों को इस दिन बाजार खुलने की उम्मीद में ट्रेडिंग करने के बजाय अगले कारोबारी सत्र की तैयारी करनी चाहिए। बाजार की छुट्टी को पोर्टफोलियो की समीक्षा और आने वाले कारोबारी सत्र के लिए रणनीति बनाने के अवसर के रूप में देखा जा सकता है। निवेश संबंधी कोई भी फैसला अपनी जोखिम क्षमता और वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखकर लेना बेहतर रहेगा।

  • महाराष्ट्र दिवस पर शेयर बाजार बंद, सेंसेक्स-निफ्टी में आज नहीं होगा कारोबार..

    महाराष्ट्र दिवस पर शेयर बाजार बंद, सेंसेक्स-निफ्टी में आज नहीं होगा कारोबार..


    नई दिल्ली।
    महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर आज भारतीय शेयर बाजार में कारोबार पूरी तरह से बंद रहा। देश के प्रमुख दोनों स्टॉक एक्सचेंजों पर किसी भी प्रकार की खरीद-बिक्री नहीं हुई, जिससे निवेशकों को एक दिन का इंतजार करना पड़ा।

    इस अवकाश के चलते इक्विटी, डेरिवेटिव्स और सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग (SLB) जैसे सभी प्रमुख सेगमेंट में ट्रेडिंग रुकी रही। सामान्य कारोबार अब अगले सत्र में शुरू होगा, जिससे बाजार में गतिविधियां फिर से तेज होने की उम्मीद है।

    कमोडिटी मार्केट में आंशिक रूप से गतिविधि देखने को मिली, जहां सुबह के सत्र में कारोबार बंद रहा, जबकि शाम के सत्र में सीमित समय के लिए ट्रेडिंग जारी रही। इससे कमोडिटी निवेशकों को आंशिक राहत मिली।

    महाराष्ट्र दिवस के साथ-साथ इस दिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई देशों में अवकाश रहा, जिसके चलते वैश्विक बाजारों में भी कारोबार प्रभावित हुआ। कई एशियाई और यूरोपीय बाजार बंद रहे, जिससे अंतरराष्ट्रीय ट्रेडिंग गतिविधियां कम हो गईं।

    इससे पहले कारोबारी सत्र में भारतीय बाजार दबाव में बंद हुआ था। वैश्विक अस्थिरता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण बाजार में गिरावट दर्ज की गई थी, और प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए थे।

    लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी हलचल देखने को मिली थी। कुछ सेक्टर में खरीदारी रही, जबकि कई प्रमुख स्टॉक्स में बिकवाली का दबाव बना रहा।