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  • ग्लोबल संकेतों से तय होगी बाजार की दिशा, जानें किन फैक्टर्स पर रहेगा फोकस

    ग्लोबल संकेतों से तय होगी बाजार की दिशा, जानें किन फैक्टर्स पर रहेगा फोकस


    नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार के लिए आने वाला हफ्ता काफी अहम रहने वाला है। खासकर US–Iran peace talks पर निवेशकों की नजरें टिकी रहेंगी। दोनों देशों के बीच जारी दो हफ्तों का युद्धविराम खत्म होने जा रहा है, ऐसे में किसी भी तरह का घटनाक्रम ग्लोबल मार्केट और तेल की कीमतों को प्रभावित कर सकता है।

    कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव से बढ़ेगी चिंता

    Strait of Hormuz के बार-बार बंद होने की खबरों से कच्चे तेल की सप्लाई पर असर पड़ सकता है। इसका सीधा प्रभाव भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर पड़ेगा, जिससे महंगाई और बाजार की चाल दोनों प्रभावित हो सकती हैं।

    तिमाही नतीजों से बनेगा सेंटीमेंट

    अगले हफ्ते कई बड़ी कंपनियां अपने तिमाही नतीजे पेश करेंगी, जिनमें Infosys, HCLTech, Nestlé India, SBI Life Insurance और Adani Green Energy शामिल हैं। इन कंपनियों के प्रदर्शन से बाजार की दिशा तय होने में मदद मिलेगी।

    घरेलू आर्थिक आंकड़े भी रहेंगे अहम

    भारतीय बाजार के लिए घरेलू डेटा भी काफी महत्वपूर्ण रहेगा।

    20 अप्रैल: इन्फ्रास्ट्रक्चर आउटपुट
    22 अप्रैल: Reserve Bank of India की मौद्रिक नीति के मिनट्स
    23 अप्रैल: पीएमआई (PMI) डेटा

    ये आंकड़े आर्थिक गतिविधियों की गति और भविष्य की दिशा का संकेत देंगे।

    बीते हफ्ते बाजार में रही तेजी

    पिछला सप्ताह शेयर बाजार के लिए सकारात्मक रहा।

    BSE Sensex 943.29 अंक (1.22%) बढ़कर 78,493.54 पर बंद हुआ
    Nifty 50 302.95 अंक (1.26%) चढ़कर 24,353.55 पर बंद हुआ

    वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी जोरदार तेजी देखने को मिली, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।

    सेक्टर परफॉर्मेंस: डिफेंस और एनर्जी सबसे आगे

    बीते हफ्ते सेक्टोरल इंडेक्स में शानदार बढ़त देखने को मिली।

    निफ्टी इंडिया डिफेंस टॉप गेनर रहा
    इसके बाद एनर्जी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मेटल और पीएसई सेक्टर में तेजी दर्ज की गई

    यह संकेत देता है कि बाजार में व्यापक खरीदारी का माहौल बना हुआ है।

    अगले हफ्ते बाजार की दिशा ग्लोबल घटनाओं, खासकर अमेरिका-ईरान वार्ता, कच्चे तेल की कीमतों और तिमाही नतीजों पर निर्भर करेगी। साथ ही घरेलू आर्थिक आंकड़े भी निवेशकों के फैसलों को प्रभावित करेंगे।

  • शेयर बाजार पर नजर! RBI पॉलिसी, ग्लोबल टेंशन और क्रूड ऑयल की चाल से तय होगी दिशा

    शेयर बाजार पर नजर! RBI पॉलिसी, ग्लोबल टेंशन और क्रूड ऑयल की चाल से तय होगी दिशा


    नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता काफी अहम होगा। आरबीआई मौद्रिक नीति, अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की चाल से शेयर बाजार की दिशा तय होगी।

    ब्याज दरों की समीक्षा के लिए भारतीय रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति समिति (आरबीआई-एमपीसी) की बैठक 6-8 अप्रैल के बीच प्रस्तावित है। यह बैठक ऐसे समय पर हो रही है जब वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम उच्चतम स्तर पर बने हुए हैं, जिससे महंगाई को लेकर दुनियाभर में चिंताएं बढ़ रही हैं।

    अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध भी शेयर बाजार के लिए अगले हफ्ते एक अहम फैक्टर होगा, क्योंकि युद्ध का प्रभाव अब दुनिया की आपूर्ति श्रृंख्लाओं पर दिखाई देने लगा है। ऐसे में इस युद्ध से जुड़े अपटेड आने वाले हफ्ते में शेयर बाजार के लिए अहम होंगे।

    मौजूदा समय में कच्चा तेल 109 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। बीते एक महीने में इसमें 34 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में आने वाले हफ्ते में कच्चे तेल की चाल पर निवेशकों की निगाहें बनी रहेंगी।

    बीते हफ्ते शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ था। इस दौरान सेंसेक्स 1,953.90 अंक या 2.60 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,319.55 और निफ्टी 593.35 अंक या 2.55 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 22,713 पर बंद हुआ। यह लगातार छठवां हफ्ता था, जब शेयर बाजार में गिरावट देखी गई।

    सूचकांकों में निफ्टी पीएसयू बैंक (5.21 प्रतिशत), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (4.06 प्रतिशत), निफ्टी हेल्थकेयर (4.04 प्रतिशत), निफ्टी ऑटो (3.87 प्रतिशत), निफ्टी फार्मा (3.84 प्रतिशत), निफ्टी प्राइवेट बैंक (3.27 प्रतिशत), निफ्टी इन्फ्रा (2.90 प्रतिशत) और निफ्टी रियल्टी (2.89 प्रतिशत) की कमजोरी के साथ टॉप लूजर्स थे।

    इस दौरान केवल निफ्टी आईटी (2.60 प्रतिशत) और निफ्टी मेटल (1.01 प्रतिशत) ही हरे निशान में बंद हुए।

    लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप भी लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 246.05 अंक या 1.55 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 15,650.50 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,654 अंक या 2.99 प्रतिशत की गिरावट के साथ 53,677.05 पर बंद हुआ।

  • शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे ग्लोबल संकेत, तेल-रुपया और मिडिल ईस्ट हालात पर फोकस

    शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे ग्लोबल संकेत, तेल-रुपया और मिडिल ईस्ट हालात पर फोकस


    नई दिल्ली भारतीय शेयर बाजार के लिए आने वाला हफ्ता काफी अहम रहने वाला है। वैश्विक और घरेलू उत्पाद के बीच दोस्ती की नज़र मध्य पूर्व में जारी तनाव, डॉलर के डॉलर के डॉलर की चाल और कच्चे तेल की दुकान पर रहेगा। ये तीन बड़े फैक्टर बाजार की दिशा तय करने में अंतिम भूमिका निभाएंगे।

    मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का कारण
    अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच रिलीज मॅथेल में अब चौथे हफ्ते में एंट्री कर दी गई है। सामान्य स्थिति के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं, जिससे वैश्विक उद्योगों में अनिश्चितता बढ़ गई है।

    इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज स्ट्रीट पर चेतावनी देते हुए तनाव को और बढ़ाया है। यह वैश्वीकरण तेल शोषित का प्रमुख मार्ग है, ऐसे में यहां किसी भी क्षेत्र में सीधे कच्चे तेल के प्रवेश को प्रभावित किया जा सकता है।

    कच्चे तेल की दुकान में तेज़ उछाल
    मध्य पूर्व के तनाव का असर कच्चे तेल की झील पर साफ नजर आ रहा है। ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम में एक सप्ताह में 8.77 प्रतिशत और पिछले एक महीने में 57.35 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है।

    तेल की टंकी में यह उछाल भारत जैसे तीर्थ-निर्भर देश के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इससे हिस्सेदारी में बढ़ोतरी हो सकती है और कंपनी की लागत पर असर पड़ सकता है। इसका सीधा प्रभाव शेयर बाजार पर भी देखा जा सकता है।

    रुपयों की मंदी से बढ़ा दबाव
    डॉलर के थोक भारतीय मुद्रा की गिरावट के लिए भी बाजार में नकारात्मक संकेत दे रही है। पिछला सप्ताह पोर्टफोलियो 93.71 के रिकॉर्ड पर पहुंच गया। इस गिरावट का मुख्य कारण विदेशी फ़्लोरिडा फ़्लोरिडा (FII) की लगातार बिकवाली रही। विदेशी निवेशकों के विश्वास को बाजार में प्रभावित किया जाता है और शेयर बाजार में जमा किया जाता है।

    एफओआई और डीओआई का संतुलन
    डेज वीक एफओआई ने लगभग 29,718.9 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जिससे बाजार पर दबाव बना। हालाँकि, डोमेस्टिक एंटरप्राइज़ एंटरप्राइज़ (डीआईआई) ने 30,642 करोड़ रुपये का निवेश किया, जो कुछ हद तक समर्थित है।

    यह बैलेंस बाज़ार में बड़े पैमाने पर गिरावट से बचा हुआ है, लेकिन अगर फ़ोई की बिकवाली जारी रहती है तो बाज़ार पर दबाव बढ़ सकता है।

    पिछली शनिवार की रिलीज़- रिलीज़
    16 से 20 मार्च के बीच शेयर बाजार में भारी उछाल- देखने को मिला। अंत में बीएसई सेंसेक्स 74,523.96 और निफ्टी 50 23,114.50 के स्तर पर बंद हुआ।

    सेक्टोरल स्टॉक्स में डिफेन्स, फ़्यूसीजी और रियल्टी स्टॉक में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है। इन सेक्टरों में क्रमश: 2.41%, 1.91% और 1.89% की गिरावट जारी है। वहीं, ऑटो और मेटल सेक्टर में क्रमश: 2.15% और 1.06% की बढ़त दर्ज की गई।

    किशोरी के लिए क्या संकेत?
    आने वाले सप्ताह में सहकर्मियों को रहने की आवश्यकता है। वैश्विक घटना, विशेष रूप से मध्य पूर्व की स्थिति, रुपये की चाल और कच्चे तेल के वैश्विक बाजार को प्रभावित करती है। विशेषज्ञ का मानना ​​है कि जब तक इन तीनों में स्थिरता नहीं आएगी, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।