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  • बाजार में जबरदस्त रिकवरी, सेंसेक्स और निफ्टी में 1% से अधिक की बढ़त

    बाजार में जबरदस्त रिकवरी, सेंसेक्स और निफ्टी में 1% से अधिक की बढ़त


    नई दिल्ली भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को शानदार स्टॉक एक्सचेंज पेश किया। दोपहर 12 बजे बीएसई सेंसेक्स 728 अंक यानी करीब 1% की तेजी के साथ 74,935 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 236 अंक या 1.03% की बढ़त के साथ 23,238 पर कारोबार करता नजर आया। किशोरावस्था के बाद बाजार में आई यह किशोर किशोरों के लिए राहत भरी रही।

    मिडकैप और स्मॉलकैप में भी जगहें

    केवल लार्जकैप ही नहीं, बल्कि व्यापक बाजार में भी जगह देखने को मिली। मेट्रिक्स मिडकैप 100 स्ट्रेंथ 1.27% की बढ़त के साथ 55,185 पर पहुंच गये, जबकि मार्टियड मिडकैप 100 स्ट्रेंथ में भी 0.65% की बढ़त दर्ज की गयी। इससे साफ होता है कि बाजार में हर स्तर पर दुकान का गोदाम बना हुआ है।

    कच्चे तेल में नारी बनी बड़ी वजह

    बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की बाजार में आई गिरावट जारी है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.21% 107.3 डॉलर प्रति शेयर पर बढ़त। इससे पहले पश्चिम एशिया में तनाव के चलते यह 119 डॉलर तक पहुंच गया था। तेल के भंडार में प्राकृतिक आने से भारत जैसे तीर्थ देश के लिए राहत की स्थिति बनी हुई है, जिससे बाजार में सकारात्मक असर दिख रहा है।

    पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेत

    हाल के दिनों में भू-राजनीतिक तनाव में कुछ नारी के संकेत मिले हैं, जिनमें से किसी का भी भरोसा नहीं है। इससे बाजार में खरीदारी और भावना मजबूत हुई।

    वैश्विक संस्था से भी मिला सहयोग

    एशियाई उद्यमों-सोल और शंघाई-में भी तेजी से देखने को मिला, जबकि अमेरिकियों में भी गिरावट के बाकी हिस्सों में बढ़त आई। इस ग्लोबल सपोर्ट ने भारतीय बाजार को स्थान दिया।

    इंडिया VIX में गिरावट से तेजी

    बाज़ार में लॉन्च – संकेत देने वाला इंडिया VIX भी लॉन्च हुआ है। आमतौर पर जब VIX गिरता है, तो बाजार में स्थिरता और तेजी देखने को मिलती है।

    वर्चुअल वैल्यूएशन पर खरीदारी

    हाल की गिरावट के बाद साझीदारी को कई शेयर साझीदारी पर मिल रहे हैं। विशेषज्ञ का मानना ​​है कि यही कारण है कि निवेशक फिर से बाजार में लौट रहे हैं।

    विदेशी आवेदकों के लिए बनाने का मौका

    विशेषज्ञ के अनुसार, खिलौनों ने भारतीय बाज़ार को विदेशी बाज़ारों के लिए आकर्षित किया है। इससे आने वाले दिनों में बाजार में और निवेश देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर, कच्चे तेल में गिरावट, वैश्विक संकेत और बेहतर वैल्यूएशन जैसे शेयर बाजार में बाजार में वापसी हुई है और आगे भी सकारात्मक रुख बना हुआ है।

  • तीसरे दिन भी शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स की रफ्तार के पीछे ये बड़े कारण

    तीसरे दिन भी शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स की रफ्तार के पीछे ये बड़े कारण


    नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन रैपिड का स्ट्रिप जारी है, जिससे निवेशक का भरोसा और मजबूत हुआ है। प्रमुख शोधकर्ता बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी 50 इस दौरान शेयर बाजार में उछाल दिखा रहे हैं। डीजेस के तीन सत्रों में 2,000 अंक के करीब भुगतान किया गया है, जबकि ड्यूस में 700 अंक से अधिक की बढ़त दर्ज की गई है। शनिवार दोपहर 12:47 बजे आटा 636 अंक 0.84% ​​की तेजी के साथ 76,707 पर कारोबार हो रहा था, मलेशिया 191 अंक 0.81% 23,770 पर पहुंच गया। खास बात यह है कि इस तेजी में सिर्फ लार्जकैप ही नहीं, बल्कि बात मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर में भी बराबर की भागीदारी निभा रहे हैं, जो बाजार में व्यापक बाजार का संकेत है।

    बाजार की इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह आईटी सेक्टर में रिटर्न्स की खरीदारी है। निफ्टी आईटी करीब 4 फीसदी की तेजी के साथ टॉप जेनर बन गया है। इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टेक महिंद्रा जैसी दिग्गज आईटी कंपनियां इनफॉरमेंस शॉपिंग को मिल रही हैं। इसकी एक बड़ी वैश्विक ग्लोबल ब्रोकरेज सीएलएसए की रिपोर्ट है, जिसमें कहा गया है कि ओपनएआई और एंथ्रोपिक के नए इंजीनियरिंग टूल्स से इंडस्ट्री को कोई बड़ा खतरा नहीं है। इस रिपोर्ट के बाद वोडाफोन की चिंता कम हुई और सेक्टर में तेजी से पैसा लौटा।

    कच्चे तेल की गिरावट और ज्वालामुखी वोलैटिलिटी ने स्केल फ़्रॉम

    बाज़ार की सूची में अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिकों का भी बहुत बड़ा योगदान है। कच्चे तेल की बिक्री में आई गिरावट से उपज की सेंटि बेहतर हुई है। WTI क्रूड ऑयल में करीब 3.43% की गिरावट दर्ज की गई और 92.91 डॉलर प्रति शेयर के आसपास रहा, जबकि ब्रेंट क्रूड भी 2.02% बढ़कर 101.3 डॉलर के करीब रहा। कच्चा तेल सस्ता होने से भारत जैसे औद्योगिक देश के लिए अर्थव्यवस्था और अर्थव्यवस्था पर दबाव कम होता है, जिससे शेयर बाजार को समर्थन मिलता है।

    इसके अलावा भारत VIX में गिरावट के लिए भी बाजार सकारात्मक संकेत है। इंडिया विक्स 4.30% ग्रुप 18.94 पर आया है, जो बताता है कि बाजार में स्थिरता कम हो रही है और स्थिरता बढ़ रही है। आम तौर पर जब अस्थिरता कम होती है, तो निवेशक अधिकांश स्वामित्व के साथ बाजार में पैसा विकल्प होते हैं।

    मिडकैप और स्मॉलकैप स्टूडियो में भी मजबूत तेजी से देखने को मिल रही है। मैथ्यू मिडकैप 100 स्टॉल 1.77% और मैडकैप 100 स्टॉल 1.52% तक चढ़े, जिससे यह पता चलता है कि रैली व्यापक है और केवल साइंटिस्ट स्टॉक तक सीमित नहीं है।

    कुल मिलाकर, आईटी सेक्टर में विश्वास की वापसी, कच्चे तेल के क्षेत्र में गिरावट और कम होने वाली बाजार अस्थिरता ने मिलकर इस तेजी को जगह दी है। अगर यही ट्रेंड जारी हो रहा है, तो आने वाले दिनों में बाजार में नए व्यापारियों को चुना जा सकता है।