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  • आज बाजार में अस्थिरता के आसार, 22 जून को रह सकता है शेयर मार्केट में दबाव और रिकवरी दोनों

    आज बाजार में अस्थिरता के आसार, 22 जून को रह सकता है शेयर मार्केट में दबाव और रिकवरी दोनों


    नई दिल्ली । सप्ताह की शुरुआत में निवेशक आमतौर पर सतर्क रुख अपनाते हैं। ग्लोबल मार्केट से मिले संकेतों के आधार पर सेंसेक्स और निफ्टी में हल्की बढ़त या गिरावट दोनों ही देखने को मिल सकती है। यदि अमेरिकी और एशियाई बाजारों में मजबूती रहती है तो भारतीय बाजार में भी सकारात्मक शुरुआत संभव है।

    बैंकिंग और IT सेक्टर पर नजर
    बाजार में बैंकिंग और IT सेक्टर हमेशा प्रमुख भूमिका निभाते हैं। यदि विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है तो इन सेक्टरों में तेजी देखी जा सकती है। वहीं, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी हल्की हलचल बनी रह सकती है।

    वैश्विक संकेत तय करेंगे दिशा
    कच्चे तेल की कीमतें और डॉलर इंडेक्स बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। अगर कच्चे तेल में तेजी आती है तो भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं, विदेशी बाजारों में स्थिरता या तेजी से घरेलू बाजार को समर्थन मिल सकता है।

     निवेशकों के लिए सावधानी जरूरी
    विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे समय में निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना चाहिए। छोटे समय के ट्रेड में जोखिम अधिक हो सकता है, इसलिए स्टॉप-लॉस का इस्तेमाल जरूरी माना जाता है।

    कुल मिलाकर 22 जून को शेयर बाजार में हल्की तेजी के साथ उतार-चढ़ाव का माहौल रह सकता है। बाजार किसी एक दिशा में मजबूत ट्रेंड बनाने से पहले वैश्विक संकेतों का इंतजार कर सकता है।

  • शेयर बाजार में जबरदस्त रिकवरी: सेंसेक्स 850 अंक उछलकर 82,750 पर, निफ्टी 25,400 के पार

    शेयर बाजार में जबरदस्त रिकवरी: सेंसेक्स 850 अंक उछलकर 82,750 पर, निफ्टी 25,400 के पार


    नई दिल्ली। गुरुवार, 22 जनवरी को घरेलू शेयर बाजार ने पिछले तीन कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद दमदार वापसी की। शुरुआती कारोबार से ही बाजार में सकारात्मक माहौल देखने को मिला और सेंसेक्स करीब 850 अंकों की छलांग लगाकर 82,750 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी में भी लगभग 250 अंकों की तेजी रही और यह 25,400 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर कारोबार करता नजर आया। इस उछाल ने निवेशकों को बड़ी राहत दी और बाजार में दोबारा भरोसे का माहौल बना।

    बीएसई सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 28 शेयर हरे निशान में कारोबार करते दिखे, जबकि केवल 2 शेयरों में हल्का दबाव रहा। जोमैटो, एशियन पेंट्स और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया SBI के शेयरों में 4 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा मेटल, ऑटो और आईटी सेक्टर के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार की चौड़ाई मजबूत रही और तेजी व्यापक आधार पर दिखाई दी।

    बाजार में इस मजबूती के पीछे सबसे अहम भूमिका ग्लोबल संकेतों की रही। अमेरिकी और एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक रुझानों ने घरेलू निवेशकों का उत्साह बढ़ाया। इसके साथ ही पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हालिया बयानों ने भी बाजार की चिंता को कम किया। ट्रम्प द्वारा ग्रीनलैंड को लेकर टैरिफ लगाने की धमकी वापस लेने और नाटो देशों के साथ बातचीत के संकेत देने से भू-राजनीतिक तनाव को लेकर आशंकाएं घटी हैं। इसके अलावा भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर उनके सकारात्मक रुख से निवेशकों में भरोसा बढ़ा है।एशियाई बाजारों की बात करें तो वहां मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। जापान का निक्केई इंडेक्स 1.77 प्रतिशत की तेजी के साथ 53,706 पर और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.87 प्रतिशत चढ़कर 5,001 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स हल्की गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। अमेरिकी बाजारों में भी मजबूती का असर दिखा, जहां 21 जनवरी को डाउ जोंस 1.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ था।

    निवेशकों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 21 जनवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों FIIs ने 1,787 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की थी। इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों DIIs ने 4,520 करोड़ रुपये की जोरदार खरीदारी कर बाजार को मजबूत सहारा दिया। दिसंबर 2025 में FIIs की भारी बिकवाली के बावजूद DIIs की सक्रिय भागीदारी ने बाजार को संतुलित बनाए रखा है।गौरतलब है कि बुधवार को बाजार दबाव में रहा था। उस दिन सेंसेक्स 270 अंक गिरकर 81,909 पर और निफ्टी 75 अंक टूटकर 25,157 पर बंद हुआ था। लेकिन गुरुवार की तेजी ने संकेत दिया है कि बाजार में रिकवरी की शुरुआत हो चुकी है। आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा काफी हद तक ग्लोबल संकेतों, भारत-अमेरिका ट्रेड डील से जुड़ी खबरों और निवेशकों की धारणा पर निर्भर करेगी।