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  • सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट, आईटी शेयरों ने संभाला बाजार, मिडकैप और स्मॉलकैप में भारी बिकवाली

    सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट, आईटी शेयरों ने संभाला बाजार, मिडकैप और स्मॉलकैप में भारी बिकवाली

    नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 30 अक्टूबर को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि आईटी और हेल्थकेयर कंपनियों के शेयरों में मजबूती ने बाजार को कुछ सहारा दिया, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा। निवेशकों के बीच महंगाई, वैश्विक ब्याज दरों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता का असर बाजार के रुख पर दिखाई दिया।

    कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 308.49 अंक यानी 0.42 प्रतिशत गिरकर 74,459.53 के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह एनएसई निफ्टी 116.35 अंक यानी 0.51 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 23,053.10 पर आ गया। प्रमुख सूचकांकों में गिरावट के साथ बाजार बंद होने के बावजूद कुछ बड़े शेयरों में खरीदारी बनी रही।

    लार्जकैप शेयरों के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों में अधिक दबाव देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 540.40 अंक यानी 0.93 प्रतिशत गिरकर 57,301.25 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 347.75 अंक यानी 1.85 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 18,463.60 के स्तर पर आ गया। इन दोनों सूचकांकों में गिरावट से छोटे और मध्यम आकार की कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की बिकवाली का संकेत मिला।

    सेक्टर आधारित कारोबार में आईटी शेयरों ने बाजार को सबसे अधिक समर्थन दिया। निफ्टी आईटी इंडेक्स 2.32 प्रतिशत की बढ़त के साथ दिन के प्रमुख लाभ वाले सूचकांकों में शामिल रहा। निफ्टी हेल्थकेयर में भी 1.58 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा निफ्टी फार्मा 1.55 प्रतिशत, निफ्टी सर्विसेज 1.17 प्रतिशत, निफ्टी कंजम्पशन 0.29 प्रतिशत और निफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर 0.07 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।

    दूसरी ओर, कई सेक्टरों में बिकवाली का दबाव बना रहा। निफ्टी इंडिया डिफेंस में 2.01 प्रतिशत की गिरावट आई। निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.78 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया 1.46 प्रतिशत कमजोर हुआ। निफ्टी एनर्जी में 0.97 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.93 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो में 0.87 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

    सेंसेक्स में शामिल शेयरों में ट्रेंट, इंडिगो, इन्फोसिस, एनटीपीसी, पावर ग्रिड, इटरनल, टेक महिंद्रा, एचयूएल टेक, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, सन फार्मा, आईटीसी, एशियन पेंट्स, टीसीएस, आईसीआईसीआई बैंक, एलएंडटी, एचयूएल और टाइटन बढ़त के साथ बंद हुए। इसके विपरीत एसबीआई, एमएंडएम, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा स्टील, एक्सिस बैंक, बीईएल, रिलायंस इंडस्ट्रीज, बजाज फिनसर्व, भारती एयरटेल और मारुति सुजुकी के शेयरों में गिरावट रही।

    बाजार में कमजोरी के पीछे वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को भी प्रमुख कारण माना गया। महंगाई को लेकर बनी चिंताओं के बीच यूरोपीय केंद्रीय बैंक और बैंक ऑफ जापान ने भी अमेरिकी फेडरल रिजर्व की तरह ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियों के ऊंचे मूल्यांकन को लेकर निवेशकों की चिंता दोबारा बढ़ी है। इसका असर एशियाई बाजारों में भी दिखाई दिया।

    अमेरिका और ईरान के बीच तनाव से जुड़ी नई खबरों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भी बाजार की धारणा को कमजोर किया। इस माहौल में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बड़े स्तर पर बिकवाली हुई। दूसरी ओर, वैश्विक एआई शेयरों से कुछ निवेश निकलकर चुनिंदा आईटी कंपनियों में खरीदारी के रूप में आया। बेहतर नतीजों और डिफेंसिव मांग के चलते फार्मा तथा हेल्थकेयर शेयरों में भी मजबूती बनी रही। इस तरह आईटी और स्वास्थ्य क्षेत्र की खरीदारी के बावजूद व्यापक बाजार में गिरावट का रुख कायम रहा।

  • अगले सप्ताह छह कंपनियों के डिविडेंड पर रहेगी नजर, रिकॉर्ड डेट से पहले जानें किस शेयर पर कितना मिलेगा लाभ

    अगले सप्ताह छह कंपनियों के डिविडेंड पर रहेगी नजर, रिकॉर्ड डेट से पहले जानें किस शेयर पर कितना मिलेगा लाभ

    नई दिल्ली । शेयर बाजार में अगले सप्ताह छह कंपनियों के अंतरिम डिविडेंड को लेकर निवेशकों की नजर बनी रह सकती है। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजों के साथ इन कंपनियों ने शेयरधारकों के लिए लाभांश घोषित किया है। इनमें हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज, एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज, सायंट, निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट, चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और एडोर वेल्डिंग शामिल हैं। इन कंपनियों के प्रति शेयर घोषित डिविडेंड को जोड़ने पर कुल रकम 83.50 रुपये होती है। यह छह अलग-अलग कंपनियों के एक-एक शेयर पर घोषित लाभांश का जोड़ है, न कि किसी एक कंपनी के शेयर पर मिलने वाली राशि।

    हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज ने वित्त वर्ष 2026 के लिए 9.50 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के दूसरे अंतरिम डिविडेंड की घोषणा की है। कंपनी के शेयर का अंकित मूल्य एक रुपये है। इस आधार पर घोषित लाभांश अंकित मूल्य का 950 प्रतिशत है। कंपनी ने 26 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। इस तारीख के आधार पर तय होगा कि कौन से शेयरधारक घोषित डिविडेंड पाने के पात्र होंगे।

    एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 20 रुपये प्रति इक्विटी शेयर का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। कंपनी के शेयर का अंकित मूल्य दो रुपये है, इसलिए यह लाभांश अंकित मूल्य का 1,000 प्रतिशत बैठता है। कंपनी ने 27 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट निर्धारित की है। लाभांश का लाभ उन्हीं शेयरधारकों को मिलेगा, जो लागू नियमों के अनुसार पात्र होंगे।

    सायंट लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजों के साथ 12 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दी है। कंपनी के शेयर का अंकित मूल्य पांच रुपये है। इस हिसाब से घोषित लाभांश अंकित मूल्य का 240 प्रतिशत है। सायंट ने 28 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। आईटी क्षेत्र की इस कंपनी का डिविडेंड भी अगले सप्ताह निवेशकों के ध्यान में रह सकता है।

    निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट ने दूसरी तिमाही के परिणामों के साथ 9.50 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड की घोषणा की है। कंपनी के शेयर का अंकित मूल्य 10 रुपये है और घोषित लाभांश इसके 95 प्रतिशत के बराबर है। कंपनी ने पात्र शेयरधारकों की पहचान के लिए 28 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट निर्धारित की है।

    चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने 22 अक्टूबर 2026 को हुई बोर्ड बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 25 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड की घोषणा की। कंपनी के शेयर का अंकित मूल्य 10 रुपये है, जिसके आधार पर लाभांश 250 प्रतिशत होता है। इसकी रिकॉर्ड डेट 30 अक्टूबर 2026 रखी गई है। पात्र शेयरधारकों को भुगतान 21 नवंबर 2026 तक किए जाने की जानकारी दी गई है।

    एडोर वेल्डिंग लिमिटेड ने 7.50 रुपये प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड की घोषणा की है। कंपनी ने इसके लिए भी 30 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। इस प्रकार, छह कंपनियों की रिकॉर्ड डेट 26, 27, 28 और 30 अक्टूबर को निर्धारित हैं।

    निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि डिविडेंड की घोषणा और शेयर के अंकित मूल्य के आधार पर निकाला गया प्रतिशत, शेयर की मौजूदा बाजार कीमत पर मिलने वाले प्रतिफल के समान नहीं होता। रिकॉर्ड डेट के साथ पात्रता और लागू बाजार नियमों को भी ध्यान में रखना चाहिए। केवल डिविडेंड की राशि के आधार पर निवेश का निर्णय लेना उचित नहीं है।

  • तीन दिन की गिरावट के बाद शेयर बाजार में लौटी तेजी, सेंसेक्स 517 अंक चढ़ा, आईटी शेयरों में खरीदारी से मिला सहारा

    तीन दिन की गिरावट के बाद शेयर बाजार में लौटी तेजी, सेंसेक्स 517 अंक चढ़ा, आईटी शेयरों में खरीदारी से मिला सहारा

    नई दिल्ली । लगातार तीन कारोबारी दिनों की गिरावट के बाद शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों हरे निशान में रहे। सेंसेक्स 416.25 अंक यानी 0.57 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,665.64 पर खुला, जबकि निफ्टी 50 ने 54.55 अंक यानी 0.24 प्रतिशत की तेजी के साथ 22,742.20 पर शुरुआत की। पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 73,249.39 और निफ्टी 22,687.65 पर बंद हुआ था।

    कारोबार आगे बढ़ने के साथ सेंसेक्स की तेजी बढ़ी और उसने 517.12 अंक यानी 0.70 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,766.51 का उच्चतम स्तर छुआ। वहीं, निफ्टी 50 करीब 100 अंक यानी 0.43 प्रतिशत चढ़कर 22,787.25 के स्तर तक पहुंचा। बाजार में आई इस तेजी के बावजूद सभी श्रेणियों के शेयरों में खरीदारी का माहौल नहीं दिखा। व्यापक बाजार में दबाव बना रहा और छोटे तथा मझोले शेयरों के सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई।

    निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक में करीब 2 प्रतिशत और निफ्टी मिडकैप 100 में 1.3 प्रतिशत की गिरावट आई। इससे संकेत मिला कि प्रमुख सूचकांकों में बढ़त के बावजूद व्यापक बाजार की स्थिति कमजोर बनी हुई थी। निवेशकों की खरीदारी चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित रही और कई प्रमुख क्षेत्रीय सूचकांक गिरावट में कारोबार करते दिखे।

    क्षेत्रवार प्रदर्शन में आईटी शेयरों ने बाजार को सबसे अधिक सहारा दिया। निफ्टी आईटी सूचकांक में 1.8 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके विपरीत निफ्टी मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रियल्टी, ऑटो, पीएसयू बैंक और मीडिया सूचकांकों में सबसे ज्यादा गिरावट रही। इस तरह बाजार की शुरुआती तेजी के बीच अलग-अलग क्षेत्रों के प्रदर्शन में बड़ा अंतर देखने को मिला।

    विदेशी मुद्रा बाजार में भी रुपये में मामूली मजबूती दर्ज की गई। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया तीन पैसे बढ़कर 94.79 पर खुला। इससे पिछले कारोबारी दिन गुरुवार को यह 94.82 के स्तर पर बंद हुआ था। हालांकि, रुपये में सुधार सीमित रहा और वैश्विक बाजारों से मिलने वाले संकेत निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बने रहे।

    अंतरराष्ट्रीय बाजारों का रुख कमजोर रहा। एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट देखी गई, जबकि अमेरिकी बाजार भी अधिकांशतः नुकसान के साथ बंद हुए। अमेरिका में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई पर बढ़ते खर्च और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों को लेकर चिंताओं ने निवेशकों की धारणा प्रभावित की। अमेरिकी तकनीकी शेयरों में बिकवाली के बीच नैस्डैक सूचकांक 2.6 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। एशिया में जापान का निक्केई सूचकांक शुरुआती कारोबार में लगभग 1.7 प्रतिशत नीचे आ गया।

    बाजार विश्लेषकों के अनुसार, ब्रेंट क्रूड की कीमत 114 डॉलर तक पहुंचना अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के लिए चिंता का विषय है। दूसरी ओर, अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट और रुपये में मजबूती को सकारात्मक संकेत माना गया। विश्लेषकों का कहना है कि ये कारक विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली का दबाव कम करने में मदद कर सकते हैं।

    बाजार की आगे की दिशा को लेकर विश्लेषकों ने निफ्टी के लिए 22,600 से 22,650 के स्तर को तत्काल समर्थन और 22,900 से 23,000 के स्तर को प्रतिरोध क्षेत्र बताया। निफ्टी का सापेक्ष शक्ति सूचकांक यानी आरएसआई 43.98 पर रहा, जबकि इसका औसत 38.86 था। पुट-कॉल अनुपात यानी पीसीआर घटकर 0.82 पर आ गया।

    गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 3,459 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की थी। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 2,891 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की, जिससे बाजार को सहारा मिला। विश्लेषकों ने यह भी अनुमान जताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में लगाए गए 3.73 लाख करोड़ रुपये में से तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि शेयर आवंटन के बाद अगले सोमवार तक व्यवस्था में लौट सकती है। उनके मुताबिक, इससे अगले सप्ताह बाजार में नकदी की उपलब्धता बढ़ने की संभावना है, हालांकि बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों और निवेशकों की गतिविधियों पर भी निर्भर करेगी।

  • शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट, सेंसेक्स 460 अंक टूटा और निफ्टी 22,688 के करीब बंद

    शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट, सेंसेक्स 460 अंक टूटा और निफ्टी 22,688 के करीब बंद

    नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 460.30 अंक यानी 0.62 प्रतिशत टूटकर 73,249.39 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 123.70 अंक यानी 0.54 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 22,687.65 पर आ गया। बाजार में बिकवाली का दबाव कई प्रमुख क्षेत्रों में दिखाई दिया। मीडिया, एफएमसीजी और रक्षा क्षेत्र के शेयरों में गिरावट ने प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बढ़ाया।

    बाजार के जानकारों के मुताबिक, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर रहे हैं। कारोबारी सत्र की शुरुआत कमजोर रुख के साथ हुई। इसके बाद प्रमुख सूचकांकों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निचले स्तरों पर कुछ समय के लिए खरीदारी भी आई, जिससे गिरावट को सीमित करने में मदद मिली, लेकिन बाजार अंत तक मजबूती हासिल नहीं कर सका। लगातार तीसरे दिन की कमजोरी से संकेत मिलता है कि निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं।

    क्षेत्रीय सूचकांकों में निफ्टी मीडिया सबसे ज्यादा दबाव में रहा और 2.35 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। निफ्टी एफएमसीजी में 1.41 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी इंडिया डिफेंस 1.21 प्रतिशत टूटा, जबकि निफ्टी एनर्जी और निफ्टी आईटी दोनों में 1.05 प्रतिशत की कमजोरी रही। निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स भी 0.96 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। इन क्षेत्रों में बिकवाली ने बाजार की कमजोरी को और व्यापक बना दिया।

    हालांकि, सभी क्षेत्रों में गिरावट नहीं रही। निफ्टी फार्मा, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी हेल्थकेयर बढ़त के साथ बंद हुए। इन क्षेत्रों में खरीदारी से बाजार को कुछ सहारा मिला, लेकिन इसका असर प्रमुख सूचकांकों की गिरावट को पलटने के लिए पर्याप्त नहीं रहा। निवेशकों की नजर अब कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक घटनाक्रम और आने वाले कारोबारी संकेतों पर बनी हुई है।

    बड़े शेयरों के साथ मध्यम और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी कमजोरी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक 501.90 अंक यानी 0.87 प्रतिशत गिरकर 57,063.95 पर बंद हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 211.40 अंक यानी 1.14 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 18,275.90 पर आ गया। छोटी कंपनियों के शेयरों में अपेक्षाकृत अधिक गिरावट से पता चलता है कि बिकवाली का असर केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहा।

    सेंसेक्स में शामिल बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक, सन फार्मा, भारतीय स्टेट बैंक, भारती एयरटेल, अदाणी पोर्ट्स, टाटा स्टील, कोटक महिंद्रा बैंक, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और बजाज फिनसर्व बढ़त के साथ बंद हुए। इन शेयरों में खरीदारी के बावजूद बाजार की समग्र दिशा कमजोर बनी रही।

    दूसरी ओर, इटरनल, एचडीएफसी बैंक, पावर ग्रिड, ट्रेंट, इन्फोसिस, एशियन पेंट्स, आईटीसी, बीएसई, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टीसीएस, एलएंडटी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, मारुति सुजुकी, टेक महिंद्रा, टाइटन, इंडिगो, एनटीपीसी और एक्सिस बैंक गिरावट के साथ बंद हुए। इन शेयरों में कमजोरी ने बाजार पर दबाव बनाए रखा।

    विशेषज्ञों के अनुसार, प्रमुख सूचकांकों और व्यापक बाजार में लगातार गिरावट निवेशकों की जोखिम लेने की सीमित इच्छा को दर्शाती है। फिलहाल बाजार की दिशा पर कच्चे तेल की कीमतों, भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक संकेतों का प्रभाव महत्वपूर्ण बना हुआ है। ऐसे माहौल में निवेशक बाजार के अगले रुझान को समझने के लिए सतर्कता से कारोबार कर रहे हैं।

  • कमजोर वैश्विक संकेतों और महंगे कच्चे तेल से शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 366 अंक टूटा और निफ्टी भी फिसला

    कमजोर वैश्विक संकेतों और महंगे कच्चे तेल से शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 366 अंक टूटा और निफ्टी भी फिसला

    नई दिल्ली । घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। कमजोर वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी की चिंताओं ने निवेशकों की धारणा पर दबाव बनाया। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 366.36 अंक यानी 0.50 प्रतिशत गिरकर 73,343.33 पर खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 ने 123.60 अंक यानी 0.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,687.75 के स्तर पर कारोबार शुरू किया।

    कारोबार के दौरान बाजार में बिकवाली का दबाव और बढ़ा। सेंसेक्स दिन के शुरुआती कारोबार में 73,005.11 के निचले स्तर तक पहुंच गया। दूसरी ओर, निफ्टी 50 ने 22,554.85 का न्यूनतम स्तर छुआ। निफ्टी में 22,700 का स्तर टूटने से बाजार की कमजोरी को लेकर चिंता बढ़ी। व्यापक बाजार में भी गिरावट देखने को मिली और मिडकैप तथा स्मॉलकैप शेयर दबाव में रहे।

    निफ्टी मिडकैप सूचकांक में 1.04 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप सूचकांक में 0.91 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। क्षेत्रवार कारोबार में ऑटोमोबाइल, धातु और स्वास्थ्य सेवा से जुड़े शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी दिखाई दी। निफ्टी ऑटो, निफ्टी मेटल और निफ्टी हेल्थकेयर सूचकांकों में 0.98 प्रतिशत तक की गिरावट रही। निफ्टी फार्मा भी 0.78 प्रतिशत कमजोर हुआ। इसके अलावा एफएमसीजी, रियल्टी, सीमेंट और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में भी बिकवाली का दबाव रहा।

    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में बड़ी कंपनियों के शेयरों का प्रदर्शन मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों की तुलना में बेहतर रहा है। व्यापक बाजार में ऊंचे मूल्यांकन को लेकर चिंताएं बढ़ने के कारण निवेशकों का रुझान अपेक्षाकृत आकर्षक मूल्यांकन वाले बड़े शेयरों की ओर हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के समय में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों की तेजी को कंपनियों की कमाई के बजाय बाजार में उपलब्ध तरलता से भी समर्थन मिला था। ऐसे में ऊंचे मूल्यांकन वाले शेयरों में सुधार की संभावना बनी हुई है।

    कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड का ऊंचे स्तर पर बने रहना भी घरेलू बाजार के लिए चुनौती माना जा रहा है। ब्रेंट क्रूड वायदा एक प्रतिशत से अधिक चढ़कर लगभग 110 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। तेल महंगा होने से महंगाई का दबाव बढ़ने की आशंका रहती है, जिसका असर निवेशकों की कारोबारी धारणा पर पड़ सकता है।

    तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक, निफ्टी के लिए 22,590 का स्तर महत्वपूर्ण समर्थन माना जा रहा है। यदि सूचकांक इस स्तर के ऊपर टिकता है, तो बाजार में सुधार की संभावना बनी रह सकती है। हालांकि, तेजी के मजबूत संकेत के लिए निफ्टी का 22,840 के स्तर से ऊपर लौटना जरूरी बताया गया। हालिया गिरावट और 22,700 के स्तर के नीचे कारोबार ने बाजार में संभावित सुधार को लेकर सतर्कता बढ़ाई है।

    इस बीच, बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में लगभग 1,022 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भी करीब 1,614 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की। इसके बावजूद शुरुआती कारोबार में बाजार गिरावट से नहीं उबर सका।

    एशियाई बाजारों में भी कमजोरी रही। जापान का निक्केई, हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी शुरुआती कारोबार में दो प्रतिशत तक गिर गए। इसके विपरीत, अमेरिकी बाजारों में बुधवार को तेजी दर्ज की गई थी। प्रौद्योगिकी शेयरों में मजबूती के कारण नैस्डैक लगभग एक प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ, जबकि एसएंडपी 500 में 0.58 प्रतिशत की बढ़त रही। कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़ी कंपनियों के बेहतर कारोबारी नतीजों ने अमेरिकी बाजारों को समर्थन दिया था।

  • एलटीसीजी टैक्स हटाने पर चर्चा से शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 1,109 अंक उछला और निफ्टी 22,721 के पार पहुंचा

    एलटीसीजी टैक्स हटाने पर चर्चा से शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 1,109 अंक उछला और निफ्टी 22,721 के पार पहुंचा

    नई दिल्ली ।भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को जोरदार तेजी दर्ज की गई। कारोबार के दौरान प्रमुख सूचकांकों में मजबूत बढ़त देखने को मिली। सेंसेक्स 1,109.10 अंक यानी 1.54 प्रतिशत चढ़कर 73,033.78 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 358.60 अंक यानी 1.60 प्रतिशत की तेजी के साथ 22,721.95 पर बंद हुआ। बाजार में खरीदारी का प्रमुख केंद्र आईटी शेयर रहे। इसके साथ ही अन्य क्षेत्रों के शेयरों में भी मजबूती देखने को मिली।

    बाजार के प्रदर्शन में आईटी क्षेत्र सबसे आगे रहा। निफ्टी आईटी सूचकांक 5.22 प्रतिशत की बढ़त के साथ दिन का सबसे बड़ा लाभ दर्ज करने वाला क्षेत्रीय सूचकांक बना। इसके अलावा निफ्टी रियल्टी, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी ऑटो और निफ्टी मेटल में भी तेजी दर्ज की गई। ज्यादातर क्षेत्रीय सूचकांक हरे निशान में रहे, जबकि निफ्टी फार्मा लगभग बिना बदलाव के बंद हुआ।

    बड़ी कंपनियों के शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप श्रेणियों में भी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक 624.65 अंक यानी 1.06 प्रतिशत बढ़कर 59,459.20 पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक 21.60 अंक यानी 0.11 प्रतिशत की मामूली तेजी के साथ 19,447.40 पर बंद हुआ। इन आंकड़ों से बाजार की विभिन्न श्रेणियों में सकारात्मक रुख दिखाई दिया, हालांकि स्मॉलकैप शेयरों में बढ़त तुलनात्मक रूप से सीमित रही।

    सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में एचसीएल टेक, टीसीएस, टेक महिंद्रा और इन्फोसिस समेत कई प्रमुख शेयरों में तेजी रही। हिंदुस्तान यूनिलीवर, ट्रेंट, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, टाइटन, बीईएल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारती एयरटेल, एसबीआई, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचडीएफसी बैंक, टाटा स्टील, आईटीसी, आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट्स, एक्सिस बैंक और अदाणी पोर्ट्स भी बढ़त के साथ बंद हुए। दूसरी ओर, कोटक महिंद्रा बैंक, मारुति सुजुकी और इटरनल के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

    बाजार में तेजी की एक प्रमुख वजह लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स यानी एलटीसीजी टैक्स को लेकर सामने आई चर्चा रही। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि बजट से संबंधित बातचीत के दौरान सरकार एलटीसीजी टैक्स हटाने को लेकर लोगों की राय जानना चाहती है। इक्विटी निवेश पर लगने वाले कर को लेकर निवेशकों की ओर से लगातार सवाल उठाए जाने के बीच इस बयान को बाजार की धारणा से जोड़कर देखा गया। हालांकि, टैक्स हटाने के किसी अंतिम फैसले की जानकारी नहीं दी गई।

    इसके अतिरिक्त, प्रौद्योगिकी कंपनियों की उम्मीद से बेहतर कमाई ने कॉर्पोरेट मुनाफे में बढ़ोतरी को लेकर निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। इससे बड़ी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी को समर्थन मिला। रुपये में स्थिरता और बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने भी बाजार के माहौल को बेहतर बनाने में भूमिका निभाई। इन परिस्थितियों के बीच वित्तीय क्षेत्र के शेयरों पर भी निवेशकों का ध्यान बढ़ा।

    मंगलवार के कारोबार में आईटी शेयरों की अगुवाई, एलटीसीजी टैक्स पर चर्चा और कंपनियों की कमाई से जुड़ी उम्मीदों ने बाजार को सहारा दिया। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। अब निवेशकों की नजर एलटीसीजी टैक्स को लेकर आगे होने वाली चर्चाओं और कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन से जुड़े संकेतों पर बनी रहेगी।

  • भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन तेजी, सेंसेक्स 685 अंक चढ़ा, निफ्टी 0.98 प्रतिशत बढ़कर 22,776 पर बंद

    भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन तेजी, सेंसेक्स 685 अंक चढ़ा, निफ्टी 0.98 प्रतिशत बढ़कर 22,776 पर बंद

    नई दिल्ली । पिछले सप्ताह लगातार चार कारोबारी सत्रों में गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार में अब लगातार दूसरे दिन तेजी देखने को मिली है। मंगलवार को घरेलू बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति यानी एमपीसी की बैठक के नतीजों से पहले बाजार में खरीदारी का रुख मजबूत रहा। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 685.34 अंक यानी 0.95 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,067.81 पर बंद हुआ।

    एनएसई निफ्टी 50 भी मंगलवार को 220.35 अंक यानी 0.98 प्रतिशत चढ़कर 22,776.10 के स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी 50 में ट्रेंट, बीएसई, कोटक महिंद्रा बैंक, नेस्ले इंडिया और एचयूएल के शेयरों में सबसे अधिक तेजी रही। दूसरी ओर कोल इंडिया, टेक महिंद्रा, मैक्स हेल्थ, टीएमपीवी, अल्ट्राटेक सीमेंट, अपोलो हॉस्पिटल और आईटीसी के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इस तरह बाजार के प्रमुख सूचकांकों में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में मजबूती बनी रही।

    व्यापक बाजार की बात करें तो मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप सूचकांक में 1.08 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 1.56 प्रतिशत चढ़ा। सेक्टरवार कारोबार में निफ्टी केमिकल, निफ्टी फार्मा, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी हेल्थकेयर में 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी रही। इसके विपरीत निफ्टी आईटी, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी पीएसयू बैंक में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली।

    इस सप्ताह अब तक बाजार में तेजी का असर भी दिखाई दे रहा है। सेंसेक्स इस सप्ताह 1,000 से अधिक अंक चढ़ चुका है, जबकि निफ्टी 50 ने पिछले दो कारोबारी सत्रों में 300 से अधिक अंक जोड़े हैं। आरबीआई एमपीसी की तीन दिवसीय बैठक सोमवार से शुरू हुई है और इसके नतीजे 7 अक्टूबर को आने वाले हैं। बाजार की नजर अब मौद्रिक नीति समिति के फैसले पर बनी हुई है। बैठक के परिणाम से पहले बाजार में लगातार दो सत्रों की तेजी देखने को मिली है।

    शेयर बाजार में इस तेजी के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी को भी एक वजह माना जा रहा है। हालिया तेजी के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई है। कुछ मध्य पूर्वी देशों की ओर से कच्चे तेल की नई आपूर्ति शुरू होने के बाद कीमतों में यह नरमी देखने को मिली है। कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव का असर बाजार की धारणा पर भी पड़ रहा है।

    वैश्विक संकेतों से भी घरेलू बाजार को समर्थन मिला। बाजार से जुड़े एक विशेषज्ञ के अनुसार, ग्लोबल संकेतों के सहारे लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में बढ़त बनी रही। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में भी सुधार दर्ज किया गया। मंगलवार को अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में 0.50 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। घरेलू बाजार में आरबीआई एमपीसी के नतीजों से पहले खरीदारी और वैश्विक संकेतों के बीच प्रमुख सूचकांकों ने दिन का कारोबार बढ़त के साथ समाप्त किया।

  • वैश्विक दबाव के बीच लगातार सातवें सप्ताह शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स और निफ्टी पर रहा बिकवाली का असर

    वैश्विक दबाव के बीच लगातार सातवें सप्ताह शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स और निफ्टी पर रहा बिकवाली का असर

    नई दिल्ली । वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक और भू-राजनीतिक चिंताओं के बीच भारतीय शेयर बाजार लगातार सातवें सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुआ। सप्ताह के दौरान कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार पर दबाव बनाए रखा। हालांकि, सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन प्रमुख सूचकांकों में कुछ सुधार देखने को मिला।

    साप्ताहिक आधार पर निफ्टी में 0.88 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को निफ्टी 0.34 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,140 के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह सेंसेक्स में शुक्रवार को 315 अंक यानी 0.43 प्रतिशत की तेजी आई और यह 73,895 के स्तर पर बंद हुआ। इसके बावजूद पूरे सप्ताह के आधार पर सेंसेक्स में 0.54 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

    सप्ताह के दौरान बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। गुरुवार को दोनों प्रमुख सूचकांकों में 1.6 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई थी। इसके बाद शुक्रवार को कुछ चुनिंदा शेयरों में निचले स्तर पर खरीदारी बढ़ने से बाजार में सीमित सुधार आया। हालांकि, सप्ताहभर के दबाव को पूरी तरह दूर करने में यह तेजी सफल नहीं रही।

    कच्चे तेल की कीमतों ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई। सप्ताह के दौरान ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना रहा, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल से अधिक के स्तर पर कारोबार करता रहा। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आपूर्ति को लेकर बनी चिंताओं ने तेल कीमतों को ऊंचे स्तर पर बनाए रखा। सप्ताह के अंत में तेल की कीमतों में कुछ नरमी आई, जिससे आयात बिल, महंगाई, रुपये और कंपनियों की लागत पर संभावित दबाव को लेकर चिंता कुछ कम हुई।

    अमेरिकी बॉन्ड बाजार में बढ़ी यील्ड भी भारतीय शेयर बाजार के लिए चुनौती बनी रही। अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड सप्ताह के दौरान 5.10 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गई। ऊंची बॉन्ड यील्ड से वैश्विक वित्तीय परिस्थितियां सख्त होती हैं और उभरते बाजारों की परिसंपत्तियों के प्रति निवेशकों का आकर्षण प्रभावित हो सकता है।

    विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बनाए रखा। सप्ताह के दौरान विदेशी निवेशकों ने 11,490 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिक्री की। यह लगातार छठा सप्ताह रहा, जब विदेशी निवेशक भारतीय बाजार में शुद्ध विक्रेता रहे। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों ने खरीदारी जारी रखी और सप्ताह के दौरान 16,398 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया। घरेलू निवेश से बाजार में गिरावट को कुछ हद तक सीमित करने में मदद मिली।

    सितंबर में अब तक विदेशी निवेशक 18,531 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली कर चुके हैं, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 52,617 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की है। इसके बावजूद निफ्टी अगस्त के अंत के स्तर से करीब 3.9 प्रतिशत नीचे बना हुआ है।

    आने वाले सप्ताह में बाजार की दिशा कई वैश्विक संकेतों से प्रभावित हो सकती है। पश्चिम एशिया के घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों का रुख और अमेरिका के दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़े निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। तकनीकी स्तर पर 23,000 को निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट क्षेत्र और 23,200 को निकटतम रेजिस्टेंस स्तर माना जा रहा है। ऐसे में वैश्विक घटनाक्रम और निवेश प्रवाह बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव की स्थिति बनाए रख सकते हैं।

  • बड़ी गिरावट के बाद संभला शेयर बाजार, सेंसेक्स 315 अंक चढ़ा और निफ्टी 23,140 के पार बंद

    बड़ी गिरावट के बाद संभला शेयर बाजार, सेंसेक्स 315 अंक चढ़ा और निफ्टी 23,140 के पार बंद

    नई दिल्ली । पिछले कारोबारी सत्र में बड़ी गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में बंद हुए। सेंसेक्स में 0.43 प्रतिशत और निफ्टी में 0.34 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। कारोबार के दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा, लेकिन सत्र के अंत में प्रमुख सूचकांक बढ़त बनाए रखने में सफल रहे।

    शुक्रवार को सेंसेक्स 315.20 अंक यानी 0.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,895.74 पर बंद हुआ। इससे पहले यह पिछले कारोबारी सत्र के 73,580.54 के स्तर से 54.61 अंक नीचे 73,525.92 पर खुला था। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 73,968.05 का उच्चतम स्तर छुआ। इस तरह इंट्रा-डे कारोबार में सूचकांक ने 387.51 अंक यानी करीब 0.52 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की।

    निफ्टी 50 भी बढ़त के साथ बंद हुआ। निफ्टी में 77.40 अंक यानी 0.34 प्रतिशत की तेजी रही और यह 23,140.50 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार की शुरुआत में निफ्टी पिछले बंद स्तर की तुलना में करीब 28 अंक यानी 0.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,035 पर खुला था। दिन के दौरान इसने 23,162.70 का उच्चतम स्तर दर्ज किया, जो इंट्रा-डे आधार पर 99.60 अंक यानी 0.43 प्रतिशत की बढ़त थी।

    व्यापक बाजार की तस्वीर हालांकि पूरी तरह एक जैसी नहीं रही। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। इससे संकेत मिला कि बाजार में अलग-अलग श्रेणियों के शेयरों में निवेशकों की गतिविधियां अलग-अलग रहीं।

    सेक्टरवार कारोबार में निफ्टी रियल्टी और निफ्टी ऑटो में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। इसके विपरीत निफ्टी सीमेंट, निफ्टी मीडिया, निफ्टी आईटी और निफ्टी फार्मा में दबाव रहा। प्रमुख शेयरों में एक्सिस बैंक, एशियन पेंट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, एचसीएल टेक, पावरग्रिड, टाइटन और इंडिगो बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में रहे।

    दूसरी ओर मैक्स हेल्थ, टीएमपीवी, इंफोसिस, ओएनजीसी और ट्रेंट के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान अलग-अलग सेक्टर और कंपनियों के प्रदर्शन में अंतर बना रहा।

    बाजार के प्रदर्शन पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और बॉन्ड यील्ड के ऊंचे स्तर का असर भी देखा गया। महंगाई को लेकर चिंता, विदेशी फंड की निकासी और उभरते बाजारों की करेंसी पर दबाव जैसे मुद्दे भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बने रहे। हालिया गिरावट के बाद कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी से बाजार को समर्थन मिला।

    बाजार के 23,000 के स्तर से ऊपर बने रहने को घरेलू बाजार में मजबूती और घरेलू लिक्विडिटी से मिलने वाले समर्थन से जोड़कर देखा गया। हालांकि कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बदलाव बाजार के लिए निकट अवधि में महत्वपूर्ण कारक बने रह सकते हैं। बेहतर वैल्यूएशन और घरेलू विकास की संभावनाओं के बीच चुनिंदा शेयरों में खरीदारी जारी रहने से शुक्रवार को बाजार ने पिछले सत्र की गिरावट के बाद बढ़त के साथ सप्ताह का कारोबार समाप्त किया।

  • Stock Market Closing: बैंकिंग शेयरों की तेजी और क्रूड ऑयल में नरमी से लगातार दूसरे दिन मजबूत हुआ भारतीय बाजार

    Stock Market Closing: बैंकिंग शेयरों की तेजी और क्रूड ऑयल में नरमी से लगातार दूसरे दिन मजबूत हुआ भारतीय बाजार

    नई दिल्ली । वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में मजबूती के साथ कारोबार समाप्त किया। निवेशकों की सकारात्मक धारणा, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी के चलते प्रमुख सूचकांकों में बढ़त दर्ज की गई। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 373.76 अंकों की बढ़त के साथ 78,954.76 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 11.35 अंक चढ़कर 24,636.00 पर पहुंच गया। निफ्टी का 24,600 के ऊपर बंद होना बाजार की मजबूती का संकेत माना जा रहा है।

    कारोबार के दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन अंतिम चरण में चुनिंदा हैवीवेट और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी बढ़ने से सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। इससे पहले मंगलवार की गिरावट के बाद भी बाजार ने वापसी करते हुए लगातार दूसरे दिन बढ़त दर्ज की है। निवेशकों का मानना है कि घरेलू आर्थिक संकेतकों और वैश्विक परिस्थितियों में सुधार से आगे भी बाजार को समर्थन मिल सकता है।

    सेक्टरवार प्रदर्शन पर नजर डालें तो पीएसयू बैंक शेयरों में सबसे अधिक तेजी देखने को मिली। इसके अलावा ऑयल एंड गैस, फाइनेंशियल सर्विसेज और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर ने भी सकारात्मक प्रदर्शन किया। दूसरी ओर मीडिया, रियल्टी, ऑटो, मेटल और आईटी सेक्टर में मुनाफावसूली के कारण गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद व्यापक बाजार में स्मॉलकैप शेयरों की मजबूती ने निवेशकों का भरोसा बनाए रखा।

    निफ्टी 50 के प्रमुख शेयरों में एसबीआई, बीईएल, टाइटन, श्रीराम फाइनेंस, सिप्ला और इटरनल में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। वहीं पावर ग्रिड, टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, टीसीएस और बजाज ऑटो के शेयर दबाव में रहे। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशक फिलहाल मजबूत मूलभूत आधार वाली कंपनियों में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी और पश्चिम एशिया में समुद्री व्यापार को सामान्य बनाने की दिशा में जारी कूटनीतिक प्रयासों ने बाजार की धारणा को मजबूत किया है। इससे महंगाई पर दबाव कम होने और कंपनियों की लागत घटने की उम्मीद बढ़ी है, जिसका सकारात्मक असर कॉर्पोरेट मुनाफे पर पड़ सकता है। इसी वजह से निवेशकों का भरोसा बाजार में बना हुआ है।

    भारतीय रिजर्व बैंक के स्थिर नीतिगत रुख और आर्थिक विकास को लेकर सकारात्मक संकेतों ने भी निवेशकों का उत्साह बढ़ाया है। बैंकिंग और ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों में आई खरीदारी इसी भरोसे को दर्शाती है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाली तिमाहियों में बेहतर कॉर्पोरेट नतीजों की संभावना निवेशकों को आकर्षित कर सकती है।

    हालांकि कुछ क्षेत्रों में मुनाफावसूली देखने को मिली, लेकिन स्मॉलकैप और चुनिंदा वैल्यू शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही। विशेष रूप से ऊर्जा, टेलीकॉम और रिटेल से जुड़े कारोबार में लंबी अवधि की संभावनाओं को देखते हुए निवेशकों ने खरीदारी जारी रखी। इससे बाजार का समग्र रुख सकारात्मक बना रहा और प्रमुख सूचकांक लगातार दूसरे दिन बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहे।