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  • उज्जैन में महामंडलेश्वर ज्ञानदास की कार पर देर रात पथराव, बोले- लगातार परेशान किया गया तो भू-समाधि लेने को हो जाऊंगा मजबूर

    उज्जैन में महामंडलेश्वर ज्ञानदास की कार पर देर रात पथराव, बोले- लगातार परेशान किया गया तो भू-समाधि लेने को हो जाऊंगा मजबूर


    मध्य प्रदेश । धार्मिक नगरी उज्जैन में मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात एक चिंताजनक घटना सामने आई, जब श्री पंच निर्मोही अणि अखाड़े के महामंडलेश्वर ज्ञानदास महाराज की कार पर अज्ञात युवकों ने पथराव कर दिया। इस घटना में महामंडलेश्वर तो सुरक्षित बच गए, लेकिन उनकी स्कॉर्पियो वाहन के शीशे टूट गए। घटना के बाद उन्होंने महाकाल थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार महामंडलेश्वर ज्ञानदास महाराज देवास से लौटकर अपने सदावल रोड स्थित आश्रम जा रहे थे। रात करीब 12:30 बजे जब उनका वाहन हनुमानगढ़ी क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी कुछ अज्ञात युवकों ने उनकी कार को रोकने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि वाहन चालक ने सुरक्षा कारणों से गाड़ी नहीं रोकी और आगे बढ़ने की कोशिश की। इसी दौरान युवकों ने कार पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया।

    अचानक हुए इस हमले से वाहन में सवार लोग घबरा गए। पथराव के कारण स्कॉर्पियो के आगे के कांच क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि सौभाग्य से वाहन में मौजूद किसी व्यक्ति को गंभीर चोट नहीं आई और महामंडलेश्वर भी पूरी तरह सुरक्षित रहे। घटना के बाद वे सीधे महाकाल थाने पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी।

    महामंडलेश्वर ज्ञानदास महाराज ने घटना को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब उन्हें परेशान करने की कोशिश की गई हो। उनका कहना है कि लगातार इस तरह की घटनाएं होने से वे मानसिक रूप से व्यथित हैं। उन्होंने भावुक होकर कहा कि यदि इसी तरह उन्हें परेशान किया जाता रहा तो उन्हें उज्जैन छोड़कर किसी अन्य तीर्थस्थल में जाना पड़ सकता है या फिर वे भू-समाधि लेने जैसा कठोर निर्णय लेने के लिए मजबूर हो सकते हैं।

    महामंडलेश्वर के अनुसार हमलावरों की संख्या चार थी। पहले उन्होंने वाहन को रुकवाने की कोशिश की और जब वाहन नहीं रुका तो पथराव शुरू कर दिया। घटना रात के अंधेरे में हुई, इसलिए वे हमलावरों की पहचान नहीं कर सके। इससे पुलिस के सामने आरोपियों तक पहुंचने की चुनौती भी बढ़ गई है।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई। महाकाल थाना पुलिस ने शिकायत दर्ज कर आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल और आसपास के मार्गों की रिकॉर्डिंग की जांच की जा रही है, ताकि संदिग्ध युवकों की पहचान कर जल्द से जल्द उन्हें पकड़ा जा सके।

    धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए देशभर में प्रसिद्ध उज्जैन में किसी संत-महात्मा के साथ इस प्रकार की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों और संत समाज ने भी घटना पर चिंता जताई है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

    फिलहाल पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं संत समाज इस घटना को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग कर रहा है।

  • उज्जैन में महामंडलेश्वर ज्ञानदास की कार पर हमला: देर रात चार युवकों ने किया पथराव, संत ने जताई सुरक्षा को लेकर चिंता

    उज्जैन में महामंडलेश्वर ज्ञानदास की कार पर हमला: देर रात चार युवकों ने किया पथराव, संत ने जताई सुरक्षा को लेकर चिंता


    मध्य प्रदेश । धार्मिक नगरी उज्जैन में मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात एक चिंताजनक घटना सामने आई, जब श्री पंच निर्मोही अणि अखाड़े के महामंडलेश्वर ज्ञानदास महाराज की कार पर अज्ञात युवकों ने पथराव कर दिया। घटना में महामंडलेश्वर सुरक्षित रहे, लेकिन उनकी स्कॉर्पियो वाहन के कांच क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

    जानकारी के अनुसार महामंडलेश्वर ज्ञानदास महाराज देवास से अपने सदावल रोड स्थित आश्रम लौट रहे थे। रात करीब साढ़े बारह बजे जब उनका वाहन हनुमानगढ़ी क्षेत्र के पास पहुंचा, तभी कुछ अज्ञात युवकों ने उनकी कार को रोकने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि वाहन चालक ने सुरक्षा कारणों से कार नहीं रोकी और आगे बढ़ने का प्रयास किया। इसी दौरान युवकों ने कार पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया।

    अचानक हुए इस हमले से वाहन के सामने के कांच टूट गए और कार को नुकसान पहुंचा। हालांकि सौभाग्य से महामंडलेश्वर ज्ञानदास महाराज और वाहन में मौजूद अन्य लोगों को कोई शारीरिक चोट नहीं पहुंची। घटना के तुरंत बाद महामंडलेश्वर सीधे महाकाल थाने पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी।

    महामंडलेश्वर ज्ञानदास महाराज ने घटना पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है और इस प्रकार की घटनाएं संत समाज की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की घटनाएं लगातार होती रहीं तो उन्हें उज्जैन छोड़कर किसी अन्य तीर्थस्थल पर जाने या फिर कठोर आध्यात्मिक निर्णय लेने के लिए विवश होना पड़ सकता है। उनके इस बयान ने संत समाज और अनुयायियों के बीच भी चिंता पैदा कर दी है।

    महामंडलेश्वर के अनुसार हमला करने वाले चार युवक थे। पहले उन्होंने वाहन को रुकवाने का प्रयास किया और जब वाहन नहीं रुका तो पथराव शुरू कर दिया। रात का समय और अंधेरा होने के कारण हमलावरों की स्पष्ट पहचान नहीं हो सकी। यही वजह है कि फिलहाल पुलिस अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच कर रही है।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों की पहचान करने और घटना के पीछे की वजह जानने के लिए सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हमला पूर्व नियोजित था या फिर किसी अन्य कारण से यह घटना हुई।

    उज्जैन जैसे प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्र में संतों की सुरक्षा को लेकर यह घटना कई सवाल खड़े कर रही है। संत समाज और स्थानीय लोगों का मानना है कि दोषियों की शीघ्र पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और धार्मिक वातावरण प्रभावित न हो।

    फिलहाल पुलिस जांच जारी है और सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

  • इंदौर में बीजेपी नेता की बिल्डिंग पर फिर पथराव, दो गुटों में टकराव से तनाव

    इंदौर में बीजेपी नेता की बिल्डिंग पर फिर पथराव, दो गुटों में टकराव से तनाव


    मध्‍य प्रदेश। इंदौर के उषा नगर इलाके में रविवार का दिन उस समय तनावपूर्ण बन गया जब बीजेपी नेता वीरेंद्र शेडगे की बिल्डिंग पर दो अलग-अलग बार पथराव की घटनाएं सामने आईं। सुबह जहां कुछ अज्ञात युवकों ने बिल्डिंग पर हमला कर ऑफिस के शीशे तोड़ दिए, वहीं शाम को भी एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें उनके घर पर फिर से पत्थर फेंके जाते दिखाई दिए। लगातार हुई इन घटनाओं से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।

    पूरा विवाद एक सामान्य सी बात से शुरू हुआ था, जो बाद में राजनीतिक और सामाजिक तनाव में बदल गया। जानकारी के अनुसार, शनिवार रात डॉग घुमाने को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि बिल्डिंग के बाहर गंदगी को लेकर डॉग मालिक और बीजेपी नेता वीरेंद्र शेडगे के बीच कहासुनी हो गई, जो बाद में मारपीट तक पहुंच गई।

    इस विवाद में एक पक्ष ने आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट की गई, जिसके बाद मामला और ज्यादा बिगड़ गया। बताया जा रहा है कि दूसरा पक्ष भी बीजेपी से जुड़ा हुआ है और स्थानीय गुटीय राजनीति से इसका संबंध माना जा रहा है। यही कारण है कि इस पूरे मामले को अब पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है।

    मामला विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-4 का बताया जा रहा है, जहां बीजेपी नेता मालिनी गौड़ के पीए वीरेंद्र शेडगे रहते हैं। घटना के बाद क्षेत्र में लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है और सोशल मीडिया पर भी दोनों पक्षों के समर्थक एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं।

    इसी बीच पुलिस ने चेतन पाटिल के दोस्त की शिकायत पर वीरेंद्र शेडगे, गिरीश शेडगे, शानू उर्फ सौरभ दिघे, मनीष ईमालिया, प्रशांत सोनी, प्रणय चितोडा, अमित कोकाटे सहित अन्य लोगों पर हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।

    हालांकि, विवाद के बाद स्थिति और जटिल हो गई जब एक और वीडियो सामने आया जिसमें फिर से पथराव की घटना दिखाई दी। इसके बाद पार्टी ने वीरेंद्र शेडगे को निष्कासित कर दिया है, जिससे राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है।

    सूत्रों के अनुसार, दूसरा पक्ष भी स्थानीय बीजेपी नेताओं से जुड़ा हुआ है, जिसके चलते यह मामला केवल व्यक्तिगत विवाद न रहकर राजनीतिक गुटबाजी का रूप ले चुका है। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

    पुलिस ने कहा है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी वीडियो, बयान और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

  • सतना में स्कॉर्पियो सवारों का हंगामा, पत्थरबाजी के बाद चलाई गोली; 7 पर FIR, एक हिरासत में

    सतना में स्कॉर्पियो सवारों का हंगामा, पत्थरबाजी के बाद चलाई गोली; 7 पर FIR, एक हिरासत में


    सतना । सतना जिले के कोलगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत टिकुरिया टोला-बाइपास के पास मंगलवार देर शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई जब स्कॉर्पियो सवार युवकों ने मजदूरों के एक समूह पर हमला कर दिया। विवाद इतना बढ़ा कि पहले पत्थरबाजी हुई और फिर पिस्टल से फायरिंग तक की नौबत आ गई। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है, जबकि वाहन को जब्त कर लिया गया है।

    जानकारी के अनुसार, ईंट-भट्टे के पास बैठे मजदूरों के बीच उस समय तनाव पैदा हो गया जब स्कॉर्पियो (एमपी 19 सीबी 1665) वहां आकर रुकी। वाहन से एक युवक नीचे उतरा और कथित रूप से सार्वजनिक स्थान पर अनुचित हरकत करने लगा। इस पर मजदूरों में शामिल एक महिला गुड़िया प्रजापति ने आपत्ति जताई, जिससे विवाद शुरू हो गया।

    आरोप है कि आपत्ति जताने पर युवक ने गाली-गलौज करते हुए महिला पर पत्थर फेंक दिया, जिससे वह घायल हो गई। इसके बाद स्कॉर्पियो में सवार अन्य 5-6 युवक भी मौके पर उतर आए और मजदूरों से मारपीट शुरू कर दी। कुछ ही देर में स्थिति और बिगड़ गई।

    इसी दौरान आरोपियों में शामिल प्रभु सिंह परिहार ने विनोद प्रजापति को जान से मारने की धमकी देते हुए पिस्टल से फायर कर दिया। हालांकि, विनोद प्रजापति समय रहते झुक गए, जिससे गोली उन्हें नहीं लगी और एक बड़ा हादसा टल गया।

    गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई। भीड़ को बढ़ता देख आरोपी अपनी स्कॉर्पियो छोड़कर भागने लगे। स्थानीय लोगों ने भाग रहे आरोपियों में से एक युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

    सूचना मिलने पर कोलगवां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने स्कॉर्पियो को क्रेन की मदद से जब्त कर थाने भेज दिया है। साथ ही घटना में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।

    पुलिस ने इस मामले में कुल 7 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
    सतना जिले के कोलगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत टिकुरिया टोला-बाइपास के पास मंगलवार देर शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई जब स्कॉर्पियो सवार युवकों ने मजदूरों के एक समूह पर हमला कर दिया। विवाद इतना बढ़ा कि पहले पत्थरबाजी हुई और फिर पिस्टल से फायरिंग तक की नौबत आ गई। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है, जबकि वाहन को जब्त कर लिया गया है।

    जानकारी के अनुसार, ईंट-भट्टे के पास बैठे मजदूरों के बीच उस समय तनाव पैदा हो गया जब स्कॉर्पियो (एमपी 19 सीबी 1665) वहां आकर रुकी। वाहन से एक युवक नीचे उतरा और कथित रूप से सार्वजनिक स्थान पर अनुचित हरकत करने लगा। इस पर मजदूरों में शामिल एक महिला गुड़िया प्रजापति ने आपत्ति जताई, जिससे विवाद शुरू हो गया।

    आरोप है कि आपत्ति जताने पर युवक ने गाली-गलौज करते हुए महिला पर पत्थर फेंक दिया, जिससे वह घायल हो गई। इसके बाद स्कॉर्पियो में सवार अन्य 5-6 युवक भी मौके पर उतर आए और मजदूरों से मारपीट शुरू कर दी। कुछ ही देर में स्थिति और बिगड़ गई।

    इसी दौरान आरोपियों में शामिल प्रभु सिंह परिहार ने विनोद प्रजापति को जान से मारने की धमकी देते हुए पिस्टल से फायर कर दिया। हालांकि, विनोद प्रजापति समय रहते झुक गए, जिससे गोली उन्हें नहीं लगी और एक बड़ा हादसा टल गया।

    गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई। भीड़ को बढ़ता देख आरोपी अपनी स्कॉर्पियो छोड़कर भागने लगे। स्थानीय लोगों ने भाग रहे आरोपियों में से एक युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

    सूचना मिलने पर कोलगवां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने स्कॉर्पियो को क्रेन की मदद से जब्त कर थाने भेज दिया है। साथ ही घटना में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।

    पुलिस ने इस मामले में कुल 7 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

  • बंगाल के उत्तर 24 परगना में PM मोदी की रैली से पहले भारी हिंसा… पत्थरबाजी-बमबाजी और फायरिंग में 3 घायल

    बंगाल के उत्तर 24 परगना में PM मोदी की रैली से पहले भारी हिंसा… पत्थरबाजी-बमबाजी और फायरिंग में 3 घायल


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal) के उत्तर 24 परगना जिले (North 24 Parganas district) में रविवार रात को भारी हिंसा भड़क गई। यह घटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की सोमवार को होने वाली जनसभा से कुछ घंटे पहले हुई। मामले में जगद्दल पुलिस स्टेशन के सामने तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress- TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थक आपस में भिड़ गए। इस संघर्ष में पत्थरबाजी, बमबाजी और फायरिंग की खबरें सामने आई हैं।

    हिंसा की शुरुआत प्रधानमंत्री के दौरे के लिए लगाए गए राजनीतिक झंडों और पोस्टरों को फाड़ने से हुई। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि टीएमसी समर्थकों ने जगद्दल इलाके में उनके प्रचार सामग्री का अपमान किया। इसके बाद दोनों पक्षों के समर्थक पुलिस स्टेशन के सामने जमा हो गए। वहां उनके बीच तीखी बहस हुई और फिर मारपीट शुरू हो गई। स्थानीय पुलिस इस स्थिति को संभालने में काफी मशक्कत करती दिखी।

    इस संघर्ष के दौरान भाटपारा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार और विधायक पवन सिंह के आवास पर बम फेंके गए। विधायक के घर पर हुए इस हमले से पूरे इलाके में दहशत फैल गई और संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा। इस धमाके में तीन लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    भाजपा उम्मीदवार पवन सिंह ने कहा कि यह विवाद पिछले दिन एक नुक्कड़ सभा के दौरान शुरू हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय पार्षद के नेतृत्व में टीएमसी के लोगों ने भाजपा के कार्यक्रमों में बाधा डाली। पवन सिंह के मुताबिक, जब वे पुलिस स्टेशन से शिकायत करके घर लौट रहे थे, तब उन पर पत्थरों और बमों से हमला किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस दौरान हुई फायरिंग में एक सीआईएसएफ (CISF) जवान के बाएं पैर में गोली लग गई।

    दूसरी ओर, भाटपारा से टीएमसी उम्मीदवार अमित गुप्ता ने इन आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि विवाद अचला बागान वार्ड में शुरू हुआ था। उनके मुताबिक, टीएमसी कार्यकर्ता शांति से झंडे लगा रहे थे, तभी गुड्डू और पिंटू सिंह नाम के व्यक्तियों ने उनके कार्यकर्ता बिट्टू के साथ मारपीट की और पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की। अमित गुप्ता ने आरोप लगाया कि जब वे शिकायत करने पुलिस स्टेशन पहुंचे, तो भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ मिलकर स्टेशन के अंदर ही टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया।

    प्रधानमंत्री की रैली को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अब हाई अलर्ट पर हैं। जगद्दल और भाटपारा इलाकों में अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है ताकि हिंसा और न बढ़े। पुलिस ने बमबाजी और झड़पों के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल इलाके में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर राजनीतिक बदले की भावना से काम करने का आरोप लगा रही हैं।

  • श्रीरामपुर में रामनवमी जुलूस बना निशाना मस्जिद के पास पथराव से बिगड़ा माहौल

    श्रीरामपुर में रामनवमी जुलूस बना निशाना मस्जिद के पास पथराव से बिगड़ा माहौल


    नई दिल्ली:  महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के श्रीरामपुर शहर में रामनवमी के पावन अवसर पर निकाले जा रहे जुलूस के दौरान उस समय अचानक तनाव फैल गया जब जुलूस पर पथराव की घटना सामने आई यह घटना गुरुवार शाम करीब चार बजे की बताई जा रही है जब श्रद्धालु पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ जुलूस में शामिल होकर भजन कीर्तन करते हुए आगे बढ़ रहे थे

    जानकारी के अनुसार जुलूस जब सय्यद बाबा चौक से होते हुए एक स्थानीय मस्जिद के पास पहुंचा तभी अचानक मस्जिद के पीछे की ओर से कुछ अज्ञात लोगों ने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया इस अप्रत्याशित पथराव से जुलूस में अफरा तफरी मच गई और लोग इधर उधर भागने लगे इस घटना में तीन लोग घायल हो गए जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है घायल व्यक्ति को तुरंत श्रीरामपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसका उपचार जारी है

    घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया और कुछ समय के लिए माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया हालांकि स्थिति को बिगड़ने से पहले ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मोर्चा संभाल लिया पुलिस बल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित किया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की इसके बाद स्थिति धीरे धीरे सामान्य हुई

    पुलिस ने इस मामले में सख्ती दिखाते हुए मस्जिद के मौलाना सहित 10 से 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी गई है अधिकारियों के अनुसार घटना की हर पहलू से जांच की जा रही है ताकि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके

    इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है जिनमें धारा 190 191(1) 191(2) 192 110 और 118(1) शामिल हैं इन धाराओं के तहत आरोपियों पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी

    घटना के बाद पूरे श्रीरामपुर शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है

    गौरतलब है कि श्रीरामपुर में हर वर्ष रामनवमी का त्योहार बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है इस अवसर पर शहर में विशाल जुलूस निकाला जाता है जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं और पूरे शहर में मेले जैसा माहौल रहता है हालांकि इस बार हुई इस घटना ने उत्सव के माहौल को कुछ समय के लिए प्रभावित जरूर किया लेकिन प्रशासन की तत्परता से हालात पर काबू पा लिया गया

    फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और शहर में शांति बनी हुई है पुलिस द्वारा लगातार गश्त की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके प्रशासन का कहना है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी

  • वन विभाग का हड़कंप: खैर लकड़ी से भरा ट्रक पकड़ा, तस्कर पथराव करके भाग निकले

    वन विभाग का हड़कंप: खैर लकड़ी से भरा ट्रक पकड़ा, तस्कर पथराव करके भाग निकले



    नई दिल्ली। ग्वालियर के पहाड़गढ़ क्षेत्र में खैर (खेर) की अवैध लकड़ी की तस्करी रोकने के लिए वन विभाग ने रात्रि गश्त के दौरान बड़ी कार्रवाई की। 28 फरवरी की मध्यरात्रि, सुमावली क्षेत्र के विरुगा गांव के पास वन विभाग की टीम ने खैर की लकड़ी से भरे एक ट्रक (क्रमांक HR 55/AL/3852) को पकड़ने का प्रयास किया।

    जानकारी के अनुसार, ट्रक चालक और तस्कर वन विभाग की टीम को देखकर ट्रक की रफ्तार बढ़ाकर भागने लगे। वन विभाग की टीम ने उनका पीछा किया और ट्रक को रोकने के लिए लकड़ी से उस पर पथराव करना पड़ा। इस घबराहट में तस्कर ट्रक को बीच रास्ते में छोड़कर अंधेरे में भाग निकले।

    वन विभाग ने ट्रक को जौरा वन क्षेत्र कार्यालय में जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंप दिया है। यह क्षेत्र लंबे समय से खैर की लकड़ी की तस्करी के लिए जाना जाता है और वन विभाग ने इससे पहले भी कई बार तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की है।

    जौरा रेंजर आर. प्रजापति ने बताया कि पहाड़गढ़ के जंगलों में खैर की लकड़ी की भारी तस्करी हो रही है और अपराधी अक्सर वन विभाग की नाक के नीचे भी अवैध कार्य करते हैं। उन्होंने कहा, “हमारी टीम ने ट्रक को रोकने के लिए रात्रि में कार्रवाई की, ट्रक तस्करों को छोड़कर भागना पड़ा। ट्रक जब्त कर लिया गया है और कार्रवाई जारी है।”

    वन विभाग की इस कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि जंगलों में अवैध लकड़ी तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आने वाले समय में भी टीम सतर्क रहेगी।

  • भोपाल में हाईवोल्टेज ड्रामा: ई-रिक्शा रोकने पर पत्नी ने निगली चूहामार दवा, बेकाबू पति ने पुलिस की बाइकें तोड़ीं!

    भोपाल में हाईवोल्टेज ड्रामा: ई-रिक्शा रोकने पर पत्नी ने निगली चूहामार दवा, बेकाबू पति ने पुलिस की बाइकें तोड़ीं!


    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गुरुवार दोपहर उस वक्त कोहराम मच गया जब एक ई-रिक्शा चालक की पत्नी ने पुलिस की कथित बदसलूकी से तंग आकर सरेराह जहर खा लिया। घटना पुराने पुलिस कंट्रोल रूम तिराहे की है जहाँ नवल कुशवाह नामक युवक अपनी पत्नी पूजा के साथ जा रहा था। आरोप है कि वहां तैनात दो पुलिसकर्मियों ने सिग्नल तोड़ने का हवाला देते हुए रिक्शा रोका और नवल के साथ अभद्रता की। विवाद इतना बढ़ा कि पुलिसकर्मियों ने जब थाने चलने की धमकी दी तो घबराहट और गुस्से में आकर पूजा ने अपने पर्स में रखी चूहामार दवा निगल ली।

    पत्नी की बिगड़ती हालत देख नवल का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। उसने बीच सड़क पर रिक्शा खड़ा कर जाम लगा दिया और उन पुलिसकर्मियों पर टूट पड़ा। हालात बिगड़ते देख दोनों जवान अपनी जान बचाकर पुराने कंट्रोल रूम के भीतर जा छिपे। बदहवास नवल ने वहीं ट्रैफिक चौकी के बाहर खड़ी पुलिस की बाइकों को पलट दिया और उनमें तोड़फोड़ शुरू कर दी। करीब 10 मिनट तक चले इस ड्रामे के दौरान पूजा रिक्शे में तड़पती रही” लेकिन नवल अड़ा रहा कि जब तक दोषी पुलिसकर्मी बाहर नहीं आते” वह अस्पताल नहीं जाएगा। अंततः” साथी पुलिसकर्मियों की समझाइश के बाद वह पत्नी को लेकर जेपी अस्पताल रवाना हुआ” जहाँ उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। हालांकि” पुलिस प्रशासन का दावा है कि विवाद के बाद घर जाकर दंपति में झगड़ा हुआ और जहर घर पर खाया गया” जो कि घटनाक्रम को नया मोड़ दे रहा है।

    दूसरी ओर मध्य प्रदेश के ही धार जिले से भी प्रशासन पर जनता के आक्रोश की एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ एक चूना पत्थर खदान के सर्वे के लिए पहुँची प्रशासनिक टीम पर ग्रामीणों ने जानलेवा हमला कर दिया। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और तहसीलदार सहित पुलिस की गाड़ियों पर पत्थरों की बारिश कर दी। नौ थानों की पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद ग्रामीणों ने सरकारी वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया और तहसीलदार की गाड़ी पलटने की कोशिश की। पत्थरबाजी के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं” जो सरकारी अमले और आम जनता के बीच बढ़ते टकराव की गवाह दे रहे हैं।

  • एमपी विधानसभा बजट सत्र में पत्थरबाजी पर हंगामा, सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित

    एमपी विधानसभा बजट सत्र में पत्थरबाजी पर हंगामा, सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित


    भोपाल । मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र 2026 में आज एक बार फिर सियासी तापमान बढ़ गया जब सदन में पत्थरबाजी के मामले पर चर्चा की मांग को लेकर जोरदार हंगामा प्रदर्शन हुआ। मामला इतना गरमा गया कि विधानसभा की कार्यवाही को 10 मिनट के लिए स्थगित कर देना पड़ा। बजट सत्र के छठे दिन जब सदन पहुँच चुका था तब भाजपा विधायक डॉ. राजेंद्र पांडे ने अचानक ध्यान आकर्षण पेश करते हुए कहा कि भोपाल और इंदौर दोनों जगह भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हुई हैं जिसमें पत्थरबाजी भी शामिल रही और कुछ महिला कार्यकर्ता घायल भी हुई हैं। उन सभी घटनाओं पर चर्चा की आवश्यकता है।

    पांडे ने कहा कि “पहले से पत्थर इकट्ठा किए गए थे और यह सब न सिर्फ समाज में अशांति फैलाने का प्रयास है बल्कि मध्य प्रदेश में गुंडागर्दी की तरफ इशारा भी करता है। उन्होंने यह भी बताया कि शनिवार-शनिवार होने के कारण उन घटनाओं के बारे में पहले सूचना नहीं दी जा सकी। जब विपक्ष से चर्चा शुरू करने की अपील की गई तब कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने पलटवार किया और कहा कि उनके कार्यालय पर हमला हुआ है और इसी मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए। वहीं कांग्रेस के सोहनलाल वाल्मीकि ने सवाल उठाया कि इंदौर के भागीरथपुरा में हुए विवाद और हिंसा पर क्यों चर्चा नहीं कराई जा रही है इसके बजाय सदन में अलग मुद्दों को उछाला जा रहा है।

    एक समय ऐसा आया कि विपक्ष और सदस्यों के बीच आवाजें मिलने लगीं और सदन में व्यवधान बढ़ता गया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष को सदन को 10 मिनट के लिए स्थगित करने का निर्णय लेना पड़ा ताकि दोनों पक्ष संतुलित होकर फिर से चर्चा शुरू कर सकें। यह हंगामा ऐसे समय में हुआ है जब प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026‑27 के बजट को पेश किया है जिसमें कई नई घोषणाएँ भी की गई हैं। विपक्ष का मानना है कि बजट पर बात करते हुए सुरक्षा कानून व्यवस्था और सामाजिक शांति जैसे मुद्दों पर तत्काल चर्चा होनी चाहिए जबकि सरकार इसे स्थानीय तनाव बताते हुए स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है।

    मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र 2026 में आज एक बार फिर सियासी तापमान बढ़ गया जब सदन में पत्थरबाजी के मामले पर चर्चा की मांग को लेकर जोरदार हंगामा प्रदर्शन हुआ। मामला इतना गरमा गया कि विधानसभा की कार्यवाही को 10 मिनट के लिए स्थगित कर देना पड़ा। बजट सत्र के छठे दिन जब सदन पहुँच चुका था तब भाजपा विधायक डॉ. राजेंद्र पांडे ने अचानक ध्यान आकर्षण पेश करते हुए कहा कि भोपाल और इंदौर दोनों जगह भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हुई हैं जिसमें पत्थरबाजी भी शामिल रही और कुछ महिला कार्यकर्ता घायल भी हुई हैं। उन सभी घटनाओं पर चर्चा की आवश्यकता है।

    पांडे ने कहा कि पहले से पत्थर इकट्ठा किए गए थे और यह सब न सिर्फ समाज में अशांति फैलाने का प्रयास है बल्कि मध्य प्रदेश में गुंडागर्दी की तरफ इशारा भी करता है। उन्होंने यह भी बताया कि शनिवार-शनिवार होने के कारण उन घटनाओं के बारे में पहले सूचना नहीं दी जा सकी। जब विपक्ष से चर्चा शुरू करने की अपील की गई तब कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने पलटवार किया और कहा कि उनके कार्यालय पर हमला हुआ है और इसी मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए। वहीं कांग्रेस के सोहनलाल वाल्मीकि ने सवाल उठाया कि इंदौर के भागीरथपुरा में हुए विवाद और हिंसा पर क्यों चर्चा नहीं कराई जा रही है इसके बजाय सदन में अलग मुद्दों को उछाला जा रहा है।

    एक समय ऐसा आया कि विपक्ष और सदस्यों के बीच आवाजें मिलने लगीं और सदन में व्यवधान बढ़ता गया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष को सदन को 10 मिनट के लिए स्थगित करने का निर्णय लेना पड़ा ताकि दोनों पक्ष संतुलित होकर फिर से चर्चा शुरू कर सकें।  यह हंगामा ऐसे समय में हुआ है जब प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026‑27 के बजट को पेश किया है जिसमें कई नई घोषणाएँ भी की गई हैं। विपक्ष का मानना है कि बजट पर बात करते हुए सुरक्षा कानून व्यवस्था और सामाजिक शांति जैसे मुद्दों पर तत्काल चर्चा होनी चाहिए जबकि सरकार इसे स्थानीय तनाव बताते हुए स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है।

  • सुप्रिया श्रीनेत का बीजेपी पर हमला: इंदौर-भोपाल में पत्थरबाजी, दूषित पानी से मौतों पर चुप्पी क्यों?

    सुप्रिया श्रीनेत का बीजेपी पर हमला: इंदौर-भोपाल में पत्थरबाजी, दूषित पानी से मौतों पर चुप्पी क्यों?


    भोपालभोपाल में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इंदौर और भोपाल में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस दफ्तरों पर पत्थरबाजी की, बैरिकेड तोड़े और हंगामा किया, जबकि पुलिस मूकदर्शक बनी रही।

    बीजेपी कार्यकर्ता पत्थरबाज बन गए
    श्रीनेत ने कहा कि दोनों शहरों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने चार-चार बैरिकेड तोड़कर कांग्रेस कार्यालय तक पहुंचने की कोशिश की। उनके मुताबिक पूरी घटना कैमरों में रिकॉर्ड है, इसके बावजूद नामजद एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही। उन्होंने सवाल उठाया, “जब साफ दिख रहा है कि पत्थर कौन चला रहा था, तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?उन्होंने इसे राजनीतिक विरोध नहीं बल्कि “संगठित गुंडागर्दी” करार दिया।

    दूषित पानी से मौतों पर सरकार घिरी
    कांग्रेस प्रवक्ता ने इंदौर में कथित रूप से दूषित पानी पीने से 35 लोगों की मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब लोग जान गंवा रहे थे, तब बीजेपी नेताओं की ओर से न तो संवेदना जताई गई और न ही जिम्मेदारी तय की गई।

    श्रीनेत ने कहा, “जब जनता मर रही थी, तब चुप्पी थी। आज राजनीतिक विरोध के नाम पर सड़क पर हिंसा की जा रही है। जनता सब देख रही है।”

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर निशाना
    भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। श्रीनेत ने आरोप लगाया कि यह डील किसानों, लघु एवं मध्यम उद्योगों, ऊर्जा सुरक्षा और डेटा संप्रभुता के हितों के खिलाफ है।

    उनके अनुसार, अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ में बड़ी रियायत, रूस से सस्ता तेल खरीदने में दूरी और अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए बाजार खोलने जैसे फैसलों से भारतीय किसानों पर दबाव बढ़ेगा।

    24 फरवरी को किसान महापंचायत
    श्रीनेत ने बताया कि 24 फरवरी को भोपाल में किसान महापंचायत आयोजित की जाएगी, जिसमें राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल होंगे। उनका कहना है कि मध्यप्रदेश लंबे समय से किसान आंदोलनों की भूमि रहा है और प्रदेश के किसान पहले से आर्थिक दबाव में हैं, इसलिए आंदोलन की शुरुआत यहीं से की जा रही है।

    युवा कांग्रेस के प्रदर्शन का बचाव
    दिल्ली में एआई समिट के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन पर श्रीनेत ने कहा कि यह समिट के खिलाफ नहीं, बल्कि “देशहित से समझौते” के खिलाफ था। उन्होंने कहा कि युवा देश की आवाज हैं और आने वाले समय में यह आंदोलन और तेज होगा।