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  • देश में फिर बदला मौसम का मिजाज…. आज इन राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट

    देश में फिर बदला मौसम का मिजाज…. आज इन राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट


    नई दिल्ली।
    पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत (North India) में सक्रिय होने के कारण जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) से उत्तराखंड तक पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदान में भारी बारिश जारी है। इससे पारा 10 डिग्री तक गिरा है। केदारनाथ मार्ग (Kedarnath Route) में लगातार दूसरे दिन भूस्खलन के बाद यात्रा रोक दी गई है। चट्टान की चपेट में आने से एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि रास्ते पर मलबा आने से 1,500 से अधिक श्रद्धालु फंस गए, जिन्हें मुश्किल से सुरक्षित निकाल कर गौरीकुंड पहुंचाया गया। मौसम विभाग ने मौजूदा हालात पर सोमवार आधी रात के बाद करीब ढाई बजे अपडेट दिया। इसके मुताबिक उत्तरी अंडमान सागर और उससे सटे म्यांमार तट पर बना गहरा निम्न दबाव पिछले 6 घंटों में 13 किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा है।


    अगले दो दिनों में कैसा रहेगा मिजाज

    मौसम विभाग ने बताया कि 28 सितंबर को भारतीय समयानुसार रात करीब 1930 बजे से 2130 बजे के बीच गहरा निम्न दबाव का क्षेत्र क्यैकटो के पूर्व में म्यांमार तट को पार कर गया। इस दौरान हवा की गति 50-60 किमी प्रति घंटे रही। इसके बाद, यह उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ गया। अगले दो दिनों के दौरान निम्न दबाव का क्षेत्र तटीय म्यांमार और उससे सटे पूर्वी मध्य और उत्तरपूर्वी बंगाल की खाड़ी और दक्षिणपूर्वी बांग्लादेश में उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ते रहने की संभावना है।


    निम्न दबाव का क्षेत्र अब कमजोर, मौसम विभाग चक्रवाती हवा पर क्या बोला?

    मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब कमजोर हो गया है, लेकिन चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र अभी भी बना हुआ है। वहीं, एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसके चलते ही सोमवार को उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, राजस्थान, बिहार और अंडमान-निकोबार में गरज के साथ बौछारें पड़ीं। वहीं, मराठवाड़ा, ओडिशा, पूर्वी असम, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश हुई।


    आज नौ राज्यों में आंधी-बारिश के आसार

    उत्तर-पश्चिम समेत पूर्वी भारत के नौ से अधिक राज्यों में मंगलवार को आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की संभावना है और बुधवार से राहत की उम्मीद है, लेकिन उमस बढ़ सकती है।


    जम्मू-कश्मीर-लद्दाख

    29 सितंबर और 2-4 अक्तूबर को बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है।


    उत्तराखंड

    29 सितंबर से 4 अक्तूबर के दौरान कहीं-कहीं बारिश और आंधी-तूफान के साथ बिजली गिर सकती है।


    हिमाचल प्रदेश

    29 सितंबर को प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने के आसार


    पंजाब-हरियाणा-चंडीगढ़

    29 सितंबर को कुछ जगहों पर आंधी-तूफान के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना


    दिल्ली-पूर्वी राजस्थान-पश्चिमी यूपी

    छिटपुट स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश और वज्रपात संभव को कहीं-कहीं बारिश के साथ


    पूर्वी उत्तर प्रदेश

    29-30 सितंबर को कहीं-कहीं बारिश के साथ तेज हवा और बिजली गिर सकती है।


    पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण सड़कें बंद

    हिमाचल प्रदेश में सोमवार को लगातार तीसरे दिन किन्नौर, लाहौल स्पीति और चंबा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई, जबकि राजधानी शिमला, धर्मशाला समेत अन्य जिलों में बादल बरसे। प्रदेश के अधिकतम तापमान में आठ से दस डिग्री की गिरावट आने से मौसम में ठंडक बढ़ गई है। प्रदेश में 61 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप रही। 49 बिजली ट्रांसफार्मर भी बंद रहे।


    फसलों को संभावित नुकसान से ग्रामीण चिंतित

    उत्तराखंड की व्यास घाटी में आदि कैलाश, नाभीढांग, कुटी में दो से पांच फीट बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है इससे कुटी से आदि कैलाश को जोड़ने वाला यात्रा मार्ग बंद हो गया है। व्यास घाटी आदि कैलाश में पांच फीट तक बर्फ होने से जहां पर्यटक खुश हो गए। वहीं, फसलों को संभावित नुकसान ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी।


    बिहार में कई नदियां उफान पर

    नेपाल और सीमावर्ती क्षेत्रों में भारी बारिश से बिहार में गंडक, कोसी, बागमती नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है। सुपौल और पश्चिम चंपारण जिले में करीब 82,000 लोग प्रभावित हुए हैं।


    उत्तर भारत में बढ़ेगी उत्तर-पश्चिमी हवा

    आईएमडी के अनुसार, जम्मू के आसपास बना पश्चिमी विक्षोभ अगले 36 घंटों में पहाड़ों से आगे निकल जाएगा। इसके बाद मंगलवार से निचले स्तरों पर तेज उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलने लगेंगी, जिससे मौसम साफ होगा।


    नेपाल में देखते-देखते ढही इमारत

    नेपाल में लगातार जारी बारिश के बीच बांगलुंग में नगर पालिका भवन ढहने का वीडियो सामने आया है। नदी के कटाव के कारण इमारत का एक हिस्सा धराशायी हो गया और देखते ही देखते इमारत नदी में समा गई। उधर, पानी बढ़ने से नारायणी नदी में बंधे एक क्रूज शिप की रस्सी टूट गई। शिप करीब 100 मीटर तक नदी के बहाव के साथ बहता चला गया और पुल के पिलर से टकरा गया। नेपाल के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति एक बार फिर विकराल हो गई है।


    दिल्ली-एनसीआर

    मनांग में 7,126 मीटर ऊंची हिमलुंग हिमाल चोटी के बेस कैंप पर रविवार को हुए हिमस्खलन में मृतकों की संख्या चार हो गई है। सोमवार को दो और शव मिले। 8 लोग अब भी लापता हैं। लापता 22 लोगों में से 10 से संपर्क स्थापित कर लिया गया है। लगातार बर्फबारी, बारिश और खराब मौसम के चलते खोज एवं बचाव कार्य में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

  • आंधी-तूफान से सीहोर के 25 गांवों में बिजली संकट, बार-बार फाल्ट से लोग परेशान

    आंधी-तूफान से सीहोर के 25 गांवों में बिजली संकट, बार-बार फाल्ट से लोग परेशान


    मध्यप्रदेश । सीहोर जिले के बिलकिसगंज क्षेत्र में बरखेड़ी विद्युत केंद्र से जुड़े लगभग 25 गांवों में आंधी-तूफान के चलते बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। तेज हवाओं और मौसम के बदलाव के कारण बार-बार विद्युत लाइनों में फाल्ट आ रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को लंबे समय तक अंधेरे में रहना पड़ रहा है।

    चंदेरी, नई चंदेरी, पिपलिया, ताकीपुर, शेरपुर, भगवानपुर, बड़नगर, आलमपुरा और बरखेड़ी सहित कई गांवों में हाल ही में रात के समय आंधी-तूफान के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। ग्रामीणों ने तुरंत विद्युत विभाग को सूचना दी, लेकिन सीमित संसाधनों और स्टाफ की कमी के कारण मरम्मत कार्य में काफी समय लग गया।

    ग्रामीणों का आरोप है कि रात की ड्यूटी में केवल एक या दो लाइनमैन ही तैनात रहते हैं, जिससे एक साथ कई स्थानों पर फाल्ट होने पर स्थिति और गंभीर हो जाती है। भीषण गर्मी के बीच घंटों बिजली गुल रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

    ग्रामीणों ने यह भी शिकायत की है कि शिकायत दर्ज कराने के दौरान कई बार संबंधित अधिकारी फोन नहीं उठाते, जिससे समस्या के समाधान में और देरी होती है। इससे ग्रामीणों और किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

    इसी समस्या को लेकर किसान एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने बिलकिसगंज रोड स्थित नई चंदेरी में विद्युत ट्रांसफार्मर के पास प्रदर्शन भी किया। प्रदर्शनकारियों ने शासन और विद्युत विभाग से मांग की है कि बरखेड़ी सब स्टेशन क्षेत्र में अतिरिक्त लाइनमैन तैनात किए जाएं और आपात स्थिति में त्वरित सुधार व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

    ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में रात 8 बजे हुए एक फाल्ट को सुधारने में लगभग 7 घंटे लग गए और बिजली रात 3 बजे के बाद ही बहाल हो सकी। इस देरी के कारण ग्रामीणों को पूरी रात अंधेरे में रहना पड़ा और दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।

    स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आंधी-तूफान या आपात स्थिति में विशेष टीम, अतिरिक्त स्टाफ और वाहन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में बिजली संकट की स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

  • एमपी में आज 13 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, दो सिस्टम एक्टिव, रविवार से फिर बढ़ेगी गर्मी

    एमपी में आज 13 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, दो सिस्टम एक्टिव, रविवार से फिर बढ़ेगी गर्मी

    भोपाल। मध्यप्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। प्रदेश के बीच से दो ट्रफ लाइन गुजर रही हैं, जबकि ऊपरी हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय बना हुआ है। इसी के असर से कई जिलों में आंधी और बारिश का दौर जारी है। शुक्रवार को 20 से अधिक जिलों में मौसम बदला रहा, वहीं शनिवार के लिए 13 जिलों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, सीधी और सिंगरौली जिलों में मौसम का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है।

    शुक्रवार को भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के अलग रंग दिखाई दिए। कहीं तेज गर्मी रही तो कहीं आंधी और हल्की बारिश दर्ज की गई। सिवनी, छिंदवाड़ा, रायसेन, सागर, दमोह, बालाघाट, भोपाल, देवास, खरगोन, राजगढ़, विदिशा, टीकमगढ़, अशोकनगर, शिवपुरी, बैतूल, नरसिंहपुर, मंडला, पांढुर्णा, डिंडौरी और अनूपपुर समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई।

    दूसरी ओर कई शहरों में गर्मी का असर भी बना रहा। रतलाम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। शाजापुर में पारा 42.6 डिग्री तक पहुंचा। बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन में 42.4 डिग्री, भोपाल और इंदौर में 41.2 डिग्री, जबलपुर में 38.8 डिग्री तथा ग्वालियर में 37.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।

    मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक, मई की शुरुआत से ही प्रदेश में मौसम सामान्य नहीं रहा है। आमतौर पर इस समय भीषण गर्मी पड़ती है, लेकिन इस बार आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर बना हुआ है। इसके पीछे चक्रवात, ट्रफ लाइन और वेस्टर्न डिस्टरबेंस को प्रमुख वजह बताया गया है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि शनिवार के बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी और तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी। रविवार से अधिकांश जिलों में पारे में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है।

    मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार आंधी और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान या पक्के मकान में शरण लेने की सलाह दी गई है। वहीं, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान होने की आशंका भी जताई गई है।

  • आंधी बारिश से बदला मौसम शिवपुरी में तापमान गिरा गर्मी से राहत

    आंधी बारिश से बदला मौसम शिवपुरी में तापमान गिरा गर्मी से राहत


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में मंगलवार दोपहर अचानक बदले मौसम ने लोगों को गर्मी से बड़ी राहत दिलाई। सुबह से ही शहर और आसपास के इलाकों में बादल छाए हुए थे जिससे मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे थे। दोपहर होते होते तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई जिसने तापमान में उल्लेखनीय गिरावट ला दी और वातावरण को सुहावना बना दिया।

    तेज हवाओं का असर इतना ज्यादा था कि कई स्थानों पर पेड़ों पर पक्षियों द्वारा बनाए गए घोंसले उड़ गए जिससे प्राकृतिक जीवन भी प्रभावित हुआ। आंधी की रफ्तार के कारण शहर के कुछ हिस्सों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई जिससे लोगों को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि बारिश के चलते गर्मी से मिली राहत ने लोगों को काफी सुकून दिया।

    बारिश के बाद वातावरण में ठंडक घुल गई और सड़कों पर भी हलचल कम हो गई। कई लोग इस अचानक बदले मौसम का आनंद लेते नजर आए तो वहीं कुछ लोग तेज हवाओं और बिजली कटौती से परेशान भी दिखे।

    मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल मौसम का यह मिजाज कुछ समय तक बना रह सकता है और आने वाले घंटों में फिर से बारिश होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी संभावित नुकसान से बचा जा सके। यह बदलाव न केवल तापमान में राहत लेकर आया है बल्कि आने वाले दिनों के मौसम के रुख को लेकर भी संकेत दे रहा है कि गर्मी के बीच बीच में इस तरह के बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

  • एमपी में बदला मौसम का मिजाज: कई हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर, 34 जिलों में अलर्ट

    एमपी में बदला मौसम का मिजाज: कई हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर, 34 जिलों में अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ के सक्रिय होने से पिछले दो दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। गुरुवार को 15 से अधिक जिलों में मौसम ने करवट ली जहां कहीं ओले गिरे तो कहीं बारिश दर्ज की गई।राजधानी भोपाल में देर रात करीब 1 बजे और शुक्रवार सुबह लगभग साढ़े 5 बजे तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने ग्वालियर जबलपुर सहित 34 जिलों में ओले और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है।

    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ प्रदेश के मध्य हिस्से में सक्रिय हैं। अगले 24 घंटों के दौरान सिवनी मंडला बालाघाट दतिया निवाड़ी और टीकमगढ़ में ओलावृष्टि की संभावना है। इसके अलावा अन्य 28 जिलों में बिजली गिरने गरज-चमक तेज आंधी और बारिश की स्थिति बन सकती है। भोपाल में दिनभर बादल छाए रहने के आसार हैं।

    गुरुवार को ऐसा रहा मौसम का असर

    गुरुवार रात अचानक मौसम बदला और कई जिलों में तेज बारिश के साथ आंधी चली। कुछ स्थानों पर ओले गिरने से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा। तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।

    धार में गेहूं की फसल प्रभावित होने की आशंका
    धार जिले में रात करीब 10:35 बजे तेज गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हुई। बेमौसम बारिश से खेतों में पककर तैयार गेहूं की फसल को नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है।

    आगर मालवा में धूल भरी आंधी के बाद बारिश


    गुरुवार रात करीब 8 बजे आगर मालवा में तेज धूल भरी आंधी चली जिसके बाद बिजली की गड़गड़ाहट के साथ लगभग 45 मिनट तक बारिश हुई। इससे गर्मी से राहत मिली लेकिन जनजीवन प्रभावित रहा।

    दमोह में बिजली आपूर्ति बाधित
    दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक में रात साढ़े आठ बजे करीब आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। इससे पहले चली आंधी के कारण कई इलाकों में बिजली सप्लाई बाधित हो गई।

    मऊगंज और शुजालपुर में भी असर

    मऊगंज में शुक्रवार सुबह गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हुई जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। वहीं शुजालपुर में रात में दो बार तेज हवा के साथ बारिश हुई जिससे मौसम में ठंडक बढ़ी। कटाई के लिए तैयार फसलों को बचाने के लिए हार्वेस्टर मशीन की मांग अचानक बढ़ गई है।

    22 मार्च से नया सिस्टम होगा सक्रिय

    मौसम वि‍भाग के अनुसार 22 मार्च से प्रदेश में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा जो उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। हालांकि यह मौजूदा सिस्टम जितना प्रभावी नहीं होगा। अगले 1-2 दिनों में स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी। इसके बाद एक बार फिर गर्मी बढ़ने की संभावना है।

  • MP में मौसम बदला, 22 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट

    MP में मौसम बदला, 22 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मौसम फिर करवट लेने वाला है। बुधवार को प्रदेश के 22 जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। इसमें इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन सहित कई जिले शामिल हैं। मंगलवार रात रतलाम के अलग-अलग हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक पश्चिमी विक्षोभ के असर से पूरे राज्य में मौसम बदलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को भी ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में हल्की बारिश और गरज-चमक का असर रहेगा।

    बुधवार को बारिश की संभावना वाले जिले

    इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, धार, आलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, शाजापुर, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में मौसम विभाग ने बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। भोपाल, बड़वानी, खरगोन, देवास, सीहोर, विदिशा, सागर, दमोह, पन्ना और सतना में बादल छाए रहेंगे। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम प्रभावित होगा। बुधवार को ज्यादा जिलों में असर दिखेगा और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

    गुरुवार को भी असर

    मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में हल्की बारिश और गरज-चमक हो सकती है। इसके बाद सिस्टम कमजोर हो जाएगा और बारिश का अलर्ट समाप्त हो जाएगा। फरवरी के शुरुआत में प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रहा था, जिससे फसलों को नुकसान हुआ। प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया गया था। अब 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश में बारिश और आंधी देखने को मिलेगी।

    रात और सुबह ठंड
    वर्तमान में प्रदेश में हल्की सर्दी जारी है। रात और सुबह ठंड का असर रहेगा। ज्यादातर शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से ऊपर रहेगा। 18 फरवरी को 22 जिलों में बारिश और गरज-चमक का अलर्ट। कुछ जगहों पर आंधी भी चल सकती है। 19 फरवरी को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के कुछ जिलों में सिस्टम का असर दिखेगा। सिस्टम के असर से पहले प्रदेश में तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई। सोमवार-मंगलवार की रात में कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रहा (8 डिग्री)। शहडोल के कल्याणपुर में 8.1 डिग्री, पचमढ़ी में 8.8 डिग्री और रीवा में 9.6 डिग्री दर्ज किया गया।

    बड़े शहरों में रात का तापमान

    भोपाल: 14 डिग्री
    इंदौर: 16.8 डिग्री
    ग्वालियर: 13 डिग्री
    उज्जैन: 16.2 डिग्री
    जबलपुर: 13.1 डिग्री
    दिन के समय अधिकतम तापमान 30 डिग्री से ऊपर पहुंचा, जिससे मौसम में गर्माहट का असर भी हुआ।
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