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  • जबलपुर में आवारा मवेशियों का आतंक: सांड ने युवक को पटककर किया घायल, अस्पताल में तोड़ा दम

    जबलपुर में आवारा मवेशियों का आतंक: सांड ने युवक को पटककर किया घायल, अस्पताल में तोड़ा दम


    जबलपुर । जबलपुर में आवारा मवेशियों का आतंक एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ है। हनुमानताल क्षेत्र में सड़क पर लड़ रहे दो सांडों के बीच से
    गुजरना एक युवक को भारी पड़ गया। अचानक एक सांड ने युवक पर हमला कर दिया और उसे उठाकर सड़क पर पटक दिया। हमले के बाद सांड उसके ऊपर से गुजरते हुए वहां से भाग गए। गंभीर रूप से घायल युवक को आसपास मौजूद लोगों ने ऑटो की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है।

    मृतक की पहचान गोराबाजार निवासी रवि यादव के रूप में हुई है। बताया गया है कि रवि दूध का कारोबार करता था और घटना वाले दिन दूध लेकर हनुमानताल क्षेत्र में आया था। घटना 5 सितंबर की शाम करीब 6 बजे की बताई जा रही है। उस समय सड़क पर दो सांड आपस में लड़ रहे थे। सांडों की लड़ाई के कारण सड़क पर यातायात भी रुक गया था। आसपास मौजूद लोग उन्हें हटाने की कोशिश कर रहे थे और इसी दौरान सांडों पर पानी डाला जा रहा था।

    इसी बीच रवि वहां से निकल रहा था। अचानक एक सांड ने पीछे से उस पर हमला कर दिया। सांड ने रवि को अपने सींगों से उठाकर सड़क पर पटक दिया। इसके बाद वह सांड उसके ऊपर से गुजर गया और दोनों सांड मौके से भाग निकले। अचानक हुए इस हमले से वहां मौजूद लोगों में अफरा तफरी मच गई। रवि काफी देर तक सड़क पर घायल अवस्था में पड़ा रहा। इसके बाद स्थानीय लोगों ने उसे ऑटो से जिला अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया लेकिन उसकी हालत गंभीर बनी रही और आखिरकार उसने दम तोड़ दिया।

    हनुमानताल थाना प्रभारी सुभाषचंद्र बघेल के मुताबिक मृतक दूध व्यवसाय से जुड़ा था। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद सड़क पर घूमने वाले आवारा मवेशियों की समस्या एक बार फिर सवालों के घेरे में है।

    नगर निगम के मुताबिक जबलपुर शहर में 20 हजार से अधिक आवारा मवेशी हैं। इन्हें पकड़ने के लिए करीब 80 कर्मचारी लगाए गए हैं और रोजाना 70 से 80 मवेशियों को पकड़ा जा रहा है। लेकिन सबसे बड़ी समस्या इन मवेशियों को रखने की है। निगम अधिकारी कुशाग्र सिंह ठाकुर के मुताबिक तिलवारा में करीब 800 रामपुर में 130 और उमरिया में 170 मवेशियों को रखने की क्षमता है। इससे ज्यादा मवेशियों को रखने के लिए पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध नहीं है।

    अधिकारी का यह भी कहना है कि कई जगहों पर मवेशियों को पकड़ने के दौरान गौभक्तों की ओर से विरोध या विवाद की स्थिति बन जाती है। ऐसे में निगम के सामने एक तरफ शहर की सड़कों से आवारा मवेशियों को हटाने की चुनौती है तो दूसरी तरफ उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखने की समस्या भी बनी हुई है। रवि यादव की मौत ने इस पूरे इंतजाम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर सड़क पर घूम रहे हजारों आवारा मवेशियों से लोगों की जान कब तक खतरे में पड़ती रहेगी।

  • जबलपुर के इंद्रा मार्केट में 2 सांडों की भिड़ंत से मचा हड़कंप, आधे घंटे ठप रहा ट्रैफिक

    जबलपुर के इंद्रा मार्केट में 2 सांडों की भिड़ंत से मचा हड़कंप, आधे घंटे ठप रहा ट्रैफिक


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के जबलपुर में रविवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब इंद्रा मार्केट क्षेत्र में दो आवारा सांड आपस में भिड़ गए। यह घटना सिविल लाइन और एसपी ऑफिस के बीच सड़क पर हुई, जहां दोनों सांडों के बीच सींग से सींग भिड़ाकर करीब आधे घंटे तक जोरदार संघर्ष चलता रहा।

    इस दौरान सड़क पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोग अपनी जान जोखिम में डालकर किसी तरह वहां से निकलते नजर आए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सांडों की लड़ाई इतनी उग्र थी कि आसपास खड़े वाहन और राहगीर भी असहज हो गए। इसी दौरान एक स्कूटी सवार हल्की टक्कर की चपेट में आ गया और उसकी गाड़ी सड़क पर गिर गई, हालांकि वह बाल-बाल बच गया।

    स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय लोगों ने पानी डालकर और लाठी की मदद से दोनों सांडों को अलग करने की कोशिश की, लेकिन काफी देर तक वे नहीं माने। करीब आधे घंटे बाद थककर दोनों सांड अलग-अलग दिशा में चले गए, तब जाकर यातायात सामान्य हो सका।

    इस घटना ने एक बार फिर शहर में आवारा मवेशियों की समस्या को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम जबलपुर की लापरवाही के कारण ऐसे हालात बार-बार बन रहे हैं।

    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा मवेशियों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। गोहलपुर, रसल चौक, इंद्रा मार्केट और गोकलपुर रोड जैसे इलाकों में रात के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।

    लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर में आवारा पशुओं को नियंत्रित करने के लिए सख्त और स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से आम जनता को परेशानी न झेलनी पड़े।