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  • सिंगरौली में छात्र की हत्या से भड़का जनाक्रोश, उग्र भीड़ ने पुलिस वाहन फूंका; आंसू गैस छोड़कर हालात काबू में

    सिंगरौली में छात्र की हत्या से भड़का जनाक्रोश, उग्र भीड़ ने पुलिस वाहन फूंका; आंसू गैस छोड़कर हालात काबू में


    सिंगरौली । मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में 15 वर्षीय छात्र की हत्या के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है। मोरवा थाना क्षेत्र में लापता छात्र का शव जंगल में मिलने के बाद लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। घटना से नाराज भीड़ ने देर रात थाने के सामने जमकर हंगामा किया और एक पुलिस वाहन को आग के हवाले कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

    जानकारी के अनुसार साईं नगर वार्ड क्रमांक 8 निवासी 15 वर्षीय पवन शाह 9 मार्च की रात करीब साढ़े नौ बजे घर से बाहर निकला था। वह बिना बताए घर से गया और फिर वापस नहीं लौटा। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद परिजनों ने मोरवा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और अपहरण की आशंका जताई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर छात्र की तलाश शुरू कर दी थी।

    इसी बीच पुलिस को जंगल में एक शव मिलने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव की पहचान पवन शाह के रूप में की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि छात्र की बेरहमी से हत्या की गई थी और आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को जंगल में फेंक दिया था। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला।

    मामले की जांच के दौरान पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस के अनुसार इस मामले में सुधांशु गुप्ता और मोहम्मद इरशाद को गिरफ्तार किया गया है और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। रामनिवास शाह ने भी मृतक के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (एसआईटी का गठन किया है, जो तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की गहराई से जांच करेगा।

    उधर छात्र की हत्या की खबर फैलते ही लोगों का गुस्सा भड़क उठा। देर रात बड़ी संख्या में लोग मोरवा थाने के सामने जमा हो गए और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और आक्रोशित लोगों ने एक पुलिस वाहन में आग लगा दी। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इसके बाद किसी तरह भीड़ को तितर-बितर किया गया।

    घटना के बाद पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि हालात फिलहाल नियंत्रण में हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस का कहना है कि हत्या के इस मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

  • छत से धक्का देकर छात्रा की हत्या, आरोपी अस्पताल छोड़कर फरार

    छत से धक्का देकर छात्रा की हत्या, आरोपी अस्पताल छोड़कर फरार




    भोपाल।
    भोपाल के चूनाभट्टी इलाके में हुई एक दर्दनाक घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया है। एक छात्रा की इमारत की दूसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई, और पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह हादसा दुर्घटना नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई हत्या थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी युवक तुषार (कपिल) ने छात्रा को विवाद के दौरान छत से धक्का देकर नीचे गिरा दिया। वारदात के बाद आरोपी ने ऐसा भ्रामक प्रयास किया कि किसी को उस पर शक न हो, और वह खुद मृतक छात्रा को अस्पताल लेकर गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है।

    पुलिस के मुताबिक, घटना के दिन बीते बुधवार सुबह प्रिया कॉलेज जाने के बजाय अपने दोस्त तुषार के घर चली गई थी। तुषार चूना भट्टी इलाके की पारिका सोसाइटी में बने स्टे होम में केयर टेकर का काम करता है। दोपहर 12 बजे छात्रा की छत से गिरने की घटना हुई, और तुषार उसे अस्पताल छोड़कर भाग गया।

    परिजनों का आरोप है कि यह मामला सिर्फ विवाद तक सीमित नहीं था, बल्कि एक साल से चले आ रहे प्रेम संबंध और उत्पीड़न का परिणाम है। पहले तुषार ईश्वर नगर में रहता था और प्रिया से उसकी दोस्ती थी, लेकिन अब मामला गंभीर रूप ले चुका है। पुलिस आरोपी की तलाश में पूरी तरह सक्रिय है, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और अंतिम पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है।

    यह मामला भोपाल में छात्रों और युवाओं के बीच सुरक्षा की संवेदनशीलता पर सवाल उठाता है, और स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सक्रिय जांच के लिए प्रेरित करता है।