Tag: Students

  • अमेरिका में भारतीय छात्रों की संख्या में 13.5% की बड़ी गिरावट, मास्टर्स प्रोग्राम से सबसे ज्यादा छात्र हुए कम

    अमेरिका में भारतीय छात्रों की संख्या में 13.5% की बड़ी गिरावट, मास्टर्स प्रोग्राम से सबसे ज्यादा छात्र हुए कम

    नई दिल्ली । अमेरिका में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में एक साल के भीतर बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2026 में अमेरिका में सक्रिय भारतीय छात्रों की संख्या घटकर 3,16,893 रह गई। अक्टूबर 2025 में यह आंकड़ा 3,66,258 था। इस तरह एक साल के दौरान भारतीय छात्रों की संख्या में 49,365 की कमी आई है, जो लगभग 13.5 प्रतिशत की गिरावट दर्शाती है। हालांकि, इस कमी के बावजूद अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के सबसे बड़े समूह के रूप में भारत की स्थिति बरकरार है।

    स्टूडेंट एंड एक्सचेंज विजिटर इंफॉर्मेशन सिस्टम (एसईवीआईएस) के आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में सभी देशों के सक्रिय अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या भी घटी है। अक्टूबर 2025 में यह संख्या 12,83,240 थी, जो अक्टूबर 2026 में घटकर 11,92,572 रह गई। इस प्रकार कुल अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या में लगभग 7.1 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। भारतीय छात्रों की संख्या में आई गिरावट इस समग्र कमी से अधिक रही है।

    अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के दूसरे सबसे बड़े समूह चीन से आने वाले विद्यार्थियों का है। इस श्रेणी में भी एक साल के दौरान कमी दर्ज की गई। अक्टूबर 2025 में चीन के 2,45,038 सक्रिय छात्र अमेरिका में थे, जबकि अक्टूबर 2026 में यह संख्या घटकर 2,20,157 रह गई। इस तरह चीनी छात्रों की संख्या में लगभग 10.2 प्रतिशत की गिरावट आई है।

    अंतरराष्ट्रीय छात्रों के कुल आंकड़ों में भारत की हिस्सेदारी भी कम हुई है। अक्टूबर 2025 में अमेरिका में सक्रिय विदेशी छात्रों में भारतीय विद्यार्थियों की हिस्सेदारी लगभग 28.5 प्रतिशत थी। अक्टूबर 2026 में यह घटकर करीब 26.6 प्रतिशत रह गई। इसके बावजूद भारत सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय छात्र भेजने वाला देश बना हुआ है।

    भारतीय छात्रों की संख्या में सबसे ज्यादा कमी मास्टर्स यानी स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में सामने आई है। अक्टूबर 2025 में अमेरिका के मास्टर्स प्रोग्राम में 2,92,929 भारतीय छात्र नामांकित थे। अक्टूबर 2026 में यह संख्या घटकर 2,34,034 रह गई। इस स्तर पर लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। भारतीय विद्यार्थियों का बड़ा हिस्सा अमेरिका में उच्च शिक्षा के लिए मास्टर्स पाठ्यक्रमों को चुनता रहा है, इसलिए इस श्रेणी में आई कमी कुल आंकड़ों को भी प्रभावित कर रही है।

    हालांकि, डॉक्टोरल यानी पीएचडी स्तर पर इसके विपरीत रुझान देखने को मिला है। अक्टूबर 2025 में इस स्तर पर भारतीय छात्रों की संख्या 28,609 थी, जो अक्टूबर 2026 में बढ़कर 41,729 हो गई। यानी पीएचडी में भारतीय विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ा है। वहीं, स्नातक यानी बैचलर स्तर पर छात्रों की संख्या 38,522 से घटकर 36,011 रह गई।

    आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2026 में अमेरिका में सक्रिय भारतीय छात्रों में 1,95,341 पुरुष और 1,21,552 महिला विद्यार्थी शामिल थे। एसईवीआईएस के आंकड़ों में उन विद्यार्थियों को शामिल किया जाता है जिनका रिकॉर्ड संबंधित सिस्टम में सक्रिय रहता है। इसमें ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (ओपीटी) के तहत रहने वाले छात्र भी शामिल हैं। इसलिए ये आंकड़े किसी एक महीने की स्थिति बताते हैं, न कि पूरे वर्ष अमेरिका पहुंचे विद्यार्थियों की कुल संख्या।

    छात्रों की संख्या में गिरावट ऐसे समय में सामने आई है, जब अमेरिका में छात्र वीजा से जुड़ी जांच प्रक्रिया सख्त हुई है। ओपीटी और एसटीईएम एक्सटेंशन पर नई फीस लगाने का प्रस्ताव भी चर्चा में है। इसके साथ ही कानूनी आव्रजन के विभिन्न रास्तों को लेकर नियमों और प्रक्रियाओं में सख्ती बढ़ाई जा रही है। इन परिस्थितियों के बीच भारतीय मूल के नेताओं के एक गैर-लाभकारी नेटवर्क ने 30 अक्टूबर को जारी बयान में अमेरिका में पढ़ाई के लिए जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या घटने की बात कही। संगठन ने इस रुझान को मौजूदा चुनावी माहौल में भारत-विरोधी बयानबाजी से भी जोड़ा है।

    दक्षिण एशिया के अन्य देशों से आने वाले विद्यार्थियों की संख्या में भी कमी दर्ज की गई है। नेपाल के सक्रिय छात्रों की संख्या अक्टूबर 2025 में 35,273 थी, जो अक्टूबर 2026 में घटकर 33,992 रह गई। इस तरह अमेरिकी शिक्षा व्यवस्था में अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों की संख्या घटने का रुझान कई देशों में दिखाई दे रहा है, जबकि भारतीय छात्रों के मामले में मास्टर्स स्तर की गिरावट सबसे प्रमुख बदलाव बनकर सामने आई है।

  • भोपाल के कैफे में पिस्टल लेकर पहुंचे छात्र, युवक को धमकाया, बीच-बचाव करने आए पुलिस जवान पर भी तानी बंदूक

    भोपाल के कैफे में पिस्टल लेकर पहुंचे छात्र, युवक को धमकाया, बीच-बचाव करने आए पुलिस जवान पर भी तानी बंदूक


    भोपाल। राजधानी भोपाल के इंद्रपुरी इलाके में कॉलेज के छात्रों के बीच पुरानी रंजिश के चलते कैफे में हंगामा हो गया। आरोप है कि दो युवक एक छात्र को धमकाने के लिए पिस्टल लेकर पहुंचे और विवाद के दौरान उस पर हथियार तान दिया। बीच-बचाव करने आए सिविल ड्रेस में मौजूद पुलिस जवान को भी पिस्टल दिखाकर धमकाने का आरोप है। घटना कैफे में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड होने की बात सामने आई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।

    पुरानी रंजिश में कैफे पहुंचे दोनों युवक
    मामला पिपलानी थाना क्षेत्र के इंद्रपुरी टी चौराहे का है। जानकारी के मुताबिक, करीब एक सप्ताह पहले शिवांशु और पृथ्वीराज सिंह राजपूत के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि उस दौरान पृथ्वीराज के साथियों ने शिवांशु के साथ मारपीट की थी। इसी घटना के बाद से दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था।

    बताया जा रहा है कि इसी रंजिश के चलते पृथ्वीराज सिंह राजपूत अपने साथी राज राजपूत के साथ कैफे पहुंचा। आरोप है कि राज राजपूत अपने साथ पिस्टल लेकर आया था। कैफे में मौजूद शिवांशु को धमकाने के दौरान विवाद बढ़ गया और उसे डराने के लिए पिस्टल तान दी गई।

    बीच-बचाव करने पहुंचे पुलिस जवान पर भी तानी पिस्टल
    कैफे में विवाद बढ़ता देख वहां मौजूद सिविल ड्रेस में एक पुलिस जवान ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराने की कोशिश की। आरोप है कि इस दौरान राज राजपूत ने पुलिस जवान पर भी पिस्टल तान दी। इससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।

    घटना के बाद कैफे में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग सामने आने की जानकारी मिली है। पुलिस फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि विवाद किस तरह बढ़ा और हथियार दिखाने की घटना किन परिस्थितियों में हुई।

    दोनों आरोपियों के खिलाफ FIR, तलाश जारी
    अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि पिपलानी थाना क्षेत्र में छात्रों के दो गुटों के बीच पहले विवाद हुआ था। इसी रंजिश के चलते दूसरे पक्ष के छात्र कैफे पहुंचे, जहां मारपीट हुई और एक युवक पर पिस्टल ताने जाने की घटना सामने आई। बीच-बचाव करने पहुंचे सिविल ड्रेस में मौजूद पुलिसकर्मी को भी निशाना बनाया गया।

    पुलिस ने मामले में पृथ्वीराज सिंह राजपूत और राज राजपूत के खिलाफ FIR दर्ज की है। घटना के बाद से दोनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

    फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। विवाद की वजह, घटना में शामिल लोगों की भूमिका और हथियार से जुड़े पहलुओं की पड़ताल के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • जामिया विवाद पर इमरान मसूद का प्रशासन पर हमला, बोले- छात्रों की समस्याएं सुनने के बजाय दर्ज हो रही एफआईआर

    जामिया विवाद पर इमरान मसूद का प्रशासन पर हमला, बोले- छात्रों की समस्याएं सुनने के बजाय दर्ज हो रही एफआईआर

    नई दिल्ली ।जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में छात्रों के विरोध प्रदर्शन और अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। मसूद ने परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, अधिकारियों की नियुक्ति और छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े मामलों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि एफआईआर दर्ज होने से वह डरने वाले नहीं हैं और छात्रों के मुद्दों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

    अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर के संदर्भ में मसूद ने कहा कि विश्वविद्यालय में छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन उनकी मांगों और परेशानियों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहा है। उनके मुताबिक, ऐसी स्थिति में प्रशासन की प्राथमिकता छात्रों से बातचीत कर समस्याओं का समाधान निकालना होनी चाहिए। उन्होंने प्रॉक्टर और रजिस्ट्रार की नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठाए। मसूद ने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी की नियुक्ति गैरकानूनी है और उनके खिलाफ कई एफआईआर दर्ज हैं। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने बातचीत के दौरान कोई विस्तृत दस्तावेजी जानकारी नहीं दी।

    विश्वविद्यालय परिसर में कश्मीर से संबंधित नारे लिखे जाने के मामले पर भी कांग्रेस सांसद ने प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि आईटीबीपी की फर्जी वर्दी पहनकर एक व्यक्ति को पकड़ा गया था और छात्रों ने उसे पकड़ा था। मसूद ने कहा कि परिसर में निगरानी की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए थी। उन्होंने सवाल किया कि जब विश्वविद्यालय में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, तो संबंधित घटना की फुटेज सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही है। उनके बयान में सुरक्षा व्यवस्था और घटना की जानकारी सामने लाने की मांग प्रमुख रही।

    मसूद ने प्रॉक्टर मेहताब रिजवी की नियुक्ति का जिक्र करते हुए प्रशासन के रवैये की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जब छात्र भूख हड़ताल पर बैठे थे, तब उनकी समस्याओं को सुनना और उन पर ध्यान देना जरूरी था। उनके अनुसार, छात्रों की शिकायतों के बीच प्रशासन की ओर से की जा रही कार्रवाई से विवाद बढ़ रहा है।

    विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश के लिए दीवार फांदने के सवाल पर भी मसूद ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि रास्ते बंद कर दिए गए थे, जिसके कारण अंदर जाने के लिए दूसरा विकल्प नहीं बचा था। उन्होंने सवाल किया कि परिसर के चारों ओर रास्ते बंद करने की जरूरत क्यों पड़ी और लोगों को अपने बच्चों से मिलने से क्यों रोका गया। इस मुद्दे पर उन्होंने प्रशासन से व्यवस्था और निर्णयों को लेकर जवाब मांगा।

    जामिया विवाद के अलावा मसूद ने लखनऊ में गठबंधन को लेकर लगाए गए पोस्टरों और होर्डिंग पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि ऐसे पोस्टर भाजपा के डर को दर्शाते हैं। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि पोस्टर किसने लगवाए और उनके लिए धन किसने उपलब्ध कराया। मसूद ने कहा कि गठबंधन मजबूत है और पोस्टरों के जरिए उसमें दरार पैदा नहीं की जा सकती। सीटों के बंटवारे पर भी उचित समय पर फैसला हो जाएगा।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की विवादित टिप्पणी पर मसूद ने खड़गे का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि खड़गे ने सही जवाब दिया है और आगे भी इसी तरह जवाब देते रहेंगे। मसूद ने सरकार पर गुंडागर्दी का आरोप लगाते हुए कहा कि एफआईआर दर्ज होने से वह पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने दोहराया कि जामिया के छात्रों की समस्याओं को नजरअंदाज करने के बजाय प्रशासन को उनकी बात सुननी चाहिए।

  • शिवपुरी में छात्रा से सरेराह अभद्रता और मारपीट, बाल पकड़कर पीटा, विरोध पर बचाने आई युवती से भी बदसलूकी

    शिवपुरी में छात्रा से सरेराह अभद्रता और मारपीट, बाल पकड़कर पीटा, विरोध पर बचाने आई युवती से भी बदसलूकी

    शिवपुरी: में रविवार शाम एक छात्रा के साथ सरेराह अभद्रता और मारपीट का मामला सामने आया है। शहर के फिजिकल थाना क्षेत्र में विष्णु मंदिर के सामने कार सवार चार युवकों पर 17 वर्षीय छात्रा को परेशान करने, अश्लील टिप्पणियां करने और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट करने के आरोप हैं। छात्रा को बचाने के लिए पहुंची एक अन्य युवती के साथ भी आरोपियों ने कथित तौर पर झूमाझटकी की। घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप किया और एक युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। बाकी तीन आरोपी मौके से फरार हो गए।

    जानकारी के अनुसार, छात्रा रविवार शाम करीब साढ़े पांच बजे अपनी स्कूटी से पुरानी शिवपुरी में एक दोस्त के यहां पढ़ने जा रही थी। इसी दौरान सिद्धेश्वर मेला ग्राउंड की ओर से एक कार में सवार चार युवक वहां पहुंचे। आरोप है कि युवकों ने छात्रा की स्कूटी का पीछा किया और लगातार हॉर्न बजाकर उसे परेशान करने लगे। इसके बाद उन्होंने उसकी स्कूटी के सामने वाहन लाकर रास्ता रोकने जैसी हरकत की और अश्लील टिप्पणियां कीं।

    छात्रा ने युवकों की हरकतों का विरोध किया और विष्णु मंदिर के सामने अपनी स्कूटी रोक दी। आरोप है कि इसके बाद कार से उतरे चारों युवकों ने उसके साथ बदसलूकी की और उसकी चोटी पकड़कर मारपीट शुरू कर दी। व्यस्त सड़क पर हुई इस घटना से आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंच गए। जब एक युवती ने छात्रा को बचाने के लिए हस्तक्षेप किया, तो आरोपियों ने उसके बाल पकड़कर उसे भी घसीटा और उसके साथ अभद्र व्यवहार किया।

    घटना देख रहे लोगों ने विरोध करते हुए आरोपियों को रोकने की कोशिश की। इस दौरान एक युवक को पकड़ लिया गया, जबकि तीन अन्य युवक कार लेकर वहां से भाग निकले। स्थानीय लोगों ने पकड़े गए युवक को फिजिकल थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।

    पकड़े गए युवक की पहचान पुराना अमोला निवासी बृजेंद्र गुर्जर के रूप में बताई गई है। पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर अपने तीन साथियों के नाम बृजमोहन गुर्जर, मोनू चंदेल और विक्रम बुंदेला बताए। घटना में इस्तेमाल की गई कार विक्रम बुंदेला की बताई जा रही है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ वाहन का भी पता लगाने में जुटी है।

    पीड़ित छात्रा की मां ने घटना पर नाराजगी जताते हुए पुलिस अधीक्षक से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि उनकी बेटी कोचिंग और पढ़ाई से जुड़े काम के लिए घर से निकली थी, लेकिन रास्ते में उसे इस तरह की घटना का सामना करना पड़ा। उन्होंने चिंता जताई कि यदि सार्वजनिक स्थानों पर छात्राओं के साथ ऐसी घटनाएं होती रहेंगी, तो उनकी पढ़ाई और रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित होगी।

    मामले में पुलिस के अनुसार, छात्रा की शिकायत पर चारों आरोपियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि तीन अन्य की तलाश जारी है। पुलिस घटना में इस्तेमाल की गई कार को भी तलाश रही है। थाना प्रभारी अविनाश राठौड़ के मुताबिक, फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जाएगी।

  • शरद पूर्णिमा पर गौतम अदाणी ने अदाणी विद्या मंदिर के 14 पूर्व छात्रों से की मुलाकात, शिक्षा की ताकत पर दिया संदेश

    शरद पूर्णिमा पर गौतम अदाणी ने अदाणी विद्या मंदिर के 14 पूर्व छात्रों से की मुलाकात, शिक्षा की ताकत पर दिया संदेश

    नई दिल्ली । शरद पूर्णिमा के अवसर पर अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने अदाणी विद्या मंदिर के 14 पूर्व छात्रों से मुलाकात की। इन पूर्व छात्रों ने शिक्षा के माध्यम से अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है। इनमें डॉक्टर, वकील, आईआईटी इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, वैज्ञानिक, पुलिसकर्मी और मर्चेंट नेवी अधिकारी शामिल हैं। इस मुलाकात के दौरान अदाणी ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि प्रतिभा को सही अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर युवा अपनी क्षमताओं को पहचानकर आगे बढ़ सकते हैं।

    गौतम अदाणी ने इस मुलाकात को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि इन युवाओं की उपलब्धियां दिखाती हैं कि शिक्षा किस तरह जीवन में बदलाव ला सकती है। उन्होंने कहा कि जब प्रतिभाशाली बच्चों को अवसर मिलता है और शिक्षक उनके सपनों पर भरोसा करते हैं, तो वे अपने लिए नए रास्ते बना सकते हैं। उनके मुताबिक, इन पूर्व छात्रों की जीवन यात्राएं शिक्षा की ताकत और सही मार्गदर्शन के महत्व को सामने लाती हैं।

    अदाणी ने अपने संदेश में 14 युवाओं की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी कहानियों की शुरुआत अदाणी विद्या मंदिर से हुई थी। अलग-अलग पेशों में काम कर रहे ये युवा इस बात का उदाहरण हैं कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अवसर मिलने पर विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने सभी पूर्व छात्रों पर गर्व जताया और उन्हें इसी तरह आगे बढ़ते रहने के लिए प्रोत्साहित किया।

    अदाणी विद्या मंदिर की स्थापना आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। संस्थान का लक्ष्य बच्चों को सीखने, अपने सपने पूरे करने और अपनी क्षमताओं का विकास करने का अवसर देना है। यहां ऐसे विद्यार्थियों को शिक्षा दी जाती है, जिनके परिवारों में कई बच्चे पहली बार स्कूल तक पहुंचते हैं।

    यह सह-शिक्षा संस्थान वंचित वर्गों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करता है। इसका उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान देना ही नहीं, बल्कि उनमें सामाजिक जागरूकता और भारतीय मूल्यों के प्रति समझ भी विकसित करना है। संस्थान बच्चों को बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक अवसर उपलब्ध कराने पर जोर देता है।

    गौतम अदाणी की पूर्व छात्रों से हुई मुलाकात ने शिक्षा के जरिए हासिल की गई उपलब्धियों को सामने रखा। डॉक्टरों, इंजीनियरों, वकीलों, वैज्ञानिकों और अन्य पेशेवर क्षेत्रों में पहुंचे इन युवाओं की यात्रा इस बात को रेखांकित करती है कि शिक्षा विद्यार्थियों के लिए नए अवसर खोल सकती है। साथ ही, शिक्षकों का विश्वास और उचित मार्गदर्शन बच्चों को अपने लक्ष्यों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

    अदाणी विद्या मंदिर का उद्देश्य वंचित बच्चों को शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाना और उन्हें आर्थिक कठिनाइयों से आगे बढ़ने का अवसर देना है। संस्थान की पृष्ठभूमि और पूर्व छात्रों की उपलब्धियां इसी लक्ष्य से जुड़ी हैं। शरद पूर्णिमा पर आयोजित यह मुलाकात इन युवाओं की सफलता और शिक्षा के व्यापक प्रभाव को रेखांकित करने का अवसर बनी।

  • राहुल गांधी ने उठाए एमपी में 27% ओबीसी आरक्षण, हॉस्टलों की बदहाली और बालाघाट के आदिवासी परिवारों के गंभीर मुद्दे

    राहुल गांधी ने उठाए एमपी में 27% ओबीसी आरक्षण, हॉस्टलों की बदहाली और बालाघाट के आदिवासी परिवारों के गंभीर मुद्दे

    नई दिल्ली ।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक ऑडियो संदेश के जरिए पिछले एक महीने के दौरान अपने दौरों, मुलाकातों और उठाए गए मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की मांग से लेकर छात्रों की समस्याओं और बालाघाट के आदिवासी परिवारों की परेशानियों पर अपनी बात रखी। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव प्रक्रिया, संस्थाओं की जवाबदेही और निष्पक्ष परीक्षाओं से जुड़े सवाल भी उठाए।

    राहुल गांधी ने इंदौर में आयोजित छात्रों के कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां युवाओं के साथ शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई विषयों पर चर्चा हुई। छात्रों ने सत्य निकेतन की घटना, शिक्षा बजट में कटौती, छात्रावासों की कमी और परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं जैसे मुद्दे सामने रखे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान जरूरी सुविधाएं मिलनी चाहिए और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

    अपने संदेश में राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी आरोप लगाए। उनका कहना था कि इनके नेतृत्व में एक खास विचारधारा से जुड़े लोगों का संस्थानों पर प्रभाव बढ़ रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि व्यवस्था को सवाल पूछने वाले छात्रों के बजाय अंधसमर्थक चाहिए। ये टिप्पणियां राहुल गांधी के राजनीतिक आरोपों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर उनकी चिंताओं का हिस्सा थीं।

    राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के नासिक में आदिवासी छात्रों से हुई मुलाकात का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि छात्रावासों की खराब स्थिति और वहां लागू कड़े नियमों को लेकर उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा था। उनके अनुसार, इसके बाद छात्रावास में रहने के लिए निर्धारित आयु सीमा से संबंधित नियम वापस ले लिया गया। उन्होंने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की परीक्षा में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के प्रति समर्थन भी जताया।

    मध्य प्रदेश के संदर्भ में राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लिखे पत्र का उल्लेख किया। उन्होंने राज्य में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को पूरी तरह लागू करने की मांग की। यह मुद्दा प्रदेश में आरक्षण व्यवस्था और उससे जुड़े कानूनी तथा प्रशासनिक फैसलों के बीच महत्वपूर्ण बना हुआ है। राहुल गांधी ने अपने संदेश में इस मांग को प्रमुखता से उठाया और राज्य सरकार से इस दिशा में कदम उठाने की अपील की।

    उन्होंने बालाघाट के दौरे के दौरान आदिवासी परिवारों से हुई मुलाकात को भी याद किया। राहुल गांधी ने उन परिवारों की पीड़ा का जिक्र किया, जिन्होंने कुपोषण और गंभीर बीमारियों के कारण अपने छोटे बच्चों को खो दिया था। उन्होंने कहा कि कुछ दुख इतने गहरे होते हैं कि उन्हें शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल हो जाता है। उनके मुताबिक, इस दौरे का उद्देश्य पीड़ित परिवारों की बातें सुनना और उनके दुख में सहभागी बनना था।

    राहुल गांधी ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे उठाते हुए दिल्ली की बेला एस्टेट झुग्गी बस्ती का उदाहरण दिया। उन्होंने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के बाद वहां 729 लोगों में से 728 लोगों का मतदान का अधिकार छिन गया। उन्होंने निष्पक्ष परीक्षाओं की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का भी उल्लेख किया। राहुल गांधी ने इन घटनाओं को लोकतांत्रिक संस्थाओं और संविधान से जुड़े सवालों के रूप में पेश किया तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने की मांग की।

    अपने ऑडियो संदेश में राहुल गांधी ने 30 सितंबर को नई दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में हुई इंडिया गठबंधन की बैठक का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, बैठक में आम नागरिकों के मतदान के अधिकार की रक्षा पर चर्चा हुई। इसके अलावा उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली में दिशा समिति की बैठक और विकास कार्यों की समीक्षा, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से मुलाकात तथा दो अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती पर राजघाट जाकर श्रद्धांजलि देने की जानकारी भी साझा की।

  • हैदराबाद के इंजीनियरिंग कॉलेज में डांडिया नाइट के दौरान बड़ा हादसा, स्ट्रक्चर गिरने से छात्रा की मौत, बहन गंभीर रूप से घायल

    हैदराबाद के इंजीनियरिंग कॉलेज में डांडिया नाइट के दौरान बड़ा हादसा, स्ट्रक्चर गिरने से छात्रा की मौत, बहन गंभीर रूप से घायल

    नई दिल्ली । तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के नादरगुल स्थित एमवीएसआर इंजीनियरिंग कॉलेज में डांडिया नाइट के दौरान बड़ा हादसा हो गया। कॉलेज में आयोजित उत्सव के दौरान लाइटिंग या लिफ्टिंग के लिए लगाया गया एक स्ट्रक्चर अचानक गिर गया। इस घटना में इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग (ईईई) की प्रथम वर्ष की छात्रा सोना नारायण दास की मौत हो गई, जबकि उसकी बहन मीना नारायण दास गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे में कई अन्य छात्र भी घायल हुए हैं।

    यह घटना शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को कॉलेज में आयोजित डांडिया कार्यक्रम के दौरान हुई। उत्सव में छात्र शामिल हुए थे और कार्यक्रम चल रहा था। इसी बीच लाइटिंग या लिफ्टिंग के लिए लगाए गए स्ट्रक्चर के गिरने से वहां मौजूद लोगों में हादसे की स्थिति पैदा हो गई। घटना में कई छात्रों को चोटें आईं। गंभीर रूप से घायल सोना नारायण दास को बचाने और इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

    मृत छात्रा की पहचान सोना नारायण दास के रूप में हुई है। वह एमवीएसआर इंजीनियरिंग कॉलेज में इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की प्रथम वर्ष की छात्रा थी। डांडिया कार्यक्रम के दौरान हुए इस हादसे ने कॉलेज के उत्सवी माहौल को दुखद घटना में बदल दिया। सोना की बहन मीना नारायण दास भी हादसे की चपेट में आ गई। उसे गंभीर चोटें आई हैं और उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।

    घायल मीना नारायण दास को इलाज के लिए नादरगुल के पास स्थित प्रत्युषा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में उसका उपचार जारी है। हादसे में घायल हुए अन्य छात्रों को भी चिकित्सा सहायता के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद घायलों के इलाज पर ध्यान दिया गया, जबकि मृत छात्रा की पहचान और हादसे से जुड़ी शुरुआती जानकारी सामने आई।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे की मुख्य वजह कार्यक्रम के दौरान लगाया गया स्ट्रक्चर गिरना है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि स्ट्रक्चर किन परिस्थितियों में गिरा। यह भी अभी साफ नहीं है कि उसके गिरने के पीछे तकनीकी खराबी, असंतुलन या कोई अन्य कारण था। घटना के समय कार्यक्रम स्थल पर कितने छात्र मौजूद थे, इसकी भी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    हादसे से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब अभी सामने आने बाकी हैं। स्ट्रक्चर लगाने की व्यवस्था कैसी थी, उसे किस उद्देश्य से स्थापित किया गया था और कार्यक्रम के दौरान उसकी सुरक्षा के क्या इंतजाम थे, इन बिंदुओं पर अभी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, स्ट्रक्चर गिरने से कई छात्र घायल हुए और सोना नारायण दास की इलाज के दौरान मौत हो गई।

    इस घटना में सबसे गंभीर स्थिति सोना की बहन मीना की है, जिसका अस्पताल में उपचार जारी है। फिलहाल उसकी सेहत को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। कॉलेज में डांडिया नाइट के दौरान हुई इस दुर्घटना में एक छात्रा की मौत और कई विद्यार्थियों के घायल होने से कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होते हैं। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारण और परिस्थितियों की पूरी तस्वीर सामने आने के लिए अधिक जानकारी का इंतजार है।

  • ब्लिंकिट में दो घंटे डिलीवरी करके लॉ स्टूडेंट ने कमाए 149 रुपये, पहले दिन की कुल कमाई जानिए

    ब्लिंकिट में दो घंटे डिलीवरी करके लॉ स्टूडेंट ने कमाए 149 रुपये, पहले दिन की कुल कमाई जानिए

    नई दिल्ली । पढ़ाई के साथ अपने निजी खर्चों को पूरा करने के लिए कई छात्र पार्ट-टाइम काम का सहारा लेते हैं। कोई ट्यूशन पढ़ाता है, तो कोई अपनी सुविधानुसार दूसरे काम करता है। इसी बीच लॉ की पढ़ाई कर रहे कवल देसाई ने ब्लिंकिट के डिलीवरी पार्टनर के रूप में काम करने का अनुभव साझा किया है। उन्होंने बताया कि इस काम के जरिए पढ़ाई जारी रखते हुए कमाई करना संभव हो रहा है। उनके मुताबिक, डिलीवरी का काम शुरू करने के बाद पार्ट-टाइम नौकरी को लेकर उनकी सोच भी बदली है।

    कवल देसाई ने अपने अनुभव में बताया कि उन्होंने दो घंटे काम करके छह ऑर्डर डिलीवर किए और इसके बदले उन्हें 149 रुपये मिले। उनके पास एथर का इलेक्ट्रिक स्कूटर है, इसलिए इस दौरान पेट्रोल पर अलग से खर्च नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा कि उन्हें घूमना-फिरना पसंद है और डिलीवरी के काम के साथ कमाई होने से उन्हें अच्छा अनुभव मिल रहा है।

    कवल के मुताबिक, उनका मुख्य ध्यान एलएलबी की पढ़ाई पर ही है। डिलीवरी का काम उन्होंने पढ़ाई के साथ अपने निजी खर्चों को पूरा करने के उद्देश्य से शुरू किया। वह ऐसा काम करना चाहते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो और उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आर्थिक रूप से कुछ मदद मिल सके। उनके साझा किए गए अनुभव ने पार्ट-टाइम काम के ऐसे विकल्पों पर ध्यान खींचा है, जिन्हें छात्र अपनी सुविधा के अनुसार कर सकते हैं।

    उन्होंने अपने पहले दिन की कमाई का विस्तृत ब्योरा भी साझा किया। कवल ने बताया कि पहले दिन उन्होंने लगभग छह घंटे 30 मिनट काम किया और इस दौरान 19 ऑर्डर डिलीवर किए। इन ऑर्डर को पहुंचाने के लिए उन्होंने करीब 51 किलोमीटर की दूरी तय की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह दूरी केवल ऑर्डर डिलीवर करने के दौरान तय की गई थी। इसमें वापसी की दूरी शामिल नहीं थी।

    कवल के अनुसार, पहले दिन उनकी कुल कमाई 508 रुपये रही। इसमें 75 रुपये का इंसेंटिव भी शामिल था। इसके अलावा, निर्धारित लक्ष्य पूरा करने पर उन्हें 100 रुपये का बोनस भी मिला। इस तरह उनके पहले दिन के अनुभव में नियमित डिलीवरी की कमाई के साथ इंसेंटिव और लक्ष्य पूरा करने पर मिलने वाले अतिरिक्त बोनस की भी भूमिका रही।

    हालांकि, कवल ने यह नहीं बताया कि पहले दिन मिली कुल रकम में बोनस का हिसाब किस तरह शामिल किया गया था। उनके साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, पहले दिन 19 ऑर्डर पूरे करने और लगभग साढ़े छह घंटे काम करने के बाद कुल कमाई 508 रुपये रही। वहीं, दो घंटे में छह डिलीवरी करने पर उन्होंने 149 रुपये कमाने की जानकारी दी थी।

    कवल ने यह भी बताया कि छह डिलीवरी पूरी करने के बाद उन्होंने उस दिन काम रोकने का फैसला किया। इसकी दो वजहें थीं। पहली, उन्हें अपनी पढ़ाई के लिए भी समय निकालना था और दूसरी, उनके इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी कम होने लगी थी। इस अनुभव से स्पष्ट होता है कि उनके लिए काम के घंटे तय करते समय पढ़ाई और वाहन की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण रही।

    अपने अनुभव से उत्साहित कवल ने ब्लिंकिट के साथ काम करने को अपने जैसे छात्रों के लिए वरदान बताया। उन्होंने कहा कि कंपनी के साथ काम करना आसान और अच्छा अनुभव रहा है। उनके अनुभव में पार्ट-टाइम डिलीवरी से मिलने वाली कमाई के साथ काम के समय को अपनी जरूरतों के अनुसार संभालने की सुविधा भी अहम रही।

    हालांकि, कवल की कमाई उनके व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है। डिलीवरी करने वाले दूसरे लोगों की आय ऑर्डर की संख्या, काम के घंटों, इंसेंटिव की शर्तों, तय लक्ष्यों और यात्रा की दूरी के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए उनके बताए आंकड़ों को हर डिलीवरी पार्टनर की निश्चित कमाई नहीं माना जा सकता।

  • भोपाल के श्रमोदय विद्यालय में बच्चों को परोसी गई छिपकली वाली सब्जी! 13 विद्यार्थी बीमार, अस्पताल में भर्ती

    भोपाल के श्रमोदय विद्यालय में बच्चों को परोसी गई छिपकली वाली सब्जी! 13 विद्यार्थी बीमार, अस्पताल में भर्ती


    भोपाल । भोपाल के रातीबड़ स्थित श्रमोदय विद्यालय के हॉस्टल में भोजन की गुणवत्ता को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। आरोप है कि आलू की सब्जी में छिपकली मिलने के बावजूद वही सब्जी बच्चों को परोस दी गई, जिसके बाद 13 विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ गई। सभी को जेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत फिलहाल सामान्य है।

    घटना में बीमार हुए विद्यार्थी कक्षा छठवीं से नौवीं तक के हैं। जानकारी के अनुसार, हॉस्टल में खाना खाने के बाद बच्चों को उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी। उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल जयप्रकाश (जेपी) अस्पताल ले जाया गया। यहां चिकित्सकों की टीम ने उपचार शुरू किया और सभी विद्यार्थियों को निगरानी में रखा गया।

    घटना सामने आने के बाद हॉस्टल में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और कैंटीन की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। भोजन तैयार करने से लेकर उसे परोसने तक बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।

    परिजनों ने प्रबंधन की सूचना व्यवस्था पर उठाए सवाल

    बच्चों की तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि प्रबंधन ने उन्हें घटना की सूचना समय पर नहीं दी। परिवारों को स्कूल के ग्रुप के माध्यम से मामले का पता चला, जिसके बाद वे अपने बच्चों की स्थिति जानने के लिए जेपी अस्पताल पहुंचे।

    परिजनों के मुताबिक, उन्हें जानकारी मिली थी कि बच्चों को ऐसी सब्जी परोसी गई, जिसमें छिपकली मिली थी। इस मामले ने हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा और भोजन की नियमित जांच की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    प्रिंसिपल ने कैंटीन संचालक को थमाया नोटिस

    श्रमोदय विद्यालय की प्रिंसिपल रत्ना दुबे ने बताया कि कैंटीन संचालक की गलती के कारण बच्चों को छिपकली वाली सब्जी परोसी गई। घटना में 13 विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ी थी, जिन्हें इलाज के लिए जेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रिंसिपल ने अस्पताल पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी भी ली।

    रत्ना दुबे के अनुसार, फिलहाल सभी विद्यार्थी स्वस्थ हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए कैंटीन संचालक को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    वहीं, जेपी अस्पताल के ड्यूटी डॉक्टर रत्नेश जैन ने बताया कि उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद बच्चों को अस्पताल लाया गया था। चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया। फिलहाल सभी की हालत सामान्य है और उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

    पुलिस जांच में जुटी, तथ्यों के आधार पर होगी कार्रवाई

    मामले की जानकारी मिलने के बाद रातीबड़ थाना पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी रामबाबू सिंह ने बताया कि परिजनों ने शिकायत की है कि बच्चों को छिपकली वाली सब्जी खिलाई गई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कैंटीन संचालक के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    हॉस्टल में हुई इस घटना ने विद्यार्थियों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता, रसोई की साफ-सफाई और खाना बांटने से पहले उसकी जांच की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब यह देखना होगा कि स्कूल प्रबंधन और संबंधित जिम्मेदारों की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के क्या इंतजाम किए जाते हैं।

  • इंदौर के तीन सरकारी कॉलेजों में वोटर रजिस्ट्रेशन कैंप, पहली बार मतदाता बनने के लिए 96 विद्यार्थियों ने कराया पंजीयन

    इंदौर के तीन सरकारी कॉलेजों में वोटर रजिस्ट्रेशन कैंप, पहली बार मतदाता बनने के लिए 96 विद्यार्थियों ने कराया पंजीयन

    मध्य प्रदेश। के इंदौर में युवाओं को मतदाता सूची से जोड़ने और मतदान के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से तीन सरकारी कॉलेजों में विशेष मतदाता पंजीयन शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के विद्यार्थियों को पहली बार मतदाता पहचान पत्र बनवाने और मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया में सहायता दी गई। कॉलेज परिसरों में ही पंजीयन की सुविधा मिलने से विद्यार्थियों को आवेदन संबंधी जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।

    यह अभियान श्री अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, शासकीय होलकर साइंस कॉलेज और शासकीय न्यू लॉ कॉलेज में चलाया गया। शिविरों का उद्देश्य ऐसे पात्र विद्यार्थियों को मतदाता सूची में शामिल करने में मदद करना था, जिन्होंने अभी तक अपना पंजीयन नहीं कराया है। इसके साथ ही युवाओं को मतदान के महत्व और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भागीदारी के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया।

    श्री अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में आयोजित शिविर के दौरान कुल 96 विद्यार्थियों ने मतदाता पंजीयन कराया। इनमें पहले दिन 39 विद्यार्थियों ने आवेदन किया, जबकि अंतिम दिन 57 विद्यार्थियों ने पंजीयन की प्रक्रिया पूरी की। इस तरह दोनों दिनों में पंजीयन कराने वाले विद्यार्थियों की कुल संख्या 96 रही। कॉलेज की प्राचार्य डॉ. ममता चंद्रशेखर ने बताया कि मध्य प्रदेश के अन्य सरकारी कॉलेजों में भी इसी तरह के शिविर आयोजित किए गए हैं। इनका उद्देश्य पात्र विद्यार्थियों के नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने में सहायता करना है।

    शासकीय होलकर साइंस कॉलेज में भी विद्यार्थियों ने शिविर में हिस्सा लिया। कॉलेज के कर्मचारी राजेंद्र चौरसिया के अनुसार, यहां छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ पंजीयन प्रक्रिया में भाग लिया। शिविर के दौरान लगभग 15 से 20 विद्यार्थी मतदाता पंजीयन के लिए शामिल हुए। इन शिविरों के माध्यम से विद्यार्थियों को आवेदन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई गई और पंजीयन प्रक्रिया को समझने में मदद मिली।

    शासकीय न्यू लॉ कॉलेज में 5 और 9 अक्टूबर को विशेष मतदाता पंजीयन शिविर लगाए गए। दोनों दिन शिविर का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक निर्धारित था। विद्यार्थियों को आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेजों की जानकारी दी गई और फॉर्म भरने की प्रक्रिया पूरी करने में सहायता की गई। उनसे कक्षा 10वीं की मार्कशीट, बिजली का बिल, आधार कार्ड, पासपोर्ट आकार की फोटो और माता-पिता के मतदाता पहचान पत्र जैसे दस्तावेज लाने को कहा गया था।

    न्यू लॉ कॉलेज की छात्रा डिंपल वर्मा ने बताया कि शिविर में अधिकारियों ने आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाया। उनके अनुसार, दूसरे शहरों से आकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को मतदाता पहचान पत्र बनवाने और उससे जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कॉलेज परिसर में आयोजित शिविर उनके लिए उपयोगी साबित होते हैं, क्योंकि यहां उन्हें पंजीयन की प्रक्रिया समझने और आवेदन पूरा करने में मदद मिलती है।

    इंदौर जिले में दो लोकसभा क्षेत्र, नौ विधानसभा क्षेत्र और कुल 3,210 मतदान केंद्र हैं। ऐसे में नए मतदाताओं को मतदाता सूची से जोड़ने के लिए कॉलेजों में आयोजित शिविर महत्वपूर्ण गतिविधि के रूप में सामने आए हैं। 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नागरिक मतदाता बनने के पात्र होते हैं, लेकिन मतदान करने के लिए मतदाता सूची में नाम दर्ज होना आवश्यक है। कॉलेजों में चलाए जा रहे इस अभियान के जरिए विद्यार्थियों को पहली बार मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने और चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने की दिशा में सहायता दी जा रही है।