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  • जियो आईपीओ की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को, ग्रे मार्केट में ₹248 प्रीमियम से निवेशकों की बढ़ी उम्मीदें

    जियो आईपीओ की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को, ग्रे मार्केट में ₹248 प्रीमियम से निवेशकों की बढ़ी उम्मीदें

    नई दिल्ली । रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ पर निवेशकों की नजरें अब शेयर बाजार में होने वाली लिस्टिंग पर टिकी हैं। कंपनी के सार्वजनिक निर्गम को कुल 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। अब निवेशक शेयरों के अलॉटमेंट, ग्रे मार्केट प्रीमियम और बाजार में संभावित शुरुआती कीमत को लेकर उत्सुक हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, कंपनी के शेयर 28 अक्टूबर 2026 को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध होंगे।

    24 अक्टूबर को शाम पांच बजे उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी जीएमपी करीब 248 रुपये प्रति शेयर था। कंपनी ने आईपीओ के लिए 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। ऊपरी प्राइस बैंड में 248 रुपये का प्रीमियम जोड़ने पर अनुमानित लिस्टिंग कीमत लगभग 1,367 रुपये बनती है। यह इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 22.16 प्रतिशत प्रीमियम का संकेत देता है।

    हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम को शेयर की वास्तविक लिस्टिंग कीमत नहीं माना जा सकता। यह अनौपचारिक बाजार में चल रही खरीद-बिक्री से मिलने वाला संकेत है। इसमें लिस्टिंग से पहले बदलाव हो सकता है। शेयर बाजार में कंपनी के शेयर किस भाव पर कारोबार शुरू करेंगे, यह वास्तविक मांग, निवेशकों के व्यवहार और बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। इसलिए मौजूदा जीएमपी को संभावित संकेत के रूप में ही देखना जरूरी है।

    जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को निर्धारित है। कारोबार शुरू होने से पहले सुबह नौ बजे से 9:45 बजे तक विशेष प्री-ओपन सत्र आयोजित किया जाएगा। इस अवधि में निवेशक अपने ऑर्डर दे सकेंगे, उनमें बदलाव कर सकेंगे और जरूरत पड़ने पर उन्हें रद्द भी कर सकेंगे। इसके बाद शेयर का शुरुआती भाव निर्धारित करने की प्रक्रिया पूरी होगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सुबह दस बजे कारोबार शुरू होना है।

    आईपीओ के अलॉटमेंट की प्रक्रिया 26 अक्टूबर को पूरी होने की उम्मीद है। जिन आवेदकों को शेयर आवंटित नहीं होंगे, उनके रिफंड की प्रक्रिया 27 अक्टूबर को होने की संभावना है। इसी दिन सफल आवेदकों के डीमैट खातों में शेयर जमा किए जाने की भी उम्मीद है। अलॉटमेंट पूरा होने के बाद निवेशक बीएसई, एनएसई या आईपीओ रजिस्ट्रार की वेबसाइट पर अपने आवेदन की स्थिति देख सकेंगे। इसके लिए पैन नंबर या आवेदन से संबंधित विवरण की जरूरत पड़ सकती है।

    इस आईपीओ का कुल आकार 30,213 करोड़ रुपये था। निवेशकों के लिए एक लॉट में 12 शेयर रखे गए थे। ऊपरी प्राइस बैंड 1,119 रुपये के हिसाब से एक लॉट के लिए न्यूनतम 13,428 रुपये का निवेश जरूरी था।

    सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों के अनुसार, योग्य संस्थागत खरीदारों की श्रेणी में आईपीओ 70.55 गुना सब्सक्राइब हुआ। गैर-संस्थागत निवेशकों की श्रेणी में यह आंकड़ा 14 गुना रहा, जबकि खुदरा निवेशकों की श्रेणी में 2.72 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। कुल मिलाकर इश्यू को 22.19 गुना आवेदन प्राप्त हुए।

    लिस्टिंग से पहले निवेशकों के लिए अलॉटमेंट की स्थिति और बाजार में बन रहे संकेत महत्वपूर्ण रहेंगे। हालांकि, केवल जीएमपी के आधार पर मुनाफे का अनुमान लगाना उचित नहीं है। वास्तविक लिस्टिंग कीमत अनुमान से कम या अधिक हो सकती है। निवेश संबंधी निर्णय लेते समय कंपनी की वित्तीय स्थिति, आईपीओ से जुड़ी जानकारी और अपनी जोखिम सहने की क्षमता पर ध्यान देना जरूरी है।

  • सिम्का एडवरटाइजिंग आईपीओ: ग्रे मार्केट में तेजी और अलॉटमेंट से पहले निवेशकों की बढ़ी उम्मीदें

    सिम्का एडवरटाइजिंग आईपीओ: ग्रे मार्केट में तेजी और अलॉटमेंट से पहले निवेशकों की बढ़ी उम्मीदें

    नई दिल्ली । बाजार में इस समय निवेशकों का ध्यान एक बार फिर से नए पब्लिक इश्यू की ओर तेजी से आकर्षित हुआ है, जहांSimca Advertising का आईपीओ चर्चा के केंद्र में बना हुआ है। कंपनी का यह पब्लिक ऑफरिंग निवेशकों के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा करने में सफल रहा है, खासकर उस समय जब शुरुआती चरण में इसे अपेक्षाकृत धीमी प्रतिक्रिया मिली थी, लेकिन अंतिम दिनों में आई तेज भागीदारी ने पूरे परिदृश्य को बदल दिया।

    यह आईपीओ 58 करोड़ रुपये के करीब का एक बुक बिल्ड इश्यू है, जिसमें कंपनी ने नए शेयर जारी किए हैं। ओवरऑल सब्सक्रिप्शन के अंतिम आंकड़ों के अनुसार यह इश्यू 80 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ, जो निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है। पहले दिन जहां सब्सक्रिप्शन कमजोर रहा था, वहीं दूसरे और तीसरे दिन अचानक आई तेजी ने इसे बहु-गुना ओवरसब्सक्राइब कर दिया। खास बात यह रही कि हर श्रेणी में निवेशकों की भागीदारी मजबूत देखने को मिली, जिसमें संस्थागत निवेशकों से लेकर रिटेल कैटेगरी तक में उल्लेखनीय मांग दर्ज की गई।

    कंपनी का प्राइस बैंड तय सीमा में रखा गया था, और इसी के आधार पर ग्रे मार्केट में भी इसके शेयरों को सकारात्मक संकेत मिलने लगे हैं। मौजूदा अनुमानों के अनुसार ग्रे मार्केट प्रीमियम में मजबूती देखने को मिल रही है, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि लिस्टिंग के समय निवेशकों को अच्छा रिटर्न मिल सकता है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि ग्रे मार्केट केवल एक संकेत होता है और वास्तविक प्रदर्शन बाजार की स्थिति पर निर्भर करता है।

    शेयर अलॉटमेंट की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और निवेशकों को जल्द ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि उन्हें कितने शेयर आवंटित हुए हैं। इसके तुरंत बाद कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग तय तारीख पर होने की संभावना है, जिससे बाजार में नई हलचल देखने को मिल सकती है। अलॉटमेंट और लिस्टिंग की इस प्रक्रिया को लेकर निवेशकों में खासा उत्साह है, क्योंकि मजबूत सब्सक्रिप्शन के बाद उम्मीदें बढ़ गई हैं।

    कंपनी का मुख्य फोकस आउट-ऑफ-होम विज्ञापन क्षेत्र पर है, जिसमें होर्डिंग्स, डिजिटल डिस्प्ले, बस पैनल, कियोस्क और अन्य माध्यम शामिल हैं। यह मॉडल तेजी से बढ़ते विज्ञापन बाजार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कंपनी विभिन्न सेक्टरों के क्लाइंट्स के साथ काम करती है, जिसमें कॉरपोरेट, रियल एस्टेट, एंटरटेनमेंट और सरकारी परियोजनाएं शामिल हैं। इसके नेटवर्क में बड़ी संख्या में मीडिया एसेट्स का संचालन भी शामिल है, जो इसे इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी बनाता है।

    आईपीओ से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी अपने विस्तार और तकनीकी विकास के लिए करने की योजना बना रही है। इसमें डिजिटल LED स्क्रीन की स्थापना, रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत करना और कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करना शामिल है। इससे कंपनी के संचालन और बाजार उपस्थिति को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।